वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

वंदे भारत के लिए पार्ट्स बनाने वाली निफा 1,350 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बना रही है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। निफा कोलकाता की कंपनी है। इसने इश्यू के प्रबंधन के लिए नोमुरा और एक्सिस कैपिटल को एडवाइजर नियुक्त किया है। शेयर बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। इससे आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ी है।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए

Nipha के आईपीओ में नए शेयर इश्यू करने की संभावना है। कंपनी इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकाने और बिजनेस से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए करेगी। अभी इश्यू के बारे में बातचीत जारी है। इससे बाद में इश्यू के साइज और दूसरी चीजों में बदलाव हो सकता है।

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस से होगा फायदा 

आईपीओ के प्लान की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया, “इनवेस्टर्स के बीच मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की अच्छी डिमांड है। रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ा है। इसका फायदा निफा जैसी कंपनियों को मध्यम से लंबी अवधि में मिलेगा।”

कंपनी की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं

निफा की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं। इनमें से 9 पश्चिम बंगाल में है और एक हरियाणा में है। कंपनी रेलवे के अलावा एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल-स्विच गियर और इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। आईपीओ के प्लान के बारे में जानने के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।

कंपनी के रेलवे पोर्टफोलियो में कई प्रोडक्ट्स शामिल

कंपनी वंदे भारत के लिए कंपोनेंट्स की सप्लाई के साथ ही रेलवे को LHB कोच और EMU सप्लाई करती है। इसके रेलवे पोर्टफोलियो में लोकोमोटिव कास्टिंग्स, ट्रैक और पर्मानेंट-वे कंपोनेंट्स, ट्रेन कपलिंग और ड्राफ्ट सिस्टम्स, फ्रेट रेल प्रोडक्ट्स और रेल-व्हील सेट्स शामिल हैं।

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2030 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 800 करने का प्लान

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस का फायदा निफा को मिलेगा। सरकार वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। दिसंबर 2025 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 164 थी। सरकार का प्लान 2030 तक इसे बढ़ाकर 800 और 20247 तक 4,500 करने का प्लान है। FY26 में निफा का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 634 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 475 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 19 फीसदी था।

जल्द शुरू होगी बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 24 नहीं सिर्फ 16 घंटे में पूरा होगा सफर! जानें रूट, किराया और स्टॉपेज की लिस्ट

Bengaluru-Mumbai Vande Bharat sleeper: बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों को जल्द ही आरामदायक सफर मिलने वाला है। जल्द ही बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की नई सुविधा शुरू हो सकती है। साउथ वेस्टर्न रेलवे ने इस रूट के लिए दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही तय किए गए रूट पर ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा। सेवा शुरू करने से पहले रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की ओर से स्पीड टेस्ट भी किया जाएगा, ताकि ट्रेन की रफ्तार और सुरक्षा की जांच हो सके।

16-16 होंगे कोच

अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत होगी। वहीं अभी तक रेलवे की ओर से ट्रेन के चलने की तारीख और पूरा टाइमटेबल जारी नहीं किया गया है। News18 के मुताबिक, दोनों वंदे भारत ट्रेनों में 16-16 कोच हैं, जिन्हें बेंगलुरु स्थित BEML ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के कार्यक्रम के तहत बनाया है। इस सेवा के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच रात में सफर करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक रेल यात्रा का ऑप्शन मिल सकेगा।

जल्द ही होगी तारीखों की घोषणा

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को शहर के किस स्टेशन से चलाया जाएगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारी तय करेंगे कि ट्रेन KSR बेंगलुरु स्टेशन से शुरू होगी या सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से। ट्रेन के शुरुआती स्टेशन का फैसला होने के बाद ही उसके रखरखाव के लिए मुख्य सुविधा केंद्र भी तय किया जाएगा। ट्रेन का ट्रायल और जरूरी जांच पूरी होने के बाद रेलवे इसकी समय-सारणी और शुरू होने की तारीख की घोषणा करेगा।

इन शहरों से होकर जाएगी ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रस्तावित रूट में कर्नाटक के कई प्रमुख शहर शामिल होंगे। ट्रेन बेंगलुरु से चलकर रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी होते हुए मुंबई पहुंचेगी। इस पूरे सफर की दूरी करीब 1,137 किलोमीटर होगी। यह रेल मार्ग पूरी तरह बिजली से चलने वाली ट्रेनों के लिए तैयार है और डबल लाइन होने के कारण यहां ट्रेन संचालन को बेहतर तरीके से किया जा सकता है। रूट के ज्यादातर हिस्सों पर ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती है। वहीं इस ट्रेन में 3AC का किराया करीब ₹3,000 रहने की उम्मीद है।

अभी यात्रा करने में लगते हैं 24 घंटे

बेंगलुरु और मुंबई के बीच मौजूदा रेल सेवाओं में यात्रियों को सफर पूरा करने में करीब 24 घंटे लगते हैं। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आने से इस रूट पर यात्रा पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरी होने की उम्मीद है। अनुमान है कि सफर का समय करीब 16 घंटे तक हो सकता है, लेकिन ट्रेन की सही गति और यात्रा अवधि का पता ट्रायल और अंतिम टाइमटेबल जारी होने के बाद ही चलेगा।

हुबली को क्यों नहीं चुना गया

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर के लिए चुना गया रास्ता हुबली वाले विकल्प की तुलना में छोटा और तेज है। हुबली के रास्ते की दूरी करीब 1,216 किलोमीटर होती और इस रूट के कुछ हिस्से सिंगल लाइन वाले हैं। इसके अलावा कई जगहों पर ट्रेन की रफ्तार भी सीमित रहती है। इसी वजह से तेज स्लीपर ट्रेन के लिए मौजूदा रूट को ज्यादा बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

कल का मौसम: दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, हिमाचल में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी, IMD ने बताया मौसम का हाल

Weather Update 11 August: देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। दिल्ली-NCR, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR की बात करें तो यहां अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की बारिश होने की आशंका है। हालांकि, बारिश के बावजूद उमस से राहत पूरी तरह मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में, 13, 14 और 15 अगस्त को कई इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। 14 अगस्त को पश्चिमी हवाएं भी चल सकती हैं। जबकि 15 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहने का अनुमान है।

IMD के मुताबिक, पूरे सप्ताह दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, इन बारिश की बौछारों से उमस में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले सात दिनों के दौरान दिल्ली के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। ऐसे में बारिश के बीच भी गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

उत्तराखंड में अधिकांश जगह बारिश और गरज-चमक

उत्तराखंड में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता लगातार बनी रह सकती है। वहीं, मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में बारिश कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर फिसलन, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

तमिलनाडु में इन इलाकों में होगी मूसलाधार बारिश

तमिलनाडु के मौसम पर उत्तर तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र के ऊपर बने वायुमंडलीय परिसंचरण का असर पड़ने की आशंका है। 12 और 13 अगस्त को पश्चिमी घाट से लगे इलाकों और उत्तरी तटीय जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। इन क्षेत्रों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। नमी से भरी हवाओं और मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण बारिश वाले बादल बनने के लिए अनुकूल स्थिति रह सकती है।

तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग रह सकता है। दूसरी ओर, राज्य के उत्तरी आंतरिक हिस्सों में बारिश के बावजूद गर्मी बनी रह सकती है। यहां 13 अगस्त तक अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है।

राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

राजस्थान में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। राज्य में बारिश की गतिविधियां 13 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त से मौसम में सुधार शुरू हो सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में 15 अगस्त से कमी आने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राजस्थान में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 11 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी होने की संभावना है। इसके बाद 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधि 15 अगस्त से कमजोर पड़ सकती है।

हिमाचल प्रदेश में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। खास तौर पर कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

IMD ने राज्य में बारिश का दौर 15 अगस्त तक जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया है। पहाड़ी राज्य में लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

उत्तर और दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय

IMD के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं। उत्तर भारत में उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश, जबकि दक्षिण भारत में तमिलनाडु के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की आशंका है। वहीं, दिल्ली में लगातार बारिश भले ही तापमान को कुछ हद तक कंट्रोल कर रही हो। लेकिन उमस और अपेक्षाकृत अधिक तापमान के कारण लोगों को पूरी तरह आराम मिलने की उम्मीद नहीं है।

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पटरियों पर किसी के लिए धड़कती जिंदगी को लेकर दौड़ी ट्रेन! पहली बार वंदे भारत ट्रेन से पहुंचाया गया लाइव डोनर हार्ट

भारतीय रेलवे ने स्वास्थ्य सेवा और मानव जीवन को बचाने के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान बना दिया है। भारत में पहली बार ट्रेन के जरिए एक लाइव डोनर हार्ट एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया गया है। इस लाइफसेविंग मिशन को मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए अंजाम दिया गया। दिल को सूरत से अहमदाबाद लाया गया। यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर अहमदाबाद में ट्रांप्लांट के लिए इसके सफलतापूर्वक डिलिवर किया गया है।

तालमेल और ग्रीन कॉरिडोर से पूरा हुआ ये मिशन

आपको बता दें कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक टाइम बाउंड वाली सेंसटिव प्रक्रिया है। इसमें एक-एक मिनट की कीमत होती है। इस ऑपरेशन के लिए भारतीय रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात राज्य पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच सटीक योजना और बिना किसी ब्रेक के कोऑर्डिनेशन की जरूरत थी। ट्रांसप्लांट प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू हो सके, इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और गुजरात पुलिस द्वारा अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यूएन मेहता अस्पताल तक एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने कहा कि यह भारतीय रेलवे के लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण है। वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक लाइव डोनर हार्ट का सफल परिवहन पारंपरिक यात्री और माल ढुलाई से आगे बढ़कर समाज की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे जीवनरक्षक मिशनों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेलवे, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और मेडिकल टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की। मानव जीवन को बचाने में योगदान देना न सिर्फ हमारी जिम्मेदारी है बल्कि सेवा और मानवता के प्रति हमारा सर्वोच्च कर्तव्य भी है।

इस सफलता ने वंदे भारत एक्सप्रेस की गति, समय की पाबंदी और विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित कर दिया है। यह मिशन दिखाता है कि कैसे देश का आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर भारत के आपातकालीन स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारतीय रेलवे ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफल बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात पुलिस, डॉक्टरों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों और रेलवे अधिकारियों सभी के प्रयासों की तारीफ की है।

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वंदे भारत की रफ्तार से दौड़ी पहली फ्रेट ट्रेन, 145 kmph की स्पीड छूकर बनाया नया रिकॉर्ड

भारत अपने रेलवे फ्रेट नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म-बेस्ड फ्रेट इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) ने राजस्थान के कोटा डिवीजन में टेक्निकल ट्रायल का पहला दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान इस हाई-स्पीड फ्रेट ट्रेन ने 145 किमी/घंटा की टॉप स्पीड हासिल की, जो भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

16-कोच वाले इस प्रोटोटाइप ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वंदे भारत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तैयार किया है। इसे सामान को पहले से ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है, खासकर उन सेक्टरों के लिए जिन्हें तेजी से डिलीवरी की जरूरत होती है, जैसे कि ई-कॉमर्स, पार्सल सर्विस और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स।

ट्रेन 145 kmph की टॉप स्पीड तक पहुंची

यह ट्रायल ‘रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन’ (RDSO) की ओर से कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर किया जा रहा है, जो इंडियन रेलवे के सबसे एडवांस्ड टेस्टिंग रूट्स में से एक है।

कोटा डिवीजन के सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन के अनुसार, मालगाड़ी बुधवार सुबह 6 बजे कोटा से रवाना हुई और महिदपुर रोड तक गई। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले कोटा-महिदपुर रोड सेक्शन पर 120 kmph की रफ्तार से बिना रिकॉर्डिंग वाले टेस्ट किए गए।

बाद में ट्रेन ने महिदपुर रोड और भवानी मंडी के बीच 120 kmph और 135 kmph की रफ्तार से ट्रायल रन पूरे किए। कोटा लौटते समय इसने 145 kmph की अधिकतम रफ्तार हासिल की, जो ट्रायल के पहले दिन दर्ज की गई सबसे ज्यादा रफ्तार थी।

अधिकारियों ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान ट्रेन हर दिन कम से कम दो राउंड ट्रिप करेगी।

एक महीने तक चलेगा ट्रायल, परफॉर्मेंस और सुरक्षा की होगी जांच

कमर्शियल इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी मिलने से पहले प्रोटोटाइप का एक महीने तक टेस्टिंग प्रोग्राम चलेगा। इन टेस्ट में ट्रेन की परफॉर्मेंस को 120, 130, 140 और 145 kmph की स्पीड पर, लोड के साथ और बिना लोड के, परखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंजीनियर इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग क्षमता, रीजेनरेटिव एनर्जी परफॉर्मेंस, कपलर की मजबूती और घुमावदार रास्तों पर ट्रेन के व्यवहार की भी जांच करेंगे।

इसके अलावा, ट्रेन के सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन इंटरफेरेंस टेस्ट, PAPIS वेरिफिकेशन, दरवाजों के कामकाज की जांच और सुरक्षा से जुड़ी जांच भी की जाएगी।

इसके साथ ही लाइटिंग सिस्टम, CCTV कैमरे, अंदर के इक्विपमेंट और इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन सिस्टम पर भी स्टैटिक टेस्ट किए जाएंगे।

तेजी से सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन की गई

वंदे भारत फ्रेट EMU को खास तौर पर ऐसे सामान की तेज रफ्तार से ढुलाई के लिए डिजाइन किया गया है, जिसे जल्दी पहुंचाने की जरूरत होती है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एक्सप्रेस पार्सल सर्विस, ई-कॉमर्स, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट और समय पर निर्भर लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों को फायदा होने की उम्मीद है।

16-कोच वाली इस ट्रेन में दो रेफ्रिजरेटेड DTC कोच, दो नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर कोच और 12 पार्सल कोच शामिल हैं। बता दें कि इसकी पेलोड क्षमता 397 टन से ज्यादा है और XL लोड 20 टन से अधिक है।

यह ट्रेन, वंदे भारत बोगी सिस्टम, आधुनिक ब्रेकिंग और प्रोपल्शन सिस्टम, रेफ्रिजरेटेड स्टोरेज सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन और सामान को आसानी से लोड और अनलोड करने के लिए न्यूमैटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग से लैस है।

इसमें एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं

इस मालगाड़ी में कई मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स भी हैं। इसमें ऑपरेशनल सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए ‘कवच’ (KAVACH) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।

सेफ्टी को और मजबूत बनाने के लिए ट्रेन के सभी दरवाजे 5 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड होने पर अपने आप लॉक हो जाते हैं। इसके अलावा, जब तक ट्रेन के सभी दरवाजे ठीक से बंद और लॉक नहीं हो जाते, तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती। इससे सफर के दौरान सुरक्षा का स्तर और बेहतर होगा।

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