Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

Silver Prices: चांदी में निवेश करने वालों को पिछले कुछ महीनों में बड़ा झटका लगा है। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,84,632 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर तक यह गिरकर ₹2,08,380 प्रति किलो रह गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 45.8% की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में है। मंगलवार को इसकी कीमत करीब 56.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जनवरी के 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 54% नीचे है।

चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। इससे बाजार को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं। चांदी पर इसका दबाव पड़ रहा है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज आय नहीं होती।

चांदी का भाव कितना गिर सकता है?

J.P. Morgan Global Research को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही में चांदी करीब 63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर सकती है। बैंक ने 2026 के लिए औसत भाव का अनुमान 84 डॉलर से घटाकर 70 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। 2027 के लिए उसका अनुमान 63 डॉलर प्रति औंस है।

Bloomberg Intelligence के कमोडिटी रणनीतिकार माइक मैकग्लोन ने भी गिरावट की आशंका जताई है। Kitco के मुताबिक, उनके अनुसार चांदी निकट भविष्य में 50 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। लंबे समय तक इसका भाव 50 से 84 डॉलर के दायरे में रह सकता है।

तेल, डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को सहारा दिया। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंका बढ़ती है।

बाजार को उम्मीद है कि फेड 27-28 अक्टूबर की बैठक में दरें नहीं बदलेगा। हालांकि, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। आने वाले अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े इस दिशा में अहम होंगे। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।

भारतीय निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट पूरी तरह नहीं रुक सकती।

चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों को कच्चे तेल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने को सस्ता खरीदने का संकेत न मानें। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी करने से समय चुनने का जोखिम कुछ कम हो सकता है।

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

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Brent Crude 111 डॉलर के करीब पहुंचा, एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट

क्रूड ऑयल की कीमतों में 20 अक्तूबर को जोरदार तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड 1.39 फीसदी की तेजी के साथ 111.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.78 फीसदी चढ़कर 100 डॉलर के पार निकल गया। यह क्रूड ऑयल का बीते 5 महीनों का सबसे हाई लेवल है। क्रूड की यह तेजी न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों को बड़ी चोट पहुंचा सकती है।

20 मई के बाद पहली बार क्रूड 111 डॉलर पर

क्रूड ऑयल की कीमतों में नई तेजी की वजह सऊदी अरब में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूती विद्रोहियों के हमले हैं। गल्फ में भी ऑयल टैंकर्स सहित जहाजों पर हमलों की खबर है। इससे क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया है। 20 मई के बाद पहली बार क्रूड का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। हालांकि, फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रही हैं।

ब्रेंट क्रूड में जल्द ज्यादा नरमी का अनुमान नहीं 

ING के एनालिस्ट्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में क्रूड की कीमतों के आउटलुक के बारे में बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड की कीमतों को मौजूदा लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है। स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिससे क्रूड पर रिस्क प्रीमियम बढ़ा है। हालांकि, क्रूड की सप्लाई जारी है, जिससे रिस्क प्रीमियम में धीर-धीरे कमी आ सकती है। लेकिन, फिलहाल कीमतों में नरमी आने के संकेत नहीं हैं।

गल्फ में लगातार हमलों का क्रूड की सप्लाई पर असर

केपलर (kpler) ने अपनी रिपोर्ट में सोमवार को बताया था कि बीते दो हफ्तों में कम से कम 18 जहाजों पर हमलों की खबर है। इससे क्रूड पर रिस्क प्रीमियम बना हुआ है। इधर, हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब में एनर्जी, एयरपोर्ट जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अरामको की साइट को भी निशाना बनाया गया है।

हूती विद्रियों का सऊदी अरब के इंफ्रा पर हमला जारी

हूती विद्रोहियों ने सोमवार को यमन में सुरक्षा बलों के एक प्रशिक्षण शिविर को निशान बनाया, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन नए हमलों से मध्यपूर्व में अस्थिरता का खतरा बढ़ा है। साथ ही इसका असर एनर्जी की सप्लाई पर पड़ रहा है। इस वजह से पिछले कई दिनों से ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

अमेरिका डीजल की सप्लाई के लिए रूस से समझौते को मजबूर

उधर, अमेरिका में क्रूड ऑयल का रिजर्व पिछले हफ्ते गिरने का अनुमान है। अमेरिका में पहले से ही ऑयल खासकर डीजल की कीमतें काफी ऊपर चल रही हैं। इससे अमेरिका को डीजल की सप्लाई के लिए रूस से समझौता करना पड़ा है। लेकिन, इससे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। क्रूड में उछाल सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खराब खबर है।

भारत सहित दुनियाभर में महंगाई के बेकाबू होने का खतरा

महंगे क्रूड की वजह से दुनियाभर में महंगाई बेकाबू हो सकती है। इससे केंद्रीय बैंकों को इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले महीने इंटरेस्ट रेट में 25 बीपीएस की वृद्धि की थी। इस महीने की 28 तारीख को फेड की पॉलिसी आने वाली है। महंगाई को काबू में करने के लिए फेड एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इधर, भारत में इस महीने की शुरुआत में RBI ने रेपो रेट रेट 0.25 फीसदी बढ़ाया था। अनुमान है कि केंद्रीय बैंक दिसंबर में एक बार फिर रेपो रेट बढ़ा सकता है।

20 अक्टूबर को एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट 

क्रूड में उछाल का असर 20 अक्तूबर को शेयर बाजारों पर देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार दशहरा के मौके पर बंद हैं। लेकिन, दूसरे एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 1.63 फीसदी नीचे चल रहा था। सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स 0.25 फीसदी गिरकर चल रहा था। हैंगसेंग में 1.38 फीसदी की गिरावट दिखी। ताइवान का सूचकांक 1.14 फीसदी नीचे चल रहा था। दक्षिण कोरिया के बाजार कोस्पी में 3.88 फीसदी की गिरावट दिखी।

Commodity Cornor: क्रूड में नरमी से महंगाई की चिंता हुई कम , यील्ड में गिरावट से सोने को मिला सहारा

सोने की कीमतों में स्थिरता रही। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने सोने को और सहारा दिया। शाम के सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) लगभग 4,165 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव से 0.09 प्रतिशत बढ़कर 4,185 डॉलर प्रति औंस (12:40 GMT) के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप, घरेलू बाजार में MCX पर हाजिर सोना शाम के सत्र में 1,45,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.08 प्रतिशत गिरकर 1,47,793 रुपये प्रति 10 ग्राम (18:16 IST) पर आ गया।

LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “सोने में काफी हद तक स्थिरता रही। 4,190 डॉलर के ऊपरी स्तरों से प्रॉफिट बुकिंग के बाद, यह कॉमेक्स (Comex) सोने के रुझान का अनुसरण कर रहा है। 4,200 डॉलर का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस (बाधा) बना हुआ है, जबकि डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से सोने में तेजी सीमित हो रही है।”

डॉलर इंडेक्स 0.09 फीसदी बढ़कर 101.93 पर कारोबार कर रहा था, जबकि फ्यूचर्स ट्रेड में ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 108.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

PL कैपिटल के कमोडिटी प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा, “अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और यील्ड कम रहती है, तो सोने और चांदी में रिकवरी जारी रह सकती है। हालांकि, अगर तेल की कीमतों में फिर से उछाल आता है या फेड (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) की ओर से कोई सख्त रुख (hawkish signal) देखने को मिलता है, तो सोने की ये बढ़त खतरे में पड़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि 27-28 अक्टूबर की बैठक में फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। “अब सबकी नजरें फेड के बयान के लहजे और महंगाई के आंकड़ों के अगले दौर पर टिकी हैं।” ओम्निसिएंस कैपिटल के CEO विकास गुप्ता का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हैं, लेकिन साथ ही कुछ बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो सोना बेच रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें नियंत्रित बनी हुई हैं।

गुप्ता ने कहा, “भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि, फेड (Fed) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए, वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है, लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today : एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में सोने-चांदी के भाव में नरमी, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Silver Gold Price Today : मंगलवार को एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.3% गिरकर 4,126.84 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा है। वहीं, दिसंबर की डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 4,146.00 डॉलर पर दिख रहा है।

निवेशकों का फोकस अब यूएस फेड की 27-28 अक्टूबर की नीति बैठक और अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स’ (PCE) डेटा पर है। यूएस फेड 2% महंगाई दर का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए वह इस डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है।

यूएस फेड ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में कर दिया था। CME के ​​’फेडवॉच टूल’ के मुताबिक ट्रेडर्स का मानना ​​है कि इस बात की 83% संभावना है कि केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते दरों में कोई खास बदलाव नहीं करेगा,जबकि दिसंबर में दरों के बढ़ने की उम्मीद 94% बनी हुई है।

इस बीच बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने कहा है कि रिटेल महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के काफी करीब है। ग्लोबल स्तर पर AI की भारी मांग और टाइट जॉब मार्केट के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिलते हैं।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे सोना (बुलियन) अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

जियोपोलिटिकल फ्रंट की बात करें तो यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं।

दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो, स्पॉट सिल्वर 0.7% गिरकर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, प्लैटिनम 1,639.65 डॉलर पर सपाट दिख रहा है। जबकि, पैलेडियम 0.7% गिरकर 1,112.08 डॉलर पर आ गया है।

एक्सपर्ट्स की राय

स्मॉलकेस मैनेजर और ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि अगले 2-3 के नजरिए से सोने को लेकर आम राय यही है कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। इस अवधि के दौरान महंगाई और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि,ये दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं।

विकास गुप्ता का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हो सकते हैं,लेकिन साथ ही ऐसे बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो उसी समय सोना बेचें,जिससे सोने की कीमतें नियंत्रण में बनी रह सकती है।

भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि,फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए,ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है,लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि भारत में दशहरा मनाया जा रहा है और इस समय 24-कैरेट सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले महीने यह अपने रिकॉर्ड हाई से 6% से ज्यादा नीचे आया है। इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है वह सोने के प्रति भारतीय परिवारों के लगाव में नहीं,बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है। भारतीय अपने त्योहारी बजट को तो स्टेबल रख रहे हैं,भले ही इसके लिए उन्हें कम वजन वाले आभूषण खरीदने पड़ें।

साथ ही लोग सोने के सिक्कों,बार और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में अधिक निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी खरीदारी अब केवल गहने खरीदने तक सीमित न रहकर, संपत्ति को सुरक्षित रखने के एक व्यवस्थित तरीके में बदल रही है। आगे चलकर, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों में बहुत तेज उछाल नहीं आने देंगी,जिससे निकट भविष्य में सोने की कीमत में 5% तक की उतार-चढ़ाव वाली रेंज बनी रहने की संभावना है। इस दशहरे पर,खरीदार कीमतों में आई हालिया गिरावट को किसी चेतावनी के रूप में नहीं, बल्कि खरीदारी शुरू करने के एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं।

 

 

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी की चमक बढ़ी या हुई सस्ती? जानें आपके अपने शहर में आज का सिल्वर रेट

Silver price Today: देश में चांदी की कीमत और नीचे आ गई है। 19 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते सप्ताह चांदी का भाव 13,500 रुपये नीचे आया। MCX पर चांदी का वायदा भाव 758 रुपये यानी 0.36 प्रतिशत बढ़कर 2,11,418 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,10,660 रुपये पर बंद हुआ था। बुलियंस के मुताबिक चांदी 2,11,840 रुपये प्रति किलो और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.52 डॉलर प्रति औंस पर है।

हाई से अब इतनी सस्ती Silver 

बीते पांच कारोबारी दिनों में चांदी की वायदा कीमत में आई गिरावट के बाद अब Silver अपने लाइफ टाइम हाई से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है. बता दें जनवरी महीने में वायदा चांदी का भाव अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बात 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकली थी और इसने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का हाई लेवल छुआ था लेकिन इसके बाद चांदी की कीमत ज्यादातर दिनों क्रैश होती नजर आई और ताजा गिरावट के बाद तुलना करें, तो Silver Price अपने हाई लेवल से 2,08,630 रुपये किलो कम हो चुका है

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,29,900
मुंबई₹ 2,29,900
कोलकाता₹2,29,900
चेन्नई₹2,39,900
लखनऊ₹2,29,900
पटना₹2,29,900
जयपुर₹2,29,900
अहमदाबाद₹2,29,900
पुणे₹2,29,900
बेंगलुरु₹ 2,29,900
हैदराबाद₹2,29,900
भोपाल₹2,29,900
चंडीगढ़₹2,29,900
नोएडा₹2,29,900
गुरुग्राम₹2,29,900

कीमतों में दबाव क्यों

अमेरिकी मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) में बढ़ोतरी के कारण फेड द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है, जिससे चांदी (XAG) पर दबाव कायम है। अमेरिकी डॉलर में हालिया गिरावट से चांदी की कीमतों में कुछ सुधार आ सकता है, लेकिन ऊर्जा की ऊंची लागत और ब्याज दरें और बढ़ने का जोखिम इस सुधार को सीमित कर सकता है।

बाजार जानकारों का कहना है कि चांदी के आउटलुक को मजबूत करने के लिए इसे $50-$55 के सपोर्ट ज़ोन पर टिके रहना होगा और $60 के स्तर को पार करना होगा।

चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता, वजन और पक्का बिल जरूर जांचें। 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9 प्रतिशत चांदी होती है, जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर में 92.5 प्रतिशत चांदी होती है। गहनों की कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू GST भी जुड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AI में निवेश घटा तो एशियाई शेयर बाजारों में मच सकता है कोहराम, जानिए भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा कितना असर

अमेरिका में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में आई बड़ी गिरावट ने कई एशियाई शेयर बाजारों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अमेरिका में सेमीकंडक्टर्स शेयरों में लगातार 8 सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। यह 2008 के बाद बिकवाली का सबसे लंबा सिलसिला था। इसका असर नैस्डेक 100 पर भी पड़ा। अप्रैल 2005 के बाद इसमें सबसे बड़ी गिरावट आई।

आईआई शेयरों की बदौलत अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी

पिछले 1.5-2 सालों में अमेरिका में एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। इस सेक्टर को चिप और दूसरे हार्डवेयर सप्लाई करने वाली एशियाई कंपनियों के शेयरों में भी खूब तेजी आई है। इनमें दक्षिण कोरिया और ताइवान की कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका में एआई बूम जारी रखने के लिए नए निवेश की जरूरत है। पहले ही इस सेक्टर में काफी ज्यादा निवेश हो चुका है।

एआई में निवेश घटा तो एशियाई शेयर बाजारों में मच सकता है कोहराम

अगर अमेरिका में एआई में निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ती है तो इसका असर इस सेक्टर से जुड़ी एशियाई कंपनियों पर भी पड़ेगा। इसका संकेत दिखने लगा है। नियोक्लाउड ऑफर करने वाली कंपनी CoreWeave के बॉन्ड्स की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे इस सेक्टर पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है। इनवेस्टर्स सवाल पूछ रहे है कि एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों ने जो निवेश किया है, क्या उसका रिटर्न मिलने जा रहा है? क्या AI की डिमांड इतनी है, जिससे इन कंपनियों के रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा?

इंटरेस्ट रेट बढ़ने से एआई कंपनियों के लिए बढ़ रही इनवेस्टमेंट कॉस्ट

CoreWeave के शेयरों में 16 अक्तूबर को 12 फीसदी गिरावट आई। क्रूड की बढ़ती कीमतों ने एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों के लिए चिंता और बढ़ा दी है। क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ रही है, जिससे काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा रहे हैं। इससे इससे एआई कंपनियों के लिए नए निवेश की लागत भी बढ़ रही है। पिछले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ा चुका है। अब नजरें इस महीने की फेड की पॉलिसी पर लगी हैं।

ताइवान और दक्षिण कोरिया की चिप कंपनियों को हो सकती है दिक्कत

ताइवान की TSMC, दक्षिण कोरिया की SK Hynix और Samsung Electronics जैसी कंपनियां AI कंप्यूटिंग के लिए जरूरी चिप और मेमोरी की सप्लाई करती हैं। इन कंपनियों की कमाई एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाले इनवेस्टमेंटम पर निर्भर है। अगर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश घटता है तो इन कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। Gartner ने चेतावनी दी है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 3.5 ट्रिलियन डॉलर के इनवेस्टमेंट को 2030 तक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टमेंट के अनुपात में रेवेन्यू नहीं दिख रहा।

कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 236% तक उछाल

Union Bancaire Privee में मैनेजिंग डायरेक्टर वी-सेर्न लिंग ने कहा, “अगर हायरपरस्केलर्स और नियोक्लाउड्स को निवेश जारी रखने के लिए फंड नहीं मिलता है तो इसका असर टीएसएमसी, सैमसंग और SK Hynix जैसी एशियाई कंपनियों पर पड़ेगा। उन्हें मिलने वाले ऑर्डर्स घट जाएंगे।” इस साल MSCI Asia-Pacific Index की सबसे ज्यादा चढ़ने वाली 10 कंपनियों से 8 कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियां हैं। इनमें से हर कंपनी का शेयर कम से कम 236 फीसदी चढ़ा है।

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भारतीय बाजार पर इस वजह से नहीं पड़ेगा असर 

जहां तक भारत की बात है तो इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि भारत में एआई और सेमीकंडक्टर्स बनाने वाली कंपनियां नहीं हैं। यहीं वजह है कि पिछले 1-2 सालों में जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में तेजी आई तब भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। यहां तक की एआई बूम का निगेटिव असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है। अब जब एआई और चिप शेयर गिर रहे हैं तो भारतीय आईटी शेयरों में तेजी दिख रही है।

 

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में इस हफ्ते सोना 3% गिरा, चांदी 13500 रुपये फिसली

Gold Silver Prices Today: यह हफ्ता सोने और चांदी की कीमतों के लिए अच्छा नहीं रहा। दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, हफ्ते के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में दिल्ली सर्राफा बाजार में बदलाव नहीं हुआ। सोना की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बनी रही।

चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में भी बदलाव नहीं हुआ। यह 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सोना 0.13 फीसदी चढ़कर 4,176 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.30 फीसदी के उछाल के साथ 57.58 डॉलर प्रति औंस थी।

इस हफ्ते दिल्ली में चांदी 13500 रुपये हुई सस्ती

इस हफ्ते सोना दिल्ली सर्राफा बाजार में 3 फीसदी यानी 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। चांदी में ज्यादा गिरावट देखने को मिली। यह इस हफ्ते 13,500 रुपये यानी 6 फीसदी फिसल गई। हालांकि, त्योहारों के दौरान सोने और चांदी में गिरावट ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। भारत में त्योहारों के दौरान सोने और चांदी खरीदने की परंपरा रही है।

रुपये में तेजी से सोने में रिकवरी पर लगी लगाम

डिजिटल एसेट ट्रेडिंग फर्म जियोटस डॉट कॉम के सीईओ विक्मर शुभराज ने कहा कि शुक्रवार को रुपये में डॉलर के मुकाबले छटे दिन तेजी आई। यह 7 पैसे चढ़कर 94.92 के लेवल पर पहुंच गया। रुपये में मजबूती से सोने में रिकवरी पर ब्रेक लगा है। रुपये में मजबूती से गोल्ड की इंपोर्ट कॉस्ट कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में रिकवरी 

ऑगमोन्ट में चीफ रिसर्च अफसर रेनिशा चैनानी ने कहा कि डॉलर इंडेक्स में नरमी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। इससे पहले यह गिरकर 18 महीने के निचले स्तर पर आ गया था। चांदी में भी तेज गिरावट देखने को मिली थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में रह सकती हैं।

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बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर 

बुलियन मार्केट की नजरें इस महीने के अंत में आने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। हालांकि, शुक्रवार को थाईलेंड में आईएमएफ की सालाना बैठक में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने 28 अक्टूबर की पॉलिसी के फैसलों के बारे में किसी तरह का संकेत देने से इनकार कर दिया। लेकिन, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन कह चुके हैं कि उनका फोकस फिलहाल कीमतों को बढ़ने से रोकने पर होगा।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार चौथे दिन फिसला सोना, चांदी एक दिन में ₹6000 गिरी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोने में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। यह 900 रुपये गिरकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती और कमजोर फिजिकल डिमांड का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 6000 रुपये की गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में भी बड़ी गिरावट आई। यह 6000 रुपये गिरकर 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में भी लगातार चौथे दिन गिरावट आई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्टस सौमिल गांधी ने कहा कि रुपये में मजबूती और कमजोर डिमांड की वजह से सोने की कीमतों में नरमी दिखी।

रुपया लगातार पांचवें दिन चढ़ा

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार चौथे दिन मजबूती आई। यह 12 पैसे की मजबूती के साथ 95.05 के लेवल पर बंद हुआ। आरबीआई ने पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए कई कदम उठाए थे। इसका असर रुपये पर दिख रहा है। रुपये में मजबूती से सोने की इंपोर्ट कॉस्ट घट जाती है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी रिकवरी दिखी। सोना 1.22 फीसदी चढ़कर 4,157 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 1.84 फीसदी की तेजी के साथ 56 डॉलर प्रति औंस पर थी। इससे पहले के सत्र में सोने और चांदी में गिरावट आई थी। खासकर चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने को सपोर्ट

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में गिरावट है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर डॉलर इंडेक्स पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन बढ़ा है। इससे इस महीने के आखिर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ी है।

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बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर 

इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी आने वाली है। इस बीच, क्रूड ऑयल की कीमतों में हल्की नरमी दिखी है। हालांकि, ब्रेट क्रूड अब भी 104 डॉलर प्रति बैरल पर है। बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर लगी हैं। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

Asian Market: एशियाई शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। जबकि इससे पहले दो सेशन में गिरावट आई थी। निवेशकों को उम्मीद है कि US फेडरल रिजर्व को अगले साल अपनी पॉलिसी को बहुत ज़्यादा सख्त करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। MSCI के एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 0.2% की बढ़त हुई। मंगलवार को चिप शेयरों में भारी गिरावट के कारण यह इंडेक्स अगस्त के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। दक्षिण कोरिया का Kospi 1.73% चढ़ा, Taiex में 0.52% और Nikkei 225 में 0.47% की बढ़त हुई, जबकि Topix 0.11% गिर गया। Hang Seng फ्यूचर्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी।

इस क्षेत्र में दूसरी जगहों पर, चीनी शेयरों के फिर से ‘बेयर मार्केट’ (गिरावट वाले बाज़ार) में जाने का खतरा बना हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बात पर शक बढ़ रहा है कि क्या बीजिंग अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कोई बड़ा स्टिमुलस (आर्थिक राहत पैकेज) देगा या नहीं।

CSI 300 इंडेक्स जून के अपने पीक (उच्चतम स्तर) से 15% से ज़्यादा गिर चुका है और अगस्त 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर है।

भारत में, GIFT Nifty – जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन की शुरुआत कैसे करेगा – ने नेगेटिव शुरुआत का संकेत दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शेयर ट्रेडिंग पर लगने वाले ट्रांज़ैक्शन टैक्स पर चर्चा सुनने की इच्छा ज़ाहिर करने के बाद देश के शेयरों पर सबकी नज़र है, क्योंकि देश ज़्यादा कैपिटल इनफ्लो (पूंजी का निवेश) आकर्षित करना चाहता है।

मंगलवार को उनके भाषण के दौरान Nifty 50 में बढ़त जारी रही और यह 1.6% ऊपर बंद हुआ, जो दो महीने से ज़्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी बढ़त थी।

इस बीच, जापान की करेंसी स्थिर रही और शुरुआती कारोबार में 158.33 प्रति डॉलर पर ट्रेड करती रही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ़ जापान के अधिकारी इस महीने लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पॉलिसी बनाने वालों ने दिसंबर में एक और कदम उठाने का विकल्प खुला रखा है।

ऑफशोर युआन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 6.6930 प्रति डॉलर पर रहा। वॉल स्ट्रीट पर शांत कारोबार के बाद इस क्षेत्र में रिकवरी दिखी। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि इस साल एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए, लेकिन 2027 में और सख्ती की ज़रूरत नहीं है, S&P 500 ने अपनी शुरुआती गिरावट को कम किया और लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

उनके बयानों से टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव कम हुआ और माइक्रोसॉफ्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। न्यूयॉर्क में ट्रेडिंग के दौरान US ट्रेजरी में तेज़ी आई और US डॉलर कमज़ोर हुआ, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों के आउटलुक पर नए संकेतों के लिए बुधवार के US कंज्यूमर प्राइस डेटा का इंतज़ार कर रहे थे।

व्यापक चिंताओं के बावजूद US इक्विटीज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, मंगलवार तक 53 सेशन में S&P 500 में एक दिन में 1% की गिरावट नहीं देखी गई, जो जनवरी 2020 के बाद से ऐसा सबसे लंबा दौर था।

US अर्निंग्स सीज़न की शुरुआत ने भी सेंटीमेंट को प्रभावित किया। JPMorgan Chase, Citigroup और Wells Fargo, तीनों ने तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड लेंडिंग इनकम दर्ज की, क्योंकि ऊंची दरों के बावजूद ग्राहक लोन लेते रहे।

Goldman Sachs में इक्विटी ट्रेडर्स ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन फिक्स्ड-इनकम और रेट्स ट्रेडिंग वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से काफी पीछे रही। निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेड के बारे में संकेतों के लिए भी अर्निंग्स पर नज़र रखे हुए थे, जिस पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि इस बात पर संदेह है कि क्या अरबों डॉलर खर्च करने से उतना ही रिटर्न मिलेगा।

तेल की कीमतें बढ़ती रहीं। US क्रूड 0.8% बढ़कर लगभग $94.80 प्रति बैरल हो गया, जो लगातार पांचवें दिन की बढ़त थी, क्योंकि वेस्ट एशिया में नए हमलों ने अरब खाड़ी से एनर्जी शिपमेंट की बहाली को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट शुरुआती एशियाई ट्रेडिंग में $106.51 प्रति बैरल तक बढ़ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% बढ़कर $94.81 हो गया। बाज़ारों को चिंता थी कि क्रूड की ऊंची कीमतें महंगाई को लगातार ऊंचा रख सकती हैं, जिससे बुधवार के US महंगाई के आंकड़ों का महत्व और बढ़ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी फिसली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 13 अक्तूबर को लगातार दूसरे दिन सोने में गिरावट आई। यह 400 रुपये गिरकर 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में भी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की तेजी थी, जबकि चांदी पर दबाव था।

चांदी में 500 रुपये की गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 500 रुपये गिरकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। सोने और चांदी की कीमतों पर रुपये में मजबूती का असर पड़ा। बीते दो सत्रों में रुपये में 1.5 फीसदी की मजबूती आई है। रुपये में मजबूती से गोल्ड के आयात की लागत घट जाती है। इसका असर इसके घरेलू प्राइस पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरी चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.03 फीसदी चढ़कर 4,172 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 0.97 फीसदी गिरकर 59,60 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। क्रूड ऑयल की कीमतों में हल्की कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड अब भी 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

क्रूड ऑयल 100 डॉलर के ऊपर 

क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। इससे अमेरिका सहित दूसरे देशों में महंगाई तेजी से बढ़ने का डर है। इस महीने के आखिर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी आने वाली है। बुलियन मार्केट की नजरें फेड के फैसले पर लगी हैं। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका खराब असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

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सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव 

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू लड़ाई ने सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ा दिया। तब से सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में चढ़ और उतर रही हैं।