Video: 2 साल भारत में रही कोरियाई महिला, 7 शहर घूमने के बाद इस जगह पर आया दिल

भारत में घूमने की जगहों की कमी नहीं है, लेकिन हर किसी की पसंद अलग होती है। दक्षिण कोरिया की जंग ए उम ने अपने बच्चों के साथ भारत में दो साल बिताए और इस दौरान कई शहरों को करीब से जाना। हालांकि, उनकी यात्राओं में एक जगह ऐसी रही, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। समुद्र की खूबसूरती और वहां के अनुभवों ने उनका नजरिया ही खास बना दिया। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जगह का जिक्र किया है, जिसके बाद लोग उनकी यात्रा पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें नए पर्यटन स्थलों के सुझाव दे रहे हैं।

भारत के सात शहरों में देखा अलग-अलग रंग

जंग ए उम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक था, ‘भारत में 2 साल: एक कोरियाई मां की ईमानदार राय’। इसमें उन्होंने भारत में रहने और घूमने के अपने अनुभव बताए। उन्होंने चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, केरल, कोयंबटूर और अंडमान की यात्रा की। उनके मुताबिक, भारत इतना बड़ा और विविधताओं से भरा देश है कि हर शहर में अलग माहौल महसूस होता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और कहीं लोगों की जीवनशैली। इसके बावजूद उन्हें हर जगह खूबसूरती और लोगों का अच्छा व्यवहार देखने को मिला। उनका कहना है कि भारत के अलग-अलग शहरों का अपना आकर्षण है और हर जगह कुछ नया सीखने और देखने को मिलता है।

अंडमान की खूबसूरती ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

जिन जगहों को जंग ने देखा, उनमें अंडमान द्वीपसमूह उनका पसंदीदा बनकर उभरा। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, साफ पानी और समुद्र के भीतर दिखाई देने वाला जीव-जगत उन्हें बेहद पसंद आया।

स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्री जीवन को करीब से देखने का अनुभव भी उनके लिए खास रहा। उन्होंने बताया कि वह ऑफ-सीजन में अंडमान पहुंची थीं, फिर भी वहां का अनुभव उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर निकला। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अंडमान को अपनी पसंदीदा नई खोजों में से एक बताया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता को यादगार करार दिया।

भारत में अभी घूमने के लिए बहुत कुछ बाकी

दो साल भारत में बिताने के बावजूद जंग को लगता है कि अभी कई जगहें देखना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह भारत में रहेंगी, नई जगहों की खोज करती रहेंगी और अपने अनुभव दुनिया के लोगों के साथ साझा करेंगी। उनकी पोस्ट पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने भारत की तारीफ करने के लिए उनका धन्यवाद किया, जबकि कुछ ने उन्हें पूर्वोत्तर भारत घूमने की सलाह दी। एक यूजर ने बताया कि पूर्वोत्तर का अनुभव देश के दूसरे हिस्सों से काफी अलग है।

सोशल मीडिया पर क्यों पसंद आ रही है कहानी?

जंग का अनुभव बताता है कि भारत की पहचान सिर्फ उसके ऐतिहासिक स्थलों या प्राकृतिक नजारों से नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और लोगों के व्यवहार से भी बनती है। उनके लिए अंडमान की यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं, बल्कि एक ऐसी खोज रही, जिसने भारत के प्रति उनकी यादों को और खास बना दिया।

₹5,000 के टिकट बुक कराए, घर जाने की थी खुशी, तभी मैनेजर ने कर दिया खेल! कर्मचारी की कहानी वायरल

Bengaluru: ट्रैफिक और महंगे किराए से अलग दिखा शहर का खूबसूरत चेहरा, चेन्नई के शख्स ने बताई दिल की बात

बेंगलुरु का नाम आते ही अक्सर ट्रैफिक जाम, महंगे किराए, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबे सफर की बातें होने लगती हैं। लेकिन करीब डेढ़ साल से कर्नाटक की राजधानी में रह रहे चेन्नई के एक शख्स ने शहर की ऐसी तस्वीर सामने रखी है, जिसे अक्सर चर्चाओं में जगह नहीं मिलती। उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई छोटी-छोटी चीजें गिनाईं, जिन्होंने उन्हें बेंगलुरु का मुरीद बना दिया।

ट्रैफिक और समस्याओं के बीच दिखीं शहर की अच्छी बातें

Reddit पर एक पोस्ट के जरिए इस शख्स ने लिखा कि बेंगलुरु को लेकर लोगों की कई शिकायतें जायज हैं, लेकिन शहर में ऐसी कई सुविधाएं भी हैं जिनकी लोग अक्सर अनदेखी कर देते हैं।

अपने पोस्ट में उन्होंने बेंगलुरु की तुलना चेन्नई से करते हुए बताया कि शहर की कुछ सामान्य-सी लगने वाली चीजें उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान और बेहतर बनाती हैं।

मोहल्लों के छोटे पार्क बने पसंदीदा ठिकाने

बेंगलुरु के बड़े और मशहूर पार्कों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन इस चेन्नई निवासी को शहर के छोटे BBMP पार्क खास तौर पर पसंद आए।

उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाकों के बीच बने इन छोटे पार्कों में पेड़, हरियाली और बैठने की जगह होती है। उनके लिए ये सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।

₹80 का खाना याद आया तो पुरानी यादें ताजा हो गईं

बेंगलुरु की Darshini और Udupi फूड कल्चर भी उन्हें काफी पसंद है। खासतौर पर कम कीमत में साफ-सुथरा शाकाहारी खाना मिलने की सुविधा ने उनका ध्यान खींचा।

उन्होंने अपने इंटर्नशिप के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय महज ₹80 में मिलने वाला Udupi मील उनके लिए काफी मददगार साबित होता था। उनके मुताबिक, कम बजट में पेट भरने के लिए ऐसे विकल्प किसी राहत से कम नहीं थे।

Weekend Trip के लिए बेंगलुरु की लोकेशन शानदार

शहर की भौगोलिक स्थिति भी उन्हें पसंद आई। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और गोवा की ओर जाना आसान है।

खास तौर पर KSRTC बस कनेक्टिविटी को उन्होंने बेहद उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, शहर में रहने वालों के लिए आसपास के राज्यों तक पहुंचने के कई सुविधाजनक विकल्प मौजूद हैं।

₹30 की बस राइड ने खींचा ध्यान

उनकी सबसे दिलचस्प बातों में से एक बेंगलुरु की बस सेवा को लेकर थी। उन्होंने 500-सीरीज बसों का जिक्र करते हुए बताया कि Outer Ring Road की ओर जाने के लिए उन्हें अक्सर AC बस मिल जाती है। जहां उनके कुछ साथी कैब या बाइक टैक्सी का सहारा लेते हैं, वहीं वह करीब ₹30 में बस से ऑफिस पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, इसमें surge pricing जैसी परेशानी भी नहीं होती।

IT और पब्स से आगे भी है Bengaluru

चेन्नई के इस शख्स ने शहर के मंदिरों और पारंपरिक बाजारों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि बेंगलुरु को अक्सर IT कंपनियों, कैफे और पब्स के लिए जाना जाता है, लेकिन शहर का एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पक्ष भी है। उनकी पोस्ट का मकसद भी इसी दूसरे पहलू को सामने लाना था। उन्होंने लोगों से शहर की समस्याओं के साथ-साथ उसकी अच्छी चीजों पर भी ध्यान देने की अपील की।

Reddit पर लोगों ने भी की तारीफ

पोस्ट सामने आने के बाद कई Reddit यूजर्स ने इस सकारात्मक नजरिए की सराहना की। एक यूजर ने इसे बेंगलुरु की तारीफ से जुड़ी दुर्लभ पोस्ट बताया। कुछ लोगों ने शहर के मौसम और शाम की सैर का जिक्र किया, जबकि दूसरे यूजर्स ने KSRTC की कनेक्टिविटी को लेकर सहमति जताई। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि यही वह बेंगलुरु है, जिसे वह भी पसंद करता है। कुल मिलाकर, यह पोस्ट बेंगलुरु की उन छोटी-छोटी खूबियों पर रोशनी डालती है, जो बड़े ट्रैफिक जाम और महंगे किराए जैसी चर्चाओं के बीच अक्सर नजरों से ओझल हो जाती हैं।

‘CM विजय को गले लगाना है…’ जंतर-मंतर सड़क पर लेटी महिला की अनोखी मांग, Video वायरल

थाईलैंड और वियतनाम ही नहीं, ये अनोखा देश भी बना सकते हैं आपकी अगली ट्रिप यादगार!

दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने का प्लान बनाते समय थाईलैंड लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, नाइटलाइफ, शॉपिंग और कई तरह के टूरिस्ट स्पॉट की वजह से यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन अब ट्रैवलर्स की पसंद में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और वियतनाम भी तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

वियतनाम की खास बात यह है कि यहां घूमने वालों को खूबसूरत प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक जगहें, लोकल कल्चर और अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस एक साथ मिल जाता है। साथ ही, बजट में यात्रा करने वालों के लिए भी यह देश काफी अट्रैक्टिव नजर आता है। यही वजह है कि कई ट्रैवलर अब अगली छुट्टी के लिए थाईलैंड के बजाय वियतनाम को चुनने के बारे में सोच रहे हैं।

थाईलैंड और वियतनाम की तुलना करने के तरीके:

1. कीमत और ट्रिप का खर्च

बजट की बात करें तो वियतनाम थाईलैंड के मुकाबले सस्ता ऑप्शन माना जाता है। होटल, लोकल खाना, टैक्सी और रोजकी छोटी जरूरतों पर यहां कम पैसे खर्च हो सकते हैं। बैकपैकिंग या कम बजट में घूमने वाले ट्रैवलर के लिए वियतनाम अट्रैक्टिव है। लेकिन भारत से जाने वाले ट्रैवलर का पूरा बजट सिर्फ वहां के खर्च पर डिपेंड नहीं करता। फ्लाइट, वीजा, होटल और घूमने वाली जगहों के टिकट को मिलाकर कुल खर्च देखना ज्यादा सही रहेगा।

2. घूमने की जगहों में किसका पलड़ा भारी?

डेस्टिनेशन के मामले में किसी एक देश को बेहतर कहना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की अपनी अलग खासियत है। थाईलैंड खूबसूरत समुद्र तटों, द्वीपों, रिसॉर्ट्स और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। बैंकॉक जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग, मनोरंजन और घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं। दूसरी तरफ, वियतनाम में पहाड़, समुद्र, पुराने शहर, नदियां और ग्रामीण इलाकों का अलग एक्सपीरियंस मिलता है। हनोई, सापा, हा लॉन्ग बे और मेकांग डेल्टा जैसी जगहें उन लोगों को पसंद आ सकती हैं जो नेचर के साथ हिस्ट्री और लोकल कल्चर को भी करीब से देखना चाहते हैं।

3. खाने के मामले में कौन बेहतर?

खाने की पसंद पूरी तरह व्यक्ति पर डिपेंड करती है, क्योंकि दोनों देशों का खाना अपने-अपने तरीके से खास है। थाईलैंड में पैड थाई, टॉम यम, करी और कई तरह का स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाता है। वहीं वियतनाम का फो, बान्ह मी, बन चा और वियतनामी कॉफी काफी लोकप्रिय हैं। थाई खाना ज्यादा मसालेदार और तीखा होता है, जबकि वियतनामी खाने में ताजी सब्जियों, हर्ब्स और हल्के स्वाद का इस्तेमाल ज्यादा देखने को मिलता है। आप स्ट्रीट फूड ट्राय करना पसंद करते हैं, तो दोनों देशों में आपके लिए काफी कुछ नया हो सकता है।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी

टूरिस्टों के लिए घूमने की फैसिलिटी के मामले में थाईलैंड को काफी एक्सपीरियंस हासिल है। बैंकॉक जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, टैक्सी और टूरिस्ट सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। वियतनाम में भी पिछले कुछ वर्षों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर ट्रैफिक और लोकल ट्रांसपोर्ट नए ट्रैवलर के लिए थोड़ा अलग एक्सपीरियंस हो सकता है। दोनों देशों में सड़क पार करते समय, बाइक वाले इलाकों में और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सामान संभालकर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।

5. वीजा और इमिग्रेशन

फॉरेन ट्रिप की प्लानिंग में वीजा सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके रूल समय के साथ बदलते रहते हैं। 2026 में भारतीय ट्रैवलर के लिए थाईलैंड की एंट्री व्यवस्था आसान रही है, जबकि वियतनाम जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को ई-वीजा की जरूरत पड़ती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले दोनों देशों की मौजूदा वीजा और एंट्री शर्तों को जरूर चेक कर लेना चाहिए।

दक्षिण-पूर्व एशिया में घूमने के लिए हर देश की अपनी अलग खासियत है। किसी को समुद्र तट और आइलैंड पसंद आ सकते हैं, तो किसी को इतिहास, संस्कृति, पहाड़ या मॉडर्न शहर ज्यादा अट्रैक्ट कर सकते हैं। इस पूरे रीजन में टूरिस्म को आसान, बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने पर भी लगातार काम हो रहा है। इसलिए किसी एक देश को हर ट्रैवलर के लिए सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा। आप पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जा रहे हैं, तो अपने बजट, पसंद और ट्रैवल के मकसद के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा। सही जगह चुनकर आपकी छुट्टी को सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक नया एक्सपीरियंस बना सकता है।

फॉरेन ट्रिप पर नहीं होगी जेब ढीली, इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं पैसे!

विदेश घूमने का प्लान बनाते समय हम सबसे पहले फ्लाइट टिकट और होटल के खर्च जोड़ते है। लेकिन ट्रिप के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना-पीना, घूमने की जगहों की टिकट और दूसरी छोटी चीजों को खरीदने पर भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। यदि इन खर्चों का पहले से अंदाजा न हो, तो बजट के बढ़ने का पता नहीं चलता है।

लेकिन यदि आप कुछ आसान टिप्स से फॉरेन ट्रिप का खर्च काफी कम किया जा सकता है। जिसमे आपको हर चीज में कटौती करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च करने का सही तरीका पता होना चाहिए। ऐसे ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पैसे भी बचा सकते हैं और अपनी फॉरेन ट्रिप को बिना ज्यादा खर्च की चिंता के खुलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

1. पहले से बनाएं ट्रिप बजट

फॉरेन ट्रिप में खूबसूरत पार्क, मार्किट, समुद्र किनारे की जगहें, पुरानी गलियां और कुछ दर्शनीय स्थान बिना किसी टिकट के भी देखे जा सकते हैं। इसलिए ट्रिप से पहले उन जगहों की लिस्ट बना लें, जहां जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च न करने पड़ें। महंगी एक्टिविटी करने के बजाय शहर को पैदल घूमकर या लोकल मार्किट को एक्सप्लोर करके बिताएं। इससे कम खर्च में भी नई जगह को पास से देखने का अच्छा एक्सपीरियंस मिल सकता है।

 

2. होटल बुकिंग में बचाएं पैसे

विदेश में रहने के लिए मशहूर टूरिस्ट एरिया में होटल लेना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि आपका बजट कम है, तो शहर के सिटी सेंटर से थोड़ा दूर होटल, हॉस्टल या होमस्टे देख सकते हैं। बस यह जरूर ध्यान रखें कि वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाए और होटल किसी ट्रेन, बस या मेट्रो स्टेशन के पास हो। रोज थोड़ी दूरी तय करके आप होटल के खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।

3. बाहर खाने पर खर्च घटाएं

फॉरेन ट्रिप में रोज रेस्टोरेंट में खाना खाने से बजट तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोकल सुपरमार्केट से सैंडविच, फल, स्नैक्स, ड्रिंक्स और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यदि आपको वहाँ होटल में किचन की फैसिलिटी है, तो कुछ खाना खुद भी तैयार कर सकते हैं। लॉन्ग जर्नी के लिए घर से कुछ पैक किए हुए स्नैक्स ले जाना भी मददगार हो सकता है।

4. महंगी एक्टिविटीज से बचें

नई जगह पर पहुंचने के बाद हर टूर, टिकट, राइड और महंगी एक्टिविटी करने का मन करता है, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए पहले तय करें कि इस ट्रिप में आपके लिए कौन-से एक्सपीरियंस सबसे खास हैं। कुछ चुनिंदा एक्टिविटीज के लिए पैसे खर्च करें और बाकी समय शहर की गलियों में घूमने, पार्क देखने, समुद्र किनारे बैठने या लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने जैसे कम खर्च वाले ऑप्शन चुनें।

5. लोकल ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

विदेश में एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए हर बार टैक्सी या कैब लेने के बजाय जहां संभव हो, बस, ट्रेन या मेट्रो जैसे लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यदि कम सफर करना है, तो जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टिकट लेना ज्यादा सस्ता हो सकता है। इस तरह पहले से थोड़ा हिसाब लगाने पर आने-जाने के खर्च को कम किया जा सकता है।

6. बल्क में करें सुवेनियर शॉपिंग

सुवेनियर एक-एक करके खरीदने के बजाय होलसेल मार्केट या थोक की दुकान से खरीदें। यहां एक साथ ज्यादा सामान लेने पर कीमत कम मिल सकती है, जिससे आपकी शॉपिंग बजट से बाहर नहीं जाएगी। आप दोस्तों या परिवार के लिए भी सुवेनियर खरीद रहे हैं, तो यह तरीका आपके काफी पैसे बचा सकता है।

यदि आप फॉरेन में या कही भी बाहर सिटी में घूम रहे है हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। बस थोड़ा सोच-समझकर प्लान बनाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करें। एक यादगार सफर की चाबी यही है कि आप अपनी जरूरतों और प्रायोरिटी में सही बैलेंस बिठाएं, जिससे ट्रिप का एक्सपीरियंस भी शानदार रहे और आपका बजट भी न बिगड़े। इससे बजट भी काबू में रहेगा और आप बिना पैसों की ज्यादा चिंता किए अपनी फॉरेन ट्रिप का पूरा आनंद ले पाएंगे।

एक ट्रेन, कई खूबसूरत मंजिलें! वंदे भारत से बनाएं परफेक्ट वीकेंड प्लान

वीकेंड पर आप दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करके कम समय में एक अच्छी छोटी ट्रिप का मजा लिया जा सकता है। ट्रेन का आरामदायक सफर आपका समय भी बचाता है और सफर की थकान भी कम करता है।

कम दिनों की छुट्टी में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां घूमने के लिए ज्यादा समय मिले और सफर में पूरा दिन न निकल जाए। वीकेंड ट्रिप के लिए ट्रेन से ट्रिप करना इसलिए भी अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि आप आराम से सफर करते हुए अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

tarinmm

 

1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा

वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।

 

2. देहरादून, उत्तराखंड

पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।

 

3. अजमेर, राजस्थान

अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।

 

4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।

 

5. जयपुर, राजस्थान

शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।

अंधेरा होते ही चमक उठते हैं ये 7 जंगल और बीच, कहलाते है इंडिया का सीक्रेट नाइट शो!

भारत के वेस्टर्न घाट के कुछ जंगल और कुछ समुद्र तट रात के समय बायोल्यूमिनेसेंस की वजह से चमक उठते हैं। जंगलों में यह रोशनी फंगस से और समुद्र में छोटे प्लैंकटन से होती है। मानसून और उसके बाद का समय इस दुर्लभ प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन जगहों की खूबसूरती के साथ-साथ इनके कंर्वेशन का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

मट्टू बीच, कर्नाटक (Mattu Beach, Karnataka)

Bioluminescence Wallpaper 4K, Anime girl, Alone, Sunset, Beach

कर्नाटक के उडुपी के पास मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के साथ-साथ रात में दिखने वाली नीली चमक के लिए भी जाना जाता है। मानसून के बाद सही मौसम में समुद्र की लहरों में मौजूद छोटे-छोटे प्लैंकटन नीली रोशनी छोड़ते हैं, जिससे पूरा बीच चमकता हुआ दिखाई देता है। यह नजारा टूरिस्ट और फोटोग्राफरों को खूब पसंद आता है। सितंबर से दिसंबर के बीच यहां आने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

अगुम्बे, कर्नाटक (Agumbe, Karnataka)

Bioluminescent mushrooms glow softly on log in foggy forest, creating magical atmosphere 68602350 Stock Photo at Vecteezy

अगुम्बे को “दक्षिण भारत का चेरापूंजी” कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, तेज बारिश और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां पेड़ों की गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले खास फंगस रात में हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं। प्रकृति का अनोखा नजारा देखने के लिए जून से सितंबर के बीच यहां घूमने जा सकते हैं।

बंगाराम आइलैंड, लक्षद्वीप (Bangaram Island, Lakshadweep)

A field of flowers glowing on a rainbow in a magical forest, elenk szinu, mezo, HD wallpaper | Peakpx

लक्षद्वीप का बंगाराम आइलैंड भारत के सबसे मशहूर ग्लोइंग बीच में से एक है। यहां समुद्र में मौजूद छूटे प्लैंकटन लहरों के हिलने पर चमकीली नीली रोशनी छोड़ते हैं। रात के समय ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र चमक रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

गोवा के बायोल्यूमिनेसेंट बीच, गोवा (Goa Bioluminescent Beaches, Goa)

Glowing Mushrooms In An Enchanted Forest At Night, Glowing Mushrooms, Enchanted Forest, Night Background Image And Wallpaper for Free Download

गोवा के बेतालबातिम, कोलवा और कुछ अन्य शांत बीचों पर मानसून के बाद कई बार रात में समुद्र की लहरें नीली रोशनी से चमकती दिखाई देती हैं। यह रोशनी समुद्र में मौजूद सूक्ष्म प्लैंकटन की वजह से होती है। हालांकि यह नजारा हर रात नहीं दिखता, लेकिन सही मौसम में इसे देखना यादगार एक्सपीरियंस बन जाता है। सितंबर से दिसंबर के बीच का टाइम यहां घूमने के लिए परफेक्ट है।

भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, महाराष्ट्र (Bhimashankar Wildlife Sanctuary, Maharashtra)

महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में स्थित भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी रात में चमकने वाले जंगलों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां गिरी हुई लकड़ियों पर उगने वाले फंगस हल्की हरी रोशनी छोड़ते हैं, जिससे जंगल का नजारा बेहद खास लगता है। जुलाई से सितंबर के बीच और बिना चांद वाली रातों में यह दृश्य सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

चोरला घाट, गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र (Chorla Ghat, Goa–Karnataka–Maharashtra)

गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र की बॉर्डर पर चोरला घाट अपने घने जंगलों और हरियाली के लिए पॉपुलर है। मानसून के दौरान यहां नमी ज्यादा होने की वजह से चमकने वाले फंगस आसानी से उग जाते हैं। रात के समय गिरी हुई लकड़ियों पर हल्की हरी चमक दिखाई देती है, जो इस जगह को और भी खास बना देती है। जुलाई से सितंबर यहां घूमने का सबसे अच्छा समय है।

साइलेंट वैली नेशनल पार्क, केरल (Silent Valley National Park, Kerala)

केरल का साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित वर्षावनों में से एक है। यहां का ठंडा और नम वातावरण चमकने वाले फंगस के लिए परफेक्ट होता है। मानसून के दौरान जंगल के कुछ हिस्सों में यह दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिल सकता है। प्रकृति और जंगलों को पास से देखना पसंद करते हैं, तो यह जगह आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकती है।