विदेशी फिल्ममेकर ने पहली बार Vande Bharat में किया सफर, 8 घंटे बाद दिया ऐसा रिएक्शन

भारत घूमने आए इंटरनेशनल फिल्ममेकर माइक नून ने वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बेंगलुरु से हैदराबाद तक करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद उन्होंने ट्रेन की जमकर तारीफ की। माइक ने कहा कि वह भारत में यात्रा का एक अलग अनुभव दिखाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने वंदे भारत को चुना।

उन्होंने वीडियो में इसे भारत की सबसे शानदार पैसेंजर ट्रेन बताया और कहा कि आमतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स भारत में यात्रा के मुश्किल या खराब अनुभव दिखाते हैं, लेकिन वह कुछ अलग दिखाना चाहते थे।

सीट से लेकर खाने तक, हर चीज ने खींचा ध्यान

यात्रा शुरू होते ही माइक को ट्रेन में मिलने वाली जानकारी वाली बुकलेट ने आकर्षित किया। इसमें अलग-अलग शहरों के मशहूर खाने के बारे में बताया गया था। हैदराबाद की बिरयानी, बेंगलुरु के कबाब और कोलकाता की मछली का भी जिक्र था। कोलकाता की मछली देखकर माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद बंगालियों को मछली पसंद है। उनके इस कमेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा।

घूमने वाली सीट देखकर हुए इम्प्रेस

वंदे भारत की सीटों ने भी माइक को खासा प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि सीटों को बाहर की तरफ घुमाया जा सकता है, जिससे यात्री खिड़की की ओर मुड़कर बाहर का नजारा आराम से देख सकते हैं।माइक ने अपने अंदाज में सीट पर बैठकर किताब पढ़ने को लेकर भी मजाक किया, जिससे वीडियो और हल्का-फुल्का हो गया।

खाने की तारीफ, सूप पर भी किया मजेदार कमेंट

सफर के दौरान यात्रियों को स्नैक्स और खाना परोसा गया। माइक ने खाने का स्वाद लेते हुए मजाक किया कि उनके चेहरे से ही पता चल रहा है कि खाना कितना अच्छा है। इसके बाद इंस्टेंट सूप भी सर्व किया गया। सूप के पैकेट पर रणवीर सिंह की तस्वीर देखकर उन्होंने फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि पैकेट पर अभिनेता के चेहरे से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूप कितना स्वादिष्ट होगा।

दक्षिण भारत के नजारों ने जीता दिल

खाने और आरामदायक सीटों के अलावा ट्रेन से बाहर दिख रहे दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारे माइक को सबसे ज्यादा पसंद आए। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों की खूबसूरती को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। रास्ते के प्राकृतिक नजारे देखते हुए उनकी यात्रा और भी यादगार बन गई।

डिनर के बाद मिली आइसक्रीम, सफर हुआ पूरा

यात्रा के दौरान डिनर भी परोसा गया, जिसकी माइक ने तारीफ की। उन्हें लगा कि अब इससे बेहतर क्या हो सकता है, तभी आइसक्रीम भी सर्व कर दी गई।

करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद ट्रेन हैदराबाद पहुंची। स्टेशन पर काफी भीड़ थी, लेकिन माइक के मुताबिक पूरा सफर इतना शानदार रहा कि वहां पहुंचने के बाद भी वह काफी संतुष्ट महसूस कर रहे थे।

उन्होंने वीडियो के अंत में वंदे भारत को धन्यवाद देते हुए कहा, “Thanks for the lift, Vande Bharat.”

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

माइक के वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने ट्रेन को आरामदायक और शानदार बताया। एक यूजर ने लिखा कि सफर काफी कूल और कंफर्टेबल लग रहा है। वहीं, एक अन्य यूजर ने उन्हें एर्नाकुलम से बेंगलुरु वाली वंदे भारत में सफर करने की सलाह दी।

बंगालियों और मछली वाले उनके मजाक पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने बताया कि बंगालियों के मछली और चावल खाने को लेकर यह एक आम धारणा है।

कुछ लोगों ने भविष्य में भारत में आने वाली बुलेट ट्रेन का जिक्र करते हुए माइक को दोबारा भारत आने का न्योता भी दिया।

वंदे भारत का सफर बना यादगार

माइक नून के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद तक का यह सफर सिर्फ एक ट्रेन यात्रा नहीं रहा। आरामदायक सीटों, खाने और दक्षिण भारत के खूबसूरत नजारों ने उनके अनुभव को खास बना दिया। उनके वीडियो ने यह भी दिखाया कि भारत की आधुनिक रेल यात्रा विदेशी यात्रियों के लिए कितनी दिलचस्प हो सकती है।

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नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

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Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में शुक्रवार को अचानक से तेज आंधी तुफान के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके बाद दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगर बारिश की स्थिति लगातार बनती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।

राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है, जो श्रीगंगानगर से होते हुए इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है। इन मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।

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Vande Bharat: बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत 5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रेन यशवंतपुर जंक्शन से मंगलुरु सेंट्रल के बीच चलेगी। वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल के दौरान ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर से रवाना होकर दोपहर 2:25 बजे मंगलुरु पहुंचेगी। इस दौरान करीब 8 घंटे 20 मिनट में सफर पूरा किया जाएगा। वहीं अभी बेंगलुरु से मंगलुरु तक जाने में करीब 10 घंटे तक का समय लगता है। इस ट्रायल के दौरान ट्रेन की रफ्तार, ब्रेक, सुरक्षा और घाट वाले रास्ते में चलने की क्षमता की जांच की जाएगी। अगर ट्रायल सफल रहा, तो इस रूट पर वंदे भारत की नियमित सेवा शुरू करने की अंतिम मंजूरी मिल सकती है।

कितने बजे से शुरू होगा ट्रायल

5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर जंक्शन से रवाना होगी। मंगलुरु जाने के रास्ते में ट्रेन हसन, सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड स्टेशनों पर तय समय के अनुसार रुकेगी। ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत ट्रेन पडिल स्टेशन पर नहीं रुकेगी। ट्रेन के दोपहर करीब 1:50 बजे पडिल से गुजरने की संभावना है। इसके बाद मंगलुरु सेंट्रल पहुंचने पर यही ट्रेन दोपहर 3 बजे यशवंतपुर के लिए वापस रवाना होगी।

वंदे भारत ट्रायल रन का संभावित शेड्यूल

  • यशवंतपुर जंक्शन: सुबह 6:05 बजे रवाना होगी
  • हासन जंक्शन: सुबह 9:00 बजे पहुंचेगी और 9:05 बजे रवाना होगी
  • सकलेशपुर: सुबह 9:55 बजे पहुंचेगी और 10:00 बजे रवाना होगी
  • सुब्रह्मण्य रोड: दोपहर 12:30 बजे पहुंचेगी और 12:35 बजे रवाना होगी
  • पडिल: दोपहर करीब 1:50 बजे बिना रुके गुजरेगी
  • मंगलुरु सेंट्रल: दोपहर 2:25 बजे पहुंचेगी

वंदे भारत की वापसी का संभावित शेड्यूल

  • मंगलुरु सेंट्रल: दोपहर 3:00 बजे रवाना होगी
  • पडिल: दोपहर करीब 3:25 बजे बिना रुके गुजरेगी
  • सुब्रह्मण्य रोड: शाम 4:30 बजे पहुंचेगी और 4:35 बजे रवाना होगी
  • सकलेशपुर: शाम 6:30 बजे पहुंचेगी और 6:35 बजे रवाना होगी
  • हासन जंक्शन: शाम 7:20 बजे पहुंचेगी और 7:30 बजे रवाना होगी
  • यशवंतपुर जंक्शन: रात 11:00 बजे पहुंचेगी

5 सितंबर को होगा ट्रायल

ट्रायल रन में रेलवे की टीम वंदे भारत के ब्रेक, स्पीड कंट्रोल, इमरजेंसी स्थिति में रिस्पॉन्स और ढलान वाले रास्ते पर संचालन की जांच करेगी। घाट सेक्शन को ध्यान में रखते हुए ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सुविधा वाली ट्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड के बीच घाट सेक्शन पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस रास्ते में कई मोड़ और ढलान हैं, इसलिए यहां ट्रेन की सुरक्षित रफ्तार और संचालन को परखना जरूरी होगा। जिससे नियमित सेवा शुरू होने पर सफर सुरक्षित रहे।

5 सितंबर को होने वाले इस परीक्षण में 16 कोच की खाली वंदे भारत रेक को चलाया जाएगा, ताकि अलग-अलग परिस्थितियों में ट्रेन के प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को परखा जा सके।

मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

कल का मौसम: 4 सितंबर को इन इलाकों में नहीं थमेगी बारिश! MP में बहुत भारी बारिश संग दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

Weather Update for September 4: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेगा। मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के लोगों को 4 सितंबर को मौसम के कड़े मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव और नदी-नालों के उफान से सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर खासा देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

करपुरहत

पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Vande Bharat Update: देश की सबसे लोकप्रिय और प्रीमियम ट्रेनों में शामिल ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के डिजाइन और फीचर्स में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेलवे के सीनियर इंजीनियरों ने वंदे भारत ट्रेनों के एग्जीक्यूटिव क्लास से 180-डिग्री रोटेटिंग सीट (घूमने वाली सीट) के फीचर को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इस फीचर को हटाकर सीटों को फिक्स करने और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश की गई है ताकि ट्रेन की ऑपरेशनल दक्षता को बेहतर बनाया जा सके।

क्यों हटाया जा सकता है रोटेटिंग सीट का फीचर?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर रेलवे इंजीनियरों का तर्क है कि सीटों को घुमाने वाला ये मैकेनिज्म जरूरत से ज्यादा जगह लेता है। इसकी वजह से सीट के कलपुर्जे भी जल्दी घिसते या खराब होते हैं। एक सीनियर रेलवे अधिकारी ने बताया कि मौजूदा वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों में रोटेशन और रिक्लाइनिंग दोनों तरह के मैकेनिज्म दिए गए हैं।

इससे यात्री ट्रेन की गति की दिशा में, खिड़की की तरफ या उलटी दिशा में सीट का रुख मोड़ सकते हैं। इस सुविधा के लिए अतिरिक्त मैकेनिकल कंपोनेंट्स, क्लीयरेंस और एक्स्ट्रा जगह की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा इस मैकेनिज्म की वजह से पुर्जे ढीले होने, खराब होने और बार-बार मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।

प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स की बैठक में उठा मुद्दा

इस प्रस्ताव पर हाल ही में आयोजित प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स के एक सम्मेलन में चर्चा की गई। इस सम्मेलन में कोच उत्पादन इकाइयों ने एग्जीक्यूटिव क्लास के कोचों से रोटेटिंग सीट फीचर को हटाकर, पारंपरिक शताब्दी और अन्य ट्रेनों की तरह सीटों को पूरी तरह से फिक्स करने का विचार रखा।

रेलवे बोर्ड ने सम्मेलन को जो मिनट्स बनाए हैं उनमें लिखा गया है कि वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास कोचों में सीटों को अधिक मजबूत बनाने के लिए उनके घूमने वाले फीचर को समाप्त किया जा सकता है। रेलवे बोर्ड ने इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई के प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को इस सुझाव पर आगे की कार्रवाई शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सीटें फिक्स होने से बढ़ेगी क्षमता और राजस्व

इंजीनियरों का सुझाव है कि सीटों को फिक्स करने से सीटों को घुमाने के लिए खाली छोड़ी जाने वाली जगह बच जाएगी। पंक्तियों के बीच की जगह को कम करके एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में सीटों की एक एक्स्ट्रा पंक्ति जोड़ी जा सकती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सीटों को फर्श के साथ स्थायी रूप से फिक्स कर दिया जाता है तो उनका स्ट्रक्चर और मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी बल्कि ट्रेन की राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता में भी सुधार होगा। अधिकारियों के मुताबिक अगर कई कोचों और ट्रेन सेटों में एक-एक अतिरिक्त पंक्ति जुड़ती है तो इससे रेलवे की कमाई के मामले में बड़ा फायदा हो सकता है।

प्रीमियम सुविधा से मजबूती और रखरखाव पर ध्यान

हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है लेकिन अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह वंदे भारत एग्जीक्यूटिव क्लास के डिजाइन में एक बड़ा बदलाव होगा। यह कदम प्रीमियम फ्लेक्सिबिलिटी और सुविधाओं के बजाय ट्रेन की मजबूती, आसान रखरखाव और यात्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

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रेलवे बोर्ड ने सूरत-उदयपुर वंदे भारत ट्रेन को दी मंजूरी, 9 स्टॉपेज के साथ जानें टाइमिंग और रूट

Surat-Udaipur Vande Bharat Express: रेल मंत्रालय ने गुजरात को राजस्थान से जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को मंज़ूरी दे दी है। यह नई सेमी-हाई स्पीड ट्रेन सूरत और उदयपुर के बीच चलेगी। इस ट्रेन का रखरखाव और संचालन वेस्टर्न रेलवे (WR) जोन करेगा।

वेस्टर्न रेलवे और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर (ऑपरेटिंग) को 31 अगस्त को लिखे एक पत्र में, रेलवे बोर्ड ने बताया कि उसने 26903/26904 सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने को मंजूरी दे दी है।

इंडियन रेलवे एक वंदे भारत ट्रेन बंद करेगा

रेलवे बोर्ड ने ट्रेन नंबर 26963/26964 उदयपुर सिटी-असारवा वंदे भारत एक्सप्रेस को बंद करने की भी मंजूरी दी है। उदयपुर सिटी-असारवा (अहमदाबाद) वंदे भारत एक्सप्रेस फरवरी 2026 में शुरू की गई थी। अभी यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलती है।

सूरत-उदयपुर वंदे भारत ट्रेन: दूरी और यात्रा का समय

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लगभग 690 किलोमीटर की दूरी 7 घंटे 30 मिनट में तय करती है। यह अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस: ​​स्टॉपेज और फ्रीक्वेंसी

सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन चलेगी। सूरत और उदयपुर सिटी के बीच अपनी यात्रा के दौरान, यह ट्रेन 9 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। ये स्टेशन हैं: भरूच, वडोदरा, आणंद, मणिनगर, असरवा, हिम्मतनगर, शामलाजी रोड, डूंगरपुर और जावर।

सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत: कोच की संख्या और समय

सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस में 8 कोच होंगे। ट्रेन नंबर 26903 सूरत से सुबह 06:10 बजे चलेगी और दोपहर 13:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 26904 उदयपुर सिटी से दोपहर 15:35 बजे चलेगी और रात 23:00 बजे सूरत पहुंचेगी।

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भागलपुर से आनंद विहार के बीच चलेगी स्लीपर वंदे भारत, ईस्टर्न रेलवे ने बोर्ड को भेजी रिपोर्ट, जानें इसका संभावित रूट और सारी डिटेल

Bhagalpur-Delhi Sleeper Vande Bharat: बिहार के भागलपुर से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी मिलते ही इस ट्रेन के संचालन की तारीख, समय, रूट और स्टॉपेज की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी की जा सकती है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले दिल्ली आने-जाने वाले बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

भागलपुर से दिल्ली के बीच त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ईस्टर्न रेलवे से इस रूट पर यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी।

फिलहाल, ईस्टर्न रेलवे ने रेलवे बोर्ड को रूट से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी रिपोर्ट भेज दी है। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड को लेना है। मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी।

ईस्टर्न रेलवे जोन हेडक्वार्टर, कोलकाता के प्रिसिंपल चीफ कमर्शियल मैनेजर (PCCM) डॉ. उदय शंकर झा के मुताबिक, भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्लीपर वंदे भारत चलाने की पूरी तैयार कर ली गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से मांगी गई सभी जानकारियां भेज दी गई हैं। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन के शुभारंभ की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

भागलपुर समेत इन जिलों को मिलेगा फायदा

नई स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से भागलपुर के साथ बांका, मुंगेर और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल सकता है। लंबी दूरी के सफर के लिए तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं वाली इस ट्रेन से यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक होने की उम्मीद है। खासकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान।

इस ट्रेन के शुरू होने से नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रेन का रूट क्या होगा और किन-किन स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा, इस पर अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।

ईस्टर्न रेलवे को मिल सकती है नई स्लीपर वंदे भारत

ईस्टर्न रेलवे के तहत अभी हावड़ा-जमालपुर रूट पर चेयर कार वाली वंदे भारत चल रही है। ऐसे में अगर भागलपुर से आनंद विहार के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू होती है, तो यह इस जोन के लिए एक नई और अहम सुविधा होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे देश के व्यस्त रूटों पर स्लीपर वंदे भारत चलाने की तैयारी कर रहा है। इसी वजह से भागलपुर-दिल्ली रेल मार्ग को भी इस ट्रेन के लिए संभावित रूट के तौर पर देखा जा रहा है।

नई वंदे भारत आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस

रेलवे की योजना के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के आराम के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी खास जोर दिया जाएगा। एसी स्लीपर कोच में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि लंबी दूरी का सफर ज्यादा आरामदायक बनाया जा सके। वहीं, लोको पायलटों के लिए भी आधुनिक केबिन तैयार किया जाएगा, जिसमें एडवांस कंट्रोल पैनल और बेहतर सुरक्षा तकनीक मौजूद होगी।

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किस रूट पर चलती है देश की इकलौती वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? जानिए टाइमिंग, किराया और लग्जरी सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे की सबसे खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त क्रेज है। अगर आप भी इस हाई-स्पीड और लग्जरी स्लीपर ट्रेन में सफर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि, फिलहाल पूरे देश में सिर्फ एक ही रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ऑपरेशनल है।

यह नई नवेली ट्रेन पूर्वी भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन से असम के कामाख्या जंक्शन, गुवाहाटी के बीच दौड़ती है। आइए आपको बताते हैं कि आप इसे कहां से पकड़ सकते हैं, इसका शेड्यूल और कितना है किराया।

कहां से कहां के लिए पकड़ सकते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575 / 27576) हावड़ा से कामाख्या के बीच 968 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करती है। अगर आप कोलकाता या उत्तर बंगाल के आसपास रहते हैं, तो आप इसे बांडेल जंक्शन, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), और न्यू कूचबिहार स्टेशनों से पकड़ सकते हैं।

टाइमिंग और शेड्यूल

यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलती है और रातभर के सफर में आपको आपकी मंजिल तक पहुंचा देती है:

हावड़ा ➔ कामाख्या (ट्रेन 27575): हावड़ा से शाम 06:20 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:20 AM पर कामाख्या पहुंचती है (गुरुवार को छोड़कर)।

कामाख्या ➔ हावड़ा (ट्रेन 27576): कामाख्या से शाम 06:15 PM पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 08:15 AM पर हावड़ा पहुंचती है (बुधवार को छोड़कर)।

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ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रीमियम एयरलाइन जैसा अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। आपकी यात्रा को बेहद आसान और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:

हाईटेक सस्पेंशन सिस्टम: ट्रेन में विशेष कपलर और सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जिससे हाई-स्पीड में भी झटके महसूस नहीं होते और रात में नींद में कोई खलल नहीं पड़ता।

एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ: इसके 3-टियर, 2-टियर और फर्स्ट एसी कोचों की बर्थ में अतिरिक्त फोम और कुशनिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो नॉर्मल ट्रेनों से काफी ज्यादा आरामदायक हैं।

सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजे: कोच के एंट्री गेट और इंटर-कोच दरवाजे ऑटोमैटिक सेंसर आधारित हैं।

मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट और शॉवर: फर्स्ट एसी में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा और सभी कोचों में एंटी-बैक्टीरियल मॉड्यूलर टॉयलेट दिए गए हैं।

रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग प्वाइंट: हर बर्थ पर पर्सनल मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की सुविधा है।

इन्फोटेनमेंट और वाई-फाई: यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए वाई-फाई और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन मौजूद हैं।

कितना है किराया?

आपको बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कोई भी स्लीपर या फिर जनरल कोच नहीं होता है। इसमें एसी- 3, एसी-2 और एसी फर्स्ट क्लास की सीटें है। इस लग्जरी ट्रेन का बेस फेयर कोच की कैटेगरी के हिसाब से ये है:

  • AC 3-Tier: ₹2,299 से शुरू
  • AC 2-Tier: ₹2,970 से शुरू
  • AC First Class: ₹3,640 से शुरू

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करती है, बल्कि यात्रियों को होटल जैसी सुख-सुविधाएं और सुरक्षा भी प्रदान करती है। जल्द ही भारतीय रेलवे अन्य रूटों पर भी दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द आ रही हैं 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें! अब रात का सफर होगा और आरामदायक

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे और ज्यादा वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करके अपने प्रीमियम लंबी दूरी के रेल नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। लॉन्च के बाद से अभी तक वंदे भारत एक्सप्रेस ज्यादातर दिन में चलने वाली चेयर कार ट्रेन के तौर पर संचालित होती रही है, लेकिन लंबे समय से यात्री रात के सफर के लिए इसके स्लीपर वर्जन की मांग कर रहे थे। वहीं, अब यात्रियों की इस मांग को पूरा करने के लिए चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी, जिनमें से हर एक में 24 कोच होंगे। उम्मीद है कि नए ट्रेनसेट से यात्रियों की क्षमता काफी बढ़ेगी और पूरे भारत में लंबी दूरी के और रूट पर वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करने में मदद मिलेगी।

यह कदम भारतीय रेलवे की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसका मकसद रात भर और इंटरसिटी यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, ज्यादा आरामदायक और आधुनिक यात्रा के विकल्प देना है। इस प्रस्तावित विस्तार के साथ, उम्मीद है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें देश के प्रीमियम रेल यात्रा सेगमेंट में बड़ी भूमिका निभाएंगी।

ICF के जनरल मैनेजर मनीष अग्रवाल के अनुसार, देश में बनी 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लिए प्रोडक्शन ड्रॉइंग पूरी हो गई हैं। इन डिजाइनों में कोच का स्ट्रक्चर, कोच को जोड़ने वाले सिस्टम और उनके नीचे लगाए जाने वाले उपकरण शामिल हैं।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के बारे में मुख्य बातें

  • 50 ट्रेनसेट की योजना: ICF चेन्नई 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाएगी।
  • हर ट्रेन में 24 कोच: आने वाले ट्रेनसेट में 24 कोच होंगे, जबकि अभी चल रही स्लीपर ट्रेन में 16 कोच हैं।
  • ज्यादा यात्री क्षमता: उम्मीद है कि 24 कोच वाली ट्रेन में 16 कोच वाली ट्रेन के मुकाबले लगभग 1.5 गुना ज्यादा यात्री यात्रा कर सकेंगे।
  • प्रोडक्शन के लिए डिजाइन तैयार: कोच के स्ट्रक्चर, कोच कनेक्शन और अंडरफ्रेम इक्विपमेंट से जुड़े डिजाइन पूरे हो चुके हैं।
  • और रूटों पर चलने की उम्मीद: अतिरिक्त ट्रेनसेट से रेलवे को लंबी दूरी के और रूटों पर वंदे भारत स्लीपर सर्विस शुरू करने पर विचार करने में मदद मिलेगी।
  • लंबी यात्राओं के लिए डिजाइन: स्लीपर सुविधा का मकसद रात भर और लंबी दूरी की यात्रा के लिए तेज़ और ज्यादा आरामदायक विकल्प देना है।
  • कोच की संख्या अभी तय नहीं: भारतीय रेलवे ने अभी तक कोच की अंतिम संख्या के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, हालांकि खबरों के मुताबिक 24-कोच वाली ट्रेनसेट में 17 AC 3-टियर कोच, पांच AC 2-टियर कोच, एक AC फर्स्ट क्लास कोच और एक पैंट्री कार हो सकती है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी

अभी देश में चलने वाली वंदे भारत स्लीपर सर्विस हावड़ा और कामाख्या के बीच चलती है। मौजूदा ट्रेन में 11 थर्ड AC कोच, चार सेकंड AC कोच और एक फर्स्ट AC कोच है।

24 कोच वाली प्रस्तावित ट्रेनों से यात्रियों की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, रेलवे ने अभी तक इन नई ट्रेनों में कोच के अंतिम कॉम्बिनेशन की घोषणा नहीं की है।

बता दें कि यह कदम लंबी दूरी के यात्रियों के लिए तेज और ज्यादा आरामदायक ट्रेनें उपलब्ध कराने की रेलवे की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

अमृत ​​भारत एक्सप्रेस 3.0 के बारे में भी अपडेट आया है

ICF ने अगली पीढ़ी की अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के बारे में भी जानकारी दी है। उम्मीद है कि अमृत भारत 3.0 में AC, जनरल और स्लीपर क्लास के कोच होंगे। इससे यात्रियों को बेहतर आराम के साथ यात्रा का एक और सस्ता विकल्प मिलेगा।

हालांकि, अभी चल रही अमृत भारत ट्रेनों में मुख्य रूप से जनरल और स्लीपर कोच हैं। अगली पीढ़ी की ट्रेनों में AC कोच जोड़ने से और भी ज्यादा यात्री इन ट्रेनों का फायदा उठा सकेंगे। ICF में हो रही ताजा गतिविधियों से पता चलता है कि वंदे भारत स्लीपर और अगली पीढ़ी की अमृत भारत ट्रेनों के प्रोडक्शन की प्लानिंग आगे बढ़ रही है।

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