Nissan reveals the Pixo for Europe with up to 259km range

Nissan reveals the Pixo for Europe with up to 259km range
Nissan Pixo EV revealed for Europe

Nissan has pulled the covers off the Pixo, which is an A-segment EV specifically meant to cater to the urban buyer in Europe, according to the automaker. The Pixo is the result of a collaboration between NDE (Nissan Design Europe) and alliance partner Renault, and is manufactured at the latter’s Novo Mesto facility in Slovenia.

  • Design highlights include pixel-inspired lighting and “robot face” front bumper.
  • 3,796mm long, 1,790mm wide and seats up to four adults.
  • Sliding rear seats, 10-inch touchscreen, Google built-in, ADAS and more.
  • 27.5kWh battery, 82hp motor and up to 259km WLTP range.

Nissan Pixo exterior and dimensions

The Pixo features striking colour options and cube-inspired proportions

Nissan Pixo front quarter

The Nissan Pixo features the Japanese brand’s latest design language meant specifically for EVs. The cube-inspired proportions of the Pixo are accompanied by what the brand says are pixel-inspired lighting and a “robot face” front bumper. ‘Pixo’ lettering aside, there are also ‘2-3’ markings to denote ‘Ni-San’ in Japanese. There are pixel-like highlights on the 18-inch wheels, while ‘Nissan’ is spelled out on the tailgate.

Nissan Pixo rear quarter

Nissan says that the Wonder Purple and Gear Blue paint options are meant to reinforce the Pixo’s youthful urban character, and these striking colours are contrasted by black trim bits on select surfaces. At 3,796mm long and 1,790mm wide, Nissan claims that the Pixo’s dimensions are specifically meant to fit European cities without compromising space on the inside. Meanwhile, it has a 9.9-meter turning circle.

Nissan Pixo interior design and features

This EV has been designed to carry up to four adults and sports a vertically stacked dashboard

Nissan Pixo interior

The Nissan Pixo has a relatively modern but simple-looking interior. However, it does get a vertically stacked dashboard with a textured finish and orange accents around the AC vents. There are physical buttons and dials to control the automatic climate control system, with a large drive-selector stalk behind the steering wheel. The dash also integrates a 7-inch digital driver’s display and a tablet-style 10-inch touch-infotainment screen.

Nissan Pixo dashboard

Equipment highlights of the Nissan Pixo include Google Gemini, which the brand claims is ‘first-in-segment’ and that it will be offered in 16 languages and dialects. Adding to this list will be Google built-in features, MyNissan app and Face ID with the capability of recognising different drivers and remembering their personalised settings. The Nissan Pixo will be available with ADAS (advanced driver assistance systems), integrating adaptive cruise control, lane-departure warning and ‘Hands-Free Parking’.

Nissan Pixo rear seats

There are dual-tone fabric seats that look simple, and there’s enough space to carry four adults, with the rear units capable of being individually slid forward or backward based on cargo-space requirements. Nissan says that the Pixo can accommodate up to 356 litres of cargo in the boot – out of which 50 litres is taken up by the charging cable. “We’ve worked hard to maximise the space within the Pixo’s compact dimensions, creating a cabin that feels open, practical and surprisingly roomy,” said Masato Koyama, Lead Exterior Designer at Nissan Global Design.

Nissan Pixo powertrain and charging

This electric powertrain comprises a lithium iron phosphate battery and a single electric motor

The Nissan Pixo is equipped with a 27.5kWh lithium iron phosphate (LFP) battery pack, which energises a single electric motor capable of producing 82hp. While Nissan hasn’t released torque or performance figures of the Pixo yet, it does claim a WLTP range of 259km on a full charge.

Nissan Pixo charging

The Pixo supports DC fast-charging at up to 50kW, which the brand says can take the state of charge from 15-80 percent in around 28 minutes. The Nissan Pixo also supports bi-directional AC charging of 11kW. Nissan is yet to announce the price of the Pixo, though customer deliveries in Europe are scheduled start in early 2027.

Manika Plastech IPO को 29 गुना बोली, अब लिस्टिंग पर मिलेगा शॉक या होगा मुनाफा, ग्रे मार्केट से ये हैं संकेत

Manika Plastech Listing: आईपीओ को 29 गुना से अधिक रिस्पांस के बाद अब कंपनियों के लिए प्लास्टिक कवर बनाने और ऑटो पार्ट्स को पेंट करने वाली मणिका प्लास्टेक के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹2 यानी 4.65% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹43 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Manika Plastech चुनें।

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रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

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Manika Plastech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मणिका प्लास्टेक का ₹125 करोड़ का आईपीओ 11-16 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 29.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 11.22 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 66.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 23.98 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹92 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹33 करोड़ के 76,74,418 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹54.93 करोड़ प्लांट और मशीनरी की खरीदारी, ₹15.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.72 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹11.71 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Manika Plastech के बारे में

मणिका प्लास्टेक प्लास्टिक की ऐसी मजबूत चीजें बनाती हैं, जिसमें दूसरी कंपनियां अपने सामान पैक करती हैं या उसमें भरती हैं। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स की बात करें तो यह इनवर्टर और ऑटोमोटिव बैट्रीज के लिए बैट्री कास्टिंग्स; पेंट, लुब्रिकेंट और केमिकल्स रखने के लिए पेल्स यानी बड़े प्लास्टिक डिब्बे; और फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए थिनवाल कंटेनर्स बनाती है। यह जापान और जर्मनी के तकनीकी मानकों को भी ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इन सबके अलावा यह ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स को पेंट करने का भी काम करती है। इसके 7 ऑपरेटिंग फैसिलिटीज हैं, जिसमें से 6 मैन्युफैक्चरिंग और 1 पेंटिंग फैसिलिटी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 39% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹22.40 करोड़ और टोटल इनकम करीब करीब 9% के सीएजीआर से ₹437.26 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹13.07 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹162.71 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹92.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹136.97 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Video: भगवान को अकेला नहीं छोड़ सकता… चित्रकूट बाढ़ के बीच भावुक करने वाला नजारा! DM-SP जोड़ते रहे हाथ फिर भी मंदिर से नहीं निकले पुजारी

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बाढ़ के बीच सामने आई एक तस्वीर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान एक मंदिर में मौजूद पुजारी ने वहां से निकलने से इनकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हुए। पुजारी का कहना था कि वह अपने आराध्य को अकेला छोड़कर नहीं जा सकते। बाढ़ के बीच उनका यह फैसला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो देखने के बाद लोग उनकी आस्था और समर्पण की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

चारों तरफ पानी, मंदिर में क्या हुआ?

लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान प्रशासन की टीम बाढ़ प्रभावित मंदिरों का जायजा लेने पहुंची। एक मंदिर में पुजारी मौजूद मिले। अधिकारियों ने उन्हें बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया।

अधिकारियों ने पुजारी को क्यों समझाया?

बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसी वजह से अधिकारियों ने मंदिर में मौजूद पुजारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वहां से निकलने के लिए कहा। प्रशासन की कोशिश प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की है।

चित्रकूट में बिगड़े बाढ़ के हालात

मंदाकिनी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण रामघाट समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निर्मोही अखाड़ा और टेम्पो स्टैंड के आसपास भी पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

रामघाट में 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित

बाढ़ का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। रामघाट और आसपास की 400 से अधिक दुकानें पानी में डूबने की जानकारी सामने आई है। करीब 20 से 25 होटल भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। दुकानदारों और स्थानीय लोगों के सामने कारोबार के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है।

लोगों की आवाजाही भी हुई मुश्किल

जलभराव के कारण सामान्य रास्तों से आवाजाही प्रभावित हुई है। कई लोगों को कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के आसपास हाथ ठेलों की मदद लेनी पड़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ ने स्थानीय जनजीवन को किस तरह प्रभावित किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी चर्चा

पुजारी और प्रशासन के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि बाढ़ जैसी स्थिति में सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।

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IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

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रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

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Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lalithaa Jewellery Listing: 66 गुना सब्सक्राइब आईपीओ, ₹201 के शेयर चमकाएंगे पोर्टफोलियो या रेड लिस्ट?

Lalithaa Jewellery Listing: आईपीओ को 66 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर शानदार संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹72 यानी 35.82% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 24 अगस्त को करीब 36% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹201 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Lalithaa Jewellery चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Lalithaa Jewellery चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Lalithaa Jewellery IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

आईपीओ को लेकर क्या था ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई सिक्योरिटीज ने ललिता ज्वैलरी आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि वह अभी की बजाय लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाही तक कंपनी के परफॉरमेंस को ट्रैक करेगी। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी की वैल्यू वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 11.1 गुना पर थी जोकि ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडस्ट्री पियर्स के हिसाब से है। हालांकि हेजिंग पॉलिसी नहीं होने को एक रिस्क बताया था। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक गोल्ड के भाव स्थिर होने पर कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।

एक और ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने ललिता ज्वैलरी को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने लिस्टिंग गेन के साथ-साथ रिस्क उठा सकने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कल्याण ज्लैवर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले P/E बेसिस पर यह आईपीओ 75% डिस्काउंट पर है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने ₹1066 करोड़ के जीएसटी विवाद और प्रमोटर से जुड़े मामले को अहम रिस्क के तौर पर जिक्र किया है लेकिन यह भी कहा कि टैक्स से जुड़े पुराने मामले काफी हद तक सुलझ चुके हैं।

Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट से लिस्टिंग को लेकर मिल रहे ये संकेत

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट में ऐसी है शेयरों की हालत

Horizon Industrial Parks Listing: इनकम में उछाल के बावजूद लगातार घाटे में चल रही होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ दो गुना से कम सब्सक्राइब हो पाया। ग्रे मार्केट से भी इसके शेयरों की ढाई फीसदी प्रीमियम पर ही लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹1.5 यानी 2.50% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 2.5% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। इसके शेयर कल 24 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹60 के भाव पर जारी हुए हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹5 का डिस्काउंट मिला है। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Horizon Industrial Parks चुनें।

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रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

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Horizon Industrial Parks IPO को मिला था सुस्त रिस्पांस

होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। यह इश्यू ओवरऑल 1.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.94 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.03 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.64 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 43,34,09,090 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2,250.00 कंपनी और इसकी पूर्ण मालिकाना हक वाली कुछ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Horizon Industrial Parks के बारे में

जीएलएल रिपोर्ट के मुताबिक नेटवर्क के हिसाब से ब्लैकस्टोन के निवेश वाली होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रा डेवलपर है। कंपनी के आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक इसके पास देश के 10 बड़े शहरों में कुल 5.80 स्क्वेयर फीट में फैले हुए 45 लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसेट्स हैं। यह बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए बड़े और नए जमाने के हिसाब से वेयरहाउसेज और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज बनाती है और फिर उन्हें किराए पर देती है।

इसके पास मुख्य रूप से तीन एसेट्स हैं- ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के इस्तेमाल के लिए फुलफिलमेंट सेंटर्स (वेयरहाउसिंग); मैन्युफैक्चरिंग, ईवी, रिन्यूएबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इत्यादि के लिए इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज; और लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए इन-सिटी सेंटर्स जिनका इस्तेमाल डार्क स्टोर्स, फार्मा, क्लाउड किचन, रिटेल और सर्विस बिजनेस में होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों से इनकम में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹162.21 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹178.78 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹203.65 करोड़ पर पहुंच गया तो दूसरी तरफ इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 77% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹767.84 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6,884.34 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹3,214.54 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral Video: मुरथल में इंसान नहीं रोबोट परोस रहे पराठे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मुरथल अपने पराठों और ढाबों के लिए जाना जाता है। वहीं हाल ही में मुरथल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लेकिन इस बार अपने पराठों की वजह से नहीं बल्कि रोबोट वेटर की वजह से। मुरथल के रेशम ढाबा में रोबोट वेटर ग्राहकों की टेबल तक खाना पहुंचा रहा है। रोबोट को खाना सर्व करते देखकर लोग काफी एक्साईटेड हैं और उसका वीडियो भी बना रहे हैं। इस नई पहल ने पारंपरिक ढाबे के माहौल में आधुनिक तकनीक का नया रंग जोड़ दिया है।

कैसे करता है सर्व

रेस्टोरेंट में रोबोट वेटर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जैसे ही रोबोट खाना लेकर टेबल तक पहुंचता है, कस्टमर उसका वीडियो बनाने लगते हैं और सेल्फी भी लेते हैं। बच्चों को ये रोबोट खास तौर पर पसंद आ रहा है। अब यहां लोगों को स्वादिष्ट खाना खाने के साथ रोबोट को देखना भी एक नया और मजेदार अनुभव मिल रहा है। रेस्टोरेंट में रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। ऑर्डर तैयार होने के बाद कर्मचारी खाने की ट्रे रोबोट पर रख देते हैं।

इसके बाद रोबोट अपने सिस्टम की मदद से सही रास्ते से ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे सॉफ्टवेयर के साथ रिमोट से भी कन्ट्रोल किया जा सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट का स्टाफ तुरंत इसकी मदद कर सकता है।

एक बार चार्ज पर दो घंटे चलता है रोबोट

रेस्टोरेंट में इस्तेमाल हो रहा यह रोबोट देखने में काफी आधुनिक है। इसका शरीर फाइबर से तैयार किया गया है और इसमें एलईडी लाइट्स लगी हैं, जो इसे अलग लुक देती हैं। इसकी आंखों में लगी लाल रोशनी लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचती है। रेस्टोरेंट के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद रोबोट करीब दो घंटे तक काम कर सकता है। खास बात यह है कि ग्राहकों से रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

मैनेजर ने क्या कहा

रेशम ढाबा के मैनेजर संजय के मुताबिक, रेस्टोरेंट ग्राहकों को खाने के साथ कुछ नया और मनोरंजक अनुभव देना चाहता था। उन्होंने IANS से कहा, “यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें रोबोट और ट्रेन दोनों शामिल हैं और मुरथल में यह अपने आप में नया है। यहां सभी ढाबे अच्छा खाना परोसने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमने सोचा कि ग्राहकों के लिए कुछ अलग किया जाए। इसी सोच के साथ हमने खाने के साथ मनोरंजन जोड़ने के लिए रोबोट और ट्रेन का कॉन्सेप्ट शुरू किया।” सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

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रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

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Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

Dhoot Transmission की लिस्टिंग पर बरसेगा पैसा! IPO को 75 गुना बोली मिली, अब ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

How to read Company Result: मुनाफा बढ़ना रिजल्ट अच्छा होने की गारंटी नहीं, शेयर खरीदने से पहले ये बातें भी करें चेक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Alpine Texworld कितना दे पाएगा लिस्टिंग गेन! ग्रे मार्केट से मिल रहे ‘कमजोर’ संकेत

Alpine Texworld Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को लिस्टिंग पर मुनाफे की बात करें तो ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹1 यानी 0.95% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की फीकी लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोली लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिनटेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Alpine Texworld चुनें।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर स्टेटस चेक करने का तरीका

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

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Alpine Texworld IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

एसबीआई फंड्स की कैसी रह सकती है लिस्टिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।