टाटा ट्रस्ट ने Tata Sons के लिस्ट होने की बात खारिज की, नोएल टाटा ने भी अनलिस्टेड रखने का रुख दोहराया

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को शेयर बाजार में लिस्ट कराने को लेकर Tata Trusts ने अपना रुख साफ किया है। Trusts ने कहा कि उसने कंपनी को पब्लिक करने पर सहमति नहीं दी है। चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी यही बात दोहराई है। उनका कहना है कि 100 साल से ज्यादा पुराने टाटा ग्रुप की मौजूदा संरचना को बचाए रखना जरूरी है।

Tata Sons बोर्ड ने क्या कहा?

Tata Trusts के मुताबिक, 17 सितंबर की बैठक में Tata Sons के बोर्ड ने RBI के कम्युनिकेशन पर चर्चा की। बोर्ड ने कहा कि सिर्फ लिस्टिंग पर ही फैसला नहीं होना चाहिए। सभी उपलब्ध विकल्पों को देखा और समझा जाना चाहिए।

बोर्ड ने कहा कि इन सभी विकल्पों का तुरंत आकलन किया जाएगा। इसके बाद उनकी रिपोर्ट और सिफारिशें बोर्ड के सामने रखी जाएंगी।

Noel Tata ने लिस्टिंग पर क्या कहा?

नोएल टाटा ने कहा कि लिस्टिंग के मुद्दे पर बोर्ड पहले ही फैसला ले चुका है। हालांकि, ऐसे मामले में जल्दबाजी ठीक नहीं है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज, जानकारी और कानूनी सलाह जुटानी होगी। इसके बाद बोर्ड को पूरी जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि RBI के आदेश में लिस्टिंग की बात नहीं कही गई है। आदेश में कोई खास कदम उठाने को भी नहीं कहा गया है। साथ ही, RBI ने यह नहीं कहा कि Tata Sons ने कोई नियम तोड़ा है।

नोएल टाटा के मुताबिक, RBI के आदेश का कानूनी असर क्या है और कंपनी को कब तक क्या करना है, इस पर बोर्ड ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

लिस्टिंग क्यों नहीं चाहते Noel Tata

नोएल टाटा ने लिस्टिंग को लेकर अपनी चिंता भी बताई। उनका कहना है कि कंपनी के लिस्ट होने के बाद Tata Sons को संस्थागत और विदेशी शेयरधारकों के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा।

इन निवेशकों का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रिटर्न होता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वे किसी मुश्किल में फंसी Tata Group की कंपनी को बचाने के लिए पैसा लगाने को तैयार होंगे।

इसी तरह, अगर कोई नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाता है और उसका रिटर्न 15 साल बाद मिलने की उम्मीद है, तो क्या शेयरधारक उसमें पैसा लगाने की मंजूरी देंगे? नोएल टाटा के मुताबिक, यही बड़ा सवाल है।

उन्होंने कहा कि यह शेयरधारकों की आलोचना नहीं है। उनकी जिम्मेदारी ही फाइनेंशियल रिटर्न देखना है। लेकिन Tata Group के मामले में बात इससे आगे की है। यहां ग्रुप की पहचान और उसकी मौजूदा संरचना भी जुड़ी है।

Tata Sons पर RBI के नियम लागू होंगे

यह मामला RBI के फैसले के बाद और अहम हो गया है। RBI ने कुछ दिन पहले Tata Sons की Core Investment Company (CIC) के तौर पर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी।

इसके बाद 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में Tata Sons ने RBI के लागू नियमों का पालन करने की दिशा में कदम उठाने का फैसला किया। कंपनी ने कहा कि वह RBI, Tata Trusts और दूसरे हितधारकों से भी जरूरी अनुपालन को लेकर सलाह लेगी।

Tata Sons पिछले दो साल से ज्यादा समय से RBI के इस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। अब बोर्ड के ताजा फैसले से कंपनी के रुख में बदलाव दिख रहा है।

Tata Trusts का पुराना फैसला भी कायम

Tata Trusts ने अपने पुराने फैसले का भी जिक्र किया। Trusts के मुताबिक, रतन टाटा के समय Tata Sons को अनलिस्टेड रखने पर सर्वसम्मति से फैसला हुआ था।

इसके बाद जुलाई 2025 में Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust ने भी Tata Sons को अनलिस्टेड रखने के पक्ष में प्रस्ताव पास किए थे। इन फैसलों की जानकारी Tata Sons को भी दी गई थी। Tata Trusts ने कहा कि तब से उसका रुख वही है।

इससे पहले Moneycontrol ने रिपोर्ट किया था कि Tata Sons के बोर्ड ने 17 सितंबर की बैठक में एन चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए चेयरमैन बनाने का फैसला किया है। हालांकि, नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, $102 के नीचे आया; सऊदी अरब की पाइपलाइन से मिली राहत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, $102 के नीचे आया; सऊदी अरब की पाइपलाइन से मिली राहत

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।

Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।

ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।

इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेल

कच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।

हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।

मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहीं

तेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।

ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।

Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थी

इस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।

रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।

पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।

FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचे

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और AI को लेकर चिंताओं से एशिया बाजार गिरे, तेल की कीमतों में उछाल

Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।

सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।

चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।

निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।

साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।

सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।

लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।

फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना ​​है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।

हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।

Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, भारत के लिए बढ़ेगी मुसीबत, शेयर बाजार पर भी असर

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड का प्राइस आखिरकार 9 सितंबर को 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। 24 जुलाई के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार गया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान मध्यपूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बना रहा है।

अमेरिका का ईरान के 5 ऑयल टैंकर्स ध्वस्त करने का दावा

8 सितंबर को अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के पांच ऑयल टैंकर्स को ध्वस्त कर दिया है। उसने कहा कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया था। इसके जवाब में उसने ईरानी ऑयल टैंकर्स को निशाना बनाया है। इससे मध्यपूर्व में एक बार फिर से स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

ईरान  ने भी जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन पर किए हमलें

अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमले किए हैं। उसने फारस की खाड़ी में दूसरे जहाजों को भी चेतावनी जारी की है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने IRGC को उद्धृत करते हुए कहा है कि कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के करीब स्थित सभी जहाजों के क्रू को अपने जहाज छोड़ देने चाहिए, क्योंकि उन्हें निशाना बनाया जाएगा।

क्रूड का भाव बीते 7 हफ्तों के सबसे ऊंचे लेवल पर 

क्रूड ऑयल की कीमतें बीते सात हफ्तों में सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई हैं। एक हफ्ते में क्रूड का भाव 4 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने में यह 14 फीसदी चढ़ा है। इस साल यानी 2026 में क्रूड का भाव अब तक 64 फीसदी उछला है। इधर, इंडिया का क्रूड बास्केट 100 डॉलर के पार हो गया है। इससे सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

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क्रूड में उछाल से भारत के लिए बढ़ सकता है संकट 

भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत आता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते सप्लाई बाधित होने से क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। क्रूड में उछाल से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा। इस साल अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से भारत में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की कीमतें बढ़ाई हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने लॉस कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई हैं।

शेयर बाजारों पर भी पड़ेगा असर

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ेगा। खासकर पेंट, टायर, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर इसका असर पड़ेगा। एविएशन कंपनियों पर भी इसका असर पड़ेगा। एटीएफ की कीमतें बढ़ने से उनका कुल खर्च बढ़ जाएगा। भारतीय शेयर बाजारों पर पहले से दबाव है। 9 सितंबर को लगातार तीसरे दिन बाजार में बड़ी गिरावट दिखी।

Stocks to Watch: 24 स्टॉक्स; चार लिस्टिंग और RVNL, Lupin, Lemon Tree, Tata Motors CV समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 48.50 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,961.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 4 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 362.57 प्वाइंट्स यानी 0.48% की बढ़त के साथ 76,515.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.25 प्वाइंट्स यानी 0.10% की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Molbio Diagnostics Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स ₹23.7 करोड़ के घाटे से ₹58.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो रेवेन्यू 4 गुना बढ़कर ₹99.7 करोड़ से ₹408.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 अगस्त से 4 सितंबर के बीच तेलंगाना के शमशाबाद में स्थित कोहेंस लाइफसाइंसेज के फॉर्मूलेशन प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद चार ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ।

Tata Motors Commercial Vehicles

टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी टीएमएल होल्डिंग्स बीवी ने इवेको ग्रुप के सभी मौजूदा कॉमन शेयरों को खरीदने के लिए वालंटरी टेंडर ऑफर दिया है। इसके लिए कंपनी हर शेयर पर 14.10 यूरो ऑफर कर रही है और इस भाव पर इवेको ग्रुप की वैल्यू 382 करोड़ यूरो है। इस खरीदारी के लिए टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी ने मॉर्गन स्टैनले और एमयूएफजी बैंक से फंडिंग का इंतजाम किया है। टेंडर ऑफर 7 सितंबर को खुलेगा और 26 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा।

Mazagon Dock Shipbuilders

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (MSETCL) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को ₹118 करोड़ का परचेज ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर पांच सब-स्टेशनों के लिए AI-बेस्ड कॉम्प्रिहेंसिव इन्फ्रा-सिक्योर प्रोजेक्ट की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग के लिए है।

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास को SJVN थर्मल से ₹903 करोड़ का एक ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 1,320 MW बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (BTPP) के फेज III के तहत है। इसमें प्लांट की बाउंड्री से लेकर बिहार के बक्सर में चौसा और पावनी कामरपुर तक ट्रैक के जरिए एरियल कनेक्शन के साथ एक परमानेंट साइडिंग बनाना है यानी कि पावर प्लांट तक कोयला या सामान की आवाजाही के लिए रेलवे कनेक्टिविटी तैयार करनी है।

Prime Focus

प्राइम फोकस के बोर्ड ने इक्विटी शेयर या डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹3,000 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने लेमन ट्री होटल, बोधगया और कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया को लेकर दो लाइसेंस एग्रीमेंट किए हैं। दोनों प्रॉपर्टीज का मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स संभालेगी। लेमन ट्री होटल, बोधगया में 75 कमरे होंगे, तो कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया में 70 कमरे होंगे।

Lupin

अमेरिका दवा नियामक एफडीए से लुपिन को मोडाफिनिल टैबलेट यूएसपी (100 एमजी और 200 एमजी) के लिए मंजूरी मिल गई है। ये टैबलेट नुवो फार्मा (आयरलैंड) डीएसी की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्र) प्रोविजिल (Provigil) के बायो-इक्विवेलेंट हैं। यह दवा वयस्कों में नार्कोलेप्सी, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) या शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर (SWD) के कारण बहुत अधिक नींद के इलाज के लिए है। IQVIA MAT के जुलाई 2026 डेटा के अनुसार अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट की अनुमानित सालाना बिक्री $7.07 करोड़ थी।

Brigade Enterprises

ब्रिगेड ग्रुप ने हैदराबाद के नियोपोलिस में ब्रिगेड बार्सिलोना लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट कुल 4.04 एकड़ जमीन पर फैला है और इससे ₹2,700 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।

Nava

नावा ने रूटीन इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस और ओवरहॉलिंग के काम के लिए अपनी दो 60 MW IPP यूनिट्स में से एक को 6 सितंबर से कुछ समय के लिए बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन लगभग 55-60 दिनों तक चल सकता है और कंपनी को उम्मीद है कि इस शटडाउन से उसके कारोबार को खास झटका नहीं लगेगा।

Urban Enviro Waste Management

अर्बन एनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट को अकोला म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से ₹219 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर पांच साल के लिए म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को घर-घर से इकट्ठा करने और उसे भोड (Bhod) में तय प्रोसेसिंग/डिस्पोडजल साइट तक ले जाने के लिए है। इसे दो साल तक और बढ़ाया जा सकता है।

Swiggy

बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने ₹491.99 करोड़ में स्विगी के 1.78 करोड़ शेयर खरीदे तो गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने ₹549.01 करोड़ में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। इन दोनों ट्रांजैक्शन से कुल 1.36% हिस्सेदारी का लेन-देन प्रति शेयर ₹276.10 के भाव पर हुआ।

Shankara Buildpro

ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने दो ट्रांजैक्शंस के जरिए शंकर बिल्डप्रो में ₹51.88 करोड़ में अतिरिक्त 1.64% हिस्सेदारी खरीदी है। कैपिटलके (CapitalK) के मालिकाना हक वाले कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने शंकर बिल्डप्रो के 2 लाख शेयर ₹1,296.99 के भाव पर और 2 लाख शेयर ₹1,297 के भाव पर खरीदे हैं। जून 2026 तक शंकर बिल्डप्रो में इस फंड की 1.6% हिस्सेदारी थी।

Unified Data Tech Solutions

कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स के फाउंडर विकास विजयकुमार खेमानी ने यूनिफाइड डेटा टेक सॉल्यूशंस में अपनी पर्सनल होल्डिंग से 1.07 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹4.17 करोड़ में प्रति शेयर ₹387.61 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में उनकी 1.05% हिस्सेदारी थी।

CARE Ratings

टेनकोर पार्टनर्स मास्टर ने प्रति शेयर ₹1,725 के भाव पर ₹73.57 करोड़ में केयर रेटिंग्स के 4.26 लाख शेयर (1.41% हिस्सेदारी) बेच दिए। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 1.56% हिस्सेदारी थी।

ESDS Software Solution

एंकरेज कैपिटल फंड की एंकरेज कैपिटल स्कीम I ने ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के 10.03 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹76.01 करोड़ में ₹757.44 के भाव पर बेच दिए। शुक्रवार को कंपनी के शेयर लिस्ट होने से पहले एंकरेज कैपिटल के पास ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन में 1.13% हिस्सेदारी थी।

Priority Jewels

केआईएफएस एंटरप्राइज ने प्रायोरिटी ज्वेल्स के 1.25 लाख शेयर ₹2.90 करोड़ में ₹232.30 के भाव पर तो मुंबई की एनबीएफसी आगम कैपिटल की सहयोगी कंपनी आगम इन्वेस्टमेंट्स ने 1.98 लाख शेयर ₹4.67 करोड़ में ₹235.92 के भाव पर खरीदे हैं। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.79% हिस्सेदारी के बराबर शेयर खरीदे हैं।

Gland Pharma

शंघाई फोसुन फार्मा की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी प्रमोटर फोसुन फार्मा इंडस्ट्रियल ने ग्लैंड फार्मा के 75.05 लाख शेयर (4.5% हिस्सेदारी) ₹2,121.5 करोड़ में बेच दिए। हर शेयर ₹2,826.6 के भाव पर 11 इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स – कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, सोसिएट जेनरल, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, सुंदरम म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। जून 2026 तक इस फार्मा कंपनी में मिरे एसेट की 5.69%, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी की हिस्सेदारी 1.79% थी तो फोसुन फार्मा की हिस्सेदारी 51.77% थी।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज के पूर्व सीईओ और एमडी पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने 0.51% हिस्सेदारी के बराबर 21 लाख शेयर ₹164.85 करोड़ में प्रति शेयर ₹785 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, कोटक महिंद्रा एएमसी, 360 ONE एसेट मैनेजमेंट और कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स ने खरीदे हैं।

Nexus Select Trust

प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ब्लैकस्टोन की कंपनी बीआरईपी एशिया एसजी फोरम होल्डिंग (NQ) से नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के 74.95 लाख यूनिट ₹122.92 करोड़ में प्रति यूनिट ₹164 के भाव पर खरीदे हैं।

Purple Style Labs

आज पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics, Phychem Technologies

आशुषोष फाइबर और शांति इनऑर्गेनिक्स के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो फिकेम टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: शिपरॉकेट, बिहारी लाल इंजीनियरिंग, कोट्यार्क इंडस्ट्रीज, एसएसपीएन फाइनेंस

एक्स-डिविडेंड: गीसी वेंचर्स, टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स, ट्रांसपेक इंडस्ट्री

एक्स-स्पिन ऑफ: एचईजी

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गोदरेज ग्रुप का स्टॉक 55% उछल सकता है, कोटक ने ₹1010 का टारगेट दिया

गोदरेज ग्रुप की कंपनी Godrej Agrovet के शेयर मंगलवार, 1 सितंबर को 12% तक चढ़ गए। हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हुई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली।

Kotak ने टारगेट बढ़ाया

Kotak Institutional Equities ने Godrej Agrovet पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,010 कर दिया है।

मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹652 के मुकाबले यह टारगेट करीब 55% ज्यादा है। इससे पहले Kotak ने 8 जुलाई 2026 को शेयर का टारगेट ₹850 रखा था। यानी ब्रोकरेज ने नया टारगेट करीब 19% बढ़ा दिया है।

₹4,500 करोड़ EBITDA का अनुमान

Kotak का मानना है कि कंपनी का EBITDA FY31 तक ₹4,500 करोड़ तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन 23% से ज्यादा रह सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की ग्रोथ कम से कम 2040 तक मजबूत बनी रह सकती है।

ब्रोकरेज को खासतौर पर कंपनी के पाम ऑयल कारोबार से बड़ी उम्मीद है।

पाम ऑयल बिजनेस पर बड़ा दांव

Godrej Agrovet के पाम ऑयल बिजनेस ने FY26 में ₹430 करोड़ का EBITDA कमाया था। कंपनी को उम्मीद है कि FY31 तक यह आंकड़ा ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

इसकी बड़ी वजह FFB यानी Fresh Fruit Bunch वॉल्यूम में दोहरे अंकों की ग्रोथ हो सकती है। Kotak का मानना है कि पाम ऑयल कारोबार में लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथ की संभावना है। साथ ही मार्जिन भी स्थिर रह सकता है और कैपिटल पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि अकेले पाम ऑयल बिजनेस की वैल्यू कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा हो सकती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹12,872 करोड़ है। स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ को देखते हुए Kotak ने इस कारोबार के लिए EBITDA मल्टीपल 15 गुना से बढ़ाकर 18 गुना कर दिया है।

वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स से भी उम्मीद

Kotak ने कहा कि कंपनी के कारोबार में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इससे आने वाले वर्षों में कमाई और प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट मिल सकता है।

पाम ऑयल कारोबार आगे चलकर कंपनी के लिए बड़ा वैल्यू ड्राइवर बन सकता है। स्टॉक को कवर करने वाले 5 अन्य एनालिस्ट भी शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हैं।

जून तिमाही में मुनाफा घटा

FY27 की पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। जून तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.8% घटकर ₹128.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹149 करोड़ था।

हालांकि, रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹2,855.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹2,614.3 करोड़ था।

EBITDA 10.9% घटकर ₹240.1 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹269.6 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी घटकर 8.41% रह गया। पिछले साल यह 10.32% था।

शेयर का हाल

Godrej Agrovet का शेयर मंगलवार को इंट्राडे में 12% तक चढ़ा। बाद में इसमें मुनाफावसूली दिखी और तेजी कम हो गई। शेयर आखिर में 5.96% की बढ़त के साथ ₹652 पर बंद हुआ।

पिछले एक महीने में शेयर करीब 22% चढ़ चुका है। यह 52 हफ्ते के हाई ₹760 से करीब 14% नीचे है। वहीं, 52 हफ्ते के लो ₹506.10 से करीब 29% ऊपर कारोबार कर रहा है।

Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

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Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

Crude Oil Price: क्रूट ऑयल की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। करीब एक महीने बाद अमेरिका के हमले और ईरान के जवाबी हमले की खबर है। ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी यूनाइटेड किंग्डम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ट्रैंकर पर हमले की खबर दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जोरदार हमले की धमकी दी है। इससे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर के पार चला गया।

शेयरों पर दिखा क्रूड में उछाल का असर 

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर दिखा। क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इनमें पेंट बनाने वाली कंपनियां, एयरलाइंस कंपनियां और टायर कंपनियां शामिल थी। कच्चे तेल की कीमतों के लगातार ऊंचे लेवल पर बने रहने से इन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ता है।

एशियन पेंट्स का शेयर 3.42 फीसदी गिरा

Asian Paints के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 2,562 पर बंद हुआ। बर्जर पेंट्स का शेयर भी 1.28 फीसदी गिरकर 491.40 रुपये पर बंद हुआ। JSW Dulux का शेयर 0.46 फीसदी गिरा। Shalimar Paints का शेयर 1.05 फीसदी फिसला।

इंडिगो के शेयर में आई 3.77 फीसदी गिरावट 

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 3.77 फीसदी गिरकर 5,036 रुपये पर बंद हुआ। स्पाइसजेट का शेयर 3.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.99 रुपये पर क्लोज हुआ। एयरलाइंस कंपनियों की कुल ऑपरेशन कॉस्ट में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी होती है। क्रूड ऑयल महंगा होने पर एटीएफ की कीमतें भी बढ़ जाती है। इससे एयरलाइंस कंपनियों का कुल खर्च बढ़ता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव

टायर बनाने वाली कंपनियों में जेके टायर, गुडईयर इंडिया, सीएट के शेयरों में गिरावट आई। गुडईयर का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 738 रुपये पर बंद हुआ। Ceat का शेयर 0.058 फीसदी गिरकर 3,417 पर बंद हुआ। जेके टायर का शेयर 1.41 फीसदी गिरकर 373 रुपये पर बंद हुआ। टायर बनाने में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।

IOCL, HPCL, BPCL के शेयर भी फिसले 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 136.50 रुपये पर बंद हुआ। बीपीसीएल का शेयर 2.38 फीसदी फिसला। HPCL का शेयर भी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 362.35 रुपये पर क्लोज हुआ। कच्चा तेल महंगा होने से इन कंपनियों की कॉस्ट बढ़ जाती है।

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ONGC, Oil India के शेयरों में उछाल

तेल का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। ONGC का शेयर 2.02 फीसदी चढ़कर 236.49 रुपये पर बंद हुआ। Oil India का शेयर 1.31 फीसदी चढ़कर 489.50 रुपये पर पहुंच गया। क्रूड महंगा होने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।

Crude Oil Price: ईरान-US में तनाव बढ़ने क्रूड में भारी उछाल, $91 के पार पहुंचा भाव

US-Iran war: मंगलवार को तेल की कीमतें बढ़ गई। मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े को खत्म करने के लिए किसी समझौते की उम्मीद कम हो गई। ईरान ने ज़्यादा आक्रामक रुख दिखाया और US ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इन घटनाक्रमों ने एनर्जी सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं को बढ़ा दिया।

पिछले सेशन में 30 जुलाई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 27 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.14 प्रति बैरल हो गए। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 42 सेंट बढ़कर $85.04 प्रति बैरल हो गए, जबकि इससे पहले इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी और यह $85.37 तक पहुंच गया था, जो 31 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।

 कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

US प्रेसिडेंट द्वारा बताए गए मेमोरैंडम पर जून में साइन किए गए थे और तकनीकी रूप से, इसकी समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई।

हालांकि, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ समेत कई अहम मुद्दों पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहरी असहमति बनी हुई है। ईरान अभी इस अहम समुद्री रास्ते के मैनेजमेंट को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है, जबकि US इस बातचीत में शामिल नहीं है। फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ओमान ने US के नेतृत्व वाली नाकेबंदी में दखल दिया तो वे ओमान पर बम गिरा देंगे।

US अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि वॉशिंगटन इस झगड़े को खत्म करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है, जो अब छठे महीने में प्रवेश कर रहा है। एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि US ईरान से निपटने के लिए लंबे समय का नज़रिया अपना रहा है, जबकि दूत जेरेड कुशनर ने कहा कि ट्रंप समझौते के लिए धैर्य रखने को तैयार हैं।

इस साल क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 50% बढ़ गई हैं क्योंकि लंबे समय से चल रहे युद्ध ने मिडिल ईस्ट से एनर्जी की सप्लाई में रुकावट पैदा की है। हालांकि, पर्शियन गल्फ के प्रोड्यूसर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ज़रिए तेल भेजने और इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई करने के ज़्यादा असरदार तरीके ढूंढते दिख रहे हैं। सऊदी अरब अब ऐसे कार्गो की पेशकश कर रहा है जो चोकपॉइंट के बाहर से आते हैं, जिससे पता चलता है कि किंगडम तेल एक्सपोर्ट करने के लिए UAE की तरह वैकल्पिक रास्ते खोजने की रणनीति अपना सकता है।

“आज ब्रेंट की कीमतें बढ़कर $89.5 प्रति बैरल हो गईं और WTI $83 के पार पहुंच गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि US-ईरान तनाव कम करने के लिए किसी समझौते की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, साथ ही लेबनान में नई लड़ाई और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार हमलों के कारण सप्लाई का रिस्क बना हुआ है।

US-ईरान के बीच अंतिम समझौते के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, और ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट द्वारा ईरान पर लगाए जाने वाले अभूतपूर्व प्रतिबंधों की घोषणा – जिनकी उम्मीद इस हफ्ते थी,अभी भी बाकी है। होर्मुज की स्थिति, खत्म हो चुकी समय-सीमा और संभावित प्रतिबंधों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा अगर तनाव बढ़ता है या प्रतिबंधों के कारण स्थिति बिगड़ती है तो कच्चे तेल की कीमत $95 तक जा सकती है, जबकि हमलों में कमी आने पर कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 4% चढ़ा, क्रूड में तेजी जारी

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निक्केई में हल्की नरमी है। लेकिन कोस्पी 3.94 फीसदी से ज्यादा ऊपर है। वहीं US INDICES में दूसरे दिन भी दबाव दिखा। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 400 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। नैस्डैक में आधे परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।निवेशक दिन में बाद में आने वाले अहम US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा और वेस्ट एशिया में चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए थे।

दक्षिण कोरिया का बाज़ार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा। कोस्पी (Kospi) में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.94% की बढ़त हुई, जबकि इससे पहले इसमें 1.5% की तेज़ी आई थी। सार्वजनिक छुट्टी के बाद कारोबार शुरू करने वाले जापानी शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.43% ऊपर रहा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.34% की बढ़त हुई।वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.52% गिर गया।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार, 11 अगस्त को US बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार कमज़ोरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट पर असर डाला, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार पर दबाव और बढ़ा दिया।

डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) अपने इंट्राडे के उच्चतम स्तर से 430 अंक से ज़्यादा नीचे आया और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq Composite) ने भी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और सत्र का समापन क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट के साथ किया।

आज के सत्र में बाज़ार के लिए मुख्य ट्रिगर जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) डेटा का जारी होना होगा। निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज-दर आउटलुक के बारे में संकेत पाने के लिए इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़त हुई। इसकी वजह US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमले थे, जिनसे मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका पैदा हुई। यह बढ़त तब हुई जब इंडस्ट्री डेटा से US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी का पता चला।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 प्रति बैरल हो गया।

पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गए थे। यह बढ़त सोमवार को लगभग 5% की तेज़ी के बाद आई, क्योंकि US और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीद कमज़ोर पड़ गई थी

अमेरिका-ईरान युद्ध

मंगलवार को अमेरिका और यमन में ईरान के समर्थक हूथी गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर अलग-अलग हमलों की जानकारी दी।इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक वॉशिंगटन युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तों को नहीं मान लेता। इन मांगों में ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को बहाल करना और क्षेत्र में चल रहे अन्य संघर्षों को खत्म करना शामिल है।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि ट्रेडर्स होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते की संभावना का आकलन कर रहे थे, साथ ही वे फेडरल रिज़र्व के भविष्य के ब्याज-दर फैसलों के संकेत के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने (जब यह 0.5% गिरकर बंद हुआ था) के बाद, शुरुआती कारोबार में बुलियन की कीमत लगभग $4,370 प्रति औंस रही।

स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,367.56 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.1% बढ़कर $64.72 प्रति औंस हो गई।

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

Crude Oil Price Today:  बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और दो जहाजों पर हमलों के कारण मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इंडस्ट्री के डेटा में US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के संकेत मिलने के बावजूद कीमतों में यह उछाल आया।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जिससे लगातार छठे दिन इसमें तेज़ी बनी रही, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया, समें पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में 11% की बढ़त हुई है।

पिछले सेशन में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे क्लोजिंग लेवल पर पहुंच गए थे। सोमवार को कीमतों में लगभग 5% का उछाल आया था, क्योंकि US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीदें कम हो गई थीं।

आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी की क्या वजह है?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि US और ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को लेकर किसी तरह के समझौते के करीब हैं। अल जज़ीरा ने कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर ईरान और ओमान के बीच अलग-अलग बातचीत में भी काफी प्रगति हुई है।

इस अहम शिपिंग रूट को फिर से खोलने की कोशिशों से जुड़ी घटनाओं का तेल की कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है। फ्यूचर्स की कीमतें बार-बार बदल रही हैं – कभी जल्द समझौते की उम्मीद तो कभी बातचीत की गति धीमी पड़ने की चिंता। क्षेत्रीय तनाव अभी भी बना हुआ है, खासकर तब से जब US नेवी के एक हेलीकॉप्टर ने पनामा के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं; बताया जा रहा है कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होने वाली शिपिंग एक्टिविटी में भारी गिरावट आई है, हालांकि कुछ कच्चा तेल अभी भी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से बाहर जा रहा है और कई टैंकर अपने ट्रांसपोंडर बंद करके चल रहे हैं। US के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि US सेना की मदद से इस जलडमरूमध्य (strait) से हर दिन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल आ-जा रहा है।

इस साल कच्चे तेल की कीमतों में 40% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों में और भी तेज़ी से उछाल आया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आई रुकावटों का असर डीजल की कीमतों पर भी पड़ा है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की ‘शॉर्ट-टर्म एनर्जी आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, US को उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहे टकराव की वजह से 2027 के आखिर तक तेल की सप्लाई में हर दिन औसतन 6,00,000 बैरल की रुकावट आएगी।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि “हालात शांति की ओर बढ़ रहे हैं,” हालांकि उन्होंने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। पाकिस्तान इस टकराव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है। उनके ये बयान US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के प्रति सख़्त रुख अपनाने के बाद आए हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।