नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

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Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में शुक्रवार को अचानक से तेज आंधी तुफान के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके बाद दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगर बारिश की स्थिति लगातार बनती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।

राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है, जो श्रीगंगानगर से होते हुए इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है। इन मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।

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Vande Bharat: 5 सितंबर को चलेगी 16-कोच वाली वंदे भारत, वेस्टर्न घाट से होकर दौड़ेगी ये शानदार हाई-स्पीड ट्रेन, जानिए कितना घटेगा टाइम

Vande Bharat: बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत 5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रेन यशवंतपुर जंक्शन से मंगलुरु सेंट्रल के बीच चलेगी। वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल के दौरान ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर से रवाना होकर दोपहर 2:25 बजे मंगलुरु पहुंचेगी। इस दौरान करीब 8 घंटे 20 मिनट में सफर पूरा किया जाएगा। वहीं अभी बेंगलुरु से मंगलुरु तक जाने में करीब 10 घंटे तक का समय लगता है। इस ट्रायल के दौरान ट्रेन की रफ्तार, ब्रेक, सुरक्षा और घाट वाले रास्ते में चलने की क्षमता की जांच की जाएगी। अगर ट्रायल सफल रहा, तो इस रूट पर वंदे भारत की नियमित सेवा शुरू करने की अंतिम मंजूरी मिल सकती है।

कितने बजे से शुरू होगा ट्रायल

5 सितंबर को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन सुबह 6:05 बजे यशवंतपुर जंक्शन से रवाना होगी। मंगलुरु जाने के रास्ते में ट्रेन हसन, सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड स्टेशनों पर तय समय के अनुसार रुकेगी। ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत ट्रेन पडिल स्टेशन पर नहीं रुकेगी। ट्रेन के दोपहर करीब 1:50 बजे पडिल से गुजरने की संभावना है। इसके बाद मंगलुरु सेंट्रल पहुंचने पर यही ट्रेन दोपहर 3 बजे यशवंतपुर के लिए वापस रवाना होगी।

वंदे भारत ट्रायल रन का संभावित शेड्यूल

  • यशवंतपुर जंक्शन: सुबह 6:05 बजे रवाना होगी
  • हासन जंक्शन: सुबह 9:00 बजे पहुंचेगी और 9:05 बजे रवाना होगी
  • सकलेशपुर: सुबह 9:55 बजे पहुंचेगी और 10:00 बजे रवाना होगी
  • सुब्रह्मण्य रोड: दोपहर 12:30 बजे पहुंचेगी और 12:35 बजे रवाना होगी
  • पडिल: दोपहर करीब 1:50 बजे बिना रुके गुजरेगी
  • मंगलुरु सेंट्रल: दोपहर 2:25 बजे पहुंचेगी

वंदे भारत की वापसी का संभावित शेड्यूल

  • मंगलुरु सेंट्रल: दोपहर 3:00 बजे रवाना होगी
  • पडिल: दोपहर करीब 3:25 बजे बिना रुके गुजरेगी
  • सुब्रह्मण्य रोड: शाम 4:30 बजे पहुंचेगी और 4:35 बजे रवाना होगी
  • सकलेशपुर: शाम 6:30 बजे पहुंचेगी और 6:35 बजे रवाना होगी
  • हासन जंक्शन: शाम 7:20 बजे पहुंचेगी और 7:30 बजे रवाना होगी
  • यशवंतपुर जंक्शन: रात 11:00 बजे पहुंचेगी

5 सितंबर को होगा ट्रायल

ट्रायल रन में रेलवे की टीम वंदे भारत के ब्रेक, स्पीड कंट्रोल, इमरजेंसी स्थिति में रिस्पॉन्स और ढलान वाले रास्ते पर संचालन की जांच करेगी। घाट सेक्शन को ध्यान में रखते हुए ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सुविधा वाली ट्रेन का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान सकलेशपुर और सुब्रह्मण्य रोड के बीच घाट सेक्शन पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस रास्ते में कई मोड़ और ढलान हैं, इसलिए यहां ट्रेन की सुरक्षित रफ्तार और संचालन को परखना जरूरी होगा। जिससे नियमित सेवा शुरू होने पर सफर सुरक्षित रहे।

5 सितंबर को होने वाले इस परीक्षण में 16 कोच की खाली वंदे भारत रेक को चलाया जाएगा, ताकि अलग-अलग परिस्थितियों में ट्रेन के प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को परखा जा सके।

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अंधेरा होते ही चमक उठते हैं ये 7 जंगल और बीच, कहलाते है इंडिया का सीक्रेट नाइट शो!

भारत के वेस्टर्न घाट के कुछ जंगल और कुछ समुद्र तट रात के समय बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से चमक उठते हैं। जंगलों में यह रोशनी फंगस से और समुद्र में छोटे प्लैंकटन से होती है। मानसून और उसके बाद का समय इस दुर्लभ प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती के साथ-साथ इनके कंर्वेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

मट्टू बीच, कर्नाटक (Mattu Beach, Karnataka)

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कर्नाटक के उडुपी के पास मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रात में दिखने वाली नीली चमक के लिए भी जाना जाता है। मानसून के बाद सही मौसम में समुद्र की लहरों में मौजूद छोटे-छोटे प्लैंकटन नीली रोशनी छोड़ते हैं, जिससे पूरा बीच चमकता हुआ दिखाई देता है। यह नजारा टूरिस्ट और फोटोग्राफरों को खूब पसंद आता है। सितंबर से दिसंबर के बीच यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

अगुम्बे, कर्नाटक (Agumbe, Karnataka)

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अगुम्बे को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, तेज बारिश और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां पेड़ों की गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले खास फंगस रात में हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं। प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए जून से सितंबर के बीच यहां घूमने जा सकते हैं।

बंगाराम आइलैंड, लक्षद्वीप (Bangaram Island, Lakshadweep)

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लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड भारत के सबसे मशहूर ग्लोइंग बीच में से एक है। यहां समुद्र में मौजूद छूटे प्लैंकटन लहरों के हिलने पर चमकीली नीली रोशनी छोड़ते हैं। रात के समय ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र चमक रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

गोवा के बायोल्यूमिनेसेंट बीच, गोवा (Goa Bioluminescent Beaches, Goa)

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गोवा के बेतालबातिम, कोलवा और कुछ अन्य शांत बीचों पर मानसून के बाद कई बार रात में समुद्र की लहरें नीली रोशनी से चमकती दिखाई देती हैं। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म प्लैंकटन की वजह से होती है। हालांकि यह नजारा हर रात नहीं दिखता, लेकिन सही मौसम में इसे देखना यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है। सितंबर से दिसंबर के बीच का टाइम यहां घूमने के लिए परफेक्ट है।

भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, महाराष्ट्र (Bhimashankar Wildlife Sanctuary, Maharashtra)

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रात में चमकने वाले जंगलों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले फंगस हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं, जिससे जंगल का नजारा बेहद खास लगता है। जुलाई से सितंबर के बीच और बिना चांद वाली रातों में यह दृश्य सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

चोरला घाट, गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र (Chorla Ghat, Goa–Karnataka–Maharashtra)

गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर चोरला घाट अपने घने जंगलों और हरियाली के लिए पॉपुलर है। मानसून के दौरान यहां नमी ज्यादा होने की वजह से चमकने वाले फंगस आसानी से उग जाते हैं। रात के समय गिरी हुई लकड़ियों पर हल्की हरी चमक दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खास बना देती है। जुलाई से सितंबर यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है।

साइलेंट वैली नेशनल पार्क, केरल (Silent Valley National Park, Kerala)

केरल का साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित वर्षावनों में से एक है। यहां का ठंडा और नम वातावरण चमकने वाले फंगस के लिए परफेक्ट होता है। मानसून के दौरान जंगल के कुछ हिस्सों में यह दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिल सकता है। प्रकृति और जंगलों को पास से देखना पसंद करते हैं, तो यह जगह आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है।