नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

यह भी पढ़ें: Vande Bharat: 5 सितंबर को चलेगी 16-कोच वाली वंदे भारत, वेस्टर्न घाट से होकर दौड़ेगी ये शानदार हाई-स्पीड ट्रेन, जानिए कितना घटेगा टाइम

Teachers Day 2026: दिल छू लेंगे ये 10 मोटिवेशनल कोट्स, अपने पसंदीदा टीचर को भेजकर बनाएँ उनका दिन खास

Teachers Day 2026: दिल छू लेंगे ये 10 मोटिवेशनल कोट्स, अपने पसंदीदा टीचर को भेजकर बनाएँ उनका दिन खास

Teachers Day motivational quotes

Happy Teachers Day Thoughts:  शिक्षक दिवस पर पढ़िए महान लोगों के महान विचार। 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के अवसर पर, यहां 10 मोटिवेशनल कोट्स दिए गए हैं। इन्हें आप भी अपने फेसबुक, व्हाट्‍सअप या सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा करके शिक्षक दिवस पर अपने टीचर्स के साथ इन बेहतरीन क्षणों का आनंद लें।

 

  1. “एक बेहतरीन शिक्षक दीपक की तरह होता है—वह खुद जलकर दूसरों का रास्ता रोशन करता है।”
  2. “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।”
  3. “अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते, कभी प्यार से कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।”
  4. “साधारण शिक्षक बताते हैं, अच्छे शिक्षक समझाते हैं, उत्कृष्ट शिक्षक करके दिखाते हैं, लेकिन महान शिक्षक प्रेरित करते हैं।”
  5. “माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन शिक्षक हमें उस जीवन को सही और सार्थक तरीके से जीने की कला सिखाते हैं।”
  6. “शिक्षण एक ऐसा पेशा है जो बाकी सभी पेशों और भविष्य के निर्माताओं को जन्म देता है।”
  7. “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और सही रास्ते पर चलने की हिम्मत केवल एक सच्चा गुरु ही दे सकता है।”
  8. “जो व्यक्ति ज्ञान का सम्मान करता है, सफलता उसके कदम चूमती है; और ज्ञान का द्वार केवल शिक्षक ही खोलते हैं।”
  9. “एक अच्छा शिक्षक एक किताब की तरह होता है—जितना अधिक आप उन्हें जानेंगे, उतना ही आपका ज्ञान समृद्ध होगा।”
  10. “सपने देखने की प्रेरणा देना और उन सपनों को सच करने की ताक़त जगाना ही एक महान शिक्षक की पहचान है।”

 

सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी:सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड, लगातार 1413 दिन से सत्ता में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मेलोनी को अपनी मित्र बताते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दिखाती है। उन्होंने कहा कि मेलोनी की दोस्ती भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में भी अहम रही है। मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए आगे भी मिलकर काम करने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री ने मेलोनी को आने वाले वर्षों में सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। मेलोनी के लगातार सत्ता में 1,413 दिन पूरे जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने शुक्रवार को लगातार 1,413 दिन सत्ता में रहकर इटली में नया रिकॉर्ड बनाया। 1946 में इटली गणराज्य बनने के बाद यह किसी एक कैबिनेट का सबसे लंबा लगातार कार्यकाल है। मेलोनी ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार का रिकॉर्ड तोड़ा है। बर्लुस्कोनी की दूसरी कैबिनेट 2001 से 2005 तक 1,412 दिन सत्ता में रही थी। मेलोनी 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। वे दक्षिणपंथी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ की प्रमुख भी हैं। इटली में सरकारें औसतन 13 महीने ही चलती हैं इटली में पिछले कई दशकों से सरकारों के बार-बार बदलने और राजनीतिक अस्थिरता का इतिहास रहा है। 80 साल पहले गणराज्य बनने के बाद से देश में 68 सरकारें बन चुकी हैं। इन सरकारों का औसत कार्यकाल करीब 13 महीने रहा है। ऐसे में मेलोनी की तीन दक्षिणपंथी और कंजरवेटिव पार्टियों वाली गठबंधन सरकार का करीब 4 साल तक टिकना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मेलोनी की पार्टी जश्न मनाएगी मेलोनी ने अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल को बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है। उनकी पार्टी शुक्रवार शाम दक्षिणी शहर बारी में रैली करने वाली है। मेलोनी भी इस रैली में भाषण देंगी। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि मेलोनी सरकार ने लंबे समय तक सत्ता में रहने को ही अपनी उपलब्धि बना लिया है। मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी दी थी मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया था। मेलोनी ने बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और मोदी को गिफ्ट के लिए धन्यवाद दिया था। मोदी और मेलोनी की साथ की तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर #Melodi काफी लोकप्रिय हुई थी। खबर अपडेट हो रही है…

थिएटर में नंगे पैर ‘हनुमान अंश’ देखते नजर आया मुस्लिम शख्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सिनेमा हॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देख रहा है। कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि फिल्म देखते समय वह बिना जूते-चप्पल के बैठा है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी खूब पसंद की जा रही है।

वीडियो में वह व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद टोपी पहने हुए बिना जूते-चप्पल के थिएटर में बैठा दिखाई दे रहा है। वह फिल्म देखने में पूरी तरह मग्न है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि कोई उसका वीडियो बना रहा है।

वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “बिना राजनीति वाला भारत।” दूसरे ने लिखा, “वे दशकों से चल रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण से उसके मन को दूषित करने में नाकाम रहे।”

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच यह वायरल क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में मिराज सिनेमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नीम करोली बाबा के लिए सीट नंबर 9 आरक्षित करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि बाबा अपने भक्तों के साथ फिल्म देखेंगे।

नंगे पैर फिल्म देखने आए एक व्यक्ति का वीडियो और उस पर ऑनलाइन मिली प्रतिक्रियाओं ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।

नीम करौली बाबा, जिनका जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वे हनुमान के परम भक्त थे। 1960 और 1970 के दशक में कैंची धाम और वृंदावन में अपने आश्रमों के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी शिक्षाओं ने पश्चिमी देशों के कई साधकों को आकर्षित किया, जिनमें हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्परट (राम दास) और आध्यात्मिक साधक भगवान दास प्रमुख थे।

उनकी शिक्षाओं में निस्वार्थ सेवा और भक्ति पर जोर दिया गया था, जिसे संक्षेप में “सब से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ” कहा जाता है। हालांकि उनके अनुयायियों द्वारा बताई गई बातों में उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी घटनाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन ये कहानियाँ उनके आध्यात्मिक जीवन-वृत्तांत का हिस्सा हैं, न कि प्रमाणित इतिहास का।

11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनके निधन के बाद, उनकी विरासत दुनिया भर में फैली और स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी प्रमुख पश्चिमी हस्तियों को प्रभावित किया; इन सभी ने उनके कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था।

खबरों के अनुसार, 1.8 करोड़ रुपये के कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग 10 लाख रुपये की शुरुआती कमाई की और 28वें दिन तक 62 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई कर ली। फिल्म निर्माताओं का मानना ​​है कि लोगों के बीच फिल्म की अच्छी चर्चा (वर्ड ऑफ माउथ) के कारण ही यह फिल्म इतने लंबे समय तक सिनेमाघरों में चल पाई।

‘हनुमान अंश’ देखकर भावुक हुए वीरेंद्र सहवाग, बोले- महाराज जी की कृपा को महसूस करना ही अपने आप में खास है [VIDEO]

महान संत बाबा नीम करौली के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों लगातार चर्चा में है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआत में फिल्म को भले ही धीमी प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ के बाद इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

 

अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी फिल्म देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फिल्म की तारीफ की और बताया कि बाबा नीम करौली के प्रति उनकी आस्था करीब एक दशक पुरानी है।

 

करीब 10 साल से बाबा नीम करौली से जुड़ा है सहवाग का जुड़ाव

 

सहवाग ने अपने वीडियो की शुरुआत ‘सीता-राम’ के अभिवादन से की। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले एक दोस्त के जरिए उन्हें बाबा नीम करौली और उनकी लीलाओं के बारे में जानने का मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने बाबा के बारे में पढ़ना और उनके बारे में सुनना शुरू किया।

 

सहवाग के मुताबिक, समय के साथ उनके मन में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और आकर्षण पैदा हुआ। उन्होंने बाबा के व्यक्तित्व, उनकी करुणा और भक्तों के जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा का प्रभाव आज भी लोगों के अनुभवों में देखने को मिलता है।



 

 ‘हनुमान अंश’ को बताया बाबा नीम करौली को खूबसूरत श्रद्धांजलि

 

फिल्म देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली जैसे संत के पूरे व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को किसी एक फिल्म में समेटना आसान नहीं है। हालांकि, उन्हें लगा कि ‘हनुमान अंश’ ने बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को खूबसूरती से पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है।

 

उन्होंने फिल्म को बाबा नीम करौली के लिए एक सुंदर श्रद्धांजलि बताया। सहवाग का कहना था कि फिल्म के जरिए दर्शकों को बाबा के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव की एक झलक जरूर मिलती है।

 

उन्होंने लोगों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि अगर कोई बाबा नीम करौली को जानता है और उनके जीवन से जुड़ा रहा है, तो उसे यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

 

 फिल्म का सांप वाला सीन सहवाग के दिल को छू गया

 

सहवाग ने फिल्म के उस दृश्य का भी खास तौर पर जिक्र किया, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इस सीन में बाबा नीम करौली के शरीर पर सांप लिपटे हुए दिखाई देते हैं।

 

इस दौरान फिल्म में बाबा के संवाद को भी सहवाग ने याद किया। उन्होंने बताया कि जब एक भक्त उन्हें शिव का स्वरूप बताता है, तो बाबा की ओर से बेहद गहरी बात कही जाती है। सहवाग के मुताबिक, इस पूरे प्रसंग ने उन्हें भावुक कर दिया और फिल्म का यह हिस्सा उनके मन में बस गया।

 

सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली को पूरी तरह समझ पाना शायद संभव नहीं है, लेकिन उनकी कृपा और प्रभाव को महसूस किया जा सकता है।

 

सोशल मीडिया पर लिखा- ‘महाराज जी की लीला बहुत निराली है’

 

फिल्म देखने के बाद सहवाग ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने लिखा कि महाराज जी की लीला को समझना शायद संभव नहीं, लेकिन उनकी कृपा को महसूस जरूर किया जा सकता है।

 

उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को एक महान संत की अद्भुत यात्रा से जुड़ी फिल्म बताते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की। सहवाग की इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई है।

ALSO READ: विराट-अनुष्का से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक जिसके भक्त, उस 'हनुमान अंश' का विदेश में बजेगा डंका! होम्बले फिल्म्स करेगी ग्लोबल रिलीज


 अब विराट कोहली तक पहुंचाना चाहते हैं फिल्म

 

सहवाग की प्रतिक्रिया ने फिल्म के निर्माताओं के लिए इसे और खास बना दिया है। निर्माता ने बताया कि वह खुद सहवाग के बड़े प्रशंसक रहे हैं और क्रिकेट से सहवाग की विदाई के बाद उन्होंने क्रिकेट देखना तक छोड़ दिया था।

 

ऐसे में सहवाग का अपनी इच्छा से फिल्म देखना और फिर सार्वजनिक रूप से उसकी तारीफ करना उनके लिए बेहद भावुक पल बन गया। अब निर्माता की इच्छा है कि भारतीय क्रिकेट के एक और बड़े स्टार विराट कोहली भी ‘हनुमान अंश’ देखें।

 

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की बाबा नीम करौली के प्रति आस्था भी कई बार चर्चा में रही है। ऐसे में निर्माता दोनों को फिल्म दिखाना चाहते हैं। सहवाग के रिएक्शन के बाद उनकी यह इच्छा और भी खास हो गई है।

 

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताया और मृतकों, घायलों, पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही।

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने की निंदा की:100 साल पुराने मंदिर की जगह मदरसा बनाने का आरोप; इस्लामाबाद बोला- बारिश से गिरी इमारत भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अंडे अच्छी तरह पकाने को कहा था, टेबल पर मिला ऐसा नोट कि परिवार ने खाना ही छोड़ दिया!

इटली के एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे परिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। एक महिला ने बस इतना कहा था कि उसके स्क्रैम्बल्ड एग्स अच्छी तरह पकाए जाएं। लेकिन खाने के ऑर्डर से जुड़ा एक कथित निजी नोट गलती से ग्राहकों की नजर में आ गया। नोट में लिखी आपत्तिजनक बात पढ़कर परिवार ने अंडे खाने से ही इनकार कर दिया। मामला बढ़ा तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सामने आकर माफी मांगनी पड़ी और संबंधित कर्मचारी पर भी कार्रवाई की गई। इसके बाद घटना सोशल मीडिया तक पहुंच गई, जहां लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

दिलचस्प बात यह है कि रेस्टोरेंट ने बाद में इसी विवाद पर एक मजाकिया वीडियो भी पोस्ट कर दिया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया। अब सवाल यह है कि आखिर उस नोट में ऐसा क्या लिखा था और रेस्टोरेंट ने इस पूरे विवाद पर क्या सफाई दी?

रसोई के लिए लिखा संदेश पहुंच गया ग्राहक की टेबल तक

यह मामला 19 अगस्त को इटली के लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर रिक्चोने के Victor Lab रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑर्डर में अंडों को अच्छी तरह पकाने और सलाद न देने की बात लिखी गई थी।लेकिन ऑर्डर के नीचे कथित तौर पर वेटर ने रसोई के लिए एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी लिख दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोट में लिखा था कि “इस महिला ने मुझे परेशान कर दिया है… अंडे जला दो और उनमें थूक दो।” Toxic (3)

नोट पढ़ते ही परिवार ने खाने से किया इनकार

परिवार ने जब कथित संदेश देखा तो उन्होंने अंडे खाने से मना कर दिया। उन्होंने रेस्टोरेंट स्टाफ से इस बारे में सवाल किया। इसके बाद रेस्टोरेंट के डायरेक्टर ने मामले में दखल दिया और परिवार से माफी मांगी। बताया गया कि संबंधित आइटम बिल से हटा दिए गए और अतिरिक्त खाना देने की पेशकश भी की गई, लेकिन परिवार वहां से चला गया।

मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा

परिवार ने कथित ऑर्डर की तस्वीर के साथ रेस्टोरेंट को लेकर नकारात्मक समीक्षा भी पोस्ट की। इसके बाद यह अजीबोगरीब घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर ग्राहक के लिए रसोई में लिखा गया निजी संदेश टेबल तक पहुंचा कैसे।

रेस्टोरेंट ने कर्मचारी को हटाया

रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने संदेश को अनुचित बताते हुए माफी मांगी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित कर्मचारी एक युवा कर्मचारी था, जो वहां कुछ ही हफ्तों से काम कर रहा था। रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि उसे तुरंत सर्विस से हटा दिया गया।

मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि खाने में वास्तव में किसी तरह की गंदगी मिलाने का कोई सबूत नहीं था। रेस्टोरेंट ने अपने ओपन किचन का हवाला देते हुए भी कहा कि ऐसी हरकत वहां आसानी से छिप नहीं सकती थी।

माफी मांगने के लिए बनाई वीडियो, फिर बढ़ा विवाद

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रेस्टोरेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर एक मजाकिया वीडियो शेयर किया, जिसमें अच्छी तरह पके अंडों की मांग को लेकर उसी घटना का मजाकिया अंदाज में जिक्र किया गया। वीडियो में मालिक ग्राहक से मजाक में पूछता नजर आया कि अंडे “उस चीज के साथ या बिना” चाहिए।रेस्टोरेंट ने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि युवा कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहिए या उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए।

ग्राहक ने कहा- मजाक उड़ाया जा रहा है

इस वीडियो से संबंधित महिला नाराज हो गई। एक स्थानीय रिपोर्ट में उसने कहा कि वह घटना से वास्तव में परेशान हुई थी और रेस्टोरेंट की सोशल मीडिया पोस्ट उसे मामले को हल्का बनाती हुई लगी। उसने यह भी बताया कि विवाद वायरल होने के बाद उसे ऑनलाइन आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वहीं, रेस्टोरेंट का कहना था कि वीडियो का मकसद ग्राहक का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि माफी मांगते हुए माहौल को शांत करना था।

एक प्लेट अंडे से शुरू हुआ बड़ा विवाद

जो मामला एक साधारण नाश्ते और अच्छी तरह पके अंडों की मांग से शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते वेटर के नोट, ग्राहक की नाराजगी, कर्मचारी पर कार्रवाई और सोशल मीडिया विवाद में बदल गया। अब इंटरनेट पर यह बहस भी चल रही है कि युवा कर्मचारी को सख्त सजा मिलनी चाहिए या गलती मानकर उसे दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।

“महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं…” रक्षा बंधन ऐड को लेकर ट्रोल हो रही कृति सेनन के सपोर्ट में आए राहुल गांधी

Kriti Sanon Controversy: रक्षाबंधन के एक विज्ञापन में कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना कर रहीं कृति सेनन के सपोर्ट में आए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक बयान शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी महिला के कपड़ों और उसकी जीवनशैली को लेकर सोशल मीडिया पर निगरानी या रोक-टोक नहीं की जानी चाहिए।

राहुल गांधी ने लिखा, “महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं और कहां जाती हैं – यह उनकी अपनी पसंद है। अपनी आजादी का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को ट्रोल करना बंद करें।”

आलोचना पर कृति सेनन का जवाब

कृति सेनन ने मंगलवार को ही इस आलोचना का जवाब दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़ों से ही उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को क्यों आंका जाता है।

सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किए गए एक नोट में कहा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं!… और हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए?”

उन्होंने आगे कहा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन जब सांस्कृतिक परंपराओं की बात आती है, तो महिलाओं को अक्सर उनके कपड़ों के आधार पर आंका जाता है।

कृति सेनन की यह प्रतिक्रिया एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर हुई ऑनलाइन आलोचना के एक दिन बाद आई।

कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी

इस विवाद पर एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी और विज्ञापन में सानन की पोशाक की आलोचना की।

विज्ञापन में सानन राखी बांधते हुए आइवरी रंग का ब्रैलेट और स्कर्ट पहने और साथ में केप ओढ़े हुए दिखाई देती हैं। रनौत ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस लुक को “जानबूझकर अजीब” बताया।

कृति सेनन ने उस विज्ञापन के बारे में क्या कहा?

विज्ञापन का बचाव करते हुए सेनन ने कहा कि त्योहारों का महत्व कपड़ों के बजाय परंपराओं से जुड़ी भावनाओं और मूल्यों के जरिए समझा जाना चाहिए।

उन्होंने लिखा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों के गले के डिजाइन में नहीं!”

सेनन ने अपने परिवार के लिए रक्षाबंधन के महत्व के बारे में भी बताया और कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के बीच सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा वैसे ही कर सकते हैं जैसे कोई भाई करता।”

उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे की सेहत, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं, और यही भावना उनके पालतू जानवरों के लिए भी है।

सेनन ने कहा, “आखिरकार, वे भी परिवार का ही हिस्सा हैं।”

विज्ञापन में सेनन को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए दिखाया गया है, जबकि उनका पालतू कुत्ता उन्हें देख रहा है। बाद में वह कुत्ते के पैर पर भी एक राखी बांधती हैं।

विज्ञापन की आलोचना क्यों हुई?

इस विज्ञापन के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने सेनन के पहनावे की आलोचना करते हुए कहा कि पारंपरिक त्योहार के हिसाब से यह ठीक नहीं था। वहीं, कुछ लोगों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि विज्ञापन में एक्ट्रेस एक कुत्ते को राखी बांध रही थीं।

इस आलोचना के कारण विज्ञापन का फोकस त्योहार के संदेश से हटकर महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक परंपराओं और निजी पसंद से जुड़ी व्यापक बहस पर केंद्रित हो गया।

यह भी पढ़ें: बिहार से गुजरात के लिए एक और ट्रेन, 26 अगस्त से दौड़ेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, जानिए इसका रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग