Rejinagar Bypolls election voting: रेजीनगर उपचुनाव में वोटिंग के दौरान भारी हंगामा, पश्चिम बंगाल पुलिस ने हुमायूं कबीर को किया गिरफ्तार

Rejinagar Bypolls election voting: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार (6 अक्टूबर) को पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में वोट डालने के बाद हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया में पुलिस के दखल का आरोप लगाया था। वोटिंग के बाद कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार पहले से ही सत्ता में है, तो ऐसी दखलअंदाजी की क्या जरूरत है।

इस दौरान उन्होंने काफी हंगामा किया। फिर कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हुमायूं कबीर को पुलिस ने उनके रेजीनगर पार्टी ऑफिस से हिरासत में लिया और फिर रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले गई। आम जनता उन्नयन पार्टी ने रेजीनगर उपचुनाव में कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को चुनावी मैदान में उतारा है।

उपचुनाव के लिए मतदान जारी

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ। मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी।

कबीर ने अपने बेटे को बनाया उम्मीदवार

हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में BJP के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था की है।

नंदीग्राम में भी वोटिंग जारी, 71 कंपनियां तैनात

अधिकारियों ने बताया कि उपचुनाव के लिए केंद्रीय बलों की कुल 71 कंपनियां तैनात की गई हैं। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया।

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न और एक अलग अस्थायी पार्टी पहचान के साथ मैदान में उतारा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं,

मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।

पश्चिम बंगाल के इन 250 मदरसों को क्यों बंद करने जा रहे हैं शुभेंदु अधिकारी? दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में चल रहे मदरसों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी से मान्यता प्राप्त 250 प्राइवेट मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का फैसला किया गया है।

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम या नामात्र की है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। बताया जा रहा है कि इन मदरसों में वर्तमान में जो छात्र एनरोल हैं, उनके लिए दिसंबर तक कक्षाएं जारी रहेंगी। इसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा।

1.51 लाख भर्ती प्रस्ताव को मिली मंजूरी

बुधवार को कैबिनेट बैठक में अलग-अलग सरकारी विभागों में लगभग 1.51 लाख लोगों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के लिए 12,000 और कोलकाता पुलिस के लिए 4,000 लोग शामिल हैं।

दुर्गा पूजा से से पहले रिपोर्ट मिलने की उम्मीद

अधिकारी ने कहा, “कैबिनेट ने 250 प्राइवेट मदरसों को बंद करने का फैसला किया, जिनमें सही इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। उन्हें दिसंबर तक काम करने दिया जाएगा।” अधिकारी ने कहा कि इन संस्थानों से रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जरूरी प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

सरकार पहले बंद कर चुकी है 252 बिना इजाजत वाले मदरसे

यह कदम राज्य सरकार के 252 बिना इजाजत वाले मदरसों को बंद करने और करीब 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजने के कुछ दिनों बाद आया है। राज्य भर में हुए एक सर्वे में पाया गया था कि ऐसे कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा की कमी थी।

अलग-अलग चरणों में बंद हो सकते हैं 2500 मदरसे

अधिकारी ने कहा कि अलग-अलग चरण में राज्य भर में बिना सरकारी पंजीकरण के चल रहे करीब 2,500 मदरसे भी बंद हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने कथित गड़बड़ियों को लेकर 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की भी मंजूरी दे दी है।

सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है सरकार

राज्य में मंजूर की गई भर्तियों पर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सरकार सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है और खाली जगहों को भरना चाहती है ताकि सार्वजनिक सेवा पर असर न पड़े। संबंधित विभागों को भर्ती प्रक्रिया में रुकावट डालने वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए कहा गया है।”

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West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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