Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बनाया बुक रनिंग लीड मैनेजर, ₹37700 करोड़ जुटाने की रहेगी कोशिश

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने IPO के लिए शुक्रवार, 19 जून को ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंकी गई है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। यह किसी एक पब्लिक ऑफरिंग के लिए नियुक्त किए गए बैंकों की संख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा मामला है।

DRHP के अनुसार, इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

इन 19 इनवेस्टमेंट बैंकों में से कोटक महिंद्रा कैपिटल को कैपिटल स्ट्रक्चरिंग, DRHP ड्राफ्टिंग, SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के नियमों का पालन, कानूनी विज्ञापन, मध्यस्थों की नियुक्ति और घरेलू संस्थागत मार्केटिंग के लिए लीड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।

Jio IPO जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर

19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

NSE IPO के लिए 20 बैंकर

हाल ही में, NSE ने घोषणा की थी कि उसके प्रस्तावित IPO में लगभग 20 बैंकर होंगे, जो किसी एक इश्यू के लिए बैंकरों की सबसे ज्यादा संख्या होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी सेबी के पास अपने IPO का ड्राफ्ट जमा कर चुका है। इससे करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने का प्लान है। IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। शेयरों को बिक्री के लिए रखने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। NSE में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाली LIC कोई शेयर नहीं बेचेगी।

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देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है Jio IPO

Jio का पब्लिक इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है।

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रिलायंस Jio आसमान में बिछाएगा सैटेलाइट्स का जाल, भारत के जंगलों और पहाड़ों पर भी मिलेगी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM में बोलते हुए रिलायंस जियो के एमडी आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो एक सॉवरेन लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाने वाले उपग्रहों का जाल) डेवलप करने पर विचार कर रही है और साथ ही इस तरह की कैपेसिटी लीज पर लेने के लिए ग्लोबल सैटेलाइट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी कर रही है।

यह कदम सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में जियो की अब तक की सबसे बड़ी पहल है। इसका मकसद भारत के सबसे दूर-दराज और पिछड़े इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है। आकाश अंबानी ने कहा,”जियो ने जमीन पर भारत को जोड़ा है। अब हमें आसमान से भारत को जोड़ना होगा।” उन्होंने बताया कि दूर-दराज के गांव ओर द्वीपों पर रहने वाले लोग और सीमावर्ती चौकियां अभी भी जमीनी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बाहर हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए Jio दोहरी रणनीति अपनाएगी। कंपनी तेजी से सेवाएं शुरू करने के लिए पहले से मौजूद ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क से सैटेलाइट क्षमता लीज पर लेगी। साथ लॉन्ग टर्म रणनीति के तहत अपना खुद का सैटेलाइट नेटवर्क बनाएगी। इस तरीके से कंपनी भारत की कनेक्टिविटी जरूरतों को तेजी से पूरा कर पाएगी और साथ ही एक ऐसा भारतीय सैटेलाइट ब्रॉडबैंड प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर पाएगी जिसे दुनिया भर में फैलाया जा सके।

Jio भारत में बना रही  ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर

इन योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए,Jio भारत में ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रही है। ये सुविधाएं पार्टनर सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और Jio के भविष्य के सैटेलाइट,दोनों को सपोर्ट करेंगी। इससे स्पेस और जमीनी नेटवर्क को जोड़ने वाला एक इंटीग्रेटेड सैटेलाइट ब्रॉडबैंड इकोसिस्टम बन सकेगा।

रिलायंस की तरफ से यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है और स्टारलिंक,यूटेलसैट वनवेब और अमेजन LEO जैसी कंपनियां इस मार्केट पर नजर बनाए हुए हैं। अंबानी ने कहा कि इस पहल से स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और देश को ग्लोबल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड मैप पर मजबूती से स्थापित करने में मदद मिलेगी।

 JioSat के जरिए दी जाएगी सैटेलाइट कम्युनिकेशन सुविधा

इसके अलावा,रिलायंस जियो की कंपनी’जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस’ने डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) से ‘ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट'(GMPCS) लाइसेंस और इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से जरूरी मंजूरी हासिल कर ली है। इससे भारत में कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने में आने वाली दो बड़ी रेगुलेटरी रुकावटें दूर हो गई हैं।

इन मंजूरियों के मिलने से JioSat उन कुछ कंपनियों में शामिल हो गई है जो भारत के उभरते सैटकॉम (सैटेलाइट कम्युनिकेशन) मार्केट में उतरने के लिए तैयार हैं। कंपनी का प्लान है कि वह SES के साथ अपने जॉइंट वेंचर का इस्तेमाल करके दूर-दराज,ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाए। हालांकि,कमर्शियल सर्विस शुरू करने से पहले कंपनी को अभी भी स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और दूसरी ऑपरेशनल मंजूरियां लेनी होंगी।

 

 

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Reliance AGM 2026: JioHotstar बना भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म, FY26 में 45.1 करोड़ रहे मंथली एक्टिव यूजर

रिलायंस जियो के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म JioHotstar ने वित्त वर्ष 2025-26 में 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) दर्ज किए। यह भारत के डिजिटल एंटरटेनमेंट मार्केट में इसकी बढ़ती पहुंच को दिखाता है। यह बात रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान कही। आकाश अंबानी के मुताबिक, JioHotstar भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। वहीं दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर साल के दौरान औसतन 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर रहे।

यह भी कहा कि JioHotstar ने अपनी तरह का पहला ‘कंटेंट कॉमर्स मॉडल’ पेश किया है। यह एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के अंदर ही एक मार्केटप्लेस क्रिएट करता है, जिससे यूजर्स ऐप से बाहर निकले बिना अपना पसंदीदा कंटेंट देखते हुए आसानी से खरीदारी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी लाइव स्ट्रीमिंग क्षमताएं लगातार ग्लोबल बेंचमार्क सेट कर रही हैं। हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप में, जिसमें भारत जीता था, JioHotstar ने भारत में इसे एक साथ देख रहे 7.25 करोड़ दर्शकों (कंकरेंट व्यूअर्स) का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आज, दुनिया भर में किसी कंटेंट को एक साथ देख रहे दर्शकों के 10 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में से 9 रिकॉर्ड JioHotstar के नाम हैं। IPL 2026 के दौरान हमारे प्लेटफॉर्म पर 70 करोड़ से ज्यादा दर्शक जुड़े, जो हमारे डिजिटल इकोसिस्टम की बेजोड़ पहुंच को दिखाता है।”

JioStar का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म

वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस के मीडिया बिजनेस के शानदार प्रदर्शन पर जोर देते हुए आकाश अंबानी ने कहा कि JioStar ने अपने कामकाज का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म किया। यह Jio Studios और Network18 के साथ मिलकर भारत के सबसे बड़े मीडिया इकोसिस्टम की मुख्य कड़ी बनकर उभरा। बीते वित्त वर्ष के दौरान कंबाइंड मीडिया बिजनेस ने 34,917 करोड़ रुपये का रेवेन्यू, 5,842 करोड़ रुपये का EBITDA और 3,434 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।

RIL AGM 2026 Live:

यह भी कहा कि JioStar 34.7 प्रतिशत व्यूअरशिप शेयर के साथ भारत के टेलीविजन एंटरटेनमेंट सेक्टर में अपना दबदबा बनाए हुए है। यह हिस्सेदारी अगली 3 सबसे बड़ी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी के लगभग बराबर है। यह नेटवर्क अलग-अलग जॉनर और भाषाओं में रोजाना 38.9 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है।

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Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

Reliance AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को कहीं और बनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सिर्फ उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए,बल्कि इस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उसे क्रिएटर,एडॉप्टर और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एजीएम में बोलते हुए अंबानी ने कहा कि AI और एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन बनने चाहिए।

अंबानी ने शेयरधारकों से कहा,”मैंने पहले भी आपसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांतिकारी ताकत के बारे में बात की है। मेरा पक्का मानना ​​है कि भारत को कहीं और बनी AI का सिर्फ इस्तेमाल करने वाला नहीं बनना चाहिए। उसे AI के क्षेत्र में क्रिएटर,उसे अपनाने वाला और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।”

अंबानी ने कहा कि पिछले साल ग्रुप के नए ग्रोथ इंजन के तौर पर घोषित किया गया रिलायंस इंटेलिजेंस अब अपने एग्जीक्यूशन फ़ेज़ में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद एक मुनाफे वाला AI इंफ़्रास्ट्रक्चर,प्लेटफ़ॉर्म और सर्विसेज का बिजनेस बनाना है। रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य “हर किसी के लिए,हर जगह AI”का है।

शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए आकाश अंबानी ने भी कहा कि रिलायंस “भारत का सॉवरेन AI बैकबोन”बना रहा है और उसका मकसद AI को हर भारतीय के लिए सुगम और सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि 120 MW का पहला AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर 2026 के आखिर तक चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रिलायंस अपने AI प्लान के तहत NVIDIA GB300 इंफ्रास्ट्रक्चर को भी चालू कर रहा है।

आकाश अंबानी ने बताया कि रिलायंस 22 भारतीय भाषाओं में AI सर्विस बना रही है और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोलआउट में भाषा तक पहुंच को फोकस में रखा गया है। जियो अपने नेटवर्क में सीधे AI को शामिल कर रही है और उसने जियो कॉल्स में AI वॉयस असिस्टेंट को इंटीग्रेट किया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो अब सिर्फ टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट नहीं कर रहा है,बल्कि ओरिजिनल टेक्नोलॉजी भी बना रहा है। रिलायंस इंटेलिजेंस के इंजीनियर राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं पर काम करेंगे। उन्होंने कहा,”हम आपको हमारे समय की सबसे अहम चुनौतियों को हल करने के लिए जरूरी स्केल, संसाधन और आजादी देंगे।”

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AI से जुड़ी ये घोषणाएं आत्मनिर्भरता की बड़ी मुहिम का हिस्सा थीं। अंबानी ने कहा कि दुनिया में जारी उठापटक के बीच भारत के लिए सबसे जरूरी सबक यह है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशों को और तेज किया जाए। भारत को अहम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। ऊर्जा और AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय मिशन बनाना होगा।

कंपनी ने अपने AI प्लान को Jio के टेलीकॉम और डिजिटल नेटवर्क से भी जोड़ा। आकाश अंबानी ने बताया कि Jio के 5G ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ तक पहुंच गई है,जबकि JioAirFiber से 1.3 करोड़ घर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि Jio का डेटा ट्रैफ़क 241 एक्साबाइट तक पहुंच गया है और टैक्स के बाद Jio का मुनाफा पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि Jio ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और भारत की डिजिटल और AI क्रांति में मुख्य भूमिका निभाने वाली कंपनी बन गई है।

 

 

RIL AGM 2026 : ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद रिलायंस ने हासिल किया रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू,EBITDA और नेट प्रॉफिट

Jio Platforms का आएगा मेगा आईपीओ, कंपनी आज सेबी के पास डीआरएचपी फाइल करेगी

रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन एवं एमडी मुकेश अंबानी ने 19 जून को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने आरआईएल की 49वी एजीएम में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) को मंजूरी दे दी है। इसे आज यानी 19 जून को सेबी के पास फाइल कर दिया जाएगा।

आकाश, ईशा और अनंत जियो प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे

अंबानी ने 19 जून को RIL के एजीएम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शेयर्ड ग्रोथ यानी साझा विकास के धीरूभाई अंबानी की विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “आकाश, ईशा और अनंत जियो के आईपीओ के प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे भविष्य में अगली पीढी की वैल्यू क्रिएशन के मौके बनेंगे।”

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जियो ने वॉयसेज को ग्राहकों के लिए फ्री किया

अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो ने भारत में डिजिटल असमानता खत्म करने के मकसद के साथ शुरुआत की थी। तब वॉयसेज बहुत महंगे थे। डेटा के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती थी और स्पीड और क्वाविलीट काफी खराब थी। जियो ने वॉयस को फ्री कर दिया। हाई स्पीड डेटा को सस्ता बना दिया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अगली पीढ़ी के मिशन की तैयारी में

आरआईएल के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने जियो ने हर भारतीय के लिए डिजिटल लाइफ को मुमकिन बनाया है। अब कंपनी अगली पीढी के बड़े मिशन की तैयारी कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का काफी समय से इंतजार हो रहा था। 19 जून को यह इंतजार खत्म हो गया।

जियो प्लेटफॉर्म्स देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इस मेगा आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिल सकता है। रायटर्स ने इस साल जनवरी में कहा था कि यह आईपीओ 4 अरब डॉलर का हो सकता है। इसका मतलब है कि यह 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।

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RIL AGM 2026: फाइनल डिविडेंड पर मोहर और Jio-Reliance Retail के IPO पर अपडेट का इंतजार होने वाला है खत्म

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं सालाना आम बैठक आज, 19 जून को हो रही है। शेयरहोल्डर्स समेत पूरे बाजार की इस पर नजर है। मीटिंग खत्म होने के बाद ऐलानों का बेसब्री से इंतजार है। इस मीटिंग में कंपनी की ओर से घोषित फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाने वाली है। ऐलानों की घोषणा शुक्रवार दोपहर 2 बजे से होने वाली है।

RIL वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए 5 जून रिकॉर्ड डेट थी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का पेमेंट 7 दिनों के अंदर शेयरहोल्डर्स को कर दिया जाएगा। वित्त वर्ष 2025 के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Jio और Reliance Retail के IPO को लेकर ऐलान पर खास नजर

इस साल की AGM में सबसे ज्यादा ध्यान Reliance Jio के IPO की टाइमलाइन पर अपडेट पर होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पहले ही 2026 की पहली छमाही तक लिस्टिंग का संकेत दिया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स एक पक्का रोडमैप देखना चाहेंगे, क्योंकि IPO पर स्पष्टता Reliance की वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा री-रेटिंग ट्रिगर हो सकती है।

इसी तरह Reliance Retail IPO पर भी अपडेट का इंतजार है। रिटेल बिजेनेस, कंपनी की ग्रोथ का एक अहम इंजन बनकर उभरा है। लिस्टिंग की योजनाओं पर कोई भी टिप्पणी एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Reliance AGM 2026 Live Updates: मुकेश अंबानी ने RIL AGM को किया संबोधित, सभी की निगाहें Jio IPO, AI प्लान्स पर

Reliance AGM 2026 live: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जल्द ही होने वाली है, जिसमें इन्वेस्टर कंपनी के कुछ खास ग्रोथ बिज़नेस के अपडेट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।उम्मीद है कि इसका फोकस Jio IPO, नए एनर्जी सेगमेंट में प्रोग्रेस और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एम्बिशन पर रहेगा।

मार्केट रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर भी करीब से नज़र रखेगा। कंपनी डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ज़रिए अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में मेटा के साथ जामनगर में घोषित 168 MW का AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।

एक और जिस एरिया पर करीब से नज़र रखी जाएगी, वह है रिलायंस का नया एनर्जी बिज़नेस। इन्वेस्टर कंपनी के सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइज़र प्रोडक्शन के प्लान्स के साथ-साथ उसके कच्छ एनर्जी कॉम्प्लेक्स में डेवलपमेंट्स पर अपडेट्स मांगेंगे।

FY26 में देखे गए मार्जिन प्रेशर के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिज़नेस पर मैनेजमेंट कमेंट्री भी फोकस में रहेगी। इसके अलावा, मार्केट डिविडेंड, टेलीकॉम टैरिफ और ग्रुप की बैलेंस शीट पर किसी भी कमेंट पर नज़र रखेगा क्योंकि रिलायंस अपने कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेस को बढ़ाना जारी रखे हुए है।

आखिर में, इन्वेस्टर संभावित रिलायंस रिटेल IPO पर सिग्नल देखेंगे। रिटेल ब्रांच कंपनी के लिए एक बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभरी है, और लिस्टिंग प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट पर किसी भी कमेंट पर स्ट्रीट की करीबी नज़र रहेगी।

Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

Rajesh Exports Share Price: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 19 जून को बड़ी तेजी आई। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में यह शेयर करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी और इसके फाउंडर राजेश मेहता के खिलाफ सेबी के अंतरिम आदेश के बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, अब शेयर तब के क्लोजिंग लेवल से करीब 11 फीसदी नीचे रह गया है।

सेबी ने 3 जून को दिया था अंतरिम आदेश

सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स उसके फाउंडर चेयरमैन के खिलाफ अंतरिम आदेश दिया था। उसके बाद लगातार 7 सत्रों में शेयर गिरा था। इससे पिछले महीने इसका भाव गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 77.05 रुपये पर आ गया था। रेगुलेटर ने मामले की जांच पूरी होने तक राजेश एक्सपोर्ट्स और मेहता पर सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर FY21 और FY25 के बीच करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप है।

राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को गलत बताया

सेबी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की विदेश में स्थित सब्सिडियरीज के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बढ़ाकर दिखाया गया। रेगुलेटर के मुताबिक, FY21 और FY25 के बीच राजेश एक्सपोर्ट्स के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में उसकी सब्सिडियरीज कंपनियों की हिस्सेदारी 97-99 फीसदी थी। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को गलत बताया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने इस बारे में सफाई पेश की थी। उसने कहा था कि सेबी के आदेश में सिर्फ प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन शामिल है। उसने यह भी कहा था कि उसका रेवेन्यू और फाइनेंशियल डिसक्लोजर्स सही हैं।

राजेश एक्सपोर्ट्स आरोपों का जवाब तैयार कर रही

राजेश एक्सपोर्ट्स ने यह भी कहा था कि वह सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के साथ सेबी के आरोपों का जवाब तैयार कर रही है। उसने मनीकंट्रोल को बताया कि अलग-अलग एक्सचेंज के डिसक्लोजर्स में डेटा में जो फर्क है, उसकी वजह रिपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके हैं। इनसे डेटा में किसी तरह की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता है।

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इस साल 45 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर 

राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर इस साल अब तक 45 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। 11:20 बजे निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 212 अंक गिरकर 23956 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1 फीसदी की कमजोरी यानी 783 अंक गिरकर 76,624 पर चल रहा था। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली थी।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज होने वाली 49वीं AGM पर पूरे बाजार की नजर है। बाजार की नजर टेलीकॉम यूनिट की लिस्टिंग और नई एनर्जी कंपनी की प्रोग्रेस के बारे में नई जानकारियों पर लगीम रहेंगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में कंपनी की योजनाओं से जुड़े किसी भी अपडेट पर भी नजर रहेगी। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज शुक्रवार,19 जून को 2 बजे दोपहर को होगी।

कंपनी को पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की आय 10,00,122 करोड़ रुपए रही थी। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय 10,71,174 करोड़ रुपए रही थी। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 11,75,919 करोड़ रुपए पर रही है।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का एबिटडा 178,290 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का एबिटडा 183,422 करोड़ रुपए रहा था। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का एबिटडा 207,911 करोड़ रुपए पर रहा था।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का मुनाफा 79,020 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 81,309 करोड़ रुपए पर आ गया। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 95,754 करोड़ रुपए पर रहा।

एजीएम में कहां रहेगी नजर?

जियो प्लेटफॉर्म्स

आज होने वाली एजीएम में बाजार की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स का बारे में होने वाले ऐलानों पर रहेगी। सबसे बड़ा इकलौता ट्रिगर है। कंपनी मैनेजमेंट ने 2026 की पहली छमाही में इसकी लिस्टिंग का संकेत दिया था। बाजार को लिस्टिंग की पक्की टाइमलाइन का इंतजार है।

न्यू एनर्जी बिजनेस

इसके अलावा बाजार की नजर न्यू एनर्जी बिजनेस से जुड़े ऐलानों पर रहेगी। पिछले कुछ सालों में न्यू एनर्जी में भारी निवेश किया गया है। जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स में बड़ा इन्वेस्टमेंट हुआ है। यहां अब कमर्शियल कामकाज शुरू होने के करीब है। मार्केट को कमीशनिंग शेड्यूल का इंतजार है।

रिलायंस रिटेल पर नजर

पिछली AGM में अगले 5 साल में रिलायंस रिटेल का साइज दो गुना करने का लक्ष्य रखा गया था। पिछले 1 साल में ग्लोबल और मैक्रो स्तर पर कई चुनौतियां रहीं हैं। अब रिटेल सेगमेंट के फ्यूचर आउटलुक पर नजर रहेगी।

AI/डेटा सेंटर

निवेशकों की रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर नजर रहेगी। AI,डाटा सेंटर में कंपनी का बड़ा फोकस है। 10 जून 2026 को जामनगर में 168 मेगावाट के AI डेटा सेंटर के लिए मेटा से करार भी हुआ है। इस बात पर नजर होगी कि क्या मेटा डील के बाद दूसरे बड़े ग्लोबल प्लेयर भी जुड़ेंगे?

पारंपरिक बिजनेस 

O2C और पेट्रोकेमिकल बिजनेस आउटलुक पर भी बाजार की नजर रहेगी। हालांकि, इस एजीएम में कंपनी का प्राइमरी फोकस जियो,रिटेल और न्यू एनर्जी सेगमेंट पर शिफ्ट होने की उम्मीद है।

 

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)