Gold Price Today: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले सोना ₹3400 महंगा हुआ, चांदी भी ₹5000 उछली

Gold Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार, 3 सितंबर को सोने की कीमत में जोरदार तेजी आई। 6 कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोना ₹3,400 उछलकर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को 24 कैरेट वाला वाला सोना ₹1,56,100 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी की कीमत में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलो पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,35,500 प्रति किलो था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमॉन के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड हाल की ऊंचाई से नीचे आई है। इसके अलावा, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। इससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिला।

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के निजी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को लेकर बाजार की धारणा बदली।

कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना सस्ता पड़ता है। इससे कीमतों को सहारा मिलता है।

इंटरनेशनल मार्केट में भी तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $55.76 यानी 1.27% बढ़कर $4,443.93 प्रति औंस पहुंच गया। चांदी भी करीब 1% की तेजी के साथ $65.77 प्रति औंस पर पहुंच गई।

निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना एक महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद फिर $4,440 के आसपास लौट आया। कमजोर डॉलर ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया।

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आगे क्या रहेगा रुख?

अमेरिकी जॉब मार्केट के अहम आंकड़ों से पहले सोने और चांदी की आगे की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कमजोर आंकड़े आने पर डॉलर और कमजोर हो सकता है, जिससे सोने को और सपोर्ट मिल सकता है।

वहीं, अगर रोजगार के आंकड़े मजबूत रहे या फेड ने सख्त रुख अपनाया, तो ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद फिर मजबूत हो सकती है। ऐसे में सोने और चांदी पर दबाव आ सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Nifty Outlook: दो हफ्तों की गिरावट के बाद क्या अब आएगी रिकवरी? एक्सपर्ट्स ने बताएं अहम लेवल्स

Nifty Outlook: शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद रखने वालों के लिए पिछला हफ्ता भी खास नहीं रहा। निफ्टी लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि शुक्रवार को हल्की बढ़त मिली, लेकिन पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.47% टूटकर 24,252 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को क्या हुआ?

निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ खुला। लेकिन पूरे दिन बाजार छोटी रेंज में ही घूमता रहा। आखिर में इंडेक्स 20 अंक यानी 0.08% चढ़कर बंद हुआ। क्लोजिंग ऑक्शन में भी 19 अंकों का सहारा मिला।

निफ्टी में Power Grid, HDFC Life और Nestlé सबसे ज्यादा चढ़े। वहीं Trent, Maruti Suzuki और IndiGo सबसे ज्यादा गिरे।

कौन से सेक्टर चमके?

इस बार तस्वीर मिली-जुली रही। मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी में खरीदारी दिखी। वहीं ऑटो, मीडिया और आईटी सेक्टर दबाव में रहे।

अच्छी बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 0.10% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की बढ़त रही।

अगले हफ्ते क्या रहेगा फोकस?

बाजार जानकारों का कहना है कि अगले हफ्ते निफ्टी एक सीमित दायरे में रह सकता है। दो हफ्तों की गिरावट के बाद हल्की रिकवरी की उम्मीद भी बनी हुई है। इन बातों पर बाजार की नजर रहेगी।

  • मानसून की रफ्तार
  • FII की खरीद-बिक्री
  • कच्चे तेल की कीमत
  • बड़े आर्थिक घटनाक्रम

ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। उनके मुताबिक इंडेक्स अगले हफ्ते 24,500 से 24,600 तक जा सकता है। उन्होंने 24,100 को अहम सपोर्ट बताया है।

HDFC Securities के विनय राजानी का कहना है कि निफ्टी अभी 50 और 100 दिन के EMA के ऊपर टिका हुआ है। ये दोनों करीब 24,200 के आसपास हैं। लेकिन इंडेक्स अभी भी 20 दिन के EMA यानी 24,300 और 200 दिन के EMA यानी 24,376 से नीचे है। इसलिए फिलहाल बाजार में साफ दिशा नहीं दिख रही।

उनके मुताबिक अगर निफ्टी 24,000 से नीचे बंद होता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। वहीं 24,400 के ऊपर टिकने पर शॉर्ट टर्म में तेजी लौट सकती है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को फिलहाल साइडवेज से हल्का पॉजिटिव मानते हैं। उनके मुताबिक 24,200 पहला सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,350 पहला रेजिस्टेंस है। इसे पार करने पर 24,500 का रास्ता खुल सकता है।

Bank Nifty के अहम स्तर

Bank Nifty शुक्रवार को करीब 290 अंकों की रेंज में रहा। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 58,200 से 58,300 बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर इंडेक्स 58,700 और फिर 59,000 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 57,300 से 57,200 मजबूत सपोर्ट है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: सोना ₹600 उछलकर ₹1.56 लाख के पार, कमजोर डॉलर से बढ़ी चमक

Gold Price Today: कमजोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल बाजार में तेजी के चलते सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाला सोना ₹600 चढ़कर ₹1,56,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

सोने के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की उम्मीद कम हुई है। इससे डॉलर पर दबाव बढ़ा और सोने की मांग को सहारा मिला।

पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई, रोजगार और रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे। इससे बाजार को लगने लगा कि फेड जल्द ब्याज दरें बढ़ाने से बच सकता है।

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ग्लोबल बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर 4,398 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, चांदी 1% से ज्यादा चढ़कर 65.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की सीमित कीमतें फिलहाल सोने को सहारा दे रही हैं।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर अमेरिका-ईरान तनाव अब भी बाजार की नजर में है। हालांकि, इस हफ्ते निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी फेड की FOMC बैठक के मिनट्स पर रहेगी।

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, फेड के मिनट्स से ब्याज दरों के अगले संकेत मिल सकते हैं। इससे सोने की कीमतों की अगली दिशा तय होने में मदद मिलेगी।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर,

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹900 सस्ता हुआ, चांदी का ₹1800 बढ़ा भाव

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमत में ₹900 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोना क्यों हुआ सस्ता?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। वहीं, रुपये की मजबूती का भी घरेलू कीमतों पर असर पड़ा। इसी वजह से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और कीमतों में गिरावट आई।

चांदी में लौटी तेजी

सोने के उलट चांदी की कीमत में ₹1,800 प्रति किलो की तेजी आई। अब चांदी ₹2,26,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,24,700 प्रति किलो था।

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में खरीदारी बढ़ाई। इससे चांदी के दाम मजबूत हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी हल्की तेजी के साथ 57.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च AVP कायनात चैनवाला के मुताबिक, ईरान पर नए हमले की योजना रद्द होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी को सपोर्ट दिया।

इस हफ्ते इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा गिरावट के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि इस हफ्ते अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। निवेशकों की नजर फिलहाल इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल MCX पर सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिलहाल कोई नया तनाव नहीं होना, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर का कमजोर होना है।

अब आगे सोने की चाल कैसी रहेगी

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब सोने की चाल फेडरल रिजर्व के रेट संकेत और अमेरिका के रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों के हिसाब से चलेंगी। उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निकट भविष्य में MCX Gold ₹1,42,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹2440 महंगा हुआ, चांदी का भाव ₹5300 उछला

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना ₹2,440 चढ़कर ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ₹5,300 की तेजी के साथ ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े?

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। निवेशकों का रुख फिर से सोने और चांदी की तरफ बढ़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

विदेशी बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 42.13 डॉलर बढ़कर 4,095.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.47% चढ़कर 59.04 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Kotak Securities की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ी।

अब किस पर रहेगी नजर?

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, अब बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा, यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के GDP के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोमवार को एमसीएक्स पर सोना करीब 0.50% की तेजी के साथ ₹1,43,675 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, COMEX Gold करीब 37 डॉलर चढ़कर 4,090 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में सोने की तेजी वैश्विक बाजार के मुकाबले थोड़ी कम रही।

उनका कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस बैठक से ब्याज दरों के संकेत मिल सकते हैं। इसका असर आगे सोने की कीमतों पर भी दिख सकता है। तकनीकी तौर पर एमसीएक्स गोल्ड के ₹1,42,000 से ₹1,45,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Gold Silver Price Today: एक ही दिन में चांदी ₹8500 महंगी हुई, सोना ₹1.49 लाख के पार

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी की वजह से सोना ₹1,900 चढ़कर ₹1,49,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह करीब दो हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को सोना ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 7 जुलाई को इसकी कीमत ₹1,49,250 प्रति 10 ग्राम थी।

चांदी ने भी लगाई लंबी छलांग

चांदी ने लगातार छह दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया। इसकी कीमत ₹8,500 बढ़कर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई। एक दिन पहले यह ₹2,21,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

सोना-चांदी में तेजी क्यों आई?

बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। इसकी वजह सिर्फ एक नहीं है। विदेशी बाजार में मजबूती रही। घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी। हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने भी खरीदारी का मौका देखा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेत और फिजिकल डिमांड बढ़ने से सोना दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि गोल्ड ETF में दोबारा निवेश बढ़ने से भी बाजार को सहारा मिला है।

ग्लोबल मार्केट में क्या हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.16% बढ़कर 4,125.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 59.32 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने बताया कि कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 4,140 डॉलर प्रति औंस के दो हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद दोनों कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत की गुंजाइश तो है, लेकिन फिलहाल ईरान गंभीर नहीं दिख रहा। इसलिए निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

वहीं, Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि सोने को तीन चीजों से सहारा मिल रहा है। पहली, अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद। दूसरी, ट्रंप प्रशासन की ओर से फिर टैरिफ लगाने की शुरुआत। तीसरी, सोने का 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहना।

अब बाजार की नजर अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर जो संकेत मिलेंगे, वही आगे सोना और चांदी की चाल तय करेंगे।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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