Gold Price Drop: लगातार 5वें दिन फिसला सोना, ऑल-टाइम हाई से ₹10700 की टूट; जानें गिरावट की ये 4 बड़ी वजहें

Gold Prices Today Fall: भारतीय वायदा बाजार पर सोने की कीमतों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 अगस्त को ₹1,63,229 प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद, MCX पर सोना अब तक ₹10,700 से ज्यादा टूटकर ₹1,52,514 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी सोना $4,734 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर लगभग $4,420 प्रति औंस पर पहुंच गया है। महज एक सत्र में MCX पर सोना करीब ₹1,900 और COMEX पर $75 तक फिसल गया।

सोने की कीमतों में गिरावट के 4 मुख्य कारण

1. अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका: जैक्सन होल सम्मेलन में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख ने सोने के बाजार को प्रभावित किया है। फेड द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना से निवेशक अब सोने से पैसा निकालकर अन्य सुरक्षित और ब्याज देने वाले विकल्पों में लगा रहे हैं।

2. मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: ब्याज दरें बढ़ने के संकेतों से अमेरिकी डॉलर (USD) मजबूत हुआ है और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर सोने की मांग घट जाती है।

3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई की चिंता: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच रहे हैं, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।

4. घरेलू मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर: आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटी एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जरूरत न होने पर सोना न खरीदने की अपील का असर घरेलू सेंटीमेंट पर पड़ा है। इससे भारतीय बाजार में त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी और रिटेल मांग में थोड़ी सुस्ती की आशंका है।

अगस्त का प्रदर्शन और सितंबर के लिए आउटलुक

ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में सोने ने 9.4% और चांदी ने 15% का मजबूत रिटर्न दिया, जो इस साल का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन था। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी लेबर मार्केट डेटा सोने की अगली चाल तय करेंगे। अगर डेटा मजबूत आता है तो डॉलर और मजबूत होगा, जिससे सोने में गिरावट जारी रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Price: विदेश में $4,600 पर स्थिर सोना, आज होने वाले इस अहम इवेंट्स पर टिकी है बाजार की नजर

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत $4,600 प्रति औंस के आसपास स्थिर रही। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के एक अहम भाषण की उम्मीद में, जब निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य का आकलन कर रहे थे।

इस खबर को लिखते समय, COMEX गोल्ड $4,650.60 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग $4,656 से कम थी। COMEX पिछले दिन के 69.350 से बढ़कर 69.400 पर पहुंच गया।

पिछले सेशन में 0.2% की बढ़त के बाद इसमें बहुत कम हलचल हुई, लेकिन यह 1999 के बाद से अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त के लिए तैयार है। बॉन्ड मार्केट में अमेरिकी ट्रेजरी के अप्रत्याशित दखल से इस मेटल को नई गति मिली। इससे ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ (मुद्रा के मूल्य में गिरावट से लाभ कमाने की रणनीति) में फिर से दिलचस्पी जगी, जिसने पिछले साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल को बढ़ावा दिया था।

निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि शुक्रवार को चेयरमैन के तौर पर अपना पहला बड़ा भाषण देते समय वॉर्श महंगाई पर फेड का क्या रुख बताते हैं। सेंट्रल बैंक के सालाना जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाला यह बहुप्रतीक्षित भाषण वॉर्श को अपने आर्थिक विचारों के बारे में पारदर्शिता की कमी को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देने का मौका देगा।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत को लेकर अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता बंटे हुए हैं, जो बिना रिटर्न (यील्ड) देने वाले सोने के लिए एक चुनौती बन सकता है। हालांकि फेड अधिकारियों ने जुलाई में उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) को स्थिर रखा, लेकिन तीन सदस्यों ने असहमति जताई और क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की वकालत की।

सोने की कीमतों में आई जबरदस्त रिकवरी ( जिसमें यह मेटल अगस्त में लगभग 14% बढ़ने की राह पर है) को निवेशकों की विविध भागीदारी से बल मिला है।

हालांकि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना घटकर सिर्फ़ 34% रह गई है, लेकिन CME फेडवॉच टूल के अनुसार, दिसंबर तक बढ़ोतरी की संभावना 74% बनी हुई है।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरें सोने के आकर्षण को कम कर देती हैं, क्योंकि इस मेटल से खुद कोई रिटर्न (यील्ड) नहीं मिलता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: सोना ₹600 उछलकर ₹1.56 लाख के पार, कमजोर डॉलर से बढ़ी चमक

Gold Price Today: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाला सोना ₹600 चढ़कर ₹1,56,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

सोने के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की उम्मीद कम हुई है। इससे डॉलर पर दबाव बढ़ा और सोने की मांग को सहारा मिला।

पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई, रोजगार और रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे। इससे बाजार को लगने लगा कि फेड जल्द ब्याज दरें बढ़ाने से बच सकता है।

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ग्लोबल बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर 4,398 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, चांदी 1% से ज्यादा चढ़कर 65.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की सीमित कीमतें फिलहाल सोने को सहारा दे रही हैं।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर अमेरिका-ईरान तनाव अब भी बाजार की नजर में है। हालांकि, इस हफ्ते निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी फेड की FOMC बैठक के मिनट्स पर रहेगी।

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, फेड के मिनट्स से ब्याज दरों के अगले संकेत मिल सकते हैं। इससे सोने की कीमतों की अगली दिशा तय होने में मदद मिलेगी।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर,

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।