UP-EDGE Project: योगी सरकार का पूर्वांचल पर मेगा प्लान! 28 जिलों की बदलने वाली है किस्मत, ₹2,500 करोड़ से होगा ये बदलाव

UP-EDGE Project: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। विश्व बैंक (World Bank) के सहयोग से ₹2,500 करोड़ की UP-EDGE प्रोजेक्ट प्रस्तावित की गई है। पांच साल तक चलने वाली इस परियोजना का मकसद पूर्वांचल के जिलों में स्थानीय क्षमता के आधार पर रोजगार, आय और निवेश के नए अवसर तैयार करना है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि वह पूर्वांचल क्षेत्र के 28 जिलों को समर्पित एक परियोजना शुरू करेगी।

इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों को निवेश, रोजगार, उद्यमिता और निर्यात के अवसरों में बदलना है। विश्व बैंक के सहयोग से शुरू की जाने वाली उत्तर प्रदेश सक्षम जिला-आधारित आर्थिक विकास (UP-EDGE) परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को भी मजबूत करेगी।

28 जिलों को मिलेगा फायदा

UP-EDGE यानी UP Enabling District-Led Economic Growth Project के तहत फिलहाल पूर्वांचल के 28 जिलों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बुंदेलखंड के सात जिलों को भी परियोजना में शामिल किए जाने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाना प्रस्तावित है।

बैठक में परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट यानी PPR को भारत सरकार को भेजने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्व बैंक के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में परियोजना के विभिन्न प्रस्तावित घटकों पर चर्चा की गई। इनमें प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (PPR) को भारत सरकार को भेजना भी शामिल है।

बुंदेलखंड के सात जिले शामिल

विश्व बैंक के प्रैक्टिस मैनेजर हून सोह, लीड इकोनॉमिस्ट ऑरेलियन क्रॉस, सीनियर इकोनॉमिस्ट विंसेंट बेलिंगा और सीनियर स्पेशलिस्ट नेहा गुप्ता के साथ हुई बैठक में बताया गया कि यूपी-एज प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 28 जिलों के लिए तैयार की गई है। बयान के मुताबिक, बुंदेलखंड के सात जिलों को भी इस परियोजना में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की अवधि पांच साल होगी।

पूर्वांचल में उत्तर प्रदेश की करीब 40% आबादी

बैठक में बताया गया कि पूर्वांचल में यूपी की करीब 40 प्रतिशत आबादी रहती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इस क्षेत्र का योगदान लगभग 27.6 प्रतिशत है। क्षेत्र की प्रति व्यक्ति आय राज्य के औसत से करीब 45 फीसदी कम है। लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल कृषि क्षेत्र से जुड़ा है। ऐसे में यह परियोजना जिलों की जरूरतों और स्थानीय संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करेगी।

कृषि के साथ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल में विकास की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने जिलेवार बड़े निवेश प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। सरकार के मुताबिक, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। सीएम योगी ने कृषि के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की भूमिका बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर भी जोर दिया।

इस प्रोजेक्ट के तहत करीब एक लाख नए उद्यम विकसित करने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल जिलों जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर विकसित किए जाएंगे। वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में कौशल विकास और ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और स्वास्थ्य पर्यटन की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।

ODOP को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)’ समेत अन्य स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बेहतर बाजार व्यवस्था और वैश्विक पहुंच के जरिए इन उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। UP-EDGE प्रोजेक्ट के जरिए सरकार का फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित रखने के बजाय जिले की स्थानीय आर्थिक क्षमता के हिसाब से विकास मॉडल तैयार करने पर है। प्रोजेक्ट के अगले चरण में प्रस्तावित PPR को केंद्र सरकार के समक्ष भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पूर्वांचल में विकास की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और आर्थिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए जिलेवार बड़े निवेश परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”

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उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के विकास में कृषि के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र की भूमिका भी बढ़ानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजारों से जोड़कर निर्यात के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। आदित्यनाथ ने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और अन्य स्थानीय उत्पादों को नए बाजार तंत्र से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

Trading Plan: निफ्टी 23500 के लेवल को फिर से हासिल करने की कर सकता है कोशिश, जानिए इंडेक्स में क्या ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार के संकेतों और तेल की कीमतों में और नरमी के साथ बेंचमार्क निफ्टी आने वाले सेशन में 23,500 के जोन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है। इसके बाद, 23600 पर एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर जाकर टिकता है तो 23,800 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 23,300–23,200 पर है और उसके बाद 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके 56,800–57,000 के दायरे की ओर बढ़ने की उम्मीद है। अगर यह इस दायरे से ऊपर बढ़ता है तो 57,500–58,000 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक 56,000 का स्तर इसके लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा और इसके बाद 55,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल होगा।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ़ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बावजूद निफ़्टी पिछले ट्रेडिंग हफ़्ते में 23,000 के लेवल से काफी ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जो यह दिखाता है कि यह एक बहुत अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। ऊपर की तरफ,23,600 पर तत्काल रेजिस्टेंस है। उसके बाद 23,800 के लेवल पर बड़ा रेजिस्टेंस है। इसलिए, निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 23,600–23,200 है। जबकि बड़ी रेंज 23,000–23,800 है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो इस वीकली एक्सपायरी के लिए 23,400 और 23,300 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। कॉल साइड पर वीकली एक्सपायरी के लिए 23,500 पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है।

वीकली PCR 1.46 है,जो ओवरबॉट स्थिति के करीब है। इसलिए,अगर यह 23,500 के ऊपर बंद होता है तो इसमें और तेज़ी आ सकती है। वरना,इंडेक्स में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।

इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है। हालांकि,ट्रेंड में पूरी तरह बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। इसलिए,इस बात की और पुष्टि की जरूरत है कि कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं। जब तक ऐसा नहीं होता,इंडेक्स के साइडवेज या नेगेटिव रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,800

अहम सपोर्ट: 23,200, 23,000

स्ट्रैटेजी: 23,600 के ऊपर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,500 के नीचे स्टॉप-लॉस और 23,800 का टारगेट रखें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि बैंक निफ्टी में 57,000 के स्ट्राइक पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट जमा था और अब यह उससे काफी नीचे ट्रेड कर रहा है,जो कमजोरी का संकेत है। यह क्लोजिंग बेसिस पर 56,000 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा है। हालांकि और मजबूती पाने के लिए 57,000 के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट की जरूरत है,जो इंडेक्स को हाल की ऑल-टाइम रेजिस्टेंस यानी 58,500 के स्तर तक ले जा सकता है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो कॉल साइड पर 57,000–58,000 के लेवल पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट है। इंडेक्स के लिए इन लेवल्स को आसानी से पार करना और उनके ऊपर बंद होना मुश्किल लग रहा है। पुट साइड पर 56,000 का लेवल आखिरी उम्मीद है,क्योंकि अभी के हिसाब से सबसे ज़्यादा पुट बेस यहीं है। इस लेवल के नीचे कोई बड़ा सपोर्ट नहीं है और इंडेक्स तेज़ी से 55,000–54,000 की तरफ गिर सकता है। PCR 0.97 पर है,जो न्यूट्रल है। इसलिए यहां से यह एक्सपायरी साइडवेज से नेगेटिव रह सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,000, 58,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,000

स्ट्रैटेजी: 57,000 के आस-पास बढ़त पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,500 के ऊपर और टारगेट 56,000 रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोना ₹200 गिरा

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। मजबूत रुपये और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच सोना ₹200 गिरकर ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

शुक्रवार को 24 कैरेट वाला सोना ₹1,56,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत ₹5,000 घटकर ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2.47 लाख प्रति किलो पर थी।

ग्लोबल बाजार में भी दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने-चांदी पर इस समय कई तरह के दबाव हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख और महंगाई की चिंता से बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत बने हुए हैं।

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग को सपोर्ट मिल रहा है।

ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 24.75 डॉलर यानी 0.57% गिरकर 4,353.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 66.27 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही।

मजबूत रुपये का भी असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, रुपये में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 95.81 पर पहुंच गया। शेयर बाजार में तेजी का भी कीमती धातुओं पर असर पड़ा।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना फिलहाल 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे सत्र गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद भी सोने पर असर डाल रही है।

गौरव गर्ग के मुताबिक, WTI क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। निवेशक सऊदी अरब से तेल की सप्लाई सामान्य होने की संभावना पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में हमले और सप्लाई में रुकावट अभी भी बड़ा जोखिम बने हुए हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Market Insight : अगले दो साल बाजार के लिए रहेंगे शानदार, बैंकिंग और फार्मा शेयर जोरदार तेजी के लिए तैयार

Market Insight : मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए वैलेंटिस एडवाइजर्स (Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि हाल के दिनों में स्टॉक मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। बाजार दो तरफा रहा है। लार्ज कैप इन्वेस्टर्स है को तो रिटर्न नहीं मिला है। लेकिन स्माल कैप और मिड कैप इन्वेस्टर्स के लिए बाजार बहुत अच्छा रहा है। अगर पिछले 6 महीनों पर नजर डालें तो स्माल कैप में करीब 25% की तेजी आई है। वहीं, लार्ज कैप फ्लैट रहा है। कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। जून तिमाही के नतीजे काफी अच्छे थे। लार्ज कैप में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले। स्मॉल और मिड कैप में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। स्मॉल और मिड कैप में करीब 20 से 25 फीसदी ग्रोथ रही।

इकोनॉमी में अर्निंग्स ग्रोथ हो रही है। अनुमान है अगले दो साल में लार्ज कैप में भी 12-13% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं स्मॉल और मिड कैप में 18 से 20% ग्रोथ हो सकता है। ऐसे में अगले दो साल मार्केट के लिए अच्छे रहने चाहिए। दो साल तक बाजार कंसोलिडेट हुआ। पिछले दो साल में लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप में कहीं पैसा नहीं बना। लेकिन अगला 2 साल बेटर रहेगा।

लेकिन छोटी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले दो-तीन महीने में बाजार में बॉन्ड डील का बहुत ज्यादा रिस्क रहेगा। बाजार बहुत हद तक कच्चे तेल से लिंक्ड है। अगर ईरान और यूएस का कोई समझौता हो जाता है और है और कच्चा तेल गिर जाता है तो फिर इनफ्लेशन वापस नीचे आ सकता है। इससे बॉन्ड ईल्ड में जो बड़ा स्पाइक देखने मिला है वह थम सकता है। कल रात को यूएस से कुछ अच्छे संकेत आए। अगर अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत वापस चालू हो जाती है तो यह बाजार के लिए अच्छा रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि अगले दो-चार क्वार्टर में भी कॉर्पोरेट नतीजे अच्छे आने चाहिए और उसके कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिलेगा। हम ग्लोबल मार्केट के असर से पूरी तरह अछूते तो नहीं रह सकते। तो जब ग्लोबल मार्केट में करेक्शन आएगा तब भारत में भी करेक्शन आएगा। लेकिन यह करेक्शन दूसरे बाजारों की तुलना में कम रह सकता है। इसकी वजह ये है कि पिछले दो साल में भारत के बाजार ने दूसरे बाजारों की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में अब इसमें ग्लोबल मार्केट्स के हिसाब से शायद थोड़ा कम करेक्शन आएगा। आगे हमें बैंकिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग के नतीजे कमोबेश सपाट रहे थे। ग्रोथ कुछ नहीं आया था। अगले एक साल में इसमें ग्रोथ आएगी और इनको नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़त का फायदा मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में 15 से 17% के ग्रोथ का अनुमान है।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर भी आगे अच्छा कर सकता है। फार्मा अब तक बेस्ट अल्फा परफॉर्मर रहा है। इसमें आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इस सेक्टर में सीडीएमओ कंपनियां काफी अच्छी लग रही हैं। यहां पर अगले 4-5 सालों में 25 से 30% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर में यूएस जेनरिक्स पर फोकस करने वाली कंपनियां भी अच्छी लग रही हैं। अब अमेरिका में भाव में स्थिरता आ रही है। इस सेक्टर ने पिछले 5 साल में काफी खराब प्रदर्शन किया है। लेकिन अब यहां तेजी आ सकती है।

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले साल GST कट से ऑटो में तेजी बढ़ी थी। अगले एक साल में ऑटो वॉल्यूम में नरमी संभव है। ब्याज दरें और कच्चे माल का भाव बढ़ने से ऑटो पर असर पड़ेगा।

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Petrol Diesel Price Hike: क्या ₹10-₹15 महंगा होगा पेट्रोल? 7 पॉइंट्स में समझिए ट्रंप के नए 100% टैरिफ प्लान का पूरा गणित

US Sanctions India Petrol Price: अमेरिकी संसद ने रूस पर कड़े प्रतिबंधों वाले बिल को पास कर दिया है। यह राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। अब सबसे बड़ा सवाल आम आदमी के मन में यह है कि क्या इस फैसले के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे?

अगर भारत रूसी सस्ता क्रूड ऑयल खरीदना बंद करता है या अमेरिका बैन लगाता है, तो पेट्रोल की कीमतें अचानक किसी एक झटके में नहीं बढ़ेंगी। इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत विकल्प के तौर पर कहां से तेल खरीदता है, ग्लोबल क्रूड के दाम क्या रहते हैं और सरकार-तेल कंपनियां टैक्स में कितनी राहत देती हैं। इन 7 पॉइंट्स में समझिए आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा।

1. भारत आखिर कितना रूसी तेल खरीदता है?

साल 2022 के बाद से रूस भारत के लिए सस्ते कच्चे तेल का सबसे बड़ा स्रोत बन गया। वित्तीय वर्ष 2026 में भारत ने $40.8 अरब डॉलर का रूसी तेल आयात किया, जो कुल कच्चे तेल आयात का 30.3% था। जुलाई 2026 तक भारत के कुल तेल आयात में अकेले रूस की हिस्सेदारी 51% पहुंच गई थी। भारत अपनी जरूरत का 88% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अगर रूसी सप्लाई रुकती है, तो भारत को बहुत बड़े पैमाने पर नया सप्लायर ढूंढना होगा।

2. क्या रूसी तेल बंद होते ही तुरंत महंगा हो जाएगा पेट्रोल?

जरूरी नहीं कि तुरंत ऐसा हो, और न ही यह गणित सीधा काम करता है।अगर भारतीय रिफाइनरियां (IOC, BPCL, HPCL) रूस से तेल खरीदना बंद करती हैं, तो वे मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और अमेरिका से क्रूड खरीद सकती हैं। पहले रूस $10 प्रति बैरल से ज्यादा का डिस्काउंट दे रहा था। हालांकि, मिड-2026 में रूस के ‘उराल्स’ क्रूड पर डिस्काउंट घटकर सिर्फ $1 से $2 प्रति बैरल रह गया है। यानी डिस्काउंट पहले से ही काफी कम हो चुका है, इसलिए रूसी तेल बंद होने का झटका उतना भयानक नहीं होगा जितना साल-दो साल पहले होता।

3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें है सबसे बड़ा खतरा

असली चुनौती भारत के रिफाइनरों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए होगी। अगर अमेरिकी बैन के कारण रूसी क्रूड इंटरनेशनल मार्केट से बाहर हो जाता है, तो ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत हो जाएगी। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनावों और सप्लाई में आ रही रुकावटों के कारण ब्रेंट क्रूड का भाव $105 प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है। जब दुनिया में तेल की सप्लाई घटेगी, तो कच्चे तेल के दाम सभी के लिए बढ़ जाएंगे।

4. भारत दूसरा तेल ढूंढ तो लेगा, लेकिन ‘कीमत’ चुकानी होगी

भारत के पास सऊदी अरब, यूएई, इराक और अफ्रीकी देशों से तेल खरीदने का पुराना अनुभव है। लेकिन सप्लायर बदलना सिर्फ एक नया टैंकर भेजने जितना आसान नहीं होता। हर रिफाइनरी का स्ट्रक्चर खास तरह के कच्चे तेल के लिए डिजाइन होता है।साथ ही अचानक जब भारत और अन्य देश नए विकल्पों की ओर भागेंगे, तो बाजार में प्रीमियम और माल भाड़ा काफी बढ़ जाएगा, जिससे क्रूड एक्विजिशन कॉस्ट महंगी हो जाएगी जिसका सीधा असर अंततः ग्राहकों पर ही पड़ेगा।

5. भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल के दाम पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें कई लेयर शामिल होती हैं।

पेट्रोल पंप की अंतिम कीमत = कच्चे तेल की लागत + रिफाइनिंग खर्च + भाड़ा + डीलर कमीशन + केंद्र की एक्साइज ड्यूटी + राज्यों का वैट (VAT)

पेट्रोल-डीजल जीएसटी से बाहर हैं। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेकाबू होता है, केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाकर और तेल कंपनियां अपने मार्जिन को एडजस्ट करके आम जनता को सीधी महंगाई से बचाती हैं। जैसा मार्च 2026 में क्रूड $122 पहुंचने पर ₹10/लीटर एक्साइज घटाकर किया गया था।

6. तो आखिर कितने रुपये बढ़ सकते हैं पेट्रोल के दाम?

इसका कोई एक तय आंकड़ा जैसे ₹10 या ₹20 नहीं दिया जा सकता। यह इन 3 संभावित स्थितियों पर निर्भर करेगा:

सिचुएशन 1 (सामान्य हालात): भारत रूस के बजाय दूसरे देशों से तेल खरीदता है और ग्लोबल सप्लाई सामान्य रहती है। इसका असर ये होगा कि तेल कंपनियों की लागत थोड़ी बढ़ेगी, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम पर इसका असर ना के बराबर या बहुत मामूली होगा।

सिचुएशन 2 (रूस की सप्लाई पूरी ठप): अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूसी तेल रुकने से ब्रेंट क्रूड तेजी से महंगा होता है। इससे रिफाइनरियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल ₹2 से ₹5 तक महंगे हो सकते हैं।

सिचुएशन 3 (रूस बैन + मिडिल ईस्ट संकट): अगर रूस के तेल पर रोक के साथ-साथ खाड़ी देशों में युद्ध/तनाव से सप्लाई ठप हो जाए। यह सबसे चिंताजनक स्थिति होगी। सरकार के लिए पुरानी दरों पर पेट्रोल बेचना मुश्किल हो जाएगा और कीमतों में बड़ा इजाफा देखना पड़ सकता है।

7. अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर पेट्रोल पर नहीं, एक्सपोर्ट पर होगा

यह बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को शक्ति देता है, यह अपने आप भारत पर 100% ड्यूटी लागू नहीं करता। वैसे अगर अमेरिका 100% टैरिफ लगाता है, तो इसका असर भारत के पेट्रोल पंप पर नहीं, बल्कि अमेरिका जाने वाले भारतीय एक्सपोर्ट्स (कपड़ा, आईटी, जेम्स, दवाइयां) पर पड़ेगा। इससे भारतीय रुपया कमजोर होगा और घूम-फिरकर भारत के आयात बिल पर दबाव बनाएगा।

भारत के सामने दोहरी चुनौती

भारत के सामने इस समय दो बड़े जोखिम ऑयल शॉक और ट्रेड शॉक खड़े हैं। सस्ता रूसी तेल छोड़ें, महंगा विकल्प चुनें और पेट्रोल-डीजल महंगा होने का खतरा झेलें। या फिर रूस से तेल खरीदना जारी रखें, अमेरिका के 100% टैरिफ का सामना करें और अपने एक्सपोर्ट सेक्टर को नुकसान पहुंचाएं।

फिलहाल, ग्राहकों को तुरंत पैनिक होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार और तेल विपणन कंपनियां (OMCs) वैश्विक उथल-पुथल के बीच कीमतों को स्थिर रखने का पूरा प्रयास करेंगी।

GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹23,000 में Samsung का नया फोन लॉन्च! मिलेगा 6,000mAh बैटरी और MediaTek Helio G99 प्रोसेसर

दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी Samsung ने चुपचाप कुछ ग्लोबल मार्केट में अपना नया एंट्री-लेवल स्मार्टफोन Samsung Galaxy A08 लॉन्च कर दिया है। यह नया स्मार्टफोन अभी कंपनी की वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है और इसे सिर्फ एक ही RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। यह फोन तीन अलग-अलग कलर ऑप्शन में आता है।

Samsung Galaxy A08 में ऑक्टा-कोर MediaTek Helio चिपसेट दिया गया है, जिसकी पीक क्लॉक स्पीड 2.2GHz है। फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का मेन कैमरा है। इसमें 6,000mAh की बैटरी और 6.7-इंच का LCD टचस्क्रीन दिया गया है।

Samsung Galaxy A08 की कीमत और उपलब्धता

Samsung Galaxy A08 की कीमत UAH 10,699 (लगभग 23,000 रुपये) रखी गई है। यह कीमत फोन के 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले एकमात्र वेरिएंट की है। नया स्मार्टफोन फिलहाल Samsung Ukraine ऑनलाइन स्टोर के जरिए खरीदा जा सकता है।

Samsung Galaxy A08 को तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इनमें Dark Blue, Green और Silver कलर शामिल हैं।

Samsung Galaxy A08 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Samsung Galaxy A08 एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है, जो Android 16 पर आधारित One UI 8 पर चलता है। कंपनी ने इस हैंडसेट के लिए 2032 तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट देने का वादा किया है। Galaxy A08 में 6.7-इंच का HD+ (720 x 1,600 पिक्सल) PLS LCD टचस्क्रीन है, जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट और 16 मिलियन कलर्स देता है।

इसके अलावा, फोन में ऑक्टा-कोर MediaTek Helio G99 चिपसेट दिया गया है। यह 6nm प्रोसेस पर बना है और इसमें छह एफिशिएंसी कोर (2.0GHz पर क्लॉक किए गए) और दो परफॉर्मेंस कोर हैं, जो 2.2GHz की पीक क्लॉक स्पीड देते हैं। Galaxy A08 में 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज भी है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy A08 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP (f/1.8) का मेन कैमरा है जो ऑटोफोकस और 10x तक डिजिटल जूम की सुविधा देता है। इसमें f/2.4 अपर्चर वाला 2MP का सेकेंडरी कैमरा भी है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए स्मार्टफोन के फ्रंट में 8MP (f/2.0) का कैमरा दिया गया है। यह फोन 120 fps तक HD वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है।

Samsung Galaxy A08 में 6,000mAh की बैटरी दी गई है। कनेक्टिविटी के लिए फोन में 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth 5.3, USB Type-C पोर्ट, GPS, BeiDou, Galileo और OZSS का सपोर्ट मिलता है।

सिक्योरिटी के लिए फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। इसके अलावा, इसमें एम्बिएंट लाइट सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर भी मिलते हैं। Samsung Galaxy A08 का डाइमेंशन 167.4×77.4x8mm है और इसका वजन करीब 197 ग्राम है।

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में मिलाजुला कारोबार

Stock Market Live Update:   बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, के संभलकर खुलने की उम्मीद है। ऐसा ग्लोबल मार्केट में मिले-जुले रुझानों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों व 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल (जो लगभग दो दशकों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है) के कारण निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ने की वजह से हो रहा है।

गिफ्ट निफ्टी के रुझान भी आज भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स, निफ्टी 50 और सेंसेक्स के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 23,221 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 3 अंक नीचे है।

बाज़ार के भागीदार आज बाद में आने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अहम पॉलिसी घोषणा पर नज़र रखेंगे। उम्मीद है कि FOMC ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा — जो तीन साल से अधिक समय में ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी होगी।

Stocks to Watch: 15 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 10 शेयर, टाटा ग्रुप और आईटी स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। HDFC Bank में MD और CEO की नियुक्ति को लेकर हलचल है। वहीं Tata Group, IT, फार्मा और ब्रोकिंग स्टॉक्स से जुड़े अहम अपडेट भी हैं। इन खबरों का असर मंगलवार को शेयरों की चाल पर दिख सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अगले MD और CEO की नियुक्ति को लेकर दो नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। इनमें एक इंटरनल और एक एक्सटर्नल उम्मीदवार है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad M Bharucha इंटरनल उम्मीदवारों में शामिल हैं, जबकि दूसरा नाम एक अन्य प्राइवेट बैंक के टॉप एग्जीक्यूटिव का है। HDFC Bank का ADR शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 6.5% चढ़ा।

Info Edge

इंटरनेट सर्विसेज कंपनी Info Edge ने लीडरशिप में बदलाव किया है। Adobe Systems India के पूर्व MD नरेश चंद गुप्ता को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है। हिमांशु अग्रवाल नए CFO होंगे। गुप्ता 1 अक्टूबर से पांच साल के लिए बोर्ड में शामिल होंगे, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि आंध्र प्रदेश स्थित उसके API मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का US FDA इंस्पेक्शन पूरा हो गया है। इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला। यह इंस्पेक्शन 7 से 11 सितंबर 2026 के बीच हुआ था।

Indiabulls

एनबीएफसी कंपनी Indiabulls ने Fintech Cloud Private Limited में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,050 करोड़ की डील की है। इस सौदे से कंपनी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री करेगी।

Raymond

टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग कंपनी Raymond ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एक डिफेंस कंपनी से नया कारोबार मिला है। इसकी सालाना संभावित वैल्यू करीब ₹33 करोड़ है। ऑर्डर में 300 से ज्यादा पार्ट नंबर और हर साल 37,000 से ज्यादा कंपोनेंट शामिल हैं।

HDFC Life Insurance

बीमा कंपनी HDFC Life Insurance पर जुलाई 2017 से मार्च 2022 की अवधि के लिए ₹942.18 करोड़ का GST डिमांड कन्फर्म हुआ है। इसके अलावा ₹2,422.97 करोड़ की पेनल्टी भी लगाई गई है। इस पर लागू ब्याज भी देना होगा।

Granules India

फार्मा कंपनी Granules India के प्रमोटर डॉ. कृष्ण प्रसाद चिगुरुपति ने 11 सितंबर को 1.72 करोड़ शेयर बेचे। यह बिक्री ब्लॉक और ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए हुई। इससे मिले फंड का इस्तेमाल प्रेफरेंशियल इश्यू की दूसरी किस्त और ग्रोथ प्लान के लिए किया जाएगा।

Jubilant Pharmova

फार्मा कंपनी Jubilant Pharmova ने बताया कि US FDA ने वॉशिंगटन के Spokane स्थित उसके CMO फैसिलिटी को “Voluntary Action Indicated” यानी VAI कैटेगरी में रखा है। यह फैसला 8 से 17 जून 2026 के बीच हुए इंस्पेक्शन के बाद आया है।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने बताया कि उसकी सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरिक दवा कीमतों से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में वादी के साथ समझौता किया है। इसमें Sun Pharmaceutical Industries Inc., Taro Pharmaceutical Industries और Taro Pharmaceuticals USA शामिल हैं। समझौते की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।

Coforge

आईटी सर्विसेज कंपनी Coforge में बोर्ड स्तर पर बदलाव हुआ है। डीके सिंह ने तत्काल प्रभाव से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Nomination and Remuneration Committee के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया है। Beth Boucher को NRC का नया चेयरपर्सन बनाया गया है।

Tata Group Stocks

केमिकल कंपनी Tata Chemicals समेत अन्य Tata Group Stocks पर फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक RBI ने Tata Sons की एप्लीकेशन खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि Tata Sons को RBI के नियमों के मुताबिक लिस्टिंग करनी होगी।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियां मंगलवार को फोकस में रहेंगी। OpenAI, Anthropic और चीन के सिक्योरिटी चीफ ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्लोबल मार्केट में ज्यादातर AI से जुड़े शेयरों में कमजोरी देखी गई।

Broking Stocks

स्टॉक एक्सचेंज BSE और ब्रोकिंग कंपनियां Angel One समेत अन्य ब्रोकिंग स्टॉक्स मंगलवार को फोकस में रह सकते हैं। SEBI के CAS से जुड़े कंसल्टेशन पेपर में पांच सुझाव दिए गए हैं। इनमें VWAP सिस्टम, CAS स्टॉक्स की नॉर्मल कैश ट्रेडिंग, लाइव इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू पर रोक और स्पूफिंग पर सख्ती जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। Jefferies के मुताबिक इन प्रस्तावों से अनिश्चितता कम होगी और ब्रोकर्स व एक्सचेंजों के लिए यह सकारात्मक है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।