24-कोच वंदे भारत स्लीपर का डिजाइन फाइनल होने की डेट आई सामने, जानिए कब पटरी पर दौड़ेगा स्लीपर वर्जन

Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। भारत की वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने वाले सुधांशु मणि ने भी इस पहल का स्वागत किया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने चार साल से ज्यादा की देरी के बाद इस ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा है।

चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने चार साल से भी पहले 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए तकनीकी जानकारी जारी की थी। अब ICF ने बताया है कि ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल कर लिया जाएगा। इसका पहला प्रोटोटाइप मई या जून 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।

फिलहाल, 16 कोच वाली दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चल रही हैं। इन ट्रेनों को यात्रियों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी यात्रियों की सुविधा वाली कई खूबियां

बता दें कि यह एक आधुनिक ट्रेन है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई खूबियां हैं। इनमें सेमी-हाई स्पीड, बेहतर कुशनिंग वाली आरामदायक बर्थ, आसानी से आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टिब्यूल, बेहतरीन सस्पेंशन और कम शोर के साथ आरामदायक सफर, और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए डिसइंफेक्टेंट तकनीक शामिल हैं।

मणि ने कहा, “ICF का नवंबर 2026 तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन फाइनल करने और 2027 के मध्य तक इसका प्रोटोटाइप तैयार करने का प्लान एक स्वागत योग्य और महत्वपूर्ण कदम है। देर से ही सही, लेकिन यह समय-सीमा बहुत अहम है।”

उन्होंने कहा, “इस समय-सीमा का पालन करने से ICF को अपनी मुख्य डिजाइन और निर्माण क्षमताओं का पूरा उपयोग करने, अधिकतम क्षमता वाली ट्रेनों के जरिए सीमित ट्रैक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लोगों को रात के सफर का वह प्रीमियम अनुभव देने में मदद मिलेगी, जिसकी वे उम्मीद करते हैं।”

2018 में ही महसूस होने लगी थी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जरूरत: मणि

मणि ने कहा कि 2018 में शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि आगे चलकर वंदे भारत प्लेटफॉर्म के लिए एक स्लीपर वेरिएंट की जरूरत पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “दिन के समय चलने वाली चेयर-कार सेवाओं का बाजार एक स्तर पर आकर रुकने ही वाला था, जिससे रात भर चलने वाली ट्रेनें एक जरूरी जरूरत बन गईं। आज की स्थिति से यह बात साबित भी होती है। वंदे भारत की दिन की सेवाओं में से 30 प्रतिशत तक में यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है।” उन्होंने कोच बनाने के क्षेत्र में ICF की ऐतिहासिक विरासत की भी तारीफ की।

देरी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में ICF ने 2019 के आखिर तक एक स्लीपर प्रोटोटाइप तैयार करने की योजना बनाई थी, लेकिन वंदे भारत प्रोजेक्ट में लगभग चार साल के ठहराव के कारण यह समय-सीमा पटरी से उतर गई।

वंदे भारत ट्रेन के कोच घटाकर 8 करने पड़े, देरी पर मणि ने उठाए सवाल

मणि ने तर्क दिया कि देरी के कारण एक ऐसा समझौता करना पड़ा जो आदर्श नहीं था: कुछ रूटों पर 16 कोच वाली सामान्य चेयर-कार ट्रेनों को घटाकर 8 कोच वाली ट्रेन सेट कर दिए गए। ऐसा शायद इसलिए किया गया ताकि सरकार द्वारा बताए गए उम्मीद भरे आंकड़ों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा, “चूंकि भारतीय रेलवे के रूटों पर बहुत अधिक भीड़ रहती है और ये काफी महंगे संसाधन हैं, इसलिए लंबी ट्रेनों के जरिए लाइन की क्षमता का अधिकतम उपयोग करना एक अहम प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने बताया कि विकास की गति बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने निजी क्षेत्र का रुख किया। इसके तहत ‘किनेट रेलवे सॉल्यूशंस’ (रेल विकास निगम लिमिटेड और रूस की TMH का एक संयुक्त उद्यम) को 120 स्लीपर ट्रेनों का ठेका दिया गया, और ‘टाटागढ़’ तथा ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ (BHEL) के एक समूह को 80 और रेक (ट्रेन सेट) बनाने का ठेका मिला। लेकिन, अनुबंध और डिजाइन से जुड़ी मंजूरियों में देरी के कारण इन निजी परियोजनाओं में विलंब हुआ। ऐसे में, काम को जल्द शुरू करने के लिए रेलवे ने 10 स्लीपर ट्रेन सेट का एक शुरुआती ऑर्डर दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह ऑर्डर ICF को नहीं, बल्कि ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को दिया गया।

मणि ने कहा, “देश अब ‘ओवरनाइट’ (रात भर चलने वाली) वंदे भारत सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत देख रहा है। BEML द्वारा बनाई गई एक ट्रेन ने कमर्शियल स्लीपर सेवा की सफल शुरुआत की है, जो हावड़ा और कामाख्या के बीच एक महत्वपूर्ण लंबी दूरी के रूट पर चल रही है।”

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, ICF की योजना – जिसके तहत नवंबर 2026 तक डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना है और 2027 के मध्य तक 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जाना है – एक स्वागत योग्य और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

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रेलवे की बड़ी तैयारी! जल्द दौड़ेगी 24 कोच वाली लंबी ‘वंदे भारत’ स्लीपर ट्रेन, जानें क्या होगा खास और कब तक होगी शुरू

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे अपनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत 24 कोच वाली नई ट्रेन बनाई जाएगी, जिसे लंबी दूरी के सफर और रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस नई ट्रेन को जून 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि नई ट्रेन में पहले के मुकाबले ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें पेंट्री कार यानी खाना तैयार करने और रखने की सुविधा, ज्यादा टॉयलेट और बेहतर इंटीरियर भी दिया जाएगा।

इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को तैयार करने की जिम्मेदारी चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को दी गई है। फैक्ट्री को ऐसी कुल 50 ट्रेनें बनानी हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन का डिजाइन अंतिम चरण में है और इसे अगले एक महीने के अंदर पूरा किए जाने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, नई ट्रेन मौजूदा 16-कोच वाले स्लीपर डिजाइन पर आधारित होगी, जिसमें अतिरिक्त कोच और ट्रेन के अंदर मिलने वाली सुविधाओं के लिए कुछ बदलाव किए जाएंगे। ICF ने पहले कहा है कि 24-कोच वाला वर्जन भारत में बनने वाली सबसे लंबी स्लीपर ट्रेन-सेट्स में से एक होगा।

भारतीय रेलवे की 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयारी

भारतीय रेलवे आने वाले सालों में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत 200 से ज्यादा स्लीपर ट्रेनें शुरू किए जाने की उम्मीद है। 24 कोच वाली नई ट्रेन भी इसी योजना का हिस्सा है। इसका मकसद लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और एक ट्रेन में ज्यादा यात्रियों के सफर की व्यवस्था करना है।

इस योजना के तहत फिलहाल तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। BEML, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की मदद से 10 स्लीपर ट्रेनें बना रही है। वहीं, भारत और रूस की संयुक्त कंपनी Kinet को 120 ट्रेनें बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, Titagarh और BHEL का कंसोर्टियम 80 ट्रेनें तैयार करेगा। इन परियोजनाओं से अलग, ICF खुद भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक नया वर्जन विकसित कर रही है।

नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पेंट्री कार भी होगी। रिपोर्ट में बताए गए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के दूसरे डिजाइन में यह सुविधा नहीं है। पेंट्री कार की मदद से ट्रेन में खाने को गर्म करने और यात्रियों को परोसने की व्यवस्था की जा सकेगी।

इसके अलावा, ICF ट्रेन के इंटीरियर को बेहतर बनाने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, डिजाइन को अंतिम रूप देने का काम अभी जारी है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: कोच और बनावट

वंदे भारत स्लीपर के प्रोटोटाइप में 16 पैसेंजर कोच होंगे, जिनमें 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं।

24-कोच वाले प्रस्तावित वर्जन से यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी। बड़ी ट्रेन के हिसाब से टॉयलेट की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।

स्पीड और यात्रियों के आराम का रखा गया ध्यान

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 160 kmph तक की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, और इसकी टेस्टिंग स्पीड 180 kmph है। हालांकि, अभी भारतीय रेलवे का ज्यादातर नेटवर्क इतनी स्पीड पर ट्रेनों को चलाने के लिए तैयार नहीं है।

यूरोपीय ट्रेनों से प्रेरणा लेते हुए, स्लीपर वर्जन में आरामदायक बर्थ होंगी ताकि रात भर के सफर में आराम मिल सके। ऊपर की बर्थ तक पहुंचने के इंतजामों को भी फिर से डिजाइन किया गया है ताकि उन पर चढ़ना आसान हो।

अन्य सुविधाओं में हर यात्री के लिए अलग रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल शामिल हैं। इसके अंदरूनी हिस्से में ग्लास-फाइबर-रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (GFRP) पैनल लगाए जाएंगे।

आधुनिक टॉयलेट और ट्रेन के अंदर की सुविधाएं

इस ट्रेन में हवाई जहाजों की तरह आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट होंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए बने टॉयलेट में बच्चों की देखभाल के लिए एक स्टेशन भी होगा।

AC फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा होगी। रात के समय खास लाइटिंग, विजुअल डिस्प्ले वाला इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV कैमरे और मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट भी ट्रेन के अंदर दी जाने वाली सुविधाओं का हिस्सा हैं।

वहीं, 24-कोच वाले वर्जन में प्रस्तावित पैंट्री कार से यात्रा के दौरान खाना गर्म करके परोसा जा सकेगा, जिससे ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी मिल जाएगी।

सुरक्षा सिस्टम और एनर्जी एफिशिएंसी

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत में बना ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों के बीच टक्कर होने के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, ट्रेन में रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रेन के ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी।

ट्रेन के कोच के बीच अपने आप खुलने और बंद होने वाले दरवाजे लगाए जाएंगे। वहीं, कोच के बीच बंद रास्ते (सील्ड गैंगवे) बनाए जाएंगे, ताकि बाहर की धूल कम अंदर आए और ट्रेन के भीतर तापमान बनाए रखने में मदद मिले।

ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी होगा, जिससे कोच की गतिविधियों और जरूरी सिस्टम पर नजर रखी जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में यात्री इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए ट्रेन के ड्राइवर से संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा, तय स्टेशनों पर ट्रेन के दरवाजे अपने आप खुलने की व्यवस्था भी होगी।

24 कोच वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए भारतीय रेलवे यात्रियों को ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह योजना देश में वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

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HDFC Bank Share: चार ब्रोकरेज का बुलिश रुख, ₹1150 तक का टारगेट दिया

HDFC Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के शेयरों ने पिछले 1 साल में काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। इस दौरान बैंक से जुड़े कई विवाद भी हुए। अब नए MD और CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC Bank के शेयरों में अब तेजी देखने को मिल सकता है।

HDFC Bank का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 2.55% चढ़कर ₹731.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक साल की तस्वीर देखें तो शेयर अब भी 25% से ज्यादा नीचे है।

चार बड़े ब्रोकरेज हाउस ने HDFC Bank को लेकर अपनी राय जारी की है। Jefferies और Nomura ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं Bernstein और Macquarie ने ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इनके टारगेट प्राइस ₹880 से लेकर ₹1,150 तक हैं।

Jefferies ने ₹880 का टारगेट दिया

Jefferies ने HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹880 रखा है। यह पिछले क्लोजिंग भाव से देखें तो यह करीब 20.4% ऊपर है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के बोर्ड ने CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी दिखाई है। बैंक ने RBI के पास तीन साल के CEO कार्यकाल के लिए दो नाम भेजे हैं। Jefferies का मानना है कि अगर बैंक किसी आंतरिक उम्मीदवार को चुनता है तो बदलाव अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

ब्रोकरेज ने HDFC Bank के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को प्रमुख आंतरिक उम्मीदवारों में बताया है। Jefferies के मुताबिक, उनके पास करीब 2.8 से 3 साल की कार्यकाल पात्रता बच सकती है।

चारों ब्रोकरेज के टारगेट में कितना अंतर?

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित रिटर्न

JefferiesBuy₹88020.4%
NomuraBuy₹95029.9%
BernsteinOutperform₹1,15057.2%
MacquarieOutperform₹1,15057.2%

Nomura का टारगेट ₹950

Nomura ने भी HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹950 रखा हैयह करीब 29.9% तेजी का संकेत देता है।

Nomura के मुताबिक, RBI को भेजे गए दोनों नामों से आगे अलग-अलग परिस्थितियां बन सकती हैं। अगर आंतरिक उम्मीदवार को CEO बनाया जाता है तो बैंक को कारोबारी निरंतरता का फायदा मिल सकता है।

वहीं, किसी बाहरी उम्मीदवार की नियुक्ति होने पर बैंक के पास लंबी अवधि के लिए नेतृत्व तैयार करने और रणनीति की नए सिरे से समीक्षा करने की गुंजाइश बढ़ सकती है।

Bernstein ने ₹1,150 का टारगेट दिया

Bernstein ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹1,150 रखा है। इसमें करीब 57.2% तेजी की गुंजाइश है।

Bernstein ने खास तौर पर CEO नियुक्ति की टाइमिंग को अहम बताया है। बैंक ने शशिधर जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने से काफी पहले RBI को नाम भेजे हैं। जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होना है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बोर्ड आने वाले CEO के लिए तीन साल के कार्यकाल की मांग कर रहा है। इसके अलावा जिमी टाटा को होल टाइम डायरेक्टर बनाने और एक और होल टाइम डायरेक्टर का पद बनाने का प्रस्ताव है।

इससे MD और CEO को छोड़कर बैंक में होल टाइम डायरेक्टरों की संख्या चार हो जाएगी।

Macquarie भी ₹1,150 पर बुलिश

Macquarie ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,150 रखा है। यह भी करीब 57.2% तेजी का संकेत देता है।

Macquarie का कहना है कि बोर्ड की हालिया कार्रवाई से CEO उत्तराधिकार को लेकर कुछ स्पष्टता आई है। हालांकि, ब्रोकरेज के मुताबिक असली अहमियत अंतिम CEO नियुक्ति की होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि एक और होल टाइम डायरेक्टर की नियुक्ति से बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन में गहराई बढ़ेगी। इससे CEO उत्तराधिकार की प्रक्रिया ज्यादा संस्थागत हो सकती है। नए CEO से अतिरिक्त पद पर नियुक्ति को लेकर सलाह लिए जाने की भी बात कही गई है।

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Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

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Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

Dividends, Stock Splits, Bonus this week: इस हफ्ते 170 से ज्यादा कंपनियों के शेयर डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट और बोनस जैसे कॉरपोरेट एक्शन के चलते फोकस में रहेंगे। इनमें IRCTC, Dixon Technologies और BEML समेत कई कंपनियां शामिल हैं। रिकॉर्ड डेट 21 से 25 सितंबर के बीच है।

कॉरपोरेट एक्शन का फायदा लेने के लिए रिकॉर्ड डेट पर शेयर डीमैट अकाउंट में होना जरूरी है। यह लिस्ट अस्थायी है। हफ्ते के दौरान कुछ और कंपनियां भी रिकॉर्ड डेट घोषित कर सकती हैं।

अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट

तीन शेयर अगले हफ्ते एक्स-स्प्लिट होंगे। इनमें TAAL Tech, Naturite Agro Products और Midwest Energy शामिल हैं।

TAAL Tech 1:5 स्टॉक स्प्लिट करेगा। ₹10 फेस वैल्यू वाला एक शेयर पांच शेयरों में बंटेगा। नई फेस वैल्यू ₹2 होगी। रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर है।

Naturite Agro Products 1:2 और Midwest Energy 1:10 स्टॉक स्प्लिट करेगा। दोनों की रिकॉर्ड डेट 25 सितंबर है। इसके बाद Naturite की फेस वैल्यू ₹5 और Midwest Energy की ₹1 हो जाएगी।

सोमवार, 21 सितंबर

करीब 55 कंपनियों की रिकॉर्ड डेट सोमवार को है। Maharashtra Scooters ₹160 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। Bajaj Holdings and Investments ₹65 और Southern Gas ₹60 प्रति शेयर देगी।

Monte Carlo Fashions और KJMC Financial Services ₹20 प्रति शेयर का डिविडेंड देंगी। Dixon Technologies ₹10, Bharat Dynamics ₹0.40 और CONCOR ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

मंगलवार, 22 सितंबर

50 से ज्यादा कंपनियां मंगलवार को एक्स-डिविडेंड होंगी। GOCL Corporation ₹30 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। BEML ₹12.28 और National Peroxide ₹7 प्रति शेयर देगी।

IRCTC ₹0.50 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

बुधवार, 23 सितंबर

40 से ज्यादा कंपनियां बुधवार को एक्स-डिविडेंड होंगी। GMDC ₹9.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। Tyche Industries ₹3.50 प्रति शेयर देगी।

Goodluck India और Talbros Engineering ने ₹3 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

गुरुवार, 24 सितंबर

गुरुवार को सिर्फ दो कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है। Engineers India ₹2.50 प्रति शेयर और Adtech Systems ₹1.10 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

शुक्रवार, 25 सितंबर

शुक्रवार को छह शेयर अलग-अलग कॉरपोरेट एक्शन के लिए एक्स-डेट होंगे। Sri Lotus Developers and Realty ₹0.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

LGT Global Hospitality और Shreeji Global FMCG ₹0.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देंगी। Noble Polymers ₹0.05 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bullet train India: भारत की खुद की 350 kmph स्पीड वाली बुलेट ट्रेन का प्लान आया सामने, जानिए जापान की E10 सीरीज को कैसे देगा टक्कर

Bullet train India: भारत अब हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में अपनी तकनीक और ट्रेनें विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय ने 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन तैयार करने की योजना बनाई है। यह ट्रेन जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज की हाई-स्पीड ट्रेनों की क्षमता के बराबर होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “भारत की अगली पीढ़ी की बुलेट ट्रेन को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के हिसाब से प्लान किया जा रहा है। ट्रेन के डिज़ाइन का काम अगले छह महीनों में शुरू होने की उम्मीद है।” 2

016 में शुरू हुआ 508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अभी बन रहा है। इसे फिलहाल 320 kmph तक की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए बनाया जा रहा है। इसके ऑपरेशन का पहला चरण अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर की लागत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। कैबिनेट ने प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मंजूरी दी है। यह 2015 में तैयार शुरुआती अनुमान की तुलना में लगभग दोगुनी है।

350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली B35 ट्रेन

रेलवे मंत्रालय की योजना के तहत भारत अपनी B35 हाई-स्पीड ट्रेन विकसित करेगा। इसका डिजाइन स्पीड 350 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी। इसका उद्देश्य भारत में ऐसी स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन तैयार करना है, जो दुनिया की आधुनिक बुलेट ट्रेन तकनीक के स्तर की हो। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका लक्ष्य जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज से मेल करना है।

जापान ने दिसंबर 2024 में भारत सरकार को बताया था कि उसकी मौजूदा E5 सीरीज की ट्रेनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। जापान के अनुसार, E10 ट्रेनों का उत्पादन 2030 से शुरू होगा। ये 2034 तक संचालन के लिए उपलब्ध हो सकती हैं। भारत इन ट्रेनों के उपलब्ध होने तक अपने स्वदेशी विकल्प को तैयार करने पर काम कर रहा है।

पहले B28 ट्रेनें होंगी तैयार

भारत की तत्काल योजना B28 हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण की है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर शुरुआत में इन्हीं ट्रेनों को चलाया जाएगा। इंडियन रेलवे के मुताबिक, BEML को 32 B28 ट्रेनों के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट मिल चुका है। इसके अलावा BEML को 15 और B28 ट्रेनों के निर्माण के लिए 5,400 करोड़ रुपये का अलग कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस तरह कुल 47 B28 ट्रेनों के निर्माण की योजना है।

  • B28 ट्रेनों की डिजाइन स्पीड: 280 किमी प्रति घंटा
  • अधिकतम ऑपरेटिंग स्पीड: 249 किमी प्रति घंटा

2027 की शुरुआत में प्रोटोटाइप का ट्रायल

B28 ट्रेन के दो प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे। इनका ट्रायल 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनों के प्रदर्शन, सुरक्षा और हाई-स्पीड संचालन से जुड़ी जांच के आधार पर आगे का उत्पादन और संचालन किया जाएगा।

भारत का अपना ट्रेन कंट्रोल सिस्टम भी

स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनों के साथ भारत अपना Bharat Train Control System (BTCS) भी विकसित करेगा। यह सिस्टम ट्रेन की रफ्तार, ट्रेनों के बीच दूरी, संचालन और सुरक्षा को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, BTCS की अवधारणा चीन के Chinese Train Control System (CTCS) जैसी होगी। इसका इस्तेमाल हाई-स्पीड और सामान्य रेल नेटवर्क में ट्रेन की गति और सुरक्षा प्रबंधन के लिए किया जाता है।

प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लागत में इजाफा

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लागत में भी भारी वृद्धि हुई है। 2015 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये थी। अब इसकी संशोधित लागत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक लागत बढ़ने के प्रमुख कारणों में जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिग्नलिंग सिस्टम की लागत में बढ़ोतरी शामिल है।

जमीन अधिग्रहण की लागत में तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है। यह खर्च बढ़कर करीब 19,700 करोड़ रुपये हो गया है। प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लागत में भी करीब 50% की वृद्धि हुई है। यह अब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। 2015 के अनुमान की तुलना में ट्रेन सिग्नलिंग सिस्टम पर होने वाला खर्च भी करीब 100% बढ़ गया है। मौजूदा अनुमान के अनुसार, भविष्य में आने वाली जापानी ट्रेनों की लागत को छोड़कर पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 399 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आ रहा है।

508 किलोमीटर लंबा है मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। इस पर शुरुआत में B28 हाई-स्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी। कॉरिडोर को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होगी। भारत में पहली बार इस तरह की हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन सेवा का संचालन होगा।

भारत की हाई-स्पीड रेल योजना में अब दो चरण

पूरे प्लान को आसान भाषा में समझें तो भारत की योजना दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है। इससे भारत का लक्ष्य सिर्फ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि भविष्य में हाई-स्पीड ट्रेन और उसके कंट्रोल सिस्टम को देश में ही विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।

  • पहला चरण: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए B28 ट्रेनों का स्वदेशी निर्माण और संचालन होगा।
  • दूसरा चरण: इसी अनुभव और तकनीकी क्षमता के आधार पर 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली B35 स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को विकसित करना है।

फिलहाल, BEML और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) मिलकर B28 बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसे 280 kmph तक की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसका प्रोटोटाइप अगले साल की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है। अगस्त 2027 तक मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के एक हिस्से पर इसका ऑपरेशन शुरू होने की योजना है।

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Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 17 अगस्त को बाजार खुलते ही कई शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं, तो कुछ पर बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और रेगुलेटरी अपडेट का असर रह सकता है। डिफेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट, FMCG और इंजीनियरिंग समेत कई सेक्टर फोकस में रहेंगे। ऐसे में इन 20 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 27.7% घटकर ₹135.8 करोड़ रह गया। रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट दर्ज हुई। कमजोर प्रदर्शन का असर शेयर पर पड़ सकता है।

Reliance Industries

तेल-टेलीकॉम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार करने वाली Reliance Industries ने ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी Rolls-Royce के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने पर काम करेंगी। इसके लिए भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना है, जो पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।

Voltas

एयर कंडीशनर और होम एप्लायंसेस बनाने वाली टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140 करोड़ से बढ़कर ₹214 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹4,674 करोड़ पहुंच गया। बेहतर नतीजों से शेयर में हलचल दिख सकती है।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates का पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% घटकर ₹8.35 करोड़ रह गया। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 0.85% बढ़कर ₹51.91 करोड़ पहुंचा। वहीं, EBITDA 41.6% गिरकर ₹8.12 करोड़ रहा। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की है।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे और इंजीनियरिंग कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी Texmaco Defence Technologies में ₹200 करोड़ तक के निवेश के लिए समझौता किया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करके लगाए जाएंगे। बाकी ₹100 करोड़ इक्विटी, डेट या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए निवेश किए जाएंगे।

BEML

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BEML को मॉरीशस से 6.65 मिलियन डॉलर (करीब ₹63.5 करोड़) का एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर अफ्रीका के कई देशों में सप्लाई करेगी। ऑर्डर की शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी।

Ather Energy

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy के शेयरधारकों ने ₹1,200 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इससे पहले कंपनी ₹1,300 करोड़ का QIP भी पूरा कर चुकी है। दोनों को मिलाकर कंपनी ने करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं।

NMDC Steel

सरकारी स्टील कंपनी NMDC Steel ने पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई। नेट प्रॉफिट 97.6% बढ़कर ₹50.51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 8.8% बढ़कर ₹3,661.84 करोड़ पहुंचा। बेहतर नतीजों से निवेशकों की नजर रहेगी।

Embassy Office Parks REIT

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट Embassy Office Parks REIT में Bain Capital की इकाई APAC Company XXIII Limited ने ब्लॉक डील लॉन्च की है। बेस ऑफर के तहत 4.42% हिस्सेदारी वाले 4.19 करोड़ यूनिट करीब ₹1,802 करोड़ में बेचे जाएंगे। अपसाइज विकल्प जोड़ने पर डील का आकार करीब ₹2,298 करोड़ तक पहुंच सकता है।

Patanjali

FMCG कंपनी पंतजलि ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा ₹180 करोड़ से बढ़कर ₹336 करोड़ हो गया। इसके साथ FY27 के लिए ₹0.80 और FY26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank पर RBI ने ₹59.20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियमों के पालन में कमी के चलते हुई है। बैंक पर ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन नियमों के उल्लंघन का मामला है।

PhysicsWallah

एडटेक कंपनी PhysicsWallah का घाटा कम हुआ है। नेट लॉस ₹120.5 करोड़ से घटकर ₹77.6 करोड़ रह गया। यानी कंपनी ने घाटे में करीब ₹42.9 करोड़ की कमी दर्ज की है।

PB Fintech

इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनी PB Fintech की सब्सिडियरी Policybazaar को IRDAI से शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस पिछले निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। कंपनी ने तय समय में जवाब देने की बात कही है।

Dr. Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr. Reddy’s Laboratories की हैदराबाद स्थित FTO-3 यूनिट का USFDA निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के बाद अमेरिकी नियामक ने Form 483 जारी किया है। इसमें चार ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं।

BMW Industries

स्टील प्रोसेसिंग कंपनी BMW Industries ने बेहतर तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.8% बढ़कर ₹19.04 करोड़ हो गया। कुल आय भी 15% बढ़कर ₹176.68 करोड़ पहुंच गई।

NMDC

सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹2,007 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 2.4% बढ़कर ₹6,795 करोड़ रहा। मजबूत प्रदर्शन से शेयर पर नजर रहेगी।

Jupiter Wagons

रेलवे वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons का मुनाफा 13.6% घटकर ₹28.3 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹670.7 करोड़ पहुंचा। EBITDA में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई।

Zaggle Prepaid

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid का नेट प्रॉफिट 33% घटकर ₹17.5 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। मिले-जुले नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

Borosil

ग्लासवेयर और किचनवेयर कंपनी Borosil का नेट प्रॉफिट 26.4% घटकर ₹13 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9% बढ़ा, लेकिन EBITDA में गिरावट दर्ज हुई। इससे शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Schneider Electric

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी Schneider Electric के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट करीब 70% घटकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त रही, लेकिन EBITDA और मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Stocks to Buy: 5 शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश, 43% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया ने इन 2 शेयरों से निकाला पूरा पैसा, इस नए स्टॉक में लगाई बड़ी बाजी; चेक करें पूरी लिस्ट

Sunil Singhania Abakkus MF Changes: दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबक्कस म्यूचुअल फंड ने जुलाई महीने में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। फंड हाउस की दो प्रमुख इक्विटी स्कीम अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड और अबक्कस स्मॉल कैप फंड से सरकारी बैंक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ को पूरी तरह बेच दिया है।

इसके अलावा, स्मॉल कैप फंड ने आईटी कंपनी Cyient से भी एग्जिट कर लिया है, जबकि आईजीआई (IGI) जैसे शेयरों में नई हिस्सेदारी खरीदी है। आइए जानते हैं जुलाई के महीने में सुनील सिंघानिया के फंड हाउस ने किन शेयरों में बिकवाली की और किन दिग्गजों पर भरोसा बढ़ाया है।

IGI में नई एंट्री, HDFC Bank और SBI पर बढ़ाया दांव

₹6,338 करोड़ के एसेट साइज वाले अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड ने जुलाई में अपने पोर्टफोलियो के 34 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई और 3 में घटाई। महीने के अंत तक इसके पोर्टफोलियो में कुल 45 शेयर थे।

फंड ने IGI में 0.6% हिस्सेदारी के साथ नई पोजीशन ली, जबकि जून में 2.7% वेटेज वाले Bank of Baroda को पूरी तरह से बेचकर एग्जिट कर लिया।

फंड ने HDFC Bank (4% से बढ़ाकर 4.72%), SBI (3.6% से 3.89%), L&T (1.5% से 3.2%), वेदांता एल्युमीनियम (2% से 2.65%) और M&M (2.6% से 2.84%) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

टॉप-5 होल्डिंग्स: ICICI Bank (5.55%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग है। इसके बाद HDFC Bank (4.72%), SBI (3.89%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.10%) और डिविस लैबोरेटरीज (2.95%) का नंबर आता है।

सेक्टर आवंटन: बैंकिंग सेक्टर 17% हिस्सेदारी के साथ सबसे ऊपर है, जिसके बाद फार्मा (7.7%) और कैपिटल मार्केट्स (5.2%) हैं।

अबक्कस स्मॉल कैप फंड: Cyient से एग्जिट, BEML और मिसेज बेक्टर्स की एंट्री

₹2,113 करोड़ के अवाकस स्मॉल कैप फंड में जुलाई में जबरदस्त हलचल देखी गई। फंड ने 56 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और महीने के अंत में कुल 62 शेयरों का पोर्टफोलियो मेंटेन किया।

नए शेयर शामिल किए: फंड ने BEML (1.5%), मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (1%) और इंडो-MIM (0.4%) को अपने पोर्टफोलियो में जगह दी।

इन दो शेयरों से पूरी तरह बाहर: स्मॉल कैप फंड ने Bank of Baroda (जून में 1.1% वेटेज) और Cyient (जून में 1.3% वेटेज) को पूरी तरह बेच दिया।

इनमें बढ़ाया निवेश: कॉनकॉर, किर्लोस्कर ऑयल इंजन, लीला पैलेसेस, एलेम्बिक फार्मा, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, तानला प्लेटफॉर्म्स और आईजीआई में एक्सपोजर बढ़ाया गया।

टॉप होल्डिंग्स: डॉ लाल पाथलैब्स (1.80%) और वेल्सपन कॉर्प (1.80%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स हैं, जिसके बाद कैम्स (1.79%), आईजीआई (1.76%) और करूर वैश्य बैंक (1.74%) का स्थान है।

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

सुनील सिंघानिया के इन दोनों फंड्स ने जुलाई महीने और बीते कुछ महीनों में अपने संबंधित बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतरीन रिटर्न दिया है:

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: इंट्रा-डे में आज कहां बनेगा प्रॉफिट? दो लिस्टिंग और L&T, Manappuram समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 45.50 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 24,561.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 11 अगस्त को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 388.19 प्वाइंट्स यानी 0.49% की गिरावट के साथ 78,154.25 और निफ्टी 112.10 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

टाटा मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अरविंद, एस्ट्रल, आदित्य इन्फोटेक, EID पैरी इंडिया, EMS, GMR एयरपोर्ट्स, इंडिक्यूब स्पेस, IRCTC, ज्योति लैब्स, नेशनल फर्टिलाइजर्स, पेट्रोनेट एलएनजी, एसकेएफ इंडिया, सन टीवी नेटवर्क, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, VIP इंडस्ट्रीज, वीके टेक वाबाग और यात्रा ऑनलाइन आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के रिजल्ट पेश

Bata India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बाटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.04% उछलकर ₹63.98 करोड़ और रेवेन्यू 3.9% बढ़कर ₹978.9 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹25 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Manappuram Finance Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर मणप्पुरम फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 4 गुना से अधिक बढ़कर ₹138.4 करोड़ से ₹584.6 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 28.1% बढ़कर ₹1,723.7 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इमपेयरमेंट 60.6% घटकर ₹225.5 करोड़ पर आ गया।

RHI Magnesita India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 83.2% उछलकर ₹64.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹1,014 करोड़ पर पहुंच गया।

Tribhovandas Bhimji Zaveri Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर त्रिभोवनदास भीमजी जावेरी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.8% उछलकर ₹33.92 करोड़ और रेवेन्यू 34.8% बढ़कर ₹840.97 करोड़ पर पहुंच गया।

PI Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर पीआई इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39% घटकर ₹244.2 करोड़ और रेवेन्यू 10.4% फिसलकर ₹1,702.3 करोड़ पर आ गया।

Linde India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लिंडे इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.4% घटकर ₹104.6 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 21.6% फिसलकर ₹694.4 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने विकास डोकनिया को सीएफओ बनाया है जोकि 15 सितंबर से प्रभावी होगा।

Landmark Cars Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लैंडमार्क कार्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 110.5% उछलकर ₹14.5 करोड़ और रेवेन्यू 22.7% बढ़कर ₹1,302.4 करोड़ पर पहुंच गया।

JSW Dulux Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 12.4% गिरकर ₹79.7 करोड़ और रेवेन्यू 2.8% फिसलकर ₹965 करोड़ पर आ गया।

Stocks To Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Tenneco Clean Air India

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक टेनेको क्लीन एयर इंडिया की प्रमोटर एंटिटी टेनेको मॉरीशस ब्लॉक डील्स के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेच सकती है जिसमें 2% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है। इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹515 और बेस ऑफर साइज ₹1663 करोड़ है।

Zydus Lifesciences

जाइडस लाइफसाइंसेज की सब्सिडियरी सेंटिनल थेरेप्यूटिक्स और मेरेओ बायोफार्मा ग्रुप पीएलसी ने AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट (Alvelestat) के अमेरिकी कमर्शियलाइजेशन और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग राइट्स के लिए एक ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। एल्वेलेस्टैट एक न्यूट्रोफिल इलास्टेस इनहिबिटर है, जिसके फेज 3 ट्रायल की तैयारी चल रही है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह फेफड़ों की रेयर और तेजी से बढ़ने वाली जेनेटिक बीमारी के लिए पहला ओरल ट्रीटमेंट होगा। इस ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत सेंटिनल को अमेरिका में AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट को कमर्शियलाइज करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस राइट्स मिलेगा, जबकि मेरेओ के पास बाकी दुनिया में कमर्शियल राइट्स बने रहेंगे।

BEML

बीईएमएल को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) के फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर के निर्माण और सप्लाई के लिए ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

HG Infra Engineering

एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग को राजस्थान सरकार से पीएम सेतु के कंपोनेंट-1 के तहत आईटीआई भिवाड़ी क्लस्टर के O&M (ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट) के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला है। ₹241 करोड़ की अनुमानित लागत में इसकी हिस्सेदारी 17.10% है।

Larsen and Toubro (L&T)

एलएंडटी ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत यह अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस बिजनेस ₹1,400 करोड़ में व्योमा को गोइंग-कंसर्न बेसिस पर स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर करेगी।

KFin Technologies

केफिन टेक ने वित्तीय संस्थानों की बेहतरीन फर्जीवाड़े को गलत तरीके से सही मान लेना या सही सिग्नेचर को भी गलत तरीके से रिजेक्ट करने जैसी ऑपरेशनल खामियों को दूर करने के लिए एक एजेंटिक एआई सॉल्यूशन Klarity लॉन्च किया है।

Diamond Power Infrastructure

डायमंड पावर इंफ्रा को को राजेश पावर सर्विसेज से कुल ₹195.48 करोड़ के दो ऑर्डर मिले हैं। इसके तहत कंपनी को गुजरात में SDMF (स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड) स्कीम और सिस्टम इंप्रूवमेंट (अर्बन अंडरग्राउंड) प्रोग्राम के तहत PGVCL (पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) के प्रोजेक्ट्स के लिए 11 kV मीडियम वोल्टेज (MV) अंडरग्राउंड पावर केबल की सप्लाई करना है। इस पर कंपनी को 12 महीनों में काम पूरा करना है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Metropolis Healthcare

प्रमोटर एंटिटी डुरू शाह फैमिली ट्रस्ट और मेट्ज एडवाइजरी ने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के 10.5-10.5 लाख शेयर कुल ₹118.44 करोड़ में ₹564 के भाव पर बेचे। ये शेयर कुल मिलाकर कंपनी में 1.01% हिस्सेदारी के बराबर थे। इनमें से आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने ₹59.16 करोड़ में 10.49 लाख शेयर, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने कुल ₹59.26 करोड़ में 5.25-5.25 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप फंड के पास मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में पहले से ही 1.95% हिस्सेदारी थी।

Univastu India

टौरस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹130 के भाव पर ₹4.9 करोड़ में यूनिवास्तु इंडिया के 3.77 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) खरीदी।

Rolex Rings

जर्मन इन्वेस्टमेंट फर्म बायर्नइन्वेस्ट ने ईआरआई बायर्नइन्वेस्ट फोंड्स एक्टियन एशियन की तरफ से ₹15.33 करोड़ में हर शेयर ₹170.59 के भाव पर ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी रोलेक्स रिंग्स के 8.98 लाख शेयर खरीदे।

RPP Infra Projects

चेन्नई की कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी दीवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के 8.48 लाख शेयर (1.71% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में ₹58.90 के भाव पर हासिल किए। वहीं प्रमोटर अरुल सुंदरम नित्या ने ₹58.74 के भाव पर 5.13 लाख शेयर ₹3.01 करोड़ में तो पी अरुल सुंदरम ने ₹59.21 के भाव पर 3.59 लाख शेयर ₹2.13 करोड़ में बेचे। प्रमोटर्स ने कुल मिलाकर 1.76% होल्डिंग के बराबर शेयर बेचे।

लिस्टिंग

एर्डी इंडस्ट्रीज के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो जीवी इलेक्ट्रिकल्स की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

CAMS, KPIT टेक्नोलॉजीज, NHPC, ASM टेक्नोलॉजीज, धुनसेरी टी एंड इंडस्ट्रीज, गैब्रिएल इंडिया, गुजरात कंटेनर्स, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल एंड प्रूडेंशियल इन्वेस्टमेंट कंपनी, KCP, नीलमलाई एग्रो इंडस्ट्रीज, संडूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स, नर्मदा जिलेटिन्स, यूनिपार्ट्स इंडिया, वैभव ग्लोबल और वोइथ पेपर फैब्रिक्स इंडिया के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एसएआईएल और बंधन बैंक में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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