CBSE Class 12 Fresh Exams: सीबीएसई फिर से कराएगा पश्चिम एशिया में रद्द 12वीं की परीक्षाएं, विशेष मूल्यांकन से नाखुश छात्रों को मिलेगा मौका

CBSE Class 12 Fresh Exams: इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में संघष को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। बोर्ड ने अब पश्चिम एशिया के 7 देशों के 12वीं कक्षा के छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने फैसला किया है। हालांकि इन छात्रों के नतीजे विशेष मूल्यांकन योजना के तहत घोषित किए गए थे। लेकिन छात्र इस व्यवस्था से खुश नहीं थे। बोर्ड के इस फैसले से बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE सात देशों छात्रों को मौका मिलेगा।

सीबीएसई ने इन 7 देशों में जारी हिंसक संघर्ष के बीच छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 40 विषयों की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया था। इसमें 20 एकेडमिक सब्जेक्ट्स शामिल थे। बाद में 27 मार्च के एक आदेश में बोर्ड ने प्रभावित छात्रों का रिजल्ट विशेष मूल्यांकन व्यवस्था के तहत घोषित करने की जानकारी दी थी। पश्चिम एशियाई देशों के नियमित परीक्षार्थियों के परिणाम 13 मई को भारत और विदेश के छात्रों के कक्षा 12 के रिजल्ट के साथ घोषित किए गए थे। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि मूल्यांकन योजना में यह प्रविधान किया गया था कि जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं है, उन्हें उन विषयों में परीक्षा देने का अवसर दिया जा सकता है, जिनकी परीक्षा पहले नहीं हो सकी थी। इसी प्रावधान के तहत अब परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा शुल्क

सीबीएसई अब इन 7 देशों के छात्रों के लिए 40 विषयों में परीक्षा कराने जा रहा है। इस परीक्षा में वे छात्र शामिल हो सकते हैं, जिनके परिणाम विशेष मूल्यांकन योजना के तहत घोषित किए गए थे और जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

अपनी पसंद के विषय में परीक्षा दे सकेंगे छात्र

पश्चिम एशिया में हिंसक संघर्ष की वजह से रद्द हुई परीक्षा के प्रभावित छात्र नई परीक्षा के लिए अपने पसंद के विषयों का चुनाव कर सकते हैं। फ्रेश एग्जाम में मिले अंकों को फाइनल माना जाएगा और वे परीक्षार्थी के उस परीक्षा में पहले के प्रदर्शन की जगह लेंगे।

इच्छुक छात्रों को सीधे जमा करना होगा फार्म

योग्य छात्रों को परीक्षा फॉर्म सीधे जमा करने होंगे। फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड परीक्षा की तारीखें और विस्तृत डेट शीट की घोषणा करेगा। 12वीं कक्षा की फ्रेश परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र नहीं बदलेंगे। बोर्ड ने यह भी कहा है कि इन परीक्षाओं के लिए रिजल्ट घोषित होने के बाद कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

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Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव

Crude Oil Price Today:  बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और दो जहाजों पर हमलों के कारण मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इंडस्ट्री के डेटा में US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के संकेत मिलने के बावजूद कीमतों में यह उछाल आया।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जिससे लगातार छठे दिन इसमें तेज़ी बनी रही, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया, समें पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में 11% की बढ़त हुई है।

पिछले सेशन में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे क्लोजिंग लेवल पर पहुंच गए थे। सोमवार को कीमतों में लगभग 5% का उछाल आया था, क्योंकि US-Iran के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीदें कम हो गई थीं।

आज कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी की क्या वजह है?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि US और ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) को लेकर किसी तरह के समझौते के करीब हैं। अल जज़ीरा ने कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर ईरान और ओमान के बीच अलग-अलग बातचीत में भी काफी प्रगति हुई है।

इस अहम शिपिंग रूट को फिर से खोलने की कोशिशों से जुड़ी घटनाओं का तेल की कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है। फ्यूचर्स की कीमतें बार-बार बदल रही हैं – कभी जल्द समझौते की उम्मीद तो कभी बातचीत की गति धीमी पड़ने की चिंता। क्षेत्रीय तनाव अभी भी बना हुआ है, खासकर तब से जब US नेवी के एक हेलीकॉप्टर ने पनामा के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं; बताया जा रहा है कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होने वाली शिपिंग एक्टिविटी में भारी गिरावट आई है, हालांकि कुछ कच्चा तेल अभी भी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से बाहर जा रहा है और कई टैंकर अपने ट्रांसपोंडर बंद करके चल रहे हैं। US के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि US सेना की मदद से इस जलडमरूमध्य (strait) से हर दिन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल आ-जा रहा है।

इस साल कच्चे तेल की कीमतों में 40% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों में और भी तेज़ी से उछाल आया है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आई रुकावटों का असर डीजल की कीमतों पर भी पड़ा है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की ‘शॉर्ट-टर्म एनर्जी आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, US को उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहे टकराव की वजह से 2027 के आखिर तक तेल की सप्लाई में हर दिन औसतन 6,00,000 बैरल की रुकावट आएगी।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि “हालात शांति की ओर बढ़ रहे हैं,” हालांकि उन्होंने इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। पाकिस्तान इस टकराव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है। उनके ये बयान US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के प्रति सख़्त रुख अपनाने के बाद आए हैं।

 

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