Trading Plan: निफ्टी 23500 के लेवल को फिर से हासिल करने की कर सकता है कोशिश, जानिए इंडेक्स में क्या ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार के संकेतों और तेल की कीमतों में और नरमी के साथ बेंचमार्क निफ्टी आने वाले सेशन में 23,500 के जोन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है। इसके बाद, 23600 पर एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर जाकर टिकता है तो 23,800 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 23,300–23,200 पर है और उसके बाद 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके 56,800–57,000 के दायरे की ओर बढ़ने की उम्मीद है। अगर यह इस दायरे से ऊपर बढ़ता है तो 57,500–58,000 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक 56,000 का स्तर इसके लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा और इसके बाद 55,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल होगा।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ़ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बावजूद निफ़्टी पिछले ट्रेडिंग हफ़्ते में 23,000 के लेवल से काफी ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जो यह दिखाता है कि यह एक बहुत अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। ऊपर की तरफ,23,600 पर तत्काल रेजिस्टेंस है। उसके बाद 23,800 के लेवल पर बड़ा रेजिस्टेंस है। इसलिए, निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 23,600–23,200 है। जबकि बड़ी रेंज 23,000–23,800 है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो इस वीकली एक्सपायरी के लिए 23,400 और 23,300 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। कॉल साइड पर वीकली एक्सपायरी के लिए 23,500 पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है।

वीकली PCR 1.46 है,जो ओवरबॉट स्थिति के करीब है। इसलिए,अगर यह 23,500 के ऊपर बंद होता है तो इसमें और तेज़ी आ सकती है। वरना,इंडेक्स में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।

इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है। हालांकि,ट्रेंड में पूरी तरह बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। इसलिए,इस बात की और पुष्टि की जरूरत है कि कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं। जब तक ऐसा नहीं होता,इंडेक्स के साइडवेज या नेगेटिव रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,800

अहम सपोर्ट: 23,200, 23,000

स्ट्रैटेजी: 23,600 के ऊपर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,500 के नीचे स्टॉप-लॉस और 23,800 का टारगेट रखें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि बैंक निफ्टी में 57,000 के स्ट्राइक पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट जमा था और अब यह उससे काफी नीचे ट्रेड कर रहा है,जो कमजोरी का संकेत है। यह क्लोजिंग बेसिस पर 56,000 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा है। हालांकि और मजबूती पाने के लिए 57,000 के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट की जरूरत है,जो इंडेक्स को हाल की ऑल-टाइम रेजिस्टेंस यानी 58,500 के स्तर तक ले जा सकता है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो कॉल साइड पर 57,000–58,000 के लेवल पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट है। इंडेक्स के लिए इन लेवल्स को आसानी से पार करना और उनके ऊपर बंद होना मुश्किल लग रहा है। पुट साइड पर 56,000 का लेवल आखिरी उम्मीद है,क्योंकि अभी के हिसाब से सबसे ज़्यादा पुट बेस यहीं है। इस लेवल के नीचे कोई बड़ा सपोर्ट नहीं है और इंडेक्स तेज़ी से 55,000–54,000 की तरफ गिर सकता है। PCR 0.97 पर है,जो न्यूट्रल है। इसलिए यहां से यह एक्सपायरी साइडवेज से नेगेटिव रह सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,000, 58,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,000

स्ट्रैटेजी: 57,000 के आस-पास बढ़त पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,500 के ऊपर और टारगेट 56,000 रखें।

 

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Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

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