ना कोई लग्जरी होटल, ना कोई रिसॉर्ट… वंदे भारत के फर्स्ट एसी में मिल रहीं ऐसी सुविधाएं, वीडियो हुआ वायरल

ट्रेन में सफर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सीट, खिड़की से दिखते नजारे और सफर के दौरान मिलने वाला खाना आता है। लेकिन अगर यही सफर किसी लग्जरी होटल जैसा अनुभव देने लगे, तो आपका हैरान होना लाजमी है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का फर्स्ट एसी कोच इन दिनों इसी वजह से चर्चा में है। यहां प्राइवेट केबिन से लेकर स्मार्ट ग्लास और गर्म पानी वाले शॉवर तक जैसी सुविधाएं देखने को मिलती हैं। कंटेंट क्रिएटर प्रणय गुप्ता ने हाल ही में इस कोच में सफर करते हुए एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अंदर की सुविधाओं को करीब से दिखाया।

वीडियो सामने आने के बाद लोग ट्रेन के लग्जरी अंदाज और किराये को लेकर चर्चा कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्रणय ने सिर्फ सुविधाएं नहीं दिखाईं, बल्कि खाने का स्वाद भी परखा और अपना अनुभव साझा किया। अब सवाल है कि क्या वंदे भारत का यह सफर वाकई महाराजा जैसा एहसास कराता है?

वंदे भारत के 1AC में दिखा लग्जरी अंदाज

इंस्टाग्राम अकाउंट @counting.unique पर प्रणय गुप्ता ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी का अनुभव साझा किया। वीडियो में वह कोच के अंदर की खूबसूरत पेंटिंग और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे दिखाते हैं। इसके बाद वह अपने प्राइवेट केबिन में पहुंचते हैं, जहां की सुविधाएं उन्हें काफी प्रभावित करती हैं।

प्राइवेट केबिन में स्मार्ट ग्लास और शानदार लाइटिंग

केबिन में अंदर से लॉक होने वाला दरवाजा यात्रियों की निजता का ध्यान रखता है। वहीं, खिड़की पर लगा खास ग्लास बटन दबाने पर पारदर्शी हो जाता है। केबिन में पीली वॉर्म लाइट और नीली नाइट लाइट भी दी गई है। इसके अलावा, टाइप-C चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधा आधुनिक गैजेट इस्तेमाल करने वालों के लिए उपयोगी है।

ट्रेन में गर्म पानी से नहाने की सुविधा

प्रणय के वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा वॉशरूम है। यहां शॉवर की सुविधा के साथ गर्म पानी भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा में ऐसी व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी आरामदायक हो सकती है। यही वजह है कि ट्रेन का यह लग्जरी अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।

खाने को बताया बाकी ट्रेनों से बेहतर

केबिन देखने के बाद प्रणय को टेबल पर गर्मागर्म खाना परोसा जाता है। खाने का रिव्यू देते हुए वह कहते हैं कि यह पांच सितारा होटल जैसा तो नहीं है, लेकिन बाकी ट्रेनों के मुकाबले काफी अच्छा है। यानी सुविधाओं की तारीफ के साथ उन्होंने खाने को लेकर भी अपनी राय साफ रखी।

टिकट की कीमत पर लोगों की नजर

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रणय के वीडियो को पोस्ट होने के करीब 16 घंटे 30 मिनट में लगभग 30 लाख व्यूज मिले थे। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने ट्रेन की तारीफ की, तो कुछ ने टिकट की कीमत को लेकर चिंता जताई। लोगों ने 1,000 से 5,000 रुपये तक के अनुमान लगाए, हालांकि ये वास्तविक किराये की पुष्टि नहीं हैं।

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Vande Bharat Sleeper: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा! दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होगी स्लीपर वंदे भारत, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलव इस रूट पर जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर में किया जा सकता है। ट्रायल के बाद इसको दिवाली 2026 के आसपास नियमित चलाया जा सकता है। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के चलन से यात्रियों के समय की बचत होगी। इस ट्रेन को रात में चलाए जाने की योजाना बनाई गई है।

दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन हो सकती है। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू की गई है। वहीं इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है

कितने बजे चलेगी ट्रेन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत रात के समय वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक ट्रेन वाराणसी कैंट से रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच चलेगी और सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। सफर के दौरान ट्रेन प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर भी रुकेगी। प्रयागराज में रात करीब 10:45 बजे और कानपुर में सुबह लगभग 12:35 बजे ठहराव होने की संभावना है।

दिल्ली से वापसी के दौरान भी ये ट्रेन रातभर चलाई जा सकती है। प्रस्तावित समय के अनुसार स्लीपर वंदे भारत नई दिल्ली से रात करीब 9:20 से 10 बजे के बीच रवाना होकर अगले दिन सुबह लगभग 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। वहीं ट्रायल रन और रेलवे की तैयारियों के बाद ट्रेन के चलने और पहुंचने का समय बदला जा सकता है।

कहां-कहां होगा स्टॉपेज

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत ट्रेन वाराणसी कैंट से चलकर प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से यात्रियों को रात में भी इन शहरों के बीच आने-जाने का विकल्प मिल सकेगा। वहीं ट्रेन के अंतिम रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

ट्रेन में होंगे कुल 16 कोच

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। ट्रेन में कुल 16 कोच हो सकते हैं, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल रहने की संभावना है। इस ट्रेन में एक बार में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे।

कितने घंटे का होगा सफर

नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत की रफ्तार ट्रैक और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के हिसाब से करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत किए जा रहे सुधारों से इस रूट पर ट्रेन की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यात्रा का समय तय टाइमटेबल, स्पीड लिमिट और अन्य परिचालन स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल करीब 7 से 8 घंटे के रात के सफर का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन ट्रेन का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।

होगी कनेक्टिविटी बेहतर

दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत को लेकर रेलवे की तैयारियां जारी हैं। इस ट्रेन का परीक्षण अक्टूबर 2026 में किया जा सकता है और दिवाली के आसपास इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारी है। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे को मिलने की संभावना है। सेवा शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का एक नया और आरामदायक विकल्प मिलेगा। हालांकि, ट्रेन का नंबर, किराया और अंतिम टाइमटेबल अभी रेलवे की ओर से तय नहीं किया गया है।

किस रूट पर चलती है देश की इकलौती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? जानिए टाइमिंग, किराया और लग्जरी सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे की सबसे खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त क्रेज है। अगर आप भी इस हाई-स्पीड और लग्जरी स्लीपर ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि, फिलहाल पूरे देश में सिर्फ एक ही रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ऑपरेशनल है।

यह नई नवेली ट्रेन पूर्वी भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन से असम के कामाख्या जंक्शन, गुवाहाटी के बीच दौड़ती है। आइए आपको बताते हैं कि आप इसे कहां से पकड़ सकते हैं, इसका शेड्यूल और कितना है किराया।

कहां से कहां के लिए पकड़ सकते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575 / 27576) हावड़ा से कामाख्या के बीच 968 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करती है। अगर आप कोलकाता या उत्तर बंगाल के आसपास रहते हैं, तो आप इसे बांडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), और न्यू कूचबिहार स्टेशनों से पकड़ सकते हैं।

टाइमिंग और शेड्यूल

यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलती है और रातभर के सफर में आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देती है:

हावड़ा ➔ कामाख्या (ट्रेन 27575): हावड़ा से शाम 06:20 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:20 AM पर कामाख्या पहुंचती है (गुरुवार को छोड़कर)।

कामाख्या ➔ हावड़ा (ट्रेन 27576): कामाख्या से शाम 06:15 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:15 AM पर हावड़ा पहुंचती है (बुधवार को छोड़कर)।

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ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रीमियम एयरलाइन जैसा अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। आपकी यात्रा को बेहद आसान और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:

हाईटेक सस्पेंशन सिस्टम: ट्रेन में विशेष कपलर और सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे हाई-स्पीड में भी झटके महसूस नहीं होते और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ता।

एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ: इसके 3-टियर, 2-टियर और फर्स्ट एसी कोचों की बर्थ में अतिरिक्त फोम और कुशनिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो नॉर्मल ट्रेनों से काफी ज्यादा आरामदायक हैं।

सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के एंट्री गेट और इंटर-कोच दरवाजे ऑटोमैटिक सेंसर आधारित हैं।

मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट और शॉवर: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा और सभी कोचों में एंटी-बैक्टीरियल मॉड्यूलर टॉयलेट दिए गए हैं।

रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग प्वाइंट: हर बर्थ पर पर्सनल मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की सुविधा है।

इन्फोटेनमेंट और वाई-फाई: यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन मौजूद हैं।

कितना है किराया?

आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कोई भी स्लीपर या फिर जनरल कोच नहीं होता है। इसमें एसी- 3, एसी-2 और एसी फर्स्ट क्लास की सीटें है। इस लग्जरी ट्रेन का बेस फेयर कोच की कैटेगरी के हिसाब से ये है:

  • AC 3-Tier: ₹2,299 से शुरू
  • AC 2-Tier: ₹2,970 से शुरू
  • AC First Class: ₹3,640 से शुरू

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करती है, बल्कि यात्रियों को होटल जैसी सुख-सुविधाएं और सुरक्षा भी प्रदान करती है। जल्द ही भारतीय रेलवे अन्य रूटों पर भी दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है।

RAC यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब AC कोच में मिलेगी पूरी बेडरोल किट, रेलवे ने जारी किया निर्देश

ट्रेन के एसी कोच में RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने एसी कोच में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन) टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को लेकर नया निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन से कहा कि, RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी यात्रा के दौरान पूरी बेडरोल किट, यानी चादर, कंबल और तकिया समेत सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए। ये फैसला लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दोबारा स्पष्ट किया गया है, ताकि RAC यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रेल मंत्रालय ने बताया कि, उसे लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि RAC टिकट पर सफर करने वाले कई यात्रियों को चादर, कंबल और तकिया जैसी बेडरोल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं या पूरी किट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। RAC में दो यात्रियों को एक ही बर्थ पर यात्रा करनी पड़ती है, जब तक उन्हें कन्फर्म बर्थ नहीं मिल जाती।

RAC यात्रियों को मिले बेडरोल

रेल मंत्रालय ने साफ किया कि, एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी कोच में RAC टिकट पर सफर करने वाले हर यात्री को भी अन्य कन्फर्म यात्रियों की तरह पूरी बेडरोल किट दी जाए। मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन को निर्देश दिया कि, इस नियम का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को निर्देश दिया कि, मौजूदा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। मंत्रालय ने कहा कि, एसी कोच में यात्रा करने वाले सभी पात्र RAC यात्रियों को बिना किसी भेदभाव के चादर, कंबल और अन्य बेडरोल का सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि सभी को समान सुविधा मिल सके।

बेड ना मिलने पर किससे करे शिकायत

रेलवे का कहा कि, नए निर्देशों का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना कि RAC यात्रियों को भी यात्रा के दौरान पूरी बेडरोल सुविधा मिले और उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। अगर RAC टिकट पर एसी कोच में सफर के दौरान आपको चादर, कंबल या तकिया नहीं मिलता है, तो सबसे पहले कोच अटेंडेंट या टीटीई से इसकी मांग करें। यदि इसके बाद भी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो आप रेलवे के शिकायत पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।