ये कपल 30 दिनों तक घूमा यूरोप और खर्च किए 9.5 लाख रुपये फिर बताया एक-एक पैसे का पूरा हिसाब

Europe Travel Budget: भारत के कई लोगों के लिए यूरोप घूमना काफी महंगा हो सकता है, खासकर तब जब ट्रिप में कई देशों की यात्रा करनी हो और सफर करीब एक महीने तक चले। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 30 दिनों तक यूरोप घूमने में असल में कुल कितना खर्च आता है? बता दें कि एक भारतीय कपल ने अपनी पूरी ट्रिप का खर्च शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने रहने की जगह, फ्लाइट, खाने, ट्रांसपोर्ट और एक्टिविटीज पर कितना खर्च किया।

मुस्कान मित्तल और आशीष गुप्ता ने अपनी एक महीने की ट्रिप के दौरान 8 देशों की सैर की। उनकी यात्रा में फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, प्राग, ऑस्ट्रिया, इटली, वेटिकन सिटी और स्विट्जरलैंड शामिल थे।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो

अपने जॉइंट इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में, इस कपल ने बताया कि उन्होंने अपना ट्रैवल बजट कैसे बांटा और यह भी बताया कि ट्रिप के किस हिस्से में उनका सबसे ज्यादा खर्च हुआ।

8 देशों की यात्रा करते समय, हर जगह ठहरने की जगह का खर्च तेजी से बढ़ सकता है। इस कपल के लिए, रहने-सहने का खर्च ही सबसे बड़ा खर्च साबित हुआ।

वे Airbnb और होटलों में रुके; ज्यादातर जगहें शहर के सेंटर में या बड़े रेलवे स्टेशनों के पास थीं। मुस्कान ने कहा, “औसतन, हमने हर रात के लिए 10,000 रुपये खर्च किए।”

यूरोप तक पहुंचने की फ्लाइट भी कपल के ट्रिप बजट का एक बड़ा हिस्सा थी। उन्होंने फ्लाइट पर प्रति व्यक्ति ₹50,000 खर्च किए। सीधी फ्लाइट लेने के बजाय, उन्होंने मिडिल ईस्ट से होकर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट बुक कीं। दो लोगों के लिए, उनकी कुल फ्लाइट का खर्च लगभग ₹1 लाख आया।

यात्रा में 8 देश शामिल थे, इसलिए शहरों के बीच घूमना भी ट्रिप का एक अहम हिस्सा था। कपल ने बताया कि उन्होंने एक महीने का ‘यूरेल ग्लोबल पास’ इस्तेमाल किया, जिसमें उनके रूट की लगभग सभी ट्रेन यात्राएं शामिल थीं और इसकी कीमत ₹58,000 थी। उन्होंने कार रेंटल और मेट्रो पर भी ₹28,000 खर्च किए।

खाने-पीने का खर्च भी एक ऐसी चीज थी जिसके लिए कपल को अपनी 30 दिन की यात्रा के दौरान प्लानिंग करनी पड़ी। उन्होंने दोनों के खाने पर रोजाना लगभग ₹5,000 खर्च किए। उन्होंने बताया, “हम दिन में एक बार बाहर खाना खाते थे, लेकिन खाने का खर्च कंट्रोल में रखने के लिए साथ में ‘रेडी-टू-ईट’ खाना भी रखते थे और अक्सर ग्रोसरी स्टोर से सामान खरीदते थे।”

यूरोप घूमना सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने तक ही सीमित नहीं है। ट्रिप के दौरान कई टूरिस्ट प्लेस, अलग-अलग एक्सपीरियंस और एक्टिविटीज पर भी खर्च होता है। इस कपल ने अपनी 30 दिनों की यात्रा के दौरान एक्टिविटीज पर प्रति व्यक्ति 85,000 रुपये खर्च किए।

कपल ने अपने बजट में वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च भी शामिल किया था। इन खर्चों पर उन्होंने प्रति व्यक्ति ₹15,000 खर्च किए। उन्होंने अन्य खर्चों के लिए भी प्रति व्यक्ति ₹10,000 से ₹15,000 अलग रखे थे।

रहने, फ्लाइट, ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, घूमने-फिरने की एक्टिविटीज, वीजा, इंश्योरेंस और अन्य खर्चों को मिलाकर, इस कपल ने बताया कि दो लोगों के लिए उनकी एक महीने की यूरोप बैकपैकिंग ट्रिप का कुल खर्च लगभग 9.5 लाख रुपये आया।

इस कपल के खर्चों के ब्योरे को देखकर दूसरे यूजर्स ने भी बताया कि उन्होंने अपनी यूरोप की छुट्टियों पर कितना खर्च किया था।

एक यूजर ने कमेंट किया, “हमने 10 दिनों के लिए 8 लाख रुपये खर्च किए।” एक और यूजर ने कहा, “यह तो काफी सही है।”

हालांकि, एक यूजर को यह रकम कम लगी। उसने कहा, “मुझे लगता है कि यह सस्ता है। हमारे मामले में, 2 लोगों की ट्रिप का खर्च रोजाना लगभग 800-900 यूरो आता है, जिसमें हवाई जहाज़ का किराया शामिल नहीं है।”

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

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अब Uber ऐप पर भी बुक होंगी ट्रेन टिकटें, कंपनी ने ixigo के साथ मिलाया हाथ, जानिए कैसे काम करेगा नया फीचर

उबर ने 18 अगस्त को ixigo के साथ साझेदारी कर अपने ऐप पर ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू करने का ऐलान किया। अब यूजर्स उबर ऐप के जरिए ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे, अपना पीएनआर स्टेटस देख सकेंगे और ट्रेन यात्रा से पहले या बाद की अपनी आने-जाने की जरूरत को उबर की कैब सेवा से जोड़ सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यह सुविधा भारत में उबर की इंटरसिटी यात्रा सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। ट्रेन टिकट बुकिंग शुरू होने के साथ उबर अपने लंबी दूरी की यात्रा से जुड़े विकल्पों को और बढ़ा रही है। इस सुविधा में ixigo की ट्रेन टिकट बुकिंग तकनीक और टिकट बुक करने के बाद मिलने वाली सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है। इससे यात्रियों को एक ही ऐप के जरिए अपनी यात्रा के अलग-अलग हिस्सों की योजना बनाने में आसानी होगी।

ऐप से टिकट होगी बुक

भारत में लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन आज भी लोगों की पहली पसंद में शामिल है। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 741 करोड़ यात्रियों को ट्रेन से सफर कराया। ऐसे में उबर ने ट्रेन यात्रा को आसान बनाने के लिए अपने ऐप में टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की है। उबर इंडिया और दक्षिण एशिया में बिजनेस डेवलपमेंट के डायरेक्टर अर्नब कुमार ने कहा कि भारत में ट्रेन से सफर करना लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की यात्रा सिर्फ ट्रेन में बैठने से शुरू नहीं होती, बल्कि स्टेशन तक पहुंचने और मंजिल पर उतरने के बाद भी उन्हें आने-जाने की जरूरत होती है। अब उबर ऐप के जरिए यात्री एक ही जगह से ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे, पीएनआर स्टेटस देख सकेंगे और रेलवे स्टेशन तक आने-जाने के लिए उबर की कैब भी बुक कर सकेंगे।

स्टेशन पर पिकअप और ड्रॉप-ऑफ  की भी मिलेगी सुविधा 

इस नई सुविधा से रेलवे स्टेशनों पर उबर की सेवाएं भी और मजबूत होंगी। कंपनी ने बताया कि अहमदाबाद से लेकर सिकंदराबाद और हावड़ा जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उबर के पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन उपलब्ध हैं। आने वाले समय में देश के कई और बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे खास पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन बनाए जाएंगे। ixigoके ग्रुप सीईओ आलोक बाजपेयी और ग्रुप को-सीईओ रजनीश कुमार ने कहा कि ट्रेन टिकट बुकिंग के मामले में ixigoदेश की बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों में शामिल है। कंपनी का लक्ष्य रेल यात्रा को यात्रियों के लिए आसान, भरोसेमंद और तनाव से दूर बनाना है। उन्होंने कहा कि उबर के साथ साझेदारी से यह सुविधा ट्रेन यात्रा से आगे बढ़ेगी और यात्री अपने घर से लेकर अंतिम मंजिल तक की पूरी यात्रा की योजना आसानी से बना सकेंगे।

ट्रेन टिकट के लिए नहीं झेलनी होगी परेशानी! नया सिस्टम करेगा मिनटों में लाखों बुकिंग एक साथ

रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में पैसेंजर सफर करते हैं और त्योहारों, छुट्टियों या छुट्टी के सीजन में टिकटों की मांग और भी बढ़ जाती है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने के साथ रेलवे के पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर भी लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। इसी बढ़ते ट्रैफिक और पैसेंजर की जरूरत को देखते हुए रेलवे अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहा है।

नया सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा क्षमता वाला होगा और एक समय में बड़ी संख्या में पैसेंजर की टिकट बुकिंग को संभाल सकेगा। इससे खासकर टिकट बुकिंग के बिजी टाइम में सिस्टम पर पड़ने वाला प्रेशर कम करने और पैसेंजर को बेहतर एक्सपीरियंस देने में मदद मिल सकती है।

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ऑनलाइन टिकट बुकिंग

रेलवे के पुराने ‘पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम’ (PRS) पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने की वजह से लगातार दबाव पड़ रहा है। जून 2025 से जून 2026 के बीच पीआरएस के जरिए 65.08 करोड़ रिजर्व टिकट बुक किए गए, जिनमें 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी बुकिंग डिजिटल तरीके से हुई। जुलाई 2026 तक कुल टिकट बुकिंग में ऑनलाइन भागीदारी करीब 89.84 फीसदी पहुंच गई थी। इसके लिए रेलवे का ऐसा सिस्टम जरुरी हो गया है, जो एक साथ ज्यादा पैसेंजर की बुकिंग और पूछताछ देख सके।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम प्रोसेस

रेलवे ने नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर जाने की प्रोसेस शुरू कर दी है। अगस्त 2026 से इस चेंज को आगे बढ़ाया जा रहा है और नई IRCTC बीटा वेबसाइट भी इसी चेंज का हिस्सा है। पुराने सिस्टम से नए सिस्टम पर जाने के लिए रेलवे धीरे-धीरे इसकी टेस्टिंग कर रहा है।

फास्ट तत्काल बुकिंग

नए सिस्टम का असर तत्काल टिकट बुकिंग में भी देखने को मिल रहा है। IRCTC की बीटा वेबसाइट शुरू होने के बाद कम समय में पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में सुधार किया गया। तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। वहीं पांच मिनट और 30 मिनट में पूरी होने वाली बुकिंग में भी बढ़ोतरी देखी गई।

पीआरएस ऑपरेशन

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) रेलवे की टिकट व्यवस्था का एक अहम भाग है। इसी के जरिए टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के साथ सीट मिलने की जानकारी, वेटिंग लिस्ट, आरएसी, रिजर्वेशन चार्ट और पैसेंजर की पूछताछ जैसे काम संभाले जाते हैं। रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से लेकर IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, रेलवन ऐप और ऑथोराइज्ड एजेंट भी इसी सिस्टम से जुड़े हैं।

पैसेंजर को फायदा

नए सिस्टम से सबसे ज्यादा फायदा आम पैसेंजर को मिलेगा। तत्काल टिकट के समय जब बहुत सारे लोग एक साथ बुकिंग करने की कोशिश करते हैं, तब ज्यादा कपैसिटी वाला सिस्टम काफी मददगार हो सकता है। इससे टिकट बुक करने, सीट की जानकारी लेने और दूसरी सर्विस का उपयोग करने में आसानी हो सकती है।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी

नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम मॉडर्न टेक्निक को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी टेक्निक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Vande Bharat यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब आखिरी मिनट में भी मिलेगा कन्फर्म टिकट…जान लें ये नया नियम

अब वंदे भारत एक्सप्रेस और दूसरी रिजर्व ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। भारतीय रेलवे ने नया नियम लागू किया है, जिसके तहत रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक खाली सीटों की बुकिंग की जा सकेगी। रेलवे का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे उन यात्रियों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है और आखिरी समय में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद चार्ट जारी होने के बावजूद अगर किसी ट्रेन में सीट खाली रहती है, तो यात्री ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक उसे बुक करा सकेंगे। इससे यात्रियों को आखिरी समय में भी कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या बदला है?

पहले जब किसी ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो जाता था, तो उसके बाद टिकट बुक कराने की सुविधा लगभग खत्म हो जाती थी। लेकिन अब रेलवे ने नियम बदल दिया है। नए नियम के अनुसार, अगर चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन सीटों की बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे को उम्मीद है कि इस बदलाव से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही, जिन लोगों का सफर अचानक तय होता है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

किन यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

रेलवे का यह नया नियम उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है या जिन्हें सामान्य बुकिंग के दौरान कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता। अब अगर ट्रेन में चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली होंगी, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे ज्यादा लोगों को कन्फर्म सीट मिलने का मौका मिलेगा और ट्रेनों की खाली सीटों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

टिकट कैसे बुक करें?

यात्री खाली सीटों की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या रेलवे के अधिकृत पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के जरिए कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा तभी मिलेगी जब रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली हों। ऐसी स्थिति में यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उपलब्ध सीटों की बुकिंग कर सकेंगे।

यात्रियों के लिए जरूरी बातें

जो यात्री इस नई सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें स्टेशन जाने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि ट्रेन में कोई सीट खाली है या नहीं। साथ ही, उन्हें समय से पहले स्टेशन पहुंचना चाहिए और यात्रा के दौरान अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखना चाहिए। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट हमेशा आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या अधिकृत पीआरएस (PRS) काउंटर से ही बुक करें।

नई व्यवस्था का क्या फायदा होगा?

भारतीय रेलवे का मानना है कि इस नए नियम से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। साथ ही, जिन लोगों को अचानक यात्रा करनी पड़ती है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। अब अगर रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में खाली सीटों की संख्या भी कम होगी।