Kolkata Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन! आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, अमित शाह ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल, 19 की मौत

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

ये भी पढ़ें- Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में आखिर कैसे मची अफरा-तफरी? भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत, 25 घायल

उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में आखिर कैसे मची अफरा-तफरी? भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत, 25 घायल

Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता में स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए। गिरिश पार्क थाना क्षेत्र स्थित सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर अचानक भगदड़ मच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

शाम करीब 7:40 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे हुई। उस समय दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पंडाल के एग्जिट गेट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि बाहर निकलने के रास्ते पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हालात बिगड़े। हालांकि, भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों और घटना के सटीक कारणों को लेकर डिटेल्स जानकारी का इंतजार है।

कैसे मची भगदड़?

घटना का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर कोलकाता के चोरबागान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक भीड़ बढ़ गई, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण यह घटना हुई।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण पंडाल में एंट्री के लिए इंतजार कर रहे लोगों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बारिश शुरू होते ही पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ी। इस दौरान कुछ लोग सड़क पर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई। प्रशासन ने घटना के बाद भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं।

सीएम ने कहा कि यह घटना कुछ हद तक बारिश के कारण हुई। पूजा समिति द्वारा अंदर की गई व्यवस्थाओं में भी कुछ कमियां थीं। कोलकाता पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि हम कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति (फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी) बनाएंगे। फिर सरकार उसकी सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी।

अमित शाह पहुंचे कोलकाता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। उनका रविवार को दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करने का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना के मद्देनजर वह अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं। आज वह हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करेंगे। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है।

सीएम अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने भी सरकारी अस्पताल का दौरा किया। चोरबागान दुर्गा पूजा हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पूजा चित्तरंजन एवेन्यू से सटी एक संकरी सड़क पर आयोजित की जाती है।

हादसे के बाद बंद किया गया पूजा पंडाल

भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया। मौके पर पुलिस और इमरजेंसी टीमें तैनात रहीं। अधिकारी घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने और स्थिति का आकलन करने में लगे हैं।

ये भी पढ़ें- Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

भारी भीड़ बनी हादसे की वजह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंडाल के एग्जिट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होना भगदड़ की प्रमुख वजह रही। भीड़ के अचानक बढ़े दबाव के कारण लोग अफरा-तफरी में फंस गए। हालांकि, घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा इंतजामों की भूमिका को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, भीड़ को नियंत्रित करने और घटना से संबंधित तथ्यों को जुटाने पर है। इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ मैनेजमेंट और सुरक्षित निकास व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

VinFast takes first step toward entering Indian two-wheeler market

VinFast takes first step toward entering Indian two-wheeler market
An outdoor image showing large group of people standing together in front of the Vinfast headquarter

VinFast entered the Indian market in 2025, with activities spanning from the distribution, manufacturing and assembly of electric cars. Following this, the brand also showed some e-scooters at Auto Expo and then subsequently patented designs of some of them in our market, all hinting at plans to enter the huge Indian two-wheeler market. The signing of these letters of intent (LOIs) and partnering with numerous electric two-wheeler dealers now marks a new phase in the brand’s expansion in the Indian market.

  1. Partnered with 50+ electric two-wheeler dealers across 15 states
  2. Plans to establish showrooms across 34 cities
  3. Line-up likely to feature the recently patented Viper and Rasad e-scooters

Retail network expansion details   

Over 50 showrooms panned 15 states

Vinfast and its dealer partners will work together to establish 50+ electric two-wheeler showrooms across 34 cities in 15 states and territories. The locations that the company is targeting to establish a presence in first include Delhi, Rajasthan, Punjab, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Uttar Pradesh, Maharashtra, Gujarat, Karnataka, Telangana, Tamil Nadu, Kerala, Andhra Pradesh, West Bengal and Odisha. Through these partnerships VinFast plans to bring its electric scooter line-up to the country, though it hasn’t shared any timelines so far. Initial line-up expected to feature the Viper and Rasad electric scooters, following design patents filed in India earlier this year.

These selected cities and regions have large two-wheeler markets, providing significant room for the brand’s expansion. VinFast says in fiscal year 2025-2026 there were 21.41 million two-wheelers registered, of which electric vehicles accounted for only 6.54 percent. When VinFast does officially launch some of its models in our country, it will have to ward off stiff competition from both established legacy players as well as mould-breaking start-ups like Bajaj, TVS, Hero, Suzuki, Yamaha, Ather and River.

CBI ने बैंकिंग भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का किया भंडाफोड़, CGST इंस्पेक्टर समेत 4 गिरफ्तार

CBI Banking Exam Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देशभर में बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा और अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों के परीक्षा देने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने दिल्ली (Delhi), बिहार (Bihar), हरियाणा (Haryana) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सक्रिय इस नेटवर्क के चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में एक CGST इंस्पेक्टर भी शामिल है

CBI के मुताबिक, यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर की गई। मामले की जांच CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई कर रही है।

कई राज्यों में एक साथ छापेमारी

CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच ने दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में समन्वित तरीके से कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंकिंग भर्ती की चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में असल उम्मीदवारों की जगह खुद परीक्षा और इंटरव्यू में शामिल होते थे। आरोपी शारीरिक रूप से अभ्यर्थियों की जगह उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में धोखाधड़ी करते थे।

मेहनती अभ्यर्थियों के हक पर डाका

CBI के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों से सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हुई। फर्जी तरीके से चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आरोपियों ने उन वास्तविक और मेहनती अभ्यर्थियों के अवसरों को प्रभावित किया, जो अपनी योग्यता के आधार पर भर्ती हासिल करने की तैयारी कर रहे थे। इस मामले में सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें: कल का मौसम: तमिलनाडु-केरल में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

5 साल का अर्जुन: टूटा हाथ, नंगे पैर और परिवार की जिम्मेदारी | The Better India Hindi

5 साल का अर्जुन: टूटा हाथ, नंगे पैर और परिवार की जिम्मेदारी | The Better India Hindi

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

टूटा हाथ, नंगे पैर और कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी—सिर्फ 5 साल का अर्जुन रोज़ लॉलीपॉप बेचता है। सुबह स्कूल, फिर काम… छोटी-सी उम्र में अर्जुन ने हालात से लड़ना सीख लिया है।

उसकी कहानी बताती है—हौसला उम्र नहीं देखता।

अगर आप अर्जुन की मदद करना चाहते हैं, तो 98311 63153 पर संपर्क कर सकते हैं।

5-Year-Old Arjun Sells Lollipops With a Broken Hand, Barasat West Bengal, Childhood Struggles

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

Rejinagar Bypolls election voting: रेजीनगर उपचुनाव में वोटिंग के दौरान भारी हंगामा, पश्चिम बंगाल पुलिस ने हुमायूं कबीर को किया गिरफ्तार

Rejinagar Bypolls election voting: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार (6 अक्टूबर) को पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में वोट डालने के बाद हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया में पुलिस के दखल का आरोप लगाया था। वोटिंग के बाद कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार पहले से ही सत्ता में है, तो ऐसी दखलअंदाजी की क्या जरूरत है।

इस दौरान उन्होंने काफी हंगामा किया। फिर कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हुमायूं कबीर को पुलिस ने उनके रेजीनगर पार्टी ऑफिस से हिरासत में लिया और फिर रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले गई। आम जनता उन्नयन पार्टी ने रेजीनगर उपचुनाव में कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को चुनावी मैदान में उतारा है।

उपचुनाव के लिए मतदान जारी

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ। मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी।

कबीर ने अपने बेटे को बनाया उम्मीदवार

हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में BJP के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था की है।

नंदीग्राम में भी वोटिंग जारी, 71 कंपनियां तैनात

अधिकारियों ने बताया कि उपचुनाव के लिए केंद्रीय बलों की कुल 71 कंपनियां तैनात की गई हैं। मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया।

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न और एक अलग अस्थायी पार्टी पहचान के साथ मैदान में उतारा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं,

मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।

दुर्गा पूजा पर बंगाल के 2 करोड़ परिवारों को बड़ा तोहफा! आधी कीमत में मिलेगा आटा-चीनी और सूजी, जानिए क्या है पूरा प्लान

Government scheme in West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (तीन अक्टूबर) को बड़ा ऐलान किया। दुर्गा पूजा से पहले एक मुफ्त योजना के जरिए बड़ी संख्या में बंगाल के राशन कार्ड धारकों को त्योहार के दौरान आटा, चीनी और सूजी सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। सीएम अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार दुर्गा पूजा सप्ताह के दौरान दो करोड़ से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को आटा, चीनी और सूजी 50 प्रतिशत छूट पर उपलब्ध कराएगी।

अधिकारी ने कहा कि इस योजना से आठ करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस स्कीम पर राज्य सरकार को 150 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इस साल दुर्गा पूजा उत्सव 17 से 21 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।

सीएम अधिकारी ने आगे कहा, “दुर्गा पूजा सप्ताह के दौरान राज्य में आठ करोड़ से अधिक लोगों को ये वस्तुएं 50 प्रतिशत छूट पर मिलेंगी। शेष 50 प्रतिशत लागत राज्य सरकार वहन करेगी। खाद्य विभाग के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।” त्योहार पैकेज के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को एक किलोग्राम आटा 19 रुपये, एक किलोग्राम चीनी 30 रुपये और 500 ग्राम सूजी दी जाएगी।

टेंडर प्रक्रिया पूरा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारी ने कहा, “आटा और चीनी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सूजी के लिए प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ राज्य की राशन व्यवस्था के तहत आने वाले दो करोड़ से अधिक परिवारों को मिलेगा। सरकार के अनुसार, इस योजना से कुल 8 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

फ्री स्कीम पर पहले ही हुआ था विचार

राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने भी शुक्रवार को त्योहार के लिए राशन पैकेज की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने शुरुआत में इन वस्तुओं को मुफ्त देने पर विचार किया था। लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस साल इन्हें आधी कीमत पर देने का फैसला किया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि यदि अगले साल सरकार की वित्तीय स्थिति बेहतर रहती है तो त्योहारों के दौरान इन वस्तुओं को फ्रीम में उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।

किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होगा लाभ

बंगाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना किसी खास समुदाय तक सीमित नहीं होगी। राशन कार्ड रखने वाले सभी पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। खाद्य मंत्री के मुताबिक, राज्य की राशन व्यवस्था के तहत आने वाले 2.12 करोड़ परिवारों को इस पैकेज का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को धर्म के आधार पर बांटने में विश्वास नहीं करती और यह पैकेज सभी पात्र परिवारों के लिए है।

ये भी पढ़ें- कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

उत्तरपाड़ा में EV प्रोजेक्ट की तैयारी, CKA बिड़ला ग्रुप से पश्चिम बंगाल सरकार ने मांगी DPR

पश्चिम बंगाल सरकार ने CKA Birla Group से उत्तरपाड़ा में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने के प्रस्ताव की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द से जल्द जमा करने को कहा है। Moneycontrol को मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार चाहती है कि ग्रुप इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जल्द उपलब्ध कराए।

ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संपर्क किया था। इसके बाद एक सरकारी अधिकारी ने ग्रुप से DPR जल्द जमा करने को कहा। हालांकि, ग्रुप ने अभी तक यह रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।

मनीकंट्रोल ने 21 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि CKA बिड़ला ग्रुप ने पुरानी हिंदुस्तान मोटर्स फैक्ट्री में EVs बनाने के प्रस्ताव के साथ पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क किया था। उस समय प्रस्ताव पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था।

प्रस्तावित प्रोजेक्ट में कितना निवेश किया जाएगा, किस तरह के इलेक्ट्रिक वाहन बनाए जाएंगे, कितनी गाड़ियों का उत्पादन होगा और प्रोजेक्ट कब तक शुरू होगा, इन सबकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि कौन सी ग्रुप कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।

हालांकि, मनीकंट्रोल ने पश्चिम बंगाल सरकार और CKA बिड़ला ग्रुप (जिसे पहले CK बिड़ला ग्रुप के नाम से जाना जाता था) को DPR रिक्वेस्ट और प्रस्तावित प्रोजेक्ट के बारे में सवाल भेजे हैं। अब उनके जवाब का इंतजार है।

बता दें कि उत्तरपाड़ा में कभी Hindustan Motors की फैक्ट्री थी, जहां Ambassador और Contessa गाड़ियां बनती थीं। इस फैक्ट्री में काम 2014 में रोक दिया गया था। इस प्रस्ताव से एक दशक से ज़्यादा समय के बाद उस जगह पर फिर से गाड़ियों का प्रोडक्शन शुरू हो सकता है, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक अहम सवाल बनी हुई है।

395 एकड़ जमीन पर सरकार का कब्जा

Hindustan Motors ने अपनी FY26 की सालाना रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने फैक्ट्री की पूरी जमीन (लगभग 395 एकड़) वापस ले ली है और उस पर कब्जा कर लिया है। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में इस प्रॉपर्टी को राइट-ऑफ भी कर दिया है।

वहीं, जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन वापस लिए जाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली Hindustan Motors की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने कहा था कि वह इस फैसले पर दोबारा विचार के लिए याचिका दायर करने और जमीन के एक हिस्से की मांग करने की योजना बना रही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में गाड़ियों का निर्माण भले ही कम होता हो, लेकिन वहां गाड़ियों का एक बड़ा बाजार है। SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में राज्य में लगभग 10.2 लाख दो-पहिया और 1.25 लाख पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री हुई। हालांकि, यहां अभी तक किसी गाड़ी बनाने वाले प्लांट के आस-पास कंपोनेंट सप्लायर्स का कोई बड़ा नेटवर्क नहीं बन पाया है।

यह भी पढ़ें: CBSE third-language rule: कक्षा 6 के छात्रों को भी मिले तीन भाषा नीती से छूट, सुप्रीम कोर्ट ने दिया सरकार और बोर्ड को निर्देश

अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

Market outlook : सेंसेक्स-निफ्टी भारी गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 25 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

पश्चिम बंगाल के इन 250 मदरसों को क्यों बंद करने जा रहे हैं शुभेंदु अधिकारी? दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में चल रहे मदरसों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी से मान्यता प्राप्त 250 प्राइवेट मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का फैसला किया गया है।

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम या नामात्र की है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। बताया जा रहा है कि इन मदरसों में वर्तमान में जो छात्र एनरोल हैं, उनके लिए दिसंबर तक कक्षाएं जारी रहेंगी। इसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा।

1.51 लाख भर्ती प्रस्ताव को मिली मंजूरी

बुधवार को कैबिनेट बैठक में अलग-अलग सरकारी विभागों में लगभग 1.51 लाख लोगों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के लिए 12,000 और कोलकाता पुलिस के लिए 4,000 लोग शामिल हैं।

दुर्गा पूजा से से पहले रिपोर्ट मिलने की उम्मीद

अधिकारी ने कहा, “कैबिनेट ने 250 प्राइवेट मदरसों को बंद करने का फैसला किया, जिनमें सही इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। उन्हें दिसंबर तक काम करने दिया जाएगा।” अधिकारी ने कहा कि इन संस्थानों से रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जरूरी प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

सरकार पहले बंद कर चुकी है 252 बिना इजाजत वाले मदरसे

यह कदम राज्य सरकार के 252 बिना इजाजत वाले मदरसों को बंद करने और करीब 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजने के कुछ दिनों बाद आया है। राज्य भर में हुए एक सर्वे में पाया गया था कि ऐसे कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा की कमी थी।

अलग-अलग चरणों में बंद हो सकते हैं 2500 मदरसे

अधिकारी ने कहा कि अलग-अलग चरण में राज्य भर में बिना सरकारी पंजीकरण के चल रहे करीब 2,500 मदरसे भी बंद हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने कथित गड़बड़ियों को लेकर 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की भी मंजूरी दे दी है।

सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है सरकार

राज्य में मंजूर की गई भर्तियों पर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सरकार सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है और खाली जगहों को भरना चाहती है ताकि सार्वजनिक सेवा पर असर न पड़े। संबंधित विभागों को भर्ती प्रक्रिया में रुकावट डालने वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए कहा गया है।”

Delhi IGI Airport: हैंड बैग में रखे थे 11 जार, चेकिंग में निकला चंदन, CISF ने अफगान पैसेंजर को दबोचा तो ये सब पता चला