Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

Stocks to Watch: 30 सितंबर को फोकस में ये 12 स्टॉक्स, टाटा स्टील से KPI ग्रीन एनर्जी तक शामिल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: लगातार 7 हफ्ते गिरा निफ्टी, अब 28 सितंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते बुधवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को निफ्टी संभला। इंडेक्स 77 अंक चढ़कर 23,140 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते निफ्टी 0.88% नीचे रहा। यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है।

निफ्टी दिन के निचले स्तर से करीब 142 अंक संभला। इसके बावजूद अगस्त की शुरुआत के 24,772 के स्तर से इंडेक्स अब 1,750 अंक से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इन शेयरों में दिखी तेजी

Axis Bank, Asian Paints और M&M शुक्रवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। दूसरी तरफ Max Healthcare, Tata Motors Passenger Vehicles और Infosys सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में भी तस्वीर मिली-जुली रही। Consumer Durables, Realty और Auto में खरीदारी दिखी। वहीं Healthcare, Media और IT कमजोर रहे।

ब्रॉडर मार्केट में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.14% की गिरावट आई। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.15% की बढ़त रही।

रुपये में भी मजबूती

भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर करीब 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशियाई करेंसी में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का भी फायदा मिला। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावित बातचीत से भी बाजार को राहत मिली।

अगले हफ्ते किन चीजों पर नजर?

अगले हफ्ते बाजार की नजर कच्चे तेल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। पश्चिम एशिया की खबरें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब और हूती तनाव पर भी नजर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर होर्मुज रूट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है।

ग्लोबल मार्केट से मिलेंगे ये संकेत

चीन के आधिकारिक और Caixin PMI आंकड़े अगले हफ्ते अहम रहेंगे। अमेरिका के Consumer Confidence और JOLTS Job Openings के आंकड़ों पर भी नजर होगी।

यूरोजोन की सितंबर की महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तीन अधिकारियों के बयान और Bank of Japan की बैठक के मिनट्स भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

23,000 है सबसे अहम सपोर्ट

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम है। अगर इंडेक्स इसके नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में 22,600 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की तरफ 23,350 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। यानी इस स्तर के ऊपर टिकना भी बाजार के लिए अहम होगा।

23,000 के नीचे और दबाव संभव

Angel One के ओशो कृष्णन भी 23,000 को अहम सपोर्ट मानते हैं। उनके मुताबिक, इसके नीचे तेज गिरावट आती है तो निफ्टी 22,800-22,700 के जोन तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,280-23,350 का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,500-23,550 का जोन अहम रहेगा।

23,600 के ऊपर तस्वीर बदल सकती है

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, 23,300 और 23,600 निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस हैं। 23,600 का स्तर हाल के फ्लैग पैटर्न के ब्रेकडाउन लेवल से भी जुड़ा है।

नीचे की तरफ 23,000 के बाद 22,700 अगला सपोर्ट है। शाह के मुताबिक, 23,600 के ऊपर निफ्टी टिकता है तो शॉर्ट टर्म का रुझान बदलकर न्यूट्रल हो सकता है।

23,300 के ऊपर मजबूती के संकेत

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, 23,000 तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 22,700 अगला अहम स्तर है।

ऊपर की तरफ 23,200-23,300 तत्काल रेजिस्टेंस है। निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकता है तो टेक्निकल तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर कमजोरी फिर बढ़ सकती है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Stock to buy: इस फार्मा कंपनी का शेयर रॉकेट बन सकता है, बर्नस्टीन ने दी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग

लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचे

FII Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ₹3,208.76 करोड़ की नेट बिकवाली की। खास बात यह है कि बिकवाली तब बढ़ी, जब निफ्टी लगातार दूसरे दिन बढ़त में बंद हुआ।

एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने ₹8,761.71 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, ₹11,970.47 करोड़ के शेयर बेचे। बुधवार को FIIs की नेट बिकवाली ₹2,032.61 करोड़ थी। यानी एक दिन में बिकवाली काफी बढ़ गई।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs नेट खरीदार रहे। उन्होंने ₹14,105.01 करोड़ के शेयर खरीदे और ₹10,487.26 करोड़ के शेयर बेचे। इस तरह उनकी नेट खरीदारी ₹3,617.75 करोड़ रही। हालांकि, यह बुधवार के ₹3,908.23 करोड़ से कम है।

निफ्टी चढ़ा, सेंसेक्स गिरा

गुरुवार को शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार रहा। Nifty 53 अंक बढ़कर 23,271 पर बंद हुआ। यह निफ्टी की लगातार दूसरी बढ़त है। वहीं, Sensex 22 अंक गिरकर 74,315 पर बंद हुआ।

Nifty Bank में कमजोरी रही। इंडेक्स 237 अंक गिरकर 56,056 पर आ गया। दूसरी ओर, Nifty Midcap में अच्छी तेजी रही। यह 558 अंक बढ़कर 61,432 पर बंद हुआ।

Tata Group के शेयर चढ़े

Nifty के 35 शेयर बढ़त में बंद हुए। इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में खास तौर पर खरीदारी दिखी। Tata Group के शेयर भी चढ़े। N Chandrasekaran के Tata Sons के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्त होने की खबर से इन शेयरों में तेजी आई। Tata Motors Passenger Vehicles भी टॉप गेनर्स में रहा।

त्योहारी सीजन से पहले ऑटो शेयरों में भी खरीदारी रही। Maruti Suzuki और TVS Motor करीब 2% चढ़े।

ONGC समेत इन शेयरों में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी का असर ऑयल कंपनियों पर दिखा। ONGC करीब 2% गिरा और Nifty का सबसे बड़ा लूजर रहा।

PB Fintech में 4% की गिरावट आई। इससे बुधवार की तेजी का करीब आधा हिस्सा वापस चला गया। Federal Bank भी 2% गिरा। वहीं, कॉरपोरेट अनाउंसमेंट की उम्मीद में Jana Small Finance Bank 2% चढ़ा।

सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी

सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी दिखी। Kaynes Technology, Hitachi Energy India और CG Power में 3% से ज्यादा की तेजी रही।

रुपया थोड़ा मजबूत हुआ

भारतीय रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ। यह ₹95.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया ₹95.96 प्रति डॉलर पर था।

NSE और हीरो मोटर्स IPO के GMP में बड़ी गिरावट, निवेशकों को किस बात का है डर?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: दो हफ्तों की गिरावट के बाद क्या अब आएगी रिकवरी? एक्सपर्ट्स ने बताएं अहम लेवल्स

Nifty Outlook: शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद रखने वालों के लिए पिछला हफ्ता भी खास नहीं रहा। निफ्टी लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि शुक्रवार को हल्की बढ़त मिली, लेकिन पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.47% टूटकर 24,252 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को क्या हुआ?

निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ खुला। लेकिन पूरे दिन बाजार छोटी रेंज में ही घूमता रहा। आखिर में इंडेक्स 20 अंक यानी 0.08% चढ़कर बंद हुआ। क्लोजिंग ऑक्शन में भी 19 अंकों का सहारा मिला।

निफ्टी में Power Grid, HDFC Life और Nestlé सबसे ज्यादा चढ़े। वहीं Trent, Maruti Suzuki और IndiGo सबसे ज्यादा गिरे।

कौन से सेक्टर चमके?

इस बार तस्वीर मिली-जुली रही। मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी में खरीदारी दिखी। वहीं ऑटो, मीडिया और आईटी सेक्टर दबाव में रहे।

अच्छी बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 0.10% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की बढ़त रही।

अगले हफ्ते क्या रहेगा फोकस?

बाजार जानकारों का कहना है कि अगले हफ्ते निफ्टी एक सीमित दायरे में रह सकता है। दो हफ्तों की गिरावट के बाद हल्की रिकवरी की उम्मीद भी बनी हुई है। इन बातों पर बाजार की नजर रहेगी।

  • मानसून की रफ्तार
  • FII की खरीद-बिक्री
  • कच्चे तेल की कीमत
  • बड़े आर्थिक घटनाक्रम

ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। उनके मुताबिक इंडेक्स अगले हफ्ते 24,500 से 24,600 तक जा सकता है। उन्होंने 24,100 को अहम सपोर्ट बताया है।

HDFC Securities के विनय राजानी का कहना है कि निफ्टी अभी 50 और 100 दिन के EMA के ऊपर टिका हुआ है। ये दोनों करीब 24,200 के आसपास हैं। लेकिन इंडेक्स अभी भी 20 दिन के EMA यानी 24,300 और 200 दिन के EMA यानी 24,376 से नीचे है। इसलिए फिलहाल बाजार में साफ दिशा नहीं दिख रही।

उनके मुताबिक अगर निफ्टी 24,000 से नीचे बंद होता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। वहीं 24,400 के ऊपर टिकने पर शॉर्ट टर्म में तेजी लौट सकती है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को फिलहाल साइडवेज से हल्का पॉजिटिव मानते हैं। उनके मुताबिक 24,200 पहला सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,350 पहला रेजिस्टेंस है। इसे पार करने पर 24,500 का रास्ता खुल सकता है।

Bank Nifty के अहम स्तर

Bank Nifty शुक्रवार को करीब 290 अंकों की रेंज में रहा। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 58,200 से 58,300 बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर इंडेक्स 58,700 और फिर 59,000 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 57,300 से 57,200 मजबूत सपोर्ट है।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 61% रिटर्न दे सकते हैं, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Mutual Fund: एसबीआई म्यूच्यूअल फंड की इन स्कीम्स में पैसे लगाकर पाएं शानदार रिटर्न! जानिए टॉप परफॉर्मेंस वाली बेस्ट योजनाएं

Best SBI Mutual Fund Schemes: भारतीय शेयर बाजार में निवेश के जरिए वेल्थ क्रिएशन करने के लिए म्यूचुअल फंड हमेशा से रिटेल निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं। देश के सबसे बड़े फंड हाउसों में से एक एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) पर करोड़ों निवेशकों का भरोसा है।

अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह निवेश करके बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो एसबीआई म्यूचुअल फंड की कुछ चुनिंदा योजनाएं आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं SBI MF की उन बेस्ट स्कीम्स के बारे में, जिन्होंने लंबी अवधि में निवेशकों को मल्टीफोल्ड रिटर्न दिया है।

स्मॉल-कैप और कंट्रा कैटेगरी की स्टार स्कीम्स

ज्यादा रिस्क लेकर रिकॉर्डतोड़ रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए ये स्कीम्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं:

SBI Small Cap Fund: यह फंड छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में निवेश करता है। इस स्कीम ने लंबी अवधि (5 से 10 साल) में 20% से ज्यादा का सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है। उन निवेशकों के लिए बेस्ट है जो कम से कम 5-7 साल का समय दे सकते हैं।

SBI Contra Fund: यह फंड ‘वैल्यू इन्वेस्टिंग’ की रणनीति पर काम करता है। यानी फंड मैनेजर उन कंपनियों में दांव लगाते हैं जो फिलहाल मार्केट में अंडरवैल्यूड हैं, लेकिन उनका फंडामेंटल बेहद मजबूत है। पिछले कुछ वर्षों में इस फंड ने अपने कैटेगरी के अधिकांश फंड्स को पीछे छोड़ते हुए आउटपरफॉर्म किया है।

लार्ज और मिड-कैप में संतुलन और स्थिरता

अगर आप बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते और पोर्टफोलियो में स्थिरता के साथ-साथ अच्छी ग्रोथ चाहते हैं:

SBI Large & Midcap Fund: यह फंड देश की टॉप लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों का एक संतुलित कॉम्बो है। यह मार्केट के उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से संभालता है और जोखिम को कम करते हुए स्थिर ग्रोथ देता है।

SBI Bluechip Fund: भारत की सबसे बड़ी और मार्केट लीडर कंपनियों में निवेश करने वाला यह फंड नए और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों के लिए एक क्लासिक विकल्प है।

टैक्स बचाने के साथ तगड़ी कमाई (ELSS)

अगर आप टैक्स सेविंग के साथ-साथ शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा उठाना चाहते हैं, तो यह SBI लॉंग टर्म इक्विटी (ELSS) टैक्स-सेविंग फंड बेस्ट है। इसमें इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो अन्य टैक्स-सेविंग विकल्पों (जैसे- PPF या FD) की तुलना में सबसे कम है।

बैलेंस और मॉडरेट रिस्क वाले निवेशकों के लिए हाइब्रिड फंड

SBI Equity Hybrid Fund: यह स्कीम आपके पैसे का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में और कुछ हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स में लगाती है। जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तब इसका डेट पोर्टफोलियो आपकी पूंजी को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

SBI Balanced Advantage Fund: यह डायनेमिक एसेट अलोकेशन फंड है, जो बाजार के वैल्युएशन के हिसाब से ऑटोमैटिकली इक्विटी और डेट का अनुपात तय करता है।

SIP या लंपसम: कैसे शुरू करें निवेश?

एसबीआई की इन सभी स्कीम्स में आप दो तरीकों से पैसे लगा सकते हैं:

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेन्ट प्लान(SIP): आप हर महीने महज ₹500 की छोटी राशि से अनुशासित निवेश शुरू कर सकते हैं। SIP के जरिए आपको रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का बड़ा फायदा मिलता है।

एकमुश्त (Lump-sum): अगर आपके पास एकमुश्त रकम है तो आप न्यूनतम ₹1,000 या ₹5,000 से भी शुरुआत कर सकते हैं।

एसबीआई म्यूचुअल फंड की ये स्कीम्स लंबे समय में महंगाई को मात देने वाला रिटर्न बनाने में सक्षम हैं। हालांकि, किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, समय अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता का सही आकलन जरूर कर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

PhysicsWallah Q1 Results: लॉस घटकर ₹77 करोड़ पर आया, रेवेन्यू ₹1000 करोड़ रुपये के पार

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Stocks to Watch: सोमवार 10 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 21 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।