Sleeper Vande Bharat में सफर का सपना होगा पूरा? जानें दिल्ली-वाराणसी रूट, टाइमिंग और स्टॉपेज की पूरी जानकारी

भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है। नई दिल्ली और वाराणसी के बीच Sleeper Vande Bharat Express चलाने की योजना बनाई जा रही है। प्रस्तावित ट्रेन रात में सफर कर यात्रियों को सुबह मंजिल तक पहुंचा सकती है। इस रूट में प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहर भी शामिल होंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन का ट्रायल जल्द शुरू होने की संभावना है और इसे दिवाली के आसपास चलाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर योजना समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का नया विकल्प मिल सकता है।

दिल्ली-वाराणसी के साथ प्रयागराज और कानपुर भी जुड़ेंगे

प्रस्तावित ट्रेन सिर्फ दिल्ली और वाराणसी के बीच नहीं दौड़ेगी। इसके रास्ते में प्रयागराज और कानपुर भी शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के इन प्रमुख शहरों से बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली और वाराणसी की यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेन का रूट चार बड़े शहरों को एक साथ जोड़ने वाला होगा।

रात में चलेगी ट्रेन, सुबह पहुंचाएगी मंजिल तक

प्रस्तावित टाइमिंग के अनुसार, वाराणसी कैंट से ट्रेन रात 9:20 बजे रवाना होकर करीब 10:45 बजे प्रयागराज और 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद सुबह करीब 5 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव है। वापसी में भी नई दिल्ली से ट्रेन रात 9:20 बजे चलकर सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। यानी यात्रियों को रात में सफर करने और सुबह अपनी मंजिल पर पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

160 kmph तक पहुंच सकती है रफ्तार

Sleeper Vande Bharat को 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाने की योजना है। हालांकि वास्तविक स्पीड ट्रैक की स्थिति, ट्रायल और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी। रेलवे के Mission Raftaar के तहत ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होने पर इस रूट पर सफर का समय कम करने में मदद मिल सकती है।

823 यात्रियों के लिए होगी जगह

प्रस्तावित ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और इनमें करीब 823 यात्रियों के बैठने-सोने की क्षमता होगी। कोच की संभावित संरचना में 11 AC 3-टियर, चार AC 2-टियर और एक First AC कोच शामिल होंगे। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी Northern Railway संभाल सकती है।

किराया कितना होगा? अभी इंतजार

ट्रेन की चर्चा और प्रस्तावित टाइमिंग सामने आने के बावजूद अभी किराया, ट्रेन नंबर और नियमित संचालन की आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है। ट्रेन की अंतिम गति और शेड्यूल भी ट्रायल के बाद स्पष्ट होगा। इसलिए यात्रियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

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दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के लिए 6 MMI प्लान, मां आनंदमयी मार्ग एलिवेटेड रोड और मुकरबा चौक प्रोजेक्ट मंजूर, इनकी डिटेल जानिए

दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आज यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (UTTIPEC) की 70वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई। इस दौरान, DMRC के छह MMI प्रोजेक्ट्स और PWD, GNCTD के दो सड़क प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई।

बता दें कि बैठक में DDA, GNCTD, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DMRC, PWD, MCD, NDMC, भारतीय रेलवे, NCRTC और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इन 6 मेट्रो स्टेशनों के MMI प्लान को मिली मंजूरी

बैठक में मंजूर किए गए छह मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (MMI) प्लान में येलो लाइन पर GTB नगर मेट्रो स्टेशन, वायलेट लाइन पर सरिता विहार मेट्रो स्टेशन, ब्लू लाइन पर अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन, रेड लाइन पर रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन, येलो लाइन पर मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन पर शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

300 मीटर के दायरे में सुधरेगी कनेक्टिविटी

MMI प्लान के तहत मेट्रो जैसे मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम स्टेशन के आसपास करीब 300 मीटर के क्षेत्र को कवर किया जाता है। इन प्लान का मकसद मेट्रो और RRTS जैसे ट्रांजिट स्टेशनों तक लोगों की पहुंच आसान बनाना और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। इसके अलावा पैदल चलने की सुविधा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यात्रियों के लिए जरूरी दूसरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है। बता दें कि DMRC ने दिल्ली में फेज-1 और फेज-2 के मेट्रो कॉरिडोर के 31 स्टेशनों के लिए MMI प्लान तैयार किए थे। इन छह प्लान को मंजूरी मिलने के साथ ही अब UTTIPEC ने सभी 31 MMI प्लान को मंजूरी दे दी है।

दक्षिणी दिल्ली में बनेगा 5.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

बैठक में मां आनंदमयी मार्ग पर आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड तक प्रस्तावित छह लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास एक अंडरपास और गोलचक्कर (राउंडअबाउट) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। दक्षिणी दिल्ली में बनने वाले इस एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर आउटर रिंग रोड को महरौली-बदरपुर रोड से जोड़ेगा।

मां आनंदमयी मार्ग पर जाम से मिलेगी राहत

प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर, मां आनंदमयी मार्ग पर लगभग 12 चौराहों को बायपास करेगा। इसका मकसद ओखला फेज-1 और फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया से आने वाले मिले-जुले ट्रैफिक की वजह से होने वाली भीड़ को कम करना है। क्राउन प्लाजा चौराहे पर प्रस्तावित अंडरपास और गोलचक्कर से ओखला एस्टेट मार्ग पर गाड़ियों की भीड़ कम करने में और मदद मिलेगी। जमीन के स्तर पर ट्रैफिक कम होने से, इस प्रोजेक्ट के तहत मां आनंदमयी मार्ग पर पैदल चलने वालों और बिना मोटर वाले वाहनों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा भी मिलेगी।

मुकरबा चौक पर जाम कम करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट

बैठक में मंजूर किया गया दूसरा रोड प्रोजेक्ट उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मुकरबा चौक पर भीड़ कम करने से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में आउटर रिंग रोड पर मौजूद रोड ओवर ब्रिज (ROB) को छह लेन से बढ़ाकर 10 लेन का करना हैं। इसके अलावा, दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने के लिए चार लेन का नया ROB बनाया जाएगा।

मौजूदा ROB को चौड़ा करने का मकसद मुकरबा चौक और मधुबन चौक के बीच आउटर रिंग रोड से सफर करने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। वहीं, जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने वाली प्रस्तावित नई सड़क से मुकरबा चौक से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है। इन प्रोजेक्ट्स से मुकरबा चौक के पास NH-44 पर भी ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी।

इन प्रोजेक्ट्स से दिल्ली में सफर होगा आसान और सुरक्षित

बैठक में मंजूर किए गए इन सभी प्रोजेक्ट्स से मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पैदल चलने वालों के लिए आखिरी मील तक पहुंचना आसान और सुरक्षित होगा, और दिल्ली के कुछ अहम ट्रैफिक पॉइंट्स पर जाम कम होगा। सड़क से जुड़े इन उपायों से आने-जाने वालों के लिए सफर आसान होने की उम्मीद है, जबकि MMI प्लान पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आसपास के इलाकों के बीच कनेक्शन को मजबूत करेंगे। कुल मिलाकर, ये उपाय दिल्ली के लोगों के लिए रोजाना के सफर को ज्यादा कुशल, सुरक्षित और बेहतर कनेक्टिविटी वाला बनाने में मदद करेंगे।

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Vande Bharat Depot: टाटानगर में बनेगा वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो, जानिए ₹383 करोड़ के प्रोजेक्ट से क्या बदलेगा

Vande Bharat Depot: बीजेपी सांसद विद्युत बरन महतो ने शुक्रवार को बताया कि रेलवे बोर्ड ने जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन कोच के लिए 383.78 करोड़ रुपये के मेंटेनेंस डिपो को मंज़ूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से स्टेशन के मौजूदा मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा और हाई-स्पीड ट्रेन ऑपरेशन के लिए सपोर्ट मजबूत होगा।

महतो ने कहा कि रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट) सुमित कुमार ने एक औपचारिक सूचना के जरिए यह मंज़ूरी दी। यह डिपो लोको कॉलोनी इलाके में टाटानगर के मौजूदा कोचिंग डिपो का विस्तार करके बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सुविधा से मेंटेनेंस क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी।

महतो ने बताया कि साउथ ईस्टर्न रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन द्वारा जमा किए गए टेक्निकल प्रपोजल की रेलवे बोर्ड द्वारा समीक्षा के बाद इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी गई। इस सुविधा में वंदे भारत चेयर कार और स्लीपर रेक के टेक्निकल इंस्पेक्शन, रूटीन मेंटेनेंस और जल्दी धुलाई के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।

अभी वंदे भारत एक्सप्रेस सर्विस टाटानगर से बिहार में पटना और ओडिशा में बेरहामपुर के लिए चलती हैं। प्रस्तावित डिपो इन ट्रेनों के लिए खास मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा और भविष्य में टाटानगर से हाई-स्पीड सर्विस के विस्तार में मदद कर सकता है।

रोजगार और क्षमता में बढ़ोतरी

महतो ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके पैदा होंगे और इलाके में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़ी सेवाओं को भी मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा स्टेशन पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए महतो ने ‘पीएम गति शक्ति’ योजना के तहत टाटानगर में चार और प्लेटफॉर्म और एक लूप लाइन बनाने का प्रस्ताव दिया है। 482 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर अभी रेलवे बोर्ड विचार कर रहा है।

Vande Bharat Patna: गुड न्यूज! गोरखपुर-पटना के बीच दौड़ेगी ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस! गोपालगंज-मशरख रूट से जोड़ने की मांग, जानें- सबकुछ

Vande Bharat Gorakhpur-Patna News: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करने को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार (16 सितंबर) को दिल्ली में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिहार से जुड़ी ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ समेत कई ट्रेनों को चलाने को लेकर अपनी मांगों को सामने रखा। इनमें पटना-थावे इंटरसिटी के समय में बदलाव, यात्रा समय कम करने, गोरखपुर-पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग की। इसके साथ ही गोपालगंज-मशरख के रास्ते नई रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की भी मांग प्रमुख रही।

सुबह 5 बजे पटना से चले इंटरसिटी

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा मंत्री ने राजधानी पटना-थावे इंटरसिटी के समय में बदलाव का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मांग की है कि इस प्रमुख ट्रेन को पटना जंक्शन से सुबह 5 बजे रवाना किया जाए। जबकि थावे जंक्शन से शाम 7 बजे वापसी के लिए चलाया जाए।

फिलहाल, पटना-थावे इंटरसिटी पटना से दोपहर 12:10 बजे रवाना होती है। जबकि शाम 7 बजे थावे पहुंचती है। वापसी के दौरान ये ट्रेन 8:05 बजे थावे से चलकर सुबह 3:20 बजे पटना पहुंचती है। मंत्री ने ट्रेन की यात्रा अवधि कम करने की भी मांग की है, ताकि यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।

गोरखपुर-पटना के बीच ‘वंदे भारत’ चलाने की मांग

मुलाकात के दौरान मिथिलेश तिवारी ने गोरखपुर से पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित कनेक्टिविटी में गोरखपुर-गोपालगंज-मशरख होते हुए पटना को जोड़ने की बात कही गई है। इससे इस क्षेत्र के ट्रेन यात्रियों को तेज रेल सेवा मिलने के साथ-साथ गोपालगंज और आसपास के इलाकों की पटना तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

सिधवलिया में ‘ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस’ के ठहराव की मांग

शिक्षा मंत्री ने ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस का सिधवलिया स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके अलावा ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत बैकुंठपुर और सिधवलिया रेलवे स्टेशनों के विकास का मुद्दा भी रेल राज्य मंत्री के सामने रखा गया। स्टेशनों के विकास से यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र में रेल सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।

दिघवा दुबौली में ROB-RUB निर्माण तेज करने की मांग

इस बैठक में दिघवा दुबौली में रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई। मंत्री ने इन परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया, ताकि स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों को आवागमन में राहत मिल सके।

रेल कनेक्टिविटी से जुड़े कई मुद्दे एक साथ उठे

मिथिलेश तिवारी ने बैठक में क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी, ट्रेनों के समय में सुधार, नए रूट्स पर तेज रेल सेवा, स्टेशनों के विकास और जरूरी रेल प्रोजेक्ट्स को और रफ्तार देने से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया। बताया जा रहा है कि अब इन प्रस्तावों पर रेल मंत्रालय की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर बिहार के लोगों की नजर बनी रहेगी।

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Stocks to Watch : 16 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, फिनटेक स्टॉक्स पर भी खास नजर

Stocks to Watch: बुधवार, 16 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। Bharat Forge से लेकर BHEL और Sonata Software तक कई कंपनियों ने अहम कारोबारी अपडेट दिए हैं। वहीं, UPI पर MDR लागू होने के बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स भी नजर में रहेंगे। आइए जानते हैं 16 सितंबर को किन 13 शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी।

Bharat Forge

डिफेंस और ऑटो सेक्टर की कंपनी Bharat Forge ने RTX की Pratt & Whitney Canada के साथ हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियां DRDO के HALE UAV प्रोग्राम में एडवांस्ड टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावना तलाशेंगी।

Sonata Software

आईटी सेक्टर की कंपनी Sonata Software ने Amazon Web Services (AWS) के साथ पांच साल का Strategic Collaboration Agreement किया है। कंपनी की घरेलू इकाई Sonata Information Technology Limited इस समझौते पर काम करेगी।

BHEL

सरकारी पावर और इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने Titagarh Rail Systems के साथ ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह JV Vande Bharat Sleeper Trainsets की व्यापक मेंटेनेंस का काम करेगा। दोनों कंपनियां इन ट्रेनों की 35 साल तक देखरेख करेंगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures में ब्लॉक डील की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक Peak XV Partners Investments VI-1 और Sequoia Capital Global Growth Fund III – U.S./India Annex Fund अपने शेयर बेच सकते हैं। इस डील के लिए ₹191.45 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस बताया गया है।

Vedanta

माइनिंग सेक्टर की कंपनी Vedanta 18 सितंबर को कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक करेगी। इसमें Non-Convertible Debentures यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार होगा। कंपनी इन NCDs को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी करने की तैयारी कर रही है।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) को करीब ₹144.98 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर की वैल्यू में GST शामिल नहीं है। कंपनी को NEEPCO, SAIL, ED और Damodar Valley Corporation से ये काम मिले हैं।

Blue Star

होम अप्लायंस सेक्टर की कंपनी Blue Star ने बताया कि Oman की W.J. Towell & Co LLC ने Dubai Court of Appeal का रुख किया है। कंपनी ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को रद्द करने की मांग की है। इस अवॉर्ड में Blue Star के खिलाफ किए गए सभी दावों को खारिज कर दिया गया था।

Tata Communications

टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी Tata Communications की कनाडा स्थित सब्सिडियरी TC Canada और Canada Revenue Agency के बीच एक समझौते पर सहमति बनी है। यह समझौता टैक्स दावों से जुड़ा है। ये दावे TC Canada की इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज से हुई आय से संबंधित हैं।

GMR Airports

एयरपोर्ट सेक्टर की कंपनी GMR Airports ने अगस्त में अपने एयरपोर्ट पोर्टफोलियो में 94 लाख पैसेंजर मूवमेंट दर्ज किए। वित्त वर्ष 2027 में अब तक पैसेंजर ट्रैफिक 4.897 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.4% ज्यादा है।

Aurobindo Pharma

फार्मा सेक्टर की कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने उसकी API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। यह यूनिट उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Apitoria Pharma की है। यूनिट-II तेलंगाना में स्थित है।

VIP Industries

लगेज सेक्टर की कंपनी VIP Industries 18 सितंबर को बोर्ड बैठक करेगी। इसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। कंपनी इक्विटी शेयर, डेट सिक्योरिटीज, कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज, ADRs, GDRs, FCCBs, वारंट और अन्य सिक्योरिटीज जारी करने पर विचार कर सकती है।

Purple Style Labs

फैशन और ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी Purple Style Labs ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PSL Retail में ₹420 करोड़ निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया जाएगा। Purple Style Labs, Pernia’s Pop-Up Shop की पैरेंट कंपनी है।

India Pesticides

एग्रोकेमिकल सेक्टर की कंपनी India Pesticides को इंटरनेशनल मार्केट में अपने दो पेस्टिसाइड प्रोडक्ट्स के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिली है। कंपनी को ब्रिटेन में एक कीटनाशक के लिए Technical Equivalence अप्रूवल मिला है। वहीं अर्जेंटीना में एक हर्बीसाइड के लिए रजिस्ट्रेशन मिला है।

Fintech Stocks

सरकार की ओर से UPI पर 0.40% MDR तय किया है। इसके बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रहेगी। नए MDR स्ट्रक्चर का डिजिटल पेमेंट कंपनियों और उनके रेवेन्यू मॉडल पर असर दिख सकता है।

Stock in Focus: BHEL ने वंदे भारत ट्रेन के लिए रेल कंपनी से मिलाया हाथ, 35 साल तक मेंटेनेंस का रहेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vande Bharat News: ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस पर 10 बड़े अपडेट! काशी को मिलेगी स्लीपर ट्रेन, सूरत-उदयपुर रूट को भी मंजूरी; माल ढुलाई का भी हुआ ट्रायल

Indian Railways News: ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ अब अपने विस्तार के एक नए दौर में एंट्री कर रही है। भारतीय रेलवे स्लीपर वंदे भारत सेवाओं, नए रूटों और तेज रफ्तार माल ढुलाई जैसी कई योजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई नए बदलाव और प्रस्ताव सामने आ रहे हैं, जिन पर यात्रियों की नजर बनी हुई है। आने वाले समय में वंदे भारत नेटवर्क का विस्तार सिर्फ यात्रियों की यात्रा को तेज करने तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि लंबी दूरी की रात की यात्रा और तेज माल परिवहन में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।

वाराणसी से नई दिल्ली के बीच संभावित स्लीपर वंदे भारत से लेकर सूरत-उदयपुर वंदे भारत और 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी के ट्रायल तक, रेलवे का फोकस अब सिर्फ दिन में चलने वाली चेयर-कार वंदे भारत ट्रेनों तक सीमित नहीं रह गया है।

आइए जानते हैं वंदे भारत से जुड़े 10 बड़े अपडेट

1. वाराणसी को मिल सकती है दिल्ली के लिए स्लीपर वंदे भारत

  • वाराणसी के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर अब आगे बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी जंक्शन (कैंट) और नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, ट्रेन का अंतिम रूट अभी तय नहीं हुआ है।
  • उम्मीद जताई जा रही है कि यह सेवा त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो सकती है। इससे दशहरा और दिवाली के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को राहत मिल सकती है।
  • वाराणसी से पहले से ही काशी विश्वनाथ, शिवगंगा और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा वाराणसी जंक्शन से दो वंदे भारत और तीन महामना एक्सप्रेस सेवाएं भी साप्ताहिक आधार पर संचालित होती हैं। इसके बावजूद यात्रियों की मांग काफी अधिक बनी हुई है।
  • खासकर रविवार शाम को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।

2. नई दिल्ली-पटना स्लीपर वंदे भारत की भी चर्चा

  • नई दिल्ली और पटना के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस सेवा की शुरुआत को लेकर कोई अंतिम मंजूरी या आधिकारिक कार्यक्रम नहीं दिया गया है।
  • स्लीपर वंदे भारत के विस्तार की चर्चाओं के बीच नई दिल्ली-पटना जैसे व्यस्त रूट पर ऐसी ट्रेन की संभावना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

3. तेज रफ्तार माल ढुलाई के लिए वंदे भारत ट्रेन

  • न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वंदे भारत का इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को तेज गति से सफर कराने तक सीमित नहीं रहने वाला है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा बनाई गई 16 कोच वाली ट्रेन को पार्सल और अन्य सामान को अधिक रफ्तार से पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
  • इस ट्रेन का संभावित ग्राहक आधार पारंपरिक माल ढुलाई से आगे बढ़कर ई-कॉमर्स, कूरियर सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
  • अगर तेज रफ्तार मालगाड़ियों को बड़े स्तर पर सफलतापूर्वक चलाया जाता है, तो समय के प्रति संवेदनशील सामान को देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए कारोबारियों को परिवहन का एक और विकल्प मिल सकता है।

4. सूरत को मिली पहली वंदे भारत सेवा की मंजूरी

  • सूरत को अपनी पहली वंदे भारत सेवा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने सूरत और उदयपुर सिटी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी दी है।
  • प्रस्तावित ट्रेन का नंबर 26903/26904 बताया गया है। यह ट्रेन करीब 690 किलोमीटर की दूरी लगभग 7 घंटे 30 मिनट में तय करेगी।
  • ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है और मंगलवार को इसका विकली ऑफ रहेगा।
  • ट्रेन सूरत से सुबह 6:10 बजे रवाना होकर दोपहर 1:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। जबकि वापसी में उदयपुर से ट्रेन दोपहर 3:35 बजे चलेगी और रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी।

5. सूरत-उदयपुर वंदे भारत के रास्ते में 9 प्रमुख ठहराव

  • आठ कोच वाली इस वंदे भारत ट्रेन के रास्ते में कुल 9 कमर्शियल स्टॉप प्रस्तावित हैं। इनमें शामिल हैं:-

भरूच

वडोदरा

आनंद

मणिनगर

असारवा

हिम्मतनगर

शामलाजी रोड

डूंगरपुर

जावर

  • यह ट्रेन गुजरात और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण शहरों को तेज रेल कनेक्टिविटी से जोड़ेगी। इससे दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, नई सूरत-उदयपुर वंदे भारत मौजूदा उदयपुर सिटी-असारवा वंदे भारत की जगह ले सकती है। यह ट्रेन फरवरी 2026 में शुरू हुई थी।
  • रेलवे बोर्ड की 31 अगस्त की मंजूरी के बाद नई सर्विस नवरात्रि से पहले शुरू होने की उम्मीद है। इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है।

6. मंगलुरु-बेंगलुरु वंदे भारत के समय पर उठे सवाल

  • बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत का रनिंग टाइम ट्रायल पूरा हो चुका है। लेकिन ट्रायल के दौरान सामने आए समय को लेकर कर्नाटक के तटीय इलाकों के यात्री संगठनों ने चिंता जताई है।
  • दक्षिण पश्चिम रेलवे के ट्रायल में सुबह बेंगलुरु से ट्रेन चलाने और बाद में उसी दिन वापसी का कार्यक्रम शामिल था।
  • हालांकि, यात्री प्रतिनिधियों का कहना है कि अंतिम समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे तटीय क्षेत्र से बेंगलुरु आने वाले कामकाजी और कारोबारी यात्रियों को वास्तविक फायदा मिल सके।
  • पश्चिम करावली रेलवे यात्री अभिवृद्धि समिति के अध्यक्ष जी. हनुमंथ कामथ ने मांग की है कि ट्रेन सुबह मंगलुरु से रवाना हो और उसी रात वापस लौटे।
  • यात्रियों की चिंता यह है कि अगर ट्रेन बेंगलुरु बहुत देर से पहुंचेगी, खासकर आधी रात के करीब, तो सरकारी या कारोबारी काम से राजधानी आने वाले यात्रियों के लिए इसका उपयोग सीमित हो जाएगा।
  • यात्री संगठनों ने मंगलुरु सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वंदे भारत का उदाहरण देते हुए कहा है कि सुबह मंगलुरु से प्रस्थान और रात में वापसी का शेड्यूल यात्रियों के लिए बेहतर काम करता है।

7. बलांगीर से वंदे भारत की मांग पर रेलवे बोर्ड का जवाब

  • ओडिशा के बलांगीर से वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की मांग पर भी रेलवे बोर्ड ने जवाब दिया है। सांसद निरंजन बिशी ने 30 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बलांगीर से नई दिल्ली, वाराणसी, बेंगलुरु और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों के लिए वंदे भारत कनेक्टिविटी की मांग की थी।
  • रेलवे बोर्ड ने अपने जवाब में कहा कि बलांगीर के पास पहले से 66 ट्रेन सेवाएं हैं। इनमें बेंगलुरु और वाराणसी की ओर जाने वाली कई ट्रेनें शामिल हैं। दिल्ली की ओर मौजूदा कनेक्टिविटी के लिए रेलवे ने समता एक्सप्रेस और टिटलागढ़ की कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया।
  • हालांकि, रेलवे बोर्ड का जवाब नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी नहीं माना जा सकता। बोर्ड ने संकेत दिया है कि किसी नई ट्रेन सेवा की शुरुआत ट्रैफिक सर्वे, परिचालन की व्यवहार्यता और कोचों की उपलब्धता जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।

8. वंदे भारत के TTE का वीडियो 1 करोड़ व्यूज के पार

  • नई ट्रेनों और रेलवे की योजनाओं से अलग वंदे भारत से जुड़ी एक घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। TTE अमित गुप्ता के अनुसार, दो लड़के एक रेलवे स्टेशन पर खड़ी वंदे भारत ट्रेन में सिर्फ अंदर से ट्रेन देखने के लिए चढ़ गए थे। ट्रेन में चढ़ने के बाद उसके दरवाजे बंद हो गए। वे तुरंत नीचे नहीं उतर सके।
  • इसके बाद उनकी मुलाकात TTE से हुई। शुरुआत में TTE को लगा कि दोनों बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में उन पर 4,840 रुपये का संभावित जुर्माना लग सकता था। लड़कों ने बताया कि उनके पास सिर्फ 300 रुपये हैं। बाद में TTE को पता चला कि दोनों ट्रेन में यात्रा करने के लिए नहीं बल्कि उसे अंदर से देखने के लिए चढ़े थे।
  • इसके बाद TTE ने कथित तौर पर 300 रुपये लेने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए। उन्होंने दोनों लड़कों को अगले स्टेशन पर उतरने के लिए कहा और दरवाजे के पास वाले हिस्से में बैठने को कहा।
  • अमित गुप्ता ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। बताया गया है कि वीडियो को चार दिनों में 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो पर बड़ी संख्या में लाइक्स और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं।

9. वंदे भारत बनाम राजधानी: कौन सी ट्रेन बेहतर?

  • वंदे भारत नेटवर्क के विस्तार के साथ इसकी तुलना राजधानी एक्सप्रेस से भी लगातार की जा रही है। हालांकि, दोनों ट्रेनों को अलग-अलग यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
  • पहली राजधानी एक्सप्रेस 1969 में नई दिल्ली और हावड़ा के बीच शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी और देश के प्रमुख शहरों के बीच तेज रात की यात्रा उपलब्ध कराना था।
  • वहीं, वंदे भारत ने फरवरी 2019 में नई दिल्ली-वाराणसी रूट से सेवा शुरू की और इसे मुख्य रूप से तेज दिन की इंटर-सिटी यात्रा के लिए तैयार किया गया।
  • दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर यात्रा के स्वरूप का है। सामान्य वंदे भारत में चेयर-कार यात्रा की सुविधा होती है, जबकि कई सेवाओं में एग्जीक्यूटिव चेयर कार भी उपलब्ध है।
  • वंदे भारत में ऑटोमैटिक दरवाजे, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और आधुनिक सीटिंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
  • इसके मुकाबले राजधानी एक्सप्रेस में पारंपरिक रूप से फर्स्ट AC, सेकेंड AC और थर्ड AC में सोने की सुविधा होती है। इसलिए रातभर की यात्रा के लिए राजधानी अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
  • हालांकि, स्लीपर वंदे भारत के आने के बाद दोनों ट्रेनों के बीच का यह अंतर धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा है।

10. स्लीपर वंदे भारत बदल सकती है लंबी दूरी की यात्रा का समीकरण

  • स्लीपर वंदे भारत में वंदे भारत की आधुनिक डिजाइन और तकनीक को रात की लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रेनों में सोने के लिए बर्थ, कुशन वाली बर्थ, शोर कम करने वाली तकनीक और सेंसर आधारित लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
  • फर्स्ट AC सेक्शन में प्रीमियम यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद है। इससे स्लीपर वंदे भारत कुछ चुनिंदा रूटों पर राजधानी एक्सप्रेस समेत प्रीमियम रात की ट्रेनों को सीधी टक्कर दे सकती है।
  • आखिरकार यात्रियों के लिए फैसला सिर्फ ट्रेन के नाम पर नहीं, बल्कि यात्रा का समय, कुल अवधि, सुविधा और किराए जैसे पहलुओं पर निर्भर करेगा। ताजा घटनाक्रम से साफ है कि वंदे भारत अब सिर्फ तेज रफ्तार वाली दिन की इंटर-सिटी ट्रेन तक सीमित नहीं रह गई है।
  • स्लीपर सेवाएं, नए रूट, तेज माल ढुलाई और मौजूदा सेवाओं में बदलाव इसके अगले विस्तार की दिशा तय कर रहे हैं। वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत और सूरत-उदयपुर जैसी प्रस्तावित सेवाएं यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी ला सकती हैं। जबकि तेज माल ढुलाई वाला मॉडल रेलवे के लिए एक नए कारोबारी क्षेत्र का रास्ता खोल सकता है।

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राजस्थान की सांभर झील से गुजरने वाली इस ऑरेंज वंदे भारत से दिखते हैं अद्भुत नजारे! इसका रूट, फेयर और स्टॉपेज जानिए

राजस्थान की खूबसूरती को अगर ट्रेन की खिड़की से देखना हो, तो सांभर झील से गुजरने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर खास अनुभव हो सकता है। चमकीले ऑरेंज रंग की ट्रेन जब भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील के बीच से गुजरती है, तो बाहर का नजारा किसी पेंटिंग जैसा नजर आता है।

एक तरफ दूर तक फैली सफेद नमक की चादर, दूसरी तरफ झील का चमकता पानी और सर्दियों में नजर आने वाले प्रवासी पक्षी ट्रेन के सफर के दौरान राजस्थान का यह रूप यात्रियों को बेहद आकर्षित करता है। खास बात यह है कि इस खूबसूरत सफर का आनंद लेने के लिए आपको किसी अलग टूर पर जाने की जरूरत नहीं, बल्कि सही समय पर ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना ही काफी है।

सांभर झील के बीच से गुजरती है ट्रेन

जयपुर और जोधपुर के बीच रेलवे लाइन सांभर झील के इलाके से होकर गुजरती है। फुलेरा की तरफ से आगे बढ़ने पर झील का विस्तृत नमक क्षेत्र दिखाई देने लगता है। सफेद नमक के मैदानों के बीच से गुजरती नारंगी रंग की वंदे भारत दूर से बेहद खूबसूरत नजर आती है।

सर्दियों के मौसम में सांभर झील पहुंचने वाले फ्लेमिंगो और दूसरे प्रवासी पक्षी इस दृश्य को और खास बना देते हैं। ऐसे में अगर आप इस रूट पर सफर कर रहे हैं, तो विंडो सीट इस यात्रा को और यादगार बना सकती है।

ऑरेंज वंदे भारत का रूट क्या है?

जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान के कई प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ती है। इसका रूट जोधपुर से शुरू होकर मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना और फुलेरा होते हुए जयपुर की तरफ जाता है। इसके बाद ट्रेन गांधीनगर जयपुर, अलवर, रेवाड़ी और गुड़गांव होते हुए दिल्ली कैंट पहुंचती है।

इसके प्रमुख स्टॉपेज हैं:

  • जोधपुर जंक्शन
  • मेड़ता रोड जंक्शन
  • डेगाना जंक्शन
  • मकराना जंक्शन
  • फुलेरा जंक्शन
  • जयपुर जंक्शन
  • गांधीनगर जयपुर
  • अलवर जंक्शन
  • रेवाड़ी
  • गुड़गांव
  • दिल्ली कैंट

कब चलती है ये वंदे भारत?

यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होती है।

जोधपुर से दिल्ली कैंट: ट्रेन सुबह 5:30 बजे जोधपुर से रवाना होती है और करीब 9:45 बजे जयपुर पहुंचती है। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली कैंट पहुंचती है।

दिल्ली कैंट से जोधपुर: ट्रेन सुबह 3:10 बजे दिल्ली कैंट से चलती है, करीब 7:05 बजे जयपुर पहुंचती है और लगभग 11:20 बजे जोधपुर पहुंचती है।

यात्रा से पहले उस दिन की लेटेस्ट टाइमिंग रेलवे के आधिकारिक स्रोत से जरूर जांच लें।

कितना है किराया?

वंदे भारत में सफर के लिए मुख्य रूप से AC Chair Car और Executive Chair Car का विकल्प मिलता है। किराया यात्रा की तारीख और लागू शुल्क के हिसाब से बदल सकता है।

AC Chair Car (CC) में जयपुर से जोधपुर का किराया करीब 750 से 900 रुपये और दिल्ली से जोधपुर का किराया करीब 1,400 से 1,600 रुपये तक बताया जाता है।

वहीं Executive Chair Car (EC) में जयपुर से जोधपुर के लिए करीब 1,400 से 1,600 रुपये और दिल्ली से जोधपुर के लिए करीब 2,600 से 2,800 रुपये तक किराया हो सकता है।

फुलेरा के बाद विंडो सीट पर रहें तैयार

अगर आपका मकसद सांभर झील का खूबसूरत नजारा देखना है, तो फुलेरा जंक्शन के आसपास विंडो सीट सबसे काम की साबित हो सकती है। जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती है, बाहर सफेद नमक के मैदान और पानी का विशाल विस्तार नजर आने लगता है। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार और बाहर फैला राजस्थान का अनोखा लैंडस्केप मिलकर सफर को एक अलग अनुभव देते हैं। इसलिए इस रूट पर यात्रा करते समय मोबाइल या कैमरे के साथ-साथ खिड़की से बाहर देखना न भूलें।

सांभर के पास रेलवे का बड़ा प्रोजेक्ट भी

सांभर झील का इलाका सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही खास नहीं है। फुलेरा के पास और गुढ़ा स्टेशन के आसपास भारतीय रेलवे करीब 60 किलोमीटर लंबे ब्रॉड-गेज हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक का विकास कर रहा है। इस ट्रैक पर आधुनिक ट्रेनों का परीक्षण करीब 230 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से किए जाने की योजना है। यानी सांभर का यह इलाका एक तरफ राजस्थान की प्राकृतिक खूबसूरती दिखाता है, तो दूसरी तरफ रेलवे के भविष्य की तकनीक से भी जुड़ रहा है।

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विदेशी फिल्ममेकर ने पहली बार Vande Bharat में किया सफर, 8 घंटे बाद दिया ऐसा रिएक्शन

भारत घूमने आए इंटरनेशनल फिल्ममेकर माइक नून ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बेंगलुरु से हैदराबाद तक करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद उन्होंने ट्रेन की जमकर तारीफ की। माइक ने कहा कि वह भारत में यात्रा का एक अलग अनुभव दिखाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वंदे भारत को चुना।

उन्होंने वीडियो में इसे भारत की सबसे शानदार पैसेंजर ट्रेन बताया और कहा कि आमतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स भारत में यात्रा के मुश्किल या खराब अनुभव दिखाते हैं, लेकिन वह कुछ अलग दिखाना चाहते थे।

सीट से लेकर खाने तक, हर चीज ने खींचा ध्यान

यात्रा शुरू होते ही माइक को ट्रेन में मिलने वाली जानकारी वाली बुकलेट ने आकर्षित किया। इसमें अलग-अलग शहरों के मशहूर खाने के बारे में बताया गया था। हैदराबाद की बिरयानी, बेंगलुरु के कबाब और कोलकाता की मछली का भी जिक्र था। कोलकाता की मछली देखकर माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद बंगालियों को मछली पसंद है। उनके इस कमेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा।

घूमने वाली सीट देखकर हुए इम्प्रेस

वंदे भारत की सीटों ने भी माइक को खासा प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि सीटों को बाहर की तरफ घुमाया जा सकता है, जिससे यात्री खिड़की की ओर मुड़कर बाहर का नजारा आराम से देख सकते हैं।माइक ने अपने अंदाज में सीट पर बैठकर किताब पढ़ने को लेकर भी मजाक किया, जिससे वीडियो और हल्का-फुल्का हो गया।

खाने की तारीफ, सूप पर भी किया मजेदार कमेंट

सफर के दौरान यात्रियों को स्नैक्स और खाना परोसा गया। माइक ने खाने का स्वाद लेते हुए मजाक किया कि उनके चेहरे से ही पता चल रहा है कि खाना कितना अच्छा है। इसके बाद इंस्टेंट सूप भी सर्व किया गया। सूप के पैकेट पर रणवीर सिंह की तस्वीर देखकर उन्होंने फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि पैकेट पर अभिनेता के चेहरे से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूप कितना स्वादिष्ट होगा।

दक्षिण भारत के नजारों ने जीता दिल

खाने और आरामदायक सीटों के अलावा ट्रेन से बाहर दिख रहे दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारे माइक को सबसे ज्यादा पसंद आए। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों की खूबसूरती को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। रास्ते के प्राकृतिक नजारे देखते हुए उनकी यात्रा और भी यादगार बन गई।

डिनर के बाद मिली आइसक्रीम, सफर हुआ पूरा

यात्रा के दौरान डिनर भी परोसा गया, जिसकी माइक ने तारीफ की। उन्हें लगा कि अब इससे बेहतर क्या हो सकता है, तभी आइसक्रीम भी सर्व कर दी गई।

करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद ट्रेन हैदराबाद पहुंची। स्टेशन पर काफी भीड़ थी, लेकिन माइक के मुताबिक पूरा सफर इतना शानदार रहा कि वहां पहुंचने के बाद भी वह काफी संतुष्ट महसूस कर रहे थे।

उन्होंने वीडियो के अंत में वंदे भारत को धन्यवाद देते हुए कहा, “Thanks for the lift, Vande Bharat.”

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

माइक के वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने ट्रेन को आरामदायक और शानदार बताया। एक यूजर ने लिखा कि सफर काफी कूल और कंफर्टेबल लग रहा है। वहीं, एक अन्य यूजर ने उन्हें एर्नाकुलम से बेंगलुरु वाली वंदे भारत में सफर करने की सलाह दी।

बंगालियों और मछली वाले उनके मजाक पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने बताया कि बंगालियों के मछली और चावल खाने को लेकर यह एक आम धारणा है।

कुछ लोगों ने भविष्य में भारत में आने वाली बुलेट ट्रेन का जिक्र करते हुए माइक को दोबारा भारत आने का न्योता भी दिया।

वंदे भारत का सफर बना यादगार

माइक नून के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद तक का यह सफर सिर्फ एक ट्रेन यात्रा नहीं रहा। आरामदायक सीटों, खाने और दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारों ने उनके अनुभव को खास बना दिया। उनके वीडियो ने यह भी दिखाया कि भारत की आधुनिक रेल यात्रा विदेशी यात्रियों के लिए कितनी दिलचस्प हो सकती है।

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नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

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