El Nino: मजबूत अल नीनो का असर, जुलाई में राहत के बाद फिर गहराया सूखा संकट! 14% की गिरावट के साथ सितंबर में भी कम बारिश का अलर्ट

भारत में इस साल का मॉनसून अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मॉनसून सीजन के आखिरी महीने सितंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मॉनसून के दौरान बारिश की कमी पहले ही चिंता का कारण बनी हुई है। 1 जून से 31 अगस्त तक देश में सामान्य के मुकाबले 14 फीसदी कम बारिश हुई है। अब सितंबर में भी कम बारिश का अनुमान है, ऐसे में पूरे मॉनसून सीजन में बारिश की कमी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने इस दौरान अल नीनो के असर की संभावना भी जताई थी, जिसे मॉनसून की बारिश को प्रभावित करने वाली अहम वजहों में से एक माना जाता है।

जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मॉनसून में सितंबर का महीना काफी अहम माना जाता है, लेकिन इस बार कम बारिश का अनुमान किसानों और जल संसाधनों को लेकर चिंता बढ़ा सकता है। हालांकि, बारिश का असर अलग-अलग राज्यों और इलाकों में अलग रह सकता है।

1901 के बाद दूसरा सबसे गर्म रहा अगस्त

अगस्त के दौरान देश के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर काफी ज्यादा देखने को मिला। अगस्त में देश के कई हिस्सों में तापमान ने पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर चिंता बढ़ाई। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में यह महीना 1901 के बाद दूसरा सबसे गर्म अगस्त रहा। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर इलाकों में अगस्त तीसरा सबसे गर्म रहा। उत्तर-पश्चिम भारत में भी तापमान काफी ज्यादा रहा और यहां 126 साल के रिकॉर्ड में पांचवां सबसे गर्म अगस्त दर्ज किया गया। इससे साफ है कि इस साल अगस्त में देश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी का असर काफी ज्यादा रहा।

सितंबर में कब होगी बारिश

IMD चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, “देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है।” उन्होंने कहा कि फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में “मजबूत अल नीनो की स्थिति” बनी हुई है, जिसके चलते मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक है। महापात्रा ने कहा, “आने वाले महीनों में इन स्थितियों के और मजबूत होने की संभावना है।” उन्होंने संकेत दिया कि इसका सितंबर की बारिश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

IOD की स्थिति नॉर्मल

अल नीनो की स्थिति को आमतौर पर भारत में कमजोर मॉनसून और ज्यादा गर्मी से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, हिंद महासागर में फिलहाल इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति सामान्य है और इसके सितंबर तक ऐसी ही रहने की संभावना है। सकारात्मक IOD मॉनसून को मजबूत करने और बारिश बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन मौजूदा समय में ऐसी स्थिति नहीं है। ऐसे में मॉनसून को हिंद महासागर से बारिश बढ़ाने के लिए कोई खास मदद मिलने की उम्मीद नहीं है।

बारिश का रिकॉर्ड

इस साल मॉनसून की बारिश का असर देशभर में एक जैसा नहीं रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, जून में बारिश की कमी 35% तक पहुंच गई थी। मॉनसून बारिश के वितरण का आकलन किए गए कुल 741 जिलों में से 312 जिलों (42%) में 31 अगस्त तक सामान्य से कम बारिश हुई, जबकि 38 जिलों (5%) में बहुत कम बारिश दर्ज की गई।

फसलों पर पड़ेगा असर

सितंबर में अगर बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई तो इसका सीधा असर किसानों और खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। भले ही ज्यादातर खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इस साल फसल का कुल रकबा पिछले साल के मुकाबले करीब 2 फीसदी कम है। ऐसे में बारिश की कमी किसानों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है। खेतों में नमी बनाए रखने के लिए उन्हें सिंचाई का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे डीजल, बिजली और पानी पर खर्च बढ़ेगा और खेती की लागत पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

Heavy Rain Alert 14 Aug: आज यूपी संग इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश! दिल्ली-NCR में भी मौसम बदलेगा, ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों और प्रशासन को सजग रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

उत्तर-पूर्व और मध्य भारत में उग्र मानसूनी हलचल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इसके साथ ही मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण और पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम काफी अशांत बना रहेगा। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय भी काफी तेज सतह हवाएं चल सकती हैं।

अरब सागर में उथल-पुथल, मछुआरों के लिए अलर्ट

मौसम प्रणाली में हो रहे बदलावों का सीधा असर समुद्री इलाकों पर भी पड़ रहा है। अरब सागर के मध्य और पश्चिम-मध्य भागों में, खास तौर पर सोमालिया और ओमान तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे गहरे समुद्र में जाने से बचें और तटीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

IMD Heavy Rain Alert: मानसून की यूपी में एंट्री की आहट के बीच IMD ने इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, कहां-कहां आंधी तूफान?

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून को मानसून की ताजा स्थिति और देशभर के लिए भारी बारिश का विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की आहट के बीच मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मानसून की ताजा स्थिति और यूपी में एंट्री की आहट

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून फिलहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मध्य अरब सागर के बचे हुए भागों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। इसके ठीक बाद यानी अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

देश के इन 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी बुलेटिन के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज और आने वाले दिनों के लिए प्रभावित 14 प्रमुख राज्य/क्षेत्र यहां नीचे दिए गए हैं-

  • कोंकण और गोवा: यहां 23 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-26 जून के दौरान भी यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।
  • बिहार: यहां 25 से 29 जून के दौरान भारी बारिश होगी जबकि 28 जून को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
  • ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 23-27 जून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां 23 जून और फिर 25-29 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
  • असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में 23 जून और फिर 26-27 जून को मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश की आशंका है।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 23 जून और 26-27 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 23 जून और 26 जून को बहुत भारी बारिश जबकि मराठवाड़ा में 25-26 जून को भारी बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण गुजरात: यहां 23 जून को भारी बारिश की संभावना है।

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 23-26 जून के बीच बहुत भारी बारिश और 27-29 जून को भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में 24-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है।

  • केरल और माहे: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • तेलगंगाना: मानसून के सक्रिय होने से यहां 23 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 26 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश में 23 जून और 25-27 जून को जबकि रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश हो सकती है।

कहां-कहां आएगा आंधी-तूफान?

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में भी 25 और 26 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (23-24 जून), उत्तराखंड (23-25 जून), हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब (23-26 जून और 29 जून)। इसके अलावा राजस्थान में 23 जून को तेज हवाएं चलेंगी और बाद में इसकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहेगी।

दक्षिण और पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड (23-29 जून) और ओडिशा (23-25 जून)। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट है।

विदर्भ और पूर्वी यूपी समेत कुछ हिस्सों में लू का सितम जारी

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश से भीग रहा है, वहीं कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: यहां अगले 4-5 दिनों तक (23-27 जून) लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश: विदर्भ में अगले 2-3 दिनों (23-25 जून) तक लू का प्रकोप रहेगा जबकि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में 23-24 जून को लू चलने की आशंका है।
  • झारखंड में गर्म रातें: झारखंड के कुछ हिस्सों में 24-25 जून को रातें भी बेहद गर्म और असहज रहने वाली हैं।

IMD Weather Report: इन 5 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, जानें आपके यहां कैसा रहेगा मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के और हिस्सों तक पहुंचने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR में मिलेगी गर्मी से राहत

दिल्ली-NCR के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को कई जगहों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम देखने को मिला था और यह सिलसिला रविवार को भी जारी रह सकता है।

महाराष्ट्र में बढ़ेगा मानसून का असर

महाराष्ट्र में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसून और आगे बढ़ सकता है। विदर्भ क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है, जिसके चलते कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

हालांकि राज्य के आंतरिक हिस्सों में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट

तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से जुड़े 10 से अधिक जिलों में 21 जून से भारी बारिश होने की संभावना है। नीलगिरि, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, कोयंबटूर, थेनी, डिंडीगुल, कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

बारिश के कारण कई जिलों में तापमान 4-5 डिग्री तक कम हो सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है, क्योंकि तटीय इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पश्चिम बंगाल में रेड अलर्ट

उत्तर बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भारी बारिश हो सकती है।

वहीं, कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने जलभराव, ट्रैफिक जाम और कम दृश्यता को लेकर चेतावनी दी है।

हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के 7 से 10 जिलों में रविवार और सोमवार को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 25 जून तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

राजस्थान में तेज आंधी और बारिश

राजस्थान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम बदल गया है। बीकानेर, शेखावाटी, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में अगले 48 घंटों के दौरान 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

मानसून को लेकर क्या है अनुमान?

IMD के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस अवधि में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90% रह सकती है, जो सामान्य से कम मानी जाती है।

लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने जिन इलाकों में अलर्ट जारी किया है, वहां के लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, बिजली गिरने से बचने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट; IMD ने 60 kmph की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया

 

Monsoon: इन 5 कारणों से महाराष्ट्र में फंसा मानसून, खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर

Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण महाराष्ट्र में रुके रहने के कारण देश में 4 जून से 18 जून के बीच बारिश में 41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस दौरान देश में सामान्य 72.2mm बारिश के मुकाबले केवल 42.6mm बारिश हुई है। IMD के क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, मध्य भारत में 67%, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 42%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 22%  और उत्तर-पश्चिम भारत में 6% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि “बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की कमी” ही मुख्य वजह है, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।

मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने में देरी के पीछे कुल 5 प्रमुख कारण हैं:

पहला कारण यह है कि वर्तमान मानसून प्रवाह को अरब सागर से मजबूत “सर्ज” यानी तेज और स्थिर हवाओं का सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, “आम तौर पर ऐसी तेज हवाएं ही नमी को बढ़ाने और बड़े पैमाने पर बारिश कराने के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिससे मानसून आगे बढ़ता है।”

दूसरा कारण यह है कि अरब सागर में मानसून से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसके चलते महाराष्ट्र के तटीय और अंदरूनी इलाकों तक नमी (moisture) का प्रवाह कम हो गया है।

तीसरा कारण पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो का कमजोर होना है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए मुख्य नमी स्रोत माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, इस प्रवाह के कमजोर होने से मानसून की गतिविधि भी प्रभावित हुई है।

चौथा कारण यह है कि अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमीय सिस्टम नहीं है, जैसे निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area), चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी तट के साथ सक्रिय ऑफशोर ट्रफ। ये सिस्टम सामान्यतः मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन फिलहाल इनकी कमी है।

आखिरी वजह मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का कमजोर दौर है। यह हवा, बादलों और दबाव का एक चलता-फिरता सिस्टम है जो भूमध्य रेखा के चारों ओर घूमते हुए बारिश लाता है। जब यह सक्रिय होता है, तो दक्षिण भारत में अधिक बादल बनते हैं, जो मानसून हवाओं के साथ उत्तर की ओर बढ़कर ज्यादा बारिश कराते हैं। लेकिन अभी यह कमजोर स्थिति में है।

IMD के अनुसार, इसी वजह से अगले 4-5 दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में बारिश सीमित और केवल छिटपुट रहने की संभावना है।

अल नीनो से खरीफ फसलों पर पड़ेगा असर

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तर दिशा में धीमी गति और हाल ही में उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में उत्पन्न हुई अल नीनो की स्थिति, जिसके कारण भारत में कम बारिश हुई है, खरीफ फसलों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है, क्योंकि इन फसलों के फलने-फूलने के लिए समय पर बारिश जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिया निर्देश

इसी को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि ऐसे जिलों की पहचान की जाए जहां कम या असमान बारिश की संभावना है। साथ ही राज्यों के साथ मिलकर फसल-वार आपातकालीन (contingency) योजनाएं तैयार करने को कहा गया है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, अंतर-फसल खेती और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

चौहान ने निर्देश दिया कि हर जोखिम वाले जिले के लिए एक अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि खरीफ के मौसम में किसानों को कोई परेशानी न हो।

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