ITR Filing Deadline: सरकार ने ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी, अब 21 नवंबर तक भर सकेंगे ITR

ITR Filing Deadline: सरकार ने टैक्स ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। CBDT यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR भरने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। पहले ITR भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी। अब इसे बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है। यानी करदाताओं को 21 दिन का अतिरिक्त समय मिला है।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन भी बढ़ी

CBDT ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी है। पहले यह काम 30 सितंबर 2026 तक करना था। अब इसकी आखिरी तारीख 21 अक्टूबर 2026 है। इससे टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट को ऑडिट पूरा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

डेडलाइन क्यों बढ़ाई गई?

कई CA एसोसिएशन और टैक्स प्रोफेशनल्स ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि ऑडिट पूरा करने में काफी समय लग रहा है। टैक्स से जुड़ी अलग-अलग जानकारियों का मिलान करना पड़ता है। साथ ही कई रिकॉर्ड और दस्तावेज भी जांचने होते हैं। अब डेडलाइन बढ़ने से यह काम पूरा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

ऑडिट में किन चीजों की जांच होती है?

टैक्स ऑडिट में कई जानकारियां चेक की जाती हैं। टर्नओवर और दूसरी वित्तीय जानकारी का GST रिटर्न से मिलान होता है। TDS और TCS की जानकारी भी देखी जाती है। इसके अलावा Form 26AS, AIS और TIS को भी चेक किया जाता है।

खर्च, फिक्स्ड एसेट, लोन और वैधानिक बकाया की भी जांच होती है। संबंधित पक्षों के साथ हुए लेनदेन और दूसरी जरूरी जानकारियां भी देखी जाती हैं। अगर कहीं कोई अंतर मिलता है तो उसे ठीक करना पड़ सकता है। इसके बाद ही ऑडिट रिपोर्ट फाइनल होती है।

अब टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?

डेडलाइन बढ़ गई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि काम आखिरी समय तक टाल दें।

टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले लोगों को अपने जरूरी दस्तावेज CA को दे देना चाहिए। बुक्स ऑफ अकाउंट्स, बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस, GST रिकॉर्ड और TDS की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। AIS, TIS और Form 26AS भी चेक कर लें। इनमें कोई गड़बड़ी या अंतर है तो समय रहते उसे ठीक करा लेनी चाहिए।

ITR भरने से पहले ये काम न भूलें

CA टैक्स ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने के बाद करदाता को उसे अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग अकाउंट से स्वीकार या अप्रूव करना होता है।

इसलिए सिर्फ CA के रिपोर्ट अपलोड करने का इंतजार न करें। अप्रूवल के लिए भी समय रखें। आखिरी दिन तक काम छोड़ने से बचें। नई डेडलाइन के मुताबिक, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 21 अक्टूबर तक और ITR 21 नवंबर 2026 तक दाखिल करना होगा।

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Delhi Winter Pollution: 1 नवंबर से निर्माण पर पाबंदी, दफ्तरों के समय और WFH को लेकर दिल्ली में जारी हुआ नया एक्शन प्लान

Delhi Winter Pollution: सर्दियों का मौसम आने वाला है और इसके साथ ही दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने की चिंता भी शुरू हो गई है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के लिए कई कदम उठाने की तैयारी की है। हालांकि, ये उपाय उन महीनों में लागू किए जाएंगे, जब राजधानी में हवा की गुणवत्ता आमतौर पर काफी खराब हो जाती है।

बता दें कि सोमवार को ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) और ‘दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी’ (DPCC) के साथ हुई समीक्षा बैठक में इन उपायों पर चर्चा की गई। सरकार की इस योजना में निर्माण कार्यों पर नियंत्रण से लेकर पार्किंग शुल्क बढ़ाने, ऑफिस के समय में बदलाव और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

वहीं, इस प्लान के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ के काम और बाहर होने वाले सिविल कंस्ट्रक्शन के कामों पर रोक रहेगी। दिल्ली सरकार के अनुसार, इसके बाद और भी सख्त पाबंदी लागू होंगे, जिसमें 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के सभी कामों पर पूरी तरह रोक रहेगी।

सरकार ने बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए ‘मलबे’ (Malba) ऐप पर रजिस्ट्रेशन भी जरूरी कर दिया है, जिससे कंस्ट्रक्शन की मंजूरी को कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ से निकलने वाले कचरे की निगरानी और मैनेजमेंट से जोड़ा जा सके।

पार्किंग महंगी, वर्क फ्रॉम होम पर भी जोर

दिल्ली में सड़कों पर निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के मकसद से, 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग जगहों पर पार्किंग के मौजूदा दाम दोगुने कर दिए जाएंगे। हालांकि, यह नियम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की अपनी और उनके द्वारा मैनेज की जाने वाली पार्किंग जगहों पर लागू नहीं होगा।

इस दौरान सरकार ने ऑफिस के समय में भी बदलाव करने की योजना बनाई है। MCD के ऑफिस सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। वहीं, दिल्ली सरकार (GNCTD) के तहत आने वाले ऑफिस सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे। बता दें कि अलग-अलग समय पर ऑफिस शुरू होने से एक ही समय पर सड़कों पर ज्यादा ट्रैफिक जुटने से भी बचा जा सकेगा।

एक और अहम कदम के तहत, सरकारी और प्राइवेट ऑफिस को सलाह दी गई है कि वे 1 नवंबर से 28 फरवरी के बीच अपने 50% कर्मचारियों से घर से काम करवाएं और बाकी 50% कर्मचारी ऑफिस से काम करें।

दरअसल, ठंड के महीनों में दिल्ली-NCR की हवा अक्सर ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि प्रदूषण और खराब मौसम की स्थितियां आपस में मिल जाती हैं। CAQM का कहना है कि हवा की धीमी गति, कम ऊंचाई पर हवा का मिलना-जुलना, कोहरा और कम तापमान प्रदूषण फैलाने वाले कणों को दूर नहीं होने देते, जिससे ये कण जमीन के पास जमा होने लगते हैं।

CAQM के 2026 के आकलन में यह भी पाया गया कि दिल्ली में सर्दियों के दौरान PM2.5 प्रदूषण कई वजहों से होता है, जिनमें सेकेंडरी पार्टिकुलेट्स, ट्रांसपोर्ट, बायोमास जलाना, धूल और इंडस्ट्री शामिल हैं।

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अब SIR के लिए नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर! चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार को वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कुछ बदलावों का ऐलान किया। आयोग ने कहा कि इन कदमों का मकसद वोटरों के लिए जांच और जरूरी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। ये फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक में लिया गया। आयोग के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में ज्यादा सुविधा देना है।

नहीं लगाना होगा BLO के चक्कर

आयोग ने कहा कि जिन वोटरों का रिकॉर्ड पुराने डेटा से मैच नहीं हो रहा है या जानकारी में कोई गलती है, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे लोगों के घर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जाएंगे, जरूरी दस्तावेज लेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। इससे वोटरों के लिए पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी। चुनाव आयोग के नए नियमों के तहत सुनवाई की जरूरत केवल जरूरी मामलों में ही होगी और कोशिश रहेगी कि इसे ऑनलाइन पूरा किया जाए। अगर वोटर खुद मौजूद नहीं हो सकता, तो उसकी ओर से परिवार का कोई अधिकृत सदस्य भी सुनवाई में शामिल हो सकेगा।

SIR के लिए हेल्प डेस्क बनाने को कहा

चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं की मदद के लिए खास इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें SIR की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। इसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष कैंप और हेल्प डेस्क लगाने को कहा गया है। इन केंद्रों पर नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब और बेघर मतदाताओं को जरूरी जानकारी और सहायता दी जाएगी, ताकि वे आसानी से वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर सकें।

बढ़ाई गई नोटिस की समयसीमा

चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय बढ़ा दिया है। दिल्ली में अब 30 अक्टूबर 2026 तक क्लेम और ऑब्जेक्शन किए जा सकेंगे, वहीं उनका निपटारा 30 नवंबर तक होगा। महाराष्ट्र में लोग 12 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दे सकेंगे और इनके निपटारे की आखिरी तारीख 10 नवंबर 2026 है। दोनों राज्यों को चुनाव आयोग ने SIR के एक ही चरण में शामिल किया है।

इन जगहों पर पूरा हुआ SIR

चुनाव आयोग के अनुसार, 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पूरा हो चुका है। अगर किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो वह लगातार अपडेट की प्रक्रिया के जरिए अपना नाम जुड़वा सकता है। इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी शामिल हैं। आयोग के वोटर पोर्टल पर पुराने वोटर रिकॉर्ड में नाम देखने और SIR से जुड़े नोटिस के जवाब में जरूरी दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है। SIR को लेकर सवालों के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि इस प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को सभी सदस्यों की मंजूरी मिली थी।

आयोग के मुताबिक, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने का आदेश 24 जून 2025 को जारी किया गया था। इसकी शुरुआत बिहार से हुई और बाद में प्रक्रिया को पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया गया।

ECINet सिस्टम की होगी समीक्षा

चुनाव आयोग ने ECINet सिस्टम की समीक्षा करने का फैसला लिया है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि यह चुनावी नियमों के अनुसार सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। इसके लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। ECINet के जरिए फिलहाल पुराने वोटर रिकॉर्ड देखने और SIR से जुड़े नोटिस का जवाब देने जैसे कई काम किए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया और फॉर्म 6 से जुड़े नियमों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। आयोग के मुताबिक, SIR के दौरान फॉर्म 6 के साथ लगाए जाने वाले घोषणा पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने मान्य माना है। वहीं SIR के अलावा सामान्य अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए 1960 के नियमों के तहत तय फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

ट्रम्प की डाक वोटिंग सख्त करने की कोशिश पर रोक:सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज खिलाफ; वोटरों की जानकारी USPS को देने का था आदेश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डाक से वोटिंग के नियम सख्त करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिश पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला 7-2 रहा। दो जज ने इसका विरोध किया। मामला नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ा है। ट्रम्प ने मार्च में आदेश जारी किया था। ट्रम्प का कहना था कि डाक से वोटिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम जरूरी है। वे चाहते थे कि डाक से वोट भेजने वाले लोगों की लिस्ट राज्यों को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को दी जाए। ट्रम्प के नियम के तहत USPS रोक सकता था बैलेट अगर कोई बैलेट नए नियमों के मुताबिक नहीं होता या वोट देने वाले का नाम तय लिस्ट में नहीं मिलता, तो USPS उस बैलेट को रोक सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार वाले राज्यों और वोटिंग अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे चुनाव के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। कोर्ट ने समय पर उठाया सवाल डाक से वोटिंग के मामले पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल समय का था। नवंबर के चुनाव में अब कुछ समय बचा है और कई राज्यों में बैलेट भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जस्टिस ब्रेट कावानॉ ने कहा कि ट्रंप की योजना भविष्य में लागू की जा सकती है, लेकिन नवंबर के चुनाव से ठीक पहले इसे लागू करना मुश्किल है। चुनाव अधिकारियों के पास नई व्यवस्था तैयार करने और उसे लागू करने के लिए जरूरी समय नहीं है। डाक से वोटिंग पर ट्रम्प ने पहले भी उठाए सवाल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद ट्रम्प ने डाक से वोटिंग पर सवाल उठाए थे। वह बिना सबूत यह दावा करते रहे कि चुनाव में गड़बड़ी हुई थी और उनसे जीत छीन ली गई। हालांकि, ट्रंप खुद भी डाक से वोट डाल चुके हैं। इस साल फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्राइमरी में उन्होंने मेल से वोट किया था। USPS ने भी ट्रंप के फैसले पर जताई थी चिंता ट्रंप की नई व्यवस्था को लेकर USPS के एक व्हिसलब्लोअर ने भी चिंता जताई थी। उसने कहा था कि नई तकनीकी व्यवस्था जल्दबाजी में तैयार की गई है। अगर इसमें कोई गड़बड़ी हुई तो लाखों लोगों के बैलेट समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। नई व्यवस्था में बैलेट के लिफाफे पर मौजूद बारकोड और मतदाता की जानकारी को एक ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ना था। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले इतना बड़ा बदलाव अधिकारियों के लिए भी चुनौती था। अमेरिका में नवंबर में मिडटर्म चुनाव होंगे अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव होंगे। इसमें कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के लिए चुनाव होंगे। अभी अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के पास डेमोक्रेटिक पार्टी से ज्यादा सीटें हैं, लेकिन दोनों के बीच सीटों का अंतर बहुत कम है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ज्यादा सीटें जीतकर बहुमत में आती है, तो वह ट्रम्प के फैसलों को रोकने की कोशिश कर सकती है। साथ ही ट्रम्प सरकार के कामकाज की जांच भी कर सकती है। ट्रम्प के 5 और फैसलों पर SC की रोक टैरिफ – फरवरी 2026 सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ को अवैध ठहराया और कहा कि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इलिनॉय में नेशनल गार्ड – दिसंबर 2025 सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार को इलिनॉय में नेशनल गार्ड तैनात करने की तत्काल अनुमति नहीं दी। बर्थराइट सिटीजनशिप – जून 2026 ट्रम्प ने अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों की जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा कानून राष्ट्रपति को ऐसा बदलाव करने की इजाजत नहीं देता। बर्थ टूरिज्म – सितंबर 2026 सुप्रीम कोर्ट से बर्थराइट सिटीजनशिप पर झटका लगने के बाद ट्रम्प ने बर्थ टूरिज्म रोकने और कुछ मामलों में बच्चों की नागरिकता सीमित करने के लिए नया आदेश जारी किया, लेकिरन कोर्ट ने इस पर भी रोक लगा दी। फेड गवर्नर को हटाने का मामला – जून 2026 ट्रम्प ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को पद से हटाने की कोशिश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि फेड गवर्नर को राष्ट्रपति बिना उचित कानूनी कारण और तय प्रक्रिया के नहीं हटा सकते। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मिडटर्म चुनाव जीता तो हर वोटर को ₹5 लाख: इस पर ₹128 लाख करोड़ खर्च करने होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5000 डॉलर (करीब 4.76 लाख रुपए) दिए जाएंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Stock Market Holiday: आज, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार बंद, BSE और NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग

आज, 14 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी है, यानि कि BSE और NSE पर शेयरों में ट्रेडिंग नहीं होगी। BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, NDS-RST, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स में ट्रेडिंग हॉलिडे है। लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

इसी तरह NSE में भी इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में सोमवार को छुट्टी है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में छुट्टी है लेकिन शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

कमोडिटीज में ट्रेडिंग के प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) में भी गणेश चतुर्थी पर सुबह के सेशन में छुट्टी है। लेकिन शाम को 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक का सेशन ओपन है। बता दें कि शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार बंद

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

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शुक्रवार, 11 सितंबर को कैसी रही थी बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजारों में 11 सितंबर को गिरावट रही। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 120.83 अंक लुढ़ककर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक टूटकर 23,398.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.43 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी हुई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ ने लंदन कॉन्सर्ट में किया बड़ा ऐलान, नवंबर में अहमदाबाद स्टेडियम में सिंगर करेंगे कॉन्सर्ट

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ अब अहमदाबाद आ रहे हैं। अपने ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के तहत पंजाबी सिंगर-एक्टर ने शनिवार 12 सितंबर को लंदन के मशहूर वेम्बली स्टेडियम में एक जबरदस्त कॉन्सर्ट से दर्शकों का मनोरंजन किया। शो के दौरान दिलजीत ने एक चौंकाने वाला ऐलान किया, जिससे उनके फैन्स बहुत खुश हुए। उन्होंने बताया कि वह अगली बार अहमदाबाद में परफॉर्म करेंगे।

दिलजीत ने भारत के सबसे बड़े स्टेडियम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बारे में बात की। उन्होंने वहां कोल्डप्ले (Coldplay) के सफल कॉन्सर्ट को भी याद किया। दिलजीत ने कहा, “सबसे बड़ा स्टेडियम भारत में है – नरेंद्र मोदी स्टेडियम। एक गोरे ग्रुप (कोल्डप्ले) ने वहां सारे टिकट बेच दिए थे। शो हाउसफुल रहा था। उनके लिए सम्मान है, बहुत-बहुत बधाई। भारत में स्टेडियम हो और वहां कोई पंजाबी न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता।”

बाद में उन्होंने अहमदाबाद कॉन्सर्ट की तारीख कन्फर्म की और वेम्बली में मौजूद भीड़ से कहा, “हम 21 नवंबर 2026 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शो करेंगे,” जिसके बाद फैन्स खुशी से झूम उठे। यह ऐलान 2024 में उनके सफल ‘दिल-लुमिनाटी इंडिया टूर’ के बाद अहमदाबाद में दिलजीत की वापसी का संकेत है। नवंबर के शो के लिए टिकट कीमत और बुकिंग की जानकारी अभी घोषित की जानी बाकी है।

इस बीच दिलजीत दोसांझ ने शनिवार को लंदन के वेम्बली स्टेडियम में इतिहास रच दिया। वह इस मशहूर वेन्यू पर हेडलाइन करने वाले पहले पंजाबी सिंगर बन गए। “पंजाबी आ गए वेम्बली ओये!” के साथ अपने शो की शुरुआत करते हुए, दिलजीत ने खचाखच भरे स्टेडियम में मौजूद लोगों से कहा कि यह पल “इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाएगा।” दो घंटे से ज़्यादा चले इस कॉन्सर्ट में उन्होंने G.O.A.T., Lover, Hass Hass और Born to Shine जैसे हिट गाने गाए।

90,000 लोगों की क्षमता वाले इस वेन्यू में अलग-अलग बैकग्राउंड के फैन्स एक साथ गाते और नाचते दिखे। दिलजीत ने दर्शकों से बातचीत करते हुए कुछ फैन्स को, जिनमें बच्चे और एक बुज़ुर्ग महिला भी शामिल थीं, स्टेज पर भी बुलाया। कॉन्सर्ट का एंड ‘मैं हूं पंजाबी’ गाने और आतिशबाजी के साथ हुआ।