Silver Gold Price Today : एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में सोने-चांदी के भाव में नरमी, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Silver Gold Price Today : मंगलवार को एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.3% गिरकर 4,126.84 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा है। वहीं, दिसंबर की डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 4,146.00 डॉलर पर दिख रहा है।

निवेशकों का फोकस अब यूएस फेड की 27-28 अक्टूबर की नीति बैठक और अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स’ (PCE) डेटा पर है। यूएस फेड 2% महंगाई दर का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए वह इस डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है।

यूएस फेड ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में कर दिया था। CME के ​​’फेडवॉच टूल’ के मुताबिक ट्रेडर्स का मानना ​​है कि इस बात की 83% संभावना है कि केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते दरों में कोई खास बदलाव नहीं करेगा,जबकि दिसंबर में दरों के बढ़ने की उम्मीद 94% बनी हुई है।

इस बीच बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने कहा है कि रिटेल महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के काफी करीब है। ग्लोबल स्तर पर AI की भारी मांग और टाइट जॉब मार्केट के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिलते हैं।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे सोना (बुलियन) अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

जियोपोलिटिकल फ्रंट की बात करें तो यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं।

दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो, स्पॉट सिल्वर 0.7% गिरकर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, प्लैटिनम 1,639.65 डॉलर पर सपाट दिख रहा है। जबकि, पैलेडियम 0.7% गिरकर 1,112.08 डॉलर पर आ गया है।

एक्सपर्ट्स की राय

स्मॉलकेस मैनेजर और ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि अगले 2-3 के नजरिए से सोने को लेकर आम राय यही है कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। इस अवधि के दौरान महंगाई और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि,ये दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं।

विकास गुप्ता का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हो सकते हैं,लेकिन साथ ही ऐसे बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो उसी समय सोना बेचें,जिससे सोने की कीमतें नियंत्रण में बनी रह सकती है।

भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि,फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए,ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है,लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि भारत में दशहरा मनाया जा रहा है और इस समय 24-कैरेट सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले महीने यह अपने रिकॉर्ड हाई से 6% से ज्यादा नीचे आया है। इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है वह सोने के प्रति भारतीय परिवारों के लगाव में नहीं,बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है। भारतीय अपने त्योहारी बजट को तो स्टेबल रख रहे हैं,भले ही इसके लिए उन्हें कम वजन वाले आभूषण खरीदने पड़ें।

साथ ही लोग सोने के सिक्कों,बार और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में अधिक निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी खरीदारी अब केवल गहने खरीदने तक सीमित न रहकर, संपत्ति को सुरक्षित रखने के एक व्यवस्थित तरीके में बदल रही है। आगे चलकर, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों में बहुत तेज उछाल नहीं आने देंगी,जिससे निकट भविष्य में सोने की कीमत में 5% तक की उतार-चढ़ाव वाली रेंज बनी रहने की संभावना है। इस दशहरे पर,खरीदार कीमतों में आई हालिया गिरावट को किसी चेतावनी के रूप में नहीं, बल्कि खरीदारी शुरू करने के एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं।

 

 

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

 

 

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Ramayana Budget: यश ने ‘रामायणम्’ 4,000 करोड़ के बजट को किया कन्फर्म, एक्टर ने फैंस से की ये खास अपील

Ramayana Budget: बेंगलुरु में ‘रामायणम्’ के हालिया ट्रेलर लॉन्च इवेंट में यश ने इस फिल्म फ्रेंचाइजी के ₹4,000 करोड़ के चर्चित बजट पर बात की। इस आने वाली फिल्म में रावण का किरदार निभाने वाले यश, नमित मल्होत्रा ​​के साथ इसके प्रोड्यूसर भी हैं। इवेंट में यश ने कन्फर्म किया कि ‘रामायणम्’ के दोनों भागों का कुल बजट ₹4,000 करोड़ है।

बेंगलुरु में ‘रामायण’ के हालिया ट्रेलर लॉन्च इवेंट में यश ने इस फिल्म फ्रेंचाइजी के ₹4,000 करोड़ के चर्चित बजट पर बात की। इस आने वाली महाकाव्य फिल्म में रावण का किरदार निभाने वाले यश, नमित मल्होत्रा ​​के साथ मिलकर इसे प्रोड्यूस भी कर रहे हैं। इवेंट में यश ने कन्फर्म किया कि ‘रामायणम्’ के दोनों भागों का कुल बजट ₹4,000 करोड़ है।

यश ने कहा- “मुझे पता है कि सोशल मीडिया पर नमित का बयान वायरल हो गया था। भारत में एक समस्या है- लोगों को यह पसंद नहीं आता जब आप पूरे आत्मविश्वास के साथ बात करते हैं। नमित के बयान के साथ भी यही हुआ। लेकिन पश्चिमी देशों में इसका बिल्कुल उल्टा है। अगर आप उनसे बहुत विनम्र होकर कहें कि हमने एक अच्छी फिल्म बनाई है तो वे हमारी फिल्म को एक छोटा प्रोजेक्ट मानकर खारिज कर देंगे। इसीलिए नमित ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि यह फिल्म ₹4,000 करोड़ के बजट पर बन रही है। हमें ग्लोबल मार्केट के सामने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की ताकत साबित करनी है।”

उन्होंने आगे कहा- “रामायण दो भागों वाला प्रोजेक्ट है और दोनों फिल्मों का कुल बजट ₹4,000 करोड़ है। इस बजट में पोस्ट-प्रोडक्शन और प्रमोशन का खर्च भी शामिल है।”

‘आप गर्व के साथ रामायण के बारे में बात कर सकेंगे’

इस इवेंट में यश ने अपने फैंस को उनके लगातार सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया, भले ही उनकी आने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हो। उन्होंने फैंस को भरोसा दिलाया कि वे ‘रामायणम्’ में बेहतरीन काम करने की पूरी कोशिश करेंगे और कहा कि वे इस फिल्म के बारे में गर्व से बात कर सकेंगे।

अभिनेता ने ‘रामायणम्’ के पीछे की अपनी बड़ी सोच के बारे में भी बात की और बताया कि वे चाहते हैं कि यह फिल्म दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचे। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कर्नाटक के लोगों से अपनी आने वाली फिल्मों के लिए आशीर्वाद और सपोर्ट मांगा।

‘रामायण’ के बारे में

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा ​​के ‘प्राइम फोकस स्टूडियोज’ द्वारा निर्मित, ‘रामायण’ हिंदू महाकाव्य पर आधारित दो भागों वाली एक फिल्म है। इस बड़े प्रोजेक्ट में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में, यश रावण के रूप में और सनी देओल हनुमान के रूप में नजर आएंगे। फिल्म में रवि दुबे, अनुपम खेर, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेराय, कुणाल कपूर, आदिनाथ कोठारे, अरुण गोविल, इंदिरा कृष्णन और लारा दत्ता भी अहम भूमिकाओं में हैं।

रामायण का इंटरनेशनल ट्रेलर रिलीज, राम और रावण की दो दुनियाओं का दिखा महासंग्राम, रणबीर-यश के लुक ने जीता दिल

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मुंबई। भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म कही जा रही ‘रामायण’ ने ग्लोबल मार्केट में अपना दम दिखाना शुरू कर दिया है। डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस मेगा बजट फिल्म का इंटरनेशनल ट्रेलर गुरुवार को रिलीज कर दिया गया है।

ट्रेलर को बेंगलुरु में एक ग्रैंड इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रॉकिंग स्टार यश, रवि दुबे, म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान और डायरेक्टर नितेश तिवारी मौजूद रहे। फिल्म का ग्लोबल कैंपेन Sony Pictures Entertainment संभाल रही है।

राम vs रावण – दो दुनियाओं की झलक

इंटरनेशनल ट्रेलर की सबसे बड़ी खासियत है भगवान राम और रावण की बिल्कुल अलग दुनिया को दिखाना।

इस बार ट्रेलर का पूरा फोकस राम vs रावण के महायुद्ध पर है। ट्रेलर की शुरुआत होती है- “इतिहास लिखे जाने से पहले, इंसान देवताओं के साथ चलते थे और दुनिया में शांति थी।”

फिर एंट्री होती है यश उर्फ रावण की, जो बंजर जमीन पर तूफान के बीच चलता हुआ दिखता है। इसी में नया खुलासा हुआ है – कुणाल कपूर देवताओं के राजा इंद्र के रोल में हैं, जो अपने हाथी ऐरावत पर सवार होकर रावण से लड़ते हैं। रावण ऐरावत पर वार कर उसे गिरा देता है और दहाड़ता है-  मेरे सामने हर सिर झुकेगा।[“Before me, every head will bow”]

दूसरी तरफ रणबीर कपूर भगवान राम के अवतार में राक्षसों से लड़ते और चेतावनी देते दिखते हैं- “अगर मैंने उसे नहीं रोका तो दुनिया खत्म हो जाएगी।”

ट्रेलर में एक तरफ घने जंगल में धनुष पर बाण चढ़ाते हुए रणबीर कपूर का शांत और दिव्य लुक है, तो दूसरी तरफ लंका के भव्य महल में गिरे हुए योद्धाओं के बीच भाला लिए बैठे यश का खूंखार रावण अवतार।

मेकर्स ने इसके साथ दो सोलो पोस्टर भी जारी किए हैं। पहले पोस्टर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में तीर चलाने जा रहे हैं, पीछे से जंगल में सूरज की रोशनी आ रही है। दूसरे में यश रावण के रूप में युद्ध के बाद थके लेकिन अजेय योद्धा के रूप में दिख रहे हैं।

स्टारकास्ट और रिलीज डेट

फिल्म में रणबीर कपूर[Ranbir Kapoor] भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में हैं। फिल्म को 8 बार ऑस्कर जीत चुकी VFX कंपनी DNEG ने तैयार किया है।

‘रामायण’ दो पार्ट में रिलीज होगी। पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 को आएगा। भारत में यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम 5 भाषाओं में रिलीज होगी और इसे IMAX में दिखाया जाएगा। भारत के बाहर Sony Pictures और हिंदी बेल्ट में धर्मा प्रोडक्शंस इसे डिस्ट्रीब्यूट करेगी

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

LTCG और STT पर FM सीतारमण का बड़ा इशारा! अगर कटौती हुई तो आपको कितना हो सकता है फायदा?

शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर चर्चा करने और विभिन्न पक्षकारों के सुझाव सुनने की बात कही है। वित्त मंत्री के इस रुख के बाद बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों या आगामी बजट में इन दोनों टैक्स दरों में कटौती या कुछ ढील देखने को मिल सकती है।

वर्तमान में कितना है यह टैक्स?

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स(LTCG): 23 जुलाई 2024 के बजट संशोधनों के बाद, भारतीय शेयर बाजार में 1 साल से अधिक समय तक शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड रखने पर मिलने वाले लाभ पर 12.5% की दर से LTCG टैक्स लगता है। इसमें सालाना ₹1.25 लाख तक की छूट मिलती है यानी ₹1.25 लाख से ऊपर के प्रॉफिट पर ही 12.5% टैक्स देना होता है।

सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स(STT): STT शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री पर लगने वाला एक प्रत्यक्ष कर है। शेयर डिलीवरी सेगमेंट में खरीद और बिक्री दोनों पर 0.1% एसटीटी लगता है, जबकि फ्यूचर्स में बिक्री पर 0.02% और ऑप्शंस प्रीमियम की बिक्री पर 0.1% लागू है।

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय निवेशक और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) दोनों ही LTCG टैक्स को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करते रहे हैं।

वित्त मंत्री ने कहा, कई मंत्रियों और हितधारकों ने यह मुद्दा भी उठाया है कि LTCG और STT दोनों टैक्स एक साथ चल रहे हैं, और भारत को इनमें से किसी एक को ही प्रमुखता से लागू करना चाहिए या दोनों में सामंजस्य बिठाना चाहिए। इसलिए इस विषय पर चर्चा होना स्वस्थ परंपरा है और मैं सभी पक्षों की राय ध्यान से सुनूंगी।’

कटौती की संभावना कितनी है?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चूंकि 2026 में अब तक FIIs की ओर से भारतीय बाजार से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिकवाली देखी गई है, ऐसे में विदेशी और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार LTCG की एग्जेम्पशन लिमिट ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करना या STT की दरों में आंशिक कटौती पर गंभीरता से विचार कर सकती है।

अगर टैक्स घटता है, तो किसको और कितना फायदा होगा?

अगर सरकार LTCG टैक्स रेट घटाती है या STT का दोहरा बोझ कम करती है, तो इसके ये बड़े फायदे होंगे:

रिटेल निवेशकों की जेब में अधिक मुनाफा: लॉन्ग टर्म टैक्स घटने या छूट की सीमा बढ़ने से आम निवेशक जो लंबे समय के लिए SIP या शेयरों में निवेश करते हैं, उन्हें अपनी कमाई पर कम टैक्स देना होगा।

विदेशी निवेशकों (FPIs) की वापसी: ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा के बीच विदेशी फंड्स भारत में दोबारा भारी निवेश शुरू कर सकते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार को नई मजबूती मिलेगी।

ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट में कमी: अगर STT में कटौती की जाती है, तो रोजाना ट्रेडिंग करने वाले रिटेल व इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स की लागत घटेगी और बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

दोहरे टैक्स के दबाव से मुक्ति: वर्तमान में निवेशक को शेयर बेचने पर STT भी देना पड़ता है और साल के अंत में मुनाफे पर LTCG भी। यदि दोनों में से किसी एक को तार्किक बनाया जाता है, तो टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी और आसान होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: जब तक निफ्टी 22480 के लेवल को बनाए रखता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के सेशन में यह देखना अहम होगा कि पिछले सेशन में दिखी तेजी बनी रहती है या नहीं। हालांकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है,लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती के संकेत दिखे हैं। अगर निफ्टी अपने 10 डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) यानी 22,600 के इमीडिएट सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहता है तो कुछ कंसोलिडेशन की संभावना के बावजूद यह 22,800 और फिर 23,000 के लेवल तक जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स 22600 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ऐसे में 22,300–22,200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

बैंक निफ्टी को भी सेलिंग प्रेशर से बचने के लिए 55,400 और 55,100 पर सपोर्ट बनाए रखने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए ऊपर की तरफ, 56,100 और 56,500 पर रेजिस्टेंस है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ आशीष क्याल का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी की वजह से बाजार में फिर से खरीदारी लौटी। दोपहर में आई तेजी की एक मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान था,जिससे इनकी समीक्षा की उम्मीद जगी। इस पॉजिटिव माहौल को और सपोर्ट देते हुए, HCLTech और TCS के शानदार तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह इंडेक्स की रिकवरी में अहम योगदान देने वाला सेक्टर बन गया।

डेली चार्ट पर चल रही गिरावट के बाद आई थोड़ी रिकवरी (पुलबैक) के ‘डायमेट्रिक पैटर्न’ की ‘वेव F’ के रूप में जारी रहने की उम्मीद है। लगातार चार सेशन के बाद,निफ्टी आखिरकार पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ,जो चल रही गिरावट में कुछ समय के लिए विराम का संकेत है। कम समय के फ्रेम में, निफ्टी अहम POC (पॉइंट ऑफ़ कंट्रोल) वॉल्यूम प्रोफ़ाइल एरिया से ऊपर चला गया है,जो एक अच्छा संकेत है। इसके आधार पर सपोर्ट लेवल 22,620 (फ्यूचर्स) के आस-पास है, जो लगभग 22,480 स्पॉट लेवल के बराबर है।

निफ्टी निचले स्तरों से वापसी (पुलबैक) दिखा रहा है। फिलहाल, जब तक निफ्टी 22,480 के निचले स्तर को बनाए रखता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (buy on dips) का ट्रेंड है और टारगेट 22,820 है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,820

अहम सपोर्ट: 22,480

स्ट्रेटेजी: अगर निफ्टी फ्यूचर्स 22,630 से 22,650 की ओर बढ़ता है और वहां से वापस घूमता है (रिवर्स होता है), तो 22,520 के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी करें। इसके लिए टारगेट 22,730-22,760 और उसके बाद 22,820 होंगे।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी एक हफ्ते से ज़्यादा समय से 54,200–55,400 की सीमित रेंज में बना हुआ था। पिछले सेशन में इंडेक्स आखिरकार इस रेंज से ऊपर निकला और 31 अगस्त के बाद पहली बार डेली चार्ट पर मिडिल बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद हुआ,जो शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में हाल की रिकवरी रैली में प्राइवेट बैंकों का अहम योगदान रहा है और इनमें लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंकों की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा,इंडेक्स ने पिछले 3 सेशन से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ने का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी अपने कंसोलिडेशन रेंज के ऊपर बंद हुआ है,लेकिन लगातार ब्रेकआउट की पुष्टि के लिए और खरीदारी की ज़रूरत है। इसमें 55,770 और उससे ऊपर तक की चाल देखी जा सकती है। नीचे की तरफ,55,000 तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस अपनी पिछली रेंज में जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,030

अहम सपोर्ट: 55,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,600 के ऊपर लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 55,400 और टारगेट 55,800 उसके बाद 56,030 होगा।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold- Silver price: सोना ₹1.50 लाख के नीचे, चांदी हुई सस्ती, अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold- Silver price: घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि डॉलर के मज़बूत होने का असर कीमती धातुओं पर पड़ा। ग्लोबल मार्केट में, कॉमेक्स (Comex) पर सोने के फ़्यूचर्स $4,200 प्रति औंस के आस-पास ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी $60.50 प्रति औंस के आस-पास ट्रेड कर रही थी। घरेलू बाज़ार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ़्यूचर्स खबर लिखे जाने के समय ₹1,49,450 प्रति 10 ग्राम के आस-पास ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स ₹2,22,650 प्रति किलोग्राम के आस-पास ट्रेड कर रहे थे।

मज़बूत शुरुआत के बाद सोने में गिरावट

सोने के फ़्यूचर्स की शुरुआत तेज़ी के साथ हुई। MCX पर, बेंचमार्क दिसंबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹110 की बढ़त के साथ ₹1,49,653 प्रति 10 ग्राम पर खुला। पिछली क्लोजिंग ₹1,49,543 थी।

हालांकि, खबर लिखे जाने के समय, यह कॉन्ट्रैक्ट ₹73 की गिरावट के साथ ₹1,49,470 पर ट्रेड कर रहा था। सोने के फ़्यूचर्स ने इस साल की शुरुआत में ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था।

चांदी की चमक पड़ी फीकी

चांदी के फ़्यूचर्स भी मामूली बढ़त के साथ खुले। MCX पर, बेंचमार्क दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹28 की बढ़त के साथ ₹2,22,905 प्रति किलोग्राम पर खुला। पिछली क्लोजिंग ₹2,22,877 थी। खबर लिखे जाने के समय, यह कॉन्ट्रैक्ट ₹224 की गिरावट के साथ ₹2,22,653 पर ट्रेड कर रहा था।चांदी के फ़्यूचर्स ने इस साल की शुरुआत में ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था।

ग्लोबल मार्केट में सोना चढ़ा, चांदी में नरमी

इंटरनेशनल मार्केट में सोने के फ़्यूचर्स तेज़ी के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि चांदी में मामूली गिरावट थी।कॉमेक्स पर, सोना $4,195.50 प्रति औंस पर खुला। पिछली क्लोजिंग कीमत $4,190.60 थी। खबर लिखे जाने के समय, यह $15.10 की बढ़त के साथ $4,205.70 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। इस साल की शुरुआत में सोने की कीमतें $5,586.20 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।

कोमेक्स (Comex) सिल्वर फ्यूचर्स $60.55 प्रति औंस पर खुले। पिछली क्लोजिंग कीमत $60.51 थी। यह खबर लिखे जाने के समय, चांदी $0.03 गिरकर $60.48 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। इस साल की शुरुआत में चांदी की कीमतें $121.79 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं।

अब क्या बनाए निवेश ऱणनीति

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, तकनीकी रूप से सोने में नई बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। ओपन इंटरेस्ट 5.82 प्रतिशत बढ़कर 17,065 कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जबकि कीमतें ₹1,956 गिर गई। सोने को ₹1,48,605 पर सपोर्ट मिल सकता है, और उसके बाद ₹1,47,665 पर। रेजिस्टेंस ₹1,51,040 पर देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो सोना ₹1,52,535 की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, सपोर्ट से नीचे जाने पर गिरावट और गहरी हो सकती है। तकनीकी नजरिए से चांदी में भी नई बिकवाली का दबाव देखा जा रहा था। ओपन इंटरेस्ट 4.24 प्रतिशत बढ़कर 17,605 कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जबकि कीमतें ₹2,878 गिर गईं।

चांदी को ₹2,21,735 पर सपोर्ट मिल सकता है, और उसके बाद ₹2,20,585 पर। रेजिस्टेंस ₹2,24,950 पर देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो चांदी ₹2,27,015 की ओर बढ़ सकती है। सपोर्ट से नीचे जाने पर मौजूदा गिरावट का ट्रेंड और मजबूत हो सकता है।

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन भी चांदी गिरी, जानिए आपके आपने शहर का ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

लगातार तीसरे दिन अंबानी पर मस्क का निशाना

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने भारत के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी के ऊपर लगातार तीसरे दिन निशाना साधा। मस्क ने कहा कि उनकी कंपनी स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा देने का लाइसेंस मिल जाएगा तो इससे मुकेश अंबानी की कंपनी बंद नहीं हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सेटेलाइट के जरिए मिलने वाली स्टारलिंक की इंटरनेट सेवा की कीमतें भारत में काफी सस्ती होंगी।

भारत में मस्क की कंपनी की एंट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच मस्क ने कहा कि मार्केट में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से आखिरी फायदा भारतीय उपयोक्ताओं को ही होगा। उन्होंने कहा कि स्टारलिंक के आने से अंबानी का मुनाफा थोड़ा घट सकता है, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होगा। गौरतलब है कि जब से मुकेश अंबानी के साथ उनका विवाद सार्वजनिक हुआ तब से यह बताया जा रहा है कि स्टारलिंक की सर्विसेज बहुत महंगी हैं और भारत में लोग कीमत को लेकर बहुत संवेदनशील होते हैं।

गौरतलब है कि अपनी कंपनी को लाइसेंस मिलने में हो रही देरी के लिए मस्क रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को जिम्मेदारी बता रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। हाल ही में मस्क ने अपने एक पोस्ट में मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ लिखा था। इससे पहले एक पोस्ट में उन्होंने अंबानी को भारत का रियल बॉस बताया था। उन्होंने अपनी एक पोस्ट में कहा कि स्टारलिंक भारत के बिना इंटरनेट वाले इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचा सकता है। इससे दूरदराज के वंचित बच्चों को शिक्षा और छोटे कारोबारियों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंच मिलेगी।

Market View : बाजार का ढ़ांचा कमजोर, एक्सपर्ट्स जानिए अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Market View : ग्लोबल मार्केट में बिकवाली का असर भारतीय इक्विटी इंडेक्स पर भी पड़ा। US बॉन्ड यील्ड में तेजी और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर $102 प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के कारण बेंचमार्क निफ्टी 52-हफ्ते के नए निचले स्तर पर आ गया। FII द्वारा घरेलू शेयरों की भारी बिकवाली और RBI द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका से भी लोकल इन्वेस्टर्स में घबराहट है,क्योंकि ऊंची ब्याज दरों से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं पर बुरा असर पड़ेगा। इसके चलते 8 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई और निफ्टी 22,250 के स्तर से नीचे आ गया। सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44% गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64% गिरकर 22,231.80 पर आ गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाजार में आज भारी बिकवाली का दौर जारी रहा। RBI की सख़्त पॉलिसी का असर उन सेक्टर्स पर पड़ा जो ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं, जिससे शॉर्ट-टर्म वैल्यूएशन मल्टीपल्स में बदलाव आया। FII की लगातार निकासी,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपये की गिरती कीमत ने इस दबाव को और बढ़ा दिया।

इसके अलावा,कच्चे तेल की कीमतों में वोलैटिलिटी,जो लगातार $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं,देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। अच्छे हाई-फ़्रीक्वेंसी डेटा से मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था का पता चलता है, जबकि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना इक्विटी वैल्यूएशन को दबाए हुए है।

मार्जिन से जुड़ी चिंताओं और टैक्टिकल प्रॉफ़िट बुकिंग के बीच मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में सुस्ती रही। आगे बाज़ार का फोकस अब Q2 अर्निंग्स सीज़न पर है,जहां डिमांड की स्थिरता और इनपुट कॉस्ट को संभालने के बारे में मैनेजमेंट की कमेंट्री शॉर्ट-टर्म के लिए बाजार की दिशा तय करेंगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP-रिसर्च,अजीत मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और बाजार लगभग 1.5 फीसदी नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स ज्यादातर समय दबाव में रहे और अंत में दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुए। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो बिकवाली हर तरफ थी। मेटल, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई,जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसने कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

ब्रॉडर मार्केट में और भी तेज बिकवाली हुई इससे मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स 2% से ज्यादा गिरे। इससे साफ पता चलता है कि बाजार में जोखिम लेने से बचा जा रहा है और बाजार का दायरा (मार्केट ब्रेड्थ) कमजोर हो रहा है।

घरेलू और ग्लोबल मैक्रो चिंताओं का बाजार के सेंटीमेंट पर भारी असर रहा। RBI के रेपो रेट को 25 bps बढ़ाकर 5.50% करने और ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) की ओर रुख करने के फैसले से वित्तीय हालात के और सख्त होने की चिंता बढ़ गई है। साथ ही,भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत $102–103 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर चली गई। जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.3% के आसपास ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। TCS के तिमाही नतीजों से पहले सावधानी का माहौल और IT सेक्टर में घबराहट ने भी बाजार पर असर डाला।

तकनीकी तौर पर,मामूली सुधार (पुलबैक) के बाद निफ़्टी ने एक बार फिर अप्रैल 2026 के निचले स्तर 22,182.55 को टेस्ट किया है जो मौजूदा ढांचे में और कमजोरी का संकेत है। अगर यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो बाजार 21,700–22,000 के जोन की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ़,22,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और उसके बाद 22,700–22,800 अगला बड़ा रेजिस्टेंस हो सकता है। मौजूदा गिरावट के दौर में इंडेक्स के नए निचले स्तर बनाने और बाजार के दायरे में तेजी से गिरावट के कारण,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की ज़रूरत है।

बाजार में अपनी पोजीशन उसी हिसाब से बनानी चाहिए और हेज्ड अप्रोच (जोखिम कम करने वाला तरीका) अपनाना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि अर्निंग सीजन के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स में गिरावट जारी रही और यह पिछले सेशन के निचले स्तर से भी नीचे चला गया। पूरे सेशन के दौरान मंदड़ियों का दबदबा बना रहा और तेजड़ियों को कोई राहत नहीं मिली।

चाहे वह आवरली चार्ट हो या वीकली चार्ट, इंडेक्स क्रिटिकल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह लगातार बनी कमजोरी का संकेत है। हालात निराशाजनक लग रहे हैं और यह माहौल कुछ और दिनों तक ऐसा ही बना रह सकता है।

RSI बेयरिश क्रॉसओवर में है और ओवरसोल्ड जोन में बना हुआ है। निचले स्तर पर निफ्टी के लिए 22180 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है और यह 22000 के स्तर तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 22350 पर रेजिस्टेंस है।

 

Market Outlook : कमजोर नोट पर बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन गिरी, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: घरेलू बाजार में सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। बुधवार को दिल्ली में सोना 700 रुपये सस्ता हुआ। इसका भाव 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मंगलवार को यह 1,49,600 रुपये पर था।

24 कैरेट वाला सोना भी एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। 29 सितंबर को इसका भाव 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

कमजोर मांग का असर

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की मांग कमजोर रही। ऊपर से ग्लोबल मार्केट में भी संकेत अच्छे नहीं थे। इसका सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ा।

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके कारण क्रूड की कीमत फिर चढ़ी। इसका भी सोने पर दबाव पड़ा।

रुपये की कमजोरी ने संभाला

हालांकि, रुपये की कमजोरी ने सोने की कीमत को ज्यादा गिरने से रोक दिया। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 43 पैसे टूटकर 96.78 के स्तर पर बंद हुआ।

कमजोर रुपया आमतौर पर भारत में आयात होने वाले सोने को महंगा करता है। इसलिए घरेलू बाजार में सोने की गिरावट कुछ सीमित रही।

चांदी 2.27 लाख रुपये पर स्थिर

चांदी की कीमत में बुधवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है, जब चांदी 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है।

हालांकि, ग्लोबल मार्केट में चांदी की हालत कमजोर रही। इसकी कीमत 2.26% गिरकर 59.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यह करीब तीन महीने का निचला स्तर है। चांदी इससे पहले 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास थी।

ग्लोबल मार्केट में सोना भी दबाव में

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 47.42 डॉलर यानी 1.14% गिरकर 4,116.55 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ग्लोबल ट्रेड में सोना करीब 4,120 डॉलर के आसपास बना हुआ है।

मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर है। इससे आगे ब्याज दरों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

मजबूत डॉलर भी बना दबाव

डॉलर इस समय करीब 18 महीने के उच्च स्तर पर है। मजबूत डॉलर से सोने की कीमत पर दबाव बढ़ता है। दिसंबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 70% मानी जा रही है।

यानी फिलहाल सोने के लिए माहौल बहुत मजबूत नहीं दिख रहा। ग्लोबल ब्याज दरों और डॉलर की चाल आगे भी इसकी कीमत तय करने में अहम रहेगी।

RBI की दर बढ़ोतरी से भी बदला माहौल

इधर, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बुधवार को बड़ा फैसला लिया। RBI ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया। करीब चार साल में यह पहली बढ़ोतरी है।

RBI ने यह कदम बढ़ती महंगाई और कमजोर रुपये के बीच उठाया है। केंद्रीय बैंक ने आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

आगे 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी की उम्मीद

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की चीफ इकोनॉमिस्ट राधिका पिपलानी के मुताबिक, RBI ने अपना रुख न्यूट्रल से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।

उनका मानना है कि इस साइकिल में RBI कुल 75 बेसिस प्वाइंट तक दरें बढ़ा सकता है। इससे रेपो रेट 6.25% तक पहुंच सकता है। इसमें दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी भी शामिल है। बाजार इस बढ़ोतरी की काफी हद तक उम्मीद पहले से कर रहा है।

Bank of India ने लोन महंगा किया, दूसरे बैंक भी जल्द बढ़ा सकते हैं इंटरेस्ट रेट