Nifty Outlook: 21 अक्टूबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? क्रूड समेत ये बड़े फैक्टर करेंगे तय

Nifty Outlook: शेयर बाजार में जैसे ही रिकवरी की उम्मीद बनती है, कोई नई परेशानी सामने आ जाती है। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। AI से जुड़ी बिकवाली का दबाव कम हुआ था। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई थी। IT कंपनियों के मिले-जुले नतीजों से बाजार को संभलने की उम्मीद थी। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने फिर चिंता बढ़ा दी।

दशहरा की छुट्टी के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर को बाजार खुलेगा। इस बार उसके सामने महंगे तेल की चुनौती होगी। ब्रेंट क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसके अलावा, बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे भी आने शुरू होंगे। बाजार की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

इसी दिन Jio Platforms का IPO भी सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू को एंकर निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब देखना होगा कि रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशक इसमें कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं।

तिमाही नतीजों पर भी रहेगी नजर

कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करेंगे। सोमवार को Urban Company और Himadri Specialty Chemicals के नतीजों में मामूली कमी को भी निवेशकों ने पसंद नहीं किया। इसका असर दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के रूप में दिखा।

बुधवार को बाजार Bajaj Finance, L&T Technology Services, Hindustan Zinc, IREDA, Piramal Finance और Sobha समेत कई कंपनियों के तिमाही नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। इनके नतीजों सोमवार को बाजार बंद होने के बाद आए थे।

इसके अलावा Eternal, KEI Industries, M&M Finance, Mahindra Holidays, SRF और Vishal Mega Mart के नतीजे भी आने हैं। Indian Hotels और Aditya Birla Sun Life AMC के नतीजों पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Nifty के लिए 22,800 का स्तर अहम

Religare Broking के अजीत मिश्रा के मुताबिक, सोमवार की गिरावट के बाद Nifty अपने 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के करीब पहुंच गया है। यह स्तर 22,900 है। इसके नीचे 22,550 से 22,750 का दायरा अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। वहीं, बाजार में तेजी लौटने पर 23,200 से 23,300 के स्तर पर रुकावट आ सकती है।

HDFC Securities के विनय रजानी का कहना है कि बाजार में गिरावट के बावजूद तेजी से जुड़े इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी कमजोर नहीं पड़े हैं। उनके मुताबिक, Nifty के लिए 22,800 का स्तर अहम है। यहां 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA और पिछला स्विंग हाई, दोनों सपोर्ट दे रहे हैं।

विनय रजानी के मुताबिक, Nifty इस स्तर के आसपास संभलकर फिर तेजी पकड़ सकता है। हालांकि, अगर इंडेक्स 22,500 के नीचे चला जाता है, तो तेजी की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना होगा।

Bank Nifty में 55,500 का सपोर्ट अहम

Bank Nifty भी 55,500 के करीब बंद हुआ है। यह इसका अहम सपोर्ट स्तर है। अगर यहां से लगातार बिकवाली होती है, तो इंडेक्स 55,000 और फिर 54,500 तक गिर सकता है। वहीं, बाजार में रिकवरी होने पर 56,000 का स्तर पहली बड़ी चुनौती होगा।

LKP Securities के वत्सल भुवा के मुताबिक, सोमवार की गिरावट के बावजूद Bank Nifty अपने 20-दिन के मूविंग एवरेज और 55,200 के अहम सपोर्ट के ऊपर बंद हुआ। उनके अनुसार, तेजी की वापसी की पुष्टि तभी होगी, जब इंडेक्स लगातार 56,000 के ऊपर बंद होने लगेगा।

जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इस तेजी को गिरावट के बाद की रिकवरी के तौर पर ही देखना चाहिए। वत्सल भुवा ने यह भी कहा कि अगर इंडेक्स 55,000 के नीचे जाता है, तो निवेशकों को अपनी लॉन्ग पोजीशन पर दोबारा नजर डालनी करनी चाहिए।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, हिंदुस्तान जिंक से IREDA तक शामिल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4 वजहों से Sensex में 766 प्वाइंट्स की रिकवरी, 25 सितंबर के बाद Nifty फिर 23100 के पार

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी फिर 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। ब्रोडर लेवल पर भी तेज रिकवरी हुई है। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए फ्लैट हो गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी की गिरावट से रिकवर होते हुए ग्रीन जोन में पहुंच गया।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:39 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 398.14 प्वाइंट्स यानी 0.54% की बढ़त के साथ 74,713,75 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 131.35 प्वाइंट्स यानी 0.57% के उछाल के साथ 23,128.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आ गया।

Share Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

मार्केट में शुरुआती गिरावट का निवेशकों ने फायदा उठाते हुए खरीदारी की, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

IT Sector ने खींच लिया ऊपर

आईटी सेक्टर ने मार्केट को आज शानदार तरीके से सपोर्ट दिया और निफ्टी आईटी फिलहाल 3% से अधिक मजबूत है। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त है। निफ्टी मेटल तो 1% से अधिक ऊपर चढ़ गया और निफ्टी फार्मा भी ग्रीन है। हालांकि निफ्टी एफएमसीजी अभी भी आधे फीसदी कमजोर है।

कच्चे तेल में गिरावट

सैंक्शन लगे देशों से तेल की सप्लाई पर अमेरिकी प्रतिबंधों के ढील की संभावना पर कच्चा तेल नरम पड़ा, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर प्रति बैरल $105 के करीब आ गया।

टेक्निकल रीजन

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 22,900 के ऊपर है, मार्केट में तेजी की गुंजाइश रहेगी। बजाज ब्रोकरिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि निफ्टी अब 23000-23100 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 23500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं अगर इस रेजिस्टेंस के ऊपर निफ्टी टिक नहीं पाता है तो 22,500-23,100 की रेंज में कंसालिडेशन दिख सकता है। पबित्रों के मुताबिक जब तक निफ्टी 22,500 के पार है, नियर टर्म में इसमें पुलबैक रैली आ सकती है।

कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि इंट्रा-डे में मार्केट आउटलुक पॉजिटिव है और गिरावट पर खरीदारी तो रैली पर सेलिंग की स्ट्रैटेजी अपनाई जा सकती है। श्रीकांत का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए नीचे की तरफ 22,875/74,000 और 22,800/73,700 अहम सपोर्ट जोन हैं तो दूसरी तरफ ऊपर की तरफ 23,100–23,200/74,500–74,800 अहम रेजिस्टेंस एरिया हैं। हालांकि श्रीकांत का यह भी कहना है कि अगर मार्केट 22,800/73,700 के नीचे आता है तो सेंटिमेंट बदल सकता है और ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजिशन से बाहर निकल सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या बाजार मनाएगा आज गुड फ्राइडे का जश्न या मिलेगी निराशा, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद, GIFT निफ्टी एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है। हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में सुधार, वॉल स्ट्रीट में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दे सकती है। हालांकि, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार में सुधार के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 84 अंक या 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 23,072 पर कारोबार कर रहा था। यह गुरुवार को निफ्टी के 23,000 के स्तर के करीब बंद होने के बाद एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। पिछले सत्र में भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) उछलकर 74,315.61 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 374.65 अंक (1.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही

सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 2.5 प्रतिशत चढ़ा। इसने गुरुवार की उस गिरावट से उबरने में मदद की, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया के बाजार में 8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसका कारण यह चिंता है कि इंडोनेशिया को वैश्विक स्टॉक सूचकांकों से बाहर किया जा सकता है। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा; S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

निवेशकों के AI शेयरों से हटने के बीच वॉल स्ट्रीट में तेजी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए, निवेशकों ने अपना ध्यान हेल्थकेयर और कंज्यूमर शेयरों की ओर मोड़ा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कर्ज के स्तर को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.08 प्रतिशत बढ़कर 52,177.69 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,744.06 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर 26,713.03 पर पहुंच गया।

हेल्थकेयर शेयरों (जैसे एली लिली और यूनाइटेडहेल्थ) में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक बढ़ती उधारी लागत (borrowing costs) के बीच अपने निवेश पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे थे।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी, लेकिन अभी भी $105 के ऊपर

शुक्रवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक एक तरफ मध्य पूर्व से होने वाली सप्लाई के जोखिमों पर विचार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि क्या अमेरिका वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ (अघोषित टैंकर बेड़े) पर लगी पाबंदियों को कम करने के लिए कोई कदम उठा सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत गिरकर $105.51 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ $97.43 प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य का नजरिया ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) बना हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर सकती हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह को ऐसे महत्वपूर्ण कारक बताया, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

पोनमुडी के अनुसार, निवेशक विदेशी निवेश प्रवाह पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि यह पता चल सके कि जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) में कोई टिकाऊ सुधार हो रहा है या नहीं। वहीं, बाजार में आई यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Sector में रौनक समेत 4 वजह, Sensex भागा 900 प्वाइंट्स ऊपर, Nifty पहुंचा 22900 के करीब

Share Market Rally: कच्चे तेल में गिरावट और रुपये की मजबूती से स्टॉक मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है। इस सपोर्ट पर सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 22900 के करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 871.57 प्वाइंट्स यानी 1.20% की बढ़त के साथ 73,653.46 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 250.05 प्वाइंट्स यानी 1.11% के उछाल के साथ 22,873.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 930.67 प्वाइंट्स उछलकर 73,712.56 और निफ्टी 269.20 प्वाइंट्स चढ़कर 22,891.90 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में गिरावट

न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका तेल के बेडे़ पर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इससे कच्चे तेल पर दबाव बढ़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल फिसलकर $104 के करीब आ गया। इसने मार्केट में रौनक बिखेरी है।

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

घरेलू मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। एआई स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते एआई-हैवी दक्षिण कोरियाई इंडेक्स कोस्पी करीब 9% टूट गया। एआई स्टॉक्स में बिकवाली ने आईटी सर्विसेज स्टॉक्स की रौनक बढ़ा दी और घरेलू मार्केट में निफ्टी आईटी 2% से अधिक उछल पड़ा। इसकी तेजी ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों की बिकवाली को संभाल लिया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा है। प्राइवेट बैंकों से भी मार्केट को सपोर्ट मिला है, और निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक मजबूत हुआ है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट में भारी गिरावट से कई अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी सस्ते में मिलने लगे तो निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग होने लगी, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

रुपये की मजबूती

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 94.92 के भाव पर खुला। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

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Bajaj Finance-M&M के चलते Sensex लाल, Nifty कमजोर, ₹43 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closed red: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद तेज गिरावट दिखी। सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 22600 के नीचे आ गया और रेड जोन में बंद भी हुए। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक गायब हो गई और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड जोन में बंद हुए। इस दबाव में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹43 हजार करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹43 हजार करोड़ से अधिक घट गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने ऊपर ले जाने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक ऊपर चढ़े। हालांकि फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया। निफ्टी फार्मा 1% से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंकों आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो भी करीब 1% कमजोर हुआ।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें आज 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 616.51 प्वाइंट्स फिसलकर 72,578.75 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा, जहां से यह 199.00 प्वाइंट्स टूटकर 22,558.95 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹43 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,91,742.63 करोड़ था। आज यानी 14 अक्टूबर 2026 को यह घटकर ₹4,70,47,768.69 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹43,973.94 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 11 आज बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे अधिक तेजी आज इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। वहीं दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और बजाज फिनसर्व में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4578 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2563 शेयर आज मजबूत हुए तो 1810 में गिरावट रही जबकि 205 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 103 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 5 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : मंदड़ियों के कमजोर पड़ने के मिल रहे संकेत, 22800–22900 के पार जाने पर निफ्टी में आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 50 ने जबरदस्त रिकवरी की। IT शेयरों के दम पर 13 अक्टूबर को इसमें 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और यह पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। यह बुल्स की मज़बूत वापसी का संकेत है। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में और खासकर 8 अक्टूबर को 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद,निफ्टी ने 22,200 के लेवल को बचाए रखा जो आगे भी एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,22,500–22,600 का जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। वहीं ऊपर की तरफ मोमेंटम बनाए रखने और अपने अपट्रेंड को 23,000 के पार ले जाने के लिए इंडेक्स को 22,800–22,900 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से निकलना होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,722) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,743, 22,845 और 23,011

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,412, 22,309 और 22,144

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई जो ‘बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न’ जैसी दिखती है। यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ जो बुल्स की जबरदस्त वापसी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200 दिन के EMA) से नीचे ट्रेड करता रहा,हालांकि यह 10-दिन के EMA से ऊपर वापस आने में कामयाब रहा। मोमेंटम इंडिकेटर्स से पता चला कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 43.43 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और इसका हिस्टोग्राम लगभग दो महीनों में पहली बार हरा हो गया। इन सभी टेक्निकल संकेतों से पता चलता है कि निकट भविष्य में मोमेंटम में सुधार हो रहा है,हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी तक पूरी तरह से बुलिश नहीं हुआ है।

बैंक निफ्टी (55,481) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,568, 55,760 और 56,072

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,945, 54,752 और 54,440

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

एक दिन बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में भी जोरदार रिकवरी आई। इसने डेली चार्ट पर ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न (पूरी तरह से क्लासिकल नहीं) बनाया,जो तेजी का संकेत है। इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद हुआ। सितंबर के बाद पहली बार यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ,जो निकट भविष्य में तेजी की गति (मोमेंटम) में सुधार का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में RSI बढ़कर 48.22 पर पहुंच गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़ीं। ये बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत है। ये टेक्निकल संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि रिकवरी की पुष्टि के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ (जिसे ‘फियर गेज’ भी कहा जाता है) पिछले सेशन में 6.1% बढ़ने के बाद 7.43% गिरकर 14.12 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली। हालांकि,उतार-चढ़ाव का यह इंडेक्स अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स को और ज्यादा राहत मिलेगी और इक्विटी मार्केट के लिए हालात और बेहतर होने के संकेत मिलेंगे।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 अक्टूबर को बढ़कर 1.16 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rally: 5 वजहों से 700 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, आईटी सेक्टर की रौनक में Nifty पहुंचा 22600 के पास

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और इकनॉमिक ग्रोथ आउटलुक में अपग्रेड ने घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार रौनक बिखेरी। इस माहौल में सेंसेक्स 693 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी ने फिर से 22500 का लेवल हासिल किया और 22600 के करीब पहुंचा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में बिकवाली का काफी दबाव है। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स 692.86 प्वाइंट्स यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 और निफ्टी भी 213.10 प्वाइंट्स यानी 0.95% के उछाल के साथ 22,576.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 696.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 प्वाइंट्स उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 4.40% की तेजी के साथ 14.58 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली।

IT Stocks का शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज आज मार्केट को आईटी सेक्टर का शानदार सपोर्ट मिला है, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक उछल पड़ा। इसे एफएमसीजी और रियल्टी से भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी ऊपर चढ़ा है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब निफ्टी 22,300 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश है।

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कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

Asian Market: US अर्निंग्स से पहले AI में बिकवाली बढ़ने से एशियाई स्टॉक्स गिरे, कोस्पी, निक्केई सबसे आगे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: 73% तक रिटर्न दे सकते हैं ये 5 शेयर, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: लगातार आठ हफ्तों तक बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी हफ्ते तेजी लौटी। Nifty 50 में 0.44% और Sensex में 0.78% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के ब्याज दर बढ़ाने से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

इस बीच, ब्रोकरेज फर्मों ने कई शेयरों पर खरीदने की सलाह दी है। इनमें मेटल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस और दिए गए मौजूदा भाव के आधार पर इन पांच शेयरों में करीब 46% से 73% तक तेजी की संभावना है।

इन 5 शेयरों में कितनी तेजी की संभावना?

कंपनीमौजूदा शेयर भावटारगेट प्राइससंभावित तेजी
Shyam Metalics₹1,062.80₹1,55045.84%
Mahindra & Mahindra₹2,792₹4,26052.58%
PVR Inox₹1,331₹2,13560.41%
TCI Express₹467₹77064.88%
HDFC Bank₹708.20₹1,22572.97%

Shyam Metalics

मेटल कंपनी Shyam Metalics पर UBS ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 24% बढ़ाकर 1,550 रुपये कर दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,062.80 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 45.84% तेजी की संभावना है।

UBS को कंपनी की विस्तार योजनाओं और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस से ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी अपनी परियोजनाओं को इंडस्ट्री के औसत से कम लागत और कम समय में पूरा कर सकती है। इससे क्षमता बढ़ाने और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिल सकती है।

Mahindra & Mahindra

ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra के शेयर पर Citi ने खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने 4,260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 2,792 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 52.58% तेजी की संभावना है।

Citi को कंपनी के पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर कारोबार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल गाड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर 15.7% बढ़ सकती है। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26%, कमर्शियल व्हीकल में 17.8% और थ्री-व्हीलर में 38.7% बढ़ोतरी का अनुमान है।

हालांकि, ट्रैक्टर की बिक्री में 5.6% गिरावट की आशंका है। बढ़ती कमोडिटी लागत और प्रोडक्ट मिक्स से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। Citi को रेवेन्यू में 26.7% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि EBITDA में 1.8% गिरावट का अनुमान है।

PVR Inox

एंटरटेनमेंट कंपनी PVR Inox पर CLSA ने ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 2,135 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 1,331 रुपये है। इस हिसाब से इसमें करीब 60.41% तेजी की संभावना है।

CLSA को हिंदी, क्षेत्रीय भाषाओं और हॉलीवुड फिल्मों की बेहतर रिलीज से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार कंटेंट देखने से दर्शकों में थकान बढ़ रही है। ऐसे में लोग फिर से सिनेमाघरों में फिल्म देखने का रुख कर सकते हैं।

PVR Inox के पास करीब 1,800 स्क्रीन हैं। कंपनी ने छोटे शहरों में स्मार्ट स्क्रीन के विस्तार के लिए 300 जगहों की पहचान की है। CLSA को उम्मीद है कि इस विस्तार से कंपनी को ग्रोथ मिलेगी। बेहतर कैश जनरेशन और हाल में किए गए शेयर बायबैक को भी ब्रोकरेज ने अपने आकलन में शामिल किया है।

TCI Express

लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express पर Jefferies ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 770 रुपये रखा है। शेयर का मौजूदा भाव 467 रुपये है। इसके आधार पर इसमें करीब 64.88% तेजी की संभावना है।

Jefferies को कंपनी के शिपमेंट वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद है। इससे ट्रकों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और कमाई बढ़ सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% और EBITDA 8% बढ़ सकता है।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ने का जोखिम है। Jefferies के मुताबिक, शिपमेंट वॉल्यूम में रिकवरी जारी रहने पर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कमाई को फायदा मिल सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,225 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा भाव 708.20 रुपये है। इस आधार पर इसमें करीब 72.97% तेजी की संभावना है।

Emkay का मानना है कि लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के कारण बैंक का वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ गया है। शेयर में रिकवरी के लिए बैंक को अपने मुख्य कारोबार में सुधार दिखाना होगा। डिपॉजिट जुटाने और लोन ग्रोथ में प्रगति से निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होने या उनका रुख बदलने से भी शेयर को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, वैल्यूएशन में दोबारा बढ़ोतरी बैंक के कारोबारी प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।