भारत की डिजिटल ताकत का नया मुकाम! इन 11 देशों में पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट

भारत का UPI पिछले कुछ सालों में लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, कुछ सेकंड में पेमेंट करने की सुविधा ने डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बना दिया है। अब इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भी UPI एक सुविधाजनक पेमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है।

UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसके बढ़ते इस्तेमाल से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में इसके जरिए बड़े लेवल पर ट्रांजैक्शन हुए और अब इसकी इंटरनेशनल पहुंच 11 देशों तक हो गई है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद यह विस्तार और खास हो गया है।

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1. दुनियाभर में बढ़ी UPI की पहचान

पिछले करीब एक दशक में UPI का इस्तेमाल लगभग 12,000 गुना बढ़ा है। अब यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक जरुरी भाग बन चुका है। इसकी पॉपुलैरिटी सिर्फ भारत तक नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में भी लोग इसे पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनियाभर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी।

2. 11 देशों तक पहुंचा UPI

UPI अब भारत के अलावा 11 देशों में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की फैसिलिटी दे रहा है। भूटान, नेपाल, सिंगापुर, UAE और फ्रांस के साथ श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देश हैं। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट का एक आसान ऑप्शन बढ़ा है।

3. UPI में जुड़े नए फीचर्स

2020 से 2022 के बीच UPI में कई नए बदलाव किए गए। UPI AutoPay की मदद से EMI और दूसरे नियमित पेमेंट आसान हुए, जबकि UPI 123PAY से फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली। इसी दौरान UPI Lite आया और बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने का ऑप्शन भी दिया गया। इस दौरान भूटान में UPI की इंटरनेशनल शुरुआत भी हुई।

4. इजी और सिक्योर पेमेंट

2024 में UPI Circle जैसे फीचर की शुरुआत हुई, जिससे कोई भी लिमिट के अंदर दूसरे व्यक्ति को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। टैक्स पेमेंट और UPI से जुड़े दूसरे ट्रांजैक्शन की लिमिट में भी बदलाव किए गए। इसके बाद 2025 में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन जैसे ऑप्शन जोड़े गए। इन चेंज का मकसद UPI को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

UPI की बढ़ती पहुंच से साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की बॉर्डर से आगे भी पहचान बना रहा है। नए देशों और नए फीचर्स के जुड़ने से लोगों के लिए पेमेंट करना आसान और कनविनिएंट हो रहा है। आने वाले समय में UPI की पहुंच और बढ़ने की उम्मीद है।

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google का ये दमदार फोन, Tensor G6 चिप और 120Hz डिस्प्ले से होगा लैस

Google Pixel 11 सीरीज 12 अगस्त, 2026 को ग्लोबल मार्केट में आने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि इस लाइनअप में चार डिवाइस होंगे: Google Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold। बेस वेरिएंट (Google Pixel 11) की बात करें तो इसे लेकर उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और फोन के बारे में आ रही अफवाहों से पता चलता है कि यह दमदार हो सकता है।

अगर आप Google Pixel 11 के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर हैं। यहां हमने इस हैंडसेट के बारे में सभी उपलब्ध जानकारी दी है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि नए Pixel 11 मॉडल की कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा हो सकती है। इसकी बड़ी वजह बाजार में चल रही चिप की कमी (Chip Crisis) को माना जा रहा है। हालांकि, Google ने अभी तक कीमत या फीचर्स को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

Google Pixel 11 का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

Google Pixel 11 में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आ सकता है। इसके अलावा, फोन में 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को आसानी से देखा जा सकेगा। कहा जा रहा है कि इस फोन में Google Tensor G6 प्रोसेसर और 8GB RAM होगी।

वहीं, लीक से यह भी पता चलता है कि इस बार डिवाइस में कम से कम 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। इसके अलावा, लॉन्च के समय, हमें कई RAM और स्टोरेज वेरिएंट भी देखने को मिल सकते हैं। फोन में पिछले मॉडल की तुलना में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी हो सकता है।

भारत में Google Pixel 11 की कीमत

कीमत की बात करें तो, Google Pixel 11 की कीमत निश्चित रूप से इसके पिछले मॉडल की तुलना में ज्यादा होगी। इस बारे में अटकलें हैं कि 8GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला यह डिवाइस भारतीय बाजार में लगभग ₹83,999 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

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आज के समय में लोग कई तरह की सब्सक्रिप्शन सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, जिनके लिए हर महीने या सालाना पेमेंट करना पड़ता है। लेकिन इन सभी सेवाओं की पेमेंट डेट याद रखना और उनका हिसाब रखना अक्सर मुश्किल हो जाता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि यूजर किसी सब्सक्रिप्शन का पेमेंट करना भूल जाते हैं, जिसकी वजह से उनकी सर्विस बंद या कैंसिल हो जाती है। इसी परेशानी को आसान बनाने के लिए साल 2020 में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI Autopay सुविधा शुरू की थी। इसके जरिए, आप अपनी पसंद के किसी भी UPI ऐप का इस्तेमाल करके मोबाइल बिल, बिजली बिल, EMI पेमेंट, OTT सब्सक्रिप्शन, इंश्योरेंस प्रीमियम और म्यूचुअल फंड जैसे बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए ई-मैंडेट (e-mandate) चालू कर सकते हैं।

यहां UPI ऑटोपे मैंडेट और बार-बार होने वाले पेमेंट (Recurring Payments) के बारे में वे सभी बातें बताई गई हैं, जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है। इसमें इनके फायदे और Google Pay व PhonePe का इस्तेमाल करके इन्हें सेट अप करने का तरीका भी शामिल है।

ग्राहकों और व्यापारियों के लिए UPI Autopay सेट करने के फायदे

बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए UPI Autopay मैंडेट सेट करने के कई फायदे हैं। अगर आप ग्राहक हैं, तो ऑटोपे सेट करने से आप लेट फीस और पेनल्टी से बच सकते हैं, क्योंकि यह आपकी ओर से समय पर पेमेंट कर देता है। इसी तरह, यह बार-बार होने वाले पेमेंट करने का एक सुरक्षित और सुविधाजनक तरीका है, जिसमें आपको हर महीने या साल मैन्युअल रूप से पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि तय समय पर पेमेंट अपने आप हो जाता है।

वहीं, व्यापारियों (Merchants) के लिए भी यह सुविधा फायदेमंद है, क्योंकि इससे समय पर भुगतान मिलने में आसानी होती है और ग्राहकों के साथ पेमेंट का मैनेजमेंट बेहतर हो जाता है।

बता दें कि UPI, यूजर्स को क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट, म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस के लिए 1,00,000 रुपये तक की लिमिट के साथ ऑटो-पे सेट करने की सुविधा देता है। आप सीधे UPI ऐप में Autopay को आसानी से बदल सकते हैं, रद्द कर सकते हैं, रोक सकते हैं या दोबारा शुरू कर सकते हैं। आप लंबी लाइनों में लगने के बजाय हर महीने या साल सीधे ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं। खास बात यह है कि Autopay सेट करने के लिए किसी तरह के दस्तावेज या कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती।

इसके अलावा, Autopay पेमेंट होने से कम से कम 24 घंटे पहले आपको प्री-डेबिट नोटिफिकेशन (PDN) मिल जाता है, जिससे आपको पहले ही जानकारी मिल जाती है कि आपके खाते से पेमेंट कटने वाला है।

अगर आप कोई मर्चेंट (व्यापारी) हैं, तो Autopay को इंटीग्रेट करने से ग्राहकों से समय पर भुगतान मिलना आसान हो जाता है। इससे आप ग्राहकों को बेहतर सर्विस दे सकते हैं, उनकी संतुष्टि बढ़ा सकते हैं और लंबे समय तक उनका भरोसा बनाए रख सकते हैं।

Google Pay पर बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए Autopay Mandate कैसे सेट करें

  • अपने फोन पर Google Pay खोलें।
  • स्क्रीन के ऊपर दाईं ओर दिखाई दे रही अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
  • अब, उस सेक्शन को खोलने के लिए ‘Autopay’ बटन पर क्लिक करें।
  • यहां आपको अलग-अलग सर्विस के लिए आए हुए Autopay Mandate दिखाई देंगे। किसी खास सर्विस के लिए Autopay चालू करने के लिए Pending सेक्शन में जाएं और संबंधित मैंडेट को चुनें।
  • इसके बाद Accept बटन पर टैप करें, ताकि Autopay सेट हो जाए।
  • अगर आप किसी रिक्वेस्ट किए गए मैंडेट के लिए Autopay सेट नहीं करना चाहते हैं, तो आप ‘Decline’ भी चुन सकते हैं।
  • आखिर में अपनी पसंद की पुष्टि करने के लिए UPI PIN दर्ज करें।
  • इसके बाद आपका Autopay Mandate एक्टिव हो जाएगा।

PhonePe पर बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए Autopay Mandate कैसे सेट करें

  • अपने स्मार्टफोन पर PhonePe ऐप खोलें।
  • इसके बाद, स्क्रीन के ऊपर बाईं ओर अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
  • नीचे स्क्रॉल करके ‘Payment Settings’ सेक्शन पर जाएं।
  • अब, ‘Autopay’ बटन पर टैप करें।
  • इसके बाद एक नया पेज खुलेगा। यहां आपको वह Mandate चुनना होगा, जिसके लिए आप Autopay चालू करना चाहते हैं।
  • Autopay रिक्वेस्ट को स्वीकार करने के बाद ऐप आपसे पुष्टि के लिए UPI PIN दर्ज करने को कहेगा।
  • UPI PIN डालते ही आपका PhonePe Autopay Mandate एक्टिव हो जाएगा और आगे के पेमेंट तय समय पर अपने आप हो जाएंगे।

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मां का फोन चेक करते ही बेटे के उड़ गए होश, UPI में छिपी इस सेटिंग से बिना पता चले कट रहे थे पैसे

डिजिटल पेमेंट और UPI ने लोगों की जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। बिजली का बिल भरना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या किसी को तुरंत पैसे भेजने हों, अब ज्यादातर काम कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाते हैं। यही वजह है कि हर उम्र के लोग तेजी से डिजिटल पेमेंट अपनाने लगे हैं। हालांकि, जितनी तेजी से तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनी है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े नए जोखिम भी सामने आए हैं। कई बार लोग किसी ऐप या ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल करते समय बिना पूरी जानकारी पढ़े अनुमति दे देते हैं। बाद में यही छोटी-सी लापरवाही लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकती है।

हाल ही में मुंबई के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर अपनी मां से जुड़ा एक अनुभव साझा किया, जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि डिजिटल दुनिया में सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करना ही नहीं, बल्कि उसके नियम और शर्तों को समझना भी उतना ही जरूरी है।

फ्री ट्रायल के जाल में फंस रहे हैं लोग

लोकेश ने बताया कि उनकी मां ने कुछ ऐप्स के फ्री ट्रायल लिए थे। ट्रायल शुरू करते समय 0 रुपये भुगतान के साथ AutoPay की अनुमति भी दे दी गई। ट्रायल खत्म होते ही हर महीने अपने-आप पैसे कटने लगे, लेकिन उन्हें इसका एहसास तक नहीं हुआ।

छोटी रकम, बड़ा नुकसान

लोकेश के मुताबिक 79 या 99 रुपये जैसी छोटी रकम अक्सर सैकड़ों UPI ट्रांजैक्शन के बीच नजर ही नहीं आती। यही वजह है कि लोग महीनों तक बिना जाने सब्सक्रिप्शन का भुगतान करते रहते हैं।

‘असल प्रोडक्ट फ्री ट्रायल नहीं, AutoPay है’

LinkedIn पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कई कंपनियों का असली मकसद फ्री ट्रायल देना नहीं, बल्कि AutoPay की मंजूरी हासिल करना होता है। एक बार अनुमति मिल जाए तो हर महीने भुगतान अपने-आप कटता रहता है।

डिजिटल साक्षरता का बदला मतलब

लोकेश ने कहा कि पहले ऑनलाइन गलत चीज खरीदने का डर होता था, लेकिन अब सबसे बड़ा खतरा बिना समझे किसी शर्त से सहमति देना है। AutoPay, ऐप परमिशन, लोकेशन एक्सेस और रिकरिंग सब्सक्रिप्शन जैसे फैसले कुछ सेकंड में होते हैं, लेकिन उनका असर लंबे समय तक रहता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

इस पोस्ट पर कई लोगों ने माना कि पेमेंट पेज पर अक्सर One-Time Payment का विकल्प नहीं मिलता और AutoPay अपने-आप चुन लिया जाता है। कुछ यूजर्स ने बताया कि जब तक अगली किस्त नहीं कटती, तब तक उन्हें सब्सक्रिप्शन का पता ही नहीं चलता। इसके बाद वो सोचते हैं कि अब एक महीना और इस्तेमाल कर लेते हैं और फिर इसे रद्द करना भूल जाते हैं।

सीख क्या है?

डिजिटल दुनिया में सिर्फ UPI चलाना सीखना काफी नहीं है। किसी भी फ्री ट्रायल, AutoPay Mandate या ऐप परमिशन को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ना और समय-समय पर एक्टिव सब्सक्रिप्शन की जांच करना भी उतना ही जरूरी है।

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