जेब में ₹0 कैश, फिर भी घूमेंगे विदेश! देखें कहां काम करेगा भारतीय UPI

कभी भी अब्रॉड ट्रैवल में सबसे बड़ी परेशानी होती है पेमेंट करना। पहले लोगों को कैश बदलवाना पड़ता था या इंटरनेशनल कार्ड साथ रखना पड़ता था। लेकिन अब भारत के लोगों के लिए यह काम काफी आसान हो गया है। कई देशों में UPI से सीधे मोबाइल के जरिए पेमेंट की सुविधा मिलने लगी है, जिससे शॉपिंग करना, होटल का बिल पेमेंट या रेस्टोरेंट में पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

स्पेन की तैयारी 

जल्दी ही स्पेन भी अब वह देश होगा, जहां जाकर भारत के लोग UPI से आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दुकानों पर सिर्फ QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना आसान हो जाएगा। इससे कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैवल पहले से ज्यादा आसान होगा।

नेपाल और भूटान 

नेपाल और भूटान घूमने जाने वाले भारतीयों के लिए UPI काफी काम की फैसिलिटी है। यहां कई दुकानों, होटलों और आउटलेट पर UPI से पेमेंट किया जा सकता है। इससे करेंसी चेंज करने की परेशानी कम हो जाती है और मोबाइल से कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है।

ग्रीस 

ग्रीस भी कुछ समय पहले UPI फैसिलिटी अपनाने वाले देशों में जुड़ चूका है। अगर आप एथेंस की हिस्टोरिक साइट देखने जाएं या सेंटोरिनी और माइकोनोस आइलैंड की सैर करें, तो कई जगहों पर डिजिटल पेमेंट करने की फैसिलिटी मिल सकती है। इससे शॉपिंग करना और घूमना दोनों आसान हो जाते हैं।

सिंगापुर

सिंगापुर उन देशों में है, जहां भारतीय UPI को अपनाया गया। यहां टूरिस्ट शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्टोरेंट और कई जगहों पर आसानी से मोबाइल से पेमेंट कर सकते हैं। इससे बार-बार कैश निकालने या पैसे बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

कतर और यूएई

कतर, दुबई और अबू धाबी वाले पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर भी UPI का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई रिटेल स्टोर, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट और कुछ टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर QR कोड स्कैन करके आसानी से पेमेंट किया जा सकता है। इससे ट्रैवल में पेमेंट करना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका

फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने UPI पेमेंट की शुरुआत की। इसके बाद मॉरिशस और श्रीलंका ने भी यह फैसिलिटी शुरू कर दी थी। अब इन देशों में कई होटल, लोकल मार्केट, बीच, रेस्टोरेंट पर टूरिस्ट आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इससे घूमने-फिरने का एक्सपीरियंस आसान बन जाता है।

टूरिस्ट बेनिफिट 

दुनिया के कई देशों में UPI की सुविधा मिलने से भारत के लोग का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। अब हर बार फॉरेन करेंसी साथ रखने या इंटरनेशनल कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ती। जहां UPI अवेलेबल है, वहां मोबाइल से QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पेमेंट किया जा सकता है। जो भी देश इस फैसिलिटी को अपना रहे हैं, वहां ट्रैवल करना अब आसान और सेफ होता जा रहा है।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।

एक पैकेज, 7 शहर और अनगिनत यादें! IRCTC का ये नया जापान टूर पैकेज लुभा रहा है कई ट्रैवलर्स को

विदेश घूमने का सपना देखने वालों के लिए IRCTC शानदार मौका लेकर आया है। इंडियन रेलवे 10 दिन और 9 रात का दिल्ली से जापान का टूर पैकेज लेकर आया है, जिसमें टोक्यो से लेकर हिरोशिमा तक कई मशहूर शहरों, सांस्कृतिक स्थलों और अट्रैक्टिव लोकेशन की सैर कराई जाएगी।

 

ट्रैवल की तारीख

IRCTC का यह स्पेशल जापान टूर 6 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 15 सितंबर 2026 को खत्म होगा। ट्रैवलर दिल्ली से टोक्यो (हानेडा एयरपोर्ट) के लिए उड़ान भरेंगे और वापसी भी टोक्यो से ही होगी। जर्नी ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) की फ्लाइट से कराई जाएगी। लेकिन फ्लाइट के समय में एयरलाइन के अनुसार बदलाव हो सकता है।

 

 

पैकेज कीमत

Story pin image

इस टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹3,45,999 प्रति व्यक्ति (ट्रिपल शेयरिंग) रखी गई है। ट्विन शेयरिंग के लिए ₹3,49,999 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹4,73,999 देने होंगे। बच्चों के लिए भी अलग पैकेज अवेलेबल है, जिसमें 5 से 11 साल तक के बच्चों के लिए बेड के साथ और बिना बेड के अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

Story pin image

पैकेज में आने-जाने का इकॉनमी क्लास एयर टिकट, चार-स्टार होटल में रुकने की व्यवस्था, जापान टूरिस्ट वीजा, रोजाना नाश्ता, लंच और डिनर, एयरपोर्ट ट्रांसफर, एसी कोच से लिकल ट्रिप, 70 वर्ष से कम उम्र के पैसेंजर के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस, अंग्रेजी बोलने वाला टूर गाइड और सभी जरूरी टैक्स शामिल किए गए हैं। इससे ट्रैवलर को अलग-अलग खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

 

 

 

टूरिस्ट स्पॉट्स 

My eye-opening visit to Hiroshima, 80 years after the bombing

इस 10 दिन की ट्रिप में जापान के कई मशहूर शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन को शामिल किया गया है। ट्रवलर टोक्यो, हाकोने, हमामात्सु, क्योटो, ओसाका, नारा और हिरोशिमा की सैर करेंगे। इसके अलावा असाकुसा मंदिर, उएनो पार्क, ओडाइबा, टीमलैब प्लैनेट्स, माउंट फूजी का फिफ्थ स्टेशन (मौसम के अनुसार), ओवाकुदानी घाटी और हाकोने रोपवे जैसी फेमस डेस्टिनेशन का भी एक्सपीरियंस मिलेगा।

 

 

 

स्पेशल अट्रैक्शन

टूर में ट्रैवलर नागोया का टोयोटा म्यूजियम और SCMAGLEV रेलवे म्यूजियम, क्योटो का अराशियामा बैम्बू फॉरेस्ट, किंकाकु-जी मंदिर, फुशिमी इनारी ताइशा, ओसाका कैसल, नारा डियर पार्क, तोदाई-जी मंदिर, हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क, मियाजिमा आइलैंड और इत्सुकुशिमा श्राइन भी देख सकेंगे। इस टूर का सबसे मेन अट्रैक्शन जापान की वर्ल्ड फेमस शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में शिन-ओसाका से हिरोशिमा तक सफर करना होगा।

 

 

 इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट

इस टूर की बुकिंग के लिए ट्रैवलर के पास वापसी की तारीख से कम से कम छह महीने तक वैलिड पासपोर्ट होना जरूरी है। इसके साथ पैन कार्ड, वीजा के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स, बैंक से जुड़ी फाइनेंसियल डिटेल और नौकरी से संबंधित डाक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे। जापान के वीजा नियमों का पालन करना सभी पैसेंजर के लिए अनिवार्य होगा।

 

 

जरूरी जानकारी

IRCTC ने साफ किया है कि ट्रिप प्रोग्राम और फ्लाइट का समय सिचुएशन और एयरलाइन की जरूरतों के हिसाब से बदला जा सकता है। ऐसे में ट्रैवलर को बुकिंग से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

वियतनाम नाव हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, दिया हर संभव मदद का भरोसा

Vietnam Boat Accident: वियतनाम के मशहूर फु क्वोक आइलैंड के पास एक स्पीडबोट के पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। जिसके बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वहीं, इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी हर संभव मदद कर रहे हैं और वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “वियतनाम के फु क्वोक के पास भारतीय नागरिकों के साथ हुई नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ।”

उन्होंने कहा, “जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल लोगों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। वियतनाम में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में हैं।”

यह बयान तब आया जब 36 यात्रियों, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू सदस्य थे, को ले जा रही एक नाव ‘होन मे रुट’ द्वीप से यात्रा के दौरान किनारे से 400 मीटर दूर पलट गई। स्थानीय अधिकारियों ने पलटी हुई नाव से 21 लोगों को बचाया, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों (दो महिलाएं और 13 पुरुष) की मौत की पुष्टि हुई।

राजनाथ सिंह ने भी जताया दुख

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने और जारी खोज और बचाव अभियान की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं। इस मुश्किल समय में भारत पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। वियतनाम में हमारा दूतावास इस त्रासदी से प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।”

वहीं, वियतनाम में भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए हैं।

भारतीय दूतावास ने घटना की दी जानकारी

दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है और घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।”

वियतनामी टीवी पर दिखाए गए फुटेज में समुद्र में तेज लहरें और तेज हवाएं दिखाई दे रही थीं, और बचाव दल पानी में फंसे लोगों की ओर लाइफबॉय फेंक रहे थे। वहीं, जेट स्की की मदद से बचे हुए लोगों को सुरक्षित किनारे तक लाया गया, जबकि समुद्र तट पर मौजूद लोगों ने पीड़ितों को प्राथमिक उपचार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए भारतीय पर्यटक स्मार्टफोन कंपनी लावा मोबाइल्स के कर्मचारी और डिस्ट्रीब्यूटर थे। स्थानीय खबरों के अनुसार, हादसे के समय समुद्र की स्थिति खराब थी और इलाके में ऊंची लहरें उठ रही थीं।

यह भी पढ़ें: Vietnam Boat Accident: फु क्वोक द्वीप के पास कैसे पलटी स्पीडबोट? सामने आई पूरी घटना

Vietnam Boat Accident: फु क्वोक द्वीप के पास कैसे पलटी स्पीडबोट? सामने आई पूरी घटना

Vietnam Boat Accident: वियतनाम के मशहूर फु क्वोक आइलैंड के पास एक स्पीडबोट के पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आपातकालीन कदम उठाए गए।  स्थानीय मीडिया VnExpress के मुताबिक, यह नाव ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की थी। इसमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। यह नाव होन मे रूट द्वीप से अन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी, जो फु क्वोक से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस दौरान किनारे से लगभग 400 मीटर दूर अचानक नाव पलट गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ।

इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने 21 लोगों को बचाया, जिनमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट शामिल थे, जबकि हादसे में 15 पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, पलटी हुई नाव को देखकर आसपास मौजूद अन्य टूरिस्ट बोट्स तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में जुट गईं।

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”

नाव पर कौन-कौन सवार था?

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने उन 32 भारतीय पर्यटकों के नाम बताए जो फू क्वोक के पास पलटी नाव पर सवार थे। दूतावास ने कहा, “हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही अपडेट देंगे।”

नाव कैसे पलटी?

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय समुद्र में हालात खराब थे और वहां तेज ऊंची लहरें उठ रही थीं। माना जा रहा है कि समुद्र की उथल-पुथल के कारण नाव पलट गई, हालांकि उस समय बारिश नहीं हो रही थी और इलाके में दूसरी टूरिस्ट नावें भी चल रही थीं।

फू क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक जोन के अधिकारियों के अनुसार, नाव किनारे से 400 मीटर दूर पलटी, जिससे उस पर सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। जिसके बाद अधिकारी बचाव कार्य शुरू करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

एक नाव ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी नाव लगभग पांच मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थी, लेकिन कई भारतीय पर्यटक नाव के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, “सिर्फ कुछ लोगों को ही होश की हालत में बाहर निकाला जा सका।”

एन थोई बॉर्डर गार्ड ने नेवी, कोस्ट गार्ड और दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव कार्य में शामिल होने के लिए दो जहाज और 35 अधिकारी भेजे। बचाव दल सभी 36 लोगों को किनारे पर ले आएं, जिनमें 15 भारतीय पर्यटक (दो महिलाओं और 13 पुरुष) की मौत की पुष्टि हुई।

वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप, फु क्वोक, देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और यहाँ भारत से हजारों पर्यटक आते हैं। मे रूट द्वीप स्नॉर्कलिंग और डाइविंग जैसी वॉटर एक्टिविटीज के लिए काफी मशहूर है।

यह भी पढ़ें: Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।

सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।

दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।”

क्या हुआ था?

लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट ‘हॉन मे रुट आइलैंड’ से ‘एन थोई पोर्ट’ जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।

वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।

बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, ‘हा लॉन्ग बे’ में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।

यह भी पढ़ें: Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत

Indian tourists capsizes in Vietnam: वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार (11 जुलाई) को कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। भारतीय दूतावास ने कहा कि तलाश और बचाव अभियान जारी है। उसने इस घटना के सिलसिले में कंट्रोल रूम बनाए किए हैं। दूतावास ने कहा कि स्थानीय अधिकारी घटना की पूरी जानकारी का पता लगा रहे हैं। इस हादसे में कुछ लोगों के मारे जाने की आशंका है। फिलहाल, सर्च ऑपरेशन जारी है।

भारतीय दूतावास ने X पर पोस्ट किया, “एक दुखद घटना में वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई।” उन्होंने कहा कि जानकारी और मदद मुहैया कराने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। भारतीय दूतावास भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, नाव पर कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे।

15 लोगों की मौत

न्यूज 18 के मुताबिक, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया है। इस बोट में 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू मेंबर सवार थे। नाव फू क्वोक के पास होन मे रुट न्गोई द्वीप के पास उथल-पुथल भरे पानी में यह पलट गई। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया।

भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह हादसा शनिवार को कुछ घंटे पहले हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नाव में 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। हालांकि, अभी तक सभी यात्रियों की स्थिति और हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान चला रहा है और घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। दूतावास ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिया है।

दो कंट्रोल रूम बनाए गए

परिजनों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। दोनों शहरों से अधिकारी लगातार राहत और समन्वय का काम कर रहे हैं।

मौके पर पहुंच रही भारतीय टीम

भारतीय दूतावास की दो टीमें हादसे वाली जगह के लिए रवाना कर दी गई हैं। पहली टीम शनिवार शाम तक और दूसरी टीम देर रात तक मौके पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत के राजदूत भी वियतनाम सरकार के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और स्वयं भी घटनास्थल का दौरा करेंगे।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

फिलहाल वियतनाम की बचाव एजेंसियां सभी यात्रियों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन नाव पलटने के कारणों की भी जांच कर रहा है। हादसे से जुड़ी अधिक जानकारी का इंतजार है। दूतावास ने कहा कि वह सवालों के जवाब देने और घटना से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध है।

ये भी पढ़ें- IPS Tanushree: पहले ही प्रयास में बनीं IPS, पुलवामा में आतंकियों को धूल चटाने वाली बिहार की इस बेटी का हुआ दिल्ली ट्रांसफर, जानें कौन हैं तनुश्री?

हेल्पलाइन नंबर जारी

प्रभावित परिवारों की मदद के लिए वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में खास कंट्रोल रूम बनाए हैं। जानकारी या मदद चाहने वाले परिवार के सदस्य हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास से +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14, या +84 33 452 0414 पर संपर्क कर सकते हैं। हनोई कंट्रोल रूम से +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।

32 भारतीयों की लिस्ट आई सामने

भारतीय दूतावास ने बताया कि आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास कुछ घंटे पहले पलटी नाव पर ये 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। दूतावास ने कहा कि हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। जल्द ही अपडेट देंगे।