Video: 2.5 साल बाद अमेरिका से बिना बताए भारत लौटी बेटी, अचानक सामने आई तो देखिए क्या हुआ

लंबे समय बाद जब कोई अपना अचानक सामने आ जाए, तो खुशी के साथ आंखों में आंसू आना भी स्वाभाविक है। ऐसा ही भावुक पल नीयति के परिवार के साथ देखने को मिला। अमेरिका में रहने वाली नीयति करीब ढाई साल बाद अचानक भारत अपने घर पहुंचीं। उन्होंने अपने आने की खबर माता-पिता को नहीं दी थी। घर पहुंचकर उन्होंने पहले मां को सरप्राइज किया और फिर पिता के सामने भी अचानक आकर खड़ी हो गईं। बेटी को इतने लंबे समय बाद सामने देखकर दोनों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। मां तो बेटी को गले लगाकर रो पड़ीं। इस प्यारे मिलन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है।

एयरपोर्ट से ही शुरू हुई थी सरप्राइज की तैयारी

नीयति ने अपने इस खास प्लान में अपने भाई को भी शामिल किया था। भारत पहुंचने के बाद वह एयरपोर्ट पर अपने भाई से मिलीं। इसके बाद दोनों ने मिलकर इस सरप्राइज को यादगार बनाने की तैयारी की। नीयति के लिए यह सिर्फ घर लौटना नहीं था, बल्कि लंबे समय बाद अपने परिवार से मिलने का वह पल था, जिसका शायद उनके माता-पिता भी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

मां के सामने चुपचाप खड़ी रही बेटी

घर पहुंचने के बाद नीयति ने अपनी मां को तुरंत यह नहीं बताया कि वह सामने खड़ी हैं। वह चुपचाप मां के सामने खड़ी रहीं और इंतजार करती रहीं कि कब उन्हें एहसास होगा कि उनकी बेटी उनके सामने है। कुछ ही पल बाद मां की नजर बेटी पर पड़ी और उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। अचानक सामने खड़ी नीयति को देखकर उनकी मां हैरान रह गईं।

बेटी को देखते ही मां की आंखों से निकले आंसू

इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे वीडियो को बेहद भावुक बना दिया। मां और बेटी एक-दूसरे से लिपट गईं। लंबे समय बाद बेटी को सामने देखकर मां अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह मिलन उस इंतजार की भावनाओं को दिखा रहा था, जो शायद ढाई साल से दोनों के दिल में जमा थीं।

पिता के लिए भी रखा था खास सरप्राइज

नीयति ने सिर्फ अपनी मां को ही नहीं, बल्कि पिता को भी सरप्राइज देने का प्लान बनाया था। जब उनके पिता काम से वापस घर लौटे, तब उन्हें भी बेटी के अचानक घर आने की जानकारी नहीं थी। घर पहुंचने पर जैसे ही उन्होंने नीयति को देखा, उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। लंबे समय बाद बेटी को सामने देखकर पिता के लिए भी यह पल बेहद खास बन गया।

वीडियो देखकर यूजर्स भी हुए भावुक

नीयति ने इस पूरे खूबसूरत पल को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो देखने के बाद लोगों ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं। एक यूजर ने इसे बेहद भावुक पल बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि यह दुनिया की सबसे अच्छी भावनाओं में से एक है। एक अन्य यूजर ने अपने दिल की बात बताते हुए कहा कि वह भी अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

₹4.3 लाख सैलरी, ₹3.24 करोड़ का लोन और ₹3.6 करोड़ का फ्लैट! अब शख्स को सता रही ये चिंता

बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के इस राज ने खोल दी पति की पोल!

पासपोर्ट की एक गड़बड़ी से खुला व्यक्ति की छिपी हुई ट्रिप का पूरा सीक्रेट

मुंबई: पुणे के एक बिजनेसमैन की विदेश यात्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। उसने पत्नी को इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी बताकर यात्रा रद्द होने की बात कही, लेकिन असल कहानी कुछ और थी। जिस महिला के साथ वह विदेश जाने वाला था, उसके पासपोर्ट में दिक्कत के चलते इमिग्रेशन क्लियर नहीं हो पाया और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे कहानी ने अलग मोड़ ले लिया।

पत्नी से छिपाई ट्रिप की बात

46 साल के इस बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह बिजनेस ट्रिप के लिए कुआलालंपुर जा रहा है। लेकिन वह एक दूसरी महिला के साथ विदेश यात्रा पर निकला था। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले ही खोया हुआ घोषित किया जा चुका था।

एयरपोर्ट से अचानक बदला ये प्लान

महिला को इमिग्रेशन पर रोके जाने के बाद बिजनेसमैन को लगा कि अब उसकी पत्नी को असली बात पता चल सकती है। इसके बाद उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी और मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वह महिला के साथ दक्षिण मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT चला गया। एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने वहां मौजूद लैंडलाइन फोन से पत्नी को कॉल किया और बताया कि इमिग्रेशन की परेशानी के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है।

पत्नी ने दर्ज कराई किडनैपिंग की FIR

अगले दिन बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी से थोड़ी देर WhatsApp वीडियो कॉल पर बात की और इमिग्रेशन की समस्या वाली वही बात दोहराई। इसके बाद उसका फोन नेटवर्क से बाहर हो गया और पत्नी उससे कांटेक्ट नहीं कर पाई। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से कांटेक्ट किया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR की जानकारी मिलते ही सामने आया ये सच

मामले की FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद बिजनेसमैन खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा। यह वही पुलिस स्टेशन है, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी की जो कहानी उसने अपनी पत्नी को बताई थी, वह सच नहीं थी। उसने खुद यह कहानी बनाई थी ताकि अपनी ट्रिप और उसके साथ मौजूद महिला की बात पत्नी से छिपा सके।

जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में ‘C समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट उन मामलों में इस्तेमाल की जाती है, जहां जांच के दौरान शिकायत के पीछे गलतफहमी या तथ्यों से जुड़ी स्थिति सामने आती है। इस मामले में भी जांच के बाद पूरी कहानी स्पष्ट हुई और सामने आया कि इमिग्रेशन को लेकर बताई गई बात सही नहीं थी।

थाईलैंड और वियतनाम ही नहीं, ये अनोखा देश भी बना सकते हैं आपकी अगली ट्रिप यादगार!

दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने का प्लान बनाते समय थाईलैंड लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, नाइटलाइफ, शॉपिंग और कई तरह के टूरिस्ट स्पॉट की वजह से यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन अब ट्रैवलर्स की पसंद में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और वियतनाम भी तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

वियतनाम की खास बात यह है कि यहां घूमने वालों को खूबसूरत प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक जगहें, लोकल कल्चर और अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस एक साथ मिल जाता है। साथ ही, बजट में यात्रा करने वालों के लिए भी यह देश काफी अट्रैक्टिव नजर आता है। यही वजह है कि कई ट्रैवलर अब अगली छुट्टी के लिए थाईलैंड के बजाय वियतनाम को चुनने के बारे में सोच रहे हैं।

थाईलैंड और वियतनाम की तुलना करने के तरीके:

1. कीमत और ट्रिप का खर्च

बजट की बात करें तो वियतनाम थाईलैंड के मुकाबले सस्ता ऑप्शन माना जाता है। होटल, लोकल खाना, टैक्सी और रोजकी छोटी जरूरतों पर यहां कम पैसे खर्च हो सकते हैं। बैकपैकिंग या कम बजट में घूमने वाले ट्रैवलर के लिए वियतनाम अट्रैक्टिव है। लेकिन भारत से जाने वाले ट्रैवलर का पूरा बजट सिर्फ वहां के खर्च पर डिपेंड नहीं करता। फ्लाइट, वीजा, होटल और घूमने वाली जगहों के टिकट को मिलाकर कुल खर्च देखना ज्यादा सही रहेगा।

2. घूमने की जगहों में किसका पलड़ा भारी?

डेस्टिनेशन के मामले में किसी एक देश को बेहतर कहना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की अपनी अलग खासियत है। थाईलैंड खूबसूरत समुद्र तटों, द्वीपों, रिसॉर्ट्स और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। बैंकॉक जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग, मनोरंजन और घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं। दूसरी तरफ, वियतनाम में पहाड़, समुद्र, पुराने शहर, नदियां और ग्रामीण इलाकों का अलग एक्सपीरियंस मिलता है। हनोई, सापा, हा लॉन्ग बे और मेकांग डेल्टा जैसी जगहें उन लोगों को पसंद आ सकती हैं जो नेचर के साथ हिस्ट्री और लोकल कल्चर को भी करीब से देखना चाहते हैं।

3. खाने के मामले में कौन बेहतर?

खाने की पसंद पूरी तरह व्यक्ति पर डिपेंड करती है, क्योंकि दोनों देशों का खाना अपने-अपने तरीके से खास है। थाईलैंड में पैड थाई, टॉम यम, करी और कई तरह का स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाता है। वहीं वियतनाम का फो, बान्ह मी, बन चा और वियतनामी कॉफी काफी लोकप्रिय हैं। थाई खाना ज्यादा मसालेदार और तीखा होता है, जबकि वियतनामी खाने में ताजी सब्जियों, हर्ब्स और हल्के स्वाद का इस्तेमाल ज्यादा देखने को मिलता है। आप स्ट्रीट फूड ट्राय करना पसंद करते हैं, तो दोनों देशों में आपके लिए काफी कुछ नया हो सकता है।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी

टूरिस्टों के लिए घूमने की फैसिलिटी के मामले में थाईलैंड को काफी एक्सपीरियंस हासिल है। बैंकॉक जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, टैक्सी और टूरिस्ट सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। वियतनाम में भी पिछले कुछ वर्षों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर ट्रैफिक और लोकल ट्रांसपोर्ट नए ट्रैवलर के लिए थोड़ा अलग एक्सपीरियंस हो सकता है। दोनों देशों में सड़क पार करते समय, बाइक वाले इलाकों में और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सामान संभालकर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।

5. वीजा और इमिग्रेशन

फॉरेन ट्रिप की प्लानिंग में वीजा सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके रूल समय के साथ बदलते रहते हैं। 2026 में भारतीय ट्रैवलर के लिए थाईलैंड की एंट्री व्यवस्था आसान रही है, जबकि वियतनाम जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को ई-वीजा की जरूरत पड़ती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले दोनों देशों की मौजूदा वीजा और एंट्री शर्तों को जरूर चेक कर लेना चाहिए।

दक्षिण-पूर्व एशिया में घूमने के लिए हर देश की अपनी अलग खासियत है। किसी को समुद्र तट और आइलैंड पसंद आ सकते हैं, तो किसी को इतिहास, संस्कृति, पहाड़ या मॉडर्न शहर ज्यादा अट्रैक्ट कर सकते हैं। इस पूरे रीजन में टूरिस्म को आसान, बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने पर भी लगातार काम हो रहा है। इसलिए किसी एक देश को हर ट्रैवलर के लिए सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा। आप पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जा रहे हैं, तो अपने बजट, पसंद और ट्रैवल के मकसद के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा। सही जगह चुनकर आपकी छुट्टी को सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक नया एक्सपीरियंस बना सकता है।

सस्ती नहीं फ्री में मिलेगी फ्लाइट! क्रेडिट कार्ड का ऐसा इस्तेमाल नहीं जानते होंगे आप

डेली लाइफ में हम क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शॉपिंग, बिल पेमेंट और दूसरी जरूरतों के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इस्तेमाल ट्रैवलिंग के दौरान भी काफी काम आ सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले कुछ फायदे आपकी ट्रैवल का खर्च कम करने में मदद कर सकते हैं। फ्लाइट से सफर करने वालों के लिए यह तरीका काफी यूनिक हो सकता है। इसमें रोज के खर्च को समझदारी से इस्तेमाल करके ट्रैवल से जुड़े फायदे लिए जा सकते हैं।

ऐसे काम में आता है क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड से मिलने वाला वेलकम बोनस

कई क्रेडिट कार्ड नए कस्टमर को कार्ड लेने के बाद कुछ कंडीशन पूरी करने पर वेलकम बोनस देते हैं। यह बोनस रिवॉर्ड पॉइंट, एयर माइल्स या ट्रैवल वाउचर के रूप में मिल सकता है। कुछ कार्ड में तय समय के अंदर एक स्पेसिफिक अमाउंट खर्च करनी होती है। इसलिए कार्ड लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि बोनस पाने के लिए कितनी रकम खर्च करनी होगी और उसकी वैलिडिटी कितनी है।

क्रेडिट कार्ड से माइल्स ट्रांसफर

क्रेडिट कार्ड से जमा किए गए रिवॉर्ड पॉइंट्स को कुछ मामलों में एयरलाइन के पार्टनर प्रोग्राम में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद इन माइल्स का इस्तेमाल फ्लाइट टिकट या दूसरे ट्रैवल बेनिफिट्स के लिए किया जा सकता है। हर कार्ड और एयरलाइन के ट्रांसफर रूल अलग हो सकते हैं, इसलिए पॉइंट ट्रांसफर करने से पहले रेट और टर्म्स जरूर देख लें।

शॉपिंग से करें पॉइंट कलेक्शन

घर के बिजली-पानी के बिल, किराने का सामान, ऑनलाइन शॉपिंग या दूसरे जरूरी खर्च क्रेडिट कार्ड से करने पर रिवॉर्ड पॉइंट मिल सकते हैं। यानी जिन खर्चों को आप वैसे भी करने वाले हैं, उन पर मिलने वाले पॉइंट्स को बाद में ट्रैवल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन कार्ड का इस्तेमाल अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही करना चाहिए।

माइलस्टोन बेनिफिट और फॉरेक्स चार्ज से सेविंग

कुछ क्रेडिट कार्ड पर साल में एक तय रकम खर्च करने पर माइलस्टोन बेनिफिट मिलते हैं। इनमें फ्लाइट वाउचर, ट्रैवल क्रेडिट या दूसरे फायदे शामिल हो सकते हैं। यदि आप वैसे ही उस रकम के आसपास खर्च करते हैं, तो यह बेनिफिट आपके लिए काम के हो सकता है। फॉरेन ट्रैवलिंग में कार्ड से पेमेंट करने पर फॉरेन करेंसी से जुड़ा एक्स्ट्रा चार्ज लग सकता है। कुछ जीरो फॉरेक्स मार्क-अप कार्ड इस खर्च को कम करने में मदद कर सकते हैं। अब्रॉड जाने से पहले कार्ड पर लगने वाले फॉरेक्स चार्ज, सालाना फीस और दूसरे चार्ज की इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

कार्ड की फीस चेक करें

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी सालाना फीस, रिन्यूअल चार्ज और दूसरे शुल्क के बारे में जरूर जानकारी ले लें। कई बार रिवॉर्ड के चक्कर में कार्ड की फीस ज्यादा हो सकती है और इससे मिलने वाला फायदा कम हो सकता है। इसलिए कार्ड चुनने से पहले उसके सभी चार्ज और ट्रैवल बेनिफिट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

सिर्फ रिवॉर्ड पाने के लिए खर्च न करें

सिर्फ रिवॉर्ड पॉइंट जमा करने के लिए जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करना सही नहीं है। कई बार ज्यादा पॉइंट पाने के चक्कर में हम ऐसी चीजों पर भी पैसे खर्च कर देते हैं, जिनकी सच में जरूरत नहीं होती। इससे ट्रैवल पर बचत होने के बजाय आपका कुल खर्च बढ़ सकता है।

बिल पेमेंट में रखें सावधानी

ट्रैवल रिवॉर्ड का फायदा तभी है जब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए। हर महीने बिल की तय तारीख से पहले पूरा पेमेंट चुकाने की कोशिश करें। बिल का पेमेंट देर से होता है या इंटरेस्ट देना पड़ता है, तो रिवॉर्ड से मिलने वाला फायदा कम हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड को सिर्फ खर्च करने का जरिया समझने के बजाय सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह आपकी यात्रा की प्लानिंग में भी काम आ सकता है। जरूरत है तो बस थोड़ी समझदारी और सावधानी की। अपनी जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल करें और रूल को समझकर ही फायदा उठाएं, ताकि ट्रैवल का खर्च संभालना आपके लिए आसान हो सके।

फॉरेन ट्रिप पर नहीं होगी जेब ढीली, इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं पैसे!

विदेश घूमने का प्लान बनाते समय हम सबसे पहले फ्लाइट टिकट और होटल के खर्च जोड़ते है। लेकिन ट्रिप के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना-पीना, घूमने की जगहों की टिकट और दूसरी छोटी चीजों को खरीदने पर भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। यदि इन खर्चों का पहले से अंदाजा न हो, तो बजट के बढ़ने का पता नहीं चलता है।

लेकिन यदि आप कुछ आसान टिप्स से फॉरेन ट्रिप का खर्च काफी कम किया जा सकता है। जिसमे आपको हर चीज में कटौती करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च करने का सही तरीका पता होना चाहिए। ऐसे ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पैसे भी बचा सकते हैं और अपनी फॉरेन ट्रिप को बिना ज्यादा खर्च की चिंता के खुलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

1. पहले से बनाएं ट्रिप बजट

फॉरेन ट्रिप में खूबसूरत पार्क, मार्किट, समुद्र किनारे की जगहें, पुरानी गलियां और कुछ दर्शनीय स्थान बिना किसी टिकट के भी देखे जा सकते हैं। इसलिए ट्रिप से पहले उन जगहों की लिस्ट बना लें, जहां जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च न करने पड़ें। महंगी एक्टिविटी करने के बजाय शहर को पैदल घूमकर या लोकल मार्किट को एक्सप्लोर करके बिताएं। इससे कम खर्च में भी नई जगह को पास से देखने का अच्छा एक्सपीरियंस मिल सकता है।

 

2. होटल बुकिंग में बचाएं पैसे

विदेश में रहने के लिए मशहूर टूरिस्ट एरिया में होटल लेना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि आपका बजट कम है, तो शहर के सिटी सेंटर से थोड़ा दूर होटल, हॉस्टल या होमस्टे देख सकते हैं। बस यह जरूर ध्यान रखें कि वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाए और होटल किसी ट्रेन, बस या मेट्रो स्टेशन के पास हो। रोज थोड़ी दूरी तय करके आप होटल के खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।

3. बाहर खाने पर खर्च घटाएं

फॉरेन ट्रिप में रोज रेस्टोरेंट में खाना खाने से बजट तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोकल सुपरमार्केट से सैंडविच, फल, स्नैक्स, ड्रिंक्स और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यदि आपको वहाँ होटल में किचन की फैसिलिटी है, तो कुछ खाना खुद भी तैयार कर सकते हैं। लॉन्ग जर्नी के लिए घर से कुछ पैक किए हुए स्नैक्स ले जाना भी मददगार हो सकता है।

4. महंगी एक्टिविटीज से बचें

नई जगह पर पहुंचने के बाद हर टूर, टिकट, राइड और महंगी एक्टिविटी करने का मन करता है, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए पहले तय करें कि इस ट्रिप में आपके लिए कौन-से एक्सपीरियंस सबसे खास हैं। कुछ चुनिंदा एक्टिविटीज के लिए पैसे खर्च करें और बाकी समय शहर की गलियों में घूमने, पार्क देखने, समुद्र किनारे बैठने या लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने जैसे कम खर्च वाले ऑप्शन चुनें।

5. लोकल ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

विदेश में एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए हर बार टैक्सी या कैब लेने के बजाय जहां संभव हो, बस, ट्रेन या मेट्रो जैसे लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यदि कम सफर करना है, तो जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टिकट लेना ज्यादा सस्ता हो सकता है। इस तरह पहले से थोड़ा हिसाब लगाने पर आने-जाने के खर्च को कम किया जा सकता है।

6. बल्क में करें सुवेनियर शॉपिंग

सुवेनियर एक-एक करके खरीदने के बजाय होलसेल मार्केट या थोक की दुकान से खरीदें। यहां एक साथ ज्यादा सामान लेने पर कीमत कम मिल सकती है, जिससे आपकी शॉपिंग बजट से बाहर नहीं जाएगी। आप दोस्तों या परिवार के लिए भी सुवेनियर खरीद रहे हैं, तो यह तरीका आपके काफी पैसे बचा सकता है।

यदि आप फॉरेन में या कही भी बाहर सिटी में घूम रहे है हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। बस थोड़ा सोच-समझकर प्लान बनाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करें। एक यादगार सफर की चाबी यही है कि आप अपनी जरूरतों और प्रायोरिटी में सही बैलेंस बिठाएं, जिससे ट्रिप का एक्सपीरियंस भी शानदार रहे और आपका बजट भी न बिगड़े। इससे बजट भी काबू में रहेगा और आप बिना पैसों की ज्यादा चिंता किए अपनी फॉरेन ट्रिप का पूरा आनंद ले पाएंगे।

दुनिया के सबसे जगमग नाइट व्यू वाले शहर, जहां शाम के बाद बढ़ जाती है रौनक!

आजकल ट्रैवलर सिर्फ दिन में नहीं घूमना चाहते, बल्कि रात को भी अपनी खास ट्रिप कर रहे हैं। जिसे नाइट टूरिज्म कहते है इसमें लोग लोकल फूड, नाइट मार्केट, लाइव म्यूजिक, थिएटर, स्पोर्ट्स और शहर की नाइट लाइफ का मजा लेते हैं। कई शहर है जो इस ट्रेंड के लिए दुनिया भर में मशहूर हो रहे हैं। आप भी ऐसे ही नाईट ट्रिप को मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इन शहरों की नाइट लाइफ का एक्सपीरियंस जरूर करें।

noight 1

मैड्रिड – देर रात तक रहती है चहल-पहल

यहां देर रात तक चहल-पहल रहती है जो बाकी शहरों से काफी अलग है। यहां लोग देर से डिनर करते हैं और देर रात तक दोस्तों और परिवार के साथ घूमते हैं। शाम के समय प्लाजा में टहलना, तपस बार में लोकल डिश खाना और फ्लेमेंको डांस शो देखना यहां की पहचान है। रात में शहर की गलियां, कैफे और टेरेस लोगों से भर जाती हैं। आप स्पेन कल्चर को देखना चाहते हैं, तो मैड्रिड में रात में में जरूर घूमने निकले।

न्यू ऑरलियन्स – संगीत से भरी रातें

न्यू ऑरलियन्स अपनी म्यूजिक कल्चर के लिए दुनिया भर में पॉपुलर है। यहां पर जब शाम होती है तो रोड पर लाइव जैज म्यूजिक की धुनें सुनाई देने लगती हैं। फ्रेंचमेन स्ट्रीट और फ्रेंच क्वार्टर जैसी जगहों में कई छोटे-बड़े म्यूजिक क्लब और बार हैं, जहां हर रात शानदार परफॉर्मेंस होती है। यहां घूमते समय ऐसा लगता है जैसे शहर में कोई म्यूजिक फेस्टिवल हो। इसके साथ ही खाने का टेस्ट और पुराने बाजारों की शॉपिंग इस शहर की रात को और भी शानदार बना देती है।

बैंकॉक – रात में खाने का असली स्वाद

बैंकॉक में घूमने का असली मजा सूरज ढलने के बाद ही आता है। यहां के नाइट मार्केट रंग-बिरंगी दुकानों और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड से भरे रहते हैं। आप यहां थाई खाने का स्वाद ले सकते है। कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और कई यादगार चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। चाओ फ्राया नदी के किनारे बैठकर डिनर करना और रूफटॉप बार से पूरे शहर की चमक देखना एक बहुत ही यादगार पल होता है। आपको खाने पीने और घूमने का शौक है, तो बैंकॉक की रातें आपको जरूर पसंद आएंगी।

टोक्यो – रात में भी रहती है रौनक

टोक्यो को उन शहरों में गिना जाता है, जो रात में भी पूरी रफ्तार से चलते हैं। यहां शिंजुकु और शिबुया जैसे इलाके रंग-बिरंगी नियॉन लाइट्स से जगमगा उठते हैं। देर रात तक खुले रहने वाले रामेन रेस्टोरेंट, जापानी पब, कराओके और गेमिंग सेंटर लोगों को खूब पसंद आते हैं। अगर आपको शॉपिंग का शौक है, तो कई मार्केट और स्टोर देर रात तक खुले रहते हैं। यहां के रूफटॉप कैफे और बार से रात में चमकते शहर का नजारा देखने का अपना अलग ही मजा है। टोक्यो की रातें हर उम्र के ट्रैवलर के लिए कुछ न कुछ खास जरूर लेकर आती हैं।

फिलाडेल्फिया – खेल और मस्ती से भरी शाम

फिलाडेल्फिया उन शहरों में से है, जहां शाम होते ही माहौल पूरी तरह बदल जाता है। अगर आपको खेल पसंद हैं, तो यहां प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैच का रोमांच देखने को मिलेगा। मैच का टिकट न होने पर भी आप स्पोर्ट्स बार में बैठकर टीवी पर इसे लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा यहां लाइव म्यूजिक, थिएटर शो, बॉलिंग, गेमिंग और मिनी गोल्फ जैसी कई एक्टिविटीज रात को और मजेदार बना देती हैं। खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां के लोकल कैफे, फूड टूर और खास रेस्टोरेंट आपको शहर के असली स्वाद चखाते हैं। आपको एक ही शाम में मनोरंजन, स्वाद और लोकल कल्चर का एक्सपीरियंस लेना हैं, तो फिलाडेल्फिया परफेक्ट जगह है।

सियोल – कैफे और नाइट मार्केट का मजा

सियोल की रातें काफी शांत, खूबसूरत और रंगीन होती हैं। यहां के नाइट मार्केट में घूमने के साथ आप लोकल स्ट्रीट फूड का स्वाद ले सकते हैं और आसपास की दुकानों से खरीदारी भी कर सकते हैं। हान नदी के किनारे शाम बिताना और शहर की रोशनी देखना यहां आने वाले टूरिस्ट का पसंदीदा एक्सपीरियंस होता है। इसके अलावा थीम कैफे, देर रात तक खुले शॉपिंग एरिया और खूबसूरत गलियां इस शहर को खास बनाती हैं। यहां घूमने के लिए बिकुल भी जल्दबाजी न करें आपम से समय निकालकर सियोल नाईट के मजे ले।

बढ़ रहा है नाइट टूरिज्म

आज के समय में लोग सिर्फ फोटो खींचने के लिए ट्रैवल नहीं करते, बल्कि उन शहरों की असली जिंदगी को भी जीना चाहते हैं। यही कारण है कि नाइट टूरिज्म तेजी से पॉपुलर हो रहा है। रात के समय लोग लोकल फूड का मजा लेते हैं, लाइव म्यूजिक सुनते हैं, नाइट मार्केट में शॉपिंग करते हैं और शहर कल्चर को जानते हैं। इससे ट्रैवलर को एक अलग एक्सपीरियंस मिलता है और दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल और मनोरंजन से जुड़े कारोबार को भी फायदा होता है। आप भी इन शहरो को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जोड़कर ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

पासपोर्ट खोने की गलती पड़ सकती है भारी, तुरंत अपनाएं ये आसान ट्रिक

विदेश ट्रैवलिंग करते समय यदि अचानक आपका पासपोर्ट खो जाए, तो घबराहट हो ही जाती है। लेकिन ऐसी सिचुएशन में जल्दबाजी करने से बेहतर सही कदम उठाना जरूरी होता है। थोड़ी समझदारी और सही जानकारी के साथ आप नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवा सकते हैं और अपनी जर्नी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकते हैं।

पहले ढूंढें और शिकायत करें

अगर विदेश में आपका पासपोर्ट नहीं मिल रहा है, तो घबराएं नहीं। होटल का कमरा, बैग, कैब, एयरपोर्ट या जिन जगहों पर आप गए थे, वहां अच्छी तरह से चेक करें। अगर फिर भी पासपोर्ट नहीं मिलता या चोरी होने का शक है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में कम्प्लेन कराएं। पुलिस रिपोर्ट बहुत जरूरी होती है, क्योंकि नया पासपोर्ट या इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवाते समय इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए कम्प्लेन करने में देर न लगाएं।

एम्बेसी से तुरंत कांटेक्ट करें

पुलिस में कम्प्लेन करने के बाद अपने देश के पास के इंडियन एम्बेसी (Embassy) या वाणिज्य दूतावास (Consulate) से कांटेक्ट करें। वहां के ऑफिसर आपको पूरी प्रोसेस समझाएंगे और बताएंगे कि आगे क्या करना है। अगर आपके पास आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट या उनकी कॉपी हैं, तो उन्हें साथ रखें। इससे आपकी आइडेंटिटी जल्दी चेक हो जाती है और नया डॉक्यूमेंट बनवाने में आसानी होती है।

जरूरी डॉक्यूमेंट रखें तैयार 

जब भी आप ट्रिप पर निकले तो पहले पासपोर्ट, वीजा और दूसरे जरूरी आइडेंटिटी कार्ड की डिजिटल और प्रिंट कॉपी अपने पास जरूर रखें। ओरिजिनल पासपोर्ट खो जाए, तो यही कॉपियां आपके काम आ सकती हैं। नया पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस रिपोर्ट, पहचान का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, पते का प्रमाण और पासपोर्ट खोने का एफिडेबिट डॉक्यूमेंट लिए जा सकते हैं। पहले से तैयारी होने पर परेशानी कम होती है।

नया पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट

अगर आपकी ट्रिप अभी बाकी है, तो आप नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसमें कुछ दिन या करीब एक हफ्ते लग सकते है। लेकिन अगर आपको सिर्फ भारत वापस लौटना है, तो एम्बेसी आपको इमरजेंसी सर्टिफिकेट या टेम्परेरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इससे आप अपने देश वापस आ सकते हैं। यह फैसिलिटी ट्रैवल के बेस पर दी जाती है।

वीजा और इंश्योरेंस का रखें ध्यान 

पुराने पासपोर्ट में किसी देश का वैलिड वीजा होने पर उसके लिए भी अलग से प्रोसेस पूरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में उस देश के एम्बेसी से कांटेक्ट करें और नया वीजा बनाने की प्रोसेस जाने। साथ ही अपनी एयरलाइन, होटल और ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनी को भी पासपोर्ट खोने के बारे में बताये। कई ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसीस इस केस में ज्यादा रहने, आने-जाने और जरूरी डॉक्यूमेंट बनवाने का खर्च भी कवर करती हैं।

आगे के लिए रखें ये सावधानी 

पासपोर्ट खोने जैसी परेशानी से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन थोड़ी तैयारी आपका काफी टाइम और स्ट्रेस बचा सकती है। टॉवल से पहले पासपोर्ट और वीजा की स्कैन कॉपी क्लाउड स्टोरेज में सेव करें, एक कॉपी ईमेल में रखें और एक प्रिंट अपने सामान से अलग रखें। किसी भरोसेमंद फैमिली मेंबर के पास भी इसकी कॉपी होना अच्छा रहता है। यह तैयारी मुश्किल समय में आपकी ट्रिप को एक बड़ी मदद कर सकती है।

जेब में ₹0 कैश, फिर भी घूमेंगे विदेश! देखें कहां काम करेगा भारतीय UPI

कभी भी अब्रॉड ट्रैवल में सबसे बड़ी परेशानी होती है पेमेंट करना। पहले लोगों को कैश बदलवाना पड़ता था या इंटरनेशनल कार्ड साथ रखना पड़ता था। लेकिन अब भारत के लोगों के लिए यह काम काफी आसान हो गया है। कई देशों में UPI से सीधे मोबाइल के जरिए पेमेंट की सुविधा मिलने लगी है, जिससे शॉपिंग करना, होटल का बिल पेमेंट या रेस्टोरेंट में पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।

स्पेन की तैयारी 

जल्दी ही स्पेन भी अब वह देश होगा, जहां जाकर भारत के लोग UPI से आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दुकानों पर सिर्फ QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना आसान हो जाएगा। इससे कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैवल पहले से ज्यादा आसान होगा।

नेपाल और भूटान 

नेपाल और भूटान घूमने जाने वाले भारतीयों के लिए UPI काफी काम की फैसिलिटी है। यहां कई दुकानों, होटलों और आउटलेट पर UPI से पेमेंट किया जा सकता है। इससे करेंसी चेंज करने की परेशानी कम हो जाती है और मोबाइल से कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाता है।

ग्रीस 

ग्रीस भी कुछ समय पहले UPI फैसिलिटी अपनाने वाले देशों में जुड़ चूका है। अगर आप एथेंस की हिस्टोरिक साइट देखने जाएं या सेंटोरिनी और माइकोनोस आइलैंड की सैर करें, तो कई जगहों पर डिजिटल पेमेंट करने की फैसिलिटी मिल सकती है। इससे शॉपिंग करना और घूमना दोनों आसान हो जाते हैं।

सिंगापुर

सिंगापुर उन देशों में है, जहां भारतीय UPI को अपनाया गया। यहां टूरिस्ट शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्टोरेंट और कई जगहों पर आसानी से मोबाइल से पेमेंट कर सकते हैं। इससे बार-बार कैश निकालने या पैसे बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

कतर और यूएई

कतर, दुबई और अबू धाबी वाले पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर भी UPI का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई रिटेल स्टोर, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट और कुछ टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर QR कोड स्कैन करके आसानी से पेमेंट किया जा सकता है। इससे ट्रैवल में पेमेंट करना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

फ्रांस, मॉरिशस और श्रीलंका

फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने UPI पेमेंट की शुरुआत की। इसके बाद मॉरिशस और श्रीलंका ने भी यह फैसिलिटी शुरू कर दी थी। अब इन देशों में कई होटल, लोकल मार्केट, बीच, रेस्टोरेंट पर टूरिस्ट आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इससे घूमने-फिरने का एक्सपीरियंस आसान बन जाता है।

टूरिस्ट बेनिफिट 

दुनिया के कई देशों में UPI की सुविधा मिलने से भारत के लोग का काम पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। अब हर बार फॉरेन करेंसी साथ रखने या इंटरनेशनल कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ती। जहां UPI अवेलेबल है, वहां मोबाइल से QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पेमेंट किया जा सकता है। जो भी देश इस फैसिलिटी को अपना रहे हैं, वहां ट्रैवल करना अब आसान और सेफ होता जा रहा है।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।

IRCTC ने किया बड़ा ऐलान! अब गिफ्ट कार्ड से घूमिये बैंकॉक-पटाया

IRCTC का 6 दिन का थाईलैंड टूर पैकेज कम समय में कई खास जगहों को घूमने का मौका देता है। इस ट्रिप में बैंकॉक और पटाया के साथ कोरल आइलैंड, सफारी वर्ल्ड और नदी क्रूज जैसे शानदार एक्सपीरियंस मिल सकते हैं। कम बजट में शुरू होने वाला यह पैकेज थाईलैंड की खूबसूरती और पॉपुलर जगहों को एक ही यात्रा में देखने की चाह रखने वालों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

पैकेज प्राइस और ट्रैवल डेट

थाईलैंड में सर्दी का मौसम: करने लायक चीज़ें और घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें

IRCTC का थाईलैंड टूर पैकेज ₹49,500 प्रति व्यक्ति से शुरू हो रहा है। ट्रिपल शेयरिंग में एक व्यक्ति का किराया ₹49,500 है, जबकि डबल शेयरिंग के लिए ₹61,300 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹57,000 देने होंगे। बच्चों के लिए किराया ₹30,300 रखा गया है। बुकिंग के समय 2% TCS अलग से देना होगा, जबकि 5% GST पैकेज की कीमत में शामिल है। यह 5 रात और 6 दिन का थाईलैंड टूर है, जो 12 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक चलेगा। जर्नी की शुरुआत कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी। ट्रैवलर फ्लाइट से बैंकॉक पहुंचेंगे और वहां से आगे का सफर टूर प्लानिंग के हिसाब से करेंगे।

 

 

पहला दिन – पटाया

Pattaya Thailand" Images – Browse 2,286 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

बैंकॉक एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ट्रैवलर को पटाया ले जाया जाएगा। एयरपोर्ट से पटाया तक का सफर करीब ढाई घंटे का होगा। होटल पहुंचकर चेक-इन और नाश्ता करने के बाद टाइगर पार्क घूमने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को पटाया का फेमस अल्काजार शो देखने जाएंगे। शो के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में डिनर होगा और रात पटाया के होटल में बिताई जाएगी।

 

 

दूसरा दिन – कोरल आइलैंड

HD wallpaper: Thailand Travel Coral Island 2560×1600 | WallpaperFlare

दूसरे दिन सुबह नाश्ते के बाद कोरल आइलैंड घूमने का प्लान है। यात्रियों को स्पीडबोट से आइलैंड तक ले जाया जाएगा, जहां समुद्र और खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है। कोरल आइलैंड घूमने के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में लंच कराया जाएगा। इसके बाद जेम्स गैलरी देखने का मौका मिलेगा। शाम को कुछ समय अपने हिसाब से बिताया जा सकता है। रात में डिनर के बाद पटाया के होटल में आराम करेंगे।

 

 

तीसरा दिन – बैंकॉक

Ripples Cruise

तीसरे दिन पटाया से चेक-आउट करके बैंकॉक के लिए रवाना होंगे। बैंकॉक पहुंचने के बाद आधे दिन का सिटी टूर कराया जाएगा। इस दौरान मार्बल बुद्ध और गोल्डन बुद्ध जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को चाओफ्राया नदी में डिनर क्रूज का आनंद लिया जा सकेगा। नदी के खूबसूरत नजारों के बीच डिनर के बाद रात बैंकॉक के होटल में ठहरेंगे।

 

 

चौथा दिन – सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क

थाईलैंड में घूमने की जगहें | जैकाडा ट्रैवल

चौथे दिन बैंकॉक में घूमने के लिए स्पेशल लोकेशन है। इस दिन ट्रैवलर सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क जाएंगे। यहां अलग-अलग जानवरों को देखने के साथ मनोरंजक शो देख सकते है। घूमने के दौरान लंच की सुविधा भी मिलेगी। दिनभर की सैर के बाद यात्री बैंकॉक के होटल में वापस आएंगे और रात वहीं रुकेंगे।

 

 

 

पांचवां दिन – बैंकॉक ओशन वर्ल्ड

पांचवें दिन होटल से चेक-आउट करने के बाद SEA LIFE बैंकॉक ओशन वर्ल्ड घूमने जाएंगे। यहां समुद्री जीवों और पानी के अंदर की दुनिया को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच कराया जाएगा। यदि टाइम मिले तो एयरपोर्ट जाने से पहले बैंकॉक में शॉपिंग भी की जा सकती है। इसके बाद वापसी की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट रवाना होंगे।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

IRCTC के इस पैकेज में जर्नी को आसान बनाने के लिए कई फैसिलिटीज शामिल की गई हैं। इसमें थाई लायन एयरलाइंस से कोलकाता और बैंकॉक के बीच आने-जाने का हवाई किराया, तीन सितारा होटल में पांच रातों का ठहराव, नाश्ता, लंच और डिनर शामिल हैं। ट्रैवलर को ट्रैवल इंश्योरेंस और लोकल टूर गाइड की फैसिलिटी भी मिलेगी।

कुछ खर्च ऐसे हैं, जो पैकेज की कीमत में शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें वीज़ा फीस, 2% TCS, फ्लाइट में मिलने वाला खाना, सीट चुनने का शुल्क, टिप्स और निजी खर्च शामिल हैं। इसलिए टूर बुक करने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को भी अपने बजट में शामिल करें।

 

 

जरूरी डॉक्यूमेंट

थाईलैंड की ट्रिप से पहले पैसेंजर को वहां के लेटेस्ट एंट्री नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। पासपोर्ट की वैलिडिटी कम से कम छह महीने होनी चाहिए। इसके अलावा वापसी का टिकट, होटल बुकिंग की जानकारी, फोटो और पैसे होने का प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है। Thailand Digital Arrival Card (TDAC) भी जरूरी हो सकता है।