Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।