Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में नरमी से मार्केट के सेंटिमेंट सुधरे हैं।, GIFT निफ्टी में मामूली तेजी है। यह करीब 30 प्वाइंट ऊपर है। एशियाई बाजार मिलेजुले दिख रहे हैं। इधर कल टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक नए ऑल-टाइम हाई पर जाता दिखा। डाओ जोन्स में भी निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। हालांकि डॉलर इंडेक्स 102 के ऊपर टिका हुआ है। यूएस में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.31 परसेंट पर दिख रही है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद हुआ। इसे कच्चे तेल की गिरती कीमतों और फार्मा व हेल्थकेयर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई खरीदारी का सहारा मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ।

क्रूड में नरमी, $100 के करीब ब्रेंट

वेस्ट एशिया से सप्लाई सुधरने के संकेतों के बीच कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब आ गया है। उधर मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल से सोने पर दबाव है। कॉमेक्स गोल्ड 2 महीने के निचले स्तर पर आ गया है।

कोटक बैंक, एक्सिस बैंक के Q2 अपडेट अच्छे

कोटक बैंक के Q2 Update अच्छे रहे हैं। बैंक के नेट एडवांस करीब 25% बढ़े हैं। डिपॉजिट में 23 परसेंट का उछाल दिखा है। CASA भी 11% बढ़ा है। एक्सिस बैंक के भी तिमाही अपडेट जोरदार रहे हैं। बैंक के एडवांस 23% और डिपॉजिट करीब 21% बढ़े हैं।

ट्रेंट और गोदरेज कंज्यूमर के Q2 बिजनेस अपडेट अच्छे

दूसरी तिमाही में ट्रेंट ने अच्छे बिजनेस अपडेट पेश किए है। इसके स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 23 परसेंट का उछाल देखने को मिला है। Q2 में Westside के 10 और जूडियो के 17 स्टोर खोले गए हैं। उधर कमजोर मॉनसून के बावजूद गोदरेज कंज्यूमर को दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। कंसो रेवेन्यू ग्रोथ हाई Teens में रहनी संभव है। पूरे साल का गाइडेंस हासिल करने के लिए कंपनी ट्रैक पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में तेजी

आज शुगर शेयरों पर नजर रहेगी। सप्लाई की चिंता से इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। इसके दाम 20 सेंट प्रति पाउंड के पार निकल गए हैं। भारत में एल-नीनो से उत्पादन गिरने की आशंका है तो ब्राजील में ज्यादा बारिश से कटाई में देरी से भाव में उछाल आया है।

सूखे के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 16 अक्टूबर से 10% पानी की कटौती लागू

सूखे के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला आया है। 16 अक्टूबर से 10% पानी की कटौती लागू होगी सभी अर्बव और रूरल लोकल बॉडीज में पानी की लीकेज रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

एशियन करेंसी

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला रुख रहा। इंडोनेशियाई रुपया 0.20% गिरा,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.07% और फिलीपींस पेसो में 0.01% की गिरावट आई जो इन मुद्राओं पर हल्के दबाव का संकेत है।

दूसरी ओर ताइवानी डॉलर में 0.10% की बढ़त हुई और यह इस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही। इसके बाद जापानी येन (+0.06%) और मलेशियन रिंगित (+0.04%) का स्थान रहा। चीनी रेनमिनबी (+0.02%), सिंगापुर डॉलर (+0.02%) और थाई बाट (+0.01%) में भी थोड़ी बढ़त देखी गई।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

5 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 4,699 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने इस दौरान 5,181 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : अक्टूबर सीरीज की कमजोर शुरूआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 4 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि ग्लोबल संकेत ठीक-ठाक हैं। एशियाई बाजार मजबूत दिख रहे हैं। निक्केई और कोस्पी 1-1% ऊपर हैं। 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बावजूद अमेरिकी बाजारों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। डाओ फ्यूचर्स भी 125 प्वाइंट ऊपर दिख रहा है। कच्चे तेल में नरमी आई है। कच्चे तेल में नरमी के बावजूद 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने से टेंशन है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

उतार-चढ़ाव भरे सेशन में 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। F&O एक्सपायरी के बीच निफ्टी 22,700 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

GIFT निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है। यह 22,830 के आसपास नजर आ रहा है। ये भारतीय बाजारों के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत हैं।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयरों में तीन सेशन में पहली बार बढ़त देखने को मिल रही है। US सेमीकंडक्टर शेयरों के अहम इंडेक्स में बढ़त के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों की अगुवाई में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% ऊपर चढ़ा है। US इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में भी थोड़ी बढ़त हुई है। निक्केई में 1.20 फीसदी की तेजी है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.05 फीसदी की हल्की कमजोरी है। हैंग सेंग में भी 0.42 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। ताइवान का बाजार 1.45 फीसदी और कोस्पी 0.08 फीसदी बढ़त दिखा रहा है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.24 फीसदी की तेजी है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार में मामूली गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। महंगाई और लेबर मार्केट के आंकड़ों से पहले सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जारी रही, जबकि निवेशकों ने ब्याज दरों की दिशा को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर फोकस बनाए रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 131.59 अंक या 0.26% गिरकर 51,349.92 पर आ गया। S&P 500 में 12.85 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,670.84 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 22.84 अंक या 0.08% गिरकर 26,797.54 पर आ गया।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.43% की गिरावट आई है,जबकि इंडोनेशियाई रुपिया और फिलीपीन पेसो में 0.02% की गिरावट दर्ज की गई है। सिंगापुर डॉलर में 0.01% की मामूली गिरावट आई है।

वहीं दूसरी ओर जापानी येन में 0.16% की मज़बूती आई है,इसके बाद ताइवान डॉलर में 0.11%, मलेशियाई रिंगित में 0.07% और चीनी रेनमिनबी में 0.06% की बढ़त हुई है। थाई बाहत में 0.02% की मामूली बढ़त देखी गई है।

क्रूड कीमतों में नरमी, ब्रेंट $102 के पास, 7 हफ्ते के निचले स्तर पर गोल्ड

पश्चिम एशिया से सप्लाई सुधरने से क्रूड में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर के पास दिख रहा है। होर्मुज के रास्ते तेल शिपमेंट PRE-WAR लेवल के करीब है। रिकवरी के बावजूद सोना 7 हफ्ते के निचले स्तर पर है। कॉमेक्स गोल्ड 4200 डॉलर के ऊपर है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर दिख रहा है।

ट्रंप ने कहा बहुत जल्द खत्म होगा ईरान से युद्ध, जॉन विलियम्स ने कहा दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं

बाजारों के लिए 2 पॉजिटिव बयान आए हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा। इधर FOMC के रेट तय करने वाली कमिटी के वाइस चेयरमैन जॉन विलियम्स का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि सितंबर के बाद दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं है। इस बयान के बाद अक्टूबर में 25 bps रेट हाइक की संभावना 70% से घटकर 50% हो गई है।

आज से निफ्टी में बदलाव लागू

आज से निफ्टी में बदलाव लागू होगा। निफ्टी 50 में विप्रो की जगह BSE शामिल होगा। वहीं Nifty Next 50 में विप्रो,हिताची एनर्जी पॉलीकैप, Vedanta Aluminium, Vodafone Idea जैसे शेयर जुड़ेंगे।

Avalon Tech और Gland Pharma में बड़े सौदे संभव

आज दो बड़ी ब्लॉक डील्स पर बाजार की नजर रहेगी। Avalon Tech में 862 करोड़ रुपए के ब्लॉक संभव है। प्रोमोटर 6 परसेंट हिस्सा बेच सकते हैं। Indicative प्राइस 2150 से 2302 रुपए प्रति शेयर के बीच है। वहीं, Gland Pharma में 450 करोड़ रुपए के बड़े सौदों की संभावना है। फ्लोर प्राइस 2990 रुपए प्रति शेयर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

29 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और इस सत्र के दौरान लगभग ₹7,000 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

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Gold Price Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: सोमवार 21 सितंबर से शुरू हो रहे नए हफ्ते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, इसके एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में हलचल पर बाजार की नजर रहेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा भी सोने को प्रभावित करेगी।

मौद्रिक नीति और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम से भरे पिछले हफ्ते के बाद अब निवेशकों की नजर नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI के आंकड़े जारी होंगे।

हफ्ते के आखिर में अमेरिका के हाउसिंग डेटा, ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े भी आएंगे। इनसे मौद्रिक नीति और सोने की मांग को लेकर बाजार को संकेत मिल सकते हैं।

MCX पर सोने-चांदी में तेजी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले हफ्ते ₹1,597 यानी 1.04 फीसदी बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का भाव ₹6,629 यानी करीब 3 फीसदी बढ़कर ₹2.41 लाख प्रति किलो हो गया।

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि MCX पर सोने की शुरुआत पिछले हफ्ते करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कमजोर रही। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से कीमतों में मजबूत रिकवरी हुई और सोना ₹1.54 लाख तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि बाजार में बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव रहा। अब कई अहम घटनाक्रम पीछे छूट चुके हैं। ऐसे में बाजार की नजर मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के अगले दौर पर रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला कॉमेक्स गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी करीब 3 फीसदी बढ़कर 67.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार हुआ। हालांकि, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। इससे सोना हफ्ते के अंत में बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेर के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कुछ बढ़त कम हुई। इसी दौरान हफ्ते के बीच तेल की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 कारोबारी हफ्तों से निवेशकों की सोने में दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। दुनियाभर के गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF में लगातार निवेश इसका संकेत है।

चीन के फैसले पर भी नजर

चांदी की कीमतों ने भी इंडस्ट्रियल मेटल्स की चाल को फॉलो किया। शुरुआती गिरावट के बाद चांदी में रिकवरी हुई और हफ्ते का अंत मजबूत बढ़त के साथ हुआ।

मेर ने कहा कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें अब खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में बाजार की नजर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पर रहेगी। बैंक सोमवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर सकता है। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी धड़ाम, इन तीन फैक्टर का दिखा असर

Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर ने बुलियन पर दबाव बनाया। वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त पॉलिसी की उम्मीद भी बढ़ी है।

कॉमेक्स गोल्ड गुरुवार शाम कारोबार में 1.68% गिरकर 4,386 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। वहीं, चांदी 5.37% गिरकर 65 डॉलर प्रति औंस से नीचे रही।

घरेलू बाजार में भी दबाव दिखा। अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड फ्यूचर्स शाम के कारोबार में करीब 1% गिरकर ₹1,52,249 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी 3.63% गिरकर ₹2,35,347 प्रति किलोग्राम पर रही।

सोने पर क्यों बढ़ा दबाव?

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने में कारोबार कमजोर और उतार-चढ़ाव वाला रहा। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी रही।

गुरुवार को डॉलर रुपया के मुकाबले 38 पैसे मजबूत होकर 95.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर के स्तर से ऊपर चली गई।

त्रिवेदी के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंता बनी हुई है। इससे फेड की सख्त पॉलिसी की उम्मीद बढ़ रही है। इसका दबाव सोने पर पड़ रहा है।

उनका कहना है कि मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बीच ऊंचे स्तरों पर सोने पर दबाव बना रह सकता है। घरेलू बाजार में सोने की रेंज ₹1,51,500 से ₹1,55,000 के बीच रह सकती है।

गोल्ड प्राइस का आउटलुक कैसा है

अब बाजार की नजर फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है। इस हफ्ते आने वाले PCE Price Index के आंकड़े महंगाई की स्थिति का संकेत देंगे। इससे अगले हफ्ते होने वाली फेड बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें तय हो सकती हैं।

Anand Rathi Share and Stock Brokers की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में रिकवरी सोने पर फिर दबाव बना रही है। फिलहाल बाजार में तेजी को लेकर ज्यादा भरोसा नहीं है। निवेशक फेड के अगले कदम को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश

दूसरी तरफ, गोल्ड ETF में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है। अगस्त 2026 में गोल्ड ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो है।

इससे ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग बढ़कर 4,189 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह फरवरी 2026 के 4,176 टन के पिछले रिकॉर्ड से भी ज्यादा है।

नार्वेकर के मुताबिक, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और महंगे कच्चे तेल का दबाव सोने पर बना हुआ है। साथ ही, अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। ऐसे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बावजूद सोने की सेफ हेवन डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Outlook: गोल्ड ₹1.53 लाख पर, क्या यह ₹1.60 लाख का लेवल पार करेगा? जानिए आगे कैसी रह सकती है चाल

Gold Outlook: सोने में गुरुवार यानी 3 सितंबर को रिकवरी दिखी। डॉलर में कमजोरी और महंगे क्रूड की वजह से महंगाई बढ़ने की चिंता कम होने से सोने को सपोर्ट मिला। शुरुआती कारोबार में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 1.30 फीसदी चढ़कर 4,472.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इधर, भारत में भी कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी।

MCX में गोल्ड में तेजी 

MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.05 फीसदी यानी 1,595 रुपये चढ़कर 1,53,997 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। एनालिस्ट्स का कहना है कि अब एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल महत्वपूर्ण दिख रहा है। उधर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मीटिंग करीब आ रही है। ऐसे में इनवेस्टर्स की नजरें फेड के फैसले पर टिकी हैं।

1.60 लाख का लेवल अहम 

बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल अहम है। उन्होंने कहा कि हाल में आई तेजी और फिर करेक्शन के बाद 1.60 लाख के लेवल को ब्रेकआउट लेवल माना जा सकता है। अगर गोल्ड 1.60 लाख के लेवल को पार करने के बाद टिका रहता है तो इससे यह संकेत मिलेगा कि गोल्ड में आए करेक्शन की वजह मुख्यत: मुनाफावसूली थी।

तेजी में गोल्ड 1.65 लाख तक जा सकता है

1.60 लाख के लेवल के पार गोल्ड के टिके रहने पर इसके 1.65-1.70 लाख तक जाने का रास्ता खुल जाएगा। यादव ने कहा, “इससे पहले के टेक्निकल एसेसमेंट में भी 1.58-1.60 लाख के लेवल को ब्रेकआउट जोन बताया गया था। इसका मतलब है कि 1.65-1.70 लाख संभावित अगला टारगेट हो सकता है। गिरावट की स्थिति में 1.52-1.50 पर सोने को अहम सपोर्ट मिलेगा।”

केंद्रीय बैंकों की खरादीरी से गोल्ड को सपोर्ट

यादव ने बताया कि जब कभी गोल्ड ब्रेकआउट देता है तो इसका कनफर्मेशन जरूरी हो जाता है। मौजूदा लेवल पर ऐसा नहीं दिख रहा। हालांकि, दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं, जिससे इसे सपोर्ट मिल रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक 2026 में हर महीने करीब 50 टन सोना खरीद रहे हैं। उसने साल के अंत तक गोल्ड की कीमतों के लिए 4,900 डॉलर प्रति औंस का अनुमान जताया है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन का भी गोल्ड पर असर

जियोपॉलिटिकल टेंशन बने रहने से भी गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। गोल्ड को सुरक्षित निवेश का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। भारतीय निवेशकों के लिए रुयये का लेवल भी एक बड़ा मसला है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड कंसॉलिडेशन जारी रहता है तो भी रुपये में कमजोरी से एमसीएक्स गोल्ड को सपोर्ट मिल सकता है।

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इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर

यादव ने कहा कि गोल्ड के लिए शॉर्ट टर्म में सबसे बड़ा रिस्क अमेरिका में इंटरेस्ट रेट को लेकर फेड का फैसला, डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड है। फेड चेयरमैन के हालिया रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की पॉलिसी सख्त होगी। इससे यील्ड में उछाल दिखा है और डॉलर में मजबूती आई है। इससे गोल्ड पर कुछ समय के लिए दबाव बन सकता है।

Gold Silver Price: विदेश में $4,600 पर स्थिर सोना, आज होने वाले इस अहम इवेंट्स पर टिकी है बाजार की नजर

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत $4,600 प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के एक अहम भाषण की उम्मीद में, जब निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य का आकलन कर रहे थे।

इस खबर को लिखते समय, COMEX गोल्ड $4,650.60 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग $4,656 से कम थी। COMEX पिछले दिन के 69.350 से बढ़कर 69.400 पर पहुंच गया।

पिछले सेशन में 0.2% की बढ़त के बाद इसमें बहुत कम हलचल हुई, लेकिन यह 1999 के बाद से अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त के लिए तैयार है। बॉन्ड मार्केट में अमेरिकी ट्रेजरी के अप्रत्याशित दखल से इस मेटल को नई गति मिली। इससे ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ (मुद्रा के मूल्य में गिरावट से लाभ कमाने की रणनीति) में फिर से दिलचस्पी जगी, जिसने पिछले साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल को बढ़ावा दिया था।

निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि शुक्रवार को चेयरमैन के तौर पर अपना पहला बड़ा भाषण देते समय वॉर्श महंगाई पर फेड का क्या रुख बताते हैं। सेंट्रल बैंक के सालाना जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाला यह बहुप्रतीक्षित भाषण वॉर्श को अपने आर्थिक विचारों के बारे में पारदर्शिता की कमी को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देने का मौका देगा।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत को लेकर अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता बंटे हुए हैं, जो बिना रिटर्न (यील्ड) देने वाले सोने के लिए एक चुनौती बन सकता है। हालांकि फेड अधिकारियों ने जुलाई में उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) को स्थिर रखा, लेकिन तीन सदस्यों ने असहमति जताई और क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की वकालत की।

सोने की कीमतों में आई जबरदस्त रिकवरी ( जिसमें यह मेटल अगस्त में लगभग 14% बढ़ने की राह पर है) को निवेशकों की विविध भागीदारी से बल मिला है।

हालांकि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना घटकर सिर्फ़ 34% रह गई है, लेकिन CME फेडवॉच टूल के अनुसार, दिसंबर तक बढ़ोतरी की संभावना 74% बनी हुई है।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरें सोने के आकर्षण को कम कर देती हैं, क्योंकि इस मेटल से खुद कोई रिटर्न (यील्ड) नहीं मिलता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड 4500 डॉलर के करीब, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर गोल्ड पर दिखा है। 19 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड 4,571.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। हालांकि, 20 अगस्त को इसमें थोड़ी नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.95 फीसदी गिरकर 4,475 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सवाल है कि लंबे समय बाद गोल्ड में आई तेजी पर निवेशकों को क्या करना चाहिए?

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड में आई तेजी

गोल्ड में तेजी की वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड गिरकर 4.64 पर आ गई है। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड घटकर 5.18 फीसदी पर आ गई है। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी गोल्ड को सपोर्ट मिला है।

कई देशों के केंद्रीय बैंक खरीद रहे हैं गोल्ड

बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव ने कहा, “बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी सोने के लिए फेवरेबल है। इससे लंबी अवधि के बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।” हालांकि, गोल्ड में तेजी की वजह सिर्फ बॉन्ड यील्ड में नरमी नहीं है। सुरक्षित निवेश के लिए सोने में इनवेस्टमेंट बढ़ा है। दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक भी सोने में खरीदारी कर रहे हैं।

दिल्ली में गोल्ड की कीमतें तीन महीने की ऊंचाई पर 

20 अगस्त को दिल्ली सर्राफा बाजार में गोल्ड में जोरदार तेजी दिखी। यह 4,300 रुपये के उछाल के साथ 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह घरेलू बाजार में सोने का तीन महीने का सबसे हाई लेवल है। चांदी में भी अच्छी खरीदारी से तेजी देखने को मिली।

निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए

वीटी मार्केट्स में मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी के गोल्ड के लिए सपोर्टिव रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सोने में तेजी के पीछे भागने में रिस्क है। इनवेस्टर्स सोने में अपना निवेश जारी रख सकते हैं।

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गिरावट पर गोल्ड में खरीदारी की सलाह

उन्होंने कहा कि नए निवेशक सोने में गिरावट के मौके का इस्तेमाल निवेश के लिए कर सकते हैं। कीमतें हाई रहने पर उन्हें निवेश करने से बचने की सलाह है। आगे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ट्रेंड, फेडरल रिजर्व के संकेतों और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Gold Silver price Today: COMEX पर सोना $4,160 प्रति औंस से नीचे फिसला, चांदी भी लगभग 1% गिरी

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार (7 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते निवेशकों के US मॉनेटरी पॉलिसी और बड़े मार्केट डेवलपमेंट के आउटलुक का आकलन करने के बाद मजबूत रिकवरी के बाद कुछ गिरावट आई।

COMEX सोना $4,152 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $15.50 या 0.37% नीचे था, जबकि दिन में यह $4,179.50 प्रति औंस के हाई लेवल को छू गया था। COMEX चांदी $62.59 प्रति औंस के सेशन हाई लेवल को छूने के बाद 0.89% गिरकर $61.775 प्रति औंस पर आ गई।यह गिरावट पिछले हफ्ते बुलियन की कीमतों में तेज तेजी के बाद आई है।

उम्मीद से कमजोर US जॉब्स डेटा के बाद कमजोर US डॉलर के सपोर्ट से सोना लगभग 2% बढ़ा, जबकि चांदी लगभग 5% बढ़ी, जिससे उम्मीद बढ़ी कि US फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स पर कम एग्रेसिव रवैया अपना सकता है।

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, बुलियन को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला, जबकि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में कमजोर इनफ्लो के बावजूद सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी ने एक्स्ट्रा सपोर्ट दिया।

कोठारी ने कहा कि हाल के निचले लेवल से गोल्ड का रिबाउंड तेज रहा है, जिससे बड़े लेवल पर अपट्रेंड शुरू होने से पहले शॉर्ट-टर्म पुलबैक मुमकिन है। उन्होंने कहा कि सिल्वर में भी हाल की रैली के बाद कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, इससे पहले कि वह एक और ऊपर जाने की कोशिश करे।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इंटरेस्ट रेट के रास्ते के बारे में सुराग के लिए नए इकोनॉमिक डेटा और US फेडरल रिजर्व से सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। कम इंटरेस्ट रेट्स आमतौर पर गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्हें रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।

इस बीच, इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स में हो रहे डेवलपमेंट्स पर भी नज़र रख रहे हैं।

मंगलवार (7 जुलाई) को तेल की कीमतें बढ़ीं, हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स ने ग्लोबल डिमांड के आउटलुक के मुकाबले OPEC+ प्रोड्यूसर्स से बढ़ी सप्लाई पर विचार किया। कच्चे तेल के बाज़ार में मजबूती से महंगाई की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जिससे सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारत में गोल्ड-बैक्ड फ़ाइनेंसिंग की मांग मज़बूत बनी हुई है। हाल ही में आई CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सिक्योरिटाइज़्ड एसेट क्लास बनकर उभरा, जो देश के सिक्योरिटाइज़ेशन वॉल्यूम का लगभग 31% था, और इसने व्हीकल लोन को पीछे छोड़ दिया।

रिपोर्ट में इस ट्रेंड का कारण गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में मजबूत ग्रोथ को बताया गया है, जिसमें NBFC लगातार क्रेडिट मांग के बीच फ़ंड जुटाने के लिए सिक्योरिटाइज़ेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर रही स्थिर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।