NSE share Price : लिस्टिंग के बाद NSE के शेयरों में बढ़त जारी, ब्रोकरेज भी हुए बुलिश, जानिए क्या हैं इनके टारगेट

NSE share Price : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) के शेयरों में गुरुवार के ट्रेडिंग सेशन में 5.21 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली है। इश्यू प्राइस से ज़्यादा कीमत पर लिस्ट होने के बाद भी शेयरों में तेज़ी जारी है। आज BSE पर NSE के शेयरों की ट्रेडिंग ₹1,800 प्रति शेयर के भाव से शुरू हुई,जो इसके ₹1,785 के इश्यू प्राइस से 0.84 प्रतिशत ज़्यादा थी। बाद में यह स्टॉक बढ़कर ₹1,878 पर पहुंच गया, जो इश्यू प्राइस से 5.21 प्रतिशत ज़्यादा है। इस बढ़त के साथ NSE दुनिया के 10 सबसे बड़े लिस्टेड एक्सचेंजों और मार्केट वैल्यू के हिसाब से भारत की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो गया है।

मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इस स्टॉक में और बढ़त होगी। ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए ₹1,965 प्रति शेयर तक का प्राइस टारगेट दिया है।

NSE पर पीएल कैपिटल की राय

PL Capital ने NSE को एक्युमुलेट (accumulate) रेटिंग देते हुए ₹1,950 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि इश्यू प्राइस के मुकाबले इसमें लगभग 9.2 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है। PL Capital ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि NSE का कैश और फ्यूचर्स मार्केट में दबदबा बना रहेगा। लेकिन इंडेक्स ऑप्शंस में हिस्सेदारी घटने से असर पड़ सकता है। FY26-29E के दौरान रेवेन्यू और PAT में लगभग 11 प्रतिशत सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। वन-ऑफ खर्चों के एडजस्ट होने के बाद EBITDA मार्जिन 76 प्रतिशत पर आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है रि NSE का एक्सचेंज मार्केट पर दबदबा है। कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93 प्रतिशत से ज़्यादा है और स्टॉक व इंडेक्स फ्यूचर्स में यह लगभग 100 प्रतिशत हिस्से पर काबिज है। हालांकि रेगुलेटरी दिक्कतों की वजह से इंडेक्स ऑप्शंस में NSE की मार्केट हिस्सेदारी घटकर लगभग 65 प्रतिशत रह गई है। इसके साथ ही CAS और प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग नियमों के लागू होने से वॉल्यूम पर भी असर पड़ा है।

हालांकि FY21-26 के दौरान रेवेन्यू में 25% सालाना की दर से बढ़ोतरी हुई, लेकिन PL Capital का अनुमान है कि इंडेक्स ऑप्शंस में हिस्सेदारी घटने के कारण FY26-29E के दौरान यह ग्रोथ धीमी होकर 11% सालाना पर आ जाएगी।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि NSE का EBITDA मार्जिन FY26 के 71% से बढ़कर FY29 तक 76% हो जाएगा,क्योंकि वन-ऑफ खर्चों का असर कम हो जाएगा। उम्मीद है कि इस दौरान कर बाद मुनाफे में 11% सालाना की दर से बढ़ोतरी होगी।

PL Capital ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि NSE के IPO में कंपनी की वैल्यूएशन ₹4.4 लाख करोड़ आंकी गई है,जो FY29E की अर्निंग के आधार पर 32 गुना प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल है। कंपनी का कहना है कि इस वैल्यूएशन में प्रीमियम का बड़ा हिस्सा शामिल है।

इस रिपोर्ट में भारतीय एक्सचेंज मार्केट में NSE की लीडरशिप पोजीशन,इसके अलग-अलग तरह से हो रहे विकास और वन-टाइम खर्चों का असर कम होने के साथ EBITDA मार्जिन में सुधार की उम्मीद पर ज़ोर दिया गया है।

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NSE पर मैक्वेरी की राय

मैक्वेरी (Macquarie) ने NSE के लिए आउटपरफॉर्म रेटिंग और ₹1,965 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। इस टारगेट प्राइस का मतलब है कि IPO के ₹1,785 के इश्यू प्राइस के मुकाबले इसमें लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है।

मैक्वेरी ने NSE को द डोमिनेटर (बाज़ार पर दबदबा रखने वाली कंपनी) बताया है। इसके पीछे कंपनी का बड़ा मार्केट शेयर,सेवाओं की व्यापक रेंज, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और मज़बूत लिक्विडिटी जैसे कारण बताए गए हैं।

 

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NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1140 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

NSE IPO Listing: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के शेयरों की आज BSE पर 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1140 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1800.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.84% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹1827.95 (NSE Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.41% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹108 के डिस्काउंट पर मिला है।

कैसा रिस्पांस मिला था NSE IPO को

एनएसई का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.40 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 12,64,36,650 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।

NSE के बारे में

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में शुमार है। इसकी शुरुआत साल 1992 में हुई थी। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड्स जैसे एसेट क्वास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और रेगुलेटरी ओवरसाइट को लेकर एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम मुहैया कराती है।

एनएसई ने देश में लगातार कैश मार्केट टर्नओवर, इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 26.13 करोड़ से अधिक निवेशक रजिस्टर्ड हैं तो 12.9 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स और 1328 ट्रे़डिंग मेंबर्स हैं। इसके अलावा एनएसई पर 3005 कंपनियां लिस्टेड हैं जिनका जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ है। इसके अलावा मार्च 2026 के आखिरी में कैश मार्केट में टर्नओवर के हिसाब से एनएसई की हिस्सेदारी 99.79%, इक्विटी फ्यूचर्स में 74.71%, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड की भी वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में 88.42%, इक्विटी डेरिवेटिव्स में 91.04% और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09% हिस्सेदारी है।

एक्सचेंज के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 11% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ पर आ गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹5,252.17 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में एक्सचेंज के रिजर्व और सरप्लस में ₹34,996.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: 5.67 गुना सब्सक्राइब, हर 4 में से 3 रिटेल इनवेस्टर को शेयर अलॉटमेंट मिल सकता है

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ₹22,569 करोड़ का IPO सोमवार, 21 सितंबर को बंद हो गया। आखिरी दिन इश्यू को 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।

QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। उनका हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। NII कैटेगरी 6.54 गुना और रिटेल हिस्सा 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों को कितना मिल सकता है?

रिटेल हिस्सा 1.35 गुना भरा है। इस आधार पर शुरुआती अनुमान करीब 75% का है। अगर आसान भाषा में कहें तो हर चार में से करीब तीन रिटेल आवेदकों को शेयर मिल सकते हैं।

इसे पक्का अलॉटमेंट रेशियो नहीं मानना चाहिए। क्योंकि असल अलॉटमेंट वैध आवेदनों और IPO के नियमों के हिसाब से होगा।

NSE IPO के GMP में भारी गिरावट

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था। एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,280 लगाने पड़े।

ग्रे मार्केट में NSE शेयर का GMP IPO के दौरान काफी नीचे आया है। लेटेस्ट GMP करीब 3% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। शुरुआत में ये 18% के करीब था। GMP अनऑफिशियल होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746 करोड़

IPO से पहले NSE ने 189 एंकर निवेशकों से ₹6,746.18 करोड़ जुटाए थे। इन्हें ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर शेयर दिए गए। एंकर निवेशकों को 16 सितंबर को 3.78 करोड़ शेयर अलॉट किए गए।

LIC सबसे बड़ा व्यक्तिगत एंकर निवेशक रहा। उसे करीब ₹400.3 करोड़ के शेयर मिले। Norway का Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore और Abu Dhabi Investment Authority भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

NSE का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा।

इश्यू से जुड़े खर्च निकालने के बाद रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। अपर प्राइस बैंड पर NSE की वैल्यू करीब ₹4.42 लाख करोड़ है। IPO में कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ तक का हिस्सा भी रखा गया था। पात्र कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹170 प्रति शेयर की छूट मिली है।

22 सितंबर को अलॉटमेंट, 24 को लिस्टिंग

NSE IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।

अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद निवेशक रजिस्ट्रार और स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।

शेयर बाजार में NSE की कितनी हिस्सेदारी?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म तीन महीने में कैश मार्केट के टर्नओवर में NSE की हिस्सेदारी 93.05% रही।

इक्विटी फ्यूचर्स में इसकी हिस्सेदारी 99.72% और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48% थी। वहीं, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर NSE की हिस्सेदारी 100% रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE आईपीओ का जीएमपी दूसरे दिन भी सिर्फ 8%, SS Retail का जीएमपी 32% के पार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी उम्मीद से कम दिख रही है। खुलने के दूसरे दिन यह आईपीओ 11:30 बजे तक सिर्फ 55 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। अनऑफिशियल मार्केट में शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम भी नहीं बढ़ रहा है। उधर, एसएस रिटेल के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। शेयर का जीएमपी भी एनएसई के मुकाबले काफी ज्यादा चल रहा है। क्या इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में लिस्टिंग गेंस ज्यादा रह सकता है?

NSE के आईपीओ में 21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुला था। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। कंपनी ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये है। यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। सिर्फ कुछ इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओपन होने के दूसरे दिन भी एनएसई आईपीओ का जीएमपी सिर्फ 8.29%

अनऑफिशियल मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म आईपीओवॉच के मुताबिक, 18 सितंबर को एनएसई के शेयर का जीएमपी 148 रुपये यानी 8.29 फीसदी था। 17 सितंबर को भी जीएमपी इतना ही था। इसका मतलब है कि इस शेयर का जीएमपी आईपीओ खुलने के दूसरे दिन भी नहीं बढ़ा है। जीएमपी से यह पता चलता है कि शेयर बाजारों में शेयर की लिस्टिंग कैसी रहेगी। हालांकि, यह सिर्फ एक संकेत होता है। एक्चुअल लिस्टिंग गेंस में फर्क हो सकता है।

एसएस रिटेल का आईपीओ 14 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब

एसएस रिटेल के आईपीओ का आज यानी 18 सितंबर तीसरा दिन है। यह आईपीओ 14.67 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में इनवेस्टर्स ने ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि यह आईपीओ सिर्फ 500 करोड़ रुपये का है। इसके मुकाबले एनएसई का आईपीओ बहुत बड़ा है। एनएसई का आईपीओ 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।

एसएस रिटेल के आईपीओ का जीएमपी 32 फीसदी के पार

अनऑफिशियल मार्केट में एसएस रिटेल के आईपीओ पर चल रहे प्रीमियम ने चौंकाया है। 17 सितंबर के मुकाबले इसका जीएमपी बढ़ा है। 17 सितंबर को इसका जीएमपी 133 रुपये यानी 31.37 फीसदी चल रहा था। यह 18 सितंबर को बढ़कर 32.31 फीसदी हो गया। अगर लिस्टिंग गेंस की बात की जाए तो इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में ज्यादा लिस्टिंग गेंस मिल सकता है। एसएस रिटेल के शेयरों की लिस्टिंग शेयर बाजारों में 23 सितंबर को हो सकती है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को लिस्ट होंगे।

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कई ब्रांड्स के मोबाइल का रिटेल चेन ऑपरेट करती है एसएस रिटेल

एसएस रिटेल मल्टी ब्रांड रिटेल चेन को ऑपरेट करती है। यह मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का ऑपरेशंस देश के कई राज्यों में है, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात शामिल हैं। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे, जबकि एनएसई का शेयर 24 सितंबर को सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होगा।

NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

Stocks to Watch: 17 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

UPI पर एमडीआर चार्ज का असर क्या शेयर बाजारों में निवेश पर भी पड़ेगा? जानिए NSE के चेयरमैन ने क्या कहा

यूपीआई यानी यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस छोटे-बड़े पेमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बन गया है। अब तक यह फ्री है यानी इस्तेमाल पर किसी तरह की फीस नहीं लगती है। लेकिन, आगे यूपीआई के जरिए पेमेंट करने पर आपको फीस चुकानी होगी। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर ही फीस लगेगी। लेकिन, प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में निवेश के लिए अब काफी ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल होने लगा है। तो क्या यूपीआई पर फीस का असर शेयर मार्केट में निवेश पर भी पड़ेगा?

ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय के लिए पड़ सकता है असर

NSE का मानना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय समय के लिए पड़ेगा। लेकिन, उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने कहा, “2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर चार्जेज का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर सिर्फ शुरुआत में पड़ेगा।” उनहोंने कहा कि कुछ समय बाद इसके सामान्य हो जाने की संभावना है।

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलने जा रहा है

चौहान ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज के बारे में यह बात तब कही है, जब एनएसई का आईपीओ आ रहा है। यह इश्यू 17 सितंबर को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स ओएफएस में अपने शेयर बेच रहे हैं। कुछ 12.64 करोड़ शेयर ओएफएस में बेचे जाएंगे।

आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी

चौहान ने कहा कि एनएसई के आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी दिख रही है। खासकर आईपीओ का साइज घटने के बाद ऐसा दिख रहा है। उनहोंने कहा, “एनएसई आईपीओ के लिए एंकर इनवेस्टर्स की डिमांड अनुमान से काफी ज्यादा है…क्योंकि इश्यू का साइज घट गया है।”

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यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

उन्होंने कहा, “लोकल म्यूचुअल फंड्स जैसे हर ग्रुप को खास ऐलॉटमेंट करने होंगे। एंकर बुक काफी बड़ा है। यह हमारी उम्मीद से ज्यादा है।” इस आईपीओ से एनएसई को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि एनएसई इस इश्यू में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। पहले एनएसई का प्लान 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। लेकिन, कई पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने के फैसले लिए, जिससे इश्यू का आकार घट गया।

NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

एनएसई के शेयर इस महीने 24 तारीख को बीएसई पर लिस्ट हो जाएंगे। लिस्ट होते ही शेयर रॉकेट बन सकते हैं। इस शेयर में 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच निवेश किया जा सकता है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्रत्येक 1 रुपये फैस वैल्यू वाले शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,85 रुपये है।

संस्थागत निवेशकों की डिमांड से मिलेगा सपोर्ट

कनवर्जेंट फाइनेंस के मैनेजिंग पार्टनर हर्ष राघवन का कहना है कि लिस्टिंग के चार से छह हफ्तों में एनएसई का शेयर 20-25 फीसदी चढ़ सकता है। उनका कहना है कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड से इस शेयर को सपोर्ट मिलेगा। एनएसई आईपीओ पर सीएनबीसी-टीवी18 के मार्केट फोरम में उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि लिस्टिंग के 4-6 हफ्ते में यह शेयर 20-25 फीसदी चढ़ जाएगा।”

म्यूचुअल फंड्स के पास एनएसई के शेयर नहींं

उन्होंने कहा कि एनएसई में पहले से कई शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी है। लेकिन, बड़े म्यूचुअल फंड्स हाउसेज और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास एनएसई के ज्यादा शेयर नहीं हैं। इसलिए शेयर के लिस्ट होते ही संस्थागत निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी इस शेयर में दिखेगी। रिटेल इनवेस्टर्स को काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

कम से कम 8 शेयरों के लिए करना होगा अप्लाई

इस आईपीओ में निवेश करने के लिए प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कम से कम 14,280 रुपये की बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.41 लाख करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई आईपीओ में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसके पास कोई पैसा नहीं आएगा।

ये पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे एनएसई के शेयर

इस आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचने जा रहे हैं। इनमें एसबीआई ग्रुप, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स, एमएस स्ट्रेटेजिक, न्यू इंडिया एश्योरेंस और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न पर कई गुना रिटर्न मिलने जा रहा है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को बीएसई में लिस्ट होंगे।

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राघवन का एनएसई में पहले से निवेश

राघवन एनएसई के पुराने निवेशकों में शामिल हैं। 2006 में उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया था। फिर 2016 में उन्होंने फेयरफैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया। उन्होंने कहा कि उनके निवेश की वजह एक्सचेंज के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इंडियन इकोनॉमी में जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, वैसे-वैसे एनएसी की स्थिति मजबूत होगी।

IPOs This Week: एक्शन पैक्ड रहेगा 15 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता, NSE IPO समेत 11 नए इश्यू; साथ में 19 लिस्टिंग

15 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से ब्लॉकबस्टर रहने वाला है। नए हफ्ते में NSE IPO, Hero Motors IPO समेत 11 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 8 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर शेयर बाजार बंद है। स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 19 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 11 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Vama Wovenfab IPO: ₹49.54 करोड़ का इश्यू 15 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 17 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹324-₹341 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 22 सितंबर को होगी।

Shakti Polytarp IPO: ₹26.93 करोड़ का इश्यू 15 सितंबर को खुलेगा और 17 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹56-₹59 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 22 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Quanto Agroworld IPO: कंपनी का इरादा ₹31.02 करोड़ जुटाने का है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹67 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। यह IPO भी 15 सितंबर को खुलने वाला है। 17 सितंबर को क्लोजिंग होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 22 सितंबर को हो सकती है।

SS Retail IPO: यह इश्यू 16 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹500 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। IPO 18 सितंबर को बंद होगा। उसके बाद शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Jindal Supreme IPO: ₹124.88 करोड़ का इश्यू 16 सितंबर को खुल रहा है और 18 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 161 शेयरों के लॉट में लगेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Hero Motors IPO: कंपनी ₹1,000 करोड़ जुटाना चाहती है। यह भी 16 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 18 सितंबर तक ₹79-₹84 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। लॉट साइज 178 शेयर है। क्लोजिंग के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 23 सितंबर को होने वाली है।

NSE IPO: इस IPO का लंबे वक्त से इंतजार हो रहा है। ₹22,561.57 करोड़ का इश्यू 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785 प्रति शेयर और लॉट साइज 8 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग BSE पर 24 सितंबर को हो सकती है।

SpectraA Technology Solutions IPO: कंपनी का इरादा ₹42.52 करोड़ जुटाने का है। यह इश्यू 17 सितंबर को खुलने वाला है। प्राइस बैंड ₹112-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। उसके बाद शेयर NSE SME पर 24 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Kheria Autocomp IPO: यह ₹46.44 करोड़ का है। इसकी भी ओपनिंग 17 सितंबर को और क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। इसमें ₹96-₹101 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकेंगे।शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 24 सितंबर को होगी।

Sonaselection India IPO: ₹141.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 150 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। कंपनी के NSE और BSE पर 24 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Axiom Gas Engineering IPO: ₹49.81 करोड़ का इश्यू 18 सितंबर को खुलकर 22 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 25 सितंबर को होने वाली है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 15 सितंबर को NSE और BSE पर Pranav Constructions की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Apana Logistics की लिस्टिंग होने वाली है। 16 सितंबर को NSE और BSE पर Kanohar Electricals, Prasol Chemicals, Glass Wall Systems के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को NSE और BSE पर Rentomojo, Asset Reconstruction, Manipal Payment & Identity Solutions, Steamhouse India, Karamtara Engineering और LCC Projects लिस्ट हो सकती हैं। इसी दिन BSE SME पर Infrax Renewable, Amtech Esters और NSE SME पर Vinod Texworld के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

18 सितंबर को NSE और BSE पर Veegaland Developers के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसी दिन BSE SME पर Panchatv Bharat, Om Galaxy, Maharaja & Speedex और Raksan Transformers के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।