शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

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कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

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घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

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शेयर बाजारों में लौटी तेजी, सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा

कच्चे तेल में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 333 अंक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 74,249 अंक पर खुला और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 332.63 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 74,336.45 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत ऊपर 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत फिसलकर 108 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। इससे लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

घरेलू बाजारों में एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, धातु, मीडिया, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक ऊपर रहे। आईटी, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों में गिरावट रही।

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वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.18 प्रतिशत टूट गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में सवा दो प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर और सन फार्मा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में रहे।

अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयर भी हरे निशान में रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की टीसीएस का शेयर ढाई फीसदी से अधिक लुढ़क गया। अन्य आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सवा फीसदी से डेढ़ फीसदी के बीच गिरे। बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में बंद हुए।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरी गिरावट, सेंसेक्स 778 अंक लुढ़का

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विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 778 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स करीब 588 अंक ऊपर 75,369.63 अंक पर खुला और एक समय 655 अंक चढ़ गया था। हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और सेंसेक्स 73,994 अंक तक टूट गया। इस प्रकार इसमें 1,375 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 प्रतिशत) नीचे 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी कारोबार की समाप्ति पर 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत नीचे 23,118.60 अंक पर रहा।

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर में लिवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। अन्य सभी सेक्टरों में बिकवाली का जोर रहा। रियल्टी समूह का सूचकांक 4.04 प्रतिशत, रसायन समूह का 3.42, धातु का 2.54 टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का 2.41, मीडिया का 2.17, ऑटो का 2.01, वित्त का 1.83, बैंकिंग का 1.43, फार्मा का 1.30, तेल एवं गैस का 1.29 और स्वास्थ्य समूह का 1.17 प्रतिशत टूट गया। वृहत बाजार में मिडकैप-50 सूचकांक 2.08 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.43 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका में लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट में खुले।

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सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल का शेयर सबसे ज्यादा छह प्रतिशत, इंडिगो का चार प्रतिशत और टाइटन, बजाज फिनसर्व तथा अडानी पोर्ट्स के तीन-तीन प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड के शेयर दो से तीन प्रतिशत नीचे बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और मारुति सुजुकी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिरे। एनटीपीसी, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी नुकसान में रहे।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब चार प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। एचडीएफसी बैंक का शेयर सवा फीसदी मजबूत हुआ। हिंदुस्तान यूनीलिवर और टाटा स्टील के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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Bank Alert: SBI ने ग्राहकों को दी ये बड़ी चेतावनी, 11 सितंबर देश भर में क्या होने वाला? बैंक जाने से पहले पढ़ें यह नोटिस

SBI Bank Strike Notice: अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है और शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल का प्रस्ताव दिया है।

इस हड़ताल के मद्देनजर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आधिकारिक नोटिस जारी कर अपने करोड़ों ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने कहा है कि हड़ताल की वजह से शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। जानिए SBI ने नोटिस में ग्राहकों से क्या अपील की है और इस दौरान आपकी कौन सी बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी।

SBI ने नोटिस में ग्राहकों को क्या दी सलाह?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी आधिकारिक सूचना में ग्राहकों से असुविधा से बचने के लिए ये कदम उठाने का आग्रह किया है:

अग्रिम लेनदेन करें: अपने सभी जरूरी और महत्वपूर्ण बैंक से जुड़े काम हड़ताल की तारीख (11 सितंबर) से पहले ही निपटा लें।

नकदी के लिए ATM का इस्तेमाल: कैश की जरूरत पूरी करने के लिए नजदीकी ATM/ADWM (कैश डिपॉजिट व विड्रॉल मशीन) का इस्तेमाल करें।

ग्राहक सेवा केंद्र (CSPs): छोटे वित्तीय लेनदेन के लिए निकटतम SBI ग्राहक सेवा केंद्रों का रुख करें।

डिजिटल चैनल्स को प्राथमिकता दें: बैंक शाखा जाने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग, YONO App, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

11 सितंबर को कौन सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं?

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट/पे-ऑर्डर जारी करना, पासबुक अपडेट, कैश जमा व निकासी जैसे मैनुअल कामकाज प्रभावित हो सकते हैं।

इसके अलावा, 11 सितंबर (शुक्रवार) के बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक लगातार 3 दिनों तक शाखा स्तर पर प्रभावित रह सकते हैं।

कौन-कौन सी डिजिटल सेवाएं 24×7 चालू रहेंगी?

शाखाएं प्रभावित होने के बावजूद SBI की ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ग्राहक घर बैठे इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं:

UPI और डिजिटल पेमेंट्स: GPay, PhonePe, Paytm और BHIM के जरिए पैसे ट्रांसफर आसानी से होंगे।

SBI YONO और Net Banking: NEFT, RTGS और IMPS के जरिए फंड ट्रांसफर चालू रहेगा।

ATM सेवाएं: एटीएम से कैश निकासी की सुविधा मिलती रहेगी, हालांकि ज्यादा मांग के चलते एटीएम में कैश खत्म होने से बचने के लिए पहले से नकदी निकालकर रखना सही रहेगा।

SBI Service Down: अचानक ठप हुई एसबीआई बैंक की ये बड़ी सेवाएं! UPI, IMPS और YONO से पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी खबर

SBI Service Down: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ग्राहकों के लिए आज यानी रविवार (6 सितंबर) को एक अहम खबर सामने आई है। तकनीकी समस्या के चलते देश के सबसे बड़े बैंक की कुछ डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रुक-रुककर प्रभावित हो रही हैं। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, SBI UPI, IMPS और YONO सेवाओं में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तकनीकी समस्या के कारण ये सेवाएं इंटरमिटेंट यानी बीच-बीच में प्रभावित हो रही हैं। बैंक के अनुसार, समस्या को दूर करने का काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि 6 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

ग्राहक फिलहाल क्या करें?

बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि जब तक डिजिटल सर्विस में आ रही परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक वे UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी अगर आपको तत्काल भुगतान करना है या कैश निकालने की जरूरत है, तो फिलहाल इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बैंक ने जताया खेद

तकनीकी समस्या के कारण ग्राहकों को हो रही असुविधा पर बैंक ने खेद जताया है। स्टेट बैंक के आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया, “तकनीकी खराबी के कारण, हमारी कुछ UPI, IMPS और YONO सेवाओं पर बीच-बीच में असर पड़ रहा है। सेवाएं 06.09.2026 को 12:30 बजे तक सामान्य हो जाएंगी। इस बीच, ग्राहकों को हमारी UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। असुविधा के लिए हमें खेद है और आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।”

SBI बैंक ने ग्राहकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। SBI के एक अधिकारी ने कहा कि अगर UPI, IMPS या YONO से ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा है, तो बार-बार प्रयास करने के बजाय कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर UPI Lite या ATM का विकल्प इस्तेमाल करें।

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इस बीच, खबर आ रही है कि SBI चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने वाला है। बैंक का लगभग 250 नई ब्रांच खोलने का भी प्लान है। SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी का कहना है कि बैंक चालू वित्त वर्ष में क्लर्क और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा।

FY27 में SBI में 12000 तक कर्मचारियों की हो सकती है ​हायरिंग, खुलेंगी 250 नई ब्रांच

सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती करने वाला है। साथ ही लगभग 250 नई ब्रांच खोलने का भी प्लान है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक बातचीत में SBI के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा कि बैंक चालू वित्त वर्ष में क्लर्क और अधिकारी स्तर पर करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां करेगा। रिटायरमेंट और उभरती जरूरतों के आधार पर नियुक्तियों की संख्या कुछ कम या ज्यादा हो सकती है, लेकिन उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक करीब 12,000 लोगों की भर्ती हो जाएगी।

पिछले साल बैंक ने बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की थीं, जिसमें 1,500 विशेषज्ञ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) अधिकारी भी शामिल हैं। इस साल आईटी क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में भर्तियों की जरूरत नहीं है। मार्च 2026 तक SBI के कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से अधिक थी। बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में SBI ने कुल 25,633 कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। अधिकारी स्तर पर 4,640, एसोसिएट लेवल पर 19,340 और कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ के तौर पर 1,653 लोगों को हायर किया गया था।

शेट्टी ने कहा कि बड़ा ब्रांच नेटवर्क होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अब भी SBI के लिए विस्तार की गुंजाइश है। नई कॉलोनियों के विकसित होने के साथ-साथ व्यावसायिक रूप से सक्रिय जिलों में भी बैंक अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है। मौजूदा वित्त वर्ष में 200 से 250 नई ब्रांच खोलने की योजना है।

NSE IPO में कितनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO में शेयरों की बिक्री के बारे में शेट्टी ने कहा कि SBI और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स मिलकर NSE में अपनी करीब एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। NSE 0.65 प्रतिशत और NSE कैपिटल मार्केट्स 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। अन्य शेयरधारकों के भी हिस्सेदारी बेचने की स्थिति में SBI समूह की ओर से बिक्री 1 प्रतिशत से कम भी रह सकती है। वर्तमान में SBI के पास NSE में 3.23 प्रतिशत और SBI कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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NSE 30,000 करोड़ रुपये का IPO ला रहा है। बीते सप्ताह इसे कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI PO 2026 Mains Admit Card: स्टेट बैंक ने जारी किया पीओ मेन्स परीक्षा का एडमिट कार्ड, 12 सितंबर को होगी परीक्षा

SBI PO 2026 Mains Admit Card: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने प्रोबेशनरी अधिकारिक (PO) मुख्य एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यह परीक्षा 12 सितंबर, 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने के योग्य उम्मीदवार एसबीआई पीओ मेन्स हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in से डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा में एसबीआई पीओ भर्ती 2026 प्रीलिमनरी परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार लॉगिन विंडो में अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड/DOB डालकर अपना एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदकों के अपने कॉल लेटर डाउनलोड करने के बाद, उन्हें गलतियों और गड़बड़ियों को चेक करने के लिए ठीक से देखना होगा। किसी भी गड़बड़ी के मामले में, कैंडिडेट्स को तुरंत एग्जाम कराने वाली बॉडी से संपर्क करना होगा और परीक्षा की तारीख से पहले उन्हें ठीक करवाना होगा। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 परीक्षा विज्ञापन संख्या CRPD/PO/2026-27/09 के तहत कुल 1,500 वैकेंसी के लिए आयोजित की जा रही है।

ध्यान रखें, परीक्षार्थियों के लिए अपना हॉल टिकट परीक्षा केंद्र ले जाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड के साथ कैंडिडेट्स को अपना वैलिड फोटो ID प्रूफ भी साथ लाना होगा। इन दोनों के बिना उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे जरूरी डॉक्युमेंट होता है। इसमें परीक्षा के विवरण के साथ ही परीक्षा केंद्र का पूरा पता, आईडी और परीक्षा के लिए जरूरी निर्देश होते हैं। कैंडिडेट अपना एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा एडमिट कार्ड 12 सितंबर तक डाउनलोड कर सकते हैं।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के दिन के लिए निर्देश

12 सितंबर को होने वाले एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने के लिए नीचे दी गई गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा।

  • उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी ले जानी होगी। डिजिटल/सॉफ्ट कॉपी की इजाजत नहीं होगी।
  • एप्लिकेंट को यह पक्का करना होगा कि एडमिट कार्ड पर फोटो और सिग्नेचर साफ हों।
  • आखिरी मिनट में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर आधा घंटा पहले पहुंचना होगा।
  • एप्लिकेंट को एडमिट कार्ड के साथ अपना वैलिड ID प्रूफ भी साथ रखना होगा।

एसबीआई पीओ कॉल लेटर 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स

एसबीआई पीओ मेन्स परीक्षा के दिन कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैलिड ओरिजिनल ID प्रूफ भी ले जाना होगा। नीचे उन डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट दी गई है जिन्हें एसबीआई पीओ 2026 परीक्षा में बैठने वाले एप्लीकेंट पहचान के सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • वोटर ID कार्ड
  • PAN कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • राशन कार्ड

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