बच्चों के हाथ में मोबाइल सुविधा या खतरा! स्क्रीन टाइम से संस्कार तक बच्चों को डिजिटल दुनिया में ऐसे रखें सुरक्षित

बच्चे को स्मार्टफोन देना आजकल कई पैरेंट्स के लिए जरूरत बनता जा रहा है। पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, दोस्तों से बात या किसी जरूरी काम के लिए फोन काफी मददगार हो सकता है। लेकिन फोन बच्चे के हाथ में देने से पहले यह सोचना जरूरी है कि वह इसका सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए तैयार है या नहीं।

सिर्फ फोन खरीदकर बच्चे को दे देना काफी नहीं है। उसे स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन सेफ्टी और अपनी प्राइवेट इन्फॉर्मेशन को सेफ रखने के बारे में भी समझाना जरूरी है। साथ ही घर में कुछ आसान रूल पहले से तय कर लें, ताकि बच्चा स्मार्टफोन को मनोरंजन के साथ-साथ जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना भी सीखे।

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1. बच्चे की उम्र नहीं समझदारी देखें

स्मार्टफोन देने का फैसला सिर्फ बच्चे की उम्र देखकर न लें। पहले देखें कि वह रूल को समझता है या नहीं, अपनी चीजों का ध्यान रखता है और इंटरनेट के सही-गलत इस्तेमाल को समझने की कैपेसिटी रखता है या नहीं। बच्चा बिना समझे फोन का इस्तेमाल कर सकता है, तो पहले उसे डिजिटल सेफ्टी के बारे में समझाना जरूरी है।

 

 

2. फोन देने से पहले पैरेंटल कंट्रोल लगाएं

बच्चे को फोन देने से पहले उसमें जरूरी पैरेंटल कंट्रोल जरूर सेट करें। स्क्रीन टाइम की लिमिट, ऐप डाउनलोड करने की परमिशन और उम्र के हिसाब से कंटेंट फिल्टर जैसी सेटिंग पहले से कर सकते हैं। इससे बच्चा अनजाने में ऐसी चीजें देखने या डाउनलोड करने से बच सकता है, जो उसके लिए सही नहीं हैं।

 

 

 

3. नो-फोन जोन के स्ट्रिक्ट रूल

बच्चे को फोन देने से पहले घर के कुछ साफ नियम बना लें। जैसे पढ़ाई या होमवर्क के समय फोन का इस्तेमाल नहीं होगा, खाने की टेबल पर फोन नहीं आएगा और रात में फोन बेडरूम में नहीं रखा जाएगा। साथ ही यह भी तय करें कि बच्चा फोन का इस्तेमाल कितने समय तक और किन कामों के लिए कर सकता है। रूल जितने साफ होंगे, बच्चे के लिए उन्हें समझना उतना ही आसान होगा।

 

 

 

4. प्राइवेसी और ऑनलाइन सेफ्टी समझाएं

बच्चे को बताएं कि इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। घर का पता, फोन नंबर, स्कूल की इंफॉर्मेशन, लाइव लोकेशन या प्राइवेट फोटो किसी अनजान व्यक्ति को भेजने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम में कोई परेशान करे, धमकाए या गलत बात करने की कोशिश करे, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत माता-पिता को बताना चाहिए।

 

 

 

5. साइबर बुलिंग बताएं

बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि ऑनलाइन भी किसी के साथ गलत बिहेव नहीं करना चाहिए और कोई उसके साथ ऐसा करता है, तो उसे चुप रहने की जरूरत नहीं है। उसे समझाएं कि इंटरनेट पर शेयर की गई चीजें आगे फैल सकती हैं, इसलिए फोटो, कमेंट या मैसेज भेजने से पहले सोच लेना चाहिए। कोई परेशानी होने पर ब्लॉक, रिपोर्ट करने और माता-पिता से बात करने का तरीका भी बताएं।

 

 

6. फोन एंटरटेनमेंट नहीं जिम्मेदारी है समझाएं

बच्चे को यह बताएं कि स्मार्टफोन सिर्फ एंटरटेनमेंट की चीज नहीं है, बल्कि इसे जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना भी जरूरी है। बच्चा तय नियमों का पालन करता है, तो धीरे-धीरे उसे ज्यादा आजादी दी जा सकती है। जैसे-जैसे उसकी समझ और जिम्मेदारी बढ़े, वैसे-वैसे फोन से जुड़े नियम भी बदले जा सकते हैं।

 

 

7. बच्चे से खुलकर बात करते रहें

बच्चे के फोन की हर चीज पर छिपकर नजर रखने के बजाय उसके साथ खुलकर बात करना ज्यादा बेहतर है। समय-समय पर पूछें कि वह फोन पर क्या देखता है, किन ऐप्स का इस्तेमाल करता है और ऑनलाइन कोई उसे परेशान तो नहीं कर रहा। बच्चे को यह भरोसा दें कि अगर इंटरनेट पर उसके साथ कुछ गलत होता है, तो वह बिना डरे आपसे बात कर सकता है।

 

 

बच्चे के लिए स्मार्टफोन कई तरह से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे सही समय और सही तरीके से देना ज्यादा जरूरी है। पैरेंट्स का भरोसा, समझ और गाइडेंस बच्चे को टेक्नोलॉजी के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकता है।

Mirzapur The Movie X Review: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु ने जीता फैंस का दिल, रवि किशन के मुरीद हुए दर्शक

Mirzapur The Movie X Review: कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया अपना खास जलवा दिखाने के लिए वापस आ गए हैं! इस बार बड़े पर्दे पर! लंबे इंतजार के बाद, ‘मिर्जापुर द मूवी’ आखिरकार आज (4 सितंबर) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे मशहूर कलाकार अमेजन प्राइम वीडियो की सुपरहिट वेब सीरीज वाले अपने किरदारों में ही नजर आ रहे हैं। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह एक्शन-थ्रिलर फिल्म फैन्स को काफी पसंद आ रही है। लोग इसके जबरदस्त पलों और मिर्जापुर के उस पुराने क्रेज की वापसी की तारीफ कर रहे हैं।

सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘मिर्जापुर द मूवी’

पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु की वापसी के साथ, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ कहानी को अपने खास अंदाज में आगे बढ़ाती है। रवि किशन भी इस फिल्म की कास्ट में शामिल हुए हैं, जबकि जितेंद्र कुमार, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, हर्षिता गौर और अन्य कलाकार शो वाले अपने किरदारों में ही वापस आए हैं।

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भारत में पहली बार एक लोकप्रिय शो को फीचर फिल्म में बदला गया है ताकि फैन्स को बड़े पर्दे का वह अनुभव मिल सके जिसका वे बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जबरदस्त चर्चा और शानदार एडवांस बुकिंग के बीच यह फिल्म आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ के रिव्यू आ गए हैं और शुरुआती रिएक्शन से पता चलता है कि फैन्स फिल्म से काफी प्रभावित हैं।

एक यूजर ने ट्वीट किया, “कहानी के अच्छे सेटअप के साथ पहला हाफ ठीक-ठाक है। एक अच्छी बात यह है कि हर किरदार को डेवलप होने में समय दिया गया है। इंटरवल से पहले का हिस्सा इतना अच्छा था कि आप अच्छी उम्मीदों के साथ दूसरे हाफ की ओर बढ़ते हैं।”

एक और रिव्यू में कहा गया- “#मिर्जापुर इस रॉ और जबरदस्त फ्रैंचाइजी को बड़े पैमाने पर मनोरंजन करने वाली एक बड़ी फिल्म में बदल देती है। कालीन_भैया और मुन्ना_भैया का एक साथ सबसे बेरहम और दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ेगा।”

एक पोस्ट में लिखा था, “मनोरंजन के मामले में ‘मिर्जापुर द मूवी’ कहीं भी पीछे नहीं रहती। पंकज त्रिपाठी का जलवा और बब्बुवा यादव के तौर पर रवि किशन की एंट्री कहानी में तुरंत नई जान डाल देती है, जिससे कहानी को जरूरी पंच और एनर्जी मिलती है।”

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी मथुरा इन दिनों पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबी हुई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूर्व से पहले शहर की धड़कनों में भक्ति का उल्लास और गहरा होता जा रहा है। मंदिरों की भव्य सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और गलियों-चौराहों पर गूंजते राधे-कृष्णा के जयकारों के बीच आज श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को कृष्णमय कर दिया।

 

शोभायात्रा में ब्रज की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को मनोहारी छटा दिखाई दी, मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु और स्थानीय लोग देर तक कलाकारों की प्रस्तुतियों में रमते रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े तो मानो ब्रज की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत सड़कों पर जीवंत हो उठी।

 

ढोल-मृदंग की थाप, लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और कलाकारों के मनमोहक नृत्य ने शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए। संगीत की लय बढ़ी तो श्रद्धालुओं के कदम भी थिरकने लगे। कोई हाथ उठाकर जयकारे लगा रहा था तो कोई कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच भक्ति में झूमता नजर आया। पूरे मार्ग पर बार-बार 'राधे-राधे' और 'श्रीकृष्ण' के जयघोष गूंजते रहे।

 

सड़कें बनीं ब्रज संस्कृति का मंच

 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान से आगे बढ़ी शोभायात्रा के दौरान ब्रज की समृद्ध लोक परंपराओं की विविध झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने न केवल श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा।

 

जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु कलाकारों की प्रस्तुतियों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनता दिखाई दिया। भक्ति और संस्कृति के इस मिलन ने शोभायात्रा को महज धार्मिक आयोजन न रहकर ब्रज की जीवंत विरासत का उत्सव बना दिया।

 

जन्माष्टमी के लिए सज रही कृष्ण की नगरी

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रमुख मंदिरों, बाजारों और मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रात होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए शहर का दृश्य देखते ही बन रहा है।

 

हर तरफ कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर उत्सुकता है, मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारियां चल रही हैं तो बाजार भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार हैं। कृष्ण भक्ति के गीतों और जयकारों से शहर का माहौल लगातार भक्तिमय होता जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट

 

इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृंदावन पहुंचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि जन्माष्टमी के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

 

हर ओर बस कृष्ण भक्ति का रंग

 

मथुरा में जन्माष्टमी का उल्लास अब केवल मंदिरों की चौखट तक सीमित नहीं है। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों तक हर जगह कृष्ण भक्ति की छटा दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा ने इस उत्साह को नई ऊंचाई दे दी।

 

ब्रज की लोक संस्कृति से सजे कलाकार, ढोल-मृदंग की थाप पर थिरकते श्रद्धालु और गूंजते जयकारों के बीच ऐसा लगा मानो पूरी मथुरा नगरी स्वयं कान्हा के स्वागत में निकल पड़ी हो। जन्माष्टमी से पहले ही कान्हा की नगरी में उत्सव का रंग गहरा हो चुका है, हर ओर भक्ति है, हर कदम पर उल्लास है और हर जुबां पर बस एक ही नाम है..श्रीकृष्णा, श्रीकृष्णा।

5000 अमेरिकी थाईलैंड पहुंचे, 5 दिन पटाया में छुट्टियां मनाएंगे:9 महीने से USS अब्राहम लिंक पर तैनाती; पुलिस का देह व्यापार के खिलाफ एक्शन

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन बुधवार सुबह थाईलैंड पहुंच गया है। इस एयरक्राफ्ट पर पिछले 9 महीनों से 5 हजार सैनिक तैनात हैं। लंबे सैन्य अभियान के बाद अब उन्हें पटाया में करीब 5 दिन की छुट्टी मिलेगी।

USS अब्राहम लिंकन के साथ अमेरिकी नौसेना के दो और जहाज भी पहुंचे हैं। लाम चाबांग पोर्ट पर उतरने के बाद सैनिकों को बसों से करीब 96 किमी दूर पटाया ले जाया जाएगा। हालांकि पटाया पहुंचने से पहले ही थाई पुलिस ने शहर में देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, पुलिस ने पिछले वीकेंड में छापेमारी कर 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया। शहर के समुद्र तट और नाइटलाइफ वाले इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटी पुलिस पटाया में अमेरिकी नौसेना के बड़ी संख्या में जवानों और मरीन के आने से पहले पुलिस ने शहर में छापेमारी और जांच बढ़ा दी है। बार, समुद्र तट और दूसरी भीड़भाड़ वाली जगहों पर पुलिस खास नजर रख रही है। इसी दौरान पब्लिक प्लेस पर ग्राहकों की तलाश करने के आरोप में कम से कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया। इनमें थाईलैंड के साथ लाओस और युगांडा की महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग कार्रवाइयों में 40 से 50 लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि अमेरिकी जवानों के आने से पहले शहर में गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। अमेरिकी नौसैनिकों को भी ड्रग्स और गांजा बेचने वाली दुकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। हालांकि उन्हें नाइटलाइफ वाली जगहों पर जाने से नहीं रोका गया है, लेकिन देर रात तक बार और मनोरंजन की जगहों पर रुकने से बचने को कहा गया है। कारोबारियों को बड़ी कमाई की उम्मीद अमेरिकी नौसैनिकों के पटाया पहुंचने से शहर के कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है। करीब 5 हजार अमेरिकी जवानों के आने से होटल, रेस्तरां, बार, शॉपिंग और दूसरे पर्यटन कारोबारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। खासकर नाइटलाइफ़ और मनोरंजन से जुड़े कारोबारियों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय कारोबारियों के लिए यह ऐसे समय में बड़ा मौका है, जब पर्यटन कारोबार में पहले जैसी तेजी नहीं है। हजारों अमेरिकी जवान कुछ दिनों के लिए शहर में रहेंगे और इस दौरान खाने-पीने, होटल में ठहरने, घूमने-फिरने और मनोरंजन पर पैसा खर्च करेंगे। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े होटल और रेस्तरां तक कई तरह के कारोबारों को फायदा मिल सकता है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक अमेरिकी नौसैनिक रोजाना करीब 1,000 (₹2800) से 3,000 (₹8500) थाई बाहत तक खर्च कर सकता है। इस हिसाब से अगर करीब 5 हजार नौसैनिक शहर में आते हैं तो उनके खर्च से स्थानीय कारोबार में करोड़ों थाई बाहत का पैसा आ सकता है। पटाया और अमेरिकी सेना का पुराना कनेक्शन पटाया शहर का अमेरिकी सेना से रिश्ता 1960 और 1970 के दशक के वियतनाम युद्ध के समय से है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिक छुट्टियां मनाने और आराम करने के लिए यहां आते थे। इससे स्थानीय होटल, बार, रेस्तरां और दूसरे कारोबार तेजी से बढ़े। धीरे-धीरे यह छोटा मछुआरा गांव दुनिया भर के पर्यटकों के बीच मशहूर शहर बन गया। यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड क्यों आया? यूएसएस अब्राहम लिंकन हाल ही में वेस्ट एशिया में लंबी तैनाती पूरी करके लौटा है। यह अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जिसने नौ महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताया। इस दौरान यह ईरान से जुड़े तनाव के बीच वेस्ट एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा। लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर तैनात नौसैनिकों की मानसिक सेहत और रहने की परिस्थितियों को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं। अब थाईलैंड में पांच दिन के इस पड़ाव के दौरान जहाज को जरूरी सप्लाई दी जाएगी, रखरखाव का काम होगा और हजारों नौसैनिकों को लंबे समय बाद आराम का मौका मिलेगा।

OTT Releases This Week: इस हफ्ते होगा मनोरंजन का धमाका, गांधारी, धमाल 4, तक ये फिल्में-शो होने वाले हैं रिलीज

OTT Releases This Week: सितंबर की शुरुआत कई तरह की दिलचस्प स्ट्रीमिंग फिल्मों और सीरीज के साथ हो रही है। इनमें एक मां की अपने खोए हुए बच्चे की तलाश और इंटरनेशनल गैंग वॉर, घटनाओं की जांच और कोल्ड वॉर के समय के सर्वाइवल एडवेंचर तक शामिल हैं। तापसी पन्नू ‘गंधारी’ में एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो अपनी बेटी को खोजने की बेताब कोशिश में बच्चों की तस्करी करने वाले नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच जाती है।

वहीं, अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी ‘धमाल 4’ में खजाने की तलाश के मजेदार हंगामे के लिए फिर से साथ आ रहे हैं। साथ ही, थियो जेम्स और काया स्कोडेलेरियो ‘द जेंटलमैन’ के दूसरे सीज़न में हॉर्नमैन-ग्लास क्रिमिनल नेटवर्क को ब्रिटेन से बाहर ले जा रहे हैं।

पीरियड रोमांस और कोर्टरूम ड्रामा से लेकर कर्नाटक संगीत, हॉरर-कॉमेडी और डॉक्यूमेंट्री तक, यहां 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच रिलीज़ होने वाली प्रमुख OTT फिल्में और सीरीज दी गई हैं।

‘गंधारी’- नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

तापसी पन्नू इस डार्क एक्शन थ्रिलर में बानी का किरदार निभा रही हैं, जो एक ऐसी मां है जिसकी लाइफ तब तहस-नहस हो जाती है जब उसकी छोटी बेटी अचानक एक भीड़ भरे रेलवे स्टेशन से गायब हो जाती है। बच्ची को ढूंढने की उसकी बेताब कोशिशें तब और भी खौफनाक मोड़ ले लेती हैं। पन्नू के साथ इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी, मीता वशिष्ठ और जतिन सरना अहम भूमिकाओं में हैं।

धमाल 4 – नेटफ्लिक्स, 4 सितंबर

खजाना वापस आ गया है, और जाहिर है, उसे खोजने के लिए पागलपन से भरे लोग भी वापस आ गए हैं। इंद्र कुमार की स्लैपस्टिक फ़्रैंचाइज़ी अपनी चौथी किस्त के साथ लौट रही है, जिसमें गुड्डू, लल्लन, आदि और मानव एक बार फिर रातों-रात अमीर बनने की उम्मीद में उलझते-भटकते नजर आएंगे। ‘टोटल धमाल’ के बाद अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी फिर से एक साथ आ रहे हैं, साथ ही रवि किशन, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख और अंजलि आनंद भी इस बड़ी स्टार कास्ट का हिस्सा हैं।

द जेंटलमैन सीजन 2 – नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

रे विंस्टन, डैनियल इंग्स, जोली रिचर्डसन, विनी जोन्स, जियानकार्लो एस्पोसिटो, जैस्मीन ब्लैकबोरो और पियर्स क्विगली की वापसी हो रही है। इस बढ़ते हुए क्रिमिनल यूनिवर्स में ह्यू बॉनविले, बेंजामिन क्लेमेंटाइन, बेनेडेट्टा पोरोकारोली, मिशेल मोरोन, सर्जियो कास्टेलिटो और अमरा मल्लासी भी शामिल हो रहे हैं, साथ ही बॉक्सर क्रिस यूबैंक जूनियर और टेलीविज़न प्रेजेंटर माया जामा भी नजर आएंगे।

लवसिक – नेटफ्लिक्स, 2 सितंबर

1910 के दशक में सेट इस सात-एपिसोड वाले मैक्सिकन पीरियड ड्रामा में उलझनों के बीच रोमांस की कहानी दिखाई गई है। रेनाटा वाका ने वियोलेटा का किरदार निभाया है, जो एक ताकतवर परिवार में पैदा हुई यंग महिला है। उसके सामाजिक रुतबे के साथ वफादारी, शादी और भविष्य को लेकर कुछ तय उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

बिग बॉस 20- JioHotstar, 6 सितंबर 2026

सलमान खान के होस्ट वाला पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 20 अपने नए सीजन के साथ कमबैक कर रहा है। शो में नए कंटेस्टेंट्स, टास्क, विवाद और अलग-अलग गेम डायनामिक्स देखने को मिलने वाले हैं।

5000 अमेरिकी सैनिकों की एंट्री से पहले थाईलैंड के पटाया में हड़कंप! जानिए प्रॉस्टिट्यूशन पर पुलिस ने क्यों शुरू किया बड़ा क्रैकडाउन

US Military in Thailand: अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) इस सप्ताह थाईलैंड पहुंचने वाला है। उसके आगमन से पटाया सिटी के पर्यटन और मनोरंजन कारोबार को कुछ समय के लिए बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से प्रॉस्टिट्यूशन के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर पुलिस की नजर है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक तैनात रहने के बाद, अमेरिकी नौसेना का यह एयरक्राफ्ट कैरियर इस हफ्ते थाईलैंड के रिजॉर्ट शहर पटाया (Thailand’s ‌resort city of Pattaya) में रुकेगा। इससे आर्थिक फायदे की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने सेक्स-टूरिज्म वाले इलाकों पर सख्ती भी की है।

USS Abraham Lincoln के 2 सितंबर को पटाया के पास लाम चाबांग पोर्ट पहुंचने का शेड्यूल है। यह पोत 6 सितंबर तक थाईलैंड में रहेगा। इसके साथ अमेरिकी नौसेना के दो अन्य जहाज भी होंगे। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के तट पर आने की उम्मीद है। ये जवान 200 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में रहने के बाद शोर लीव पर शहर में जा सकेंगे।

पटाया में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?

अमेरिकी सैनिकों के बड़ी संख्या में पटाया पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां बढ़ा दी हैं। पटाया बीच, सेकंड रोड और प्रमुख नाइटलाइफ इलाकों में अतिरिक्त गश्त और जांच की जा रही है। 29 अगस्त को पटाया सिटी पुलिस, टूरिस्ट पुलिस, इमिग्रेशन और सामाजिक विकास से जुड़ी एजेंसियों के 20 से ज्यादा अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया।

25 को हिरासत में लिया गया

रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति के संदेह में 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 18 थाई नागरिक, 5 लाओस के नागरिक और 2 युगांडा के नागरिक बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिकों के आने के दौरान भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पुलिस बच्चों और युवाओं की सुरक्षा, भीख मांगने तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े दूसरे मामलों पर भी नजर रखेगी।

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी, फिर भी पटाया में नहीं है कोई रोक

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पटाया शहर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों और बैंकॉक के कुछ इलाकों में सेक्स इंडस्ट्री लंबे समय से काफी दिखाई देती रही है। पटाया पुलिस प्रमुख अनेक श्रीथोंगयू ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ग्राहकों को आकर्षित करने से रोकने की मुश्किल को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इस गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि इसके आने से पहले, पुलिस पटाया के मुख्य बीच-फ्रंट और नाइटलाइफ वाले इलाके में अतिरिक्त गश्त की तैयारी कर रही है। पटाया का स्थानीय कारोबार अमेरिकी नौसैनिकों के आने को कम पर्यटन वाले दौर में एक बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।

पटाया के मेयर पोरामासे नगामपिचेस के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्यकर्मी शहर में अपनी यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 Thai Baht (लगभग 30 से 91 डॉलर) खर्च कर सकता है। हालांकि. करीब 5,000 जवान एक साथ शहर में नहीं आएंगे। उनकी शोर लीव अलग-अलग समय पर होगी। फिर भी होटल, रेस्तरां, दुकानों और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि अमेरिकी जहाजों का यह दौरा शहर में ग्राहकों और पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा।

200 दिनों से ज्यादा लंबी तैनाती के बाद पहुंच रहा है विमानवाहक पोत

USS Abraham Lincoln की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जहाज के चालक दल ने लंबे समय तक समुद्र में तैनाती पूरी की है। पोत नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था। बाद में उसे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए भेजा गया। इसकी तैनाती 200 दिनों से अधिक लगातार चली है। अमेरिकी सांसदों ने इतनी लंबी तैनाती को असामान्य बताया है। अगस्त में सैन्य मामलों पर नजर रखने वाले मीडिया में जहाज पर कर्मियों के मनोबल में गिरावट और आत्महत्या के प्रयासों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं।

सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन की चुनौती

अब पटाया प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को फायदा पहुंचाना। वहीं. दूसरी तरफ शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना। अमेरिकी पोत और उसके साथ आने वाले जहाजों के मद्देनजर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों, बच्चों की सुरक्षा और पर्यटकों से जुड़े अपराधों पर नजर रखने की तैयारी की गई है।

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Impact Player को हटाने के पक्ष में भारतीय क्रिकेट बोर्ड, मांगे फ्रैंचाइजी के सुझाव

इंडियन प्रीमियर लीग में 3 साल पहले आए इम्पैक्ट प्लेयर नियम की चौतरफा आलोचना के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार फ्रैंचाइजी से इसके बारे में अपना अंतिम विचार जानने के लिए सोमवार 31 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की है। अगर ज्यादातर फ्रैंचाइजी इसके खिलाफ होंगी तो यह नियम अगले सत्र के लिए बरकरार नहीं रहेगा।

3 साल पहले में लाया गया था यह नियम

 भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग को रोमांचक बनाने के लिये पहली बार यह नियम पेश किया था।यह नियम टीमों को एक मैच में स्थिति के आधार पर एक और गेंदबाज या बल्लेबाज को मैदान पर उतारने की अनुमति देता था। नियम का उद्देश्य खेल में एक रणनीतिक आयाम जोड़ना था जिससे टीमें मैच की स्थिति के आधार पर सामरिक परिवर्तन कर सकें।

इस तरह के किसी भी विकल्प को हालांकि पारी के 14वें ओवर से पहले किया जाता था। इसके तहत टीम में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ के तौर पर शामिल होने वाला खिलाड़ी अपने कोटे की पूरी गेंदबाजी या नए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर सकता था।

इसके अतिरिक्त, यदि शुरुआती एकादश में पहले से ही चार विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो इम्पैक्ट प्लेयर विदेशी नहीं हो सकता था। यदि शुरुआती एकादश में चार से कम विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो एक गैर-भारतीय इम्पैक्ट प्लेयर को पेश किया जा सकता था।

टूर्नामेंट की समिति ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूशन’ (इम्पैक्ट खिलाड़ी के स्थानापन्न) की घोषणा हुई थी जिसमें एक नये खिलाड़ी को मैच के दौरान पांच निर्धारित स्थानापन्न खिलाड़ियों से बदला जा सकता था।

सचिन समेत कई दिग्गजों ने की थी इस नियम की आलोचना

इंडियन प्रीमियर लीग में जान फूंकने के लिए दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने के लिए विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की वकालत की और साथ ही कुछ अन्य बदलाव करने के लिए भी सुझाव दिए।

तेंदुलकर ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मेरी निजी राय है कि कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे लगता है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप में आपको केवल 20 ओवर खेलने होते हैं। फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कप्तान रोहित शर्मा से सहमति जताते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंपैक्ट खिलाड़ी के नियम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे खेल का संतुलन बिगड़ रहा है।आईपीएल के पिछले सत्र से पारी के बीच में स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का नियम शुरू हुआ है जिस पर रोहित ने भी नाराजगी जताई थी।

कोहली ने कहा ,‘‘ मैं रोहित का समर्थन करता हूं। मनोरंजन खेल का एक पहलू है लेकिन संतुलन भी होना चाहिये। इससे खेल का संतुलन बिगड़ा है और कई लोगों को ऐसा लगता है , सिर्फ मुझे नहीं।’’

रोहित ने पॉडकास्ट में कहा ,‘‘ मैं इस नियम का मुरीद नहीं हूं। इससे हरफनमौलाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 12 का नहीं।’’आईपीएल के इस सत्र में आठ बार 250 रन से अधिक का स्कोर बना और कोहली गेंदबाजों का दर्द समझते हैं।

Tecno ने लॉन्च किया दमदार Spark Go 3 Pro, पानी, धूल और गिरने से नहीं होगा आसानी से खराब

Tecno ने भारत में Spark Go 3 Pro लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह इस सेगमेंट का पहला स्मार्टफोन है जिसे IP69 ड्यूरेबिलिटी रेटिंग मिली है। बता दें कि यह नया बजट स्मार्टफोन उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जिन्हें ऐसे डिवाइस की जरूरत है जो मुश्किल हालात झेल सके और तेज प्रेशर वाले पानी के जेट, धूल और गलती से गिरने जैसी स्थितियों से सुरक्षित रह सके।

कंपनी के मुताबिक, Spark Go 3 Pro को डिलीवरी एग्जीक्यूटिव, किसानों, छात्रों और प्रोफेशनल्स जैसे यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिन्हें रोजाना इस्तेमाल के लिए एक मजबूत स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें जरूरी फीचर्स से कोई समझौता न करना पड़े।

कीमत और उपलब्धता

Tecno Spark Go 3 Pro भारत में 4 सितंबर, 2026 से रिटेल स्टोर, Amazon और Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसके 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत ₹15,999 है, जबकि 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत ₹16,999 है।

स्पेसिफिकेशन्स

Tecno Spark Go 3 Pro की सबसे बड़ी खासियत इसकी IP69-रेटेड बनावट है। कंपनी का कहना है कि यह तेज दबाव वाले पानी के जेट, धूल और गलती से गिरने पर सुरक्षा देती है, जिससे यह मुश्किल आउटडोर स्थितियों में काम करने वाले यूजर्स के लिए सही है।

इस स्मार्टफोन में 120Hz का डिस्प्ले है, जो आम 60Hz पैनल के मुकाबले ज्यादा स्मूद स्क्रॉलिंग, गेमिंग और एनिमेशन का अनुभव देता है। डिवाइस को पावर देने के लिए इसमें 5,200mAh की बैटरी है। Tecno का कहना है कि इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि एक बार चार्ज करने पर यह पूरे दिन चल सके।

इसके अलावा, क्लियर वॉइस कॉल के लिए फोन में AI वॉइसप्रिंट नॉइज कैंसिलेशन फीचर दिया गया है, जो बातचीत के दौरान बैकग्राउंड के शोर को कम करता है। इस डिवाइस में IR ब्लास्टर भी है, जिससे यूजर्स टेलीविजन और एयर कंडीशनर जैसे कम्पैटिबल घरेलू उपकरणों को सीधे स्मार्टफोन से कंट्रोल कर सकते हैं।

Tecno का कहना है कि Spark Go 3 Pro को मजबूती और भरोसे को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह उन ग्राहकों के लिए है जो किफायती कीमत पर मजबूत स्मार्टफोन का अनुभव चाहते हैं, साथ ही रोजाना के कामों और मनोरंजन के लिए मॉडर्न फीचर्स भी चाहते हैं।

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ऐतिहासिक रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा DDA, जानिए कितनी है इसकी फीस और कौन-कैसे कर सकता है अप्लाई

DDA Roshanara Club Lifetime Membership: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ऐतिहासिक डीडीए रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा है। कुल 750 सीटों के लिए यह मेंबरशिप स्कीम शुरू की जा रही है, जिसके जरिए दिल्लीवासियों को इस ऐतिहासिक क्लब की वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स, फिटनेस और रिक्रिएशनल सुविधाओं का फायदा उठाने का मौका मिलेगा।

अगर आप भी 100 साल से ज्यादा पुराने और भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जुड़े इस क्लब का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जानिए फीस, योग्यता और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

मेंबरशिप कैटेगरी और फीस स्ट्रक्चर

डीडीए की ओर से कुल 750 लाइफटाइम मेंबरशिप दो अलग-अलग श्रेणियों में दी जा रही हैं:

नॉन-गवर्नमेंट कैटेगरी: आम नागरिकों और प्राइवेट सेक्टर के लोगों के लिए कुल 400 सीटें रखी गई हैं। इसके लिए मेंबरशिप चार्ज ₹12.50 लाख + GST तय किया गया है।

गवर्नमेंट / पीएसयू कैटेगरी: सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 350 सीटें रिजर्व हैं। इसकी फीस ₹4 लाख + GST है।

कब से शुरू होंगे आवेदन और कैसे करें अप्लाई?

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 28 अगस्त 2026 की रात 12:00 बजे से शुरू होगी।आवेदक 27 अक्टूबर 2026 (रात 11:59 बजे) तक अपना फॉर्म और फीस जमा कर सकते हैं। इच्छुक लोग केवल डीडीए के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही अप्लाई कर सकते हैं।

आधिकारिक लिंक: [https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx](https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx)

क्लब में मिलेंगी कौन-कौन सी स्पोर्ट्स सुविधाएं?

22 एकड़ में फैले हरे-भरे रोशनआरा क्लब में सदस्यों को इन खेलों और फिटनेस गतिविधियों की सुविधा मिलेगी:

आउटडोर व इनडोर गेम्स: मेन क्रिकेट पिच और प्रैक्टिस पिच, टेनिस, स्क्वॉश, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पिकलबॉल, बिलियर्ड्स और कार्ड रूम।

फिटनेस व स्विमिंग: स्विमिंग पूल, बच्चों के लिए टॉडलर पूल, मल्टी-जिम, फिटनेस सेंटर और योग क्लासेस।

कोचिंग फैसिलिटी: उभरते खिलाड़ियों के लिए योग्य कोचों द्वारा कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही क्रिकेट ग्राउंड को टूर्नामेंट्स और कॉरपोरेट इवेंट्स के लिए भी बुक किया जा सकेगा।

सोशल और क्लब हाउस सुविधाएं

स्पोर्ट्स के अलावा क्लब हाउस में सदस्यों के मनोरंजन और सोशल गैदरिंग के लिए ये सुविधाएं होंगी:

  • लाउंज, रेस्टोरेंट, कैफे और डाइनिंग एरिया
  • बार और बैंक्वेट सुविधाएं
  • किड्स जोन

क्या है रोशनआरा क्लब का इतिहास?

22 एकड़ का ऐतिहासिक परिसर और 100 साल से भी पुराना यह क्लब भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास से जुड़ा हुआ है। इस क्लब को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। डीडीए ने 29 सितंबर 2023 को इस ऐतिहासिक क्लब का आधिकारिक रूप से अधिग्रहण कर लिया था।

DDA रोशनआरा क्लब मेंबरशिप डिटेल्स

कुल उपलब्ध मेंबरशिप: 750

आम नागरिक फीस: ₹12.50 लाख + GST (400 सीटें)

सरकारी कर्मचारी फीस: ₹4.00 लाख + GST (350 सीटें)

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 28 अगस्त 2026

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर 2026

क्लब का कुल क्षेत्रफल: 22 एकड़

दिल्ली के उपराज्यपाल के ‘ईज ऑफ लिविंग’ और एक्टिव लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के विजन के तहत यह कदम उठाया गया है। दिल्ली के 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 गोल्फ कोर्स चलाने वाला DDA अब खेल प्रेमियों को देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक क्लबों में से एक का हिस्सा बनने का यह सुनहरा मौका दे रहा है।

किस रूट पर चलती है देश की इकलौती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? जानिए टाइमिंग, किराया और लग्जरी सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे की सबसे खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त क्रेज है। अगर आप भी इस हाई-स्पीड और लग्जरी स्लीपर ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि, फिलहाल पूरे देश में सिर्फ एक ही रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ऑपरेशनल है।

यह नई नवेली ट्रेन पूर्वी भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन से असम के कामाख्या जंक्शन, गुवाहाटी के बीच दौड़ती है। आइए आपको बताते हैं कि आप इसे कहां से पकड़ सकते हैं, इसका शेड्यूल और कितना है किराया।

कहां से कहां के लिए पकड़ सकते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575 / 27576) हावड़ा से कामाख्या के बीच 968 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करती है। अगर आप कोलकाता या उत्तर बंगाल के आसपास रहते हैं, तो आप इसे बांडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), और न्यू कूचबिहार स्टेशनों से पकड़ सकते हैं।

टाइमिंग और शेड्यूल

यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलती है और रातभर के सफर में आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देती है:

हावड़ा ➔ कामाख्या (ट्रेन 27575): हावड़ा से शाम 06:20 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:20 AM पर कामाख्या पहुंचती है (गुरुवार को छोड़कर)।

कामाख्या ➔ हावड़ा (ट्रेन 27576): कामाख्या से शाम 06:15 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:15 AM पर हावड़ा पहुंचती है (बुधवार को छोड़कर)।

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ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रीमियम एयरलाइन जैसा अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। आपकी यात्रा को बेहद आसान और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:

हाईटेक सस्पेंशन सिस्टम: ट्रेन में विशेष कपलर और सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे हाई-स्पीड में भी झटके महसूस नहीं होते और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ता।

एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ: इसके 3-टियर, 2-टियर और फर्स्ट एसी कोचों की बर्थ में अतिरिक्त फोम और कुशनिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो नॉर्मल ट्रेनों से काफी ज्यादा आरामदायक हैं।

सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के एंट्री गेट और इंटर-कोच दरवाजे ऑटोमैटिक सेंसर आधारित हैं।

मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट और शॉवर: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा और सभी कोचों में एंटी-बैक्टीरियल मॉड्यूलर टॉयलेट दिए गए हैं।

रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग प्वाइंट: हर बर्थ पर पर्सनल मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की सुविधा है।

इन्फोटेनमेंट और वाई-फाई: यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन मौजूद हैं।

कितना है किराया?

आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कोई भी स्लीपर या फिर जनरल कोच नहीं होता है। इसमें एसी- 3, एसी-2 और एसी फर्स्ट क्लास की सीटें है। इस लग्जरी ट्रेन का बेस फेयर कोच की कैटेगरी के हिसाब से ये है:

  • AC 3-Tier: ₹2,299 से शुरू
  • AC 2-Tier: ₹2,970 से शुरू
  • AC First Class: ₹3,640 से शुरू

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करती है, बल्कि यात्रियों को होटल जैसी सुख-सुविधाएं और सुरक्षा भी प्रदान करती है। जल्द ही भारतीय रेलवे अन्य रूटों पर भी दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है।