भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलेगी स्लीपर वंदे भारत, ईस्टर्न रेलवे ने बोर्ड को भेजी रिपोर्ट, जानें इसका संभावित रूट और सारी डिटेल

Bhagalpur-Delhi Sleeper Vande Bharat: बिहार के भागलपुर से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस ट्रेन के संचालन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी की जा सकती है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले दिल्ली आने-जाने वाले बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

भागलपुर से दिल्ली के बीच त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ईस्टर्न रेलवे से इस रूट पर यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी।

फिलहाल, ईस्टर्न रेलवे ने रेलवे बोर्ड को रूट से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी रिपोर्ट भेज दी है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी।

ईस्टर्न रेलवे जोन हेडक्वार्टर, कोलकाता के प्रिसिंपल चीफ कमर्शियल मैनेजर (PCCM) डॉ. उदय शंकर झा के मुताबिक, भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर वंदे भारत चलाने की पूरी तैयार कर ली गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से मांगी गई सभी जानकारियां भेज दी गई हैं। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के शुभारंभ की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

भागलपुर समेत इन जिलों को मिलेगा फायदा

नई स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से भागलपुर के साथ बांका, मुंगेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल सकता है। लंबी दूरी के सफर के लिए तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं वाली इस ट्रेन से यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक होने की उम्मीद है। खासकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान।

इस ट्रेन के शुरू होने से नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रेन का रूट क्या होगा और किन-किन स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा, इस पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।

ईस्टर्न रेलवे को मिल सकती है नई स्लीपर वंदे भारत

ईस्टर्न रेलवे के तहत अभी हावड़ा-जमालपुर रूट पर चेयर कार वाली वंदे भारत चल रही है। ऐसे में अगर भागलपुर से आनंद विहार के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू होती है, तो यह इस जोन के लिए एक नई और अहम सुविधा होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे देश के व्यस्त रूटों पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है। इसी वजह से भागलपुर-दिल्ली रेल मार्ग को भी इस ट्रेन के लिए संभावित रूट के तौर पर देखा जा रहा है।

नई वंदे भारत आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

रेलवे की योजना के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के आराम के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी खास जोर दिया जाएगा। एसी स्लीपर कोच में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि लंबी दूरी का सफर ज्यादा आरामदायक बनाया जा सके। वहीं, लोको पायलटों के लिए भी आधुनिक केबिन तैयार किया जाएगा, जिसमें एडवांस कंट्रोल पैनल और बेहतर सुरक्षा तकनीक मौजूद होगी।

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किस रूट पर चलती है देश की इकलौती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? जानिए टाइमिंग, किराया और लग्जरी सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे की सबसे खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त क्रेज है। अगर आप भी इस हाई-स्पीड और लग्जरी स्लीपर ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि, फिलहाल पूरे देश में सिर्फ एक ही रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ऑपरेशनल है।

यह नई नवेली ट्रेन पूर्वी भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन से असम के कामाख्या जंक्शन, गुवाहाटी के बीच दौड़ती है। आइए आपको बताते हैं कि आप इसे कहां से पकड़ सकते हैं, इसका शेड्यूल और कितना है किराया।

कहां से कहां के लिए पकड़ सकते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575 / 27576) हावड़ा से कामाख्या के बीच 968 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करती है। अगर आप कोलकाता या उत्तर बंगाल के आसपास रहते हैं, तो आप इसे बांडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), और न्यू कूचबिहार स्टेशनों से पकड़ सकते हैं।

टाइमिंग और शेड्यूल

यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलती है और रातभर के सफर में आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देती है:

हावड़ा ➔ कामाख्या (ट्रेन 27575): हावड़ा से शाम 06:20 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:20 AM पर कामाख्या पहुंचती है (गुरुवार को छोड़कर)।

कामाख्या ➔ हावड़ा (ट्रेन 27576): कामाख्या से शाम 06:15 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:15 AM पर हावड़ा पहुंचती है (बुधवार को छोड़कर)।

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ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रीमियम एयरलाइन जैसा अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। आपकी यात्रा को बेहद आसान और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:

हाईटेक सस्पेंशन सिस्टम: ट्रेन में विशेष कपलर और सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे हाई-स्पीड में भी झटके महसूस नहीं होते और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ता।

एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ: इसके 3-टियर, 2-टियर और फर्स्ट एसी कोचों की बर्थ में अतिरिक्त फोम और कुशनिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो नॉर्मल ट्रेनों से काफी ज्यादा आरामदायक हैं।

सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के एंट्री गेट और इंटर-कोच दरवाजे ऑटोमैटिक सेंसर आधारित हैं।

मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट और शॉवर: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा और सभी कोचों में एंटी-बैक्टीरियल मॉड्यूलर टॉयलेट दिए गए हैं।

रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग प्वाइंट: हर बर्थ पर पर्सनल मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की सुविधा है।

इन्फोटेनमेंट और वाई-फाई: यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन मौजूद हैं।

कितना है किराया?

आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कोई भी स्लीपर या फिर जनरल कोच नहीं होता है। इसमें एसी- 3, एसी-2 और एसी फर्स्ट क्लास की सीटें है। इस लग्जरी ट्रेन का बेस फेयर कोच की कैटेगरी के हिसाब से ये है:

  • AC 3-Tier: ₹2,299 से शुरू
  • AC 2-Tier: ₹2,970 से शुरू
  • AC First Class: ₹3,640 से शुरू

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करती है, बल्कि यात्रियों को होटल जैसी सुख-सुविधाएं और सुरक्षा भी प्रदान करती है। जल्द ही भारतीय रेलवे अन्य रूटों पर भी दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द आ रही हैं 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें! अब रात का सफर होगा और आरामदायक

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे और ज्यादा वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करके अपने प्रीमियम लंबी दूरी के रेल नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। लॉन्च के बाद से अभी तक वंदे भारत एक्सप्रेस ज्यादातर दिन में चलने वाली चेयर कार ट्रेन के तौर पर संचालित होती रही है, लेकिन लंबे समय से यात्री रात के सफर के लिए इसके स्लीपर वर्जन की मांग कर रहे थे। वहीं, अब यात्रियों की इस मांग को पूरा करने के लिए चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी, जिनमें से हर एक में 24 कोच होंगे। उम्मीद है कि नए ट्रेनसेट से यात्रियों की क्षमता काफी बढ़ेगी और पूरे भारत में लंबी दूरी के और रूट पर वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करने में मदद मिलेगी।

यह कदम भारतीय रेलवे की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसका मकसद रात भर और इंटरसिटी यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, ज्यादा आरामदायक और आधुनिक यात्रा के विकल्प देना है। इस प्रस्तावित विस्तार के साथ, उम्मीद है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें देश के प्रीमियम रेल यात्रा सेगमेंट में बड़ी भूमिका निभाएंगी।

ICF के जनरल मैनेजर मनीष अग्रवाल के अनुसार, देश में बनी 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लिए प्रोडक्शन ड्रॉइंग पूरी हो गई हैं। इन डिजाइनों में कोच का स्ट्रक्चर, कोच को जोड़ने वाले सिस्टम और उनके नीचे लगाए जाने वाले उपकरण शामिल हैं।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के बारे में मुख्य बातें

  • 50 ट्रेनसेट की योजना: ICF चेन्नई 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी।
  • हर ट्रेन में 24 कोच: आने वाले ट्रेनसेट में 24 कोच होंगे, जबकि अभी चल रही स्लीपर ट्रेन में 16 कोच हैं।
  • ज्यादा यात्री क्षमता: उम्मीद है कि 24 कोच वाली ट्रेन में 16 कोच वाली ट्रेन के मुकाबले लगभग 1.5 गुना ज्यादा यात्री यात्रा कर सकेंगे।
  • प्रोडक्शन के लिए डिजाइन तैयार: कोच के स्ट्रक्चर, कोच कनेक्शन और अंडरफ्रेम इक्विपमेंट से जुड़े डिजाइन पूरे हो चुके हैं।
  • और रूटों पर चलने की उम्मीद: अतिरिक्त ट्रेनसेट से रेलवे को लंबी दूरी के और रूटों पर वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करने पर विचार करने में मदद मिलेगी।
  • लंबी यात्राओं के लिए डिजाइन: स्लीपर सुविधा का मकसद रात भर और लंबी दूरी की यात्रा के लिए तेज़ और ज्यादा आरामदायक विकल्प देना है।
  • कोच की संख्या अभी तय नहीं: भारतीय रेलवे ने अभी तक कोच की अंतिम संख्या के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, हालांकि खबरों के मुताबिक 24-कोच वाली ट्रेनसेट में 17 AC 3-टियर कोच, पांच AC 2-टियर कोच, एक AC फर्स्ट क्लास कोच और एक पैंट्री कार हो सकती है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी

अभी देश में चलने वाली वंदे भारत स्लीपर सर्विस हावड़ा और कामाख्या के बीच चलती है। मौजूदा ट्रेन में 11 थर्ड AC कोच, चार सेकंड AC कोच और एक फर्स्ट AC कोच है।

24 कोच वाली प्रस्तावित ट्रेनों से यात्रियों की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, रेलवे ने अभी तक इन नई ट्रेनों में कोच के अंतिम कॉम्बिनेशन की घोषणा नहीं की है।

बता दें कि यह कदम लंबी दूरी के यात्रियों के लिए तेज और ज्यादा आरामदायक ट्रेनें उपलब्ध कराने की रेलवे की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

अमृत ​​भारत एक्सप्रेस 3.0 के बारे में भी अपडेट आया है

ICF ने अगली पीढ़ी की अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के बारे में भी जानकारी दी है। उम्मीद है कि अमृत भारत 3.0 में AC, जनरल और स्लीपर क्लास के कोच होंगे। इससे यात्रियों को बेहतर आराम के साथ यात्रा का एक और सस्ता विकल्प मिलेगा।

हालांकि, अभी चल रही अमृत भारत ट्रेनों में मुख्य रूप से जनरल और स्लीपर कोच हैं। अगली पीढ़ी की ट्रेनों में AC कोच जोड़ने से और भी ज्यादा यात्री इन ट्रेनों का फायदा उठा सकेंगे। ICF में हो रही ताजा गतिविधियों से पता चलता है कि वंदे भारत स्लीपर और अगली पीढ़ी की अमृत भारत ट्रेनों के प्रोडक्शन की प्लानिंग आगे बढ़ रही है।

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जल्द शुरू होगी बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 24 नहीं सिर्फ 16 घंटे में पूरा होगा सफर! जानें रूट, किराया और स्टॉपेज की लिस्ट

Bengaluru-Mumbai Vande Bharat sleeper: बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों को जल्द ही आरामदायक सफर मिलने वाला है। जल्द ही बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की नई सुविधा शुरू हो सकती है। साउथ वेस्टर्न रेलवे ने इस रूट के लिए दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही तय किए गए रूट पर ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा। सेवा शुरू करने से पहले रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की ओर से स्पीड टेस्ट भी किया जाएगा, ताकि ट्रेन की रफ्तार और सुरक्षा की जांच हो सके।

16-16 होंगे कोच

अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत होगी। वहीं अभी तक रेलवे की ओर से ट्रेन के चलने की तारीख और पूरा टाइमटेबल जारी नहीं किया गया है। News18 के मुताबिक, दोनों वंदे भारत ट्रेनों में 16-16 कोच हैं, जिन्हें बेंगलुरु स्थित BEML ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के कार्यक्रम के तहत बनाया है। इस सेवा के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच रात में सफर करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक रेल यात्रा का ऑप्शन मिल सकेगा।

जल्द ही होगी तारीखों की घोषणा

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को शहर के किस स्टेशन से चलाया जाएगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारी तय करेंगे कि ट्रेन KSR बेंगलुरु स्टेशन से शुरू होगी या सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से। ट्रेन के शुरुआती स्टेशन का फैसला होने के बाद ही उसके रखरखाव के लिए मुख्य सुविधा केंद्र भी तय किया जाएगा। ट्रेन का ट्रायल और जरूरी जांच पूरी होने के बाद रेलवे इसकी समय-सारणी और शुरू होने की तारीख की घोषणा करेगा।

इन शहरों से होकर जाएगी ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रस्तावित रूट में कर्नाटक के कई प्रमुख शहर शामिल होंगे। ट्रेन बेंगलुरु से चलकर रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी होते हुए मुंबई पहुंचेगी। इस पूरे सफर की दूरी करीब 1,137 किलोमीटर होगी। यह रेल मार्ग पूरी तरह बिजली से चलने वाली ट्रेनों के लिए तैयार है और डबल लाइन होने के कारण यहां ट्रेन संचालन को बेहतर तरीके से किया जा सकता है। रूट के ज्यादातर हिस्सों पर ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती है। वहीं इस ट्रेन में 3AC का किराया करीब ₹3,000 रहने की उम्मीद है।

अभी यात्रा करने में लगते हैं 24 घंटे

बेंगलुरु और मुंबई के बीच मौजूदा रेल सेवाओं में यात्रियों को सफर पूरा करने में करीब 24 घंटे लगते हैं। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आने से इस रूट पर यात्रा पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरी होने की उम्मीद है। अनुमान है कि सफर का समय करीब 16 घंटे तक हो सकता है, लेकिन ट्रेन की सही गति और यात्रा अवधि का पता ट्रायल और अंतिम टाइमटेबल जारी होने के बाद ही चलेगा।

हुबली को क्यों नहीं चुना गया

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर के लिए चुना गया रास्ता हुबली वाले विकल्प की तुलना में छोटा और तेज है। हुबली के रास्ते की दूरी करीब 1,216 किलोमीटर होती और इस रूट के कुछ हिस्से सिंगल लाइन वाले हैं। इसके अलावा कई जगहों पर ट्रेन की रफ्तार भी सीमित रहती है। इसी वजह से तेज स्लीपर ट्रेन के लिए मौजूदा रूट को ज्यादा बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

भारतीय रेलवे का सबसे लग्जरी कोच देखकर फ्लाइट भूल जाओगे! चलता-फिरता 5 स्टार होटल है

आप रातभर ट्रेन में सफर करते हैं और चाहते हैं कि जर्नी आरामदायक होने के साथ लग्जरी भी लगे, तो मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai-Bengaluru) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper train) आपके लिए खास हो सकती है। इसका फर्स्ट AC कोच मॉडर्न डिजाइन, प्राइवेसी और प्रीमियम सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है, जिसकी पहली झलक ने ही ट्रैवलर का ध्यान खींच लिया है:

First AC Cabin (फर्स्ट एसी केबिन)

This may contain: there is a small room with bunk beds and green carpeted flooring on the train

इस ट्रेन का फर्स्ट AC कोच सबसे बड़ा हाईलाइट माना जा रहा है। इसमें प्राइवेट केबिन (private cabin) दिए गए हैं, जिनमें स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए हैं। इससे पैसेंजर को पहले के मुकाबले ज्यादा प्राइवेसी और आराम मिल सकता है। केबिन का डिजाइन ऐसा रखा गया है कि सफर होटल (hotel-like travel) जैसा महसूस हो।

Premium Interior (प्रीमियम इंटीरियर)

Vande Bharat Sleeper: Luxurious Interiors Unveiled in India| sleeper vande bharat features| Vande Bharat trains

कोच के अंदर का इंटीरियर मॉडर्न और अट्रैक्टिव बनाया गया है। लकड़ी जैसी फिनिश, सॉफ्ट LED लाइटिंग और खूबसूरत कलर थीम इसे स्टैंडर्ड ट्रेन कोच से अलग बनाती है। पूरा माहौल शांत और आरामदायक रखने की कोशिश की गई है।

Comfortable Journey (आरामदायक सफर)

ट्रेन में आरामदायक बर्थ, मजबूत सीढ़ियां (sturdy ladder) और हर सीट के पास चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। लंबी दूरी (long-distance travel) की पैसेंजर को ध्यान में रखते हुए कोच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पैसेंजर आसानी से आराम कर सकें।

Smart Facilities (मॉडर्न सुविधाएं)

This may contain: the inside of a bus with beds and windows

इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम, मॉडर्न बायो-वैक्यूम टॉयलेट, बेहतर LED लाइटिंग, CCTV सुरक्षा और अन्य कई स्मार्ट सुविधाएं (smart feature) दी गई हैं। इनका उद्देश्य सफर (journey) को पहले से ज्यादा सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

Better Overnight Travel (बेहतर ओवरनाइट यात्रा)

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मुंबई (Mumbai) और बेंगलुरु (Bengaluru) के बीच रोज बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। यह ट्रेन खासतौर पर रातभर की जर्नी को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए तैयार की गई है, ताकि पैसेंजर सुबह अपनी मंजिल पर फ्रेश होकर पहुंच सकें।

 

Ticket Booking (टिकट बुकिंग)

Concept train - Vande Bharat (sleeper version) Coming soon ...

फिलहाल मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कमर्शियल सेवा शुरू नहीं हुई है और टिकट बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। सोशल मीडिया के वीडियो ने इसकी शानदार झलक दिखाकर पैसेंजर की उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है।

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वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और हाई स्पीड ट्रेनों में से एक है। मॉर्डन तकनीक, बेहतर सुविधाओं और कम यात्रा समय की वजह से वंदे भारत देशभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वहीं भारतीय रेलवे जल्द ही मुंबई और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ये ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को अधिक तेज, आरामदायक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। देश के दो प्रमुख कारोबारी शहरों को जोड़ने वाली ये ट्रेन यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर सफर का एक्सपीरिएंस देगी। वहीं लोग इसके रूट और किराए की आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ट्रेन की खासियत के बारे में

बदला गया डिजाइन

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी और रातभर की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें यात्रियों की सुविधा और आराम पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच का नया डिजाइन काफी चर्चा में है, जिसमें अपर बर्थ तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और आसान होगा। कोच में स्लाइडिंग कम्पार्टमेंट दरवाजे, मॉडर्न लाइटिंग और सॉफ्ट-टोन वाले इंटीरियर भी हैं, जिनका मकसद यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा प्रीमियम एक्सपीरिएंस मिल सके।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सोने के लिए आरामदायक बर्थ और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया लेआउट लंबी यात्रा को अधिक सहज बनाएगा। माना जा रहा है कि यह ट्रेन कामकाजी लोगों के साथ-साथ पर्यटन के लिए सफर करने वाले यात्रियों को भी काफी पसंद आएगी।

समय की होगी बचत

मुंबई और बेंगलुरु के बीच शुरू होने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को सफर पूरा करने में 20 घंटे से ज्यादा लग सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्लीपर वंदे भारत यात्रा का समय लगभग 14 से 16 घंटे तक कम कर सकती है, हालांकि इंडियन रेलवे द्वारा फाइनल ऑपरेशनल शेड्यूल की घोषणा अभी बाकी है। माना जा रहा है कि ये सेवा कम स्टॉपेज के साथ संचालित होगी, जिससे ट्रेन की औसत रफ्तार बेहतर रहेगी और दोनों शहरों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और कम समय में पूरी हो सकेगी।

कितने लोग कर सकते हैं यात्रा

स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में 16 पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड कोच होने की उम्मीद है, जिनमें कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। आरामदायक बर्थ के साथ-साथ इसमें एडवांस्ड सस्पेंशन टेक्नोलॉजी भी दी जाएगी। ये तकनीक यात्रा के दौरान झटकों को कम करने में मदद करेगी, जिससे खासकर रात के समय यात्रियों को अधिक सहज और आरामदायक सफर का अनुभव मिल सकेगा।

रूट को लेकर चल रही चर्चा

मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही है, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। रेलवे ने फिलहाल ट्रेन की शुरुआत की तारीख, किराया, समय-सारिणी और टिकट बुकिंग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके संचालन से जुड़ी कई अहम जानकारियां अभी सामने आना बाकी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये ट्रेन दोनों राज्यों के कई प्रमुख शहरों को जोड़ सकती है। हालांकि, यात्रियों को इसके सटीक मार्ग और ठहराव की जानकारी सेवा शुरू होने से पहले आधिकारिक तौर पर दी जाएगी।