Bank Holiday: आज शुक्रवार को बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday 2 October: आज शुक्रवार, 2 अक्टूबर को देशभर के सभी सरकारी, प्राइवेट, क्षेत्रीय और ग्रामीण बैंक बंद रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की आधिकारिक सूची के अनुसार, 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण पूरे भारत में बैंकों में कामकाज नहीं होगा। अगर आपको आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है।

क्यों बंद रहेंगे बैंक?

2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है। यह देश के तीन प्रमुख राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है। इस अवसर पर आरबीआई के नियमों के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक पूरी तरह से बंद रहते हैं।

अक्टूबर में छुट्टियों की भरमार

अक्टूबर का महीना त्योहारों से भरा हुआ है। दुर्गा पूजा, दशहरा और महालया जैसे बड़े त्योहारों के चलते अक्टूबर में अलग-अलग राज्यों में बैंकों की कई दिनों की छुट्टियां रहेंगी। आरबीआई द्वारा जारी अक्टूबर 2026 की छुट्टियों की लिस्ट:

  • 2 अक्टूबर (शुक्रवार): गांधी जयंती (पूरे भारत में बंद)
  • 10 अक्टूबर (शनिवार): महालया अमावस्या / दूसरा शनिवार (बेंगलुरु, कोलकाता और देशभर में)
  • 11 अक्टूबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे भारत में बंद)
  • 17 अक्टूबर (शनिवार): महा सप्तमी (अगरतला)
  • 18 अक्टूबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे भारत में बंद)
  • 19 अक्टूबर (सोमवार): महाष्टमी / महानवमी / दुर्गा पूजा (कोलकाता, पटना, गुवाहाटी, रांची आदि)
  • 20 अक्टूबर (मंगलवार): दशहरा – विजयादशमी (अधिकांश राज्यों में बंद)
  • 21-23 अक्टूबर (बुधवार से शुक्रवार): दुर्गा पूजा – दशैं / विजया दशमी (गंगटोक, कोलकाता, अगरतला आदि)
  • 24 अक्टूबर (शनिवार): चौथा शनिवार (पूरे भारत में बंद)
  • 25 अक्टूबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे भारत में बंद)
  • 26 अक्टूबर (सोमवार): लक्ष्मी पूजा / महर्षि वाल्मीकि जयंती (शिमला, जम्मू, श्रीनगर, अगरतला)
  • 29 अक्टूबर (गुरुवार): करवा चौथ (शिमला)
  • 31 अक्टूबर (शनिवार): सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती (अहमदाबाद)

(नोट: राज्यों के स्थानीय त्योहारों के आधार पर बैंक छुट्टियों में अंतर हो सकता है।)

ऑनलाइन और डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं 24/7 चालू रहेंगी। फंड ट्रांसफर (NEFT, RTGS, IMPS) की सुविधा सुचारू रूप से चलती रहेगी। Google Pay, PhonePe, Paytm जैसी यूपीआई सेवाओं के जरिए डिजिटल भुगतान सामान्य रूप से होगा। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम मशीनें चालू रहेंगी।

अगर आपको चेक क्लियरिंग या शाखा में जाकर कोई कैश डिपॉजिट/विड्रॉल जैसी सेवाएं लेनी हैं, तो इसके लिए अब आपको शनिवार, 3 अक्टूबर को बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

Bank Holiday: आज शुक्रवार, 25 सितंबर को बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday 25 September 2026: सितंबर का महीना खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। अगर आपके बैंकिंग से जुड़े कई जरूरी काम पेंडिंग है तो ये खबर आके लिए है। अगर आप कल यानी शुक्रवार, 25 सितंबर को कैश निकालने, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के लिए बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो अलर्ट हो जाइए।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, 25 सितंबर को देश के कुछ हिस्सों में बैंक शाखाओं में अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन आम ग्राहकों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि यह छुट्टी पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होगी।

आइए आपको बताते हैं कि कल 25 सितंबर को कहां-कहां बैंक बंद रहेंगे, छुट्टी की असली वजह क्या है, आपके शहर का क्या स्टेटस है और अगले हफ्ते बैंकिंग सेवाओं पर क्या बड़ा असर पड़ने वाला है:

कल क्यों बंद हैं बैंक?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया हर महीने की शुरुआत में देश के अलग-अलग राज्यों के त्योहारों और स्थानीय पर्वों के हिसाब से छुट्टियों की सूची जारी करता है। 25 सितंबर को सिक्किम और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में ‘इन्द्रजात्रा’ (Indrajatra) का त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है।

यह उत्सव मुख्य रूप से वर्षा और समृद्धि के देवता भगवान इंद्र के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित होता है। सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए RBI ने ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत इस दिन सिक्किम राज्य (गंगटोक सर्कल) में बैंकों के लिए आधिकारिक छुट्टी घोषित की है।

आपके राज्य में क्या रहेगा स्टेटस?

चूंकि 25 सितंबर की छुट्टी एक क्षेत्रीय अवकाश है, इसलिए इसका प्रभाव पूरे भारत पर नहीं पड़ेगा:

यहां पूरी तरह बंद रहेंगे बैंक: सिक्किम राज्य के सभी सार्वजनिक, निजी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।

यहां सामान्य दिनों की तरह होगा काम: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के सभी राज्यों में बैंक काउंटर अपने तय समय पर खुलेंगे।

25 सितंबर को ही निपटा लें काम, वरना 5 दिनों तक अटक सकते हैं पैसे!

भले ही कल आपके शहर में बैंक खुले हों, लेकिन ढिलाई बरतना भारी पड़ सकता है। 25 सितंबर की शाम से पहले अपने चेक जमा करने या बड़े ट्रांजैक्शन हर हाल में पूरे कर लें। इसके पीछे की वजह आगे का बेहद चुनौतीपूर्ण बैंकिंग शेड्यूल है:

26 सितंबर (चौथा शनिवार): नियम के मुताबिक देश के सभी छोटे-बड़े बैंक बंद रहेंगे।

27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक छुट्टी के कारण बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

28 से 30 सितंबर (संभावित 3-दिवसीय बैंक हड़ताल): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-डे वर्किंग और अन्य मांगों को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यदि यह हड़ताल होती है, तो महीने के आखिरी 3 दिनों तक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रह सकता है।

बैंक बंद रहने पर कैसे होंगे आपके बैंकिंग काम?

अगर आप सिक्किम में हैं या आने वाले वीकेंड और हड़ताल के दौरान बैंक शाखा बंद मिलती है, तो भी आपकी रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतें प्रभावित नहीं होंगी। आप इन डिजिटल विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:

ऑनलाइन मनी ट्रांसफर: NEFT, RTGS, IMPS और UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM) सेवाएं बिना रुके 24 घंटे काम करेंगी।

कैश जमा व निकासी: नजदीकी ATM और कैश डिपॉजिट सह-निकासी मशीनों (ADWM) से नगद का लेन-देन किया जा सकेगा।

स्टेटमेंट और बैलेंस जांच: नेटबैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप या व्हॉट्सएप बैंकिंग के जरिए बैलेंस और स्टेटमेंट चेक किया जा सकता है।

अगर आप सिक्किम में नहीं हैं, तो कल शुक्रवार 25 सितंबर का दिन आपके पास बैंकिंग काम निपटाने का सबसे सुनहरा मौका है। 26 सितंबर के चौथे शनिवार की छुट्टी और उसके बाद अगले हफ्ते प्रस्तावित 3-दिवसीय बैंक हड़ताल को देखते हुए अपने ड्राफ्ट बनवाने, चेक क्लियर कराने या कैश जमा करने जैसे पेंडिंग काम कल दोपहर तक ही पूरे कर लें, ताकि महीने के आखिरी दिनों में आपको किसी आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

UPI पर फीस से किसकी भरेगी तिजोरी? PhonePe, GPay और बैंकों में कैसे बंटेगा हिस्सा, जानें

UPI MDR Charges: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन (P2M) पर 0.40% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का ऐलान कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नई फीस से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा, ऐप्स को या फिर बैंकों को?

देश के UPI मार्केट पर Google Pay और PhonePe का एकछत्र राज है। करीब 90% UPI पेमेंट इन्हीं दो ऐप्स के माध्यम से की जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नई व्यवस्था में असली बाजी बैंकों के हाथ लगी है। आइए आपको बताते हैं कि हर ट्रांजेक्शन पर कटने वाले इस पैसे का बंटवारा कैसे होगा और आम जनता व दुकानदारों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

किसे मिलेगा कितना हिस्सा?

NPCI द्वारा तय किए गए रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल के अनुसार, कुल 0.40% MDR चार्ज का 70% हिस्सा अकेले बैंकिंग सेक्टर की जेब में जाएगा।

इश्यूइंग बैंक (40% हिस्सा): सबसे बड़ा फायदा उस बैंक को होगा जिसमें ग्राहक (पैसे भेजने वाले) का खाता है। कुल फीस का 40% सीधे इस बैंक को मिलेगा।

एक्वायर्ड बैंक (30% हिस्सा): दूसरा बड़ा हिस्सा दुकानदार का अकाउंट संभालने वाले बैंक को मिलेगा, जिसे 30% शेयर दिया जाएगा।

UPI ऐप्स (20% हिस्सा): फोनपे, गूगलपे और पेटीएम जैसे थर्ड-पार्र्टी ऐप्स को कुल फीस का केवल 20% हिस्सा ही मिलेगा।

स्पॉन्सर बैंक (10% हिस्सा): बाकी बचा 10% उन पार्टनर बैंकों के पास जाएगा जो इन UPI ऐप्स को बैकएंड सपोर्ट मुहैया कराते हैं।

₹10,000 के पेमेंट पर किसका कितना फायदा?

अगर आप किसी मर्चेंट को ₹10,000 का ऑनलाइन भुगतान करते हैं, तो 0.40% के हिसाब से कुल ₹40 का MDR कटेगा। इस ₹40 का बंटवारा इस प्रकार होगा:

₹10,000 के पेमेंट पर किसका कितना फायदा?

आम जनता और मर्चेंट्स पर क्या होगा असर?

आम UPI यूजर्स पर इस फीस का कोई असर नहीं पड़ेगा। एनपीसीआई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बैंक या मर्चेंट यह शुल्क ग्राहक से नहीं वसूल सकते। इसके अलावा ऐप्स पर किसी भी तरह का अलग ‘प्लेटफॉर्म चार्ज’ लगाने की मनाही है। नियमों के मुताबिक, यह शुल्क पूरी तरह से मर्चेंट्स को उठाना होगा।

पेट्रोल, ट्रेन टिकट, मोबाइल रिचार्ज और इंश्योरेंस प्रीमियम जैसी जरूरी सेवाओं के लिए केवल ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा। वहीं कैपिटल मार्केट यानी शेयर बाजार के लेन-देन पर यह दर मात्र 0.02% रखी गई है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

साल 2020 से शून्य-MDR मॉडल पर चल रहे UPI इकोसिस्टम को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। बजट में सरकार की तरफ से मिली सीमित सब्सिडी के बाद, इस फीस से होने वाली कमाई का इस्तेमाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सर्वर क्षमता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड रोकने में किया जाएगा।

UPI MDR Fees: ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर 0.40% MDR लगेगा, हर ट्रांजैक्शन पर ₹300 की लिमिट रहेगी

UPI MDR Fees: 15 सितंबर को UPI Steering Committee की बैठक हुई। इसमें ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 40 बेसिस पॉइंट (bps) MDR तय किया गया है। इसकी अधिकतम सीमा हर ट्रांजैक्शन पर ₹300 होगी। यह ₹75000 से ऊपर के हर पेमेंट पर लागू होगी। मतलब कि ₹75000 से अधिक के हर ट्रांजैक्शन पर ₹300 का MDR फिक्स रहेगा।

ये MDR चार्ज 15 अक्टूबर से लागू होगा। MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वो कमीशन है, जो डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने के लिए मर्चेंट बैंक को देता है।

40 bps MDR का मतलब क्या है?

एक बेसिस पॉइंट यानी 1 प्रतिशत का सौवां हिस्सा। इसलिए 40 bps का मतलब 0.40% है। इसे सीधे उदाहरण से समझिए। ₹100 के पेमेंट पर MDR 40 पैसे होगा। वहीं ₹10,000 के UPI पेमेंट पर यह रकम ₹40 होगी।

हालांकि, यह चार्ज ग्राहक को नहीं देना होगा। MDR का भुगतान मर्चेंट की तरफ से किया जाता है।

₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं

सरकार की अधिसूचना में साफ किया गया है कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर बैंक कोई चार्ज नहीं लगा सकते।

RuPay से डेबिट कार्ड पेमेंट पर भी कोई चार्ज नहीं लगाया जा सकता। NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया UPI के साथ-साथ घरेलू कार्ड नेटवर्क RuPay को भी चलाता है।

UPI से सालाना ₹16,000 करोड़ तक रेवेन्यू

करीब 40 bps MDR लागू होने पर UPI इकोसिस्टम में सालाना ₹16,000 करोड़ तक का रेवेन्यू पैदा होने का अनुमान है।

UPI पेमेंट में कई पार्टनर शामिल होते हैं। इसलिए MDR से मिलने वाली रकम भी अलग-अलग हिस्सेदारों में बांटी जाएगी। इसमें ग्राहक का बैंक, पैसा पाने वाला बैंक, PSP बैंक और मर्चेंट का पेमेंट एग्रीगेटर शामिल हैं। NPCI को भी हर ट्रांजैक्शन पर स्विचिंग फीस मिलती है।

PhonePe और Google Pay को कैसे फायदा होगा?

PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप सीधे UPI नेटवर्क से अकेले नहीं जुड़ते। ये बैंकों के साथ पार्टनरशिप करते हैं।

इन पार्टनर बैंकों को PSP बैंक कहा जाता है। UPI नेटवर्क को चलाने में इनकी बड़ी भूमिका होती है। इसलिए कार्ड पेमेंट इकोसिस्टम के मुकाबले PSP बैंकों को MDR में ज्यादा हिस्सा मिलने की संभावना है।

कौन से बैंक बड़े PSP हैं?

UPI इकोसिस्टम में कई बैंक PSP के तौर पर काम करते हैं। इनमें Yes Bank, Axis Bank, ICICI Bank, HDFC Bank और SBI बड़े PSP बैंकों में शामिल हैं।

नए MDR सिस्टम से UPI से जुड़े बैंकों और दूसरे इकोसिस्टम पार्टनर्स के लिए कमाई का एक नया जरिया बनेगा। वहीं ग्राहकों के लिए ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं होगा।

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Uber ड्राइवर ने गलती से भेजे गए ₹37,000 पैसेंजर को लौटाए, इनाम लेने से भी किया मना

कोलकाता की एक पत्रकार ने बताया कि कैसे एक उबर ड्राइवर ने उन्हें 37,000 रुपये कुछ ही मिनटों में लौटा दिए, जब उन्होंने गलती से Google Pay के जरिए उसे पैसे भेज दिए थे। उन्होंने कहा कि इस घटना ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्कैम को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लोगों में उनका भरोसा फिर से जगा दिया है।

संचारी घोष ने लिंक्डइन पोस्ट में इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 1 सितंबर को Google Pay से पेमेंट करते समय उन्होंने गलती से आनंद दास नाम के गलत व्यक्ति को 37,000 रुपये भेज दिए थे।

मनीकंट्रोल से बात करते हुए घोष ने कहा कि वह एक ऐसे कॉन्टैक्ट को पैसे भेजना चाहती थीं, जिसका पहला नाम और सरनेम उनके फोन में सेव किसी दूसरे व्यक्ति जैसा ही था। उन्हें अपनी गलती का एहसास कई घंटों बाद हुआ, जब जिस व्यक्ति को पैसे मिलने थे, उसने पेंडिंग पेमेंट के बारे में उनसे संपर्क किया।

उन्होंने पैसे पाने वाले शख्स को कैसे ढूंढा?

गलती का पता चलने के बाद, घोष ने HDFC बैंक और कोलकाता पुलिस के साइबर सेल से संपर्क किया। अपनी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखने और यह शक होने पर कि पैसे पाने वाला व्यक्ति शायद उनकी पिछली किसी राइड से जुड़ा हो सकता है, उन्होंने उबर से भी संपर्क किया।

लेकिन, जब आधिकारिक तरीकों से मामले पर कार्रवाई हो रही थी, तब उन्होंने खुद भी छानबीन करने का फैसला किया।

घोष ने पब्लिकेशन को बताया कि उन्होंने अपने पिछले ट्रांजैक्शन चेक किए और पाया कि उन्होंने 24 अगस्त को आनंद दास नाम के ड्राइवर को उबर का 180 रुपये का किराया दिया था।

इसके बाद उन्होंने अपनी पिछली राइड की जानकारी निकाली और सीधे उस ड्राइवर से संपर्क करने में कामयाब रहीं।

15 मिनट में पैसे वापस मिल गए

घोष ने बताया कि उन्होंने दास को पूरी बात बताई। दास ने तुरंत ट्रांजैक्शन की जांच की और पूरे 37,000 रुपये वापस कर दिए।

उन्होंने ‘मनीकंट्रोल’ को बताया, “पूरी बात सुनने के बाद, उन्होंने तुरंत जांच की और पूरी रकम वापस कर दी।” पत्रकार ने आगे बताया कि बाद में उन्होंने दास से मिलकर उन्हें तारीफ के तौर पर कुछ छोटा-सा तोहफा देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। इसके बजाय, दास ने उनसे कहा: “आपकी तारीफ और भरोसा ही मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा है। 37,000 रुपये से मैं कब तक गुजारा कर पाता? लेकिन यह भरोसा मुझे बहुत आगे ले जाएगा।”

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Janmashtami Bank Holiday: 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर बैंक बंद रहेंगे या खुलेंगे? देखिए RBI की पूरी बैंक हॉलिडे लिस्ट

Janmashtami Bank Holiday 2026: देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक बैंक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, कई सर्किलों में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के बैंकों की शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अगर आपको इस हफ्ते बैंक जाकर चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी काम निपटाने हैं, तो अपने शहर की हॉलिडे लिस्ट चेक करके ही घर से निकलें।

4 सितंबर को किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

RBI की ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत 4 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों और सर्किलों में बैंक बंद रहेंगे:

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, देहरादून और नोएडा।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: जयपुर, भोपाल और इंदौर।
  • गुजरात और महाराष्ट्र: अहमदाबाद और मुंबई (कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार)।
  • पूर्वी भारत: कोलकाता, पटना, गंगटोक और रांची।
  • दक्षिण भारत: चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु (चुनिंदा सर्किल)।

(नोट: जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में जन्माष्टमी का आधिकारिक अवकाश अधिसूचित नहीं है, वहां बैंक शाखाएं अपने सामान्य समय के अनुसार खुली रहेंगी।)

सितंबर 2026: बैंकों की छुट्टियों का कैलेंडर

4 सितंबर, शुक्रवार: श्री कृष्ण जन्माष्टमी- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, एमपी, दिल्ली NCR आदि

12 सितंबर, शनिवार: दूसरा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

13 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

26 सितंबर, शनिवार: चौथा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। आप घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और भीम ऐप से पैसों का लेनदेन 24 घंटे चालू रहेगा। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। NEFT और RTGS के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर आसानी से किया जा सकेगा।

Bank Holidays: सितंबर में 15 दिन बंद रहेंगे SBI-HDFC समेत सभी बैंक! ब्रांच जाने से पहले यहां देख लें पूरी लिस्ट

Bank Holidays September 2026: सितंबर के महीने में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी छुट्टियों की सूची के अनुसार, सितंबर में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों, जयंती और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण कई दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा, हर महीने की तरह रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को भी देशभर के बैंकों में छुट्टी रहेगी। चूंकि राज्यों के हिसाब से बैंक हॉलीडे अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपने राज्य की लिस्ट देखकर ही बैंक जाने की योजना बनाएं।

सितंबर में किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक?

भारतीय रिजर्व बैंक के हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार सितंबर में छुट्टियों की तारीखें:

4 सितंबर: जन्माष्टमी (वैष्णव)/कृष्ण जयंती के अवसर पर गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

11 सितंबर: जयपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनाव के कारण राजस्थान के संबंधित क्षेत्रों में बैंक हॉलीडे रहेगा।

12 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभाव तिथि के उपलक्ष्य में असम में बैंक बंद रहेंगे।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी/गणेश पूजा के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

15 सितंबर: संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)/नुआखाई/गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन) के अवसर पर गुजरात, ओडिशा और गोवा में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

21 सितंबर: श्रीमंत शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण असम और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

22 सितंबर: करमा पूजा के अवसर पर झारखंड में बैंक बंद रहेंगे।

23 सितंबर: महाराजा हरि सिंह जी की जयंती के उपलक्ष्य में जम्मू-कश्मीर में बैंक हॉलीडे रहेगा।

25 सितंबर: इंद्रजात्रा त्योहार के अवसर पर सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे।

इसके अलावा रविवार की रेगुलर छुट्टी और दूसरे व चौथे शनिवार के ऑफ को जोड़ते हुए सितंबर के महीने में कुल 15 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। हालांकि ये छुट्टियां अलग-अलग सर्किलों में है जरूरी नहीं कि एक ही दिन सभी जगह बैंक बंद रहे।

क्या छुट्टियों के दौरान चालू रहेंगी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं?

बैंक शाखाएं बंद रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। छुट्टियों के दौरान भी आप बिना किसी रुकावट के डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आप पैसों की निकासी या डिपॉजिट के लिए एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट और फंड ट्रांसफर चालू रहेंगे। खाते से जुड़ी सामान्य सेवाएं, एनईएफटी (NEFT)/आईएमपीएस (IMPS) ट्रांसफर और बिल पेमेंट घर बैठे किए जा सकेंगे।

UPI Payment पर 6 साल बाद फिर लगेगा MDR! क्यों हो रही वापसी, किनमें बंटेगा इसका पैसा

UPI Payment Charges: लगभग छह साल बाद यूपीआई से लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वापस आ सकता है। दुकानदार को ₹2,000 या उससे अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.3% का चार्ज लग सकता है। इसके लागू होने का कानूनी रास्ता तब साफ हुआ, जब सरकार ने अगस्त में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में बदलाव किया और जीरो-एमडीआर प्रोटेक्शन को हटा दिया। 21 अगस्त की फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब यूपीआई से पेमेंट पर जीरो की बजाय 0.3% के शुल्क का नियम अगले दो हफ्ते के भीतर लागू किया जा सकता है। हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों और छोटे कारोबारियों पर इसका भार नहीं डाला जाएगा। सरकार की कोशिश इस पेमेंट सिस्टम से जुड़ी एंटिटीज को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने पर होने वाले खर्च के कुछ हिस्से की भरपाई है। ₹2,000 या इससे अधिक के लेन-देन पर MDR लागू होने से इलेक्ट्रॉनिक्स, सिक्योरिटीज, कपड़े और अधिक दाम वाली खरीदारी प्रभावित हो सकती है।

किसे मिलेगा UPI Payment में MDR का पैसा

एमडीआर का पैसा किसी एक को नहीं मिलेगा बल्कि बैंक, फिनटेक कंपनियां और इस लेन-देन में शामिल अन्य एंटिटीज में बंटेगा। साल 2019 तक एमडीआर वाली व्यवस्था लागू थी लेकिन फिर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इसे जीरो कर दिया गया। इसे हटाए जाने से पहले ₹100 से अधिक मूल्य वाले ऑफलाइन क्यूआर कोड के जरिए किए गए P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) पेमेंट पर 0.3% शुल्क लगता था, जिसे इश्यूअर (Issuer) और एक्वायरर (Acquirer) बैंकों के बीच बराबर बांटा जाता था। एमडीआर की अधिकतम सीमा भी ₹100 थी, जिसे साल 2020 में पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

अब इसे फिर लाया जा रहा है। इसका पैसा पेमेंट चेन में चार प्लेयर्स के बीच बंटेगा। एक हिस्सा ग्राहक के बैंक को, दूसरा हिस्सा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और ट्रांजैक्शन हैंडल करने वाले इसके बैंक को, तीसरा हिस्सा दुकानदार की तरफ से यानी एक्वायरिंग बैंकों और उसके पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तो चौथा हिस्सा यूपीआई नेटवर्क चलाने और लेन-देन का निपटारा करने वाली NPCI को मिलेगा। एमडीआर में सबसे अधिक हिस्सा इंटरचेंज शुल्क के रूप में इश्यूइंग बैंक यानी ग्राहकों के बैंक को तो सबसे कम हिस्सा एनपीसीआई को मिलेगा।

क्यों हुई वापसी

भर्तृहरि महताब के नेतृत्व में फाइनेंस से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने 12 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया कि यूपीआई को बढ़ावा देने और जीरो-MDR के कारण इंडस्ट्री के रेवेन्यू लॉस की भरपाई के लिए सरकार ने सिर्फ ₹2,000 करोड़ एलॉट किए हैं जोकि डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की अनुमानित सालाना लागत ₹20,700 करोड़ से बहुत ही कम है। कमेटी ने आगाह किया है कि इसके चलते साइबर सिक्योरिटी, फर्जीवाड़े की रोकथाम और पेमेंट नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में जरूरी निवेश प्रभावित हो सकता है। चूंकि अब एआई का इस्तेमाल बढ़ा है तो साइबर खतरे भी बढ़े हैं, जिससे चिंता और गंभीर हो गई है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा भी कह चुके हैं कि यूपीआई हमेशा फ्री नहीं रह सकता है और कोई न कोई इसका खर्च चुका रहा है।

हालांकि सिर्फ एमडीआर ही इन खर्चों की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने संसदीय समिति को बताया कि फंडिंग के बोझ को कम करने के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है- अधिक वैल्यू वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर को दोबारा लागू करना या आने वाले वषों में सरकारी सहायता को धीरे-धीरे कम करना। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब ₹314 लाख करोड़ के 24,000 करोड़ से अधिक UPI लेनदेन हुए। इसमें से 71% P2P (पर्सन-टू-पर्सन) और बाकी P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) थे। पी2एम में सिर्फ 4% की वैल्यू ही ₹2,000 या उससे अधिक थी यानी कि अधिकतर यूपीआई पेमेंट एमडीआर के दायरे से बाहर रहेगा तो छोटे कारोबारियों को बाहर रखने से इसका दायरा और सीमित हो जाता है।

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Bank Holidays: इस हफ्ते 2 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक कर लें RBI की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो घर से निकलने से पहले आरबीआई (RBI) की हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक कर लें। इस हफ्ते सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB देश के अलग-अलग हिस्सों में 2 दिन तक बंद रहने वाले हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, इस सप्ताह स्वतंत्रता दिवस और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

इस हफ्ते देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक 4 से 5 दिन ही खुले रहेंगे:

13 अगस्त (गुरुवार)– देशभक्त दिवस (Patriots’ Day): 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मणिपुर राज्य में 13 अगस्त को सभी बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार)– स्वतंत्रता दिवस व पारसी नववर्ष: 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय पर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ है। राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण इस दिन पूरे भारत में सरकारी व प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन पारसी नववर्ष (शहंशाही) भी मनाया जाएगा।

16 अगस्त को रविवार होने के कारण देशभर के बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

अगस्त महीने में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

15 अगस्त के अलावा, इस महीने में आगे भी कई त्योहारों और वीकेंड्स के कारण बैंकों में छुट्टियां रहने वाली हैं:

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर केवल त्रिपुरा में बैंक बंद रहेंगे।

25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी, पहला ओणम और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद, बारहवफात और तिरुवोनम के अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, एमपी, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, केरल और हिमाचल प्रदेश में बैंकों में अवकाश रहेगा।

आगामी वीकेंड हॉलिडे

  • 16 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 22 अगस्त: चौथा शनिवार
  • 23 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 30 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)

छुट्टियों में भी चालू रहेंगी ये ऑनलाइन सेवाएं

बैंकों में छुट्टी होने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई (UPI) सेवाएं और एटीएम (ATM) 24×7 चालू रहेंगे। आप Google Pay, PhonePe, Paytm या नेट बैंकिंग के जरिए बिना किसी रुकावट के पैसों का लेनदेन कर सकते हैं। ब्रांच से जुड़े काम चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट या कैश जमा/निकासी जैसी सेवाओं के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google का ये दमदार फोन, Tensor G6 चिप और 120Hz डिस्प्ले से होगा लैस

Google Pixel 11 सीरीज 12 अगस्त, 2026 को ग्लोबल मार्केट में आने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि इस लाइनअप में चार डिवाइस होंगे: Google Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold। बेस वेरिएंट (Google Pixel 11) की बात करें तो इसे लेकर उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और फोन के बारे में आ रही अफवाहों से पता चलता है कि यह दमदार हो सकता है।

अगर आप Google Pixel 11 के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर हैं। यहां हमने इस हैंडसेट के बारे में सभी उपलब्ध जानकारी दी है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि नए Pixel 11 मॉडल की कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा हो सकती है। इसकी बड़ी वजह बाजार में चल रही चिप की कमी (Chip Crisis) को माना जा रहा है। हालांकि, Google ने अभी तक कीमत या फीचर्स को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

Google Pixel 11 का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आ सकता है। इसके अलावा, फोन में 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को आसानी से देखा जा सकेगा। कहा जा रहा है कि इस फोन में Google Tensor G6 प्रोसेसर और 8GB RAM होगी।

वहीं, लीक से यह भी पता चलता है कि इस बार डिवाइस में कम से कम 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। इसके अलावा, लॉन्च के समय, हमें कई RAM और स्टोरेज वेरिएंट भी देखने को मिल सकते हैं। फोन में पिछले मॉडल की तुलना में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी हो सकता है।

भारत में Google Pixel 11 की कीमत

कीमत की बात करें तो, Google Pixel 11 की कीमत निश्चित रूप से इसके पिछले मॉडल की तुलना में ज्यादा होगी। इस बारे में अटकलें हैं कि 8GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला यह डिवाइस भारतीय बाजार में लगभग ₹83,999 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

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