“समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम”, तनाव के बीच ट्रंप के सामने PM मोदी ने पुरजोर तरीके से उठाया ‘भारतीय नाविकों’ का मुद्दा

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात भारत और अमेरिका के रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए बहुत बड़ी मानी जा रही है। दरअसल, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक पाबंदियों (टैरिफ) और हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद से रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ गई थी। ऐसे में इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं।

“हमारे रिश्तों में आई है नई ऊर्जा”- पीएम मोदी

पिछले 16 महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात में PM मोदी ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाया।

राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल हमारी मुलाकात वॉशिंगटन में हुई थी और तब से हमारे संबंधों को एक नई रफ्तार मिली है। एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि हमारी दोनों टीमों ने मिलकर कुछ लक्ष्य तय किए हैं। हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

मिडल ईस्ट में शांति के प्रयासों की तारीफ

पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और उनके प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस इलाके में शांति का यह प्रयास लंबे समय तक टिका रहेगा। मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता) का खुला रहना बेहद जरूरी है और समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने की मांग

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ही साइन होने वाले समझौते (MoU) का जिक्र किया। उन्होंने बेहद मजबूती से भारतीय नाविकों (Seafarers) का मुद्दा उठाया, जो दुनिया के कुल नाविकों का लगभग 10% हैं। हाल ही में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के जख्मों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस नए समझौते में उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए।

पीएम मोदी ने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक पूरी दुनिया के समुद्री रास्तों पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, जिसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ भी शामिल है। वे वैश्विक प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। आपने ईरान के साथ इस समझौते को करने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जब इस समझौते को लागू किया जाएगा, तो नाविकों की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी।”

‘अगर भारत पर कभी हमला हुआ, तो अमेरिका हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा’ PM मोदी से मुलाकात में ट्रंप ने कह दी बहुत बड़ी बात

मेलोनी ने छोड़ी सिगरेट, ट्रंप चुराने चले फ्रांस के राष्ट्रपति की घड़ी! G7 समिट का हॉट माइक रह गया ऑन, नेताओं की सीक्रेट बातचीत हो गईं रिकॉर्ड

दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के नेता जब एक बंद कमरे में मिलते हैं, तो हमें लगता है कि वहां सिर्फ युद्ध, व्यापार और दुनिया की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ही चर्चा होती होगी। लेकिन फ्रांस में चल रहे G7 समिट (G7 Summit) के दूसरे दिन एक गजब का वाकया हुआ। यहां करीब 27 मिनट तक नेताओं का माइक गलती से चालू रह गया (Hot-Mic)। इस ‘ओपन माइक’ ने दुनिया के इन बड़े नेताओं के बीच की अनौपचारिक बातचीत, हंसी-मजाक, खेल और निजी जिंदगी के कई ऐसे दिलचस्प राज खोल दिए जो अमूमन सामने नहीं आते।

इटली की पीएम मेलोनी ने छोड़ी सिगरेट

इस लीक हुई बातचीत में सबसे ज्यादा चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की रही। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने मेलोनी से अनौपचारिक बातचीत में पूछा कि क्या उन्होंने सुबह की सिगरेट पी ली है? इस पर मेलोनी ने सबको चौंकाते हुए बताया कि उन्होंने इसी साल 1 मई से सिगरेट पीना पूरी तरह छोड़ दिया है।

यह सुनते ही ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मजाक में अपने हाथ को पकड़ने का इशारा करते हुए पूछा, “क्या आप निकोटीन पैच (सिगरेट छुड़ाने वाली पट्टी) का इस्तेमाल कर रही हैं?” इस पर मेलोनी ने खुशी से दोनों हाथ उठाकर जश्न मनाया।

समिट में चढ़ा फुटबॉल और UFC का बुखार

दुनिया भर के बड़े संकटों के बीच नेताओं के सिर पर फुटबॉल का खुमार भी देखने को मिला। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले आगामी फीफा वर्ल्ड कप को लेकर नेताओं ने लंच के दौरान फुटबॉल पर लंबी बात की।

इसी बीच एक आवाज आई, “एले ले ब्लूज!” (फ्रांस की टीम का हौसला बढ़ाने वाला नारा)।

एक नेता ने पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) क्लब की चैंपियंस लीग में जीत की तारीफ की।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने केप वर्डे की टीम की वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को 0-0 से ड्रॉ पर रोकने को बेहद हैरान करने वाला बताया।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत का रुख मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) की तरफ मोड़ दिया। उन्होंने अपने 80वें जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में रखी गई UFC इवेंट की यादें ताजा करते हुए इसके प्रेसिडेंट डाना व्हाइट की जमकर तारीफ की।

ट्रंप का ‘ग्रीनलैंड’ वाला रहस्यमयी कमेंट

इस रिकॉर्डिंग में डोनाल्ड ट्रंप का एक छोटा सा कमेंट खूब सुर्खियां बटोर रहा है। यूरोपीयन यूनियन के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बात करते हुए ट्रंप ने धीरे से कहा, “तुम समझे?” और थोड़ा रुककर सिर्फ एक शब्द बोला- “ग्रीनलैंड।”

इसके आगे की बात सुनाई नहीं दी। लेकिन इस एक शब्द ने ही कौतूहल बढ़ा दिया है, क्योंकि ट्रंप पहले भी कई बार डेनमार्क के इस हिस्से (ग्रीनलैंड) को खरीदने की इच्छा जता चुके हैं, जिससे यूरोपीय नेता नाराज भी हुए थे। ट्रंप यहां क्या कहना चाहते थे, यह अब भी एक रहस्य है।

जब मैक्रों की घड़ी चुराने चले ट्रंप!

एक हल्के-फुल्के पल में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने देखा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी घड़ी लंच टेबल पर ही भूल गए हैं। कार्नी ने मजाक में कहा, “वह अपनी घड़ी यहीं छोड़ गए हैं। हमारे हाथ उनकी घड़ी लग गई है।”

यह सुनते ही ट्रंप तुरंत मजे लेते हुए बोले, “अगर वह छोड़ गए हैं, तो वो घड़ी मुझे दे दो, मुझे दे दो।” ट्रंप की यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी नेता ठहाके मारकर हंस पड़े।

ट्रंप को मिले अनोखे तोहफे: साइकिल और ’47’ नंबर की जर्सी

इस समिट में नेताओं ने एक-दूसरे को गिफ्ट भी दिए। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने सभी G7 नेताओं को एक-एक कस्टमाइज्ड (खास तौर पर तैयार) साइकिल गिफ्ट की। यह तोहफा इसलिए मजेदार था, क्योंकि ट्रंप अक्सर गोल्फ के अलावा किसी भी तरह की एक्सरसाइज से बचने के लिए जाने जाते हैं और इस पर मजाक भी करते हैं।

वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप को जर्मनी की फुटबॉल टीम की एक जर्सी गिफ्ट की, जिस पर पीछे ‘TRUMP’ और ’47’ नंबर लिखा था (ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं)। ट्रंप ने इस जर्सी के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं। बाद में जर्मन चांसलर ने इस फोटो को इंटरनेट पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आखिरकार, हम सब एक ही टीम में हैं।”

Melodi का जलवा फिर बरकरार

तस्वीर खिंचवाने से ठीक पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच भी बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। दोनों ने एक-दूसरे का हंसकर स्वागत किया। मेलोनी ने पीएम मोदी से कहा, “आपसे दोबारा मिलकर बहुत अच्छा लगा!”

सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों और वीडियो के क्रेज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने इस संक्षिप्त बातचीत के दौरान ‘इंस्टाग्राम’ का भी नाम लिया, जिसे सुनकर मेलोनी मुस्कुरा उठीं।

कुल मिलाकर, इस 27 मिनट के ‘ओपन माइक’ ने यह दिखा दिया कि भले ही ये दुनिया के सबसे ताकतवर नेता हों, लेकिन जब काम का दबाव थोड़ा कम होता है, तो ये भी आम इंसानों की तरह नींद की कमी, मौसम, खेल, सिगरेट और सोशल मीडिया पर मजेदार गप्पें लड़ाते हैं।

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