Bank Holiday: आज शुक्रवार, 25 सितंबर को बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday 25 September 2026: सितंबर का महीना खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। अगर आपके बैंकिंग से जुड़े कई जरूरी काम पेंडिंग है तो ये खबर आके लिए है। अगर आप कल यानी शुक्रवार, 25 सितंबर को कैश निकालने, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के लिए बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो अलर्ट हो जाइए।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, 25 सितंबर को देश के कुछ हिस्सों में बैंक शाखाओं में अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन आम ग्राहकों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि यह छुट्टी पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होगी।

आइए आपको बताते हैं कि कल 25 सितंबर को कहां-कहां बैंक बंद रहेंगे, छुट्टी की असली वजह क्या है, आपके शहर का क्या स्टेटस है और अगले हफ्ते बैंकिंग सेवाओं पर क्या बड़ा असर पड़ने वाला है:

कल क्यों बंद हैं बैंक?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर महीने की शुरुआत में देश के अलग-अलग राज्यों के त्योहारों और स्थानीय पर्वों के हिसाब से छुट्टियों की सूची जारी करता है। 25 सितंबर को सिक्किम और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में ‘इन्द्रजात्रा’ (Indrajatra) का त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है।

यह उत्सव मुख्य रूप से वर्षा और समृद्धि के देवता भगवान इंद्र के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित होता है। सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए RBI ने ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत इस दिन सिक्किम राज्य (गंगटोक सर्कल) में बैंकों के लिए आधिकारिक छुट्टी घोषित की है।

आपके राज्य में क्या रहेगा स्टेटस?

चूंकि 25 सितंबर की छुट्टी एक क्षेत्रीय अवकाश है, इसलिए इसका प्रभाव पूरे भारत पर नहीं पड़ेगा:

यहां पूरी तरह बंद रहेंगे बैंक: सिक्किम राज्य के सभी सार्वजनिक, निजी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।

यहां सामान्य दिनों की तरह होगा काम: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के सभी राज्यों में बैंक काउंटर अपने तय समय पर खुलेंगे।

25 सितंबर को ही निपटा लें काम, वरना 5 दिनों तक अटक सकते हैं पैसे!

भले ही कल आपके शहर में बैंक खुले हों, लेकिन ढिलाई बरतना भारी पड़ सकता है। 25 सितंबर की शाम से पहले अपने चेक जमा करने या बड़े ट्रांजैक्शन हर हाल में पूरे कर लें। इसके पीछे की वजह आगे का बेहद चुनौतीपूर्ण बैंकिंग शेड्यूल है:

26 सितंबर (चौथा शनिवार): नियम के मुताबिक देश के सभी छोटे-बड़े बैंक बंद रहेंगे।

27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक छुट्टी के कारण बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

28 से 30 सितंबर (संभावित 3-दिवसीय बैंक हड़ताल): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-डे वर्किंग और अन्य मांगों को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यदि यह हड़ताल होती है, तो महीने के आखिरी 3 दिनों तक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रह सकता है।

बैंक बंद रहने पर कैसे होंगे आपके बैंकिंग काम?

अगर आप सिक्किम में हैं या आने वाले वीकेंड और हड़ताल के दौरान बैंक शाखा बंद मिलती है, तो भी आपकी रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतें प्रभावित नहीं होंगी। आप इन डिजिटल विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:

ऑनलाइन मनी ट्रांसफर: NEFT, RTGS, IMPS और UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM) सेवाएं बिना रुके 24 घंटे काम करेंगी।

कैश जमा व निकासी: नजदीकी ATM और कैश डिपॉजिट सह-निकासी मशीनों (ADWM) से नगद का लेन-देन किया जा सकेगा।

स्टेटमेंट और बैलेंस जांच: नेटबैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप या व्हॉट्सएप बैंकिंग के जरिए बैलेंस और स्टेटमेंट चेक किया जा सकता है।

अगर आप सिक्किम में नहीं हैं, तो कल शुक्रवार 25 सितंबर का दिन आपके पास बैंकिंग काम निपटाने का सबसे सुनहरा मौका है। 26 सितंबर के चौथे शनिवार की छुट्टी और उसके बाद अगले हफ्ते प्रस्तावित 3-दिवसीय बैंक हड़ताल को देखते हुए अपने ड्राफ्ट बनवाने, चेक क्लियर कराने या कैश जमा करने जैसे पेंडिंग काम कल दोपहर तक ही पूरे कर लें, ताकि महीने के आखिरी दिनों में आपको किसी आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

Bank Alert: SBI ने ग्राहकों को दी ये बड़ी चेतावनी, 11 सितंबर देश भर में क्या होने वाला? बैंक जाने से पहले पढ़ें यह नोटिस

SBI Bank Strike Notice: अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है और शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल का प्रस्ताव दिया है।

इस हड़ताल के मद्देनजर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आधिकारिक नोटिस जारी कर अपने करोड़ों ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने कहा है कि हड़ताल की वजह से शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। जानिए SBI ने नोटिस में ग्राहकों से क्या अपील की है और इस दौरान आपकी कौन सी बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी।

SBI ने नोटिस में ग्राहकों को क्या दी सलाह?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी आधिकारिक सूचना में ग्राहकों से असुविधा से बचने के लिए ये कदम उठाने का आग्रह किया है:

अग्रिम लेनदेन करें: अपने सभी जरूरी और महत्वपूर्ण बैंक से जुड़े काम हड़ताल की तारीख (11 सितंबर) से पहले ही निपटा लें।

नकदी के लिए ATM का इस्तेमाल: कैश की जरूरत पूरी करने के लिए नजदीकी ATM/ADWM (कैश डिपॉजिट व विड्रॉल मशीन) का इस्तेमाल करें।

ग्राहक सेवा केंद्र (CSPs): छोटे वित्तीय लेनदेन के लिए निकटतम SBI ग्राहक सेवा केंद्रों का रुख करें।

डिजिटल चैनल्स को प्राथमिकता दें: बैंक शाखा जाने के बजाय इंटरनेट बैंकिंग, YONO App, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

11 सितंबर को कौन सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं?

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट/पे-ऑर्डर जारी करना, पासबुक अपडेट, कैश जमा व निकासी जैसे मैनुअल कामकाज प्रभावित हो सकते हैं।

इसके अलावा, 11 सितंबर (शुक्रवार) के बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक लगातार 3 दिनों तक शाखा स्तर पर प्रभावित रह सकते हैं।

कौन-कौन सी डिजिटल सेवाएं 24×7 चालू रहेंगी?

शाखाएं प्रभावित होने के बावजूद SBI की ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ग्राहक घर बैठे इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं:

UPI और डिजिटल पेमेंट्स: GPay, PhonePe, Paytm और BHIM के जरिए पैसे ट्रांसफर आसानी से होंगे।

SBI YONO और Net Banking: NEFT, RTGS और IMPS के जरिए फंड ट्रांसफर चालू रहेगा।

ATM सेवाएं: एटीएम से कैश निकासी की सुविधा मिलती रहेगी, हालांकि ज्यादा मांग के चलते एटीएम में कैश खत्म होने से बचने के लिए पहले से नकदी निकालकर रखना सही रहेगा।

Bank Holidays: सितंबर में 15 दिन बंद रहेंगे SBI-HDFC समेत सभी बैंक! ब्रांच जाने से पहले यहां देख लें पूरी लिस्ट

Bank Holidays September 2026: सितंबर के महीने में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी छुट्टियों की सूची के अनुसार, सितंबर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों, जयंती और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण कई दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा, हर महीने की तरह रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को भी देशभर के बैंकों में छुट्टी रहेगी। चूंकि राज्यों के हिसाब से बैंक हॉलीडे अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपने राज्य की लिस्ट देखकर ही बैंक जाने की योजना बनाएं।

सितंबर में किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक?

भारतीय रिजर्व बैंक के हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार सितंबर में छुट्टियों की तारीखें:

4 सितंबर: जन्माष्टमी (वैष्णव)/कृष्ण जयंती के अवसर पर गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

11 सितंबर: जयपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनाव के कारण राजस्थान के संबंधित क्षेत्रों में बैंक हॉलीडे रहेगा।

12 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभाव तिथि के उपलक्ष्य में असम में बैंक बंद रहेंगे।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी/गणेश पूजा के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

15 सितंबर: संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन) के अवसर पर गुजरात, ओडिशा और गोवा में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

21 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण असम और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

22 सितंबर: करमा पूजा के अवसर पर झारखंड में बैंक बंद रहेंगे।

23 सितंबर: महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर में बैंक हॉलीडे रहेगा।

25 सितंबर: इंद्रजात्रा त्योहार के अवसर पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा रविवार की रेगुलर छुट्टी और दूसरे व चौथे शनिवार के ऑफ को जोड़ते हुए सितंबर के महीने में कुल 15 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। हालांकि ये छुट्टियां अलग-अलग सर्किलों में है जरूरी नहीं कि एक ही दिन सभी जगह बैंक बंद रहे।

क्या छुट्टियों के दौरान चालू रहेंगी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं?

बैंक शाखाएं बंद रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। छुट्टियों के दौरान भी आप बिना किसी रुकावट के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आप पैसों की निकासी या डिपॉजिट के लिए एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट और फंड ट्रांसफर चालू रहेंगे। खाते से जुड़ी सामान्य सेवाएं, एनईएफटी (NEFT)/आईएमपीएस (IMPS) ट्रांसफर और बिल पेमेंट घर बैठे किए जा सकेंगे।

UPI Payment पर 6 साल बाद फिर लगेगा MDR! क्यों हो रही वापसी, किनमें बंटेगा इसका पैसा

UPI Payment Charges: लगभग छह साल बाद यूपीआई से लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वापस आ सकता है। दुकानदार को ₹2,000 या उससे अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.3% का चार्ज लग सकता है। इसके लागू होने का कानूनी रास्ता तब साफ हुआ, जब सरकार ने अगस्त में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में बदलाव किया और जीरो-एमडीआर प्रोटेक्शन को हटा दिया। 21 अगस्त की फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब यूपीआई से पेमेंट पर जीरो की बजाय 0.3% के शुल्क का नियम अगले दो हफ्ते के भीतर लागू किया जा सकता है। हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों और छोटे कारोबारियों पर इसका भार नहीं डाला जाएगा। सरकार की कोशिश इस पेमेंट सिस्टम से जुड़ी एंटिटीज को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने पर होने वाले खर्च के कुछ हिस्से की भरपाई है। ₹2,000 या इससे अधिक के लेन-देन पर MDR लागू होने से इलेक्ट्रॉनिक्स, सिक्योरिटीज, कपड़े और अधिक दाम वाली खरीदारी प्रभावित हो सकती है।

किसे मिलेगा UPI Payment में MDR का पैसा

एमडीआर का पैसा किसी एक को नहीं मिलेगा बल्कि बैंक, फिनटेक कंपनियां और इस लेन-देन में शामिल अन्य एंटिटीज में बंटेगा। साल 2019 तक एमडीआर वाली व्यवस्था लागू थी लेकिन फिर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इसे जीरो कर दिया गया। इसे हटाए जाने से पहले ₹100 से अधिक मूल्य वाले ऑफलाइन क्यूआर कोड के जरिए किए गए P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) पेमेंट पर 0.3% शुल्क लगता था, जिसे इश्यूअर (Issuer) और एक्वायरर (Acquirer) बैंकों के बीच बराबर बांटा जाता था। एमडीआर की अधिकतम सीमा भी ₹100 थी, जिसे साल 2020 में पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

अब इसे फिर लाया जा रहा है। इसका पैसा पेमेंट चेन में चार प्लेयर्स के बीच बंटेगा। एक हिस्सा ग्राहक के बैंक को, दूसरा हिस्सा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और ट्रांजैक्शन हैंडल करने वाले इसके बैंक को, तीसरा हिस्सा दुकानदार की तरफ से यानी एक्वायरिंग बैंकों और उसके पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तो चौथा हिस्सा यूपीआई नेटवर्क चलाने और लेन-देन का निपटारा करने वाली NPCI को मिलेगा। एमडीआर में सबसे अधिक हिस्सा इंटरचेंज शुल्क के रूप में इश्यूइंग बैंक यानी ग्राहकों के बैंक को तो सबसे कम हिस्सा एनपीसीआई को मिलेगा।

क्यों हुई वापसी

भर्तृहरि महताब के नेतृत्व में फाइनेंस से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने 12 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया कि यूपीआई को बढ़ावा देने और जीरो-MDR के कारण इंडस्ट्री के रेवेन्यू लॉस की भरपाई के लिए सरकार ने सिर्फ ₹2,000 करोड़ एलॉट किए हैं जोकि डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की अनुमानित सालाना लागत ₹20,700 करोड़ से बहुत ही कम है। कमेटी ने आगाह किया है कि इसके चलते साइबर सिक्योरिटी, फर्जीवाड़े की रोकथाम और पेमेंट नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में जरूरी निवेश प्रभावित हो सकता है। चूंकि अब एआई का इस्तेमाल बढ़ा है तो साइबर खतरे भी बढ़े हैं, जिससे चिंता और गंभीर हो गई है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा भी कह चुके हैं कि यूपीआई हमेशा फ्री नहीं रह सकता है और कोई न कोई इसका खर्च चुका रहा है।

हालांकि सिर्फ एमडीआर ही इन खर्चों की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने संसदीय समिति को बताया कि फंडिंग के बोझ को कम करने के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है- अधिक वैल्यू वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर को दोबारा लागू करना या आने वाले वषों में सरकारी सहायता को धीरे-धीरे कम करना। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब ₹314 लाख करोड़ के 24,000 करोड़ से अधिक UPI लेनदेन हुए। इसमें से 71% P2P (पर्सन-टू-पर्सन) और बाकी P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) थे। पी2एम में सिर्फ 4% की वैल्यू ही ₹2,000 या उससे अधिक थी यानी कि अधिकतर यूपीआई पेमेंट एमडीआर के दायरे से बाहर रहेगा तो छोटे कारोबारियों को बाहर रखने से इसका दायरा और सीमित हो जाता है।

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