दिल्ली में रहने वाली अमेरिकन लेडी भारत की किराना दुकानों की हो गई फैन! इनमें ऐसा क्या मिल गया इनको?

दिल्ली (Delhi) में रहने वाली अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टन फिशर (Kristen Fisher) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें वह अपने घर के पास की किराना दुकान से खरीदती नजर आ रही हैं। क्रिस्टन को यह बात पसंद आई कि रोज का सामान लेने के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही ऑनलाइन ऑर्डर करके डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है।

क्रिस्टन ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि किराना दुकान उनके घर से एक मिनट से भी कम दूरी पर है। वह पैदल दुकान पर गईं, हिंदी में दूध और दही मांगा, पैसे दिए और घर लौट आईं। उन्होंने कहा कि भारत में छोटी दुकानें पास में होने से जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है और यह सुविधा उन्हें बहुत पसंद है।

क्रिस्टन के वीडियो पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए

एक यूजर ने कहा कि भारतीय अपने आसपास आसानी से मिलने वाली सुविधाओं की अहमियत भूल जाते हैं। दूसरे ने बताया कि अमेरिका में बिना कार के खरीदारी करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, एक यूजर ने छोटी दुकानों को ‘छोटा वॉलमार्ट’ कहा। कई लोगों ने क्रिस्टन की हिंदी की भी तारीफ की।

ब्लिंकइट से बेहतर लगी पैदल खरीदारी

एक यूजर ने क्रिस्टन को ब्लिंकइट इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस पर उन्होंने कहा कि वह पैदल जाकर लोगों से बात करना और छोटी दुकानों से सामान खरीदना पसंद करती हैं। इससे छोटे दुकानदारों को भी मदद मिलती है।

आजकल ब्लिंकइट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स से लोग कुछ ही मिनटों में घर पर सामान मंगवा लेते हैं। मोहल्ले की दुकानों से सामान लेने पर लोगों को डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और छोटे दुकानदारों का कारोबार भी चलता रहता है।

असम में मुस्लिम शादियों के रजिस्ट्रेशन का नया नियम, कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले!

गुवाहाटी, 24 सितंबर (PTI), असम कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को कई फैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के बाद बताया कि राज्य में मुस्लिम शादियों का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य होगा। इसके लिए ‘असम मुस्लिम विवाह पंजीकरण (अनिवार्य) नियम, 2026’ को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले काजियों से मुस्लिम शादियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई थी, लेकिन तब इसकी जगह दूसरी व्यवस्था नहीं हुई थी। अब इस कमी को दूर कर पूरे असम में रजिस्ट्रेशन की एक जैसी प्रोसेस बनाई है। ये नए नियम ‘असम मुस्लिम विवाह और तलाक अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2024’ की धारा 25 के तहत बनाए गए हैं।

कैबिनेट ने महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) मेंबर को आधार बनवाने के लिए एक बार की छूट दी है। अब ये महिलाएं 31 मार्च 2027 तक आधार एनरोलमेंट करा सकेंगी।

ये लिए कैबिनेट ने 5 बड़े फैसले

1. महिला SHG को आधार में राहत: सरकार ने 16 साल से ऊपर के लोगों के नए आधार बनाने पर रोक लगाई थी, लेकिन SHG की कई महिलाओं का आधार नहीं होने से बैंक लोन अटक रहा था। इसलिए उन्हें 31 मार्च 2027 तक आधार बनवाने की वन-टाइम छूट दी गई है।

2. मछली पालन को बूस्ट: 796.88 करोड़ के SWIFT प्रोजेक्ट को मंजूरी। इसमें 637 करोड़ ADB देगा। इससे राज्य के 102 बील (तालाब) का विकास होगा और मछली पालकों को फायदा मिलेगा।

3. 11,000 करोड़ का निवेश: JK लक्ष्मी सीमेंट राज्य में क्लिंकर यूनिट और 4 ग्राइंडिंग यूनिट लगाएगी। इससे 2,000 लोगों को नौकरी मिलेगी।

4. चीनी सस्ती: अक्टूबर में NFSA लाभार्थियों को 30 रुपये किलो चीनी मिलेगी, जिससे 100 रुपये में दाल और चीनी दोनों मिल जाएंगे।

5. जमीन अलॉट: हाजो में 504 बीघा जमीन इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए और श्रीभूमि में एग्रीकल्चर कॉलेज के लिए 256 बीघा जमीन अलॉट की गई है।

कैबिनेट ने 1 सितंबर से 166 मस्टर रोल, कैजुअल और फिक्स्ड-पे इम्प्लॉई को फिक्स्ड पेमेंट देने की मंजूरी दी है। साथ ही नवंबर में दो ऑटोनॉमस काउंसिल के चुनाव कराने और UNNATI 2024 में एलिजिबल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को सब्सिडी देने का फैसला किया गया है।

बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के इस राज ने खोल दी पति की पोल!

पासपोर्ट की एक गड़बड़ी से खुला व्यक्ति की छिपी हुई ट्रिप का पूरा सीक्रेट

मुंबई: पुणे के एक बिजनेसमैन की विदेश यात्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। उसने पत्नी को इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी बताकर यात्रा रद्द होने की बात कही, लेकिन असल कहानी कुछ और थी। जिस महिला के साथ वह विदेश जाने वाला था, उसके पासपोर्ट में दिक्कत के चलते इमिग्रेशन क्लियर नहीं हो पाया और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे कहानी ने अलग मोड़ ले लिया।

पत्नी से छिपाई ट्रिप की बात

46 साल के इस बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह बिजनेस ट्रिप के लिए कुआलालंपुर जा रहा है। लेकिन वह एक दूसरी महिला के साथ विदेश यात्रा पर निकला था। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले ही खोया हुआ घोषित किया जा चुका था।

एयरपोर्ट से अचानक बदला ये प्लान

महिला को इमिग्रेशन पर रोके जाने के बाद बिजनेसमैन को लगा कि अब उसकी पत्नी को असली बात पता चल सकती है। इसके बाद उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी और मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वह महिला के साथ दक्षिण मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT चला गया। एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने वहां मौजूद लैंडलाइन फोन से पत्नी को कॉल किया और बताया कि इमिग्रेशन की परेशानी के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है।

पत्नी ने दर्ज कराई किडनैपिंग की FIR

अगले दिन बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी से थोड़ी देर WhatsApp वीडियो कॉल पर बात की और इमिग्रेशन की समस्या वाली वही बात दोहराई। इसके बाद उसका फोन नेटवर्क से बाहर हो गया और पत्नी उससे कांटेक्ट नहीं कर पाई। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से कांटेक्ट किया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR की जानकारी मिलते ही सामने आया ये सच

मामले की FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद बिजनेसमैन खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा। यह वही पुलिस स्टेशन है, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी की जो कहानी उसने अपनी पत्नी को बताई थी, वह सच नहीं थी। उसने खुद यह कहानी बनाई थी ताकि अपनी ट्रिप और उसके साथ मौजूद महिला की बात पत्नी से छिपा सके।

जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में ‘C समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट उन मामलों में इस्तेमाल की जाती है, जहां जांच के दौरान शिकायत के पीछे गलतफहमी या तथ्यों से जुड़ी स्थिति सामने आती है। इस मामले में भी जांच के बाद पूरी कहानी स्पष्ट हुई और सामने आया कि इमिग्रेशन को लेकर बताई गई बात सही नहीं थी।

गोद में बच्चा, कंधे पर सांप! झरने पर परिवार के साथ हुआ खौफनाक वाकया

झरने पर परिवार के साथ घूम रहे शख्स अचानक सामने आया सांप

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मौजूद अंबोली वॉटरफॉल पर घूमने गए एक परिवार के लिए सामान्य सैर अचानक डरावनी घटना में बदल गई। परिवार के लोग झरने के पास समय बिता रहे थे और एक व्यक्ति छोटे बच्चे को गोद में लेकर फिसलन भरी जगह से सावधानी से आगे बढ़ रहा था। तभी ऊपर की चट्टानों से अचानक एक बड़ा सांप नीचे गिर गया और सीधे बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति के कंधे पर आ गिरा। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए।

बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने तुरंत संभाला खुद को

सांप अचानक कंधे पर गिरने के बाद वहां कुछ पल के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने भी सांप को अपने पास देखते ही तुरंत प्रतिक्रिया दी। आसपास मौजूद दूसरे पर्यटक भी घबरा गए और उस जगह से दूर जाने लगे। सांप ज्यादा देर वहां नहीं रुका और तेजी से आगे बढ़ते हुए चट्टानों के बीच गायब हो गया। इस दौरान बच्चे और परिवार के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी लोग परेशान नजर आए।

दूसरे टूरिस्ट ने कैमरे में कैद किया पल

इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक दूसरे पर्यटक ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में परिवार के लोग झरने के पास नजर आते हैं और कुछ ही देर बाद ऊपर से सांप के गिरने की घटना दिखाई देती है। जिसे देखकर आसपास मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी साफ नजर आती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय वहां कितना डर का माहौल रहा होगा।

क्या सच में था कोबरा सांप?

घटना के बाद कुछ लोगों को सांप को कोबरा कहते हुए सुना गया, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक सांप की सही प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंबोली वॉटरफॉल मॉनसून के दौरान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहता है और यहां चट्टानी व फिसलन वाली जगहों पर लोग घूमने पहुंचते हैं।

झरने पर सुरक्षा का रखें ध्यान

यदि आप भी ऐसे झरने और पहाड़ी इलाकों में घूमते है तो हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। फिसलन भरी चट्टानों से दूरी रखें और आसपास किसी भी तरह की हलचल या वन्यजीव नजर आए तो उसके पास जाने की कोशिश न करें। बच्चों के साथ ऐसी जगहों पर खास सावधानी रखें और सुरक्षित रास्ते से चुने।

दुनिया के बड़े नेताओं के स्वागत को तैयार दिल्ली, BRICS Summit में दिखेगा देसी रंग!

दिल्ली में इस बार BRICS Summit बड़ी डिप्लोमैटिक मीटिंग और दुनिया के बड़े नेताओं की मौजूदगी के साथ यहां होने वाली खास मेहमाननवाजी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। भारत 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS Leaders Summit की मेजबानी कर रहा है और इसमें विदेशी मेहमानों के लिए दिल्ली के लग्जरी होटलों में खास खाने का इंतजाम किया गया है। इन मेन्यू में भारतीय स्वाद और देश के अलग-अलग हिस्सों की झलक देखने को मिलेगी। यहां मेहमानों को भारत के अलग-अलग स्वादों से रूबरू कराने की तैयारी है।

दिल्ली में BRICS का बड़ा इवेंट

एनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS Leaders Summit की मेजबानी कर रहा है। दो दिन चलने वाला यह हाई-प्रोफाइल आयोजन भारत मंडपम में होगा, जहां BRICS मेंबर देशों के नेताओं के साथ सहयोगी देशों और आउटरीच के लिए बुलाए गए मेहमान भी शामिल होंगे। समिट में नेताओं की मीटिंग के अलावा कई दूसरे इवेंट्स भी ऑर्गेनाइज किए जाएंगे। 12 सितंबर को नेताओं के आने के बाद बंद कमरे में मीटिंग, फैमिली फोटो और वृक्षारोपण होगा। 13 सितंबर को समिट का अगला सत्र होगा, जिसमें ग्लोबल डेवलपमेंट, इनोवेशन, कोर्पोरशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे टॉपिक्स पर बात होगी।

दुनिया के ये बड़े नेता होंगे शामिल

इस समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी समेत कई ग्लोबल नेता शामिल होंगे। पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। नेताओं के साथ उनके स्पाउसेस, डिप्लोमैट और बिजनेस डेलिगेशन भी दिल्ली में मौजूद रहेंगे। ऐसे हाई-प्रोफाइल मेहमानों की मेजबानी के लिए राजधानी के लग्जरी होटलों में खास तैयारियां की गई हैं।

भारत के इन लग्जरी होटलों में होगा खास इंतजाम

BRICS डेलीगेट्स के ठहरने और मेहमाननवाजी के लिए दिल्ली के लग्जरी होटल भी पूरी तैयारी में हैं। जहां सिर्फ रहने और खाने का ध्यान नहीं रखा जा रहा, बल्कि सिक्योरिटी, वेलकम प्रोटोकॉल और मेहमानों की अलग-अलग जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। होटल की टीमें विदेशी मेहमानों को भारत का एक्सपीरियंस देने के लिए भारतीय संस्कृति और मॉडर्न मेहमाननवाजी का ब्लेंड तैयार कर रही हैं।

ताज महल में होगी घर की रसोई की झलक

भारत का फेमस होटल ताज महल दिल्ली में मेहमानों के लिए ‘Tradition to Table’ थीम पर खास ट्रेडिशनल फूड का इंतजाम किया गया है। जिसमे भारत के अलग-अलग जगहों के ट्रेडिशनल स्नैक्स भी मेन्यू का हिस्सा होंगे। इसमें होटल के शेफ की उन रेसिपीज से इंस्पिरेशन ली गई है, जो उनके घर के किचन और बचपन की यादों से जुड़े हैं। कश्मीर के मसालेदार अखरोट, पुरानी दिल्ली के मैदा काजू, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल की कूचो निमकी और तमिलनाडु के मुरुक्कू के जरिए मेहमानों को देश की अलग-अलग रीजनल फूड की झलक देखने को मिलेगी।

द लीला में दिखेगा भारतीय अंदाज

द लीला पैलेस नई दिल्ली में भारतीय विरासत की झलक मेहमानों को खास अंदाज में देखने को मिलेगी। यहां तैयार किया गया हाथ से बना खाने योग्य कमल सभी का ध्यान खींचेगा। इसे गुलाब, केसर और इलायची के टेस्ट के साथ देसी भारतीय फलों से तैयार किया गया है। इसके अलावा मिलेट कुकीज, हाथ से बनी ग्रेनोला बार और वेलनेस इन्फ्यूजन भी मेहमानों को परोसे जाएंगे। होटल के मेन्यू में जौ, बाजरा, ज्वार और सत्तू जैसी ट्रेडिशनल इंडियन इंग्रीडिएंट को लिया गया है।

द ललित में मिलेंगे लाजवाब ट्रेडिशनल इंडियन फूड

द ललित नई दिल्ली ने भी BRICS मेहमानों के लिए भारतीय और इंटरनेशनल स्वाद को मिलाकर खास मेन्यू तैयार किया है। इसमें गलोटी कबाब और तंदूर में बनी रोटियों जैसे भारतीय व्यंजनों को खास अंदाज में परोसा जाएगा। साथ ही मिलेट से बनी कई डिशेस भी शामिल होंगे। मेहमानों को भारतीय स्वाद के साथ कुछ अलग फ्लेवर देने के लिए मिसो पेस्ट के साथ ब्रेज्ड बैंगन, धीमी आंच पर पकाई गई चाइनीज गोभी और जापानी स्टाइल में तैयार मीठी राजमा जैसे डिशेस भी शामिल की गयी हैं।

BRICS Summit में 12 सितंबर की शाम भारत मंडपम में प्रधानमंत्री की ओर से यह डिनर होस्ट किया जाएगा। इसमें भारत की संस्कृति, खान-पान और मेहमाननवाजी को प्रायोरिटी दी जा रही है। रीजनल स्नैक्स, ट्रेडिशनल अनाज, भारतीय मसाले और मॉडर्न तरीके से तैयार की गयी डिशेस का स्वाद विदेशी मेहमानों को परोसा जाएगा।

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

iphone duo

Apple Iphone 18 Price In India news : Apple ने आखिरकार अपने पहले फोल्डेबल iPhone iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। यह सिर्फ एक नया iPhone मॉडल नहीं, बल्कि Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में बड़ा बदलाव है। फोन खुलने पर 7.6 इंच के बड़े डिस्प्ले में बदल जाता है और बंद करने पर 5.4 इंच की स्क्रीन वाला कॉम्पैक्ट फोन बन जाता है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। 256GB मॉडल के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर 2026 शाम 5.30 बजे से शुरू होंगे और बिक्री 23 अक्टूबर से होगी।

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1. 7.6 इंच का फोल्डेबल डिस्प्ले

 

iPhone Duo की सबसे बड़ी खासियत इसका 7.6 इंच का Super Retina XDR फोल्डिंग डिस्प्ले है। Apple के मुताबिक यह किसी भी iPhone में दिया गया अब तक का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। इसमें ProMotion, Always-On Display और 3,000 निट्स तक की पीक आउटडोर ब्राइटनेस मिलती है। फोन को फोल्ड करने पर बाहर 5.4 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले मिलता है। यानी सामान्य काम के लिए कॉम्पैक्ट फोन और वीडियो, मल्टीटास्किंग या गेमिंग के लिए बड़ी स्क्रीन।

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2. Titanium बॉडी और नया हिंज

 

Apple ने iPhone Duo में टाइटेनियम फ्रेम और नया हिंज सिस्टम दिया है। कंपनी का कहना है कि हिंज में 100 से ज्यादा कंपोनेंट्स हैं। फोन को पानी, धूल और छींटों से बचाने के लिए IP68 रेटिंग भी दी गई है। यानी फोल्डेबल फोन होने के बावजूद Apple ने इसकी मजबूती पर खास ध्यान दिया है।

 

3. A20 Pro चिप से मिलेगी जबरदस्त पावर

 

iPhone Duo में वही A20 Pro चिप दी गई है जो iPhone 18 Pro सीरीज में इस्तेमाल हुई है। यह 2nm प्रोसेस पर बनी है और इसमें 6-core CPU, 7-core GPU और Dual 16-core Neural Engine दिया गया है। Apple के अनुसार A20 Pro का CPU पिछली पीढ़ी के A19 Pro से 20% तक तेज और GPU 40% तक तेज है।

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4. Dual Battery से लंबी बैटरी लाइफ

 

फोल्डेबल डिजाइन के कारण Apple ने फोन के दोनों हिस्सों में अलग-अलग बैटरी लगाई है। दोनों बैटरियां मिलकर एक सिस्टम की तरह काम करती हैं। Apple के अनुसार बाहरी डिस्प्ले इस्तेमाल करने पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक, जबकि अंदर की बड़ी स्क्रीन पर 31 घंटे तक वीडियो प्लेबैक मिल सकता है।

 

5. 48MP Dual Fusion कैमरा

फोटोग्राफी के लिए iPhone Duo में 48MP Dual Fusion कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसमें 48MP Fusion Main और 48MP Fusion Ultra Wide कैमरा शामिल हैं। Ultra Wide कैमरा मैक्रो फोटोग्राफी को भी सपोर्ट करता है। यानी फोल्डेबल होने के साथ Apple ने कैमरा अनुभव से भी समझौता नहीं किया है।

6. Smart Take और Duo Preview

iPhone Duo के कैमरे में कुछ खास फीचर्स भी जोड़े गए हैं। Smart Take AI की मदद से यह पहचान सकता है कि फोटो खिंचवाने वाले लोग कब तैयार हैं। वहीं Duo Preview की मदद से फोटो खिंचवाने वाला व्यक्ति भी बाहरी स्क्रीन पर लाइव कैमरा प्रीव्यू देख सकता है। इससे फोटो का फ्रेम और पोज पहले ही चेक किया जा सकता है।

 

7. 4K 120fps Dolby Vision वीडियो

 

वीडियो रिकॉर्डिंग के मामले में भी iPhone Duo काफी दमदार है। इसका मुख्य कैमरा 4K 120fps Dolby Vision वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसका इस्तेमाल खासकर स्लो-मोशन वीडियो के लिए किया जा सकता है। Apple ने वीडियो में बेहतर ऑडियो के लिए Audio Mix जैसे फीचर भी दिए हैं।

 

8. पहली बार iPhone में Split View मल्टीटास्किंग

 

फोल्डेबल स्क्रीन का सबसे बड़ा फायदा सॉफ्टवेयर में दिखाई देता है। Apple ने iOS 27 को iPhone Duo के लिए नए तरीके से डिजाइन किया है।  यूजर दो ऐप्स को एक साथ Split View में चला सकता है। उदाहरण के लिए एक तरफ Safari और दूसरी तरफ Notes खोले जा सकते हैं। एक ही ऐप की दो विंडो भी खोली जा सकती हैं। यही फीचर iPhone Duo को सामान्य iPhone से काफी अलग बनाता है।

 

9. Apple Intelligence और नया Siri AI

 

iPhone Duo में Apple Intelligence और नया Siri AI भी दिया गया है। नया Siri यूजर के व्यक्तिगत संदर्भ को समझने और स्क्रीन पर मौजूद जानकारी के आधार पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाया गया है। Apple के मुताबिक Siri AI अभी Beta के रूप में उपलब्ध हो रहा है।

 

10. भारत में कीमत 3 लाख के करीब

 

iPhone Duo की भारत में शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है। यह 256GB मॉडल की कीमत है।

 

इसके अलावा:

 

256GB: ₹2,99,900

512GB: ₹3,24,900

1TB: ₹3,74,900

2TB: ₹4,49,900

 

यानी टॉप मॉडल की कीमत ₹4.5 लाख के करीब पहुंच जाती है। Apple की आधिकारिक भारतीय वेबसाइट पर यही कीमतें दी गई हैं।

 

क्या iPhone Duo भारतीयों की पसंद बन पाएगा?

 

मेरी राय में iPhone Duo भारत में चर्चा और आकर्षण तो खूब पैदा करेगा, लेकिन यह तुरंत आम भारतीयों का फोन नहीं बनेगा। इसकी सबसे बड़ी वजह ₹2,99,900 की शुरुआती कीमत है। भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इतनी कीमत इसे सीधे एक अल्ट्रा-प्रीमियम/लक्जरी स्मार्टफोन की कैटेगरी में ले जाती है। हालिया रिपोर्टों में भी भारत में iPhone Duo की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं और मीम्स देखने को मिले हैं।

 

फिर भी iPhone Duo के लिए भारत क्यों बड़ा बाजार हो सकता है?

 

पहली वजह—Apple का ब्रांड वैल्यू। भारत में iPhone को सिर्फ स्मार्टफोन नहीं बल्कि प्रीमियम स्टेटस प्रोडक्ट के तौर पर भी देखा जाता है। दूसरी वजह—फोल्डेबल फोन का आकर्षण। iPhone यूजर्स लंबे समय से Apple के फोल्डेबल फोन का इंतजार कर रहे थे। इसलिए Apple के पहले फोल्डेबल मॉडल को लेकर शुरुआती उत्सुकता बहुत ज्यादा हो सकती है।

 

तीसरी वजह—EMI और ट्रेड-इन। Apple भारत में No Cost EMI और Trade In जैसे विकल्प भी दे रहा है, जिससे ऊंची कीमत का शुरुआती बोझ कुछ खरीदारों के लिए कम हो सकता है।

कहां मिल रहा है सस्ता 

प्राइस लिस्ट के मुताबिक अमेरिका में इस स्मार्टफोन की कीमत सबसे कम है। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर (करीब 1.14 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 1,299 डॉलर (करीब 1.24 लाख रुपए) से शुरू होता है, जबकि फोल्डेबल iPhone Duo की कीमत 1,999 डॉलर (करीब 1.90 लाख रुपए) है। अमेरिका में नए iPhone सबसे सस्ते मिल रहे हैं। यहां iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत करीब 1.06 लाख रुपए है, जबकि भारत में यही मॉडल 1,64,900 रुपए से शुरू होता है। इसी तरह iPhone Duo का अमेरिका में प्राइस भारतीय मुद्रा में 1.9 लाख रुपए के करीब है, अमेरिका जैसे मार्केट्स में टैक्स स्ट्रक्चर अलग होने के कारण वहां शुरुआती कीमत भारत के मुकाबले काफी कम दिखती है। 

 

यूएई में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 5,099 दिरहम (करीब 1,32,075 रुपए) है। वहीं iPhone 18 Pro Max की कीमत 5,499 दिरहम (करीब 1,42,435 रुपए) और iPhone Duo की कीमत 8,499 दिरहम (करीब 2,20,142 रुपए) से शुरू होती है।

जापान में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 2,19,800 येन (करीब 1.37 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 2,39,800 येन (करीब 1.49 लाख रुपए) में मिलता है, जबकि iPhone Duo की कीमत 3,64,800 येन (करीब 2.27 लाख रुपए) है।

चीन में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 9,999 युआन (करीब 1.42 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max की कीमत 10,999 युआन (करीब 1.56 लाख रुपए) और iPhone Duo की कीमत 15,999 युआन (करीब 2.27 लाख रुपए) से शुरू होती है।

ब्रिटेन में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 पाउंड (करीब 1.54 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 1,299 पाउंड (करीब 1.67 लाख रुपए) से शुरू होता है, जबकि iPhone Duo की कीमत 1,999 पाउंड (करीब 2.57 लाख रुपए) है।

जर्मनी में iPhone 18 Pro की कीमत 1,449 यूरो (करीब 1.61 लाख रुपए) से शुरू होती है। iPhone 18 Pro Max 1,599 यूरो (करीब 1.77 लाख रुपए) और iPhone Duo 2,299 यूरो (करीब 2.55 लाख रुपए) से शुरू होता है।

लेकिन सबसे बड़ी चुनौती कीमत है

यहीं iPhone Duo को भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा चुनौती मिलेगी। ₹2.99 लाख में ग्राहक एक प्रीमियम iPhone और दूसरा अच्छा स्मार्टफोन दोनों खरीद सकता है। इसके अलावा Samsung जैसे ब्रांड पहले से फोल्डेबल फोन बाजार में मौजूद हैं।

इसलिए iPhone Duo के लिए सबसे संभावित ग्राहक होंगे- Apple के कट्टर प्रशंसक, हाई-इनकम प्रोफेशनल्स, टेक एन्थूजियास्ट और वे ग्राहक जिन्हें सबसे नया और अलग डिवाइस चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक iPhone Duo भारत में 'मास मार्केट हिट' से ज्यादा 'प्रीमियम आइकॉन' बनने की संभावना रखता है।

इसकी डिजाइन, 7.6 इंच की स्क्रीन, A20 Pro चिप, कैमरा और फोल्डेबल iOS अनुभव इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं, लेकिन करीब ₹3 लाख की शुरुआती कीमत इसे आम iPhone खरीदार की पहुंच से काफी दूर रखती है। यानी भारतीयों को iPhone Duo पसंद जरूर आएगा, लेकिन कितने भारतीय इसे खरीदेंगे- इसका फैसला फीचर्स से ज्यादा कीमत करेगी।

15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल

15 अगस्त से पहले दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। लाल किले के पास दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी रिहर्सल की जा रही है। इस बार समारोह में ‘युवा शक्ति’, ‘विकसित भारत 2047’ और ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को खास जगह दी जाएगी।

युवा शक्ति और Gen-Z

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इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की युवा शक्ति और Gen-Z पर फोकस रहेगा। इसमें युवाओं की अचीवमेंट, उनकी नई सोच और देश के डेवलपमेंट में उनके योगदान को सामने रखा जाएगा। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को भी खास तरीके से दिखाया जाएगा। सेरेमनी में युवा अचीवर्स को स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह

इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे खास जगह दी जाएगी। पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।

टेक्नोलॉजी और साइंस

स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक अचीवमेंट को भी दिखाया जाएगा। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और मॉडर्न टेक्निक सेक्टर में देश ने जो प्रगति की है, उसकी झलक विजुअल्स के जरिए दिखाई जाएगी। इन्विटेशन कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रायोरिटी दी गई है, जो पब्लिक सर्विस और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दिखाती है।

इंटर्नशिप और डेवलपमेंट स्कीम

इस बार समारोह में देश के युवा प्रतिभाओं को खास सम्मान दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में मेडल जीतने वाले 19 स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के इंटर्न, स्किल डेवलपमेंट स्कीम का लाभ लेने वाले और MY भारत के वॉलंटियर्स जैसे युवा अचीवर्स भी समारोह में शामिल होंगे।

जल संरक्षण

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे जाएंगे। इसका मकसद लोगों का ध्यान जल संरक्षण और पानी बचाने की जरूरत की ओर अट्रैक्ट करना है।

इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की परंपरा, युवाओं की ताकत और भारत की तरक्की की झलक एक साथ दिखाएगा। ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने से यह मौका और खास बन गया है। युवा प्रतिभाओं के सम्मान और देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ समारोह में विकसित भारत 2047 का संदेश भी मिलेगा।

Electric Air Taxi: 2028 तक खत्म हो जाएगा ट्रैफिक जाम का झंझट! भारत के आसमान में उड़ेंगी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कारें, जानें सभी डिटेल्स

Electric Air Taxi in india News: भारत में आने वाले कुछ सालों में हवाई सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों और कारों को आसमान में उड़ान भरते देखना है। इसके लिए अगले साल से इन अत्याधुनिक विमानों की टेस्टिंग और ट्रायल को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि भारत 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की उड़ान शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग अगले साल तेज हो जाएगी।

हाल ही में बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़-भाड़ वाले महानगरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। ANI के मुताबिक नायडू ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2028 तक ये मशीनें भारत में उड़ान भरें। इनकी बहुत ज्यादा जरूरत है, न सिर्फ बेंगलुरु में, बल्कि मुंबई और दिल्ली में भी…।”

15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम

कल्पना कीजिए कि आप अपने मोबाइल से टैक्सी बुक करते हैं। लेकिन यह टैक्सी सड़क पर आने के बजाय किसी बिल्डिंग की छत पर बने खास वर्टिपैड पर आपका इंतजार कर रही है। आप लिफ्ट से ऊपर पहुंचते हैं, एक ऐसे इलेक्ट्रिक विमान में बैठते हैं जो देखने में किसी बड़े ड्रोन जैसा लगता है। कुछ ही सेकंड में वह सीधे आसमान में उड़ जाता है।

सड़क के जाम में फंसने के बजाय यह एयर टैक्सी शहर के ऊपर से उड़ते हुए आपको एयरपोर्ट तक पहुंचा देती है। दावा है कि भविष्य में ऐसी यात्रा के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एयर टैक्सी शुरू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरला एविएशन अगले साल पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में आ जाएगी। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) टेस्टिंग, सुरक्षा और नियमों पर इंडस्ट्री के साथ काम करना जारी रखेंगे। नायडू ने यह भी कहा कि DGCA ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दिया है, जो कंपनी के eVTOL एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट में एक रेगुलेटरी कदम है। मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “2028 तक हम इसे हकीकत बनाने की योजना बना रहे हैं।”

क्या होती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को टेक्नीकल भाषा में eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing Aircraft कहा जाता है। इन टैक्सी की खासियत यह है कि इन्हें हेलीकॉप्टर की तरह रनवे की जरूरत नहीं होती। ये डायरेक्ट जमीन या वर्टिपैड से ऊपर उड़ सकते हैं। साथ ही उसी तरह नीचे उतर भी सकते हैं।

Electric Air Taxi

इनके डिजाइन में फ्लाइट और हेलीकॉप्टर दोनों की झलक दिखाई देती है। इनमें कई रोटर या इलेक्ट्रिक फैन लगाए जाते हैं, जो विमान के पंखों या उसके बाहरी हिस्सों पर लगे होते हैं। हेलीकॉप्टर की तरह eVTOL भी लंबवत उड़ान भर सकता है। लेकिन इसमें एक बड़े रोटर की जगह कई छोटे रोटर या फैन इस्तेमाल किए जाते हैं।

बैटरी और इलेक्ट्रिक तकनीक ने खोला रास्ता

eVTOL टेक्नोलॉजी का विचार नया नहीं है। इस दिशा में कई दशकों से काम हो रहा है। लेकिन हाल के सालों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति ने इसे कमर्शियल इस्तेमाल के करीब पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बड़े पैमाने पर सफल होती हैं तो शहरों में सड़क ट्रैफिक का कुछ हिस्सा आसमान में शिफ्ट किया जा सकता है।

जॉर्जिया टेक के वर्टिकल लिफ्ट रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की निदेशक मर्लिन स्मिथ के मुताबिक, बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे में परिवहन के मौजूदा तरीकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

किन कामों में इस्तेमाल हो सकती हैं eVTOL?

शुरुआत में इलेक्ट्रिक एयर कारों का इस्तेमाल लोगों को कम और मध्यम दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई eVTOL कंपनियां एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर-टैक्सी सर्विस शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इनका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे-

  • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एयर टैक्सी का इस्तेमाल हो सकेगा।
  • आग बुझाने और फायरफाइटिंग में भी ये काम करेगा।
  • इसके अलावा डिफेंस सेक्टर में, खेती और कृषि कार्यों में, पर्यटन क्षेत्र में, शहरों के बीच एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

अमेरिका में Archer, BETA Technologies और Joby जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने और उन्हें कमर्शियल सर्विस में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां अंतिम FAA सुरक्षा मंजूरी के करीब पहुंच चुकी हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए एयर टैक्सी की नियमित बुकिंग कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं है। फिर भी इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का दौर लोगों की उम्मीद से काफी करीब है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह टेक्नोलॉजी?

भारत जैसे तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी ट्रैफिक वाले देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। खासतौर पर भारी ट्रैफिक जाम का सामने करने वाली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Electric Air TaxiS

अगर तकनीक, सुरक्षा, लागत और इससे जुड़े अथॉरिटी की मंजूरी से जुड़ी चुनौतियां समय पर दूर होती हैं, तो 2028 के आसपास भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का सपना हकीकत में बदलता दिखाई दे सकता है। यानी आने वाले समय में सड़क पर कैब बुक करने के साथ-साथ मोबाइल से आसमान में उड़ने वाली टैक्सी भी बुक करने का विकल्प मिल सकता है।

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एक साल में 1.14 रुपये करोड़ इनकम टैक्स जमा किया, फिर शख्स ने ऐसा क्यों कहा कि कमाई अपनी नहीं लगती

एक शख्स की सोशल मीडिया पोस्ट ने देश में टैक्स व्यवस्था और टैक्सपेयर्स की उम्मीदों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। दावा किया गया कि उसने इस साल 1.14 करोड़ रुपये इनकम टैक्स जमा किया, जिसके बाद उसने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि कई बार ईमानदार टैक्स देने वालों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सिस्टम में जाता हुआ महसूस होता है। उसकी पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने टैक्स भुगतान, सरकारी सुविधाओं और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी।

कई यूजर्स का कहना है कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन बदले में बेहतर सेवाएं और पारदर्शिता भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि बड़े योगदान देने वाले ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए अलग सुविधाओं या प्रोत्साहन पर भी विचार किया जा सकता है।

टैक्स समरी शेयर कर बताई अपनी परेशानी

X पर वायरल हुई पोस्ट में शख्स ने अपनी टैक्स समरी का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें भारी टैक्स भुगतान का दावा किया गया है। उसने कहा कि ईमानदारी से टैक्स देने वाले लोगों की परेशानियों और उनकी अपेक्षाओं पर अक्सर कम चर्चा होती है, जबकि वे देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं।

विदेश से ऑफर मिले, फिर भी भारत में रहने का फैसला

शख्स ने बताया कि उसे अमेरिका से नौकरी के ऑफर भी मिले थे, लेकिन उसने अपने बुजुर्ग माता-पिता की वजह से भारत में रहने का फैसला किया। हालांकि, उसका कहना है कि ज्यादा टैक्स देने वाले कई लोग यह महसूस करते हैं कि उनकी आवाज उतनी प्रभावी तरीके से नहीं सुनी जाती।

टैक्स और सुविधाओं को लेकर छिड़ी बहस

उसकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर टैक्स व्यवस्था, सरकारी सुविधाओं और टैक्सपेयर्स को मिलने वाली सेवाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि ज्यादा योगदान देने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं और अधिक जवाबदेही क्यों नहीं मिलनी चाहिए।

यूजर्स बोले- टैक्स जरूरी है, लेकिन जवाबदेही भी होनी चाहिए

एक यूजर ने लिखा कि टैक्स देश के विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन टैक्स देने वालों को बदले में बेहतर सेवाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए कुछ विशेष सुविधाओं या रियायतों पर विचार किया जाना चाहिए।

ईमानदार टैक्सपेयर्स बनाम सिस्टम पर बहस

कुछ यूजर्स ने अपनी निजी परेशानियां भी साझा कीं। एक यूजर ने कहा कि नौकरीपेशा लोग अपनी आय और खर्चों पर लगातार टैक्स देते हैं, जबकि कुछ व्यवसायी अपनी वास्तविक आय के हिसाब से उतना टैक्स नहीं देते। इस पोस्ट ने एक बार फिर टैक्स व्यवस्था में समानता और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है।

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एक लोकेशन ने खड़ा कर दिया विवाद! गुरुग्राम में Rapido राइड का वीडियो वायरल

गुरुग्राम में Rapido राइड के बाद यात्री और बाइक राइडर के बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में महिला यात्री और राइडर के बीच ड्रॉप लोकेशन को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि उसे तय जगह पर नहीं छोड़ा गया, जबकि राइडर का कहना है कि उसने ऐप में दिख रही लोकेशन के अनुसार ही ट्रिप पूरी की। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में सही लोकेशन पिन, यात्री की सुविधा और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मामले पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं और यह बहस तेज हो गई है कि ऐसी स्थिति में गलती आखिर किसकी मानी जाए।

ड्रॉप पॉइंट को लेकर शुरू हुआ विवाद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला यात्री राइडर पर आरोप लगाती है कि उसे गलत जगह उतारा गया। महिला का कहना था कि उसकी असली मंजिल परिसर के अंदर थी, लेकिन राइडर उसे बेसमेंट के रास्ते ले जाकर किसी दूसरी जगह छोड़ गया। गुस्से में महिला ने सवाल किया कि जब उसे सही जगह जाना था तो राइडर वहां तक क्यों नहीं पहुंचा।

राइडर ने दी अपनी सफाई

वहीं Rapido राइडर ने अपनी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने वही किया जो ऐप में लोकेशन दिखाई गई थी। उसका कहना था कि उसने स्क्रीन पर दिख रहे डेस्टिनेशन के हिसाब से ही यात्री को वहां छोड़ा। राइडर ने सफाई देते हुए कहा कि वह ऐप की बताई हुई लोकेशन को फॉलो कर रहा था और उसी के आधार पर ट्रिप पूरी की।

वीडियो बनाने वाला शख्स भी बहस में कूदा

इस दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ नजर आया, जिसने बीच में आकर महिला से किराया देने के लिए कहा। उसकी बार-बार दखलअंदाजी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। महिला ने उसे बीच में बोलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।

आखिर में महिला ने किया पेमेंट

काफी देर तक चली बहस के बाद महिला ने अपना फोन निकाला और Rapido राइडर के QR कोड को स्कैन कर किराया चुका दिया। हालांकि, पेमेंट करने के बाद भी उसने राइडर और वीडियो बना रहे व्यक्ति से अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद महिला वहां से चली गई, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर ऐप की लोकेशन और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ गया है।

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे अलग-अलग राय

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग राइडर के पक्ष में नजर आए और बोले कि अगर ऐप में गलत लोकेशन पिन थी तो पूरी जिम्मेदारी राइडर की नहीं हो सकती। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि राइडर को यात्री से पुष्टि करके ही अंतिम ड्रॉप करना चाहिए था।

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