Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

इन शेयरों पर दांव लगाने से हो सकती है जोरदार कमाई, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्टॉक्स शामिल

शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.98 फीसदी यानी 220 अंक चढ़कर 22,776 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.95 फीसदी यानी 685 अंक के उछाल के साथ 73,067 पर क्लोज हुआ। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार करेक्शन के बाद शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। अभी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने ऐसे शेयरों की लिस्ट की तैयार की है।

इस कंज्यूमर ड्यूरबेल कंपनी में कमाई का मौका

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की लिस्ट का पहला शेयर आदित्य विजन है। यह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनी है। आदित्य विजन का शेयर 6 अक्तूबर को 0.87 फीसदी गिरकर 595.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते 6 महीनों में यह शेयर 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 720 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर 26 फीसदी चढ़ सकता है।

इस शेयर पर दांव लगाने से 26% रिटर्न मिल सकता है

इस लिस्ट की दूसरी कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज है। यह आईटी कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 7.53 फीसदी चढ़कर 587.20 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर पर दांव लगाने से 26 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

बीते छह महीनों में 53 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

कार्बोरंडम यूनिवर्सल इस लिस्ट का तीसरा शेयर है। यह कैपिटल गुड्स कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 0.15 फीसदी चढ़कर 1,269.50 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते छह महीनों में 53 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसका टारगेट प्राइस 1,563 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 26 फीसदी तेजी आ सकती है।

इस शेयर की कीमत 45 फीसदी उछल सकती है

गोदावरी पावर एंड इस्पात के शेयरों में भी कमाई का मौका दिख रहा है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 3.4 फीसदी चढ़कर 218.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 20 फीसदी गिरा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 314 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 45 फीसदी का उछाल दिख सकता है।

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इस शेयर में आ सकती है 51 फीसदी तेजी 

ताजजीवीके होटल्स के शेयर में निवेश का मौका दिख रहा है। यह होटल एंड रिजॉर्ट कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 1.17 फीसदी चढ़कर 319 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने बीते छह महीनों में कोई रिटर्न नहीं दिया है। इसका टारगेट प्राइस 475 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट लेवल से 51 फीसदी चढ़ सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Best Stocks to Buy: अक्तूबर में निवेश के लिए ये हैं पांच दिग्गज स्टॉक्स, गिरते बाजार में भी करा सकते हैं कमाई

Best Stocks to Buy:  शेयर बाजार में अभी सेंटीमेंट कमजोर है। इसके बावजूद कुछ शेयरों में अच्छी संभावना दिख रही है। अभी निवेश करने पर ये शेयर अच्छी कमाई करा सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ और जेफरीज ने कुछ शेयरों को अपनी पसंद बताई है। इनमें कई सेक्टर की कंपनियां हैं।

डीएफएल में निवेश का मौका

नुवामा वेल्थ की लिस्ट का पहला स्टॉक डीएलएफ है। यह मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.34 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इस साल यह करीब 4 फीसदी गिरा है। डीएलएफ लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जानी जाती है।

गिरते बाजार में भी दिखाई ताकत

नुवामा वेल्थ की लिस्ट का दूसरा स्ट़क अदाणी एनर्जी है। यह शेयर अट्रैक्टिव दिख रहा है। इस कंपनी को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज 3 का फायदा मिलेगा। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.17 फीसदी चढ़कर 1,330 रुपये पर बंद हुआ। इस साल जहां कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसे पावर सेक्टर पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा मिलेगा।

52 हफ्ते के हाई से काफी नीचे है स्टॉक

जेफरीज ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) के शेयरों को अपनी टॉप पिक बताया है। इस कंपनी को डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा मिलेगा। एचएएल का शेयर 1 अक्तूबर को 1.36 फीसदी गिरकर 4,604.70 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई से काफी नीचे आ गया है। हालांकि, इस साल यह 4.7 फीसदी चढ़ा है।

अट्रैक्टिव लेवल पर है यह शेयर 

जेफरीज का दूसरा पंसदीदा स्टॉक आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.01 फीसदी गिरकर 1,574 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल 19 फीसदी से ज्यादा गिरा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीईए ने इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर कमीशन को लेकर जो कंसल्टेशन पेपर पेश किया है, उसका फायदा आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस को मिल सकता है।

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इस ऑयल उत्पादक कंपनी में दिखेगी तेजी

ओएनजीसी जेफरीज का तीसरा पसंदीदा स्टॉक है। यह सरकारी कंपनी है जो तेल और गैस का उत्पादन करती है। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने पर कंपनी को फायदा होता है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.43 फीसदी गिरकर 222.58 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद यह शेयर इस साल 6 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

शराब बनाने वाली इस कंपनी का शेयर बन सकता है रॉकेट, नोमुरा ने दी खरीदने की सलाह

बाजार में जारी गिरावट के बीच भी ऐसे कई शेयर हैं, जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। अगर आप ऐसे किसी शेयर की तलाश में हैं तो एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (एबीडीएल) पर दांव लगा सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया है। यह शेयर बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है।

नोमुरा ने शेयर के लिए दिया 850 रुपये का टारगेट प्राइस

नोमुरा ने Allied Blenders & Distillers के शेयर के लिए 850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी को प्रीमियमाइजेशन का फायदा मिलेगा। इसका मतलब है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स में ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी का फायदा कंपनी को मिलेगा। कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है, जिससे ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

EPS का सीएजीआर 26 फीसदी रहने का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 26 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। उसने कहा है कि इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 370 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने एबीडीएल पर 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट पेश की।

कंपनी की ग्रोथ को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का सपोर्ट

इस रिपोर्ट में नोमुरा ने कहा है कि एबीडीएल अपनी प्रीमियम व्हिस्की (ऑफिशर्स चॉइस-ओसी) से आगे बढ़ चुकी है। यह यूथफुल, फुल-पोर्टफोलियो प्रेस्टिज एंड एबव (P&A) प्लेयर के रूप में उभरी है। कंपनी को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का भी सपोर्ट मिला है। FY26 में इसकी बिक्री 1.07 करोड़ केस रही। इससे कंपनी के P&A वॉल्यूम को भी सपोर्ट मिला।

अगले चरण की ग्रोथ में प्रीमियम ब्रांड्स का भी हाथ होगा

ब्रोकरे फर्म का मानना है कि नए प्रीमियम ब्रांड्स से एबीडीएल की अगले चरण की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने FY26 में ABD Maestro लॉन्च की थी। इसके व्हिस्की, जिन, वोदका और रम में 10 ब्रांड्स हैं। कंपनी ने FY27-FY28 के दौरान इस ब्रांड पर फोकस करने का प्लान बनाया है। Indian Edit के साथ कंपनी ने प्रीमियम व्हिस्की में भी एंट्री ली है। अब उसका प्लान डिलक्स वोदका में एंट्री का है। कंपनी का खुद का सिंगल माल्ट 2029 में आने की संभावना है।

कंपनी का 1600 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का प्लान

ABDL ने 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। नोमुरा का मानना है कि इससे सप्लाई सिक्योरिटी बढ़ेगी और स्ट्रक्चरल कॉस्ट एफिशियंसी में इम्प्रूवमेंट होगा। एबीडीएल ने FY28 तक करीब 48 फीसदी ग्रॉस मार्जिन, 18 फीसदी एबिड्टा मार्जिन और 25 फीसदी ROCE का टारगेट तय किया है।

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बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

एबीडीएल का शेयर 29 सितंबर को 0.73 फीसदी गिरकर 718 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर करीब 78 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी सिर्फ 1.72 फीसदी चढ़ा है। 29 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock to Buy: रॉकेट बन सकता है इस कंपनी का शेयर, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट के बीच अगर आप किसी मुनाफे वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के बारे में सोच सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 17 सितंबर को शेयरों में तेजी दिखी। शेयर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

50 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के लिए 45,790 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से यह शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने हिताची पर अपनी रिपोर्ट में कई बातें बताई हैं। उसने कहा है कि हिताची के मैनेजमेंट को भरोसा है कि भारत में पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) पर निवेश बढ़ रहा है। इस सेगमेंट में अगले कई सालों तक बिजनेस के बड़े मौके बने रहेंगे।

सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी रेवेन्यू में अपनी सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। इससे आगे ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। उसने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में भी कंपनी के लिए बड़े कारोबारी मौके बताए हैं। जेफरीज का मानना है कि FY26-29 के दौरान कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट 54 फीसदी रह सकता है।

शेयर ने सिर्फ तीन साल में पैसा सात गुना किया

हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया है। सिर्फ तीन साल में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सात गुना से ज्यादा किया है। 22 सितंबर, 2023 को इस शेयर का प्राइस 4,183 रुपये था। अब कीमत 31,200 रुपये चल रही है। यह तीन साल में 625 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसका मतलब है कि अगर आपने तीन साल पहले हिताची के शेयर में एक लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 7 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता।

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर

बीते तीन सालों में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न ज्यादा नहीं रहा है। निफ्टी ने इस दौरान 15.45 फीसदी का रिटर्न दिया है। सेंसेक्स ने इस दौरान 9.83 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि बाजार के कमजोर प्रदर्शन के बीच भी हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों का प्रदर्शन जोरदार रहा है।

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17 सितंबर को भी बाजार पर दबाव 

भारतीय शेयर बाजारों में खासकर बीते दो सालों से काफी ज्यादा दबाव दिख रहा है। 17 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में काफी उतार चढ़ाव दिखा। आखिर में सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी हल्की मजूबती के साथ क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

ग्रेफाइट इंडिया का शेयर बीते एक साल में 59% भागा, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

ग्रेफाइट इंडिया के शेयरों पर बाजार के कमजोर सेंटिमेंट का असर नहीं पड़ा है। बीते एक साल में इस शेयर ने करीब 59 फीसदी रिटर्न दिया है। 2026 में भी इसका रिटर्न शानदार यानी 28 फीसदी रहा। सिर्फ दो सत्रों में यह शेयर 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सवाल है कि क्या आपको यह शेयर खरीदना चाहिए?

9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था स्टॉक

Graphite India का शेयर 9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था। इसकी वजह अमेरिकी कंपनी GrafTech International का एक ऐलान था। उसने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम कम से कम 30 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसका असर दुनियाभर में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतों पर पड़ेगा। इसका फायदा ग्रेफाइट इंडिया को भी मिलेगा।

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने का फायदा मिलेगा

पॉल एसेट में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने से ग्रेफाइट इंडिया की अर्निंग्स बढ़ेगी। हालांकि, दाम में होने वाली असल वृद्धि नए ऑर्डर्स और रिन्यूएबल्स पर निर्भर करेगी। यह भी देखना होगा कि आगे इनपुट्स कॉस्ट कैसी रहती है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं।

स्टील कंपनियों का मार्जिन घट सकता है

उन्होंने कहा, “स्टील कंपनियों के मार्जिन पर ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतें बढ़ने का असर पड़ेगा। अगर वे बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ कस्टरम्स पर डालती हैं तो उनके मार्जिन पर असर नहीं पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि यह देखने के लिए कि कीमतों में इजाफा का फायदा कंपनियों को मिल रहा है या नहीं, वह नए ऑर्डर, सेल्स वॉल्यूम और इनपुट कॉस्ट को देखना चाहेंगे।

1000 रुपये तक जा सकता है यह शेयर 

बोनांजा में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कहा कि ग्रेफाइट इंडिया के शेयर में 800 रुपये के रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर बुलिश ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक में 800-810 पर एंट्री की जा सकती हैा इसके लिए 770 के नीचे स्टॉपलॉस लगाना होगा। यह शेयर 1,000 रुपये के प्राइस तक जा सकता है। इस शेयर में इसके सभी महत्वपूर्ण एवरेजेज से ऊपर कारोबार हो रहा है।

बाजार में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद रिकवरी

10 सितंबर को लगातार तीन दिनों तक गिरने के बाद शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 74,902 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली।

High Return Stock: इस ज्वेलरी शेयर ने 6 महीने में चार गुना किया पैसा, आज लगा अपर सर्किट

High Return Stock: शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ शेयरों ने कमाल किया है। इनमें से एक शेयर त्रिभुवनदास भीमजी जावेरी का है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा चार गुना किया है। इस साल 9 मार्च को इस शेयर का प्राइस 130.50 रुपये था। 8 सितंबर को शेयर 5 फीसदी चढ़कर 555.30 रुपये पर बंद हुआ। 5 फीसदी चढ़ने के बाद इसमें अपर सर्किट लग गया। अगर आपने इस शेयर में मार्च की शुरुआत में एक लाख रुपये लगाया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर चार लाख से ज्यादा हो गया होता।

जून तिमाही में कंपनी का अच्छा प्रदर्शन

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के शेयरों में लगातार तेजी की कई वजहें हैं। ज्लेवरी कंपनियों का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा है। इसका शेयर कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। इस दौरान कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 56.9 फीसदी चढ़ा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 34.8 फीसदी बढ़ा। दूसरी ज्वेलरी कंपनियों का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा है। इससे इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।

अधिग्रहण की खबर से शेयरों को लगे पंख

TBZ के शेयरों में तेजी की वजह इसके अधिग्रहण की खबर है। जीआरटी ज्वेलर्स टीबीजेड में प्रमोटर्स की 74.12 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। यह डील प्रति शेयर 209 रुपये की कीमत पर होगी। जीआरटी ज्वेलर्स 1,033.7 करोड़ रुपये निवेश करेगी। GRT Jewellers ने बाकी 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर का भी ऐलान किया है। इसके लिए प्रति शेयर 249.6 रुपये की कीमत तय की गई है। शेयर की 8 सितंबर की क्लोजिंग कीमत ओपन ऑफर के प्राइस से काफी ज्यादा है।

सोने की कीमतों में हालिया तेजी से भी मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों में हाल में आई तेजी का असर भी TBZ जैसी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। सोने की कीमत अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर से 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 8 सितंबर को हल्की गिरावट के साथ 4400 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। आगे त्योहारी सीजन में गोल्ड ज्वेलरी की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। उसके बाद शादियों का सीजन शुरू होगा। भारत में गोल्ड ज्वेलरी की कुल खरीदारी में शादी के लिए होने वाली खरीदारी की बड़ी हिस्सेदारी है।

8 सितंबर को शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट 

टीबीजेड के शेयर में तब तेजी आई है, जब शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। 8 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.61 फीसदी यानी 144 अंक गिरकर 23,635 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.73 फीसदी यानी 555 अंक गिरकर 75,577 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला।