Railway reforms : रेल मंत्री का रेलवे में 8 बड़े रिफॉर्म का एलान, किसानों से लेकर इंडस्ट्री तक को होगा फायदा

Railway reforms : रेलवे ने आज 8 बड़े रिफॉर्म का एलान किया है। अब प्राइवेट कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से खुद वैगन तैयार कर सकेंगी। साथ ही फ्लाई ऐश,कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोलियम और फर्टिलाइजर के लिए रेल ढुलाई के नियमों को भी सरल बनाया गया है। रेलवे की रिफॉर्म पॉलिसी के तहत फ्लाई ऐश की ढुलाई के लिए नई लोडिंग तकनीक अपनाई जाएगी। पावर प्लांट्स से उत्पन्न होने वाले फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्टेशन को सुरक्षित बनाया गया है। अब इसे खुले हुए वैगन में ट्रांसपोर्ट करने के बजाय कंटेनरों में ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। खुले वैगन की जगह फ्लाई ऐश की कंटेनर में टॉप लोडिंग होगी। कंटेनर फ्रेट के लिए यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम होगा।

 कंटेनर के जरिए होगा फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन

फर्टिलाइजर ट्रांसपोर्ट के लिए नया सिस्टम होगा। जिससे फर्टिलाइजर के ट्रांसपोर्टेशन को तेज किया जा सकेगा। इस सुधार के तहत फर्टिलाइजर का ट्रांसपोर्टेशन अब कंटेनर के जरिए होगा।

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त

ठेकेदारों के लिए नियम सख्त किए गए है। भारतीय रेल कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी के लिए कॉन्ट्रैक्टर के कामों की जांच होगी। कॉन्ट्रैक्टरों से परफॉरमेंस सिक्यॉरिटी के रूप में 10 फीसदी राशि ली जाएगी। स्ट्रांग एलिजिबिलिटी के लिए पेंडिंग लिटिगेशन नेटवर्थ के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऑल रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी सिस्टम लागू होगा। रेल भूमि पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।

 निजी स्टील कंपनियां डिजाइन कर सकेंगी वैगन 

अब निजी स्टील कंपनियां वैगन डिजाइन कर सकेंगी। अलग-अलग इंडस्ट्री भी आसान इस्तेमाल के लिए वैगन को डिजाइन कर सकेंगी। इन वैगनों को RDSO चेक करेगा। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के सुरक्षित और आसान ट्रांसपोर्टेशन के लिए अब पेट्रोलियम कंपनियां अपना खुद का टैंक वैगन तैयार करा सकती हैं। अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन लिए रेलवे द्वारा बनाए गए टैंक वैगन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

अब सिर्फ कुशल लोगों को ही मिलेंगे रेल इंफ्रा से जुड़े काम

रेलवे इंफ्रा सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए स्किल का सर्टिफिकेशन और स्किल का टेस्ट,दोनों जरूरी कर दिया है। अब सिर्फ कुशल लोगों को ही रेल इंफ्रा से जुड़े काम दिए जाएंगे।

लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री होगी आसान 

एक और रिफॉर्म के तहत फूडग्रेन्स,आटा,मैदा,बेसन,दालों आदि के ट्रांसपोर्टेशन को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अब कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार के इस कदम से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और कंटेनर बिजनेस में नए प्लेयर्स की एंट्री आसान होगी।

 इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेलवे में किए जा रहे इन सुधारों के बारे में अहम जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 2-3 चरणों में रेलवे में 9 बड़े सुधार किए गए हैं। आज उन्होंने रेलवे में किए गए इन 8 नए सुधारों की जानकारी दी। इसके साथ ही,भारतीय रेल में अब तक कुल 17 बड़े सुधार किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने इस साल कुल 52 सुधारों का लक्ष्य रखा है।

 

 

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Vande Bharat यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब आखिरी मिनट में भी मिलेगा कन्फर्म टिकट…जान लें ये नया नियम

अब वंदे भारत एक्सप्रेस और दूसरी रिजर्व ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। भारतीय रेलवे ने नया नियम लागू किया है, जिसके तहत रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक खाली सीटों की बुकिंग की जा सकेगी। रेलवे का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे उन यात्रियों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है और आखिरी समय में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद चार्ट जारी होने के बावजूद अगर किसी ट्रेन में सीट खाली रहती है, तो यात्री ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक उसे बुक करा सकेंगे। इससे यात्रियों को आखिरी समय में भी कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या बदला है?

पहले जब किसी ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो जाता था, तो उसके बाद टिकट बुक कराने की सुविधा लगभग खत्म हो जाती थी। लेकिन अब रेलवे ने नियम बदल दिया है। नए नियम के अनुसार, अगर चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन सीटों की बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे को उम्मीद है कि इस बदलाव से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही, जिन लोगों का सफर अचानक तय होता है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

किन यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

रेलवे का यह नया नियम उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है या जिन्हें सामान्य बुकिंग के दौरान कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता। अब अगर ट्रेन में चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली होंगी, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे ज्यादा लोगों को कन्फर्म सीट मिलने का मौका मिलेगा और ट्रेनों की खाली सीटों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

टिकट कैसे बुक करें?

यात्री खाली सीटों की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या रेलवे के अधिकृत पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के जरिए कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा तभी मिलेगी जब रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली हों। ऐसी स्थिति में यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उपलब्ध सीटों की बुकिंग कर सकेंगे।

यात्रियों के लिए जरूरी बातें

जो यात्री इस नई सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें स्टेशन जाने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि ट्रेन में कोई सीट खाली है या नहीं। साथ ही, उन्हें समय से पहले स्टेशन पहुंचना चाहिए और यात्रा के दौरान अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखना चाहिए। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट हमेशा आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या अधिकृत पीआरएस (PRS) काउंटर से ही बुक करें।

नई व्यवस्था का क्या फायदा होगा?

भारतीय रेलवे का मानना है कि इस नए नियम से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। साथ ही, जिन लोगों को अचानक यात्रा करनी पड़ती है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। अब अगर रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में खाली सीटों की संख्या भी कम होगी।