Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बनाया बुक रनिंग लीड मैनेजर, ₹37700 करोड़ जुटाने की रहेगी कोशिश

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने IPO के लिए शुक्रवार, 19 जून को ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंकी गई है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। यह किसी एक पब्लिक ऑफरिंग के लिए नियुक्त किए गए बैंकों की संख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा मामला है।

DRHP के अनुसार, इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

इन 19 इनवेस्टमेंट बैंकों में से कोटक महिंद्रा कैपिटल को कैपिटल स्ट्रक्चरिंग, DRHP ड्राफ्टिंग, SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के नियमों का पालन, कानूनी विज्ञापन, मध्यस्थों की नियुक्ति और घरेलू संस्थागत मार्केटिंग के लिए लीड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।

Jio IPO जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर

19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

NSE IPO के लिए 20 बैंकर

हाल ही में, NSE ने घोषणा की थी कि उसके प्रस्तावित IPO में लगभग 20 बैंकर होंगे, जो किसी एक इश्यू के लिए बैंकरों की सबसे ज्यादा संख्या होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी सेबी के पास अपने IPO का ड्राफ्ट जमा कर चुका है। इससे करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने का प्लान है। IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। शेयरों को बिक्री के लिए रखने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। NSE में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाली LIC कोई शेयर नहीं बेचेगी।

Jio Platforms IPO में जारी होंगे 27 करोड़ तक नए शेयर, जल्द मिलने वाला है पैसा लगाने का मौका

देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है Jio IPO

Jio का पब्लिक इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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रिलायंस Jio आसमान में बिछाएगा सैटेलाइट्स का जाल, भारत के जंगलों और पहाड़ों पर भी मिलेगी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM में बोलते हुए रिलायंस जियो के एमडी आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो एक सॉवरेन लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाने वाले उपग्रहों का जाल) डेवलप करने पर विचार कर रही है और साथ ही इस तरह की कैपेसिटी लीज पर लेने के लिए ग्लोबल सैटेलाइट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी कर रही है।

यह कदम सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में जियो की अब तक की सबसे बड़ी पहल है। इसका मकसद भारत के सबसे दूर-दराज और पिछड़े इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है। आकाश अंबानी ने कहा,”जियो ने जमीन पर भारत को जोड़ा है। अब हमें आसमान से भारत को जोड़ना होगा।” उन्होंने बताया कि दूर-दराज के गांव ओर द्वीपों पर रहने वाले लोग और सीमावर्ती चौकियां अभी भी जमीनी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बाहर हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए Jio दोहरी रणनीति अपनाएगी। कंपनी तेजी से सेवाएं शुरू करने के लिए पहले से मौजूद ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क से सैटेलाइट क्षमता लीज पर लेगी। साथ लॉन्ग टर्म रणनीति के तहत अपना खुद का सैटेलाइट नेटवर्क बनाएगी। इस तरीके से कंपनी भारत की कनेक्टिविटी जरूरतों को तेजी से पूरा कर पाएगी और साथ ही एक ऐसा भारतीय सैटेलाइट ब्रॉडबैंड प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर पाएगी जिसे दुनिया भर में फैलाया जा सके।

Jio भारत में बना रही  ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर

इन योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए,Jio भारत में ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रही है। ये सुविधाएं पार्टनर सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और Jio के भविष्य के सैटेलाइट,दोनों को सपोर्ट करेंगी। इससे स्पेस और जमीनी नेटवर्क को जोड़ने वाला एक इंटीग्रेटेड सैटेलाइट ब्रॉडबैंड इकोसिस्टम बन सकेगा।

रिलायंस की तरफ से यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है और स्टारलिंक,यूटेलसैट वनवेब और अमेजन LEO जैसी कंपनियां इस मार्केट पर नजर बनाए हुए हैं। अंबानी ने कहा कि इस पहल से स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और देश को ग्लोबल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड मैप पर मजबूती से स्थापित करने में मदद मिलेगी।

 JioSat के जरिए दी जाएगी सैटेलाइट कम्युनिकेशन सुविधा

इसके अलावा,रिलायंस जियो की कंपनी’जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस’ने डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) से ‘ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट'(GMPCS) लाइसेंस और इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से जरूरी मंजूरी हासिल कर ली है। इससे भारत में कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने में आने वाली दो बड़ी रेगुलेटरी रुकावटें दूर हो गई हैं।

इन मंजूरियों के मिलने से JioSat उन कुछ कंपनियों में शामिल हो गई है जो भारत के उभरते सैटकॉम (सैटेलाइट कम्युनिकेशन) मार्केट में उतरने के लिए तैयार हैं। कंपनी का प्लान है कि वह SES के साथ अपने जॉइंट वेंचर का इस्तेमाल करके दूर-दराज,ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाए। हालांकि,कमर्शियल सर्विस शुरू करने से पहले कंपनी को अभी भी स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और दूसरी ऑपरेशनल मंजूरियां लेनी होंगी।

 

 

RIL AGM 2026 : ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद रिलायंस ने हासिल किया रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू,EBITDA और नेट प्रॉफिट

 

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अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है

उन्होंने कहा, “हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।” उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है

उन्होंने कहा, “हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।” उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी जानिए 22 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,”निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

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Reliance AGM 2026: JioHotstar बना भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म, FY26 में 45.1 करोड़ रहे मंथली एक्टिव यूजर

रिलायंस जियो के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म JioHotstar ने वित्त वर्ष 2025-26 में 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) दर्ज किए। यह भारत के डिजिटल एंटरटेनमेंट मार्केट में इसकी बढ़ती पहुंच को दिखाता है। यह बात रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान कही। आकाश अंबानी के मुताबिक, JioHotstar भारत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। वहीं दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर साल के दौरान औसतन 45.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर रहे।

यह भी कहा कि JioHotstar ने अपनी तरह का पहला ‘कंटेंट कॉमर्स मॉडल’ पेश किया है। यह एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के अंदर ही एक मार्केटप्लेस क्रिएट करता है, जिससे यूजर्स ऐप से बाहर निकले बिना अपना पसंदीदा कंटेंट देखते हुए आसानी से खरीदारी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी लाइव स्ट्रीमिंग क्षमताएं लगातार ग्लोबल बेंचमार्क सेट कर रही हैं। हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप में, जिसमें भारत जीता था, JioHotstar ने भारत में इसे एक साथ देख रहे 7.25 करोड़ दर्शकों (कंकरेंट व्यूअर्स) का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आज, दुनिया भर में किसी कंटेंट को एक साथ देख रहे दर्शकों के 10 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में से 9 रिकॉर्ड JioHotstar के नाम हैं। IPL 2026 के दौरान हमारे प्लेटफॉर्म पर 70 करोड़ से ज्यादा दर्शक जुड़े, जो हमारे डिजिटल इकोसिस्टम की बेजोड़ पहुंच को दिखाता है।”

JioStar का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म

वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस के मीडिया बिजनेस के शानदार प्रदर्शन पर जोर देते हुए आकाश अंबानी ने कहा कि JioStar ने अपने कामकाज का पहला पूरा साल शानदार तरीके से खत्म किया। यह Jio Studios और Network18 के साथ मिलकर भारत के सबसे बड़े मीडिया इकोसिस्टम की मुख्य कड़ी बनकर उभरा। बीते वित्त वर्ष के दौरान कंबाइंड मीडिया बिजनेस ने 34,917 करोड़ रुपये का रेवेन्यू, 5,842 करोड़ रुपये का EBITDA और 3,434 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।

RIL AGM 2026 Live:

यह भी कहा कि JioStar 34.7 प्रतिशत व्यूअरशिप शेयर के साथ भारत के टेलीविजन एंटरटेनमेंट सेक्टर में अपना दबदबा बनाए हुए है। यह हिस्सेदारी अगली 3 सबसे बड़ी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी के लगभग बराबर है। यह नेटवर्क अलग-अलग जॉनर और भाषाओं में रोजाना 38.9 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है।

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Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

Reliance AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को कहीं और बनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सिर्फ उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए,बल्कि इस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उसे क्रिएटर,एडॉप्टर और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एजीएम में बोलते हुए अंबानी ने कहा कि AI और एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन बनने चाहिए।

अंबानी ने शेयरधारकों से कहा,”मैंने पहले भी आपसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांतिकारी ताकत के बारे में बात की है। मेरा पक्का मानना ​​है कि भारत को कहीं और बनी AI का सिर्फ इस्तेमाल करने वाला नहीं बनना चाहिए। उसे AI के क्षेत्र में क्रिएटर,उसे अपनाने वाला और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।”

अंबानी ने कहा कि पिछले साल ग्रुप के नए ग्रोथ इंजन के तौर पर घोषित किया गया रिलायंस इंटेलिजेंस अब अपने एग्जीक्यूशन फ़ेज़ में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद एक मुनाफे वाला AI इंफ़्रास्ट्रक्चर,प्लेटफ़ॉर्म और सर्विसेज का बिजनेस बनाना है। रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य “हर किसी के लिए,हर जगह AI”का है।

शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए आकाश अंबानी ने भी कहा कि रिलायंस “भारत का सॉवरेन AI बैकबोन”बना रहा है और उसका मकसद AI को हर भारतीय के लिए सुगम और सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि 120 MW का पहला AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर 2026 के आखिर तक चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रिलायंस अपने AI प्लान के तहत NVIDIA GB300 इंफ्रास्ट्रक्चर को भी चालू कर रहा है।

आकाश अंबानी ने बताया कि रिलायंस 22 भारतीय भाषाओं में AI सर्विस बना रही है और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोलआउट में भाषा तक पहुंच को फोकस में रखा गया है। जियो अपने नेटवर्क में सीधे AI को शामिल कर रही है और उसने जियो कॉल्स में AI वॉयस असिस्टेंट को इंटीग्रेट किया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो अब सिर्फ टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट नहीं कर रहा है,बल्कि ओरिजिनल टेक्नोलॉजी भी बना रहा है। रिलायंस इंटेलिजेंस के इंजीनियर राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं पर काम करेंगे। उन्होंने कहा,”हम आपको हमारे समय की सबसे अहम चुनौतियों को हल करने के लिए जरूरी स्केल, संसाधन और आजादी देंगे।”

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AI से जुड़ी ये घोषणाएं आत्मनिर्भरता की बड़ी मुहिम का हिस्सा थीं। अंबानी ने कहा कि दुनिया में जारी उठापटक के बीच भारत के लिए सबसे जरूरी सबक यह है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशों को और तेज किया जाए। भारत को अहम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। ऊर्जा और AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय मिशन बनाना होगा।

कंपनी ने अपने AI प्लान को Jio के टेलीकॉम और डिजिटल नेटवर्क से भी जोड़ा। आकाश अंबानी ने बताया कि Jio के 5G ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ तक पहुंच गई है,जबकि JioAirFiber से 1.3 करोड़ घर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि Jio का डेटा ट्रैफ़क 241 एक्साबाइट तक पहुंच गया है और टैक्स के बाद Jio का मुनाफा पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि Jio ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और भारत की डिजिटल और AI क्रांति में मुख्य भूमिका निभाने वाली कंपनी बन गई है।

 

 

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