दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना जाना होगा आसान, वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी, जानें रूट और टाइमिंग

नई दिल्ली। दिवाली और छठ पर बिहार जाने वालों के लिए रेलवे ने खास ट्रेन चलाने का फैसला किया है। नई दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन चलेगी। इससे पैसेंजर को सफर के लिए एक और ऑप्शन मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन का समय और रूट भी जारी कर दिया है।

इस दिन और इस टाइम पर चलेगी दिल्ली से पटना की ट्रेन

रेलवे के शेड्यूल के मुताबिक, ट्रेन नंबर 02254 नई दिल्ली से पटना के बीच 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलेगी। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी।

• नई दिल्ली से रवाना होने का समय: सुबह 8:35 बजे

• पटना पहुंचने का समय: रात 9:30 बजे

• चलने के दिन: रविवार, मंगलवार और गुरुवार

वापसी में ट्रेन नंबर 02253 पटना से नई दिल्ली के लिए 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलेगी।

• पटना से रवाना होने का समय: सुबह 10 बजे

• नई दिल्ली पहुंचने का समय: रात 11:30 बजे

• चलने के दिन: शनिवार, सोमवार और बुधवार

दिल्ली और पटना के बीच चलने वाली यह ट्रेन उत्तर प्रदेश और बिहार के पैसेंजर के लिए भी उपयोगी होगी। रास्ते में इन 6 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन:

1. अलीगढ़

2. कानपुर सेंट्रल

3. प्रयागराज

4. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

5. बक्सर

6. आरा

इस ट्रेन में AC चेयर कार की सुविधा होगी। दिवाली और छठ पर घर जाने वाले लोग इसमें टिकट बुक कर सकते हैं। टिकट और किराए की जानकारी रेलवे IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.irctc.co.in/nget पर मिल जाएगी।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

ट्रेन टिकट के लिए नहीं झेलनी होगी परेशानी! नया सिस्टम करेगा मिनटों में लाखों बुकिंग एक साथ

रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में पैसेंजर सफर करते हैं और त्योहारों, छुट्टियों या छुट्टी के सीजन में टिकटों की मांग और भी बढ़ जाती है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने के साथ रेलवे के पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर भी लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। इसी बढ़ते ट्रैफिक और पैसेंजर की जरूरत को देखते हुए रेलवे अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहा है।

नया सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा क्षमता वाला होगा और एक समय में बड़ी संख्या में पैसेंजर की टिकट बुकिंग को संभाल सकेगा। इससे खासकर टिकट बुकिंग के बिजी टाइम में सिस्टम पर पड़ने वाला प्रेशर कम करने और पैसेंजर को बेहतर एक्सपीरियंस देने में मदद मिल सकती है।

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ऑनलाइन टिकट बुकिंग

रेलवे के पुराने ‘पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम’ (PRS) पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने की वजह से लगातार दबाव पड़ रहा है। जून 2025 से जून 2026 के बीच पीआरएस के जरिए 65.08 करोड़ रिजर्व टिकट बुक किए गए, जिनमें 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी बुकिंग डिजिटल तरीके से हुई। जुलाई 2026 तक कुल टिकट बुकिंग में ऑनलाइन भागीदारी करीब 89.84 फीसदी पहुंच गई थी। इसके लिए रेलवे का ऐसा सिस्टम जरुरी हो गया है, जो एक साथ ज्यादा पैसेंजर की बुकिंग और पूछताछ देख सके।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम प्रोसेस

रेलवे ने नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर जाने की प्रोसेस शुरू कर दी है। अगस्त 2026 से इस चेंज को आगे बढ़ाया जा रहा है और नई IRCTC बीटा वेबसाइट भी इसी चेंज का हिस्सा है। पुराने सिस्टम से नए सिस्टम पर जाने के लिए रेलवे धीरे-धीरे इसकी टेस्टिंग कर रहा है।

फास्ट तत्काल बुकिंग

नए सिस्टम का असर तत्काल टिकट बुकिंग में भी देखने को मिल रहा है। IRCTC की बीटा वेबसाइट शुरू होने के बाद कम समय में पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में सुधार किया गया। तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। वहीं पांच मिनट और 30 मिनट में पूरी होने वाली बुकिंग में भी बढ़ोतरी देखी गई।

पीआरएस ऑपरेशन

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) रेलवे की टिकट व्यवस्था का एक अहम भाग है। इसी के जरिए टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के साथ सीट मिलने की जानकारी, वेटिंग लिस्ट, आरएसी, रिजर्वेशन चार्ट और पैसेंजर की पूछताछ जैसे काम संभाले जाते हैं। रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से लेकर IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, रेलवन ऐप और ऑथोराइज्ड एजेंट भी इसी सिस्टम से जुड़े हैं।

पैसेंजर को फायदा

नए सिस्टम से सबसे ज्यादा फायदा आम पैसेंजर को मिलेगा। तत्काल टिकट के समय जब बहुत सारे लोग एक साथ बुकिंग करने की कोशिश करते हैं, तब ज्यादा कपैसिटी वाला सिस्टम काफी मददगार हो सकता है। इससे टिकट बुक करने, सीट की जानकारी लेने और दूसरी सर्विस का उपयोग करने में आसानी हो सकती है।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी

नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम मॉडर्न टेक्निक को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी टेक्निक का इस्तेमाल किया जा सकता है।