Technical View: अगले हफ्ते ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘उछाल पर बिकवाली’की रणनीति करेगी काम, इंडेक्स में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Technical View : 16 अक्टूबर को निफ्टी में 0.65 प्रतिशत की तेजी आई। यह तेजी औसत से अधिक वॉल्यूम के साथ दर्ज की गई और लगातार दूसरे सत्र में बाजार में बढ़त देखने को मिली। बाजार पर बुल्स की पकड़ बनी रही। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर अपनी पोजीशन बनाए रखी। इसके अलावा,इसके 10-डे और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जो एक मजबूत होते शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर का संकेत हैं। हालांकि,बड़ा रुझान अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज (जिसमें 50-डे और 200-डे EMA शामिल हैं) के नीचे ही कारोबार कर रहा है।

आगे चलकर,निफ्टी 50 को अपनी रिकवरी को जारी रखने के लिए अगले हफ्ते भी खरीदारी का सिलसिला बनाए रखना होगा और 23,300–23,350 के जोन को मजबूती से फिर से हासिल करना होगा। यह रेंज 50-डे EMA और 24 सितंबर को बने ‘बेयरिश गैप’ के ऊपरी हिस्से से मेल खाती है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिका रहता है तो यह 23,600–23,700 के स्तर तक और तेजी आने का रास्ता खोल सकता है।

अक्टूबर के निचले स्तर 22,180 से लगभग 1,000 अंकों की अच्छी तेजी के बाद,सपोर्ट बेस ऊपर खिसककर 22,800–22,900 के स्तर पर आ गया है। बाजार जानकारों का कहना है कि 22,550–22,600 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है।

अच्छी शुरुआत के बाद पहले घंटे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर के ऊपर बना रहा और 23,146 पर बंद हुआ। यह 23 सितंबर के बाद का इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। इंडेक्स में 149 अंकों यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

डेली चार्ट पर, इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई है,जो एक पॉजिटिव रुझान और निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी आने का संकेत है। इसके अलावा, 24,774 और 22,180 के बीच आई गिरावट के आधार पर गणना करने पर, यह 23,173 के 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर के करीब पहुंच गया है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी और सुधार देखने को मिला। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के स्तर से ऊपर बढ़कर 52.81 पर पहुंच गया और इसके साथ ही एक पॉजिटिव क्रॉसओवर भी हुआ। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और यह जीरो लाइन के और करीब आ गया,जबकि हरे हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में और बड़े हो गए।

इस हफ्ते निफ्टी में 2.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 के बाद से इसकी सबसे मजबूत वीकली तेजी है। इस इंडेक्स ने ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ के छह हफ्तों के क्रम को भी तोड़ दिया है। वीकली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी है, जिसके निचले हिस्से में एक ‘विक’ (wick) है। यह बाजार में नई खरीदारी आने का संकेत है।

कोटक नियो में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स के लिए ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘तेजी पर बिकवाली’की रणनीति अपनाना सही रहेगा।

नीचे की तरफ, 23,000 और 22,800 के आसपास का 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ, 23,300 और 23,500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस ज़ोन हो सकते हैं। अठावले ने आगे कहा कि 22,800 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटिमेंट बदल सकता है, ऐसे में ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं।

बैंक निफ्टी

बैंक निफ्टी में लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह पिछले दिन के 56,050–56,100 के उच्च स्तर को पार करने में विफल रहा। यह दायरा 50-दिवसीय EMA के स्तर के साथ भी मेल खाता है। आगे 56,500–56,700 और उसके बाद 57,000 के स्तर तक पहुंचने के लिए, इस दायरे के ऊपर एक स्पष्ट बढ़त दर्ज करना बहुत जरूरी है। 57,000 का स्तर तेजी के रुख को और मजबूत करने के लिए एक अहम बाधा बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पोजीशनल स्तर पर कंसोलिडेशन जारी है और अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

शाह के अनुसार, 55,200–55,300 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है, तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह 54,800 के स्तर तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ, 56,300–56,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर इस रेंज के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट आता है, तो इससे नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56,700–57,000 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Interglobe Aviation Share : त्योहारी सीजन में मनमाने तरीके से एयरफेयर बढ़ाने पर जल्द लगेगी रोक, 2% टूटे इंडिगो के शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे से जानें कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Market Technicals : 14 अक्टूबर को निफ्टी में 99 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,623 पर बंद हुआ,जबकि बैंक निफ्टी 165 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 55,316 पर आ गया। बेंचमार्क सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद, NSE पर मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। यहां 1,421 शेयरों में गिरावट के मुकाबले लगभग 1,850 शेयरों में तेजी देखी गई। अब सवाल यह है कि आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल और इंडेक्स में क्या हो कमाई की रणनीति। इस अपनी राय साझा कर रहे हैं LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे।

निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे ने कहा कि 30-मिनट के चार्ट पर निफ्टी को 200SMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इसमें भारी गिरावट देखी गई। 30-मिनट के चार्ट पर RSI अभी भी ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ की स्थिति में है। इसके अलावा, डेली RSI में ‘हिडन नेगेटिव डाइवर्जेंस’ बना है, जो बाजार में अंदरूनी कमजोरी का संकेत देता है।

हालांकि हालिया रिकवरी अच्छी रही है और इसमें मुख्य रूप से बैंकिंग और IT सेक्टर का योगदान रहा है,लेकिन निफ्टी या किसी अन्य प्रमुख इंडेक्स ने अभी तक किसी ‘रिवर्सल’ (रुझान में बदलाव) की पुष्टि नहीं की है। इसलिए, हम मौजूदा तेजी को एक ‘रिलीफ रैली’ (राहत भरी तेजी) के रूप में ही देख रहे हैं, न कि किसी लंबे समय तक चलने वाले ‘अपट्रेंड’ (तेजी के दौर) की शुरुआत के रूप में।

ऊपर की तरफ, 22,650 और 22,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है। नीचे की तरफ,22,500 पर तत्काल सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है,तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है,जिससे बाजार में तेज गिरावट आ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,850, 23,000

अहम सपोर्ट: 22,500, 22,300

रणनीति: 19 अक्टूबर की एक्सपायरी वाली निफ्टी 22,500 PE को लगभग 90 रुपये पर खरीदें। इसमें 60 रुपये का स्टॉप-लॉस और 140 रुपये का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर बैंकिंग इंडेक्स बैंक निफ्टी को 20EMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। आवरली चार्ट पर RSI में ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ हुआ है, जो तेजी के रुझान के कमजोर पड़ने का शुरुआती संकेत है। इसके अलावा,आवरली चार्ट पर इंडेक्स अभी भी 200SMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे पता चलता है कि निकट अवधि का रुझान दबाव में बना हुआ है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,200 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट मौजूद है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टूटता है, तो इससे नई बिकवाली का दबाव बन सकता है, जिससे इंडेक्स 54,900 और 54,400 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 55,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,800

अहम सपोर्ट: 54,900, 54,400

रणनीति: बैंक निफ्टी अक्टूबर 54,900 PE को लगभग 400 रुपये पर खरीदें। इसमें 300 रुपये का स्टॉप-लॉस और 560 रुपये का टारगेट रखें।

 

Trading Plan: बाजार का टेक्निकल ढ़ाचा अभी की कमजोर, एक्सपर्ट से जानें निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे बनेगा पैसा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: जब तक निफ्टी 22480 के लेवल को बनाए रखता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के सेशन में यह देखना अहम होगा कि पिछले सेशन में दिखी तेजी बनी रहती है या नहीं। हालांकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है,लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती के संकेत दिखे हैं। अगर निफ्टी अपने 10 डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) यानी 22,600 के इमीडिएट सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहता है तो कुछ कंसोलिडेशन की संभावना के बावजूद यह 22,800 और फिर 23,000 के लेवल तक जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स 22600 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ऐसे में 22,300–22,200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

बैंक निफ्टी को भी सेलिंग प्रेशर से बचने के लिए 55,400 और 55,100 पर सपोर्ट बनाए रखने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए ऊपर की तरफ, 56,100 और 56,500 पर रेजिस्टेंस है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ आशीष क्याल का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी की वजह से बाजार में फिर से खरीदारी लौटी। दोपहर में आई तेजी की एक मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान था,जिससे इनकी समीक्षा की उम्मीद जगी। इस पॉजिटिव माहौल को और सपोर्ट देते हुए, HCLTech और TCS के शानदार तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह इंडेक्स की रिकवरी में अहम योगदान देने वाला सेक्टर बन गया।

डेली चार्ट पर चल रही गिरावट के बाद आई थोड़ी रिकवरी (पुलबैक) के ‘डायमेट्रिक पैटर्न’ की ‘वेव F’ के रूप में जारी रहने की उम्मीद है। लगातार चार सेशन के बाद,निफ्टी आखिरकार पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ,जो चल रही गिरावट में कुछ समय के लिए विराम का संकेत है। कम समय के फ्रेम में, निफ्टी अहम POC (पॉइंट ऑफ़ कंट्रोल) वॉल्यूम प्रोफ़ाइल एरिया से ऊपर चला गया है,जो एक अच्छा संकेत है। इसके आधार पर सपोर्ट लेवल 22,620 (फ्यूचर्स) के आस-पास है, जो लगभग 22,480 स्पॉट लेवल के बराबर है।

निफ्टी निचले स्तरों से वापसी (पुलबैक) दिखा रहा है। फिलहाल, जब तक निफ्टी 22,480 के निचले स्तर को बनाए रखता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (buy on dips) का ट्रेंड है और टारगेट 22,820 है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,820

अहम सपोर्ट: 22,480

स्ट्रेटेजी: अगर निफ्टी फ्यूचर्स 22,630 से 22,650 की ओर बढ़ता है और वहां से वापस घूमता है (रिवर्स होता है), तो 22,520 के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी करें। इसके लिए टारगेट 22,730-22,760 और उसके बाद 22,820 होंगे।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी एक हफ्ते से ज़्यादा समय से 54,200–55,400 की सीमित रेंज में बना हुआ था। पिछले सेशन में इंडेक्स आखिरकार इस रेंज से ऊपर निकला और 31 अगस्त के बाद पहली बार डेली चार्ट पर मिडिल बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद हुआ,जो शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में हाल की रिकवरी रैली में प्राइवेट बैंकों का अहम योगदान रहा है और इनमें लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंकों की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा,इंडेक्स ने पिछले 3 सेशन से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ने का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी अपने कंसोलिडेशन रेंज के ऊपर बंद हुआ है,लेकिन लगातार ब्रेकआउट की पुष्टि के लिए और खरीदारी की ज़रूरत है। इसमें 55,770 और उससे ऊपर तक की चाल देखी जा सकती है। नीचे की तरफ,55,000 तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस अपनी पिछली रेंज में जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,030

अहम सपोर्ट: 55,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,600 के ऊपर लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 55,400 और टारगेट 55,800 उसके बाद 56,030 होगा।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, इंट्राडे में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Strategy : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। सुबह करीब 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 601 अंक यानी 0.84% चढ़कर 72,194 पर और निफ्टी 197 अंक यानी 0.88% बढ़कर 22,428 पर पहुंच गया था। IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.86% की तेजी दिख रही है। जबकि प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी और मीडिया इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। मिडकैप शेयरों में लगभग 1% की बढ़त हुई है। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली गिरावट आई है। एनर्जी,ऑयल एंड गैस और फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 4.06% गिर गया है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

निफ्टी पर रणनीति

आज बाजार में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 22361-22440 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22513-22571/22610 पर है। इसके लिए पहला बेस 22110-22080 पर और बड़ा बेस 21866/21945-22010 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54921-55080 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55304-55434/55610 पर है। इसके लिए पहला बेस 54330-54431 पर और बड़ा बेस 54040-54212 पर है।

सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल की निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22,150-22,200 पर और बड़ा सपोर्ट 22,000-22,050 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 22,350-22,400 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22,450-22,500 पर है। 22,400-22,450 के रिजेक्शन पर बेचें, 22,500 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 22,150-22,200 होल्ड करे तभी खरीदें, 22,100 का सख्त SL लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 54,300-54,500 पर और बड़ा सपोर्ट 54,000-54,200 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 54,800-55,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,500 पर है। 54,800-55,000 के रिजेक्शन पर बेचें, 55,100 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 54,300-54,500 होल्ड करे तभी खरीदें, 54,100 का सख्त SL लगाएं।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्र के फ्यूचर्स में 80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, नेस्ले के फ्यूचर्स में इनकी 1290 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1360 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Ideas: 9 अक्टूबर को भारती हेक्साकॉम, NTPC ग्रीन एनर्जी, लेमन ट्री होटल्स, हेक्सावेयर और V-मार्ट रिटेल में कैसे करें ट्रेड?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : JM फाइनेंशियल के जय मेहता से जानें, क्या भारी बिकवाली के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में हो सकती है रिकवरी

Trading Plan : कल के सेशन में सभी सेक्टर में आई गिरावट और जबरदस्त बिकवाली के बाद,मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो सकती है। हालांकि,मार्केट को लेकर सतर्क या नेगेटिव नजरिया दिख रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि रिकवरी कितनी देर तक टिक पाती है। निफ्टी को 22,350-22,500 के जोन में पहले और उसके बाद 22600-22800 की रेंज में बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। नीचे की तरफ,गुरुवार का निचला स्तर सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी की गिरावट 22000 की ओर बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह 55,000-55,600 के जोन की ओर वापसी कर सकता है। अगर यह लगातार 55,600 के ऊपर लगातार बना रहता है,तो बुल्स फिर से एक्टिव हो सकते हैं। बाजार जानकारों की राय है कि तब तक इंडेक्स एक दायरे में रह सकता है। इसे गुरुवार के निचले स्तर पर पहला सपोर्ट मिल सकता है और उसके बाद 54,000 और 53,700 पर बड़े सपोर्ट मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

JM फाइनेंशियल सर्विसेज़ में टेक्निकल रिसर्च हेड जय मेहता का कहना है कि 1 अक्टूबर को निफ़्टी को 22,217 के आसपास सपोर्ट मिला। इस हफ्ते की शुरुआत में कुछ सकारात्मक संकेत दिखे थे,लेकिन हाल के सेशन में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और इंट्राडे में 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई। कुल मिलाकर स्थिति मंदी वाली बनी हुई है। अगस्त सीरीज़ की शुरुआत से ही ‘लोअर लो’ और ‘लोअर हाई’ का ट्रेंड जारी है। निफ्टी ने 22,179 के आसपास नया 52-हफ्ते का निचला स्तर (लो) बनाया है।

निफ्टी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। इंडिया VIX तेजी से (लगभग 10 प्रतिशत) बढ़कर 15.27 पर पहुंच गया। निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22180–22000 के जोन में है। RSI नए निचले स्तर (lower lows) नहीं बना रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि 22000 ±50 पॉइंट्स के आसपास सबसे नजदीकी सपोर्ट मिल सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है तो गिरावट 21700 और आगे 21560 तक बढ़ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,500 पर पहला रेजिस्टेंस है और उसके बाद 22,800 पर एक मज़बूत रेजिस्टेंस है। जब तक ये लेवल नहीं टूटते तब तक मार्केट का रुख मंदी वाला रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 22,500, 22,800, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,180, 22,000, 21,560

रणनीति:जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे बना हुआ है,तब तक उछाल पर बेचें। अगर निफ्टी फ्यूचर्स लगातार 22,000 के नीचे बना रहता है तो नई शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है,जिसमें 21,700 और 21,560 का लक्ष्य रखा जा सकता है।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय मेहता का कहना है कि Nifty 50 के मुकाबले Bank Nifty ने ज्यादा मजबूती दिखाई है। इसने 29 सितंबर को 53,800 के आसपास एक निचला स्तर बनाया और तब से ज्यादातर एक ही दायरे में बना हुआ है। यहां तक कि 1 अक्टूबर को,जब Nifty में तेज गिरावट आई, तब भी Bank Nifty मजबूती से टिका रहा। हाल के सेशन में जहां निफ्टी ने 52-वीक का नया निचला स्तर छुआ,वहीं बैंक निफ्टी अपने हालिया स्विंग लो से ऊपर बना रहा जो पॉज़िटिव रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाता है। कुल मिलाकर स्थिति अभी भी मंदी वाली (bearish) है,लेकिन जब तक इंडेक्स 53,750 के ऊपर बना रहता है, तब तक और कंसोलिडेशन की संभावना है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,700 पर मजबूत रेजिस्टेंस है। अगर यह लगातार 55,700 के ऊपर बना रहता है तो 56,200 और 56,700 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। वहीं,अगर यह 53,750 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 53,000 तक गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,700, 56,200, 56,700

अहम सपोर्ट: 54,120, 53,750, 53,000

स्ट्रेटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 53,750 और 55,700 के बीच रेंज ट्रेडिंग। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने पर,उस दिशा में 700–900 पॉइंट की चाल देखने को मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।