Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: 01 नवंबर से शुरू होगी बेंगलुरू-मुंबई स्लीपर वंदे भारत, राज्योत्सव गिफ्ट से 8 घंटे कम हो जाएगा यात्रा का समय

Bengaluru-Mumbai Vande Bharat: बेंगलुरु और मुंबई के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को दक्षिण रेलवे इस कर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर बड़ी सौगात दे सकता है। अभी इन दोनों मेट्रो शहरों के बीच 1,118 km की दूरी तय करने में सबसे तेज उद्यान एक्सप्रेस को लगभग 24 घंटे लगते थे। लेकिन, इस कर्नाटक राज्योत्सव में यह बदल सकता है, क्योंकि साउथ वेस्टर्न रेलवे 1 नवंबर को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दे रहा है।

इस प्रस्तावित सेवा से दोनों शहरों के बीच सफर का समय 24 घंटे से घटकर लगभग 16 घंटे होने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक के बढ़ते यात्री ट्रैफिक के लिए रेल कनेक्टिविटी को और बढ़ाना जरूरी है, जिसमें बेंगलुरु को मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाली तेज ट्रेनें हों। कर्नाटक के लिए, 1 नवंबर का प्रस्ताव एक अच्छी शुरुआत हो सकता है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है, तो यह भारत के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले रेल नेटवर्क में एक बड़ा मील का पत्थर होगा।

16 घंटे में पूरा होगा 1,118 km का सफर

इस प्रस्तावित सेवा से 1,118 km का सफर लगभग 16 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है, जिससे सफर का समय लगभग आठ घंटे कम हो जाएगा। हालाकि, नियमित व्यावसायिक सेवा शुरू होने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। उम्मीद है कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहली स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन दक्षिण भारत में पहली वंदे भारत स्लीपर सर्विस होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित ट्रेन अक्टूबर में लॉन्च नहीं की जा सकी क्योंकि कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के लिए आचार संहिता लागू थी।

16 कोच की होगी ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में 16 कोच होंगे, 11 AC थ्री-टियर, चार AC टू-टियर और एक AC फर्स्ट-क्लास कोच, जिनकी कुल क्षमता 823 बर्थ होगी। सफर का किराया क्लास के आधार पर ₹2,600 और ₹4,250 के बीच होने की उम्मीद है, हालांकि फाइनल किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। प्रस्तावित रूट में ट्रेन मुंबई पहुंचने से पहले अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण से गुजरेगी।

‘हमें सिर्फ एक नहीं, बल्कि और ट्रेनों की जरूरत है’

एक शहरी यातायात विशेषज्ञ ने नाम न बताने की शर्त पर News18 से बात की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेवा का स्वागत है, लेकिन कर्नाटक को रेल नेटवर्क के और भी बड़े विस्तार की जरूरत है। एक्सपर्ट ने बड़ी संख्या में यात्रियों के बेंगलुरु आने-जाने की ओर इशारा किया। खासकर, छुट्टियों के दौरान देश भर के लोगों के लिए एक डेस्टिनेशन के रूप में शहर की खास स्थिति देखने को मिलती है। एक्सपर्ट ने तर्क दिया कि कर्नाटक को दशकों से रेलवे ने कम आंका है और उसे अलग-अलग रूटों पर कई सेवाओं की जरूरत है।

त्योहारों के मौसम में यात्रा की मांग तेजी से बढ़ती है और यात्रियों को अक्सर सस्ते टिकट खोजने में मुश्किल होती है। बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक तेज ट्रेन राहत दे सकती है, लेकिन शहर को दूसरी बड़ी जगहों से जोड़ने के लिए और ज्यादा सर्विस की जरूरत है।

कल का मौसम 21 अक्टूबर: इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, MP से लेकर केरल, आंध्र तक बदलेगा मौसम

24-कोच वंदे भारत स्लीपर का डिजाइन फाइनल होने की डेट आई सामने, जानिए कब पटरी पर दौड़ेगा स्लीपर वर्जन

Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। भारत की वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने वाले सुधांशु मणि ने भी इस पहल का स्वागत किया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने चार साल से ज्यादा की देरी के बाद इस ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा है।

चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने चार साल से भी पहले 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए तकनीकी जानकारी जारी की थी। अब ICF ने बताया है कि ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल कर लिया जाएगा। इसका पहला प्रोटोटाइप मई या जून 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।

फिलहाल, 16 कोच वाली दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चल रही हैं। इन ट्रेनों को यात्रियों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी यात्रियों की सुविधा वाली कई खूबियां

बता दें कि यह एक आधुनिक ट्रेन है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई खूबियां हैं। इनमें सेमी-हाई स्पीड, बेहतर कुशनिंग वाली आरामदायक बर्थ, आसानी से आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टिब्यूल, बेहतरीन सस्पेंशन और कम शोर के साथ आरामदायक सफर, और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए डिसइंफेक्टेंट तकनीक शामिल हैं।

मणि ने कहा, “ICF का नवंबर 2026 तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन फाइनल करने और 2027 के मध्य तक इसका प्रोटोटाइप तैयार करने का प्लान एक स्वागत योग्य और महत्वपूर्ण कदम है। देर से ही सही, लेकिन यह समय-सीमा बहुत अहम है।”

उन्होंने कहा, “इस समय-सीमा का पालन करने से ICF को अपनी मुख्य डिजाइन और निर्माण क्षमताओं का पूरा उपयोग करने, अधिकतम क्षमता वाली ट्रेनों के जरिए सीमित ट्रैक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लोगों को रात के सफर का वह प्रीमियम अनुभव देने में मदद मिलेगी, जिसकी वे उम्मीद करते हैं।”

2018 में ही महसूस होने लगी थी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जरूरत: मणि

मणि ने कहा कि 2018 में शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि आगे चलकर वंदे भारत प्लेटफॉर्म के लिए एक स्लीपर वेरिएंट की जरूरत पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “दिन के समय चलने वाली चेयर-कार सेवाओं का बाजार एक स्तर पर आकर रुकने ही वाला था, जिससे रात भर चलने वाली ट्रेनें एक जरूरी जरूरत बन गईं। आज की स्थिति से यह बात साबित भी होती है। वंदे भारत की दिन की सेवाओं में से 30 प्रतिशत तक में यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है।” उन्होंने कोच बनाने के क्षेत्र में ICF की ऐतिहासिक विरासत की भी तारीफ की।

देरी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में ICF ने 2019 के आखिर तक एक स्लीपर प्रोटोटाइप तैयार करने की योजना बनाई थी, लेकिन वंदे भारत प्रोजेक्ट में लगभग चार साल के ठहराव के कारण यह समय-सीमा पटरी से उतर गई।

वंदे भारत ट्रेन के कोच घटाकर 8 करने पड़े, देरी पर मणि ने उठाए सवाल

मणि ने तर्क दिया कि देरी के कारण एक ऐसा समझौता करना पड़ा जो आदर्श नहीं था: कुछ रूटों पर 16 कोच वाली सामान्य चेयर-कार ट्रेनों को घटाकर 8 कोच वाली ट्रेन सेट कर दिए गए। ऐसा शायद इसलिए किया गया ताकि सरकार द्वारा बताए गए उम्मीद भरे आंकड़ों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा, “चूंकि भारतीय रेलवे के रूटों पर बहुत अधिक भीड़ रहती है और ये काफी महंगे संसाधन हैं, इसलिए लंबी ट्रेनों के जरिए लाइन की क्षमता का अधिकतम उपयोग करना एक अहम प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने बताया कि विकास की गति बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने निजी क्षेत्र का रुख किया। इसके तहत ‘किनेट रेलवे सॉल्यूशंस’ (रेल विकास निगम लिमिटेड और रूस की TMH का एक संयुक्त उद्यम) को 120 स्लीपर ट्रेनों का ठेका दिया गया, और ‘टाटागढ़’ तथा ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ (BHEL) के एक समूह को 80 और रेक (ट्रेन सेट) बनाने का ठेका मिला। लेकिन, अनुबंध और डिजाइन से जुड़ी मंजूरियों में देरी के कारण इन निजी परियोजनाओं में विलंब हुआ। ऐसे में, काम को जल्द शुरू करने के लिए रेलवे ने 10 स्लीपर ट्रेन सेट का एक शुरुआती ऑर्डर दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह ऑर्डर ICF को नहीं, बल्कि ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को दिया गया।

मणि ने कहा, “देश अब ‘ओवरनाइट’ (रात भर चलने वाली) वंदे भारत सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत देख रहा है। BEML द्वारा बनाई गई एक ट्रेन ने कमर्शियल स्लीपर सेवा की सफल शुरुआत की है, जो हावड़ा और कामाख्या के बीच एक महत्वपूर्ण लंबी दूरी के रूट पर चल रही है।”

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, ICF की योजना – जिसके तहत नवंबर 2026 तक डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना है और 2027 के मध्य तक 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जाना है – एक स्वागत योग्य और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

यह भी पढ़ें: 1 साल में बदलेगी रांची की तस्वीर! 2.85 करोड़ से 100 जगहों पर बनेंगे ग्रीन पैच, जानिए अपने इलाके का प्लान

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे का तोहफा, दिल्ली-पटना के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्पेशल, जानें टाइम टेबल और रूट

Delhi-Patna Vande Bharat Train: दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए सफर करना अब थोड़ा आसान होने वाला है। ऐसा इसिलए क्योंकि बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच 16 कोच वाली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है।

रेलवे के मुताबिक, यह स्पेशल ट्रेन 16 अक्टूबर 2026 से चलनी शुरू होगी, और दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी। बता दें कि यह ट्रेन अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और बक्सर होते हुए चलेगी। वहीं, नई दिल्ली से पटना तक का सफर यह ट्रेन सिर्फ 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी।

इस ट्रेन में एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 4,695 रुपये और एसी चेयर कार का किराया 2,615 रुपये तय किया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्रा के मुताबिक, त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह ट्रेन अक्टूबर और नवंबर में तय तारीखों पर चलाई जाएगी।

ट्रेन चलने की तारीखें

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पहली बार 16 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक हर सोमवार, बुधवार और शनिवार को इसका संचालन किया जाएगा।

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

वापसी में यह ट्रेन 17 और 19 अक्टूबर 2026 को चलेगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक यह हर मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चलेगी।

टाइम टेबल और रूट

ट्रेन नंबर 02252: नई दिल्ली-पटना

यह ट्रेन सुबह 8:35 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और रात 9:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।

ट्रेन के स्टॉपेज और पहुंचने का समय

स्टेशनपहुंचने का समय
अलीगढ़सुबह 10:21 बजे
कानपुर सेंट्रलदोपहर 1:30 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:45 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनशाम 6:00 बजे
बक्सरशाम 7:26 बजे
आरारात 8:10 बजे
पटना जंक्शनरात 9:30 बजे

ट्रेन नंबर 02251: पटना-नई दिल्ली वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल

यह ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 10:00 बजे रवाना होगी और रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

टाइम टेबल और रूट

स्टेशनपहुंचने का समय
आरासुबह 10:38 बजे
बक्सरसुबह 11:25 बजे
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शनदोपहर 1:10 बजे
प्रयागराजदोपहर 3:35 बजे
कानपुर सेंट्रलशाम 5:50 बजे
अलीगढ़रात 8:53 बजे
नई दिल्लीरात 11:30 बजे

त्योहारों की भीड़ के दौरान तेज सफर

वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल दिल्ली-पटना का सफर लगभग 12 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी। इससे यात्रियों को साल के सबसे व्यस्त समय में सफर करने का एक तेज और आरामदायक विकल्प मिलेगा।

बता दें कि दीवाली और छठ के दौरान रेगुलर ट्रेनों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए, 16 कोच वाली इस हाई-स्पीड सर्विस के शुरू होने से हजारों और यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की बेहतर उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन महीने के भीतर इलेक्शन कराने के निर्देश

रेलवे की बड़ी तैयारी! जल्द दौड़ेगी 24 कोच वाली लंबी ‘वंदे भारत’ स्लीपर ट्रेन, जानें क्या होगा खास और कब तक होगी शुरू

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे अपनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत 24 कोच वाली नई ट्रेन बनाई जाएगी, जिसे लंबी दूरी के सफर और रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस नई ट्रेन को जून 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि नई ट्रेन में पहले के मुकाबले ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें पेंट्री कार यानी खाना तैयार करने और रखने की सुविधा, ज्यादा टॉयलेट और बेहतर इंटीरियर भी दिया जाएगा।

इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को तैयार करने की जिम्मेदारी चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को दी गई है। फैक्ट्री को ऐसी कुल 50 ट्रेनें बनानी हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन का डिजाइन अंतिम चरण में है और इसे अगले एक महीने के अंदर पूरा किए जाने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, नई ट्रेन मौजूदा 16-कोच वाले स्लीपर डिजाइन पर आधारित होगी, जिसमें अतिरिक्त कोच और ट्रेन के अंदर मिलने वाली सुविधाओं के लिए कुछ बदलाव किए जाएंगे। ICF ने पहले कहा है कि 24-कोच वाला वर्जन भारत में बनने वाली सबसे लंबी स्लीपर ट्रेन-सेट्स में से एक होगा।

भारतीय रेलवे की 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयारी

भारतीय रेलवे आने वाले सालों में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत 200 से ज्यादा स्लीपर ट्रेनें शुरू किए जाने की उम्मीद है। 24 कोच वाली नई ट्रेन भी इसी योजना का हिस्सा है। इसका मकसद लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और एक ट्रेन में ज्यादा यात्रियों के सफर की व्यवस्था करना है।

इस योजना के तहत फिलहाल तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। BEML, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) की मदद से 10 स्लीपर ट्रेनें बना रही है। वहीं, भारत और रूस की संयुक्त कंपनी Kinet को 120 ट्रेनें बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, Titagarh और BHEL का कंसोर्टियम 80 ट्रेनें तैयार करेगा। इन परियोजनाओं से अलग, ICF खुद भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक नया वर्जन विकसित कर रही है।

नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पेंट्री कार भी होगी। रिपोर्ट में बताए गए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के दूसरे डिजाइन में यह सुविधा नहीं है। पेंट्री कार की मदद से ट्रेन में खाने को गर्म करने और यात्रियों को परोसने की व्यवस्था की जा सकेगी।

इसके अलावा, ICF ट्रेन के इंटीरियर को बेहतर बनाने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, डिजाइन को अंतिम रूप देने का काम अभी जारी है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: कोच और बनावट

वंदे भारत स्लीपर के प्रोटोटाइप में 16 पैसेंजर कोच होंगे, जिनमें 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं।

24-कोच वाले प्रस्तावित वर्जन से यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी। बड़ी ट्रेन के हिसाब से टॉयलेट की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।

स्पीड और यात्रियों के आराम का रखा गया ध्यान

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 160 kmph तक की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, और इसकी टेस्टिंग स्पीड 180 kmph है। हालांकि, अभी भारतीय रेलवे का ज्यादातर नेटवर्क इतनी स्पीड पर ट्रेनों को चलाने के लिए तैयार नहीं है।

यूरोपीय ट्रेनों से प्रेरणा लेते हुए, स्लीपर वर्जन में आरामदायक बर्थ होंगी ताकि रात भर के सफर में आराम मिल सके। ऊपर की बर्थ तक पहुंचने के इंतजामों को भी फिर से डिजाइन किया गया है ताकि उन पर चढ़ना आसान हो।

अन्य सुविधाओं में हर यात्री के लिए अलग रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल शामिल हैं। इसके अंदरूनी हिस्से में ग्लास-फाइबर-रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (GFRP) पैनल लगाए जाएंगे।

आधुनिक टॉयलेट और ट्रेन के अंदर की सुविधाएं

इस ट्रेन में हवाई जहाजों की तरह आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट होंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए बने टॉयलेट में बच्चों की देखभाल के लिए एक स्टेशन भी होगा।

AC फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा होगी। रात के समय खास लाइटिंग, विजुअल डिस्प्ले वाला इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV कैमरे और मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट भी ट्रेन के अंदर दी जाने वाली सुविधाओं का हिस्सा हैं।

वहीं, 24-कोच वाले वर्जन में प्रस्तावित पैंट्री कार से यात्रा के दौरान खाना गर्म करके परोसा जा सकेगा, जिससे ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी मिल जाएगी।

सुरक्षा सिस्टम और एनर्जी एफिशिएंसी

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत में बना ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों के बीच टक्कर होने के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, ट्रेन में रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रेन के ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी।

ट्रेन के कोच के बीच अपने आप खुलने और बंद होने वाले दरवाजे लगाए जाएंगे। वहीं, कोच के बीच बंद रास्ते (सील्ड गैंगवे) बनाए जाएंगे, ताकि बाहर की धूल कम अंदर आए और ट्रेन के भीतर तापमान बनाए रखने में मदद मिले।

ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी होगा, जिससे कोच की गतिविधियों और जरूरी सिस्टम पर नजर रखी जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में यात्री इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए ट्रेन के ड्राइवर से संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा, तय स्टेशनों पर ट्रेन के दरवाजे अपने आप खुलने की व्यवस्था भी होगी।

24 कोच वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए भारतीय रेलवे यात्रियों को ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह योजना देश में वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

यह भी पढ़ें: वाराणसी में 100 KM/h की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां! ₹25500 करोड़ के गंगा-वरुणा कॉरिडोर का काम 2027 से शुरू

Vande Bharat Sleeper: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा! दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होगी स्लीपर वंदे भारत, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलव इस रूट पर जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर में किया जा सकता है। ट्रायल के बाद इसको दिवाली 2026 के आसपास नियमित चलाया जा सकता है। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के चलन से यात्रियों के समय की बचत होगी। इस ट्रेन को रात में चलाए जाने की योजाना बनाई गई है।

दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन हो सकती है। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू की गई है। वहीं इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है

कितने बजे चलेगी ट्रेन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत रात के समय वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक ट्रेन वाराणसी कैंट से रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच चलेगी और सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। सफर के दौरान ट्रेन प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर भी रुकेगी। प्रयागराज में रात करीब 10:45 बजे और कानपुर में सुबह लगभग 12:35 बजे ठहराव होने की संभावना है।

दिल्ली से वापसी के दौरान भी ये ट्रेन रातभर चलाई जा सकती है। प्रस्तावित समय के अनुसार स्लीपर वंदे भारत नई दिल्ली से रात करीब 9:20 से 10 बजे के बीच रवाना होकर अगले दिन सुबह लगभग 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। वहीं ट्रायल रन और रेलवे की तैयारियों के बाद ट्रेन के चलने और पहुंचने का समय बदला जा सकता है।

कहां-कहां होगा स्टॉपेज

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत ट्रेन वाराणसी कैंट से चलकर प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से यात्रियों को रात में भी इन शहरों के बीच आने-जाने का विकल्प मिल सकेगा। वहीं ट्रेन के अंतिम रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

ट्रेन में होंगे कुल 16 कोच

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। ट्रेन में कुल 16 कोच हो सकते हैं, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल रहने की संभावना है। इस ट्रेन में एक बार में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे।

कितने घंटे का होगा सफर

नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत की रफ्तार ट्रैक और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के हिसाब से करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत किए जा रहे सुधारों से इस रूट पर ट्रेन की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यात्रा का समय तय टाइमटेबल, स्पीड लिमिट और अन्य परिचालन स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल करीब 7 से 8 घंटे के रात के सफर का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन ट्रेन का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।

होगी कनेक्टिविटी बेहतर

दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत को लेकर रेलवे की तैयारियां जारी हैं। इस ट्रेन का परीक्षण अक्टूबर 2026 में किया जा सकता है और दिवाली के आसपास इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारी है। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे को मिलने की संभावना है। सेवा शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का एक नया और आरामदायक विकल्प मिलेगा। हालांकि, ट्रेन का नंबर, किराया और अंतिम टाइमटेबल अभी रेलवे की ओर से तय नहीं किया गया है।

वंदे भारत ने निकाली 180 Kmph की गजब की रफ्तार! मथुरा-नागदा रूट पर 16-कोच ट्रेन के ट्रायल की फुल रिपोर्ट

इंडियन रेलवे की नई वंदे भारत चेयर कार ट्रेन ने मथुरा-नागदा सेक्शन पर 180 km/h की स्पीड से सफल ट्रायल रन पूरा किया। 16 कोच वाली वंदे भारत चेयर कार ट्रेन को पंजाब के कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में बनाया गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार यह ट्रायल 8 अक्टूबर, 2026 को चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CCRS) की देख रेख में हुआ।

एडवांस्ड प्रोपल्शन सिस्टम से लैस इस ट्रेन की हाई-स्पीड परफॉर्मेंस, ऑपरेशनल क्षमता और सुरक्षा की जांच की गई, जो भारत की आधुनिक रेलवे मैन्युफैक्चरिंग यात्रा में एक अहम पड़ाव है। CCRS इंस्पेक्शन का सफल होना एडवांस्ड वंदे भारत ट्रेनों के विकास में एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत में आधुनिक रेलवे मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमताओं को दिखाता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि 180 km/h की स्पीड पर ट्रायल पूरा करने का मतलब यह नहीं है कि रेगुलर पैसेंजर सर्विस के दौरान ट्रेन इसी स्पीड से चलेगी। अभी वंदे भारत ट्रेन 130 से 160 km/h की स्पीड से चलेगी, लेकिन आगे चलकर यह 180 km/h की स्पीड तक पहुंच जाएगी।

वंदे भारत ट्रेन की खासियतें

नई बनी वंदे भारत ट्रेन में आरामदायक और पीछे की ओर झुकने वाली (रिक्लाइनिंग) सीटें हैं, जिनमें पैर फैलाने के लिए काफी जगह है। इसमें बड़ी पैनोरमिक खिड़कियां हैं, जिनसे बाहर का नजारा साफ दिखता है और प्राकृतिक रोशनी आती है। साथ ही इसमें जीरो-डिस्चार्ज बायो-वैक्यूम टॉयलेट हैं, यानी इनसे कोई कचरा बाहर नहीं निकलता।

इस ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे और एक स्मूथ सस्पेंशन सिस्टम भी है, जिससे झटके और कंपन कम महसूस होते हैं। इसके एयर-कंडीशंड कोच यात्रियों की संख्या के हिसाब से तापमान को एडजस्ट करने और पूरी यात्रा के दौरान आरामदायक तापमान बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर-फ्रेंडली खास टॉयलेट भी बनाए गए हैं।

RCF कपूरथला ने कोच बनाने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया

फाइनेंशियल ईयर 2025–26 में, RCF कपूरथला ने 2,383 कोच बनाकर अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना प्रोडक्शन हासिल किया। इस फैक्ट्री ने मॉडर्न रेलवे कोच बनाने के एक अहम केंद्र के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। यह एडवांस्ड ट्रेनसेट के विकास में योगदान दे रही है और वंदे भारत व अमृत भारत जैसी एडवांस्ड ट्रेनों के लिए मॉडर्न कोच बना रही है।

इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है और इसके बनाए रेलवे कोच एशिया और अफ्रीका के कई देशों में एक्सपोर्ट किए गए हैं। अब तक सभी वंदे भारत ट्रेनें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनाई गई हैं।

दिल्ली से UP-बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत? दिवाली-छठ पर चलेगी वंदे भारत स्पेशल, जानें पूरा शेड्यूल

Vande Bharat Special Train: दिवाली और छठ महापर्व के दौरान दिल्ली से उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, भारतीय रेलवे ने त्योहारों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली-पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित ट्रेन करीब 994 किलोमीटर का सफर लगभग 13 घंटे में पूरा कर सकती है। हालांकि, अभी ट्रेन के संचालन को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद ही इसके चलने की तारीख, समय और अन्य जानकारी साफ होगी।

यूपी के कई स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

अगर इस वंदे भारत स्पेशल को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन का विकल्प मिल सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, ट्रेन नई दिल्ली से चलकर अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रुकेगी। इसके बाद ट्रेन बक्सर और आरा होते हुए पटना पहुंचेगी। यानी दिल्ली से कानपुर, प्रयागराज, अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन काफी काम की हो सकती है।

दीपावली और छठ के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से दिल्ली से यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों में काफी दबाव रहता है। ऐसे में अगर रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलती है, तो यह वंदे भारत स्पेशल त्योहार के समय यात्रियों को भीड़ से राहत देने और सफर के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देने में मदद कर सकती है।

21 अक्टूबर से संचालन का प्रस्ताव, त्योहार में बढ़ेंगे विकल्प

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पहली ट्रेन जोड़ी 02252/02251 को नई दिल्ली से 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलाने का प्रस्ताव है। वापसी में पटना से यह ट्रेन 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चल सकती है। इसके अलावा, 02253/02254 ट्रेन जोड़ी चलाने का भी प्रस्ताव है। मंजूरी मिलने पर त्योहारों के दौरान दिल्ली से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त ट्रेन का विकल्प मिलेगा। हालांकि, अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।

कब-कब चलेगी वंदे भारत स्पेशल?

प्रस्ताव के मुताबिक, वंदे भारत स्पेशल नई दिल्ली से सुबह 8:35 बजे रवाना होकर दोपहर करीब 2:45 बजे प्रयागराज पहुंच सकती है। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा होते हुए ट्रेन रात करीब 9:30 बजे पटना पहुंचने का प्रस्ताव है।

वापसी में ट्रेन पटना से सुबह 10 बजे चलकर दोपहर 3:35 बजे प्रयागराज और रात करीब 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंच सकती है। मंजूरी मिलने पर यह टाइमिंग दिल्ली और यूपी के बीच सफर करने वालों के लिए एक और विकल्प दे सकती है।

दिल्ली-यूपी सफर के लिए कितना देना होगा किराया

प्रस्ताव के मुताबिक, नई दिल्ली से पटना तक एसी चेयर कार का किराया भोजन सहित करीब 2,575-2,600 रुपये हो सकता है। वहीं, एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया करीब 4,650-4,680 रुपये रहने का अनुमान है।

हालांकि, यह अभी प्रस्तावित किराया है। अंतिम किराया रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद तय होगा। वहीं, दिल्ली से कानपुर या प्रयागराज तक जाने वालों का किराया अलग होगा, जिसकी सही जानकारी बुकिंग शुरू होने पर IRCTC पर मिलेगी।

Vande Bharat Viral Photos: वंदे भारत ट्रेन में जंग लगे टॉयलेट और गंदगी देखकर भड़का, फिर रेलवे ने दी ये सफाई

अहमदाबाद। वंदे भारत एक्सप्रेस की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ट्रेन की साफ-सफाई और मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठने लगे। तस्वीरों में ट्रेन का बाहरी हिस्सा गंदा, कुछ कांच के पैनल टूटे हुए और टॉयलेट के कुछ हिस्सों में जंग लगी दिखाई दे रही थी। जियोलॉजिस्ट हिमांशु मुखर्जी ने 2 अक्टूबर को X (formerly Twitter) पर फोटोज शेयर की थीं।

मुखर्जी के अनुसार, ये तस्वीरें ट्रेन नंबर 26901 की हैं, जो साबरमती से वेरावल के बीच चलती है। उन्होंने ट्रेन की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी सफाई और देखभाल ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन और रेल मंत्रालय को टैग कर मामले पर ध्यान देने की मांग की।

तस्वीरें सामने आने के बाद ट्रेन की सफाई और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। मुखर्जी ने कहा कि वंदे भारत जैसी ट्रेन की ऐसी हालत देखकर उन्हें अच्छा नहीं लगा। साबरमती-वेरावल वंदे भारत मई 2025 में शुरू हुई थी और यह अहमदाबाद को सौराष्ट्र से जोड़ती है।

ये रहा रेलवे का जवाब

सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद अहमदाबाद के DRM ने इस पर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टाफ ने ट्रेन के बताए गए हिस्सों की जांच की और जरूरी सफाई व मरम्मत का काम कर दिया।

  • ट्रेन की जांच हुई: लोकल रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन के डिब्बों का इंस्पेक्शन किया और दिखने वाली कमियों को ठीक किया।
  • पैसेंजर से अपील: रेलवे ने पैसेंजर से भी सफर के दौरान ट्रेन में सफाई रखने और कचरा सही जगह पर डालने की अपील की।

Surat-Udaipur Vande Bharat Express: नई वंदे भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू! जानिए इसका टाइम-टेबल, रूट, स्टॉपेज और किराए की सारी डिटेल

Surat-Udaipur Vande Bharat Express: नई वंदे भारत ट्रेन सूरत और उदयपुर के बीच चलेगी। इस ट्रेन में यात्रा करने का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सूरत और उदयपुर के बीच प्रस्तावित नई वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए बुकिंग गुरुवार, 1 अक्टूबर को शुरू हो गई है। इससे यात्रियों को दक्षिण गुजरात और राजस्थान के बीच तेज सेमी-हाई-स्पीड रेल कनेक्शन मिलेगा।

पश्चिमी रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने बताया कि ट्रेन संख्या 26903/26904 के लिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर और IRCTC वेबसाइट के जरिए रिजर्वेशन शुरू हो गए हैं। नई वंदे भारत सेवा मंगलवार को छोड़कर, हफ्ते में सीभी छह दिन चलेगी। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह ट्रेन सूरत और उदयपुर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी और बिजनेस, टूरिज्म और दूसरे कामों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा पहुंचाएगी।

कब शुरू होगी सूरत-उदयपुर वंदे भारत?

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस इस वीकेंड से चलना शुरू होगी। सूरत-उदयपुर ट्रेन (26903) रविवार, 4 अक्टूबर को सूरत से अपनी पहली यात्रा शुरू करेगी, जबकि वापसी उदयपुर-सूरत सर्विस (26904) शनिवार, 3 अक्टूबर से शुरू होगी।

वंदे भारत ट्रेन का समय क्या है?

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 690 km का सफर करीब साढ़े सात घंटे में पूरा करेगी।

ट्रेन (26903) सूरत से सुबह 6:10 बजे निकलेगी और उसी दिन दोपहर 1:40 बजे उदयपुर पहुंचेगी।

वापसी वाली ट्रेन (26904) उदयपुर से दोपहर 3:35 बजे निकलेगी और रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी।

सूरत से यात्रा करने वाले यात्री दोपहर तक उदयपुर पहुंच सकेंगे, जबकि राजस्थान से लौटने वाले यात्री देर रात सूरत पहुंच सकते हैं।

स्टेशन जहां ट्रेन रुकेगी

वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों दिशाओं में नौ स्टेशनों पर रुकेगी।

स्टॉपेज में भरूच, वडोदरा, आनंद, मणिनगर, असरवा (अहमदाबाद), हिम्मतनगर, शामलाजी रोड, डूंगरपुर और जावर शामिल हैं।

यह सेवा वडोदरा, आणंद और अहमदाबाद सहित गुजरात के बड़े शहरों से यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी देगी, साथ ही उदयपुर और राजस्थान के दूसरे हिस्सों तक पहुंच को बेहतर बनाएगी।

NEET PG 2026 Scorecard: नीट पीजी का स्कोरकार्ड और आंसरकी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी, जानें कैसे करना है डाउनलोड

Vande Bharat Update: क्या वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन को सप्ताह में सातों दिन चलाया जाएगा? अब इस नई तैयारी में उत्तर रेलवे

वाराणसी। वंदे भारत से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस (22435/22436) को अब हफ्ते के सातों दिन चलाने की तैयारी है। उत्तर रेलवे ने दोनों ट्रेनों के ऑफ-डे खत्म करने का प्रपोजल तैयार किया है। इसका मकसद ट्रेनों को पूरे सप्ताह चलाना है, ताकि पैसेंजर को किसी एक दिन सर्विस बंद होने की परेशानी न हो।

अभी यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलती है और गुरुवार को इसका संचालन नहीं होता। अगर उत्तर रेलवे के प्रपोजल को मंजूरी मिलती है तो गुरुवार को भी यात्रियों को इस ट्रेन की सर्विस मिल सकेगी।

हफ्ते में एक दिन क्यों रुकती है वंदे भारत?

वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर अभी दो वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं।

– 22435/22436 – गुरुवार को बंद

– 22415/22416 – मंगलवार को बंद

ये दोनों ट्रेनें प्रयागराज होकर जाती हैं, इसलिए प्रयागराज के यात्रियों को भी इन दो दिनों में वंदे भारत नहीं मिलती। बंद रहने की वजह मेंटेनेंस है।

मेंटेनेंस के लिए तैयार किया गया नया प्लान

गुरुवार को भी ट्रेन चलाने के लिए मेंटेनेंस की समस्या को दूर करना जरूरी था। इसके लिए उत्तर रेलवे ने 20 कोच वाले एक अतिरिक्त रैक के रोटेशन की प्लानिंग बनाई है।

प्लान के मुताबिक, जिस दिन रैक की मेंटेनेंस होगी, उस दिन अतिरिक्त रैक को रूट पर चला दिया जाएगा। इससे मेंटेनेंस भी होता रहेगा और यात्रियों को ट्रेन की सर्विस भी बंद नहीं करनी पड़ेगी।

दिवाली से पहले मिल सकती है हरी झंडी

इस प्रपोजल की समीक्षा उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में चल रही है। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के सीजन और दिवाली से पहले इस पर फैसला लिया जा सकता है। मंजूरी मिलते ही वाराणसी-प्रयागराज-नई दिल्ली रूट पर वंदे भारत पूरे हफ्ते दौड़ेगी।