NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। प्राइस बैंड सहित इश्यू की दूसरी जानकारियां सामने आ गई हैं। अगर आप देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान ले कि इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) कितना चल रहा है।

शेयर के जीएमपी में आई है गिरावट 

NSE के शेयर के जीएमपी में 11 सितंबर को गिरावट आई। ग्रे मार्केट की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर पर 10-11 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने प्रति शेयर 180 रुपये का जीएमपी बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर की लिस्टिंग पर 10.08 फीसदी कमाई हो सकती है।

10-11 फीसदी लिस्टिंग गेंस के संकेत

आईपीओवॉच ने एनएसई के शेयर पर जो जीएमपी बताया है, उसके हिसाब से इस शेयर से 10.53 लिस्टिंग गेंस हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर का जीएमबी 285 रुपये था। तब एनएसई ने प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया था। 285 रुपये जीएमपी का मतलब था कि इस शेयर की लिस्टिंग से 15.97 का गेंस हो सकता था।

21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

एनएसई के आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए 16 सितंबर को खुल जाएगा। एनएसई ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ 22,561.5 करोड़ रुपये का है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है।

देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज 

एनएसई का मुकाबला बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सेंचज से है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि BSE न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 93.05 फीसदी था, इक्विटी फ्यूचर्स में मार्केट शेयर 99.72 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी था। यह डेटा जून 2026 में खत्म तीन महीनों के टोटल प्रीमियम टर्नओवर पर आधारित है।

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आईपीओ मार्केट में बढ़ी है हलचल

पिछले कुछ हफ्तों में आईपीओ मार्केट में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। इस हफ्ते कुल 16 आईपीओ बाजार में हैं। हाल में कई आईपीओ को इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। कुछ कंपनियों के शेयर काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुछ शेयरों में तो लिस्टिंग के बाद लगातार तेजी दिखी है। मिल्की मिस्ट का शेयर इसका उदाहरण है।

NSE IPO: बैंक ऑफ बड़ौदा की OFS में 35% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी, जानिए आईपीओ का पूरा अपडेट

NSE IPO: पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने जा रहा है। बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NSE के IPO में 76,90,375 तक शेयर बेच सकता है। यह बैंक की NSE में कुल हिस्सेदारी का 35% है। बिक्री के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी।

NSE के शेयर एस्क्रो अकाउंट में पहुंचे

Bank of Baroda ने बताया कि OFS की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत NSE के शेयर 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। NSE के मुताबिक, यह बिक्री सितंबर 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है।

बिक्री के बाद मिलेगी रकम

Bank of Baroda को शेयर बेचने की रकम OFS पूरा होने के बाद मिलेगी। बैंक अपने NSE शेयरों को प्रस्तावित IPO में बेच रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक को NSE से ₹76.90 करोड़ का डिविडेंड भी मिला था।

₹30,000 करोड़ का हो सकता है NSE IPO

NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO 18 सितंबर को खुल सकता है। इसके 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2024 के Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO को पीछे छोड़ देगा। इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

15 सितंबर को आ सकता है प्राइस बैंड

NSE IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को घोषित होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक खुलेगी। पब्लिक इश्यू 18 सितंबर को खुल सकता है। यह 21 और 22 सितंबर को भी खुला रह सकता है।

नए शेयर जारी नहीं होंगे

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें ₹1 फेस वैल्यू वाले 14.89 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। ये NSE की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के करीब 6% के बराबर हैं। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। यानी IPO से NSE को सीधे कोई पैसा नहीं मिलेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के आईपीओ की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

न्यू इंडिया एश्योरेंस और आईएफसीआई के शेयर 4 सितंबर को रॉकेट बन गए। इसकी वजह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ से जुड़ी एक बड़ी खबर है। खबर के मुताबिक, एनएसई 25 सितंबर को अपने शेयर लिस्ट कराना चाहता है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेबी से एनएसई के आईपीओ को अगले हफ्ते मंजूरी मिल सकती है।

11 सितंबर को हो सकता है प्राइस बैंड का ऐलान 

इस रिपोर्ट के मुताबिक, एप्रूवल के बाद NSE सेबी के पास अपडेटेट ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगा। इस खबर में यह भी बताया गया है कि एनएसई 11 सितंबर को आईपीओ में शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान कर सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने शेयर की लिस्टिंग 25 सितंबर को चाहता है। इस खबर में कहा गया है कि एक्सचेंज ने सेबी को इस बारे में लिखा है। वह जवाब का इंतजार कर रहा है।

New India Assurance का शेयर 16 फीसदी उछला

इस खबर का 4 सितंबर को IFCI और New India Assurance के शेयरों पर असर दिखा। आईएफसीआई का शेयर एक समय 11 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 12:45 बजे यह शेयर 8.43 फीसदी चढ़कर 104 रुपये पर चल रहा था। New India Assurance का शेयर 16.29 फीसदी चढ़कर 227 रुपये पर चल रहा था। दोनों कंपनियों की एनएसई में हिस्सेदारी है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करेगा NSE

IFCI सरकार की कंपनी है। यह एक एनबीएफसी है। इसकी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी NSE में 4.4 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की NSE में 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है। एनएसई का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। करीब 55 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर एनएसई आईपीओ में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचती है तो इश्यू का साइज 31,500 करोड़ रुपये रह सकता है।

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई के नाम

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। उसने 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ 2024 में पेश किया था। इससे पहले LIC ने करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ 2022 में पेश किया था। ह्युंडई ने सबसे बड़े आईपीओ के एलआईसी का रिकॉर्ड तोड़ा था।

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4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में भी दिखी तेजी 

NSE का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से यह एनएसई से काफी पीछे है। बीएसई के शेयर पहले से एनएसई में सूचीबद्ध हैं। 4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में तेजी दिखी। 1 बजे शेयर का भाव 3.23 फीसदी चढ़कर 3,413 रुपये पर चल रहा था।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

NSE के आईपीओ के बारे में बड़ा अपडेट, अगले महीने मिल सकती है सेबी की मंजूरी

सेबी अगले महीने एनएसई के आईपीओ को मंजूरी दे सकता है। मर्चेंट बैंकिंग के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इसके बाद एनएसई के लिए विदेश में रोड शो करने का रास्ता साफ हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ इस साल सितंबर में आ सकता है। यह देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इनवेस्टर्स काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं।

अगले महीने मिल सकता है ग्रीन सिग्नल

मर्चेंट बैंकिंग के सूत्रों के मुताबिक, “मौजूदा रफ्तार से इस आईपीओ को अगले महीने ग्रीन सिग्नल मिल जाने की संभावना है। इश्यू से जुड़े सभी सवालों के जवाब दे दिए गए हैं।” सूत्र ने यह नहीं बताया कि किस तरह के सवालों के जवाब दिए गए हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि ज्यादातर समय इसका संबंध डिसक्लोजर के लैंग्वेज से होता है।

17 जुलाई से विदेश में रोड शो का प्लान

एक दूसरे सूत्र ने कहा, “चूंकि को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे बड़े मसलों को पहले से ही आईपीओ से डीलिंक्ड कर दिया गया है और ये सेटलमेंट प्रोसेस में हैं, जिससे अब बड़ा मसला नहीं रह गया है। इसलिए अब सेबी और एक्सचेंज को बाकी चीजों पर फोकस करना है।” सूत्र ने बताया कि घरेलू निवेशकों के लिए रोड शो का प्लान बन चुका है। मर्चेंट बैंकर्स ने विदेशी निवेशकों के लिए 17 जुलाई से रोड शो का प्लान बनाया है। ये रोड शो अमेरिका, यूनाइटेड किंग्डम, हांगकांग और सिंगापुर में होंगे।

सितंबर में आ सकता है आईपीओ

अगर सबकुछ प्लान के हिसाब से चलता है तो एनएसई का आईपीओ सितंबर में आ सकता है। हालांकि, सबकुछ सेबी के ऑब्जर्वेशन लेटर पर निर्भर करता है। NSE ने आईपीओ के एप्रूवल के समय और रोड शो के बारे में कुछ बताने से इनकार कर दिया। मनीकंट्रोल के सवाल के जवाब में एनएसई के प्रवक्ता ने कहा, “कंपनी (NSE) ने सेबी के पास डीआरएचपी फाइल कर दिया है। इस वक्त हम इससे ज्यादा कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं।”

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एक्सचेंज को भी डिसक्लोजर नियमों का पालन करना है जरूरी

सूत्र ने बताया, “एक्सचेंज और सभी मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस सेबी के नियम के तहत उन सभी नियमों का पालन करते हैं, जिनका पालन दूसरी कंपनियों को करना पड़ता है।” मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) सेबी के सभी डिसक्लोजर नियमों का पालन करते हैं। इसके बाद भी बीएसई और एमसीएक्स के आईपीओ के रिव्यू में लगा समय एक समान नहीं था। बीएसई ने सेबी के पाश 12 सितंबर, 2016 को डीआरएचपी फाइल किया था। उसे सेबी का ऑब्जर्वेशन 30 दिसंबर, 2016 को मिला था। इसके मुकाबले एमसीएक्स का आईपीओ करीब 7 महीने में एप्रूव्ड हो गया था।

NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।