EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स इस महीने के आखिर तक यूपीआई और एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। इससे पैसे निकालने के लिए मुश्किल प्रक्रिया से सब्सक्राइबर्स को छुटकारा मिल जाएगा। ईपीएफओ एक डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह बैंक सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा। यह भीम और दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा।

सब्सक्राइबर्स 75 फीसदी तक पैसे निकाल सकेंगे

ईपीएफओ की यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ में जमा 75 फीसदी तक पैसे निकाल सेकेंगे। अभी ईपीएफओ बुक्स में करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। लेकिन, एक्टिव कंट्रिब्यूशन वाले मेंबर्स की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। ईपीएफओ करीब 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है।

पैसे निकालने से पहले टैक्स के नियमों की समझ जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की सुविधा से सब्सक्राइबर्स को काफी आसानी हो जाएगी। लेकिन, उन्हें टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होगा। टैक्स के नियमों को समझे बगैर एटीएम या यूपीआई से ईपीएफ का पैसा निकालने पर सब्सक्राइबर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी 5 साल से कम तो विड्रॉल पर चुकाना होगा टैक्स 

टैक्स के नियम के मुताबिक, अगर किसी सब्सक्राइबर की नौकरी के लगातार 5 साल पूरे हो गए हैं तो पीएफ के पैसे निकालने पर उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। दिक्कत उन लोगों को होती है, जो नौकरी के 5 साल पूरे होने के पहले पीएफ से पैसे निकालते हैं।

एंप्लॉयी के टैक्स-स्लैब के हिसाब से चुकाना होगा टैक्स

अगर कोई सब्सक्राइबर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसे निकालता है तो पूरा अमाउंट इनकम माना जाता है। फिर इस पर एंप्लॉयी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसमें एंप्लॉयर का कंट्रिब्यूशन, एक्युमलेटेड इंटरेस्ट और एंप्लॉयी के हिस्से का कंट्रिब्यूशन होता है, जिस पर उसने सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया होता है। इसका मतलब है कि पहले मिला टैक्स बेनेफिट रिवर्स हो जाता है।

ज्यादा इनकम तो चुकाना होगा विड्रॉल पर ज्यादा टैक्स

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद पीएफ से पैसे निकालता है। विड्रॉल के समय ईपीएफओ 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट करेगा। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये डिडक्ट हो जाएंगे। यह तब होगा जब ईपीएफओ के पास एंप्लॉयी के पैन की डिटेल होगी। यह डिडक्शन फाइनल टैक्स नहीं है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन की डिटेल ईपीएफओ के पास नहीं होने पर टीडीएस का रेट 34.60 फीसदी लागू होता है।

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टीडीएस का पैसा कुल टैक्स लायबिलिटी में एडजस्ट होगा

जब एंप्लॉयी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो 5 लाख रुपये का पूरा अमाउंट उसकी सालाना इनकम में जुड़ जाती है। अगर एंप्लॉयी 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेच में आता है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर 1 लाख रुपये का टैक्स बनता है। चूंकि, 50,000 टीडीएस पहले काटा जा चुका है, जिससे आपको सिर्फ बाकी 50,000 रुपये टैक्स का पेमेंट करना होगा। अगर एंप्लॉयी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है तो कुल टैक्स 1.5 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयी को बाकी 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा।

विकास और विरासत: मोदी युग में नए भारत का नव-उदय

विकास और विरासत: मोदी युग में नए भारत का नव-उदय

PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में दर्ज होगा। लगातार तीसरे कार्यकाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए देश में सबसे लंबे समय तक चुने जाने वाले राष्ट्रप्रमुख बन जाएंगे। पीएम मोदी का यह कार्यकाल केवल एक संख्यात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के उस अटूट विश्वास का प्रमाण है, जिसने भारत को प्रगति और वैश्विक नेतृत्व के शिखर पर पहुंचाया है। इस शासन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि नरेंद्र मोदी ने स्वयं को हमेशा 'प्रधान सेवक' के रूप में प्रस्तुत किया और स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33% महिला आरक्षण) तथा 'मन की बात' जैसे अभियानों के माध्यम से शासन को सीधे जन-भागीदारी से जोड़ दिया।

 

तकनीक से सामाजिक न्याय और अंत्योदय

आर्थिक और सामाजिक न्याय के मोर्चे पर, सरकार ने जनधन-आधार-मोबाइल यानी 'जैम ट्रिनिटी' की त्रिशक्ति से बिचौलियों और भ्रष्टाचार के पुराने तंत्र को समूल नष्ट कर दिया। डिजिटल तकनीक और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे जरूरतमंदों के खातों में पहुंच रहा है। इसके फलस्वरूप पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर आए हैं।

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वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर हर नागरिक को सम्मानित जीवन देने के लिए सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं ने धरातल पर करोड़ों जीवन बदले हैं। मुख्य योजनाओं की पहुंच को हम इन सीधे आंकड़ों से समझ सकते हैं: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (80 करोड़ मुफ्त राशन लाभार्थी), आयुष्मान भारत योजना (55 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवच), प्रधानमंत्री आवास योजना (4 करोड़ से अधिक पक्के मकान), पीएम-किसान निधि (11 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 की सीधी मदद), जल जीवन मिशन (14 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल), उज्ज्वला योजना (10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन), पीएम सूर्य घर योजना (1 करोड़ घरों को मुफ्त सौर बिजली) और जनधन योजना (50 करोड़ से अधिक बैंक खाते) आदि हैं।

 

बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता

दूसरी ओर, बुनियादी ढांचे के निर्माण में वर्तमान भारत ने जो गति पकड़ी है, वह पूरी दुनिया के लिए शोध का विषय है। आज देश में प्रतिदिन लगभग 28 से 30 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो रहा है; रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण के साथ 'वंदे भारत' जैसी स्वदेशी ट्रेनें दौड़ रही हैं और हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। यूपीआई (UPI) के माध्यम से आज भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान में सबसे आगे है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले जहां केवल 7 एम्स (AIIMS) थे, वहीं अब 20 एम्स चालू हो चुके हैं। 'मेक इन इंडिया' की दूरदर्शी नीतियों के चलते भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश अब सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण के क्षेत्र में उतरकर वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर बन रहा है।

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विदेश नीति और वैश्विक नेतृत्व

वैश्विक मंच पर भारत की विदेश नीति 'राष्ट्र प्रथम' के महामंत्र पर आधारित है, जहां देश बिना किसी महाशक्ति के दबाव में आए स्वतंत्र निर्णय लेता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के संघर्षों और वैश्विक मंदी के बीच भी भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए कच्चे तेल का आयात जारी रखा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बना रहा। जी-20 की सफल अध्यक्षता करके भारत 'ग्लोबल साउथ' की सशक्त आवाज और 'विश्वमित्र' के रूप में उभरा है। यही कारण है कि पीएम मोदी को अब तक 24 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मई 2026 में उन्हें मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान (ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट) उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में 32वां सम्मान है।

 

एक ऐतिहासिक नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में होती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने रिकॉर्ड समय में दो प्रमुख टीकों- पूर्णतः स्वदेशी 'कोवैक्सीन' और भारत में निर्मित 'कोविशील्ड- का उत्पादन किया और 'वैक्सीन मैत्री' के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को टीके भेजकर 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को चरितार्थ किया।

 

विकास भी, विरासत भी

यह नेतृत्व 'विकास भी, विरासत भी' के संतुलित मंत्र पर चलता है। एक तरफ इसरो (ISRO) ने चंद्रयान, सूर्ययान और गगनयान जैसे ऐतिहासिक अभियानों से अंतरिक्ष में अपना परचम लहराया, तो दूसरी तरफ अयोध्या में भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम व महाकाल लोक का पुनरुद्धार और योग-आयुर्वेद को वैश्विक मान्यता दिलाकर देश के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित किया गया है।

 

इसी तरह, रक्षा क्षेत्र भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। 'मेक इन इंडिया' के तहत आईएनएस विक्रांत और तेजस जैसे हथियारों के निर्माण से जहां रक्षा आयात कम हुआ है, वहीं रक्षा निर्यात 21,000 करोड़ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है। सीडीएस (CDS) पद का गठन, अटल व सेला टनल का निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाया है।

 

निष्कर्ष

अंततः, आज की यह ऐतिहासिक तिथि कोई ठहराव नहीं, बल्कि 'विकसित भारत @2047' के विराट संकल्प की ओर बढ़ने वाले एक अनंत रथ का नव-प्रस्थान है। आज का न्यू इंडिया एक हाथ में इसरो की आधुनिकतम तकनीक और दूसरे हाथ में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव थामे हुए वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा है। आगामी पीढ़ियां मोदी युग को इतिहास के पन्नों में राष्ट्र के सांस्कृतिक अरुणोदय और वैश्विक महाशक्ति के रूप में उसके सिंहनाद के रूप में याद रखेंगी।

 

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

बिना बैंक अकाउंट अब Teenagers भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, Paytm ने लॉन्च किया नया Pocket Money फीचर

paytm pocket money

डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने ‘Paytm Pocket Money’ नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है। इसकी मदद से अब बिना बैंक अकाउंट वाले टीनएजर्स भी UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में बताया कि इस फीचर के जरिए किशोर अब कैश या माता-पिता पर निर्भर हुए बिना खुद से UPI भुगतान कर पाएंगे।

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माता-पिता रख सकेंगे खर्च पर नजर

 

Paytm Pocket Money के जरिए माता-पिता या परिवार का कोई भरोसेमंद सदस्य बच्चों के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकेगा। साथ ही वे रियल टाइम में उनके UPI खर्च की निगरानी भी कर पाएंगे। कंपनी के अनुसार, “Paytm Spend Summary” फीचर परिवारों को खर्च का पैटर्न समझने, पॉकेट मनी बेहतर तरीके से मैनेज करने और बच्चों को जिम्मेदार डिजिटल पेमेंट की आदत सिखाने में मदद करेगा।

 

छात्रों और किशोरों के लिए खास

 

यह फीचर खासतौर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए वे कैंटीन, मेट्रो, कैब, मोबाइल रिचार्ज और शॉपिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे। साथ ही माता-पिता बच्चों को नियंत्रित तरीके से डिजिटल पेमेंट का अनुभव भी दे सकेंगे।

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कैसे काम करेगा Paytm Pocket Money?

 

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता को NPCI द्वारा अगस्त 2024 में शुरू किए गए “UPI Circle” फीचर का उपयोग करना होगा। UPI Circle के जरिए बैंक अकाउंट वाला मुख्य UPI यूजर अपने परिवार के सदस्य या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उसी बैंक अकाउंट से UPI ट्रांजैक्शन करने की अनुमति दे सकता है। एक बार एक्टिव होने के बाद किशोर अपने मोबाइल फोन में Paytm ऐप के जरिए लाखों व्यापारियों को सुरक्षित UPI पेमेंट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा कि अब बच्चों को पेमेंट करने के लिए माता-पिता का फोन मांगने, OTP पूछने या WhatsApp पर QR भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

कितनी होगी ट्रांजैक्शन लिमिट?

 

  • Paytm Pocket Money में सुरक्षा के लिए कई कंट्रोल दिए गए हैं।
  • एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा
  • मासिक लिमिट 15,000 रुपये तय की गई है
  • सेटअप के शुरुआती 30 मिनट तक पेमेंट लिमिट सिर्फ 500 रुपये रहेगी
  • पहले 24 घंटे में कुल 5,000 रुपये तक ही ट्रांजैक्शन संभव होगा

 

इसके अलावा डिवाइस लॉक अनिवार्य होगा। माता-पिता कभी भी Paytm UPI PIN के जरिए लिमिट बदल सकते हैं या एक्सेस बंद कर सकते हैं।

 

ऐसे करें एक्टिव

  • Paytm Pocket Money एक्टिव करने के लिए:
  • Play Store या App Store से Paytm ऐप अपडेट करें
  • ऐप खोलकर “To Mobile / Contact” पर जाएं
  • “Pocket Money” विकल्प चुनें
  • जिस व्यक्ति के लिए फीचर एक्टिव करना है उसका नंबर या UPI ID डालें
  • QR कोड स्कैन करें या UPI ID एंटर करें
  • जरूरी दस्तावेजों के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें
  • मासिक खर्च सीमा तय करें
  • बैंक अकाउंट चुनकर Paytm UPI PIN डालें
  • सामने वाले यूजर को इनविटेशन स्वीकार करना होगा

 

अगर ऐप में 'Pocket Money' विकल्प दिखाई नहीं देता है, तो ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना जरूरी होगा। Edited by : Sudhir Sharma

itel zeno 200 : iPhone जैसा लुक और 120Hz डिस्प्ले, लॉन्च हुआ सस्ता स्मार्टफोन

itel zeno 200 : iPhone जैसा लुक और 120Hz डिस्प्ले, लॉन्च हुआ सस्ता स्मार्टफोन

itel ने भारत में अपना नया बजट स्मार्टफोन itel Zeno 200 लॉन्च कर दिया है। कंपनी एक बार फिर अपने डिजाइन को लेकर चर्चा में है, क्योंकि इस फोन का लुक काफी हद तक Apple के iPhone से प्रेरित नजर आता है। खासतौर पर फोन का रियर डिजाइन हालिया iPhone मॉडल्स जैसा दिखाई देता है।

 

फोन के बैक पैनल पर टू-टोन डिजाइन दिया गया है, जिसमें ऊपर की तरफ सिंगल कैमरा सेटअप मौजूद है। कैमरे के पास दिया गया अतिरिक्त गोल कटआउट केवल डिजाइन के लिए रखा गया है। वहीं नीचे की तरफ मैट फिनिश दी गई है। कंपनी इसे ऑरेंज, ब्लू और टाइटेनियम कलर ऑप्शन में पेश कर रही है।

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itel Zeno 200 के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस

 

फोन के फ्रंट में 6.75 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट सपोर्ट करता है। स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 590 निट्स तक जाती है। खास बात यह है कि डिस्प्ले वेट और ऑयली टच कंट्रोल को भी सपोर्ट करता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में वॉटरड्रॉप नॉच के अंदर 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वहीं पीछे की तरफ 13MP का रियर कैमरा मिलता है।

 

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है, जिसे 4GB LPDDR4X RAM और 128GB eMMC स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। यह स्मार्टफोन Android 15 Go Edition पर काम करता है। फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 15W चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके अलावा इसमें IP65 प्रोटेक्शन और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह फोन चार साल तक स्मूथ परफॉर्मेंस देगा। इसमें AI Imaging, AI Expand और AI Remover जैसे AI फीचर्स भी मिलते हैं। साथ ही सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है।

कीमत और उपलब्धता

itel Zeno 200 को भारत में 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले सिंगल वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 10,399 रुपये रखी गई है। ग्राहक इसे Amazon India से खरीद सकते हैं। कंपनी ICICI बैंक और Axis बैंक क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर 400 रुपये का डिस्काउंट भी दे रही है। Edited by : Sudhir Sharma

iPad mini को टक्कर देगा Oppo Pad Mini, 144Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और दमदार बैटरी जैसे फीचर्स

iPad mini को टक्कर देगा Oppo Pad Mini, 144Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और दमदार बैटरी जैसे फीचर्स

Oppo कॉम्पैक्ट टैबलेट मार्केट में एंट्री करने की तैयारी में है। कंपनी का नया Pad Mini जल्द लॉन्च हो सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन लीक रिपोर्ट्स में इसके दमदार फीचर्स सामने आए हैं। यह टैबलेट उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है जो पोर्टेबल होने के साथ-साथ पावरफुल डिवाइस चाहते हैं। लॉन्च के बाद यह बाजार में मौजूद प्रीमियम कॉम्पैक्ट टैबलेट्स को सीधी टक्कर दे सकता है।

 

144Hz OLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन

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लीक्स के मुताबिक Pad Mini में 8.8 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जिसका रेजोल्यूशन 2882×1920 पिक्सल होगा। इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस दी जा सकती है, जिससे विजुअल्स काफी शार्प और कलर्स बेहद ब्राइट नजर आएंगे। 3:2 आस्पेक्ट रेशियो इसे काम और वीडियो देखने दोनों के लिए बेहतर बनाता है। डिजाइन की बात करें तो इसमें 5.39mm पतला यूनिबॉडी मेटल चेसिस मिल सकता है और वजन करीब 279 ग्राम होगा, जो इसे काफी स्लिम और हल्का बनाता है।

 

 Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर

 

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो यह अपने सेगमेंट के सबसे पावरफुल टैबलेट्स में से एक होगा। यह गेमिंग, मल्टीटास्किंग और डेली प्रोडक्टिविटी जैसे काम आसानी से संभाल सकेगा। कैमरा के तौर पर इसमें 13 मेगापिक्सल का रियर सेंसर दिया जा सकता है, जो फोटो और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयोगी होगा।

 

 बैटरी, चार्जिंग और कनेक्टिविटी

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रिपोर्ट्स के अनुसार टैबलेट में 8000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। इससे यह पूरे दिन चलने के साथ जल्दी चार्ज भी हो सकेगा। कनेक्टिविटी के लिए इसमें eSIM सपोर्ट मिलने की संभावना है, जिससे यूजर्स कहीं भी आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे।

 

  iPad mini से होगी टक्कर

 

यह टैबलेट Apple iPad mini (8th generation) को सीधी टक्कर दे सकता है। जहां Apple अपने डिवाइस में वॉटर रेजिस्टेंस और बेहतर हार्डवेयर दे सकता है, वहीं Oppo हाई रिफ्रेश रेट OLED डिस्प्ले के जरिए यूजर्स को आकर्षित करने की कोशिश करेगा। फिलहाल कंपनी की ओर से लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लीक के आधार पर इसकी जल्द एंट्री की उम्मीद की जा रही है।  Edited by : Sudhir Sharma