Silver Prices: चांदी में रिकॉर्ड हाई से 46% की गिरावट, जेपी मॉर्गन ने कीमतों के लिए अनुमान घटाया

Silver Prices: चांदी में निवेश करने वालों को पिछले कुछ महीनों में बड़ा झटका लगा है। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,84,632 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर तक यह गिरकर ₹2,08,380 प्रति किलो रह गई। यानी रिकॉर्ड हाई से करीब 45.8% की गिरावट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में है। मंगलवार को इसकी कीमत करीब 56.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। जनवरी के 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से यह करीब 54% नीचे है।

चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। इससे बाजार को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं। चांदी पर इसका दबाव पड़ रहा है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज आय नहीं होती।

चांदी का भाव कितना गिर सकता है?

J.P. Morgan Global Research को उम्मीद है कि 2026 की चौथी तिमाही में चांदी करीब 63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर सकती है। बैंक ने 2026 के लिए औसत भाव का अनुमान 84 डॉलर से घटाकर 70 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। 2027 के लिए उसका अनुमान 63 डॉलर प्रति औंस है।

Bloomberg Intelligence के कमोडिटी रणनीतिकार माइक मैकग्लोन ने भी गिरावट की आशंका जताई है। Kitco के मुताबिक, उनके अनुसार चांदी निकट भविष्य में 50 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। लंबे समय तक इसका भाव 50 से 84 डॉलर के दायरे में रह सकता है।

तेल, डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को सहारा दिया। महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंका बढ़ती है।

बाजार को उम्मीद है कि फेड 27-28 अक्टूबर की बैठक में दरें नहीं बदलेगा। हालांकि, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। आने वाले अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े इस दिशा में अहम होंगे। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे, तो चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।

भारतीय निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मई में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से घरेलू चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला है। लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट पूरी तरह नहीं रुक सकती।

चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों को कच्चे तेल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कीमत गिरने को सस्ता खरीदने का संकेत न मानें। एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी करने से समय चुनने का जोखिम कुछ कम हो सकता है।

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: सोना ₹1020 सस्ता हुआ, ₹1.50 लाख से नीचे आया भाव; चांदी भी ₹2887 टूटी

Gold Silver Prices Today: सोने की कीमतों में सोमवार को करीब 1% की गिरावट आई। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोने की तेजी पर दबाव बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,020 गिरकर ₹1,49,370 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

पिछले हफ्ते छुट्टियों के कारण कम कारोबार वाले सत्र में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई थी। सोना ₹2,887 यानी करीब 2% टूटकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर रहा। शुक्रवार को महात्मा गांधी जयंती के कारण घरेलू कमोडिटी बाजार बंद था।

मजबूत डॉलर से सोने पर दबाव

Choice Broking की कमोडिटी टेक्निकल एनालिस्ट कावेरी मोरे ने कहा कि सोने की कीमतें फिलहाल एक दायरे में बनी हुई हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण सोने में तेजी की रफ्तार सीमित है। डॉलर इंडेक्स 102.37 के आसपास 18 महीने के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इससे सोने पर दबाव बढ़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ 4,163.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है। शुक्रवार को यह थोड़े समय के लिए 4,200 डॉलर के पार चला गया था।

अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद घटकर 20% से नीचे आ गई है। हालांकि, दिसंबर में दर बढ़ने की संभावना अभी करीब 70% मानी जा रही है।

पिछले हफ्ते सोना और चांदी दोनों टूटे

पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 158.9 डॉलर यानी 3.7% गिरकर 4,162.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी 4.38 डॉलर यानी 6.7% गिरकर 60.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊंची रहने के कारण सोने की रिकवरी पर दबाव बना हुआ है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 5.2% पर बनी हुई है। लगातार महंगाई, राजकोषीय चिंताएं और सरकार की ज्यादा उधारी इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।

आगे किन आंकड़ों पर नजर?

एनालिस्ट के मुताबिक, इस हफ्ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सर्विसेज PMI आंकड़े, अमेरिका के व्यापार आंकड़े और महीने के मध्य में आने वाले कंज्यूमर सेंटिमेंट के आंकड़े सोने की दिशा के लिए अहम होंगे।

इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।

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Gold Silver Price: सोने-चांदी का चढ़ा भाव, अमेरिकी जॉब्स डेटा से रेट हाइक की चिंता घटी

Gold Silver Price: अमेरिका में सितंबर का जॉब्स डेटा उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद सोने में शुक्रवार को 1% से ज्यादा तेजी आई। कमजोर रोजगार आंकड़ों से इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता कम हुई है। हालांकि, मजबूत डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड अभी भी सोने पर दबाव बना रही हैं।

1% से ज्यादा चढ़ा सोना

शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 1.1% बढ़कर 4,223.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.2% चढ़कर 4,254.10 डॉलर प्रति औंस हो गया।

हालांकि, पूरे हफ्ते की बात करें तो सोना अभी करीब 1.5% नीचे है। यानी शुक्रवार की तेजी के बावजूद साप्ताहिक नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है।

सितंबर में सिर्फ 29,000 नौकरियां बढ़ीं

अमेरिका में सितंबर के दौरान नॉन-फार्म पेरोल में सिर्फ 29,000 की बढ़ोतरी हुई। अगस्त के आंकड़े को भी घटाकर 1.33 लाख कर दिया गया है।

रॉयटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने सितंबर में 90,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान लगाया था। यानी असल आंकड़ा अनुमान से काफी कम रहा।

फेड की रेट हाइक की उम्मीद घटी

कमजोर जॉब्स डेटा के बाद अक्टूबर में अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ने की संभावना भी कम हो गई है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, अब ट्रेडर्स रेट हाइक की सिर्फ 14% संभावना देख रहे हैं।

जॉब्स डेटा से पहले यह संभावना 28% थी। हफ्ते की शुरुआत में तो यह करीब 70% थी। रेट हाइक की उम्मीद घटने से डॉलर थोड़ा कमजोर हुआ और सोने को सहारा मिला।

Marex के एनालिस्ट एडवर्ड मेयर ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम होने से डॉलर पर दबाव आया। इसका फायदा सोने को मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सोने में पहले काफी बिकवाली हो चुकी थी, इसलिए इसमें उछाल आना स्वाभाविक था।

फिर भी सोने पर दबाव क्यों?

सोने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अभी बड़ी चिंता है। 10 साल और 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड गुरुवार को 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।

ऊंची यील्ड आमतौर पर सोने के लिए चुनौती होती है। इसकी वजह यह है कि सोने से ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए सोने की आकर्षकता कम हो सकती है।

युद्ध शुरू होने के बाद 20% गिरा सोना

फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 20% गिर चुका है। युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता ने अमेरिकी ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद बढ़ाई थी।

हालिया महंगाई के आंकड़े भी उम्मीद से नरम रहे हैं। इसके अलावा, कम से कम दो बड़े फेड अधिकारियों ने अक्टूबर में एक और रेट हाइक का विरोध किया है। इससे बाजार में रेट को स्थिर रखने की उम्मीद बढ़ी है।

आगे क्या देखना होगा?

Bybit के चीफ मार्केट एनालिस्ट हान टैन के मुताबिक, सोने में आगे भी तेजी की गुंजाइश हो सकती है। इसके लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का अपने ऊंचे स्तर पर पहुंचना अहम होगा।

दूसरी ओर, Marex के एडवर्ड मेयर ने कहा कि सोने का चार्ट अभी कमजोर दिख रहा है। अगर ब्याज दरों का चक्र फिर ऊपर जाता है, तो सोने में और गिरावट आ सकती है।

चांदी भी 2% चढ़ी

सोने के साथ दूसरे कीमती मेटल्स में भी शुक्रवार को तेजी रही। स्पॉट सिल्वर 2% बढ़कर 62.07 डॉलर प्रति औंस हो गया।

प्लैटिनम 1% चढ़कर 1,740.53 डॉलर और पैलेडियम 2.2% बढ़कर 1,197.47 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, ये तीनों मेटल्स भी इस हफ्ते अब तक गिरावट में हैं।

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Gold Silver Price Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोना ₹200 गिरा

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। मजबूत रुपये और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच सोना ₹200 गिरकर ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

शुक्रवार को 24 कैरेट वाला सोना ₹1,56,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत ₹5,000 घटकर ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2.47 लाख प्रति किलो पर थी।

ग्लोबल बाजार में भी दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने-चांदी पर इस समय कई तरह के दबाव हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख और महंगाई की चिंता से बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत बने हुए हैं।

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग को सपोर्ट मिल रहा है।

ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 24.75 डॉलर यानी 0.57% गिरकर 4,353.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 66.27 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही।

मजबूत रुपये का भी असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, रुपये में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 95.81 पर पहुंच गया। शेयर बाजार में तेजी का भी कीमती धातुओं पर असर पड़ा।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना फिलहाल 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे सत्र गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद भी सोने पर असर डाल रही है।

गौरव गर्ग के मुताबिक, WTI क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। निवेशक सऊदी अरब से तेल की सप्लाई सामान्य होने की संभावना पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में हमले और सप्लाई में रुकावट अभी भी बड़ा जोखिम बने हुए हैं।

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Gold Price Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: सोमवार 21 सितंबर से शुरू हो रहे नए हफ्ते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, इसके एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में हलचल पर बाजार की नजर रहेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा भी सोने को प्रभावित करेगी।

मौद्रिक नीति और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम से भरे पिछले हफ्ते के बाद अब निवेशकों की नजर नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI के आंकड़े जारी होंगे।

हफ्ते के आखिर में अमेरिका के हाउसिंग डेटा, ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े भी आएंगे। इनसे मौद्रिक नीति और सोने की मांग को लेकर बाजार को संकेत मिल सकते हैं।

MCX पर सोने-चांदी में तेजी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले हफ्ते ₹1,597 यानी 1.04 फीसदी बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का भाव ₹6,629 यानी करीब 3 फीसदी बढ़कर ₹2.41 लाख प्रति किलो हो गया।

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि MCX पर सोने की शुरुआत पिछले हफ्ते करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कमजोर रही। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से कीमतों में मजबूत रिकवरी हुई और सोना ₹1.54 लाख तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि बाजार में बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव रहा। अब कई अहम घटनाक्रम पीछे छूट चुके हैं। ऐसे में बाजार की नजर मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के अगले दौर पर रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला कॉमेक्स गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी करीब 3 फीसदी बढ़कर 67.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार हुआ। हालांकि, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। इससे सोना हफ्ते के अंत में बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेर के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कुछ बढ़त कम हुई। इसी दौरान हफ्ते के बीच तेल की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 कारोबारी हफ्तों से निवेशकों की सोने में दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। दुनियाभर के गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF में लगातार निवेश इसका संकेत है।

चीन के फैसले पर भी नजर

चांदी की कीमतों ने भी इंडस्ट्रियल मेटल्स की चाल को फॉलो किया। शुरुआती गिरावट के बाद चांदी में रिकवरी हुई और हफ्ते का अंत मजबूत बढ़त के साथ हुआ।

मेर ने कहा कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें अब खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में बाजार की नजर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पर रहेगी। बैंक सोमवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर सकता है। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

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Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी धड़ाम, इन तीन फैक्टर का दिखा असर

Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर ने बुलियन पर दबाव बनाया। वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त पॉलिसी की उम्मीद भी बढ़ी है।

कॉमेक्स गोल्ड गुरुवार शाम कारोबार में 1.68% गिरकर 4,386 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। वहीं, चांदी 5.37% गिरकर 65 डॉलर प्रति औंस से नीचे रही।

घरेलू बाजार में भी दबाव दिखा। अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड फ्यूचर्स शाम के कारोबार में करीब 1% गिरकर ₹1,52,249 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी 3.63% गिरकर ₹2,35,347 प्रति किलोग्राम पर रही।

सोने पर क्यों बढ़ा दबाव?

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने में कारोबार कमजोर और उतार-चढ़ाव वाला रहा। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी रही।

गुरुवार को डॉलर रुपया के मुकाबले 38 पैसे मजबूत होकर 95.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर के स्तर से ऊपर चली गई।

त्रिवेदी के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंता बनी हुई है। इससे फेड की सख्त पॉलिसी की उम्मीद बढ़ रही है। इसका दबाव सोने पर पड़ रहा है।

उनका कहना है कि मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बीच ऊंचे स्तरों पर सोने पर दबाव बना रह सकता है। घरेलू बाजार में सोने की रेंज ₹1,51,500 से ₹1,55,000 के बीच रह सकती है।

गोल्ड प्राइस का आउटलुक कैसा है

अब बाजार की नजर फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है। इस हफ्ते आने वाले PCE Price Index के आंकड़े महंगाई की स्थिति का संकेत देंगे। इससे अगले हफ्ते होने वाली फेड बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें तय हो सकती हैं।

Anand Rathi Share and Stock Brokers की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में रिकवरी सोने पर फिर दबाव बना रही है। फिलहाल बाजार में तेजी को लेकर ज्यादा भरोसा नहीं है। निवेशक फेड के अगले कदम को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश

दूसरी तरफ, गोल्ड ETF में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है। अगस्त 2026 में गोल्ड ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो है।

इससे ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग बढ़कर 4,189 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह फरवरी 2026 के 4,176 टन के पिछले रिकॉर्ड से भी ज्यादा है।

नार्वेकर के मुताबिक, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और महंगे कच्चे तेल का दबाव सोने पर बना हुआ है। साथ ही, अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। ऐसे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बावजूद सोने की सेफ हेवन डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल रहा है।

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Gold Price Today: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले सोना ₹3400 महंगा हुआ, चांदी भी ₹5000 उछली

Gold Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार, 3 सितंबर को सोने की कीमत में जोरदार तेजी आई। 6 कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोना ₹3,400 उछलकर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को 24 कैरेट वाला वाला सोना ₹1,56,100 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी की कीमत में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलो पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,35,500 प्रति किलो था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमॉन के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड हाल की ऊंचाई से नीचे आई है। इसके अलावा, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। इससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिला।

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के निजी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को लेकर बाजार की धारणा बदली।

कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना सस्ता पड़ता है। इससे कीमतों को सहारा मिलता है।

इंटरनेशनल मार्केट में भी तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $55.76 यानी 1.27% बढ़कर $4,443.93 प्रति औंस पहुंच गया। चांदी भी करीब 1% की तेजी के साथ $65.77 प्रति औंस पर पहुंच गई।

निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना एक महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद फिर $4,440 के आसपास लौट आया। कमजोर डॉलर ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया।

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आगे क्या रहेगा रुख?

अमेरिकी जॉब मार्केट के अहम आंकड़ों से पहले सोने और चांदी की आगे की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कमजोर आंकड़े आने पर डॉलर और कमजोर हो सकता है, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है।

वहीं, अगर रोजगार के आंकड़े मजबूत रहे या फेड ने सख्त रुख अपनाया, तो ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद फिर मजबूत हो सकती है। ऐसे में सोने और चांदी पर दबाव आ सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल! कमजोर डॉलर और US Fed के फैसले से रॉकेट बने दाम, देखें नया भाव!

Gold Price Today: कमजोर डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद घटने से सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी आई। स्पॉट गोल्ड 0.5% चढ़कर 4,398.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर 4,455.50 डॉलर प्रति औंस हो गया।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.2% गिरावट आई। इससे दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया। Saxo Bank के कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड ओले हैनसेन का कहना है कि अमेरिका में महंगाई, रोजगार और उपभोक्ता खर्च के नरम आंकड़ों से फेड की अगली बड़ी चाल अब ब्याज दर बढ़ाने की बजाय कटौती की तरफ झुकती दिख रही है।

सितंबर में रेट बढ़ने की उम्मीद घटी

हाल में आए कमजोर पेरोल डेटा और नियंत्रित महंगाई के बाद बाजार की धारणा बदली है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, सितंबर में फेड के ब्याज दर बढ़ाने की संभावना अब 31% रह गई है। एक महीने पहले यह 51% थी।

UBS के विश्लेषक जियोवानी स्टाउनोवो ने कहा कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें अब भी 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर हैं। इससे अगले महंगाई आंकड़ों पर कुछ दबाव बना रह सकता है।

इस हफ्ते किन स्तरों पर रहेगी नजर?

LKP Securities में VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, COMEX पर सोना 4,395 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके लिए 4,410-4,415 डॉलर का दायरा नजदीकी रेजिस्टेंस है। 4,375 डॉलर के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। वहीं MCX Gold में ₹1,54,750 का स्तर अहम सपोर्ट और ₹1,55,500 का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

दूसरे कीमती धातुओं का हाल

दूसरी कीमती धातुओं में भी तेजी दिखी। चांदी 1.5% बढ़कर 65.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम 0.7% चढ़कर 1,759.72 डॉलर और पैलेडियम 1.6% बढ़कर 1,333.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

निवेशक अब बुधवार को आने वाली फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

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Gold Investment: क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? मोतीलाल ओसवाल ने निवेशकों को दी खास सलाह

Gold Investment: हाल के वर्षों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन अब निवेश की रणनीति बदलने की जरूरत हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का कहना है कि तेजी के दौरान एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।

ब्रोकरेज के मुताबिक, अब सोने की कीमतों पर सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव का असर नहीं पड़ता। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरें और रियल यील्ड जैसे फैक्टर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

MOFSL का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को एक बार में बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग स्तर पर धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से सोने में 6% से 8% तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले 12 से 15 महीनों में कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

भारतीय निवेशकों के लिए ब्रोकरेज ने ₹1.30 लाख से ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को खरीदारी के लिए वाजिब माना है। वहीं, मीडियम टर्म में ₹1.68 लाख और उसके बाद ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य दिया है।

ब्याज दरों पर क्यों रखें नजर?

सोना नियमित आय नहीं देता, जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड देते हैं। इसलिए ब्याज दरों का सोने की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है।

जब रियल यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इससे सोने पर दबाव आ सकता है। वहीं, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद सोने की मांग बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर फैसले, ग्लोबल लिक्विडिटी, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश पर नजर रखनी चाहिए।

चांदी को लेकर क्या राय है?

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की चाल सोने से अलग होती है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक सेक्टर में भी होता है।

इसी कारण चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इस पर औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक स्थिति, निवेशकों की खरीदारी और ब्याज दरों का असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

ब्रोकरेज का मानना है कि सोना और चांदी लंबी अवधि में पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अच्छा विकल्प बने रहेंगे। हालांकि, निवेशकों को छोटी अवधि की तेजी या गिरावट के पीछे भागने के बजाय अनुशासित तरीके से निवेश करना चाहिए। महंगाई, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखना ज्यादा अहम होगा।

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Gold Silver Price Today: सोना ₹900 सस्ता हुआ, चांदी का ₹1800 बढ़ा भाव

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमत में ₹900 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोना क्यों हुआ सस्ता?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। वहीं, रुपये की मजबूती का भी घरेलू कीमतों पर असर पड़ा। इसी वजह से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और कीमतों में गिरावट आई।

चांदी में लौटी तेजी

सोने के उलट चांदी की कीमत में ₹1,800 प्रति किलो की तेजी आई। अब चांदी ₹2,26,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,24,700 प्रति किलो था।

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में खरीदारी बढ़ाई। इससे चांदी के दाम मजबूत हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी हल्की तेजी के साथ 57.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च AVP कायनात चैनवाला के मुताबिक, ईरान पर नए हमले की योजना रद्द होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी को सपोर्ट दिया।

इस हफ्ते इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा गिरावट के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि इस हफ्ते अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। निवेशकों की नजर फिलहाल इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल MCX पर सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिलहाल कोई नया तनाव नहीं होना, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर का कमजोर होना है।

अब आगे सोने की चाल कैसी रहेगी

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब सोने की चाल फेडरल रिजर्व के रेट संकेत और अमेरिका के रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों के हिसाब से चलेंगी। उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निकट भविष्य में MCX Gold ₹1,42,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।