Braj Mohan Ram: ‘ओडिशा में भी BJP को मजबूत करूंगा’; शपथ ग्रहण से पहले नए राज्यपाल के बयान पर बवाल, जानिए कौन हैं बृज मोहन राम

Braj Mohan Ram: ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल और झारखंड से तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रह चुके ब्रज मोहन राम पदभार संभालने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) नेराम के इस कथित बयान पर निराशा जताई है कि ‘पद संभालने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।’ एक और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे BJP का असली चेहरा सामने आ गया है। विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि राम को वापस बुलाया जाए।

BJD ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें राम राज्यपाल का पद संभालने के बाद अपनी आगे की कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। BJD ने एक बयान में कहा, “पीटीआई के वीडियो में उनकी बातें सुनकर हमें हैरानी हुई, जिसमें वह फिर से कहते हैं कि वह BJP को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं क्योंकि यह टिप्पणी इस तथ्य को दरकिनार करती है कि राज्यपाल पार्टी की राजनीति से ऊपर होते हैं।”

पूर्व सीएम नवीन पटनायक भड़के

ओडिशा के पूर्व सीएम और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उम्मीद जताई कि वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के लोग पार्टी का काम करने के लिए मनोनीत राज्यपाल के उत्साह को देख रहे हैं। उम्मीद है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का जोश और शक्ति देंगे, जिससे वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।” उन्होंने पोस्ट में राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग किया।

कांग्रेस का भी बीजेपी पर हमला

इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निष्पक्ष रूप से संविधान का पालन करना है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के चुनावी हितों को आगे बढ़ाना।” उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। BJP नेता और तीन बार सांसद रह चुके राम को सोमवार को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राम के बयान पर ओडिशा BJP की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बृज मोहन राम ने क्या कहा?

नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने कहा कि वह गरीबों के लिए काम करेंगे। साथ ही बुनियादी मुद्दों के समाधान पर ध्यान देंगे और लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। राम ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ओडिशा तरक्की करे और लोगों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान रिपोर्टर ने उनसे काम करने के तरीके को लेकर एक सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “नहीं नहीं देखेंगे… वहां (ओडिशा) भी क्या स्थिति है तो वहां भी हम जोड़ेंगे। वहां भी मोर्चा का अपना संगठन है। उसको एक्टिव करके आप अपने बीजेपी के पास में वोट कैसे आए इस पर चिंता करेंगे।” उनके इसी बयान पर सियासी बवाल मच गया है।

बाद में दी सफाई

ओडिशा में ‘बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा’ वाले कथित बयान पर गुरुवार (15अक्टूबर ) को सफाई देते हुए नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा। मैंने कहा था कि मैं सबके साथ मिलकर काम करूंगा। अब मैं दलीय राजनीति से ऊपर उठ चुका हूं। लेकिन जिस पार्टी से मैं जुड़ा रहा हूं, वह मेरी पूंजी है। उस पार्टी के लिए मेरे मन में हमेशा लगाव और प्रेम रहेगा। लेकिन मैं किसी खास पार्टी के लिए काम नहीं करूंगा। हम सबके हैं, सब हमारे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं सबके साथ मिलकर इसे निभाऊंगा। शुरुआत में थोड़ा तालमेल बिठाने में समय लगेगा। लेकिन मैं ऐसा कर लूंगा… मैं संवैधानिक पद की मर्यादा के दायरे में रहकर काम करूंगा। एक राजनेता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बीच फर्क होता है। इसलिए, मुझे इस बात का ध्यान रखते हुए काम करना होगा।”

कौन हैं बृज मोहन राम?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के पलामू जिला निवासी बृज मोहन राम को 12 अक्टूबर 2026 को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया। वह हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे, जिन्होंने तीन जनवरी 2025 को पदभार संभाला था। राम ने अविभाजित बिहार में 1996, 1998 और 1999 में तीन बार पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर सेवाएं दीं। ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था।

लातेहार से राज्यपाल का सफर

यह क्षेत्र अब झारखंड के लातेहार जिले में आता है। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से संबंधित बीएस कॉलेज, लोहरदगा से ग्रेजुएट की पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका पेशा कृषि बताया जाता है। उनके राजनीतिक जीवन की खास बात यह है कि उन्होंने ऐसे दौर में राजनीति में अपनी पहचान बनाई, जब झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। उस समय पलामू और लातेहार जैसे क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा थे।

विधायक से सांसद बनने और फिर लंबे समय तक चुनावी राजनीति से दूर रहने के बाद राज्यपाल पद तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है। उनका शुरुआती राजनीतिक जीवन स्थानीय क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। उस समय बिहार की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों और BJP के विस्तार का दौर चल रहा था।

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ब्रज मोहन राम ने वर्ष 1991 में अविभाजित बिहार की राजनीति में चुनावी सफलता हासिल की। वह भगवा पार्टी के टिकट पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। फिर 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। राम की राजनीतिक पहचान में सामाजिक प्रतिनिधित्व की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 1996 से 1998 के बीच रांची में वनांचल प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद के वर्षों में भी वह BJP के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय करने में अपनी भूमिका का उल्लेख करते रहे। हाल ही में राज्यपाल नियुक्त होने के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय बनाने में उनका योगदान रहा है।

VinFast takes first step toward entering Indian two-wheeler market

VinFast takes first step toward entering Indian two-wheeler market
An outdoor image showing large group of people standing together in front of the Vinfast headquarter

VinFast entered the Indian market in 2025, with activities spanning from the distribution, manufacturing and assembly of electric cars. Following this, the brand also showed some e-scooters at Auto Expo and then subsequently patented designs of some of them in our market, all hinting at plans to enter the huge Indian two-wheeler market. The signing of these letters of intent (LOIs) and partnering with numerous electric two-wheeler dealers now marks a new phase in the brand’s expansion in the Indian market.

  1. Partnered with 50+ electric two-wheeler dealers across 15 states
  2. Plans to establish showrooms across 34 cities
  3. Line-up likely to feature the recently patented Viper and Rasad e-scooters

Retail network expansion details   

Over 50 showrooms panned 15 states

Vinfast and its dealer partners will work together to establish 50+ electric two-wheeler showrooms across 34 cities in 15 states and territories. The locations that the company is targeting to establish a presence in first include Delhi, Rajasthan, Punjab, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Uttar Pradesh, Maharashtra, Gujarat, Karnataka, Telangana, Tamil Nadu, Kerala, Andhra Pradesh, West Bengal and Odisha. Through these partnerships VinFast plans to bring its electric scooter line-up to the country, though it hasn’t shared any timelines so far. Initial line-up expected to feature the Viper and Rasad electric scooters, following design patents filed in India earlier this year.

These selected cities and regions have large two-wheeler markets, providing significant room for the brand’s expansion. VinFast says in fiscal year 2025-2026 there were 21.41 million two-wheelers registered, of which electric vehicles accounted for only 6.54 percent. When VinFast does officially launch some of its models in our country, it will have to ward off stiff competition from both established legacy players as well as mould-breaking start-ups like Bajaj, TVS, Hero, Suzuki, Yamaha, Ather and River.

23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव, 12 घंटों में बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन! इन 8 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव (डिप्रेशन) अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के एक विशेष बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.3°E के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 230 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 320 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच एक डीप डिप्रेशन के रूप में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से देश के 8 राज्यों में भीषण बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवाती दबाव के सीधे असर की वजह से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश (यणम सहित) में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ेगा। ओडिशा में 22 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 23 और 24 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी जबकि दक्षिणी ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी और अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी और 26 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश व यणम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 25 सितंबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश का मौसम

इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य भारत तक देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भारी बारिश, 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट है। तेलंगाना में 22, 23 और 24 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश होगी, जो 25 और 26 सितंबर को और बढ़कर बहुत भारी बारिश में बदल सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 23 से 26 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल पर भी असर

पूर्वी भारत के दूसरे राज्यों में झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां इस चक्रवाती दबाव की वजह से लगातार बारिश होगी। झारखंड में 22 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी। राज्य में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। यहां भी 24 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में इस डिप्रेशन के कारण समुद्र की स्थिति बेहद उग्र और तूफानी बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की संभावना है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 22 सितंबर की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं, जो 23 सितंबर को बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) हो जाएंगी। तटीय इलाकों की बात करें तो दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटों पर 22 सितंबर की तड़के से ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम शुरू हो चुका है। यह आज शाम से बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर की तड़के से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटीय इलाकों में 23 और 24 सितंबर के दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

भारतीय रेलवे का मेगा प्लान आया सामने, इन 5 राज्यों में बिछेगी 656 किमी नई पटरी, 10783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाएं मंजूर

Indian Railways Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के विस्तार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने देश के 5 राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने और ट्रेनों की भीड़कम करने के लिए ₹10,783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत मंजूर की गई इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत कुल 656 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरियां बिछाई जाएंगी, जिन्हें साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए इस मेगा प्लान की 5 सबसे बड़ी बातें।

किन 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने जिन तीन रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी दी है, वे निम्नलिखित हैं:

  • खड़गपुर से झारसुगुड़ा (बागडीही): चौथी नई रेल लाइन।
  • कटनी से पेंड्रा रोड: चौथी नई रेल लाइन।
  • बिलासपुर (उसलापुर) से पेंड्रा रोड: तीसरी नई रेल लाइन।

2. 14 जिलों के 4,790 गांवों को सीधा फायदा

यह रेल विस्तार 5 राज्यों के 14 जिलों में फैले लगभग 4,790 गांवों को भारतीय रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे क्षेत्र की लगभग 56 लाख आबादी को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी और यात्रा का समय घटेगा।

3. धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सफर होगा आसान

इन नई रेल पटरियों के बिछने से कई प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंचना काफी सुगम हो जाएगा। इनमें शामिल हैं:

  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश)
  • अमरकंटक मंदिर (मध्य प्रदेश)
  • अचानकमार टाइगर रिजर्व (छत्तीसगढ़)
  • भगवान जगन्नाथ मंदिर (ओडिशा)
  • रतनपुर महामाया मंदिर (छत्तीसगढ़)

4. माल ढुलाई में तेजी और कम होगी लॉजिस्टिक्स लागत

यह पूरा रूट औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील जैसी भारी औद्योगिक सामग्रियों की आपूर्ति होती है। इन नई लाइनों के शुरू होने से रेलवे सालाना 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई करने में सक्षम होगी। पटरियों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे ट्रकों पर निर्भरता घटेगी और रसद/लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।

5. पर्यावरण को बंपर फायदा: 12 करोड़ लीटर तेल की बचत

सरकार के अनुमान के मुताबिक, सड़कों के बजाय रेलवे से माल ढुलाई बढ़ने से पर्यावरण को बहुत बड़ा फायदा होगा। हर साल लगभग 12 करोड़ लीटर तेल की खपत कम होगी। पर्यावरण में 62 करोड़ किलोग्राम (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा। यह लाभ लगभग 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा।

 

ओडिशा के जंगल में मिले 5 विदेशी ओरंगुटान: वन विभाग ने किया रेस्क्यू, आखिर भारत कैसे पहुंचे ये जीव?

ओडिशा के जंगल में मिले 5 विदेशी ओरंगुटान: वन विभाग ने किया रेस्क्यू, आखिर भारत कैसे पहुंचे ये जीव?

Orangutans found in Balasore

ओडिशा के बालासोर के बिचित्रपुर जंगल में 5 ओरंगुटान मिलने से लोगों में हलचल मच गई। इनमें 2 मादा और 3 नर हैं। इन सभी की उम्र एक साल से कम है। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और सभी को रेस्क्यू कर लिया। ALSO READ: क्‍यों नहीं हटे उज्‍जैन के खड़े हनुमान, चमत्‍कार या कुछ और, क्‍या है रील्‍स और वीडियो की हकीकत?

 

ये ओरांगउटान भोगराई ब्लॉक के बडापाली गांव के पास मिले थे। वे छोटे थे और ज्यादा हिल-डुल नहीं रहे थे, लेकिन सक्रिय थे। उन्हें खाने के लिए भोजन दिया गया। रेस्क्यू किए गए जानवरों की विस्तृत जांच की जा रही है।

 

अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ये जानवर कहां से आए और बालासोर कैसे पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनका प्राकृतिक निवास उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforests) होता है, इसलिए वे खुद चलकर या प्राकृतिक रूप से यहां नहीं आ सकते। ALSO READ: मालदा में गंगा का रौद्र रूप, 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समाया; 62 गांव पानी में डूबे

प्रशासन की लोगों से अपील

इन विदेशी जानवरों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो रही है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

 

कहां पाए जाते हैं ओरंगटान?

ओरंगुटान इंडोनेशिया और मलेशिया के मूल निवासी 'ग्रेट एप' हैं, जो अपनी बुद्धिमत्ता और लाल-भूरे बालों के लिए जाने जाते हैं। भारत में ओरंगुटान की कोई मूल आबादी नहीं है। ओडिशा के तटीय जंगल में उनका दिखना काफी असामान्य है।

पुरी जगन्नाथ मंदिर के बैंक खाते में जमा है ₹1,912 करोड़, सामने आया कमाई और खर्च का पूरा ब्योरा

Shree Jagannath Temple: अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी के आरोपों के बीच, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने बुधवार को मंदिर की बैंक में जमा रकम की जानकारी सार्वजनिक की। प्रशासन के मुताबिक, मंदिर के बैंक खातों में अब तक करीब 1,912 करोड़ रुपये जमा हैं।

TOI के मुताबिक, सरकार द्वारा संचालित SJTA ने एक लिखित बयान में कहा कि मंदिर के आर्थिक मामलों का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है, जिसमें व्यवस्थित अकाउंटिंग और नियमित ऑडिट की प्रक्रियाएं शामिल हैं। SJTA के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी ने कहा कि जवाबदेही और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

SJTA के अनुसार, मंदिर कई स्रोतों से कमाई करता है, जैसे भक्तों का दान और चढ़ावा, मंदिर की अपनी खदानों से होने वाली कमाई, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज, जमीन के लेन-देन से होने वाली आय और सरकारी ग्रांट।

इसके अलावा, कमाई का एक तय हिस्सा ‘कॉर्पस फंड’ के तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाता है, जबकि एक और हिस्सा ‘फाउंडेशन फंड’ के लिए अलग किया जाता है। बाकी पैसा मंदिर के फंड अकाउंट में रखा जाता है। मंदिर के फंड का इस्तेमाल इस प्राचीन मंदिर की पूजा-पाठ, धार्मिक सेवाओं और प्रशासनिक कामकाज के रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाता है। अगर कोई अतिरिक्त पैसा बचता है, तो उसे बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट में बदल दिया जाता है ताकि भगवान की संपत्ति को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।

बता दें कि 31 अगस्त तक, SJTA ने लगभग 1,912 करोड़ रुपये की बैंक संपत्ति जमा कर ली है। इसमें कॉर्पस, फाउंडेशन और मंदिर की जमा राशि जैसे तीन मुख्य मदों के तहत रखे गए लगभग 1,811 करोड़, 9 लाख और 58 हजार रुपये शामिल हैं। इस आंकड़े में जून 2024 में राज्य सरकार द्वारा कॉर्पस में दिए गए 500 करोड़ रुपये का योगदान भी शामिल है।

अरबिंद कुमार पाढ़ी ने कहा, “मंदिर के पास अभी सेविंग्स, करंट और फ्लेक्सी अकाउंट्स में लगभग 100 करोड़, 70 लाख, 66 हजार और 868 रुपये हैं। लोगों का भरोसा बनाए रखने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, मंदिर की हुंडी से इकट्ठा हुई रकम की गिनती हर दिन की जाती है। इसकी जानकारी तुरंत ऑफिशियल नोटिस बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाती है, ताकि दुनिया भर के भक्त इसे देख सकें।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस साल 15 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा डिजिटल हुंडी ‘समर्पण’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाने के बाद से, भक्तों ने ऑनलाइन डोनेशन सिस्टम के जरिए 56.7 लाख रुपये का योगदान दिया है।

हालांकि, मंदिर के फंड के गलत इस्तेमाल का कोई आरोप अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले 25 सालों में मंदिर में कैश, गहनों और मूर्तियों की चोरी की कम से कम सात घटनाएं हुई हैं।

ऐसे ही एक मामले में, मंदिर के क्लर्क प्रदीप कुमार महापात्रा को 7 फरवरी, 2024 को दान की गिनती के दौरान CCTV सर्विलांस के जरिए 31,940 रुपये नकद चुराते हुए पकड़े जाने का आरोप है। इससे पहले, 15 जुलाई, 2023 को मंदिर के चपरासी सुशांत कुमार राउतराय को गिनती की प्रक्रिया के दौरान 800 रुपये चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

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200 कैदियों के बच्चों की माँ आभा रानी!Aabharani Choudhury | Odisha | Mother to Prisoner’s Children

200 कैदियों के बच्चों की माँ  आभा रानी!Aabharani Choudhury | Odisha | Mother to Prisoner’s Children

कुछ बच्चे अपने माता-पिता के किए की सज़ा भुगतते हुए अपना बचपन जेल की चारदीवारी में बिताने को मजबूर हो जाते हैं। लेकिन ओडिशा की आभा रानी चौधरी ने ऐसे बच्चों को सिर्फ सहारा नहीं, बल्कि एक घर और माँ का प्यार दिया।
पिछले 23 वर्षों में उन्होंने 200+ कैदियों के बच्चों को बेहतर जिंदगी की राह दिखाई है। आज भी उनके आश्रम में 36 बच्चे प्यार और देखभाल के साथ बड़े हो रहे हैं।
आखिर कैसे आभा रानी बनीं 200 कैदियों के बच्चों की माँ?

200 कैदियों के बच्चों की माँ आभा रानी!Aabharani Choudhury | Odisha | Mother to Prisoner’s Children | Changemaker

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VIDEO: ओडिशा के अस्पताल में फ्री इलाज कराकर गदगद हुआ अमेरिकी पर्यटक फिर बताया कि US में कितने होते खर्च

भारत में सस्ता और आसानी से मिलने वाला इलाज एक विदेशी नागरिक को काफी पसंद आया। ओडिशा के एक गांव में बीमार पड़ने पर एक विदेशी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला। इस अनुभव से वह काफी प्रभावित हुआ। उसने बताया कि अमेरिका में इसी इलाज के लिए उसे हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते थे, जबकि भारत में उसका इलाज बिना किसी फीस के हो गया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में माइक ने भारत यात्रा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि, ओडिशा से गुजरते समय ट्रिप के पांचवें दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ज्यादा खाना खाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गांव के एक अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ा। वीडियो पर लिखा था, “ग्रामीण भारत में अमेरिकन हॉस्पिटलाइज्ड।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत में माइक ने उस गांव के सरकारी अस्पताल के अंदर के दृश्य दिखाए, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “हां, मैं एक गांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती था, जहां मुझे सुइयां लगाई जा रही थीं और दीवारों पर लिखी भाषा भी मैं समझ नहीं पा रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आखिर यहां कैसे पहुंच गया?” इसके बाद माइक ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले करीब 12 घंटे तक उन्हें हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी।

क्यों खराब हुई तबीयत

माइक ने स्थानीय खाने के कुछ वीडियो भी दिखाए और स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत फूड पॉइजनिंग की वजह से खराब नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया था। उन्होंने कहा, “रुको, रुको, रुको, मैं समझ सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं। नहीं, यह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। खाना इतना स्वादिष्ट था कि मैंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और फिर मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।”

अस्पताल ने नहीं लिया कोई पैसा

माइक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं, बल्कि दो इंजेक्शन तक लगवाने पड़े। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन इलाज के बाद आने वाले मेडिकल बिल को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी। माइक ने कहा, “हालात जितने भी खराब थे, लेकिन मेडिकल बिल के बारे में सोचकर ही मैं डर गया था।” लेकिन उनको हैरानी तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।

अमेरिका हेल्थकेयर से की तुलना

भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमेरिका में एक IV बैग, उल्टी रोकने की दवा और दो इंजेक्शन का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां मुझे इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। यह देखकर मैं हैरान रह गया।” माइक के गांव के सरकारी अस्पताल में हुए इलाज के अनुभव की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने कहा, “यहां इलाज मुफ्त है। हां, दवाइयों के लिए थोड़ा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह रकम ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 डॉलर के आसपास होगी।”एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यह गर्व की बात है कि कोई विदेशी ओडिशा के सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा की तारीफ कर रहा है। अमेरिका में इसी तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और कई बार अपॉइंटमेंट के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पहले अपने शरीर को यहां के मसालों और खाने का आदी बनाइए, उसके बाद ही ज्यादा खाना खाइए। उम्मीद है कि आप जल्द ही पूरी तरह ठीक महसूस करेंगे।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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मानसून में जरूर करें भारत के इन डेस्टिनेशन को एक्सप्लोर, बारिश में खिल उठती है इनकी खूबसूरती

मानसून का मौसम आते ही घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है। इस दौरान भारत के ऐतिहासिक स्मारक भी एक अलग ही खूबसूरती में नजर आते हैं। बारिश की हल्की फुहारें, ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली इन जगहों को खूबसूरत बना देती हैं। किले, महल और प्राचीन इमारतें इस मौसम में पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखाई देती हैं। इतिहास पसंद करने वालों के साथ-साथ फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह समय बेहद खास माना जाता है।

हुमायूं का मकबरा, दिल्ली (Humayun’s Tomb, Delhi)

Humayun Tomb Pictures | Download Free Images on Unsplash

दिल्ली में हुमायूं का मकबरा मानसून के मौसम में और भी खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद चारों ओर फैले चारबाग बगीचे हरियाली से भर जाते हैं और लाल बलुआ पत्थर से बना यह ऐतिहासिक स्मारक बिल्कुल नया-सा नजर आता है। हल्के बादल और ठंडी हवा यहां घूमने का एक्सपीरियंस और भी खास बना देते हैं। इतिहास, फोटोग्राफी या शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए मानसून में यह जगह परफेक्ट है।

अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र (Ajanta Caves, Maharashtra)

Exclusive Ajanta Ellora Caves: 1.5-Day Guided Tour- Only Caves (with Reviews)

महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों के बीच बनी अजंता की गुफाएं बारिश के मौसम में किसी जादुई दुनिया जैसी लगती हैं। मानसून के दौरान आसपास छोटे-छोटे झरने बहने लगते हैं और हर तरफ हरियाली छा जाती है। बौद्ध कला और प्राचीन चित्रों से सजी ये गुफाएं प्रकृति के बीच और भी अट्रैक्टिव दिखाई देती हैं। यहां इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ देखने को मिलती है।

बेकल किला, केरल (Bekal Fort, Kerala)

Bekal Fort Images - Bekal Fort Photo Gallery - Bekal Kerala Pictures

केरल के समुद्र किनारे बना बेकल किला मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। एक तरफ अरब सागर की ऊंची लहरें और दूसरी तरफ बारिश से भीगी किले की दीवारें इस जगह की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती हैं। ठंडी हवा, समुद्र का नजारा और हरियाली यहां आने वाले टूरिस्ट को यादगार एक्सपीरियंस देते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

 

मांडू किला, मध्य प्रदेश (Mandu Fort, Madhya Pradesh)

Mandu Forts MP: Monuments, History & Guide

मध्य प्रदेश का मांडू मानसून के दौरान पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, प्राचीन बावड़ियां और पुराने महल बारिश के मौसम में और भी अट्रैक्टिव दिखाई देते हैं। बादलों से घिरी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं इस ऐतिहासिक शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। इतिहास और प्रकृति का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो मांडू बेहतरीन जगह है।

 

कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा (Konark Sun Temple, Odisha)

Did You Know That An East India Company Complaint Led To Konark Temlpe's Discovery? | Outlook Traveller

ओडिशा का प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर मानसून में और भी भव्य दिखाई देता है। बारिश के बाद मंदिर के आसपास फैली हरियाली और बादलों से भरा आसमान इसकी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी को और उभार देता है। यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल यह मंदिर भारतीय वास्तुकला का शानदार उदाहरण है। बारिश के मौसम में यहां घूमने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है।

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान (Chittorgarh Fort, Rajasthan)

Chittorgarh Fort - Images, Timings & History - Holidify

राजस्थान का चित्तौड़गढ़ किला मानसून के दौरान बिल्कुल अलग रूप में नजर आता है। बारिश के बाद सूखी पहाड़ियां और मैदान हरियाली से भर जाते हैं, जिससे विशाल किला और भी आकर्षक दिखने लगता है। किले के भीतर बने महल, मंदिर और जलाशय इस मौसम में देखने लायक होते हैं। यहां से आसपास का नजारा भी खूबसूरत दिखाई देता है।

गोल गुंबद, कर्नाटक (Gol Gumbaz, Karnatkaa)

File:Gol Gumbaz -4, Bijapur, Karnataka.jpg - Wikimedia Commons

कर्नाटक के विजयपुरा में गोल गुंबद मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत लगता है। काले बादलों में विशाल गुंबद और भी शानदार दिखाई देता है। बारिश के बाद आसपास के बगीचे हरे-भरे हो जाते हैं, जिससे पूरा परिसर ताजगी से भर जाता है। इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का यह अनोखा स्मारक इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए मानसून में घूमने की बेहतरीन जगह है।

ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश (Gwalior Fort, Madhya Pradesh)

630+ Gwalior Fort Madhya Pradesh Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

मध्य प्रदेश का ग्वालियर किला मानसून के मौसम में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। बारिश के बाद किले के चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों पर छाए बादल इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। विशाल प्राचीर, प्राचीन महल, मंदिर और शानदार नक्काशी खूब अट्रैक्ट करती है। किले की ऊंचाई से पूरे शहर का सीन दिखाई देता है, जो मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। इतिहास, वास्तुकला और फोटोग्राफी का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ग्वालियर किला बेहतरीन ऑप्शन है।