Qualcomm layoffs: स्नैपड्रैगन चिप बनाने वाली कंपनी में छंटनी की तैयारी, स्मार्टफोन की घटती बिक्री से बढ़ी परेशानी

Qualcomm layoffs: दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल क्वालकॉम (Qualcomm) दुनियाभर में कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के CEO क्रिस्टियानो एमोन ने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इसकी जानकारी दी। Reuters के मुताबिक, कर्मचारियों को नवंबर से छंटनी के नोटिस मिलने शुरू हो सकते हैं।

एमोन ने कहा कि कंपनी का मकसद बेहतर परफॉर्मेंस वाली वर्क कल्चर तैयार करना है। इसके तहत उन कर्मचारियों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिनका प्रदर्शन लगातार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि छंटनी से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे। पिछले साल सितंबर तक कंपनी में दुनियाभर में करीब 52,000 कर्मचारी थे। इनमें ज्यादातर फुल-टाइम कर्मचारी थे।

स्मार्टफोन बाजार में सुस्ती से बढ़ी चुनौती

क्वालकॉम को इस साल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कमजोर बिक्री से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों ने भी प्रमुख बाजारों में मांग को प्रभावित किया है। क्वालकॉम खासकर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले Snapdragon प्रोसेसर और चिपसेट बनाती है।

ये चिप फोन की प्रोसेसिंग, गेमिंग, कैमरा और AI जैसे काम संभालती हैं। कंपनी 5G और 4G नेटवर्क के लिए मॉडेम, Wi-Fi और ब्लूटूथ चिप भी बनाती है। अब कंपनी ऑटोमोबाइल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और AI डेटा सेंटर से जुड़े चिप कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

AI डेटा सेंटर कारोबार पर कंपनी की नजर

जुलाई के आखिर में जारी नतीजों के दौरान Qualcomm ने अनुमान जताया था कि उसका तिमाही मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रह सकता है। कंपनी ने यह भी कहा था कि Apple से जुड़े प्रोडक्ट्स से होने वाला रेवेन्यू उम्मीद से ज्यादा तेजी से घटेगा।

हालांकि, Qualcomm को उम्मीद है कि डेटा सेंटर और स्मार्टफोन से इतर दूसरे कारोबारों में बढ़ोतरी से इस नुकसान की भरपाई हो सकती है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 तक AI डेटा सेंटर बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। उसका अनुमान है कि उस साल चिप बिक्री का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन के अलावा दूसरे कारोबारों से आएगा। Qualcomm के शेयर पिछले 1 महीने में 11.32% टूटे हैं।

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 अक्तूबर को प्रति शेयर 257 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 23 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यह इश्यू 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा। इसमें 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है।

जीएमपी 245 से बढ़कर 257 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रीमियम एक दिन पहले यानी 19 अक्तूबर के मुकाबले बढ़ा है। 19 अक्तूबर को यह प्रति शेयर 245 रुपये था। 20 अक्तूबर को यह बढ़कर 257 रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर 1,376 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 1,119 रुपये के ऊपरी लेवल से करीब 23 फीसदी ज्यादा है। इसका मतलब है कि शेयरों के एक लॉट पर इनवेस्टर को 3,084 रुपये का बेनेफिट हो सकता है।

कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी

इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 12 शेयरों का है। इनवेस्टर्स को यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जीएमपी से सिर्फ शेयर के संभावित लिस्टिंग प्राइस का संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इसलिए इनवेस्टर्स को किसी इश्यू में सिर्फ जीएमपी के आधार पर बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ 

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ शेयरों के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये का है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी 

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

एंकर इनवेस्टर्स ने दिखाई जबर्दस्त दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को एंकर इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी और कई दिग्गज विदेशी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया है। अनुमान है कि इश्यू ओपन होने के बाद दूसरी कैटेगरी के निवेशकों की भी अच्छी दिलचस्पी दिखेगी।

यह भी पढ़ें: HD Fire Protect के शेयरों की सोमवार हो सकती है धमाकेदार लिस्टिंग, शेयर बेचें, होल्ड करें या खरीदें?

28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे शेयर 

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ पर पॉजिटिव राय है। उनका मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ के लिए आगे अच्छी संभावनाएं हैं। रिलायंस जियो इंफोकॉम इसकी सब्सिडियरी है, जो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। शुरुआत के 10 साल के अंदर इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ पहुंच गई है।

Cult.fit को IPO के लिए SEBI से मिली मंजूरी, रहेंगे ₹950 करोड़ तक के नए शेयर

फिटनेस सर्विसेज प्लेटफॉर्म Cult.fit को IPO लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI से मंजूरी मिल गई है। सेबी की वेबसाइट पर मौजूद एक दस्तावेज से पता चलता है कि कंपनी अब लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। Cult.fit के पब्लिक इश्यू में 950 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 17.86 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

Cult.fit भारत में 77 शहरों में 708 फिटनेस सेंटर चलाती है। 31 मार्च, 2026 तक इसके 987,000 से अधिक पेड मेंबर थे। यह कई माध्यमों से मेंबरशिप बेचती है, जिनमें इसका ऐप, वेबसाइट, कॉरपोरेट पार्टनरशिप प्रोग्राम और फिटनेस सेंटरों पर होने वाली डायरेक्ट सेल शामिल हैं। कल्ट फिट ने इस साल जुलाई में SEBI के पास IPO के लिए आवेदन किया था।

कंपनी में टेमासेक होल्डिंग्स के निवेश वाली मैकरिची इनवेस्टमेंट्स, फिटनेस फर्स्ट लक्जमबर्ग, IDG वेंचर्स इंडिया फंड, टाटा डिजिटल, चिराटे ट्रस्ट, श्रोडर्स कैपिटल, ट्वेंटी नाइन कैपिटल पार्टनर्स और एक्सेल इंडिया V (मॉरीशस) का भी पैसा लगा हुआ है।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Cult.fit

Cult.fit अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल नए सेंटर खोलने, और ब्रांडिंग व मार्केटिंग के खर्चों के लिए करेगी। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स जैसी एंटिटीज ‘बुक-रनिंग लीड मैनेजर’ हैं। साल 2016 में शुरू हुई कल्ट फिट भारत में जिम, ग्रुप वर्कआउट, आउटडोर फॉर्मेट, एट-होम वर्कआउट और फिटनेस प्रोडक्ट्स जैसे- कपड़े, जूते और जिम के सामान बेचने वाला एक बहुत बड़ा और जाना-माना प्लेटफॉर्म बन चुका है।

Jio Platforms IPO: दो हफ्ते में ग्रे मार्केट प्रीमियम 84% बढ़कर 230 रुपये पर पहुंचा

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

कल्ट फिट के अलावा SEBI ने ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट के IPO को भी मंजूरी दी है। ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज के IPO में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 1.32 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS रहेगा। IPO का साइज 1,100 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने मार्च में कॉन्फिडेंशियल रूट से SEBI के पास IPO ड्राफ्ट जमा किया था। साल 2026 में अब तक 97 मेनबोर्ड कंपनियां अपने IPO के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटा चुकी हैं।

HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

103 गुना भरा IPO, अब धांसू लिस्टिंग को तैयार यह SME, आपको मिला शेयर?

BenchMark Infotech Listing: इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी बेंचमार्क इंफोटेक के शेयर अब NSE SME पर लिस्ट होने वाले हैं। इसके आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 103 गुना से अधिक भरा था। अब ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर धमाकेदार संकेत मिल रहे हैं। इश्यू प्राइस के मुकाबले इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) ₹25 यानी 22.73% है। इस प्रकार ग्रे मार्केट से बेंचमार्क इंफोटेक के शेयरों की मजबूत लिस्टिंद के संकेत हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर 5 अक्टूबर को एनएसई एसएसई पर लिस्ट होंगे। आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹110 के भाव पर जारी हुआ है और डीमैट खाते में 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो चुका है।

BenchMark Infotech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

बेंचमार्क इंफोटेक का ₹42 करोड़ का आईपीओ 25-29 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 103.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 88.62 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 136.92 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 96.90 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹37 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.58 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹4.59 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.18 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

BenchMark Infotech के बारे में

बेंचमार्क इंफोटेक सर्विसेज एक इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी है। यह सरकारी विभागों, PSUs, इंस्टीट्यूशंस और प्राइवेट सेक्टर के क्लाइंट्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यह नेटवर्किंग, कम्युनिकेशन सिस्टम्स, स्ट्रक्चर्ड केबलिंग, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विलांस सिस्टम्स, ऑडियो-विजुअल सॉल्यूशंस, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सॉल्यूशंस और एनुअल मेटेनेंस सर्विसेज पर काम करती है। इसके अलावा कंपनी ने एआई लैब सॉल्यूशंस को लेकर भी काम शुरू किया है, जिसके तहत यह एआई लैब के सेटअप का काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 163% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10.22 करोड़ और टोटल इनकम करीब 36% के सीएजीआर से ₹63.99 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹2.71 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹26.44 करोड़ पड़े थे।

Corona वाले साल भी Nifty ग्रीन, लेकिन अब 10 साल बाद लाल की कगार पर, इस साल टूटा 14%, अब चार्ट पर ये लेवल करें मार्क

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Vijay Kedia’s SMILE Theroy: विजय केडिया की स्माइल थ्योरी, खिलखिला उठेगी पोर्टफोलियो

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

Bajaj Finance Shares: ₹17500 करोड़ जुटाने का प्लान, दो रास्ते से आएगा बजाज फाइनेंस में झमाझम पैसा, लेकिन एक में है पेच

Kuku IPO: मुनाफे में आई कुकू, छह गुना उछकर रेवेन्यू पहुंचा ₹1484 करोड़ पर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SRIT India IPO: 25% के पार पहुंचा GMP, 28 सितंबर को खुलेगा इश्यू; जानिए हर एक डिटेल

SRIT India IPO: डिजिटल सॉल्यूशन देने वाली SRIT India का आईपीओ 28 सितंबर से खुलने वाला है। कंपनी का इश्यू से ₹218.40 जुटाने का प्लान है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP बढ़कर 25% के पार पहुंच गया है।

IPO कब खुलेगा?

बेंगलुरु की IT सॉल्यूशन कंपनी SRIT India का IPO 28 सितंबर को खुलेगा। निवेशकों के पास 30 सितंबर तक आवेदन करने का मौका रहेगा। प्राइस बैंड 123 से 130 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसकी 6 अक्टूबर को बाजार में लिस्टिंग हो सकती है।

IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घट जाएगी। अभी प्रमोटर्स के पास 84.74% हिस्सेदारी है। IPO के बाद यह 62.59% रह जाएगी।

GMP से कितने मुनाफे का संकेत?

Investorgain के मुताबिक, SRIT India का GMP 33 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड 130 रुपये से करीब 25.38% ज्यादा है। हालांकि, GMP ग्रे मार्केट का संकेत है। यह लिस्टिंग पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं है।

कंपनी क्या करती है?

SRIT India डिजिटल सॉल्यूशन और सिस्टम ऑटोमेशन का काम करती है। कंपनी कस्टम एप्लीकेशन बनाती है। साथ ही अलग-अलग सिस्टम को इंटीग्रेट करने की सर्विस भी देती है।

कंपनी सरकारी संस्थाओं और एंटरप्राइज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करती है। इसका कारोबार भारत के अलावा कुछ विदेशी बाजारों में भी है।

AI पर भी फोकस

SRIT India अपने मुख्य बिजनेस में AI बेस्ड सॉल्यूशन जोड़ रही है। इसका मकसद AI से जुड़ी अपनी क्षमता बढ़ाना है।

SRIT India ने बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी लागू किए हैं। कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करने से लेकर उसे चलाने तक का काम करती है।

IPO के पैसे का क्या होगा?

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कई कामों में किया जाएगा। कंपनी मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके दोबारा विकास पर पैसा लगाएगी।

इसके अलावा वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरी की जाएगी। कंपनी अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने और दूसरी रणनीतिक योजनाओं पर भी पैसा खर्च करेगी। कुछ रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी।

सरकारी कारोबार से सबसे ज्यादा रेवेन्यू

SRIT India के कारोबार में सरकारी सेगमेंट की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च 2026 को खत्म वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 450 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 389.3 करोड़ रुपये था। यानी रेवेन्यू में 15.6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी के कुल रेवेन्यू में सरकारी कारोबार की हिस्सेदारी 89.41% रही। वहीं एंटरप्राइज सेगमेंट से 10.59% रेवेन्यू आया।

किन कंपनियों से मुकाबला?

SRIT India की तुलना Allied Digital Services, Aurionpro Solutions, Mastek और Protean eGov Technologies जैसी लिस्टेड कंपनियों से की जाती है।

इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर Choice Capital Advisors Private Limited हैं। KFin Technologies Limited इश्यू की रजिस्ट्रार है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Cables IPO का GMP 25%, क्या दांव लगाने से होगी मोटी कमाई?

ओरिएंट केबल्स के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। 25 सितंबर को पहले दिन ही 1 बजे तक इश्यू 87 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने 258-272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 29 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है।

24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी था

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 25 फीसदी चल रहा है। 24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी से ज्यादा था। अगर शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के मुताबिक होती है तो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी से शेयरों की लिस्टिंग का सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह शेयर की लिस्टिंग प्राइस की गांरटी नहीं है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी शामिल 

ओरिएंट केबल्स गुरुग्राम की कंपनी है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसका मतलब है कि आईपीओ में नए शेयर एलॉट होने के साथ ही प्रमोटर फैमिली अपने कुछ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में कम से कम शेयरों के एक लाट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 55 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर बोली लगाने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

एंकर इनवेस्टर्स से 165 करोड़ जुटा चुकी है कंपनी

कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 165.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उसने 272 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 60.88 लाख शेयर एलॉट किए हैं। एंकर इनवेस्टर्स में कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस शामिल हैं।

कंपनी आईपीओ के पैसे से नई मशीन खरीदेगी

कंपनी इश्यू से जुटाए गए पैसे में से 91.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीन और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ सिविल वर्क कराएगी। वह 155.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा।

कंपनी नेटवर्किंग सहित कई तरह के केबल्स बनाती है

ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। साथ ही स्पेशियलिटी और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बनाती है। इसके ग्राहकों में ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन सेंगमेंट शामिल हैं। यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। एनएसई का आईपीओ 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। सबसे बड़ा आईपीओ ह्युंडई का था।

Manika Plastech IPO को 29 गुना बोली, अब लिस्टिंग पर मिलेगा शॉक या होगा मुनाफा, ग्रे मार्केट से ये हैं संकेत

Manika Plastech Listing: आईपीओ को 29 गुना से अधिक रिस्पांस के बाद अब कंपनियों के लिए प्लास्टिक कवर बनाने और ऑटो पार्ट्स को पेंट करने वाली मणिका प्लास्टेक के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹2 यानी 4.65% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹43 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Manika Plastech चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Manika Plastech चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Manika Plastech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मणिका प्लास्टेक का ₹125 करोड़ का आईपीओ 11-16 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 29.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 11.22 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 66.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 23.98 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹92 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹33 करोड़ के 76,74,418 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹54.93 करोड़ प्लांट और मशीनरी की खरीदारी, ₹15.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.72 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹11.71 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Manika Plastech के बारे में

मणिका प्लास्टेक प्लास्टिक की ऐसी मजबूत चीजें बनाती हैं, जिसमें दूसरी कंपनियां अपने सामान पैक करती हैं या उसमें भरती हैं। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह इनवर्टर और ऑटोमोटिव बैट्रीज के लिए बैट्री कास्टिंग्स; पेंट, लुब्रिकेंट और केमिकल्स रखने के लिए पेल्स यानी बड़े प्लास्टिक डिब्बे; और फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए थिनवाल कंटेनर्स बनाती है। यह जापान और जर्मनी के तकनीकी मानकों को भी ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इन सबके अलावा यह ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स को पेंट करने का भी काम करती है। इसके 7 ऑपरेटिंग फैसिलिटीज हैं, जिसमें से 6 मैन्युफैक्चरिंग और 1 पेंटिंग फैसिलिटी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 39% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹22.40 करोड़ और टोटल इनकम करीब करीब 9% के सीएजीआर से ₹437.26 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹13.07 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹162.71 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹92.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹136.97 करोड़ पड़े थे।

12 दिन में सिर्फ 2 दिन शेयर ग्रीन, IPO निवेशकों का पैसा हुआ आधा, इस कारण भारी दबाव

Banks vs NBFCs: 5 वजहों से बैंकिंग शेयरों की चमक फीकी, एनबीएफसी ने मारी बाजी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE आईपीओ का जीएमपी दूसरे दिन भी सिर्फ 8%, SS Retail का जीएमपी 32% के पार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी उम्मीद से कम दिख रही है। खुलने के दूसरे दिन यह आईपीओ 11:30 बजे तक सिर्फ 55 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। अनऑफिशियल मार्केट में शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम भी नहीं बढ़ रहा है। उधर, एसएस रिटेल के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। शेयर का जीएमपी भी एनएसई के मुकाबले काफी ज्यादा चल रहा है। क्या इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में लिस्टिंग गेंस ज्यादा रह सकता है?

NSE के आईपीओ में 21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुला था। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। कंपनी ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये है। यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। सिर्फ कुछ इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओपन होने के दूसरे दिन भी एनएसई आईपीओ का जीएमपी सिर्फ 8.29%

अनऑफिशियल मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म आईपीओवॉच के मुताबिक, 18 सितंबर को एनएसई के शेयर का जीएमपी 148 रुपये यानी 8.29 फीसदी था। 17 सितंबर को भी जीएमपी इतना ही था। इसका मतलब है कि इस शेयर का जीएमपी आईपीओ खुलने के दूसरे दिन भी नहीं बढ़ा है। जीएमपी से यह पता चलता है कि शेयर बाजारों में शेयर की लिस्टिंग कैसी रहेगी। हालांकि, यह सिर्फ एक संकेत होता है। एक्चुअल लिस्टिंग गेंस में फर्क हो सकता है।

एसएस रिटेल का आईपीओ 14 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब

एसएस रिटेल के आईपीओ का आज यानी 18 सितंबर तीसरा दिन है। यह आईपीओ 14.67 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में इनवेस्टर्स ने ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि यह आईपीओ सिर्फ 500 करोड़ रुपये का है। इसके मुकाबले एनएसई का आईपीओ बहुत बड़ा है। एनएसई का आईपीओ 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।

एसएस रिटेल के आईपीओ का जीएमपी 32 फीसदी के पार

अनऑफिशियल मार्केट में एसएस रिटेल के आईपीओ पर चल रहे प्रीमियम ने चौंकाया है। 17 सितंबर के मुकाबले इसका जीएमपी बढ़ा है। 17 सितंबर को इसका जीएमपी 133 रुपये यानी 31.37 फीसदी चल रहा था। यह 18 सितंबर को बढ़कर 32.31 फीसदी हो गया। अगर लिस्टिंग गेंस की बात की जाए तो इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में ज्यादा लिस्टिंग गेंस मिल सकता है। एसएस रिटेल के शेयरों की लिस्टिंग शेयर बाजारों में 23 सितंबर को हो सकती है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को लिस्ट होंगे।

यह भी पढ़ें: NSE IPO: दूसरे दिन अब तक 57% भरा, NII और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब; चेक करें GMP

कई ब्रांड्स के मोबाइल का रिटेल चेन ऑपरेट करती है एसएस रिटेल

एसएस रिटेल मल्टी ब्रांड रिटेल चेन को ऑपरेट करती है। यह मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का ऑपरेशंस देश के कई राज्यों में है, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात शामिल हैं। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे, जबकि एनएसई का शेयर 24 सितंबर को सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होगा।