एयरपोर्ट पर नहीं होगी चेकिंग में देरी! बस बदलें बैग पैक करने का तरीका और अपनाएं ये आदतें ट्रेवलिंग में

फ्लाइट में ट्रैवल करते समय केबिन बैग में क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं, इसे लेकर कई ट्रैवलर को कन्फ्यूजन रहता है। कुछ खाने-पीने की चीजें, फल, स्नैक्स और जरूरी सामान आसानी से ले जाए जा सकते हैं, लेकिन लिक्विड, बैटरी और कुछ खास चीजों पर एयरपोर्ट सिक्योरिटी के रूल होते हैं। यदि इन रेगुलेशन की जानकारी पहले से हो, तो चेकिंग के समय परेशानी, सामान निकलवाने या महंगी चीजें खोने से बचा जा सकता है। इसलिए फ्लाइट पकड़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि केबिन बैग में कौन-सी चीजें रखें और कौन-सी चीजें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर है।

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1. केबिन बैग की लिमिट

ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस में इकॉनमी क्लास के पैसेंजर को एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल बैग ले जाने की परमिशन होती है। केबिन बैग का वजन आम तौर पर 7 किलो तक होता है, जबकि कुछ एयरलाइंस और प्रीमियम क्लास में वेट की लिमिट अलग हो सकती है। बैग का साइज भी तय होता है, इसलिए सिर्फ वेट ही नहीं बल्कि बैग की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से चेक कर लें। बड़ा बैग होने पर एयरपोर्ट पर उसे चेक-इन करने के लिए कहा जा सकता है।

2. पर्सनल बैग छोटा रखें

पर्सनल बैग ऐसा होना चाहिए जिसे सामने वाली सीट के नीचे आसानी से रखा जा सके। इसमें छोटा हैंडबैग, लैपटॉप बैग, मैसेंजर बैग या बच्चे का छोटा बैग रखा जा सकता है। इसे बड़े सूटकेस की तरह भरने से बचें, क्योंकि एयरलाइन स्टाफ आपसे इसे अलग से चेक करने के लिए कह सकता है। जरूरी सामान को छोटे और आसानी से रखने वाले बैग में रखना ट्रैवल में भी आसान रहता है।

3. लिक्विड बोतल का रूल

केबिन बैग में लिक्विड, जेल, क्रीम और एरोसोल की हर बोतल 100 ml या उससे कम की होनी चाहिए। यहां बोतल की कुल क्षमता देखी जाती है, उसमें बचा हुआ सामान नहीं। यानी 200 ml की बोतल में सिर्फ 20 ml प्रोडक्ट बचा हो, तब भी उसे 200 ml की बोतल ही माना जाएगा। सभी छोटे लिक्विड कंटेनर एक ट्रांसपेरेंट, दोबारा बंद होने वाले पाउच में रखें, ताकि सिक्योरिटी चेक के समय आसानी हो।

4. जरूरी और एक्सपेंसिव आइटम

पासपोर्ट, पैसे, गहने, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान, कैमरा, पावर बैंक और एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी जैसी चीजें अपने साथ केबिन बैग में रखना बेहतर होता है। पावर बैंक और अलग रखी लिथियम बैटरी को चेक-इन बैगेज में रखने की परमिशन नहीं होती। वहीं चाकू, ब्लेड, प्लायर, रिंच, मेटल नेल फाइल और दूसरे नुकीले या औजार जैसे सामान को केबिन बैग में न रखें, क्योंकि सिक्योरिटी चेकिंग में इन्हें रोका जा सकता है।

5. खाने-पीने की चीजों में सावधानी

बिरयानी, फल और सूखे स्नैक्स जैसी कई खाने की चीजें जर्नी में साथ ले जाई जा सकती हैं, लेकिन एयरपोर्ट और एयरलाइन के रूल अलग हो सकते हैं। मसाले या पाउडर जैसी चीजों की ज्यादा चेकिंग हो सकती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में ऐसी चीजें ले जाने पर उन्हें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर हो सकता है। शराब को भी चेक-इन बैगेज में रखना सेफ रहता है, जबकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खरीदा गया सील ड्यूटी-फ्री सामान अलग नियमों के तहत ले जाया जा सकता है।

फ्लाइट से पहले अपने सामान और जरूरी चीजों को अच्छी तरह जांच लेना समझदारी है। एयरपोर्ट के रेगुलेशन की थोड़ी जानकारी और सही तरीके से पैकिंग करने से सिक्योरिटी चेक के समय परेशानी नहीं होगी। साथ ही आपका समय बचेगा और सफर भी ज्यादा कम्फर्टेबल और स्ट्रेस फ्री रहेगा।

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

Crude Oil Price: क्रूट ऑयल की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। करीब एक महीने बाद अमेरिका के हमले और ईरान के जवाबी हमले की खबर है। ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी यूनाइटेड किंग्डम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ट्रैंकर पर हमले की खबर दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जोरदार हमले की धमकी दी है। इससे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर के पार चला गया।

शेयरों पर दिखा क्रूड में उछाल का असर 

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर दिखा। क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इनमें पेंट बनाने वाली कंपनियां, एयरलाइंस कंपनियां और टायर कंपनियां शामिल थी। कच्चे तेल की कीमतों के लगातार ऊंचे लेवल पर बने रहने से इन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ता है।

एशियन पेंट्स का शेयर 3.42 फीसदी गिरा

Asian Paints के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 2,562 पर बंद हुआ। बर्जर पेंट्स का शेयर भी 1.28 फीसदी गिरकर 491.40 रुपये पर बंद हुआ। JSW Dulux का शेयर 0.46 फीसदी गिरा। Shalimar Paints का शेयर 1.05 फीसदी फिसला।

इंडिगो के शेयर में आई 3.77 फीसदी गिरावट 

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 3.77 फीसदी गिरकर 5,036 रुपये पर बंद हुआ। स्पाइसजेट का शेयर 3.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.99 रुपये पर क्लोज हुआ। एयरलाइंस कंपनियों की कुल ऑपरेशन कॉस्ट में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी होती है। क्रूड ऑयल महंगा होने पर एटीएफ की कीमतें भी बढ़ जाती है। इससे एयरलाइंस कंपनियों का कुल खर्च बढ़ता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव

टायर बनाने वाली कंपनियों में जेके टायर, गुडईयर इंडिया, सीएट के शेयरों में गिरावट आई। गुडईयर का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 738 रुपये पर बंद हुआ। Ceat का शेयर 0.058 फीसदी गिरकर 3,417 पर बंद हुआ। जेके टायर का शेयर 1.41 फीसदी गिरकर 373 रुपये पर बंद हुआ। टायर बनाने में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।

IOCL, HPCL, BPCL के शेयर भी फिसले 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 136.50 रुपये पर बंद हुआ। बीपीसीएल का शेयर 2.38 फीसदी फिसला। HPCL का शेयर भी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 362.35 रुपये पर क्लोज हुआ। कच्चा तेल महंगा होने से इन कंपनियों की कॉस्ट बढ़ जाती है।

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ONGC, Oil India के शेयरों में उछाल

तेल का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। ONGC का शेयर 2.02 फीसदी चढ़कर 236.49 रुपये पर बंद हुआ। Oil India का शेयर 1.31 फीसदी चढ़कर 489.50 रुपये पर पहुंच गया। क्रूड महंगा होने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में भारी बारिश से हवाई सेवा प्रभावित! 250 से ज्यादा उड़ानें लेट, 15 फ्लाइट डायवर्ट

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में सोमवार (24 अगस्त) को हुई मूसलाधार बारिश का असर सड़क ट्रैफिक के साथ-साथ हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर 250 से ज्यादा उड़ानें देरी से चल रही हैं। जबकि मौसम खराब होने के कारण 15 उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। डायवर्ट की गई उड़ानों में तीन इंटरनेशनल फ्लाइट भी शामिल हैं। इनमें से 12 उड़ानों को जयपुर, 2 को चंडीगढ़ और 1 उड़ान को लखनऊ भेजा गया। हालांकि, मौसम में सुधार के साथ दिन आगे बढ़ने पर उड़ान संचालन के सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है।

भारी बारिश से दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक जाम

दिल्ली में सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पानी भरने से कई जगहों पर यातायात की रफ्तार धीमी रही और लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि कुछ अन्य इलाकों के लिए मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया।

एयरलाइंस ने यात्रियों को किया अलर्ट

मौसम की स्थिति को देखते हुए कई एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है। एयरलाइंस ने यह भी चेतावनी दी कि खराब मौसम का असर कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी पड़ सकता है। एयर इंडिया (Air India) ने यात्रियों को बताया कि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हो सकता है। इंडिगो (IndiGo) ने कहा कि दिल्ली के ऊपर खराब मौसम के कारण उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ा है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने और उड़ान की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की।

स्पाइसजेट (SpiceJet) ने भी यात्रियों को आगाह करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण सभी आने-जाने वाली उड़ानें और उनसे जुड़ी कनेक्टिंग उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने को कहा गया। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने कहा कि दिल्ली में गंभीर मौसम की स्थिति के कारण उसके नेटवर्क की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए उसने खेद जताया।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर चेक करने, अतिरिक्त यात्रा समय लेकर चलने और कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों को एयरलाइन के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कुछ स्थानों पर बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश हुई। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शहर के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक जाम और जलभराव की शिकायत की।

‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी

दिल्ली में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ तेज से मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच दिल्ली में सबसे अधिक 28 मिलीमीटर (मिमी) बारिश छतरपुर में दर्ज की गई। इसके बाद लोधी रोड में 24.6 मिमी और पीतमपुरा में 18.5 मिमी बारिश हुई।

इस दौरान रिज में पांच मिमी, मयूर विहार में 1.5 मिमी, सफदरजंग में एक मिमी और आयानगर में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं। न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन, बुराड़ी, सीआर पार्क और अलकनंदा के आसपास जलभराव की सूचना मिली। यात्रियों ने भी सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम और जलभराव वाले मार्गों की जानकारी शेयर की।

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दिल्ली में सोमवार को शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री अधिक है। रिज में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

21 भारतीयों वाले जहाज पर ईरानी हमले का VIDEO:होर्मुज में IRGC बोट्स ने फायरिंग की; शीशे टूटे, सामान बिखरा, क्रू ने छिपकर जान बचाई

होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी नौकाओं ने फायरिंग की थी। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। भारतीय नाविकों के संगठन ने अब इस घटना का वीडियो जारी किया है। वीडियो में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी नौकाओं को जहाज के आसपास देखा जा सकता है। जहाज पर फायरिंग के बाद शीशे टूटे और सामान बिखरा दिखाई देता है। एक जगह रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने का सीन भी दिखता है। हमले के दौरान जहाज का क्रू अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिप गया। जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और सभी सुरक्षित रहे। होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक लगा चुकी सरकार खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच भारत ने 16 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर रोक लगा दी थी। यह रोक अगले आदेश तक लागू है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया था, जब होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में हुए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। भारत ने जहाज मालिकों, जहाज मैनेजमेंट कंपनियों और नाविकों की भर्ती करने वाली RPSL कंपनियों को अरब की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। यह रोक भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर है। भारत के बाहर से विदेशी शिपिंग कंपनियों द्वारा भर्ती किए गए नाविकों पर यह आदेश सीधे लागू नहीं होगा। सोमालिया के पास 6 भारतीयों वाला जहाज हाईजैक सोमालिया के पंटलैंड तट के पास एक कार्गो जहाज को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया। कैमरून के झंडे वाले M/V LUTUF में 10 लोग सवार थे, जिनमें 6 भारतीय, 1 तुर्की नागरिक, 1 जॉर्जियाई और 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल थे। जहाज को 17 अगस्त को ईयल जिले में मैराया से करीब 3.5 नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया। लुटेरे इसे नूगाल तट की ओर ले गए। जहाज पर मोगादिशु के तुर्की सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार, संचार और सैटेलाइट उपकरण थे। सोमाली अधिकारी के मुताबिक, 8 समुद्री लुटेरों ने जहाज पर कब्जा किया। बाद में दो तुर्की जहाज पहुंचे और हेलिकॉप्टर-ड्रोन से निगरानी शुरू हुई। मंगलवार को जहाज के पास एक छोटी नाव पहुंची। इसके लौटने के बाद हुए हवाई हमले में 4 लोग मारे गए और 2 घायल हुए। हालांकि, यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया और मारे गए लोग हाईजैक में शामिल थे या नहीं। जहाज और क्रू की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी साफ नहीं है। हूती हमले में मारे गए 2 पाकिस्तानी नाविकों के शव कराची पहुंचे हूती हमले में मारे गए 2 पाकिस्तानी नाविकों के शव गुरुवार को कराची पहुंच गए। हमले में घायल हुए 6 पाकिस्तानी नाविक भी सुरक्षित पाकिस्तान लौट आए हैं। 11 अगस्त को तंजानिया के झंडे वाले ‘तिहामा’ जहाज पर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में हूतियों ने हमला किया था। इसमें 3 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई नाविक की मौत हुई थी। दो घायल नाविक और दोनों मृत नाविकों के शव सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से कराची पहुंचे, जबकि बाकी 4 घायल PIA की फ्लाइट से लौटे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने हमले की निंदा की और कहा कि समुद्री नाविकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। खबर अपडेट हो रही है…

बिना एक बूंद तेल के हवा में उड़ा दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक विमान, 27 मिनट की उड़ान का बिजली का खर्च सिर्फ 5 डॉलर

इलेक्ट्रिक विमान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े पूरी तरह बैटरी से चलने वाले विमान ने पहली बार सफल उड़ान भरी है। इसे स्वीडन की कंपनी हार्ट एयरोस्पेस ने तैयार किया है। 30 सीटों वाले इस विमान ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित प्लैट्सबर्ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली परीक्षण उड़ान भरी। परीक्षण के दौरान विमान ने केवल बैटरी की मदद से 27 मिनट तक उड़ान भरी और करीब 1,100 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। विमान के पंखों की चौड़ाई करीब 106 फीट है और इसका वजन लगभग 25,000 पाउंड है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षण उड़ान में कोई यात्री नहीं था और विमान में सिर्फ एक पायलट मौजूद था।

हार्ट एयरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ एंडर्स फोर्सलुंड ने कहा कि X1 की पहली उड़ान के साथ कंपनी ने कमर्शियल विमान के स्तर पर इलेक्ट्रिक उड़ान की क्षमता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह इलेक्ट्रिक कमर्शियल विमान आने वाले समय में एयरलाइन कंपनियों के खर्च के तरीके को बदल सकते हैं। इससे भविष्य में यात्रियों के लिए हवाई यात्रा का खर्च भी कम हो सकता है। कंपनी के मुताबिक, X1 पूरी तरह बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक प्रणाली पर काम करता है। इसका सिस्टम 1 मेगावाट से ज्यादा बिजली पैदा कर सकता है। इस सफल परीक्षण से यह जरूर पता चला है कि बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक प्रणाली छोटे कमर्शियल विमान के स्तर पर काम कर सकती है। हालांकि, अभी इसकी उड़ान की दूरी और बैटरी के ज्यादा वजन जैसी कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। इसलिए पूरी तरह इलेक्ट्रिक यात्री विमान से नियमित हवाई यात्रा शुरू होने में अभी समय लग सकता है।

इसकी लागत कितनी आई?

X1 की परीक्षण उड़ान में इस्तेमाल हुई बिजली की अनुमानित लागत सिर्फ 5 डॉलर रही। हालांकि, यह आंकड़ा सुनने में काफी कम लगता है, लेकिन यह केवल 27 मिनट की परीक्षण उड़ान के दौरान इस्तेमाल हुई बिजली का खर्च है। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 5 डॉलर में विमान की पूरी संचालन लागत शामिल नहीं है। इसमें पायलट की सैलरी, रखरखाव, एयरपोर्ट फीस, बैटरी की क्षमता कम होने का खर्च, विमान की फाइनेंसिंग और बीमा जैसी लागतें शामिल नहीं हैं।

फिर भी यह परीक्षण इलेक्ट्रिक विमानों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। यह उड़ान ऐसे समय में हुई है जब दुनियाभर में जेट ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्ट एयरोस्पेस का मानना है कि ईंधन की बढ़ती और बदलती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक विमान एयरलाइंस का संचालन खर्च काफी कम कर सकते हैं। इससे भविष्य में विमान कंपनियों की वैश्विक तेल बाजार पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर एयर इंडिया का बड़ा एक्शन! सभी पायलटों की डोप टेस्टिंग शुरू, एयरबस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

Air India Pilot Dope Test: 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद, एयरलाइन ने गुरुवार से अपने ग्रुप – एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस – के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फैसला किया है। यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया है और साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों में बताई गई जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

एयरलाइन ने ग्रुप के पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, एयर इंडिया पहले से ही भारत के DGCA की सभी जरूरी शर्तों का पूरी तरह पालन करती है। ये शर्तें यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े एविएशन क्षेत्रों में लागू नियमों जैसी ही हैं। फिर भी, हमें लगता है कि अब इससे आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, हमने ग्रुप के सभी पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है ताकि यह पता चल सके कि वे ऐसे किसी पदार्थ या दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाजत नहीं है। यह टेस्टिंग जरूरी है और आज, 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”

दोनों ग्रुप एयरलाइंस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,000 पायलट और करीब 300 विमानों का बेड़ा है। हालांकि, एयर इंडिया ने पायलटों को भेजे गए इस मैसेज पर कोई टिप्पणी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, यह टेस्टिंग सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने और यात्रियों व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए की जा रही है।

साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग पर DGCA की सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुसार, हर साल 10% फ्लाइट क्रू, अन्य पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम डोप टेस्ट करना अनिवार्य है। रूटीन रैंडम टेस्टिंग के अलावा, ये टेस्ट आमतौर पर सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के बाद भी किए जाते हैं, जैसा कि 4 अगस्त की एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के मामले में हुआ।

वहीं, पायलटों को भेजे गए संदेश में कहा गया है, “यह टेस्ट गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स/एयर इंडिया ऑफिस में या आपके संबंधित बेस द्वारा बताई गई जगहों पर किया जाएगा। यह पहल नियमों की जरूरतों से कहीं आगे की है और सुरक्षा व प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा हमारे यात्रियों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को भरोसा दिलाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।” सूत्रों के मुताबिक, जो पायलट फिलहाल छुट्टी पर हैं, उन्हें ड्यूटी पर लौटने के बाद यह टेस्ट देना होगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की भी संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, संदेश में कहा गया है, “कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है। इस दौरान हमारे पायलटों और दूसरे स्टाफ की प्रोफेशनलिज्म, स्किल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने लाखों यात्रियों और आम लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। आप में से कई लोगों ने हाल ही में इसी तरह की भावना ज़ाहिर की है।”

बता दें कि पिछले मंगलवार (4 अगस्त) को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (VT-EXO) उड़ान के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विमान में उस समय 137 यात्री, 6 केबिन क्रू सदस्य और 2 पायलट सवार थे। इस घटना को ‘सीरियस इंसिडेंट’ की श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

गौरतलब है कि शुरुआत में सरकार और एयरलाइन ने इस घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झोंके) को बताया था। सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बर्ताव की भी जांच हो रही है, खासकर PIC (पायलट-इन-कमांड) के ड्रग टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आने के बाद। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद PIC के शुरुआती ड्रग टेस्ट का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया था और कन्फर्मेटरी टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया, जिसमें मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नशीला पदार्थ कब लिया गया था या क्या वह ड्रग्स के असर में फ्लाइट उड़ा रहे थे।

इसके अलावा, ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय एयरबस A320 जेट के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में भी एक के बाद एक कई दिक्कतें आईं। AAIB इस बात की भी जांच करेगा कि क्या ये दिक्कतें घटना का कारण हो सकती हैं। जांच में विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA मदद कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद PIC ने अधिकारियों को बताया कि वह नींद न आने की समस्या के लिए दवा ले रहे थे, जो उनके फैमिली डॉक्टर ने बताई थी। यह भी पता चला है कि उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घटना के समय वह को-पायलट की सीट के पीछे खड़े थे और विमान के कंट्रोल पर नहीं थे।

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IRCTC ने किया बड़ा ऐलान! अब गिफ्ट कार्ड से घूमिये बैंकॉक-पटाया

IRCTC का 6 दिन का थाईलैंड टूर पैकेज कम समय में कई खास जगहों को घूमने का मौका देता है। इस ट्रिप में बैंकॉक और पटाया के साथ कोरल आइलैंड, सफारी वर्ल्ड और नदी क्रूज जैसे शानदार एक्सपीरियंस मिल सकते हैं। कम बजट में शुरू होने वाला यह पैकेज थाईलैंड की खूबसूरती और पॉपुलर जगहों को एक ही यात्रा में देखने की चाह रखने वालों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

पैकेज प्राइस और ट्रैवल डेट

थाईलैंड में सर्दी का मौसम: करने लायक चीज़ें और घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें

IRCTC का थाईलैंड टूर पैकेज ₹49,500 प्रति व्यक्ति से शुरू हो रहा है। ट्रिपल शेयरिंग में एक व्यक्ति का किराया ₹49,500 है, जबकि डबल शेयरिंग के लिए ₹61,300 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹57,000 देने होंगे। बच्चों के लिए किराया ₹30,300 रखा गया है। बुकिंग के समय 2% TCS अलग से देना होगा, जबकि 5% GST पैकेज की कीमत में शामिल है। यह 5 रात और 6 दिन का थाईलैंड टूर है, जो 12 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक चलेगा। जर्नी की शुरुआत कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी। ट्रैवलर फ्लाइट से बैंकॉक पहुंचेंगे और वहां से आगे का सफर टूर प्लानिंग के हिसाब से करेंगे।

 

 

पहला दिन – पटाया

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बैंकॉक एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ट्रैवलर को पटाया ले जाया जाएगा। एयरपोर्ट से पटाया तक का सफर करीब ढाई घंटे का होगा। होटल पहुंचकर चेक-इन और नाश्ता करने के बाद टाइगर पार्क घूमने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को पटाया का फेमस अल्काजार शो देखने जाएंगे। शो के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में डिनर होगा और रात पटाया के होटल में बिताई जाएगी।

 

 

दूसरा दिन – कोरल आइलैंड

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दूसरे दिन सुबह नाश्ते के बाद कोरल आइलैंड घूमने का प्लान है। यात्रियों को स्पीडबोट से आइलैंड तक ले जाया जाएगा, जहां समुद्र और खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है। कोरल आइलैंड घूमने के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में लंच कराया जाएगा। इसके बाद जेम्स गैलरी देखने का मौका मिलेगा। शाम को कुछ समय अपने हिसाब से बिताया जा सकता है। रात में डिनर के बाद पटाया के होटल में आराम करेंगे।

 

 

तीसरा दिन – बैंकॉक

Ripples Cruise

तीसरे दिन पटाया से चेक-आउट करके बैंकॉक के लिए रवाना होंगे। बैंकॉक पहुंचने के बाद आधे दिन का सिटी टूर कराया जाएगा। इस दौरान मार्बल बुद्ध और गोल्डन बुद्ध जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को चाओफ्राया नदी में डिनर क्रूज का आनंद लिया जा सकेगा। नदी के खूबसूरत नजारों के बीच डिनर के बाद रात बैंकॉक के होटल में ठहरेंगे।

 

 

चौथा दिन – सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क

थाईलैंड में घूमने की जगहें | जैकाडा ट्रैवल

चौथे दिन बैंकॉक में घूमने के लिए स्पेशल लोकेशन है। इस दिन ट्रैवलर सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क जाएंगे। यहां अलग-अलग जानवरों को देखने के साथ मनोरंजक शो देख सकते है। घूमने के दौरान लंच की सुविधा भी मिलेगी। दिनभर की सैर के बाद यात्री बैंकॉक के होटल में वापस आएंगे और रात वहीं रुकेंगे।

 

 

 

पांचवां दिन – बैंकॉक ओशन वर्ल्ड

पांचवें दिन होटल से चेक-आउट करने के बाद SEA LIFE बैंकॉक ओशन वर्ल्ड घूमने जाएंगे। यहां समुद्री जीवों और पानी के अंदर की दुनिया को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच कराया जाएगा। यदि टाइम मिले तो एयरपोर्ट जाने से पहले बैंकॉक में शॉपिंग भी की जा सकती है। इसके बाद वापसी की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट रवाना होंगे।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

IRCTC के इस पैकेज में जर्नी को आसान बनाने के लिए कई फैसिलिटीज शामिल की गई हैं। इसमें थाई लायन एयरलाइंस से कोलकाता और बैंकॉक के बीच आने-जाने का हवाई किराया, तीन सितारा होटल में पांच रातों का ठहराव, नाश्ता, लंच और डिनर शामिल हैं। ट्रैवलर को ट्रैवल इंश्योरेंस और लोकल टूर गाइड की फैसिलिटी भी मिलेगी।

कुछ खर्च ऐसे हैं, जो पैकेज की कीमत में शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें वीज़ा फीस, 2% TCS, फ्लाइट में मिलने वाला खाना, सीट चुनने का शुल्क, टिप्स और निजी खर्च शामिल हैं। इसलिए टूर बुक करने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को भी अपने बजट में शामिल करें।

 

 

जरूरी डॉक्यूमेंट

थाईलैंड की ट्रिप से पहले पैसेंजर को वहां के लेटेस्ट एंट्री नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। पासपोर्ट की वैलिडिटी कम से कम छह महीने होनी चाहिए। इसके अलावा वापसी का टिकट, होटल बुकिंग की जानकारी, फोटो और पैसे होने का प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है। Thailand Digital Arrival Card (TDAC) भी जरूरी हो सकता है।

Electric Air Taxi: 2028 तक खत्म हो जाएगा ट्रैफिक जाम का झंझट! भारत के आसमान में उड़ेंगी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कारें, जानें सभी डिटेल्स

Electric Air Taxi in india News: भारत में आने वाले कुछ सालों में हवाई सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों और कारों को आसमान में उड़ान भरते देखना है। इसके लिए अगले साल से इन अत्याधुनिक विमानों की टेस्टिंग और ट्रायल को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि भारत 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की उड़ान शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग अगले साल तेज हो जाएगी।

हाल ही में बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़-भाड़ वाले महानगरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। ANI के मुताबिक नायडू ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2028 तक ये मशीनें भारत में उड़ान भरें। इनकी बहुत ज्यादा जरूरत है, न सिर्फ बेंगलुरु में, बल्कि मुंबई और दिल्ली में भी…।”

15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम

कल्पना कीजिए कि आप अपने मोबाइल से टैक्सी बुक करते हैं। लेकिन यह टैक्सी सड़क पर आने के बजाय किसी बिल्डिंग की छत पर बने खास वर्टिपैड पर आपका इंतजार कर रही है। आप लिफ्ट से ऊपर पहुंचते हैं, एक ऐसे इलेक्ट्रिक विमान में बैठते हैं जो देखने में किसी बड़े ड्रोन जैसा लगता है। कुछ ही सेकंड में वह सीधे आसमान में उड़ जाता है।

सड़क के जाम में फंसने के बजाय यह एयर टैक्सी शहर के ऊपर से उड़ते हुए आपको एयरपोर्ट तक पहुंचा देती है। दावा है कि भविष्य में ऐसी यात्रा के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एयर टैक्सी शुरू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरला एविएशन अगले साल पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में आ जाएगी। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) टेस्टिंग, सुरक्षा और नियमों पर इंडस्ट्री के साथ काम करना जारी रखेंगे। नायडू ने यह भी कहा कि DGCA ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दिया है, जो कंपनी के eVTOL एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट में एक रेगुलेटरी कदम है। मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “2028 तक हम इसे हकीकत बनाने की योजना बना रहे हैं।”

क्या होती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को टेक्नीकल भाषा में eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing Aircraft कहा जाता है। इन टैक्सी की खासियत यह है कि इन्हें हेलीकॉप्टर की तरह रनवे की जरूरत नहीं होती। ये डायरेक्ट जमीन या वर्टिपैड से ऊपर उड़ सकते हैं। साथ ही उसी तरह नीचे उतर भी सकते हैं।

Electric Air Taxi

इनके डिजाइन में फ्लाइट और हेलीकॉप्टर दोनों की झलक दिखाई देती है। इनमें कई रोटर या इलेक्ट्रिक फैन लगाए जाते हैं, जो विमान के पंखों या उसके बाहरी हिस्सों पर लगे होते हैं। हेलीकॉप्टर की तरह eVTOL भी लंबवत उड़ान भर सकता है। लेकिन इसमें एक बड़े रोटर की जगह कई छोटे रोटर या फैन इस्तेमाल किए जाते हैं।

बैटरी और इलेक्ट्रिक तकनीक ने खोला रास्ता

eVTOL टेक्नोलॉजी का विचार नया नहीं है। इस दिशा में कई दशकों से काम हो रहा है। लेकिन हाल के सालों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति ने इसे कमर्शियल इस्तेमाल के करीब पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बड़े पैमाने पर सफल होती हैं तो शहरों में सड़क ट्रैफिक का कुछ हिस्सा आसमान में शिफ्ट किया जा सकता है।

जॉर्जिया टेक के वर्टिकल लिफ्ट रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की निदेशक मर्लिन स्मिथ के मुताबिक, बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे में परिवहन के मौजूदा तरीकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

किन कामों में इस्तेमाल हो सकती हैं eVTOL?

शुरुआत में इलेक्ट्रिक एयर कारों का इस्तेमाल लोगों को कम और मध्यम दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई eVTOL कंपनियां एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर-टैक्सी सर्विस शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इनका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे-

  • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एयर टैक्सी का इस्तेमाल हो सकेगा।
  • आग बुझाने और फायरफाइटिंग में भी ये काम करेगा।
  • इसके अलावा डिफेंस सेक्टर में, खेती और कृषि कार्यों में, पर्यटन क्षेत्र में, शहरों के बीच एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

अमेरिका में Archer, BETA Technologies और Joby जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने और उन्हें कमर्शियल सर्विस में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां अंतिम FAA सुरक्षा मंजूरी के करीब पहुंच चुकी हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए एयर टैक्सी की नियमित बुकिंग कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं है। फिर भी इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का दौर लोगों की उम्मीद से काफी करीब है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह टेक्नोलॉजी?

भारत जैसे तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी ट्रैफिक वाले देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। खासतौर पर भारी ट्रैफिक जाम का सामने करने वाली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Electric Air TaxiS

अगर तकनीक, सुरक्षा, लागत और इससे जुड़े अथॉरिटी की मंजूरी से जुड़ी चुनौतियां समय पर दूर होती हैं, तो 2028 के आसपास भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का सपना हकीकत में बदलता दिखाई दे सकता है। यानी आने वाले समय में सड़क पर कैब बुक करने के साथ-साथ मोबाइल से आसमान में उड़ने वाली टैक्सी भी बुक करने का विकल्प मिल सकता है।

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IMD Issues Rain Alert: दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट! इन 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी, यूपी के 11 जिलों में होगी मूसलाधार बरसात

IMD Issues Red Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और NCR के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया है। दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। ITO और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और अंडरपास में काफी पानी भर गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे और वजीराबाद रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।

इस बीच, एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सलाह दी है कि IGI एयरपोर्ट जाने वाले यात्री यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। राजधानी में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की स्थिति भी बनी हुई है।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, रविवार (9 अगस्त) को दिल्ली में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में एक और दौर की बारिश का अनुमान लगाया है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है। दिन भर आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है।

दिल्ली में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक की समस्या और कामकाज में रुकावटें आई हैं। शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में दिल्ली में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। शहर ने महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान सफदरजंग में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिमी होती है।

तापमान में होगी बढ़ोतरी 

रविवार को मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय जब बारिश की संभावना है। IMD ने इस सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

यूपी में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर में प्रयागराज से सहारनपुर तक मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान संग बादल जमकर बरसेंगे। इसी के साथ मानसून के फिर सक्रिय रहने का अनुमान है। यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने यूपी के निवासियों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है। जबकि हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी भीषण बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की आशंका है। बिहार में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की आशंका है।

हिमाचल और केरल में तबाही, असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई

देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ। लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई। जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

मौत का नया मामला गोलाघाट जिले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं।

हिमाचल में 153 सड़कें बंद, ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

केरल में भी बारिश जारी

केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा। हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।

कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है। जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन में ही पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई।

IMD के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

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शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, इसके अलावा रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। कंपनी ने 5 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि यह बदलाव कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास दिग्गज एयरलाइन बनाना है।

बोर्ड ने किया व्यापक चयन

एयर इंडिया के बोर्ड ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। दुनिया भर के आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से टेवोल्डे गेबरमरियम के नाम पर मुहर लगाई।

कंपनी के अनुसार, उनके पास मजबूत नेतृत्व क्षमता है। साथ ही ऑपरेशनल मैनेजमेंट और स्ट्रैटजी को लागू करने का लंबा तजुर्बा भी है। यही वजह है कि उन्हें एयर इंडिया के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार माना गया।

कौन हैं एयर इंडिया के नए CEO टेवोल्डे गेबरमरियम?

इथियोपिया के टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) एविएशन इंडस्ट्री के सबसे काबिल वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। टेवोल्डे ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में स्नातक और ब्रिटेन की ओपन यूनिवर्सिटी से MBA किया है। वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स समेत कई वैश्विक एविएशन संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी।

टेवोल्डे ने इथियोपियन एयरलाइंस में ट्रैफिक ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद कार्गो, मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2006 में उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया। 2011 में वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO बने।

उनके कार्यकाल में चार गुना बढ़ी रेवेन्यू

CEO के रूप में टेवोल्डे गेबरमरियम के नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने रिकॉर्ड विस्तार किया। कंपनी की रेवेन्यू 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई। एयरलाइन का फ्लीट 33 विमानों से बढ़कर करीब 130 विमान हो गया। वहीं, यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई।

एयर इंडिया मैनेजमेंट ने क्या कहा

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने बदलाव के शुरुआती दौर का बड़ा काम पूरा कर लिया है। अब कंपनी तेजी से विस्तार और योजनाओं को जमीन पर उतारने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेबरमरियम ने दुनिया की सबसे सफल और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन कंपनियों में से एक को आगे बढ़ाया है। उनके अनुभव और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है कि वह एयर इंडिया को विकास की अगली ऊंचाई तक ले जाएंगे।

शेयर मार्केट में आनी वाली है बहुत बड़ी गिरावट, दिग्गज फंड मैनेजर माइकल बरी ने किया आगाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।