दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया ने सोमवार को ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए, बिड़ला समूह से जुड़ी पॉलीमर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘एक्सप्रो इंडिया’ में अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 19 अक्टूबर को जारी बल्क डील डेटा के मुताबिक आशीष कचोलिया ने 21.53 करोड़ रुपये मूल्य के 2.22 लाख इक्विटी शेयर बेचे हैं जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.94 प्रतिशत है। ये शेयर 970.11 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचे गए हैं।

सितंबर 2026 तक,एक्सप्रो इंडिया  में कचोलिया की 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो 4.71 लाख शेयरों के बराबर है। हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद, सोमवार को एक्सप्रो इंडिया के शेयरों में 1.79 प्रतिशत की तेजी आई और ये 995 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही इसमें लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।

हालांकि,बीच-बीच में आने वाली खरीदारी के बावजूद, सितंबर के अपने स्विंग हाई पर पहुंचने के बाद से ही यह स्टॉक दबाव में बना हुआ है। यह स्टॉक सितंबर 2026 में बने 1,408.70 रुपये के हाई से लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका है।

ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में खरीदी 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी

इस बीच एक दूसरे दिग्गज निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 1.94 लाख और इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.73 प्रतिशत है। ये शेयर 6.29 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं, जिनकी औसत कीमत 323.38 रुपये प्रति शेयर रही। सितंबर 2026 तक, स्वराज सूटिग में कजारिया की 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी,जो 3.26 लाख शेयरों के बराबर है। बता दें कि स्वराज सूटिंग सूती और सिंथेटिक कपड़े बनाती है।

FIIs ने की बिकवाली, DIIs से मिला सपोर्ट

उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों में 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह इस महीने की उनकी सबसे कम नेट सेलिंग रही थी। यह 15 अक्टूबर को हुई 5,285.37 करोड़ रुपये की बिक्री से कम है। एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

कल के सेशन में FIIs ने 11,240.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,389.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। DIIs ने 14,781.31 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 11,580.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को FIIs नेट बॉयर रहे थे और उन्होंने 1,165.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह इस महीने उनका एकमात्र ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने नेट बाइंग की। हालांकि, शुक्रवार DIIs ने 3,661.28 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की थी।

बाजार पर एक नजर

सोमवार को भारतीय बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी257.20 अंक या 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17% की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की अहम भूमिका रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.85% की गिरावट आई। FMCG में 1.44% और IT में 1.28% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 2.4% की तेजी आई।

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.09% और 1.01% की गिरावट आई। सोमवार को FIIs ने अपनी बिकवाली काफी कम कर दी,लेकिन फिर भी बेंचमार्क सूचकांकों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई।

 

 

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Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख में पैसा लगाना बंद कर रहे निवेशक? 6 महीने में 77% घटा निवेश

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड में हर महीने आने वाला अनुमानित निवेश तेजी से घटा है। मार्च 2026 में यह करीब ₹3,950 करोड़ था। सितंबर में घटकर सिर्फ ₹900 करोड़ रह गया। यानी 6 महीने में करीब 77% की गिरावट आई। हालांकि, फंड में पैसा आना बंद नहीं हुआ है। इसके बावजूद फंड मैनेजर ने नए शेयरों और दूसरे निवेश विकल्पों में पैसा लगाना जारी रखा है।

फंड की कैश होल्डिंग भी काफी घटी है। मार्च में कुल संपत्ति का 18.94% पैसा कैश में था। सितंबर में यह घटकर 9.77% रह गया। इस दौरान फंड को रियल एस्टेट, REITs और चुनिंदा ऑयल एंड गैस कंपनियों में निवेश के मौके मिले।

फंड में निवेश क्यों घटा?

PPFAS Mutual Fund के फंड मैनेजर राज मेहता ने Moneycontrol को बताया कि निवेश में कमी से फंड की रणनीति नहीं बदली है। उनके मुताबिक, फंड में अब भी नया पैसा आ रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऐसे में निवेशकों का रुझान भी उनकी तरफ बढ़ा है। अक्सर निवेशक हालिया रिटर्न देखकर अपना पैसा लगाने का फैसला करते हैं।

कैश में पैसा रखने के बजाय कहां निवेश किया?

राज मेहता के मुताबिक, फंड कितना पैसा कैश में रखेगा, यह बाजार के स्तर से ज्यादा निवेश के मौकों पर निर्भर करता है। बाजार में लंबे समय तक खास तेजी न आने और कुछ शेयरों की कीमत घटने से फंड को खरीदारी के मौके मिले। इसलिए उसने कैश घटाकर शेयरों में निवेश बढ़ाया।

सितंबर की फैक्टशीट के मुताबिक, फंड की कुल संपत्ति का 72.06% हिस्सा भारतीय कोर इक्विटी में था। वहीं, 11.90% विदेशी सिक्योरिटीज, IDR और ADR में लगा था। REITs और InvITs में निवेश 6.27% था।

सितंबर में किन शेयरों में बढ़ाया निवेश?

अगस्त के मुकाबले सितंबर में DLF में सबसे ज्यादा नया निवेश किया गया। फंड की कुल संपत्ति का 1.81% हिस्सा इसमें लगाया गया। इसके अलावा Mahindra & Mahindra, Indus Towers, Bharti Airtel और कुछ ऑयल एंड गैस कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया गया।

दूसरी तरफ, फंड ने Great Eastern Shipping Company से अपना निवेश निकाल लिया। अगस्त में इस शेयर में फंड की संपत्ति का 0.11% हिस्सा लगा था।

फंड के पास Embassy Office Parks REIT में 2.49%, Knowledge Realty Trust में 2.18% और Brookfield India Real Estate Trust में 1.60% निवेश था।

फंड का रिटर्न कैसा रहा?

हाल के प्रदर्शन की बात करें तो फंड का रिटर्न कमजोर रहा है। इसके रेगुलर प्लान ने एक साल में 4.14% निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, बेंचमार्क Nifty 500 TRI में 2.03% की गिरावट आई।

हालांकि, तीन, पांच और दस साल की अवधि में फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 876 अंक टूटा

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को चौतरफा बिकवाली देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 876 अंक की गिरावट में बंद हुआ।

सेंसेक्स सुबह 120 अंक की तेजी के साथ 74,849 अंक पर खुला, लेकिन तुरंत गिरावट में चला गया। बीच कारोबार में 73,708.54 अंक तक उतरने के बाद अंत में 876.37 अंक (1.17 प्रतिशत) टूटकर 73,852.90 अंक पर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत नीचे 22,888.95 अंक पर बंद हुआ।

पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक तीन सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर रहे थे। वृहत बाजार में भी सभी सूचकांकों में गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.28 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.08 प्रतिशत उतर गया। सेक्टर आधारित सूचकांकों में सार्वजनिक बैंकों को छोड़कर अन्य सभी समूहों के सूचकांक लाल निशान में रहे।

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वित्त, एफएमसीजी, आईटी, निजी बैंक, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और रसायन समूहों के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर करीब चार फीसदी टूट गया। अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट रही। बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, इटरनल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक के नुकसान में रहे।

टाटा स्टील, सन फार्मा, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और पावरग्रिड के शेयर भी टूट गए।

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Axis Mutual Fund का नया फंड लॉन्च, EV और ऑटो सेक्टर की कंपनियों पर लगेगा पैसा; ₹100 से कर सकेंगे निवेश

Axis Mutual Fund ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों और नई ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में निवेश का नया विकल्प पेश किया है। कंपनी ने Axis Nifty EV & New Age Automotive Index Fund लॉन्च किया है। यह एक इंडेक्स फंड है, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नए जमाने की ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों में निवेश करेगा।

इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 अक्टूबर को खुल गया है। इसमें 30 अक्टूबर 2026 तक निवेश किया जा सकता है। निवेश की शुरुआत सिर्फ ₹100 से होगी। इसके बाद ₹1 के गुणक में रकम बढ़ाई जा सकती है।

फंड की खास बातें

फंड को नंदिक मलिक और रोहित गौतम मैनेज करेंगे। यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है। इसका मतलब है कि निवेशक तय नियमों के मुताबिक इसमें निवेश कर सकते हैं और यूनिट बेचकर पैसा निकाल भी सकते हैं। हालांकि, जल्दी पैसा निकालने पर एग्जिट लोड देना पड़ सकता है।

अगर निवेशक यूनिट खरीदने के 15 दिन के भीतर पैसा निकालते हैं, तो 0.25% एग्जिट लोड लगेगा। 15 दिन के बाद पैसा निकालने पर

एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

फंड का बेंचमार्क Nifty EV & New Age Automotive TRI होगा। इसका मकसद इस इंडेक्स के प्रदर्शन के मुताबिक रिटर्न देना है। हालांकि, इंडेक्स के रिटर्न और फंड के रिटर्न में थोड़ा अंतर हो सकता है।

किन कंपनियों में लगेगा पैसा?

यह फंड इलेक्ट्रिक गाड़ियों और नई ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में निवेश करेगा। इसमें गाड़ी बनाने वाली कंपनियों के साथ बैटरी, ऑटो पार्ट्स, कच्चे माल और आधुनिक ऑटो टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं।

इसका आधार Nifty EV & New Age Automotive Index होगा। इस इंडेक्स में Nifty 500 से तय शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियों को चुना जाता है। इनमें कारोबार और शेयरों में खरीद-बिक्री से जुड़ी शर्तें भी शामिल हैं।

30 सितंबर 2026 तक इस इंडेक्स में बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी 44% थी। मिडकैप कंपनियों की हिस्सेदारी 29% और स्मॉलकैप कंपनियों की 27% थी। इंडेक्स की समीक्षा और बदलाव साल में दो बार, मार्च और सितंबर में किए जाते हैं।

EV बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी पर नजर

Axis Mutual Fund के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी FY21 में 1% से भी कम थी। FY26 में यह बढ़कर 9.4% हो गई।

कंपनी का मानना है कि बैटरी की लागत, टेक्नोलॉजी और चार्जिंग की सुविधा में सुधार से इस सेक्टर को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों का असर सिर्फ ऑटो कंपनियों तक सीमित नहीं है। इससे बैटरी, ऑटो पार्ट्स और दूसरे संबंधित कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।

Axis AMC के MD और CEO बी. गोपकुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ता रुझान ऑटो इंडस्ट्री को बदल रहा है। कंपनी का कहना है कि यह फंड निवेशकों को इस बदलाव से जुड़ी अलग-अलग तरह की कंपनियों में एक साथ निवेश का मौका देगा।

निवेश से पहले इन बातों को समझें

इस फंड के जरिए निवेशकों को अलग-अलग कंपनियों के शेयर खुद चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड इंडेक्स में शामिल कंपनियों के मुताबिक निवेश करेगा। हालांकि, यह थीमैटिक इक्विटी फंड है। इसलिए इसका प्रदर्शन EV और ऑटो सेक्टर की स्थिति से प्रभावित हो सकता है।

अगर इस सेक्टर की कंपनियों के शेयर गिरते हैं, तो फंड की वैल्यू भी घट सकती है। इंडेक्स को ट्रैक करने के बावजूद फंड का रिटर्न बिल्कुल उसके बराबर रहने की गारंटी नहीं है। कंपनी ने भी साफ किया है कि निवेश का उद्देश्य पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है।

इसलिए अपनी जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश की अवधि और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से भी बात कर सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आईटी कंपनियों में लिवाली से बाजार में तेजी

आईटी कंपनियों में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर अच्छी तेजी देखी गई और टेक महिंद्रा का शेयर करीब साढ़े आठ प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 413.66 अंक (0.56 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर पहुंच गया। हल्की बढ़त में खुलने के बाद कुछ देर के लिए यह लाल निशान में जरूर गया था, लेकिन एक बार वापसी करने के पूरे दिन तेजी बनी रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 148.80 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों का 23 सितंबर के बाद का उच्चतम स्तर है।

अच्छे तिमाही परिणाम और बोनस शेयर की घोषणा के बाद टेक महिंद्रा के शेयर में आज उछाल देखा गया। कंपनी के गुरुवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 32.7 प्रतिशत बढ़कर 1,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व में 15.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 16,180 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। साथ ही प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 15 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।

वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3.92 प्रतिशत का उछाल रहा। मीडिया समूह का सूचकांक 1.92 फीसदी, धातु का 0.95 प्रतिशत और ऑटो का 0.75 प्रतिशत मजबूत हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में जिन 3,669 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,131 के शेयर ऊपर और 1,422 के नीचे बंद हुए। अन्य 116 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों मजबूती में रहे। टेक महिंद्रा की 8.45 प्रतिशत क तेजी के बाद टीसीएस का शेयर 4.61 फीसदी और इंफोसिस का 4.55 फीसदी ऊपर रह। भारती एयरटेल में 2.86 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.38 फीसदी की बढ़त रही।

बजाज फाइनेंस का शेयर 1.38 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावरग्रिड, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयर भी हरे निशान में रहे।

विमान सेवा कंपनी इंडिगो में 2.23 फीसदी की गिरावट रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स का एक प्रतिशत टूट गया। बीईएल, आईटीसी, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 1.39 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.52 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.24 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.95 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.04 प्रतिशत ऊपर था।

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Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Interglobe Aviation Share : त्योहारी सीजन में मनमाने तरीके से एयरफेयर बढ़ाने पर जल्द लगेगी रोक, 2% टूटे इंडिगो के शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदला, जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : कल की तूफानी तेजी के बाद मार्केट में आज भी मोमेंटम देखने को मिल रहा है। निफ्टी 23100 के ऊपर कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप स्पेस में भी एक्शन वापस लौटा है। लेकिन बैंक निफ्टी और मिडकैप का अंडरपरफॉमेंस देखने को मिल रहा है। बाजार को IT, मेटल और ऑटो का सपोर्ट है। लेकिन FMCG और एनर्जी में सुस्ती है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बड़े बदलाव किए हैं। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग भी बदली गई है। ये फैसले 7 दिसंबर से लागू होंगे। हालांकि कैपिटल मार्केट थीम में CAS पर बड़े बदलाव के बाद सेल ऑन न्यूज का रुझान देखने को मिल रहा है।

बाजार में तेजी की कमान IT के हाथ में नजर आ रही है। 4 दिनों में IT इंडेक्स करीब 10 फीसदी चला है। टेक महिंद्रा और विप्रो की जोरदार जुगलबंदी देखने को मिल रही है। अच्छे नतीजों के बाद दोनों शेयर 7 फीसदी तक भागे हैं। इधर दिग्गज इंफोसिस और TCS में भी अच्छी खरीदारी आई है। वहीं बड़े गैप-डाउन के बाद परिस्टेंट में रिकवरी की कोशिश हो रही है।

त्योहार और छुट्टियों के दौरान एयरफेयर बढ़ाने के मामले में जल्द नए नियम जारी किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा है कि अगले दो हफ्ते के अंदर नए रूल्स जारी किए जाएं। इस खबर के बाद इंडिगो का शेयर दबाव के साथ ट्रेड कर रहा है।

जानें अब कैसी रह सकती है बाजार की चाल

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ट्रेडर्स के लिए एक और शानदार दिन देखने को मिला है। निफ्टी बिल्कुल पहले सपोर्ट लेवल से घूमा है। गिरावट में खरीदारी की रणनीति कारगर रही। एक बार फिर निफ्टी IT ने कमान संभाली है। मल्टी डे निफ्टी IT की हमारी कॉल सटीक पड़ी है। बैंक निफ्टी और मिडकैप आज थोड़े ढीले दिख रहे हैं। हालांकि स्मॉल कैप में एक्शन लौटा है। विप्रो और टेक महिंद्रा आज के हीरो बने हैं। दोनों सुबह आज के दांव में टॉप पिक्स थे। इसके अलावा टाटा एलेक्सी और KPIT TECH पर भी पैसा बना है। कैपिटल मार्केट शेयरों में मुनाफावसूली दिखी है। इंटरग्लोब में गिरावट है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि त्योहारों में फेयर रेगुलेशन का प्रस्ताव है।

बाजार:अब क्या?

अनुज सिंघल की राय है कि बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदल चुका है। जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति काम करेगी। अगर ये लेवल टूटते हैं तो शॉर्ट के बारे में सोचें। IT में लॉन्ग रहें और गिरावट पर खरीदारी करें। अर्निंग सीजन की शुरुआत तो बढ़िया हुई है। अगर ऐसे ही नंबर आते रहे तो बाजार के लिए राहत की बात होगी। बस रिस्क है कच्चे तेल और FIIs की बिकवाली का।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,050-23,100 पर सपोर्ट और 23,200-23,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,500-55,700 पर सपोर्ट और 56,000-56,200 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

4 वजहों से Sensex में 766 प्वाइंट्स की रिकवरी, 25 सितंबर के बाद Nifty फिर 23100 के पार

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी फिर 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। ब्रोडर लेवल पर भी तेज रिकवरी हुई है। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए फ्लैट हो गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी की गिरावट से रिकवर होते हुए ग्रीन जोन में पहुंच गया।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:39 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 398.14 प्वाइंट्स यानी 0.54% की बढ़त के साथ 74,713,75 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 131.35 प्वाइंट्स यानी 0.57% के उछाल के साथ 23,128.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आ गया।

Share Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

मार्केट में शुरुआती गिरावट का निवेशकों ने फायदा उठाते हुए खरीदारी की, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

IT Sector ने खींच लिया ऊपर

आईटी सेक्टर ने मार्केट को आज शानदार तरीके से सपोर्ट दिया और निफ्टी आईटी फिलहाल 3% से अधिक मजबूत है। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त है। निफ्टी मेटल तो 1% से अधिक ऊपर चढ़ गया और निफ्टी फार्मा भी ग्रीन है। हालांकि निफ्टी एफएमसीजी अभी भी आधे फीसदी कमजोर है।

कच्चे तेल में गिरावट

सैंक्शन लगे देशों से तेल की सप्लाई पर अमेरिकी प्रतिबंधों के ढील की संभावना पर कच्चा तेल नरम पड़ा, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर प्रति बैरल $105 के करीब आ गया।

टेक्निकल रीजन

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 22,900 के ऊपर है, मार्केट में तेजी की गुंजाइश रहेगी। बजाज ब्रोकरिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि निफ्टी अब 23000-23100 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 23500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं अगर इस रेजिस्टेंस के ऊपर निफ्टी टिक नहीं पाता है तो 22,500-23,100 की रेंज में कंसालिडेशन दिख सकता है। पबित्रों के मुताबिक जब तक निफ्टी 22,500 के पार है, नियर टर्म में इसमें पुलबैक रैली आ सकती है।

कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि इंट्रा-डे में मार्केट आउटलुक पॉजिटिव है और गिरावट पर खरीदारी तो रैली पर सेलिंग की स्ट्रैटेजी अपनाई जा सकती है। श्रीकांत का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए नीचे की तरफ 22,875/74,000 और 22,800/73,700 अहम सपोर्ट जोन हैं तो दूसरी तरफ ऊपर की तरफ 23,100–23,200/74,500–74,800 अहम रेजिस्टेंस एरिया हैं। हालांकि श्रीकांत का यह भी कहना है कि अगर मार्केट 22,800/73,700 के नीचे आता है तो सेंटिमेंट बदल सकता है और ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजिशन से बाहर निकल सकते हैं।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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