Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

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