इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस A320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजा। विमान में 51 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्लाइट तीन घंटे बाद बुल्गारिया में लैंड हुई फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट रविवार शाम 6:46 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से रवाना हुई थी। विमान जब रोमानिया के ऊपर था तब इसे बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ा गया। करीब तीन घंटे बाद 9:10 बजे यह सोफिया के वासिल लेव्स्की एयरपोर्ट पर उतरा। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, अलर्ट मिलने के करीब 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू हुई। बुल्गारिया और इजराइली मीडिया ने बताया कि विमान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने भी खतरे की पुष्टि की है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी।
इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस A320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजा। विमान में 51 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्लाइट तीन घंटे बाद बुल्गारिया में लैंड हुई फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट रविवार शाम 6:46 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से रवाना हुई थी। विमान जब रोमानिया के ऊपर था तब इसे बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ा गया। करीब तीन घंटे बाद 9:10 बजे यह सोफिया के वासिल लेव्स्की एयरपोर्ट पर उतरा। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, अलर्ट मिलने के करीब 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू हुई। बुल्गारिया और इजराइली मीडिया ने बताया कि विमान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने भी खतरे की पुष्टि की है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। 6 दिन पहले भी इजराइल जा रही फ्लाइट को बम की धमकी मिली थी अमेरिका के न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को भी 13 अक्टूबर को बम की धमकी मिली। विमान खाली कराकर तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इससे एक दिन पहले इंडोनेशियाई पायलट के कारण इजराइल ने इथियोपियन एयरलाइंस के कार्गो विमान को उतरने की मंजूरी नहीं दी थी। पायलट बदलने के बाद विमान को अनुमति मिली। दरअसल सितंबर में फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हादसे के बाद इजराइल ने सुरक्षा नियम सख्त कर 11 देशों के पायलटों और क्रू पर रोक लगा दी है। इनमें अफगानिस्तान, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, नाइजर, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया और वेनेजुएला शामिल हैं। इन देशों के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। पिछले महीने फ्लाईदुबई की फ्लाइट हाईजैक हुई थी 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के पायलट ने विमान को हाईजैक कर लिया था। उसने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और फाइटर जैट्स की निगरानी में विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई पर हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दी जाए। ——————- यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में सैन्य अड्डे पर धमाका, 4 सैनिकों की मौत:रक्षा मंत्री बोले- ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा; यहां 1300 कर्मचारी तैनात थे कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में सैन्य अड्डे पर शनिवार को जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में 4 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल हैं। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार को इसकी पुष्टि की। पूरी खबर पढ़ें…
इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। नियम पहले से थे लेकिन पालन नहीं हो रहा था रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। लागू नियमों के तहत राजनयिक संबंध न रखने वाले देशों के पायलट और केबिन क्रू इजराइल जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। कुछ मामलों में दूसरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी रोक लग सकती है। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे मुस्लिम बहुल देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में करीब15 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। इजराइल के इंडोनेशिया से राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रविवार देर रात हुई। इसके बाद विमान के पायलट को बदलकर दूसरे पायलट को जिम्मेदारी दी गई, जिसे इजराइल में उतरने की मंजूरी थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में पायलट के हमले के बाद इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के लिए सुरक्षा नियम सख्त किए हैं। नए नियमों के तहत उन देशों के नागरिकों को इजराइल आने वाली उड़ानों में पायलट या क्रू मेंबर के तौर पर सफर करने से रोकने की बात कही गई है, जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। विमान का ईंधन समुद्र के ऊपर गिराना पड़ा इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार क्रू मेंबर्स की लिस्ट विमान के अदीस अबाबा से उड़ान भरने के बाद इजराइल को भेजी गई थी। यानी विमान के रवाना होने से पहले इजराइल को उसके क्रू की पूरी जानकारी नहीं मिली थी। विमान में उड़ान भरते समय काफी ईंधन था। पायलट को वापस अदीस अबाबा लौटना था, इसलिए विमान का वजन कम करने के लिए समुद्र के ऊपर ईंधन गिराया गया। इसके बाद पायलट को बदल दिया गया। नए पायलट को इजराइल में उतरने की मंजूरी मिलने के बाद विमान के दोबारा वहां जाने का रास्ता साफ हुआ। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट ने किया था हमला यह घटना उस हमले के दो हफ्ते बाद हुई है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के एक पायलट ने अपने सह-पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… ईरान-पाकिस्तान के नागरिक भी आसानी से इजराइल आ रहे थे फ्लाईदुबई की घटना के बाद जांच में पता चला था कि दुश्मन देशों के सैकड़ों क्रू मेंबर पहले भी इजराइल आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना था। इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने विदेशी एयरलाइंस के लिए नियम सख्त कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, इराक, लेबनान और पाकिस्तान जैसे देशों की नागरिकता रखने वाले पायलट और दूसरे विमान कर्मचारी पिछले कुछ सालों में आसानी से इजराइल आ रहे थे। इजराइली मीडिया के मुताबिक, देश की सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से विदेशी एयरलाइंस के कर्मचारियों की जांच में कमियों को लेकर चेतावनी दे रही थीं। उनका कहना था कि परिवहन मंत्रालय इजराइल आने वाली विदेशी एयरलाइंस और उनके क्रू मेंबर्स की पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं कर रहा था। इसके अलावा, विदेशी एयरलाइंस की ओर से संचालित इजराइली उड़ानों की जांच में भी कमियां थीं। इस पर परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि उसके पास खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जरूरी तंत्र नहीं है। हमले के बाद इजराइल ने फ्लाईदुबई को पत्र भेजा था इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को एक पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विमान संचालक दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दें। पत्र में कहा गया था कि मंत्रालय समय-समय पर जांच करेगा कि एयरलाइंस सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए जरूरी योजनाओं, उपायों और प्रक्रियाओं को लागू कर रही हैं या नहीं। इसके लिए मंत्रालय मौके पर जाकर भी जांच करेगा। दोहरी नागरिकता वाले क्रू मेंबर्स पर भी लागू नियम पत्र में विमान संचालकों को यह भी कहा गया था कि इजराइल के फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में आने वाली उड़ानों में ऐसे पायलट या कॉकपिट क्रू मेंबर नहीं होने चाहिए, जो उन देशों के नागरिक हों जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह नियम उन लोगों पर भी लागू है जिनके पास ऐसे किसी देश की दोहरी नागरिकता है। यानी किसी व्यक्ति के पास दो देशों की नागरिकता होने पर भी यह नियम लागू होगा, अगर उनमें से एक देश के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि वह इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच करे। ————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। इससे प्लेन में मौजूद बाकी दो पायलटों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिल गया और उन्होंने इसे संभाल लिया। पूरी खबर पढ़ें…
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हूती विद्रोहियों के हमले में घायल एक भारतीय की मौत हो गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि भारतीय दूतावास परिवार की हर संभव मदद करेगा। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है। दूतावास शव को जल्द भारत लाने में मदद करेगा। इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला किया। इस हमले में 12 भारतीयों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। एयरपोर्ट पर दो दिन में दूसरी बार हमला सऊदी सेना के मुताबिक, रविवार को एयरपोर्ट पर एक मिसाइल या दूसरा विस्फोटक हथियार गिरा। इससे यात्रियों के एक हॉल में आग लग गई। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। शनिवार को इसी एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 308 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक शामिल थे। हूतियों ने सऊदी एयरपोर्ट पर फिर हमले की धमकी दी यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एयरलाइंस और यात्रियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। हूतियों का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में हमले कर रहे हैं। संगठन ने कहा है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट को फिर निशाना बनाया जा सकता है। हूतियों के खिलाफ हमला कर सकता है अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया हमले की जानकारी मिलने के बाद फैसला लिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले की निंदा की। उन्होंने पुष्टि की कि हमले में एक अमेरिकी नागरिक की भी मौत हुई है। ब्रिटेन ने भी सऊदी अरब को और मदद देने की संभावना जताई है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। भारत ने कहा- आम नागरिकों पर हमले तुरंत बंद हों भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल वाली जगहों को बार-बार निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। भारत ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति बहाल होगी। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (एयरबस A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को फिर हमला हुआ। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बीते 20 दिन में यह चौथा हमला है। हमले के बाद एयरपोर्ट खाली कराया गया और वहां विमानों की आवाजाही रोक दी गई। समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, क्षेत्रीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के मुताबिक, हमले के चलते बीते 24 घंटे में एयरपोर्ट की कम से कम 225 उड़ानें रद्द हुईं। हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी अरब यमन सरकार की सेना को हवाई हमलों के जरिए मदद दे रहा है। इसका मकसद लाल सागर के पास हूतियों की हालिया बढ़त को रोकना है। हूतियों ने इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें चलाने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने सऊदी हवाई क्षेत्र को अपने सैन्य अभियानों का क्षेत्र बताया था। हालांकि, शनिवार के हमले की जिम्मेदारी हूतियों ने तत्काल नहीं ली। सऊदी सरकार की ओर से भी हमले को लेकर तुरंत कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। हमले के बाद ट्रम्प बोले- मैं खुश नहीं हूं सऊदी अरब ने अपने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और तेल से जुड़ी जगहों पर हमलों के बीच अमेरिका और दूसरे सहयोगी देशों से मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका की मदद में खुफिया जानकारी साझा करना, हमले के लिए ठिकानों की पहचान करना और सैन्य योजना बनाने में सहयोग देना शामिल है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है और मैं खुश नहीं हूं। हालांकि, इन हमलों के जवाब में अमेरिका की ओर से सैन्य मदद देने का कोई संकेत नहीं मिला। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब में बढ़ते खतरे के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (Airbus A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में फ्लोरिडा के तट से टकराया इसायस तूफान: 170 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रहीं अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी से लगे तटीय इलाकों में शुक्रवार को इसायस तूफान टकराया। फ्लोरिडा और अलबामा में 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
दिवाली और छठ पर हर कोई अपने परिवार के साथ त्योहार मनाना चाहता है। नौकरी या पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोग भी इन दिनों घर लौटने की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार हवाई टिकटों के बढ़ते दाम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। कुछ यात्रियों को अपने घर जाने के मुकाबले विदेश जाने का टिकट सस्ता मिल रहा है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं।
ScoopWhoop ने X पर कुछ फ्लाइट टिकटों की कीमतों के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। इनमें भारत के अलग-अलग शहरों के किराये की तुलना विदेश जाने वाली उड़ानों से की गई है। इन कीमतों को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि त्योहार पर घर लौटने के लिए इतना पैसा कैसे खर्च करें।
पटना से महंगा, मालदीव जाना सस्ता!
शेयर किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, बेंगलुरु से पटना जाने वाली फ्लाइट का किराया 21,695 रुपये था। वहीं, बेंगलुरु से मालदीव जाने का टिकट 12,033 रुपये में दिखाई दिया। यानी इस तुलना में विदेश जाने का टिकट पटना जाने से काफी सस्ता था।
एक यूजर ने इस पर अपनी परेशानी बताते हुए लिखा कि अब दिवाली और छठ पर घर कैसे जाएं। यह सवाल उन लोगों की मुश्किल दिखाता है, जो त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं।
मुंबई से गुवाहाटी का टिकट 43 हजार रुपये तक
एक अन्य यूजर ने मुंबई से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट के किराये साझा किए। स्क्रीनशॉट में अलग-अलग एयरलाइंस के टिकट करीब 22,000 से 43,000 रुपये तक दिखाई दिए।
यूजर ने बताया कि कम कीमत वाली फ्लाइट का समय सुविधाजनक नहीं है, जबकि सही समय पर जाने वाली उड़ानों के लिए काफी ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें विदेश नहीं जाना, सिर्फ अपने घर पहुंचना है।
पटना से सस्ता बैंकॉक का टिकट
दूसरे यात्रियों ने भी ऐसी ही तुलना साझा की। एक पोस्ट के मुताबिक, पुणे से पटना जाने का टिकट 32,000 रुपये का था, जबकि पुणे से बैंकॉक जाने का किराया 14,451 रुपये दिखाया गया।
इसी तरह, बेंगलुरु से श्रीनगर जाने का टिकट करीब 19,000 रुपये और मालदीव का टिकट लगभग 13,000 रुपये बताया गया। इन कीमतों को देखकर कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि घर जाने से सस्ता विदेश घूमना पड़ रहा है।
लोगों ने कहा- घर जाने के लिए इतना खर्च कैसे करें?
एक यूजर ने बेंगलुरु से दिल्ली आने-जाने के टिकटों का किराया करीब 30,000 रुपये से ज्यादा बताया। उन्होंने मजाक में लिखा कि अब दिवाली पर घर जाने के लिए किडनी बेचनी पड़ेगी।
कई लोगों ने त्योहारों पर घर पहुंचने को भावनाओं से जुड़ा बताया। वहीं, कुछ यूजर्स ने हवाई टिकटों की कीमतों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर दिखाई गई कीमतें खास उड़ानों और तारीखों से जुड़ी हैं। टिकट का वास्तविक किराया बुकिंग के समय, सीटों की उपलब्धता और यात्रा की तारीख के अनुसार बदल सकता है। फिर भी इन उदाहरणों ने त्योहारों के दौरान महंगी हवाई यात्रा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
जिम बना अखाड़ा! बागपत में युवक ने नॉनस्टॉप जड़े 32 थप्पड़, CCTV वीडियो वायरल

बेसिक सवाल है! इस सप्ताह रिजर्व बैंक के ब्याज दर फैसले, शेयर बाजार, जीडीपी की हवाबाजी, लुढ़कते रुपए, भारत से भागती पूंजी जैसे तथ्यों से बेसिक सवाल है कि तब देश की आर्थिकी भला चल कैसे रही है? वह प्लेटफॉर्म पर खड़ी है या वह उस छुक-छुक इंजन से बंधी है जो भाप छोड़ रहा है पर न कोयला है न बॉयलर में भभकती आग है?
आप भी सोचें, भारत के हर बंदे को सोचना चाहिए कि आखिर भारत की आर्थिकी के पहियों का मौजूदा इंजन है क्या?
पहले देश विशेष की ताक़त उसकी फ़ौज, कारखानों और खेतों से मापी जाती थी। अब पैसे से है। मतलब पूंजी, कमाई, बचत, श्रीवृद्धि, लक्ष्मी की चंचलता प्राथमिक कसौटी (वैश्विक भी) है। इस मायने में भारत की रियलिटी क्या है? क्या यह रियलिटी नहीं है कि देश के अमीर, देश की बुद्धि भारत छोड़ विदेश जा बस रही है? क्या यह खबर नहीं है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकाल कर दूसरे देशों के बाजारों में निवेश कर रहे हैं? मतलब भारत का शेयर बाजार जोखिम भरा, कम कमाई का है वही इंडोनेशिया हो या तुर्किये, आसियान देश वैश्विक पूंजी के लिए इसलिए कमाई वाले हैं क्योंकि इन देशों की इकोनॉमी सचमुच तेजी से बढ़ती हुई है।
सोचें, सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में अप्रैल-जून 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत थी, जबकि सकल मूल्य वर्धन (GVA) की बढ़ोतरी 8.2 प्रतिशत। सात अक्टूबर को रिज़र्व बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 की विकास दर का अनुमान बढ़ा कर 7.1 प्रतिशत किया। अब यदि भारत की वास्तविक अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत बढ़ रही है, तो उसकी करेंसी, रुपया और शेयर बाज़ार क्यों लगातार कमजोर होता हुआ है? गुरूवार को सेंसेक्स फिर भारी गिरा। तथ्य है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने वर्ष 2026 में अब तक लगभग 30.4 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेचे है। अकेले अक्टूबर के शुरुआती नौ दिनों में लगभग 47,000 करोड़ रुपए के भारतीय शेयरों को विदेशियों ने बेचा।
दुनिया के किसी भी पैमाने पर यह मामूली उतार-चढ़ाव नहीं है। सो, सीधा सवाल है एक तरफ भारत में उत्पादन बढ़ने के सरकारी आंकड़े हैं, वहीं विदेशी निवेशक भारत की कंपनियों के भविष्य को लेकर घबराए हुए हैं, उनके शेयर बेच भाग रहे हैं? ऐसे ही भारत की करेंसी विदेशी बाजार में कौड़ियों वाली हैसियत में है। इस वर्ष डॉलर के मुक़ाबले रुपए का मूल्य सात प्रतिशत से अधिक गिर चुका है।
सरकारी दावा है कि आर्थिकी की रेलगाड़ी तेज़ विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह, कंक्रीटों में नजर आते बुनियादी ढांचे से दुनिया की सर्वाधिक तेज़ बुलेट ट्रेन है। वहीं रियलिटी में गाड़ी प्लेटफॉर्म पर छुक-छुक करते हुए है। बाज़ार की हकीकत, भारतीय करेंसी के घटते भाव, विदेशी पूंजी के भागने, अब नई ऊंची ब्याज दर, महंगा तेल-ईंधन, महंगे कर्ज व व्यापारियों, अमीरों का भागना या हाथ पर हाथ धरे बैठे होना है।
कह सकते हैं कि खेती, आईटी कंपनियां, सेवा क्षेत्र, मेक इन इंडिया के कारखानों की भाप से आर्थिकी का इंजन सरपट भागता हुआ है। पर खेती यदि खुशहाल होती तो किसानों के पेट नहीं भरे होते! किसान तब दो-दो हजार रुपए की प्रधानमंत्री की रेवड़ी पर टकटकी लगाए उसका इंतजार क्या करते हुए होते? सब्जी बाजार, आटे-तेल के दाम क्या आम आदमी का जीना हराम ऐसा किए हुए होते जो रिजर्व बैंक को महंगाई के हवाले ब्याज दर बढ़ाने का फैसला करना पड़ता? ऐसी ही आईटी कंपनियों, सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयर बाजार में लुढ़कने का औसत है। भारत की आईटी कंपनियों की अमेरिका में हुई एआई क्रांति से लुटिया डूबती हुई है। इन कंपनियों में ही निवेशित पूंजी सर्वाधिक भाग रही है। और मेक इन इंडिया या इंफ्रास्ट्रक्चर की तो बात ही नहीं होनी चाहिए। अंबानी हो, अडानी हो, एयरलाइंस सेक्टर हो या टेक्सटाइल सेक्टर या बैंकिंग सब महंगाई बढ़ा रहे हैं या बांग्लादेश, वियतनाम, आसियान देशों से पिट रहे हैं या आर्थिकी का कर्जा बढ़ा रहे हैं। बट्टेखाते में भारत की पूंजी, बचत वैसे ही जा रही है जैसे शेयर बाजार के चक्कर में मध्यवर्गीय नौकरीपेशा नौजवानों ने म्यूचुअल फंड (एसआईपी) के जरिए अपनी बचत को शेयर बाज़ार में उड़ेला, जबकि खर्चों के लिए कर्ज लेकर अपने आपको ब्याज (जो महंगा होना ही है) के चक्रव्यूह में फंसाया।
सो, पूंजी देशी (कभी भारत में घर-परिवार रिकॉर्ड बचत किया करते थे) हो या विदेशी वह भारत की इकोनॉमी को दौड़ाती हुई नहीं है। न ही भारत की उत्पादकता (यदि होती तो चीन के आयातों पर क्या खतरनाक स्तर पर आश्रित होते?) का इंजन है। तो ले देकर पैसे की मालिक या तो सरकार, उसके खर्च और बाबुओं का भ्रष्टाचार है या सरकारी कृपाओं के क्रोनी खरबपति याकि अडानी-अंबानी जैसे देशी जगत सेठ हैं। इन सबकी ऊर्जा के इंजन का नाम क्या है? 140 करोड़ लोगों का पेट! हां, भारत के 140 करोड़ लोगों की बुनियादी भूख, जीने का संघर्ष ही 2026 की इंडियन इकोनॉमी की वह छुक-छुक रेलगाड़ी है, जिसमें फर्स्ट क्लास, मिडिल क्लास के कुछ डिब्बे हैं बाकी तो भूखे पेटों की आग, उसके हाथ-पांव मार कर जीने की जिजीविषा है!
क्या नहीं?
रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुए धमाकों के बाद सऊदी अरब की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए Air India Express और Akasa Air ने गुरुवार को रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे यात्रियों की यात्रा पर भी असर पड़ा है।
उड़ानें रद्द किए जाने के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का एक दावा भी सामने आया है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया था।
इस बीच, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने राजधानी की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए इस दावे की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
Air India Express ने रियाद की उड़ानें रोकीं
रियाद में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच Air India Express ने 10 अक्टूबर तक रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने इसके पीछे क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति को वजह बताया है।
एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को मुफ़्त में यात्रा की तारीख बदलने (रीशेड्यूलिंग) या बुकिंग रद्द करने पर पूरा रिफंड पाने का विकल्प दिया जाएगा।
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सुरक्षा से जुड़ी ताजा घटना के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं में फिर से रुकावट आई है।
आकासा एयर ने कोच्चि-रियाद सेवाएं रद्द कीं
आकासा एयर ने 8 अक्टूबर को होने वाली अपनी QP 523 कोच्चि-रियाद और QP 524 रियाद-कोच्चि फ्लाइट्स भी रद्द कर दीं।
एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित यात्री या तो पूरा रिफंड ले सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपनी यात्रा का समय बदल सकते हैं।
आकासा एयर ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आगे किसी भी बदलाव के बारे में यात्रियों को जानकारी देगी। उसने यह भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
रियाद एयरपोर्ट ने यात्रियों को फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।
यह सलाह गुरुवार को रियाद में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने और एयरपोर्ट के पास एक बड़े धमाके की खबर के बाद जारी की गई। एक चश्मदीद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि फ्लाइट्स रोक दी गईं और यात्रियों से एयरपोर्ट से बाहर निकलने को कहा गया।
एयरपोर्ट ने ‘X’ पर एक बयान में कहा: “हम यात्रियों को बताना चाहते हैं कि एयरपोर्ट आने से पहले वे सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।”
हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया
हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनके ग्रुप ने दोपहर के समय किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया और दावा किया कि मिसाइल “अपने निशाने पर लगी”।
हालांकि, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी सेना ने रियाद की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि हूती मिसाइल एयरपोर्ट से टकराई है।
यह ताजा घटना इस हफ्ते सऊदी एयरपोर्ट्स पर हुए हूती हमलों की कड़ी में एक और घटना है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।
रियाद एयरपोर्ट पर पहले से ही उड़ानें प्रभावित
ताजा हमले ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले से चल रही दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। ‘द नेशनल’ के मुताबिक, गुरुवार को दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा। एक समय पर 58 उड़ानें देर से चलीं और 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
इस स्थिति ने सऊदी एयरस्पेस से गुजरने वाली इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए भी बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि हूती और सऊदी-नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।
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